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  • भीषण गर्मी की चपेट में मध्य प्रदेश, 47 डिग्री तक पहुंचा तापमान; इन इलाकों में चलेगी झुलसाने वाली लू

    भीषण गर्मी की चपेट में मध्य प्रदेश, 47 डिग्री तक पहुंचा तापमान; इन इलाकों में चलेगी झुलसाने वाली लू

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में इन दिनों सूरज के सख्त तेवर और लू के थपेड़ों का सितम जारी है. मंगलवार को प्रदेश में पारा 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 47 डिग्री पर पहुंचा. इस बीच मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार, बुधवार को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है। 

    लू के थपेड़े से परेशान लोग
    एमपी में सुबह से निकली तेज धूप ने दोपहर तक आग बरसने जैसा एहसास करा रहा है. वहीं लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया है. सड़कों पर निकलने वाले लोग चेहरे को कपड़े से ढककर चलते नजर आ रहे हैं. राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर समेत कई शहरों के बाजार दोपहर में सूने पड़ गए हैं। 

    गर्मी की वजह से दोपहर के समय में शहर के बाजारों और चौराहों पर आवाजाही कम हो गई है. जरूरी काम से ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं. हालांकि ठंडे पेय, नींबू पानी और गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। 

    MP के इन शहरों में आज तीव्र लू का अलर्ट
    मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, दमोह, सीधी, सिंगरौली, सागर, रायसेन और रतलाम में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, खरगोन, शाजापुर, विदिशा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, शहडोल और मैहर में लू चलने का अलर्ट है. बैतूल, पांढुर्णा, अनूपपुर और सिवनी में भी भीषण गर्मी का दौर रहेगा. इसके अलावा उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, राजगढ़, रायसेन, कटनी और छिंदवाड़ा में वॉर्म नाइट घोषित किया गया है। 

    47 डिग्री पहुंचा पारा
    मंगलवार को छतरपुर के नौगांव सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड 47 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दतिया में तापमान 45.8 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा राजगढ़ में पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 45.5 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, टीकमगढ़, गुना-सागर में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस, सतना में 45.1 डिग्री सेल्सियस, मुरैना, शहडोल, रायसेन, रीवा-श्योपुर में 45 डिग्री, मंडला में 44.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 44.5 डिग्री, खरगोन में 44.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस और खंडवा में 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

    इधर, ग्वालियर में तापमान 45 डिग्री पहुंच गया है. राजधानी भोपाल में पारा 44.2 डिग्री, इंदौर में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 43.8 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में पारा 44.6 डिग्री दर्ज किया गया।  

    मौसम विभाग ने गर्मी से बचने के लिए कुछ स्वास्थ्य सुझाव दिए हैं..

        दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें.
        धूप के सबसे गर्म घंटों (12 से 3 बजे) के दौरान बाहर जाने से बचें. यात्रा करते समय अपने साथ पानी जरूर रखें.
        ओआरएस, छाछ की एवं पेय पदार्थ, ताजे फल (तरबूज, खीरा), नींबू पानी, मौसमी फल सेवन करें, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं.
        गर्मी के समय बाहर निकलते के वक्त सिर को ढककर रखें और सूती कपड़े पहनने से बचें की सलाह दी जाती है.
        छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, उन्हें धूप से बचें.
        बुखार एवं दस्त (डायरिया) होने पर लापरवाही न बरतें, शरीर गर्म होने पर डॉक्टर से संपर्क करें.
        खेत, खदान और बाहर काम करने वाले श्रमिक दोपहर में धूप में काम करने से बचें.
        भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों की अधिकृत सूचना से अपडेट रहें.

  • मोदी-मेलोनी की बढ़ती केमिस्ट्री! साथ में डिनर, कोलोसियम की सैर और मजबूत होते भारत-इटली संबंध

    मोदी-मेलोनी की बढ़ती केमिस्ट्री! साथ में डिनर, कोलोसियम की सैर और मजबूत होते भारत-इटली संबंध

     नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इटली पहुंचे। रोम पहुंचने के बाद उन्हें PM जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। PM मोदी ने X पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं ने साथ में डिनर भी किया। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। इसके बाद मोदी और मेलोनी ने रोम के ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा भी किया।

    इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर मोदी के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘वेलकम टु रोम, माय फ्रेंड।’

    PM मोदी ने कहा कि आज होने वाली औपचारिक बातचीत में भारत-इटली दोस्ती को और मजबूत करने पर चर्चा जारी रहेगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, एडवांस टेक्नोलॉजी और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी इटली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मुलाकात करेंगे।

    अपनी पांच देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को वह रोम पहुंचे, जहां इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. मेलोनी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "Welcome my friend ."

    दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी और इटली पीएम मेलोनी की मुलाकातें औपचारिक कूटनीतिक मुलाकातों से कहीं ज्यादा अहमीयत रखता है. पिछले कुछ वर्षों में दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों को एक नई दिशा दी है. कभी सीमित व्यापारिक रिश्तों तक सिमटे दोनों देशों के संबंध अब रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, AI और ग्लोबल सप्लाई चेन जैसे बड़े रणनीतिक मुद्दों तक पहुंच चुके हैं। 

    प्रधानमंत्री मोदी रोम पहुंचते ही अपना एजेंडा भी बताया. उन्होंने एक एक्स पोस्ट में बताया, "इस दौरे में भारत और इटली के बीच सहयोग को कैसे मजबूत किया जाए, इस पर फोकस किया जाएगा, जिसमें इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) पर खास ध्यान दिया जाएगा। 

    मोदी-मेलोनी की पहली मुलाकात बाली में
    इस नई साझेदारी की शुरुआत नवंबर 2022 में इंडोनेशिया के बाली में हुए G20 शिखर सम्मेलन से मानी जाती है. उस वक्त मेलोनी हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री बनी थीं. दोनों नेताओं की पहली मुलाकात में यह साफ हो गया था कि भारत और इटली नए दौर की शुरुआत करना चाहते हैं. इसी बैठक में ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और इटैलियन मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की भारत में भागीदारी बढ़ाने पर सहमति बनी। 

    भारत-इटली में स्ट्रेटेजिक पार्टनर्शिप
    इसके बाद मार्च 2023 में मेलोनी भारत आईं और रायसीना डायलॉग में चीफ गेस्ट बनीं. यही वह मोड़ था जहां दोनों देशों के रिश्तों को आधिकारिक तौर पर "स्ट्रेटेजिक पार्टनर्शिप" का दर्जा मिला. इस दौरान रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इसके तहत दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, सिक्योर इंटेलिजेंस शेयरिंग और आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. इटली की बड़ी रक्षा कंपनियों को भारत में सैन्य उपकरणों के को-प्रोडक्शन का रास्ता भी खुला। 

    भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर का हिस्सा इटली
    सितंबर 2023 में नई दिल्ली में हुए G20 सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के रिश्ते एक और स्तर ऊपर पहुंच गए. इटली भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर यानी IMEC का हिस्सा बना. इस कॉरिडोर का मकसद भारत को यूरोप से जोड़ने वाला नया व्यापारिक और समुद्री नेटवर्क तैयार करना है. इसी दौरान माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट भी फाइनल हुआ, जिससे भारतीय छात्रों, रिसर्चर्स और स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए इटली में अवसर बढ़े। 

    AI, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स पर करार
    जून 2024 में इटली में आयोजित G7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की फिर मुलाकात हुई. यहां बातचीत का फोकस भविष्य की टेक्नोलॉजी पर रहा. दोनों देशों ने AI, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, टेलीकॉम और क्लीन एनर्जी सप्लाई चेन को लेकर सहयोग बढ़ाने का फैसला किया. साथ ही इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी राइट्स यानी पेटेंट और डिजाइन से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए। 

    जी-20 में मेलोनी-मोदी की मुलाकात
    इसके बाद नवंबर 2024 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में हुए G20 सम्मेलन में दोनों देशों ने 2025-2029 के लिए फाइव ईयर जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान लॉन्च किया. यह अब तक का सबसे बड़ा रोडमैप माना गया, जिसमें रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, शिक्षा, व्यापार और वैश्विक सहयोग समेत 10 बड़े सेक्टर शामिल किए गए। 

    नवंबर 2025 में साउथ अफ्रीका के जोहोन्सबर्ग में हुए G20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी की मुलाकात में आतंकवाद के खिलाफ एक बेहद अहम समझौता हुआ. दोनों देशों ने "इंडिया-इटली जॉइंट इनीशियेटिव टू काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म" लॉन्च किया, जिसका मकसद आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर लगाम लगाना था। 

    दिल्ली में हुए हाई-प्रोफाइल आतंकी हमले के बाद मेलोनी ने भारत के साथ खुलकर एकजुटता दिखाई थी. इस पहल के तहत दोनों देशों ने आतंकियों को मिलने वाली अवैध फंडिंग और क्रॉस-बॉर्डर वित्तीय नेटवर्क को रोकने, संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर निगरानी बढ़ाने और एफएटीएफ और ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी तालमेल मजबूत करने पर सहमति जताई। 

    "इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर" पर करार
    अब मई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की यह रोम यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने वाली मानी जा रही है. इस दौरान "इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर" की अवधारणा को औपचारिक रूप दिया गया है. इसका मकसद हिंद महासागर से लेकर यूरोप तक समुद्री व्यापार और रणनीतिक कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. साथ ही AI को लेकर भी बड़ा समझौता हुआ है, जिसमें इटली के "एल्गोर-एथिक्स" मॉडल और भारत की "ह्युमन सेंट्रिक एआई" सोच को साथ लाने की कोशिश की गई है। 

    विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और इटली की यह बढ़ती नजदीकी सिर्फ दो देशों के रिश्तों की कहानी नहीं है, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति का संकेत भी है. एक तरफ भारत यूरोप में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहता है, वहीं इटली एशिया में भारत को एक भरोसेमंद और स्थिर साझेदार के रूप में देखता है। 

  • चयनकर्ताओं का बड़ा फैसला, टेस्ट-वनडे टीम में कई नए चेहरे; विराट और रोहित को भी मिली जगह

    चयनकर्ताओं का बड़ा फैसला, टेस्ट-वनडे टीम में कई नए चेहरे; विराट और रोहित को भी मिली जगह

    नई दिल्ली

    भारत में इस समय इंडियन प्रीमियर लीग की धूम मची हुई है। IPL 2026 का फाइनल मुकाबला 31 मई को खेला जाएगा। इसके बाद टीम इंडिया मैदान में होगी। भारतीय टीम जून में टेस्ट और ODI सीरीज खेलती नजर आएगी, जिसके लिए भारतीय स्क्वाड का ऐलान हो गया है। दरअसल, टीम इंडिया जून में अफगानिस्तान की टीम की मेजबानी करेगी। दोनों टीमों के बीच एक टेस्ट मैच और 3 मैचों की ODI सीरीज खेली जाएगी। ऐसे में 19 मई को गुवाहाटी में मेन्स सिलेक्शन कमेटी की बैठक हुई, जिसमें टेस्ट और ODI दोनों के लिए भारतीय टीम चुन ली गई। एकमात्र टेस्ट का 6 जून से मुल्लांपुर में आगाज होगा, जिसके लिए 14 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है।

    गौरतलब है कि 2018 के बाद भारत के खिलाफ अफगानिस्तान का पहला टेस्ट मैच होगा। 2018 में ही अफगानिस्तान ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहली बार आधिकारिक तौर पर टेस्ट मैच में हिस्सा लिया था। भारत ने वह मैच एक पारी और 262 रनों से जीता था।

    आखिरी टेस्ट और वनडे सीरीज हारी है टीम इंडिया
    टीम इंडिया को अपने आखिरी टेस्ट और वनडे सीरीज में हार झेलनी पड़ी थी। पिछले साल के अंत में साउथ अफ्रीका ने दो मैचों के टेस्ट सीरीज को 2-0 से क्लीन स्वीप किया था। वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ जनवरी में टीम वनडे सीरीज का पहला मैच जीतने के बाद 2-1 से हार गई थी। अफगानिस्तान के खिलाफ अभी तक भारत ने एक ही टेस्ट खेला है और उसमें टीम को जीत मिली है। वहीं चार वनडे में भारत ने 3 जीते हैं जबकि एक टाई रहा है। यह पहला मौका होगा जब भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय वनडे सीरीज होगी।

    विराट और रोहित की जगह बरकरार
    अफगानिस्तान के खिलाफ ODI सीरीज के लिए 15 खिलाड़ियों को चुना गया है, जिसमें विराट और रोहित शर्मा शामिल हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए भारत की ODI टीम से ऋषभ पंत को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं, टेस्ट टीम की उप-कप्तानी केएल राहुल को सौंप दी गई है। इससे पहले टेस्ट टीम की उप-कप्तानी पंत के पास थी। हालांकि, पंत टेस्ट में अपनी जगह बरकरार रखने में कामयाब रहे। एक बार फिर स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी को नजरअंदाज किया गया। अजीत अगरकर ने साफ तौर पर कहा है कि सिलेक्शन कमेटी ने मोहम्मद शमी के नाम पर चर्चा तक नहीं की।

    बुमराह को दिया गया रेस्ट
    भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज से आराम दिया गया है, ताकि इंग्लैंड दौरे से पहले उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा सके। दोनों ही टीमों में कई नए चेहरों को शामिल किया गया हैं, जिनमें मानव सुथार, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़ और प्रिंस यादव शामिल हैं। मानव सुथार को टेस्ट टीम में पहली बार शामिल किया गया है। वहीं, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे दोनों टीमों में जगह पाने में सफल रहे। वहीं, प्रिंस यादव ODI टीम में पहली बार शामिल हुए हैं। 

    अफगानिस्तान के भारत दौरे का फुल शेड्यूल 

        6 जून: पहला टेस्ट, न्यू चंडीगढ़ (9:30 AM)
        14 जून: पहला ODI, धर्मशाला (1:30 PM)
        17 जून: दूसरा ODI, लखनऊ (1:30 PM)
        20 जून: तीसरा ODI, चेन्नई (1:30 PM)

    अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम का स्क्वाड: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल।

    अफगानिस्तान के खिलाफ ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम का स्क्वाड: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नितीश रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे।

  • ममता और कांग्रेस साथ आते तो किसे होता फायदा? जानिए कितनी सीटों पर बदल सकता था खेल

