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  • ट्विशा शर्मा केस में भावुक कर देने वाली आखिरी चैट वायरल, परिवार पर उठे कई सवाल

    ट्विशा शर्मा केस में भावुक कर देने वाली आखिरी चैट वायरल, परिवार पर उठे कई सवाल

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा को लेकर आरोपियों में से एक उसकी सास गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अग्रिम जमानती आवेदन दिया था. आवेदन में उन्होंने दावा किया कि ट्विशा परिवार में एडजस्ट नहीं हो पा रही थी और वह ड्रग्स लेती थी। 

    'ये लोग बहुत घटिया हैं. शक करते हैं'
    इस बीच ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई आखिरी व्हाट्सएप चैट आजतक के हाथ लगी. मां के बात करते हुए वह काफी परेशान दिख रही है. इसमें ट्विशा ने अपने ससुराल वालों को लेकर कई गंभीर बातें लिखीं और पति पर चरित्र पर शंका करने जैसे आरोप लगाए। 

    व्हाट्सएप चैट के मुताबिक, ट्विशा ने मां को भेजे मैसेज में लिखा था ‘बहुत परेशान हूं… ये लोग बहुत घटिया हैं. शक करते हैं. समर्थ पूछता है कि मेरे पेट में किसका बच्चा है. इतना ही नहीं, ट्विशा ने अपनी मां से उसे वहां से ले जाने की गुहार भी लगाई थी. उसने लिखा, 'मुझे यहां से आकर ले जाओ, ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे। 

    ‘मेरा जीवन नरक हो गया है, ले जाओ यहां से'
    यही नहीं चैट में ट्विशा ने एक जगह अपनी मां को लिखा है ‘मेरा जीवन नरक हो गया है’. ट्विशा ने लिखा है कि ‘ये लोग बहुत निर्दयी है. समर्थ तो ठीक से मुझसे बात तक नहीं करता। 

    इधर ससुराल वालों द्वारा हत्या का आरोप लगा रहा ट्विशा का परिवार उसके दोबारा पोस्टमार्टम के लिए आज आवेदन देगा. ट्विशा के माता पिता का कहना है कि इससे पहले जो बेल्ट ट्विशा के गले में मिली थी, उसके इंस्पेक्शन के बिना ही पोस्टमार्टम कर दिया गया था। 

    'मैं फंस गई हूं, तू मत फंसना'
    बता दें कि इससे पहले भी ट्विशा की उसकी दोस्त मीनाक्षी के साथ इंस्टाग्राम चैट सामने आई थी जिसमें वह उससे कह रही थी- मैं फंस गई हूं तू मत फंसना, ज्यादा बात नहीं कर पाउंगी। 

    'बहू ड्रग्स न ले तो हाथ कांपते थे'
    मृतका की सास और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह को कोर्ट ने शुक्रवार को ही अग्रिम जमानत दे दी है. अपने जमानती आवेदन में गिरबाला ने दावा किया था कि बहू ड्रग्स लेती थी और ड्रग्स न मिल पाने की स्थिति में उसके हाथ कांपने लगते थे.  उन्होंने बताया कि ट्विशा विवाह के पूर्व फिल्म एक्ट्रेस और मॉडल थी और उन्होंने तेलगू और अन्य भाषाओं की फिल्मों में हीरोइन के रूप में और एड फिल्मों में काम किया था. शादी के समय ट्विशा दिल्ली की प्रायवेट कंपनी में वर्कफार्म होम काम कर रही थी. घर पर रहते हुए हम लोगों को ट्विशा के व्यवहार से संदेह हुआ कि वह ड्रग्स लेती हैं.  बाद में उसका पापा ने ही इस बात की पुष्टी की। 

    'प्रेग्नेंट हुई तो सामान बांधकर निकल गई'
    उन्होंने कहा कि ट्विशा शादी के दिन यानी 09 दिसंबर 2025 से  12 मई 2026 के बीच पांच बार सुसराल से मायके और अन्य जगहों पर गयी थी. हाथों में कंपन और कुछ समय तक डग्स न ले पाने के कारण उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन नजर आता था. ट्विशा के पिता ने ही हमें बताया कि वह ड्रग्स लेती है। 

    गिरिबाला का कहना है कि 17 अप्रैल 2026 को पहली बार ट्विशा को अपने प्रेग्नेंट होने की जानकारी हुई. उसी दिन ट्विशा अपने पति के साथ हजेला अस्पताल गयी. इसके बाद उसका व्यवहार मेरे और मेरे बेटे के प्रति  काफी अधिक परेशान करने वाला था. अस्पताल से आने के बाद ट्विशा ने अपना सामान बैग में भरा ओर बोली कि वह अपने घर नोएडा जाना चाहती हैं . वह 17 अप्रैल को निकलकर 18 अप्रैल 2026 को हवाई जहाज से दिल्ली पहुंची. लेकिन सीधा घर नहीं गई और घर पहुंचने में इतना समय लगने का कोई कारण भी नहीं बताया. इधर, मामले में फरार ट्विशा के पति समर्थ सिंह की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही हैं। 

    ट्विशा शर्मा का गलने लगा शव

    भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. मृतका का शव पिछले पांच दिनों से भोपाल एम्स (AIIMS) की मर्चुरी में रखा हुआ है, जो अब डीकंपोज (गलने) लगा है. इस बीच, ट्विशा शर्मा के परिजनों ने रविवार को सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद उनके पिता नवनिधि शर्मा और भाई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) से मुलाकात की. दूसरी ओर, पुलिस शव को सौंपने के लिए परिजनों को नोटिस देने की तैयारी कर रही है। 

    कानूनी सुनवाई किसी अन्य राज्य में की जाए
    सीएम हाउस में मुख्यमंत्री के ओएसडी से मुलाकात के दौरान ट्विशा के पिता और भाई को इस मामले में उचित और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन मिला है. OSD से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा, "हमारी मुख्य रूप से दो मांगें हैं. पहली मांग यह है कि बेटी का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए, और दूसरी यह कि इस पूरे मामले की कानूनी सुनवाई मध्य प्रदेश के बजाय किसी अन्य राज्य में की जाए." उन्होंने बताया कि इस विषय पर अभी परिवार में चर्चा होगी और उसके बाद ही आगे का कोई फैसला लिया जाएगा। 

    क्या है ट्विशा शर्मा भोपाल मौत का पूरा मामला?
    31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं और उन्होंने एक मॉडल के रूप में भी काम किया था. शादी से पहले वह दिल्ली में जॉब करती थीं. वैवाहिक वेबसाइट 'शादी डॉट कॉम' के जरिए उनका रिश्ता भोपाल की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे वकील समर्थ सिंह से तय हुआ था. दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी. शादी के कुछ समय बाद ट्विशा का गर्भपात हो गया और इसके बाद 12 मई 2026 को उन्होंने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। 

    शरीर पर चोटों के निशान, मौत का कारण फांसी
    मृतका के परिजनों ने उनकी सास (रिटायर्ड जज) और पति (वकील) पर गंभीर रूप से प्रताड़ित करने और हत्या करने के आरोप लगाए हैं. शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं और मौत का कारण फांसी बताया गया है. इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है. वहीं, आरोपियों ने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले रखी है. वर्तमान में कटारा हिल्स थाना प्रभारी (TI) दुबे इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। 

  • SIR विवाद पर गरमाई राजनीति, AAP सांसद बोले- बंगाल और बिहार के बाद अब पंजाब की बारी नहीं आने देंगे

    SIR विवाद पर गरमाई राजनीति, AAP सांसद बोले- बंगाल और बिहार के बाद अब पंजाब की बारी नहीं आने देंगे

    चंडीगढ़
    आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कांग ने पंजाब में एसआईआर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसको लेकर बीजेपी पर भी हमला बोला है। X पर पोस्ट करते हुए सांसद ने कहा मेरे प्यारे पंजाबियों, अब समय आ गया है कि हम सब जागें। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार  एसआईआर के नाम पर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की तैयारी कर रही है। यह प्रक्रिया बिना किसी ठोस कारण के हमारे लोकतंत्र की जड़ों को हिला रही है।  