    ममता और कांग्रेस साथ आते तो किसे होता फायदा? जानिए कितनी सीटों पर बदल सकता था खेल

    कोलकत्ता 
    पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस भले ही सिर्फ एक राज्य केरल में जीत दर्ज करने में सफल रही हो, पर इन चुनाव में पार्टी यह साबित करने में सफल रही कि उसके बगैर INDIA गठबंधन के घटक दलों के लिए जीत आसान नहीं है। कम से कम पश्चिम बंगाल में यह बात सही बैठती है, क्योंकि भाजपा विरोधी वोट बंटवारे की वजह से तृणमूल कांग्रेस को करीब तीन दर्जन सीट का नुकसान हुआ है।

    1 दर्जन से ज्यादा सीटों पर असर
    चुनाव परिणाम के आंकड़ों के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक सीट पर कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। वर्ष 2021 में इनमें से दस सीट टीएमसी के पास थी। पर इस बार कांग्रेस को टीएमसी और भाजपा के बीच जीत के अंतर से अधिक वोट मिले। इसके साथ टीएमसी को छह सीट का नुकसान नोटा की वजह से हुआ। इन सीट पर भी कांग्रेस को नोटा से अधिक वोट मिले थे।

    बंगाल में कुल विधानसभा सीटें 294 हैं, जिनमें से टीएमसी के खाते में 80 सीटें आईं हैं। जबकि, भाजपा 207 पर विजयी रही है। कांग्रेस ने 2 और लेफ्ट को 1 सीट मिली है।

    मुस्लिम वोटर्स ने दिया किसका साथ
    इसके साथ भाजपा को मुस्लिम वोट में विभाजन का भी फायदा मिला। मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर की कुल 43 में से 20 सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की। क्योंकि, मतदाता कांग्रेस, लेफ्ट, इंडियन सेकुलर फ्रंट और हुमायूं कबीर की पार्टी में बंट गए। जबकि वर्ष 2021 में मतदाता टीएमसी के पक्ष में एकजुट थे। उस वक्त टीएमसी को इन सीट में 35 और भाजपा को सिर्फ आठ सीटें मिली थी।

    लेफ्ट के पास सात फीसदी वोट
    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पश्चिम बंगाल में लेफ्ट वर्षों सरकार में रहा है। लेफ्ट के पास अभी भी करीब सात फीसदी वोट है। हार के बाद INDIA गठबंधन की दुहाई देने वाली पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले स्थिति को समझ लेतीं, तो उन्हें इस तरह हार का मुंह नहीं देखना पड़ता। विश्लेषकों का कहना है कि कई दर्जन ऐसी सीट हैं, जहां लेफ्ट और कांग्रेस को तृणमूल की हार के अंतर से अधिक वोट मिले हैं।

    स्थिति समझनी होगी
    कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वक्त आ गया है कि सभी विपक्षी दल एक बार फिर एकजुट और नए सिरे से रणनीति बनाए। बकौल उनके, कांग्रेस अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है, पर क्षेत्रीय पार्टियों को भी स्थिति को समझना होगा। सभी घटक दलों के बेहतर तालमेल और साझेदारी के साथ चुनाव में उतरना होगा। इसके लिए लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा में एकजुटता जरूरी है।

    पहले भी हुआ नुकसान
    ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि विपक्षी दलों के मत विभाजन का फायदा भाजपा को मिला है। वर्ष 2022 के गुजरात और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम इसकी मिसाल हैं। दिल्ली में कांग्रेस को करीब एक दर्जन सीट पर हार के अंतर से अधिक वोट मिले थे। इसी तरह गुजरात में आप की वजह से कांग्रेस को 39 सीट का नुकसान हुआ था। इन सीट पर आप को भाजपा की जीत के अंतर से अधिक वोट मिले थे। जबकि आप को सिर्फ पांच सीटें मिली थी।

  • ट्रंप ने खारिज किया ईरान का 14 पॉइंट प्लान, दोनों देशों में टकराव खत्म होने के आसार कम

    ट्रंप ने खारिज किया ईरान का 14 पॉइंट प्लान, दोनों देशों में टकराव खत्म होने के आसार कम

    वाशिंगटन

    ईरान-अमेरिका के युद्ध में अब तक लग रहा था कि जल्दी ही दोनों पक्ष फिर से भिड़ जाएंगे. अमेरिका की ओर से लगातार धमकियां आ रही थीं, तो ईरान भी कभी चुप नहीं बैठा. ऐसे में माना जा रहा था कि 24-48 घंटों के भीतर ही खाड़ी फिर जल उठेगी. हालांकि अब थोड़ी राहत की खबर ये आई है कि कम से कम अमेरिका आगे के हमलों को टालने की योजना बना चुका है. पहले से ही दुनियाभर में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, इस बीच ये खबर थोड़ी राहत जरूर देगी। 

    मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित हमला फिलहाल टाल दिया है. उनके मुताबिक कतर, सऊदी अरब और UAE के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अब ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने साफ कहा कि बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं है. उन्होंने कहा कि तेहरान सम्मान, ताकत और अपने राष्ट्रीय अधिकारों की रक्षा करते हुए वार्ता में शामिल हुआ है। 

    अब तक ईरान युद्ध में क्या-क्या हुआ?