    हर वैध वोटर के लिए लड़ेंगे लड़ाई 
    बिहार में हाल ही में एसआईआर के दौरान 65 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। वहीं, बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए जो कुल वोटर के करीब 12% थे। उन्होंने कहा इसके बाद बीजेपी मुस्कराते हुए चली गई। अब वही मशीनरी पंजाब को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा हम पंजाब में बिहार और बंगाल जैसा नहीं होने देंगे। हम हर एक वैध वोटर को लेकर लड़ाई लड़ेंगे।   

     बता दें कि पंजाब में 25 जून से मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का काम शुरू हो जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है। एसआईआर से पहले इसी संदर्भ पंजाब में चल रहे प्री मैपिंग का काम भी 83.69 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बीएलओ एन्युमरेशन फॉर्म लेकर घर-घर तक जाएंगे। इसके लिए 24453 बीएलओ, 2476 सुपरवाइजर, 117 ईआरओ और 234 एईआरओ का सरकारी अमला भी तैयार है।

    एसआईआर की प्रक्रिया
    – एसआईआर के तहत पंजाब में 25 जून से 24 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के एन्युमरेशन फॉर्म भरवाएंगे।
    – प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाता एसआईआर के लिए दिए गए हैं।
    – बीएलओ को प्रशिक्षण देने और अन्य तैयारियों संबंधी काम 15 से 24 जून तक किया जाएगा।
    – सूबे के सभी मतदाताओं को एसआईआर के तहत संबंधित फॉर्म भरना होगा।
    – एसआईआर के तहत 1 जनवरी 2003 की मतदाता सूची से साल 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जाएगा।
    – पोलिंग स्टेशनों की रेशनलाइजेशन का काम 24 जुलाई को होगा और मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा।
    – मतदाता सूचियों संबंधी आपत्तियां और दावे 31 जुलाई से 30 अगस्त तक पेश जा सकते हैं। निपटारा 31 जुलाई से 28 सितंबर तक होगा।
    – अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 01 अक्तूबर को होगा।

     

  • उड़ान के दौरान टकराए अमेरिकी फाइटर जेट, आसमान में घमासान के बाद जमीन पर अफरा-तफरी

    उड़ान के दौरान टकराए अमेरिकी फाइटर जेट, आसमान में घमासान के बाद जमीन पर अफरा-तफरी

    वाशिगटन 

    अमेरिका के इडाहो में एक एयर शो के दौरान भयानक हादसा हुआ है. आसमान में करतब दिखा रहे दो फाइटर जेट आपस में टकरा गए. यह हादसा रविवार दोपहर माउंटेन होम एयरफोर्स बेस में आयोजित ‘गनफाइटर स्काइज एयर शो’ के दौरान हुआ, जहां हजारों लोग यह नजारा देखने पहुंचे थे. करीब 12 बजे के आसपास दोनों जेट हवा में ही टकरा गए और फिर जलते हुए नीचे गिरने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अचानक आसमान में तेज धमाका हुआ और कुछ ही सेकंड में काले धुएं का गुबार उठता दिखा. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों जेट टकराने के बाद आग की लपटों में घिरते नजर आए। 

    4 पायलटों ने हवा में लगाई छलांग
    सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि दोनों विमानों में सवार चारों पायलट समय रहते इजेक्ट कर गए. मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, टक्कर के तुरंत बाद आसमान में चार पैराशूट खुलते नजर आए. सभी पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। 

    एयरबेस किया गया बंद
    हादसे के बाद एयरबेस को तुरंत लॉकडाउन कर दिया गया. हजारों दर्शकों को वहीं रोक दिया गया, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए. एक चश्मदीद ने बताया, ‘हमने किसी को कहते सुना, हम गिर रहे हैं, फिर चार पैराशूट दिखे और कुछ ही देर में धुआं फैल गया। 

    कौन से विमान थे शामिल?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों विमान अमेरिकी नेवी के EA-18G जेट थे, जो इलेक्ट्रॉनिक अटैक स्क्वाड्रन VAQ-129 से जुड़े थे. ये पायलट एयर शो के दौरान एरियल डेमो दे रहे थे, तभी यह हादसा हो गया. घटना के बाद पूरे एयर शो को तुरंत रद्द कर दिया गया. पुलिस ने लोगों से एयरबेस के पास न जाने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा है कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट सामने लाई जाएगी। 

    पहले भी हो चुके हैं हादसे
    यह एयर शो 8 साल बाद फिर से आयोजित किया गया था और इसकी तैयारियां करीब 2 साल से चल रही थीं. लेकिन इस हादसे ने पुराने जख्म भी ताजा कर दिए. 2018 में भी यहां एक हादसे में एक पायलट की मौत हुई थी, जबकि 2003 में भी एक जेट क्रैश हुआ था। 

    कौन से विमान थे शामिल?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों विमान अमेरिकी नेवी के EA-18G जेट थे, जो इलेक्ट्रॉनिक अटैक स्क्वाड्रन VAQ-129 से जुड़े थे. ये पायलट एयर शो के दौरान एरियल डेमो दे रहे थे, तभी यह हादसा हो गया. घटना के बाद पूरे एयर शो को तुरंत रद्द कर दिया गया. पुलिस ने लोगों से एयरबेस के पास न जाने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा है कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट सामने लाई जाएगी। 

    पहले भी हो चुके हैं हादसे
    यह एयर शो 8 साल बाद फिर से आयोजित किया गया था और इसकी तैयारियां करीब 2 साल से चल रही थीं. लेकिन इस हादसे ने पुराने जख्म भी ताजा कर दिए. 2018 में भी यहां एक हादसे में एक पायलट की मौत हुई थी, जबकि 2003 में भी एक जेट क्रैश हुआ था। 

  • ग्लोबल तनाव का असर! ट्रंप की धमकी पड़ते ही शेयर बाजार क्रैश, सेंसेक्स 1000अंक टूटा

    ग्लोबल तनाव का असर! ट्रंप की धमकी पड़ते ही शेयर बाजार क्रैश, सेंसेक्स 1000अंक टूटा

    मुंबई 
    शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ. खुलते के साथ ही शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपन होने के कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 280 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश
    सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग पर नजर डालें, तो BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,237 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 74,807 के लेवल पर खुला था और अगले पांच मिनट में ही ये भारी गिरावट के साथ फिसलते हुए 907 अंक टूट गया और 74,330 के लेवल पर आ गया और कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार करने लगा. NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,643 की तुलना में गिरकर पहले 23,482 पर खुला और फिर अचानक इसमें गिरावट भी तेज होती चली गई. शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होने के पांच मिनट बाद ही ये इंडेक्स भी 280 अंक टूटकर 23,361 पर कारोबार करता नजर आया। 

    ये बड़े शेयर बिखर गए 
    शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आई इस बड़ी गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल Tata Steel Share (3.75%), PowerGrid Share (3.50%), Maruti Share (2.40%), Trent Share (2.25%), SBI Share (2.05%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Eternal, Titan, Adani Ports जैसे स्टॉक्स भी करीब 2 फीसदी की गिरावट में थे। 

    US-Iran में नई जंग की आहट से डर
    शेयर मार्केट के क्रैश होने के पीछे के कारण की बात करें, तो इनमें सबसे बड़ा अमेरिका और ईरान के बीच नई जंग की आहट को माना जा सकता है. दरअसल, दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को बड़ी धमकी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि, 'ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेज भाग रही हैं और उन्हें जल्द से जल्द तेजी से कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा. वक्त बहुत कीमती है। 

    ट्रंप की धमकी और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है. सोमवार को खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत तेजी से उछाल भरती नजर आई. Brent Crude Oil Price 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, तो वहीं WTI Crude Oil Price 108 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा नेचुरल गैस की कीमतों में भी करीब 3 फीसदी का उछाल आया है और ये 3.034 डॉलर पर पहुंच गई हैं। 