        इस बीच इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष जारी है. अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम बढ़ाए जाने के बावजूद सोमवार को इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों और सैन्य कार्रवाई में 3020 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 9273 लोग घायल हुए हैं। 

        उधर गाजा के लिए राहत सामग्री ले जा रहे जहाजों को रोकने को लेकर भी इजरायल की आलोचना बढ़ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गाजा सहायता बेड़े के कई जहाजों को रोक लिया. बताया जा रहा है कि करीब 47 नौकाओं को कब्जे में लिया गया और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। 

        इस कार्रवाई के बाद कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सहायता जहाजों को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हो सकता है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, ईरान-अमेरिका वार्ता, लेबनान में जारी हमले और गाजा सहायता बेड़े को लेकर विवाद ने पूरे क्षेत्र को फिर से बड़े संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है। 

    ईरान ट्रंप-नेतन्याहू के सिर पर रखेगा इनाम
    पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर शांति वार्ता अभी भी अटकी हुई है। इस बीच ईरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर इनाम घोषित करने पर विचार कर रहा है. द टेलीग्राफ यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद एक ऐसे बिल पर वोटिंग की तैयारी कर रही है, जिसमें ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वाले व्यक्ति को इनाम देने का प्रस्ताव रखा गया है। 

     बार-बार शर्तें बदलने से समझौते में आ रही दिक्कत
    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघेई ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान की चिंताओं को अमेरिका तक पहुंचाया है. वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष खत्म करने के लिए ईरान का नया संशोधित प्रस्ताव वॉशिंगटन को सौंपा है. एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा कि दोनों देश बार-बार अपनी शर्तें और मांगें बदल रहे हैं, जिससे समझौता करना मुश्किल हो रहा है। 

    ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाएगा अमेरिका
    ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में राहत देने पर सहमति जताई है. यह राहत ईरान की बड़ी मांगों में शामिल थी ताकि वह शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर राजी हो सके. हालांकि अमेरिका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम समझौता होने तक यह छूट लागू रह सकती है. वहीं पाकिस्तान ने ईरान की ओर से तैयार किया गया नया प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए है. एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा कि हमारे पास ज्यादा समय नहीं है और यह भी कहा कि दोनों देश बार-बार अपनी शर्तें बदल रहे हैं। 

     

  • हरियाणा CM ने चंडीगढ़ की सुखना लेक पर चलाई साइकिल, फिट इंडिया का दिया संदेश

    हरियाणा CM ने चंडीगढ़ की सुखना लेक पर चलाई साइकिल, फिट इंडिया का दिया संदेश

    चंडीगढ़

    चंडीगढ़ की सुखना लेक पर मंगलवार सुबह हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री ने मॉर्निंग वॉक करने के साथ साइकिलिंग कर लोगों को फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत, विकसित भारत’ आह्वान के तहत मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्होंने आम लोगों, युवाओं और मॉर्निंग वॉक पर आए नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें नियमित व्यायाम और साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    आत्मनिर्भर भारत के लिए विपक्ष से भी मांगा सहयोग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देशवासियों से सहयोग मांगा है। इस अभियान में विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में साथ आना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब सभी मिलकर स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देंगे।

    विपक्ष से भी मिलकर साथ आने की अपील
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर जनता के साथ मिलकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में साथ आना चाहिए।

    हरियाणा सरकार ने जारी की SOP
    मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा, "हरियाणा में भी हमने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार अपनी राज्य सरकार के स्तर पर SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।"

    पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब वर्चुअल मीटिंग के साथ-साथ 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) जैसे विकल्पों को भी अपनाने का फैसला किया है, जिससे यातायात और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

    हरियाणा सरकार ने जारी की SOP
    मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार हरियाणा सरकार ने भी अपनी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।

    उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने के लिए सरकार वर्चुअल मीटिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।

    लोगों ने लिया फिटनेस का संकल्प
    सुखना लेक पर मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस दौरान कई युवाओं ने साइकिलिंग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की बात कही।

    पीएम ने की थी देश से अपील

    गौरतलब है कि पीएम मोदी ने हालही में देश से ईंधन बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी। पीएम मोदी की इस अपील के बाद देश के कई राज्यों के सीएम ने अपनी कारों का काफिला छोटा कर दिया था। खुद पीएम मोदी का काफिला भी छोटा हुआ था।

    इसके अलावा तमाम राज्यों के मंत्रियों और बड़े अधिकारियों ने भी अपना काफिला छोटा किया था। दिल्ली सरकार की सीएम और अन्य मंत्री तो दिल्ली मेट्रो में सफर करते हुए नजर आए थे। बीजेपी नेताओं ने भी अपने काफिले को छोटा करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल में सफर करना शुरू किया था।