    विदेशों से मिल रहे थे रेड सिग्नल 
    शेयर बाजार में गिरावट के सिग्नल पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां Gift Nify 195 अंक फिसलकर 23,550 पर कारोबार कर रहा था. तो वहीं एशियाई मार्केट्स में भी भूचाल देखने को मिला था. Japan Nikkei करीब 600 अंक फिसलकर, तो वहीं हांगकांग का Hangseng भी 385 अंक, ब्रिटेन का मार्केट FTSE-100 भी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (510 अंक), तो CAC (150 अंक) की गिरावट में कारोबार कर रहा था।  

    (नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

  • इतिहास की अनोखी खोज! चट्टानों पर उकेरे प्राचीन पदचिन्हों ने बढ़ाई उत्सुकता

    इतिहास की अनोखी खोज! चट्टानों पर उकेरे प्राचीन पदचिन्हों ने बढ़ाई उत्सुकता

    रायसेन.

    मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के जंगलों में पुरातत्वविदों को एक बेहद प्राचीन और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। रायसेन के जामगढ़ गांव में पथरीले रास्तों के बीच करीब 800 मीटर के दायरे में फैले पत्थरों पर उकेरी गई प्राचीन पदचिन्हों (पैरों के निशान) की खोज की गई है।

    इसके साथ ही वहां शुरुआती 'नागरी लिपि' में लिखा एक शिलालेख भी मिला है, जोकरीब 10वीं-11वीं शताब्दी (परमार काल) का माना जा रहा है। इतिहासकारों का मानना है कि पत्थरों पर बने ये कदम किसी महान संत या जैन मुनि के हो सकते हैं, जो एक हजार साल पहले इस क्षेत्र से गुजरे थे। यह महत्वपूर्ण खोज इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) के भोपाल चैप्टर की पुरातत्वविद नैन्सी शर्मा और उनके सहयोगी मिलनाथ पेटेले द्वारा किए फील्ड सर्वे के दौरान हुई है।

    समय के साथ धुंधले हो गए हैं निशान
    सर्वे का नेतृत्व करने वाली नैन्सी शर्मा ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर वे इस दुर्गम पहाड़ी स्थल पर पहुंचीं। समय के साथ कुछ निशान जरूर धुंधले हुए हैं, लेकिन अधिकांश पदचिह्न आज भी सुरक्षित हैं। इन्टेक (INTACH) मध्य प्रदेश के संयोजक एम.एम. उपाध्याय के अनुसार, पहले प्रमुख चरण चिह्न के पास पत्थरों पर दो लाइनों का एक प्राचीन शिलालेख खुदा हुआ है। इसमें 'सिद्ध', 'पद', 'पंडित' और 'कृत' जैसे शब्दों का उल्लेख है, जो पवित्र स्मारक परंपराओं से जुड़े हैं।

    एएसआई (ASI) के पूर्व एपिग्रैफी निदेशक रवि शंकर ने इस लिपि की पहचान परमार राजवंश के समय की आरंभिक नागरी लिपि के रूप में की है। इतिहास विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं-11वीं शताब्दी के दौरान मध्य प्रदेश में कई जैन मंदिरों और स्मारकों का निर्माण हुआ था, जिसके चलते इस खोज के तार सीधे जैन इतिहास से जुड़ रहे हैं।

  • MP पुलिस भर्ती का प्रस्ताव तैयार, 10 हजार पदों पर होगी नियुक्ति, परीक्षा को लेकर सस्पेंस बरकरार

    MP पुलिस भर्ती का प्रस्ताव तैयार, 10 हजार पदों पर होगी नियुक्ति, परीक्षा को लेकर सस्पेंस बरकरार

    भोपाल

    भोपाल में 11 मई को केएफ रुस्तम जी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस आरक्षकों सहित पुलिस में 10 हजार पदों पर शीघ्र भर्ती किए जाने की घोषणा की। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) से होगी या पुलिस भर्ती बोर्ड से। पुलिस मुख्यालय भी भ्रम की स्थिति में है। मुख्यालय ने भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें 1,041 पद उप निरीक्षक और सूबेदारों के भी हैं।