    वहीं विपक्ष ने पीएम मोदी की अपील के बाद पीएम मोदी पर ही निशाना साधा था और कहा था कि पीएम, देश को बताएं कि ऐसी कौन सी वजह है, जिसको लेकर पीएम मोदी को देशवासियों से इस तरह से अपील करनी पड़ रही है।

     

  • फिर लगी तेल कीमतों में आग, पेट्रोल-डीजल 90 पैसे महंगा; जानिए आपके शहर में कितना बढ़ा रेट

    फिर लगी तेल कीमतों में आग, पेट्रोल-डीजल 90 पैसे महंगा; जानिए आपके शहर में कितना बढ़ा रेट

    चंडीगढ़ 
    ईंधन के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। अब लुधियाना में पेट्रोल के नए दाम 101.98 रुपये हो गए हैं। वहीं डीजल 91.79 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं चंडीगढ़ में अब पेट्रोल का दाम 98.10 रुपये हो गया है। डीजल का भाव 86.09 रुपये प्रति लीटर हो गया है। 

    तीन दिन पहले बढ़े थे भाव
    तीन दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल तीन रुपये लीटर महंगे हुए थे। जिसके बाद चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम 97.24 रुपये हो गए थे। वहीं डीजल 85.25 रुपये प्रति लीटर हो गया था। अब नई बढ़ोतरी से लोगों की जेब पर नया बोझ पड़ गया है।

    पटियाला में पेट्रोल 101.3 रुपये और डीजल का दाम 90.80 रुपये है। अमृतसर में पेट्रोल का भाव 101.30 रुपये और डीजल का 90.80 प्रति लीटर हो गया है।  

    वाहन चालकों में नाराजगी
    बताया जा रहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, आम लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ी महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से घरेलू बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिली।

    लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च पहले ही बढ़ चुके हैं और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सफर करना भी मुश्किल होता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, ऑटो चालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामान के दाम भी बढ़ेंगे।

    लुधियाना में पेट्रोल की कीमत ₹101.11 से बढ़कर ₹101.98 हो गई है, यानी इसमें 85 पैसे की बढ़ोतरी हुई। वहीं डीजल के दाम ₹90.90 से बढ़कर ₹91.79 पहुंच गए, जिससे 89 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।

    जालंधर में पेट्रोल पहले ₹100.40 का था, तो अब बढ़ाकर ₹101.41 हो गया, जबकि डीज़ल ₹90.35 से बढ़ाकर ₹91.24 हो गया हैं। वहीं पठानकोट में पेट्रोल ₹101.60 से बढ़कर ₹102.46 हो गया, जबकि डीजल ₹91.38 से बढ़कर ₹92.25 हो गया है।

    चंडीगढ़ में पेट्रोल 97.27 से बढ़कर 98.12 रुपए हो गए। इसमें 85 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। डीजल के रेट 85.25 से बढ़कर 86.09 रुपए हो गए। उसमें 84 पैसे बढ़े हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित सिटको पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया की हमारे यहां अदानी टोटल गैस ग्रुप की सप्लाई है। सीएनजी के रेट आज ₹94.25 से बढ़कर ₹96 हो गए हैं।

    एक्सपर्ट क अनुसार, पेट्रोल-डीचल में हुई बढ़ोतरी से अब धान के सीजन में किसानों को ₹756 करोड़ ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। क्योंकि औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता है।

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?
    इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

    क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

    डीजल के दाम बढ़ने का किसानों पर क्या असर…
    किसानों को ₹756 करोड़ ज्यादा खर्च करना पड़ेगाः पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सचदेवा के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के रेट एक बार फिर से बढ़ गए हैं। धान के सीजन में डीजल के रेट बढ़ने का सीधा असर किसानों पर भी दिखता है। पांच दिन में डीजल के रेट करीब 4 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं। पहले 3.11 रुपए प्रति लीटर बढ़ोत्तरी हुई और अब 89 पैसे प्रति लीटर बढ़े हैं। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार पंजाब में धान सीजन (4 महीने) में कुल 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में पंजाब की किसानी पर 756 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। चार महीने में 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत: पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के अुनसार, धान के चार महीने के सीजन के दौरान पंजाब में कुल 189 करोड़ लीटर डीजल की खपत का अनुमान है। पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) के अनुसार, धान के सीजन (जून से सितंबर) के दौरान पंजाब में डीजल की कुल बिक्री का लगभग 50% हिस्सा सीधे कृषि क्षेत्र और किसानों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

    औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता: पंजाब में खेत तैयार करने (कद्दू करने) से लेकर सिंचाई और फसल कटाई तक औसतन प्रति एकड़ करीब 90 लीटर डीजल खर्च होता है। वहीं कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में लगभग 5.5 लाख पंजीकृत ट्रैक्टर, करीब 1.2 लाख फसल अवशेष प्रबंधन (पराली संभालने वाली) मशीनें और लगभग 1.5 लाख डीजल चालित ट्यूबवेल मौजूद हैं। इन कृषि उपकरणों और मशीनों में बड़े स्तर पर डीजल की खपत होती है, इसलिए डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों की खेती लागत और कृषि खर्च पर पड़ता है।

    अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…

    डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिए:

    मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।

    खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।

    बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

     

  • आग उगल रहा मध्य प्रदेश, 46.8 डिग्री तक पहुंचा तापमान; मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

    आग उगल रहा मध्य प्रदेश, 46.8 डिग्री तक पहुंचा तापमान; मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में मई के तीसरे सप्ताह में आग बरसने लगी है. सोमवार को पूरा प्रदेश तप गया. यहां कई जिलों में पारा 46°C से ऊपर पहुंच गया. वहीं मंगलावर को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है. सोमवार को खजुराहो सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड दर्ज किया गया. वहीं आज मध्य प्रदेश के 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। 

    47 डिग्री के करीब पहुंचा पारा
    सोमवार को छतरपुर के खजुराहो में पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि नौगांव में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजगढ़ में पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 45.1 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, श्योपुर-मुरैना में 45 डिग्री सेल्सियस, दमोह-सतना में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस, सागर में पारा 44.7 डिग्री सेल्सियस, गुना-रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री, धार में 44.1 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

    वहीं राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस पारा रहा। 

    30 जिलों में लू का अलर्ट
    इस बीच मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पांच जिलों में तीव्र लू की चेतावनी जारी की है, जबकि 30 जिलों में लू चलने का अलर्ट है. IMD के अनुसार, आज छतरपुर, दतिया, भिंड, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र लू चलने की चेतावनी जारी की है. तो वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत 30 से अधिक जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 20 जिलों में तेज गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है। 

    इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट
    भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, शाजापुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, दमोह, पन्ना, गुना, अशोकनगर, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भी हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा जबलपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, हरदा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा। 

    इन जिलों में लू का अलर्ट जारी
    मौसम विभाग के अनुसार, आज सोमवार को सूबे के ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, सतना, रीवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि, संबंधित क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई है।

    बड़े शहरों में तेज गर्मी
    बताया ये भी जा रहा है कि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि कुछ जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन वहां भी तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं।

    16 शहरों में 43 डिग्री से ऊपर तापमान
     प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजगढ़ के बाद रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव और खजुराहो में 44.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी तापमान 42 से 43 डिग्री के बीच बना रहा।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि गर्मी का असर अभी कम होने की संभावना नहीं है।

  • तेल के बढ़ते दामों से बढ़ी टेंशन, क्या 90 पैसे वाला फॉर्मूला बदल देगा खेल?

    तेल के बढ़ते दामों से बढ़ी टेंशन, क्या 90 पैसे वाला फॉर्मूला बदल देगा खेल?

    नई दिल्ली

     पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। एक हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल महंगा हुआ है। दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल के दाम 0.87 रुपये बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। वहीं, दिल्ली में डीजल 0.91 रुपये बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। उपभोक्ताओं को फिलहाल LPG की कीमतों में राहत है। कंपनियों ने मंगलवार को LPG सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।

    कोलकाता में मंगलवार को एक लीटर पेट्रोल का रेट अब 109.70 रुपये और डीजल का रेट 96.07 रुपये हो गया है। जबकि, चेन्नई में पेट्रोल आज 19 मई से 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.11 रुपये हो गई है।

    5 दिन पहले 3-3 रुपये बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
    अभी 5 दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल के रेट में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। पहले जहां तेल कंपनियों का डेली घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये की वजह से तेल कंपनियों पर काफी दबाव बना हुआ है। क्रिसिल के अनुमान के अनुसार, सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में राहत और ताजा बढ़ोतरी से घाटा घटकर पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर रह गया है। फिर भी, संघर्ष शुरू होने के बाद से कुल घाटा मई के अंत तक 1 लाख करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है।

    देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

        दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है.
        मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है.
        कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है.
        चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है.
        गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है.
        नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है.
        बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है.
        भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है.
        चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है.
        हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.
        जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है.
        लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है.
        पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है.

    4 साल बाद बढ़े पेट्रोल-डीजल के रेट

    इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. करीब 4 साल बाद तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे. वहीं मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने ₹2 प्रति लीटर की कटौती की थी.

    पेट्रोल-डीजल और LPG रेट दिल्ली

    पेट्रोल: ₹98.64 प्रति लीटर

    डीजल: ₹91.36 प्रति लीटर

    घरेलू LPG सिलेंडर (14.2kg): ₹913

    कमर्शियल सिलेंडर (19kg): ₹3,071.50

    5 किलो सिलेंडर: ₹339
    पेट्रोल-डीजल और LPG रेट लखनऊ

    पेट्रोल: ₹98.42

    डीजल: ₹91.73

    घरेलू LPG: ₹950.50

    कमर्शियल LPG: ₹3,194

    5 किलो सिलेंडर: ₹352.50
    पेट्रोल-डीजल और LPG रेट कोलकाता

    पेट्रोल: ₹109.70

    डीजल: ₹96.07

    घरेलू LPG: ₹939

    कमर्शियल LPG: ₹3,202

    5 किलो सिलेंडर: ₹348
    पेट्रोल-डीजल और LPG रेट पटना

    पेट्रोल: ₹109.54

    डीजल: ₹95.58

    घरेलू LPG: ₹1,002.50

    कमर्शियल LPG: ₹3,346.50

    5 किलो सिलेंडर: ₹371.50
    पेट्रोल-डीजल और LPG रेट जयपुर

    पेट्रोल: ₹108.94

    डीजल: ₹94.14

    घरेलू LPG: ₹916.50

    कमर्शियल LPG: ₹3,099

    5 किलो सिलेंडर: ₹341.50

    पेट्रोल-डीजल और LPG रेट बेंगलुरु

    पेट्रोल: ₹107.14

    डीजल: ₹95.04

    घरेलू LPG: ₹915.50

    कमर्शियल LPG: ₹3,152

    5 किलो सिलेंडर: ₹340

    सरकार फिलहाल सब्सिडी देने के मूड में नहीं

    पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा कि तेल कंपनियों को राहत देने के लिए फिलहाल किसी सरकारी सब्सिडी पैकेज पर विचार नहीं हो रहा है। कंपनियां अब भी पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं।
    ईरान युद्ध से बढ़ा दबाव

    अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष के बाद वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। सरकार ने लंबे समय तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखीं, लेकिन आखिरकार 15 मई को पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करनी पड़ी। इसके 5वें दिन ही एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों को सीमित राहत देती है, लेकिन इससे महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।

  • सोना स्थिर, चांदी धड़ाम! हाई लेवल से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    सोना स्थिर, चांदी धड़ाम! हाई लेवल से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें, निवेशकों की बढ़ी चिंता

    नई दिल्ली

    सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में गिरावट का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबार दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं के भाव गिर गए. चांदी, जो बीते दिनों सरकार के सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले (Gold-Silver Import Duty Hike) के बाद रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 3 लाख के पार निकल गई थी, उसका बुलबुला अब फूटा हुआ नजर आ रहा है और हर रोज ये फिसल रही है. हाई लेवल से तुलना करें, तो 1 Kg Silver Price इसके हाई से 1.92 लाख रुपये से ज्यादा कम हो गया है। 

    न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने की कीमत में भी ओपनिंग के साथ ही गिरावट देखने को मिली. हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ ये रिकवरी करता हुआ भी नजर आया. आइए जानते हैं 10 ग्राम 24 कैरेट वायदा सोना खरीदने के लिए आपको कितना पैसा खर्च करना होगा। 

    चांदी की कीमत में गिरावट जारी
    सबसे पहले बात करते हैं चांदी के भाव में आई गिरावट के बारे में, तो बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी की कीमत तेज गिरावट लेकर 2,71,866 रुपये पर क्लोज हुई थी, लेकिन सोमवार को खुलने के साथ ही ये कीमती धातु फिसलकर 2,64,949 रुपये प्रति किलो पर आ गई. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो एक झटके में चांदी 6,917 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। 

    वहीं कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद चांदी के भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो ये काफी सस्ती हो चुकी है. दरअसल, MCX Silver Price पर नजर डालें, तो इसने जनवरी महीने में पहली बार 4 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करते हुए 4,57,328 रुपये का हाई छुआ था और ये स्तर छूने के बाद तेजी से क्रैश भी हुई थी. अब ताजा गिरावट से बाद ये इस लेवल से 1,92,379 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

    सोना पहले फिसला, फिर रिकवरी
    बात सोने की कीमत के बारे में करें, तो ये कीमती पीली धातु खुलने के सात ही पहले धड़ाम नजर आई, लेकिन फिर इसमें गिरावट थमने लगी. दरअसल, बीते शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,58,547 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था, लेकिन सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1000 रुपये सस्ता होकर 1,57,547 रुपये के लेवल पर आ गया. हालांकि, वायदा कारोबार शुरू होने के कुछ देर बाद इसमें रिकवरी भी देखने को मिली।  

    चांदी की तरह अगर सोने के ताजा भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो जनवरी में ही MCX Gold Rate भी पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकला था और इसका हाई लेवल 2,02,984 रुपये है. जहां से गिरते हुए अब 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1.57 लाख रुपये पर आ गया है. यानी सोना 45,437 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता मिल रहा है।