    भर्ती बोर्ड के गठन का प्रस्ताव अब भी लंबित
    भर्ती प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद चयन की प्रक्रिया प्रारंभ होनी है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारी चाहते हैं कि इसके पहले भर्ती बोर्ड गठित हो जाए जिससे तेज गति से इन पदों पर भर्ती की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अप्रैल में पुलिस मुख्यालय में एक बैठक के दौरान पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने के लिए कहा था, जिससे भर्तियों में देरी नहीं हो। घोषणा के एक माह बाद पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया था, पर तब से परीक्षण ही चल रहा है।

    गृह विभाग करेगा व्यवहार्यता का अध्ययन
    अब गृह विभाग के नए एसीएस संजय शुक्ला प्रस्ताव का परीक्षण करेंगे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और विधि विभाग के साथ बैठक कर प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड बनाने के संबंध में व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) अध्ययन किया जा रहा है। शीघ्र ही गठन को लेकर निर्णय हो जाएगा।

    अन्य राज्यों की तर्ज पर तैयारी
    बता दें, मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष 7500 पदों के मान से तीन वर्ष में 22,500 पदों पर भर्ती करने के लिए कहा है। ईएसबी में अन्य परीक्षाओं का दबाव होने के कारण कई बार लिखित परीक्षा आयोजित कराने में देरी होती है। इसी कारण पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, आंध्र प्रदेश सहित 15 से अधिक राज्यों में पुलिस की भर्ती के लिए अलग भर्ती बोर्ड बने हुए हैं।

     

  • क्या ईरान पर होने वाला है बड़ा हमला? Donald Trump-Benjamin Netanyahu को लेकर चर्चा तेज

    क्या ईरान पर होने वाला है बड़ा हमला? Donald Trump-Benjamin Netanyahu को लेकर चर्चा तेज

    तेल अवीव
    अमेरिका और इजरायल के सैन्य अधिकारी ईरान पर संभावित हमलों के लिए टारगेट की लिस्ट बना रहे हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच जल्द ही ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की योजना बन रही है. इजरायली सेना और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इमरजेंसी मीटिंग की हैं. संयुक्त रूप से ईरान के जरूरी ठिकानों की लिस्ट तैयार की जा रही है. यह तैयारी अगले हफ्ते तक हमला शुरू करने जितनी तेजी से चल रही है। 

    वर्तमान में अप्रैल 8 को लगा युद्धविराम पूरी तरह लाइफ सपोर्ट पर चल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कहा है कि ईरान के साथ शांति की कोशिशें लगभग खत्म हो चुकी हैं. पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही बातचीत भी पूरी तरह फेल हो गई है. ईरान ने बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा संप्रभु अधिकार और नई प्रबंधन व्यवस्था की मांग की थी, जिसे ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया। 

    इजरायली न्यूज एजेंसी KAN के सूत्रों के अनुसार, इजरायल अमेरिका पर लगातार दबाव डाल रहा है कि युद्ध फिर शुरू किया जाए. इजरायली नेतृत्व का कहना है कि ईरान के खिलाफ पहले चरण का युद्ध उस समय से पहले खत्म कर दिया गया जब इसे पूरा होना चाहिए था. इजरायल अब ईरान की बची हुई परमाणु  सुविधाओं और मिसाइल सिस्टम को पूरी तरह नष्ट करना चाहता है। 

    ईरान पर हमले के संभावित लक्ष्य
    अमेरिकी और इजरायली अधिकारी मिलकर ईरान के अंदर जरूरी टारगेट्स की एक संयुक्त सूची तैयार कर रहे हैं. इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्लांट, मिसाइल फैक्टरियां, सैन्य अड्डे और कमांड सेंटर शामिल हो सकते हैं. दोनों देशों का मानना है कि अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई तो ईरान फिर से मजबूत हो जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा। 

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. यहां से दुनिया का बहुत बड़ा तेल निर्यात होता है. ईरान ने इस पर अपना पूरा नियंत्रण मांगा था, जिसे अमेरिका और इजरायल दोनों ने मना कर दिया. अगर युद्ध शुरू हुआ तो इस खाड़ी में तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया की पर पड़ेगा। 

    फिलहाल दोनों तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सैन्य स्तर पर तैयारी तेज हो गई है. इजरायल का मानना है कि ईरान की परमाणु क्षमता को हमेशा के लिए खत्म करने का यह आखिरी मौका हो सकता है. अमेरिका भी ईरान को मजबूत होने से रोकना चाहता है। 

    ट्रंप प्रशासन का रुख सख्त है. वे ईरान की किसी भी शर्त को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं. अगर बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकला तो अगले कुछ दिनों या हफ्तों में ईरान पर हमला शुरू हो सकता है। 

    ईरान पर कोई भी बड़ा हमला पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है. लेबनान, सीरिया, यमन और इराक जैसे देशों में तनाव बढ़ सकता है. तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. भारत जैसे देशों पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि भारत ईरान से तेल आयात करता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर तेल आता है। 

    ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. सैन्य तैयारी तेज होने के साथ ही कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, लेकिन फिलहाल सफलता मिलती नहीं दिख रही। 

  • सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए राहत, MP में आज कीमतों में आई बड़ी गिरावट

    सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए राहत, MP में आज कीमतों में आई बड़ी गिरावट

    इंदौर 

     भारतीय सराफा बाजार से इस अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में सोने और चांदी की खरीदी पर साल भर के लिए रोक लगाने की अप्रत्याशित अपील के बाद स्थानीय सराफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। पीएम मोदी के इस फैसले ने न केवल आम खरीदार बल्कि बड़े निवेशक और कारोबारियों को भी हैरान-परेशान कर दिया है। सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट की खबर सुनते ही बाजार में खरीदारों की होड़ मच गई है। वहीं इस भारी गिरावट ने हर किसी को चौंका कर रख दिया है।

    चांदी 9.3 फीसदी टूटी, सोना भी औंधे मुंह गिरा
    स्थानीय बाजार से मिले आंकड़ों के मुताबिक बाजार खुलते ही चांदी की कीमत में अब तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी 9.3 फीसदी टूटकर सीधे 2,58,000 रुपए प्रतिकिलोग्राम पर आ गई। शनिवार सुबह जैसे ही सराफा बाजार खुला चांदी बीते दिन शुक्रवार के मुकाबले 2000 रुपए सस्ती बिकी। वहीं दूसरी ओर 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 3 फीसदी तक सस्ता हो गया। इस गिरावट के बाद शुद्ध सोने का भाव 1,54,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अब कारोबारियों का कहना है कि किसी एक ही दिन में इतनी उठापटक से वे हैरान हैं।

    एक्सपर्ट ने बताया क्यों आई भारी गिरावट

    सराफा बाजार में सोना-चांदी के भाव में इतनी गिरावट और बाजार के सेंटीमेंट होने पर मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी निर्मल वर्मा 'घुघरू' ने इस पर विस्तृत बात की। उन्होंने बताया कि इस गिरावट के पीछे केवल घरेलू घोषणा नहीं, बल्कि वैश्विक कारण भी हैं।

    1- डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई मजबूती
    वे कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही अमेरीकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी निवेशकों का रुझान सोने से हट गया है। वे डॉलर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।

    2- भारी मुनाफा वसूली
    पिछले कई दिनों से सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं। इस तेजी के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा काटा है। इससे बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ी और कीमतें धड़ाम से गिरी हैं।

    3- सख्त मौद्रिक नीति भी एक वजह हो सकती है
    घुंघरू बताते हैं कि लगातार महंगाई की चिंताओं ने वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति यानी कड़ी ब्याज दरें की उम्मीद बढ़ा दी है। जब भी ब्याज दरें बढ़ने की आशंका होती है, तो कीमती धातुओं पर इसका सीधे तौर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    वैश्विक बाजारों में हाहाकार
    घरेलू या स्थानीय बाजार ही नहीं अब अंतरराष्ट्रीय या वैश्विक बाजार भी बेहाल हो चुके हैं। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना 104 डॉलर की भारी गिरावट के साथ 4,548,46 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी 5.26 डॉलर टूटकर 75.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।

    बाजार विश्वलेषकों का कहना है कि दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत डॉलर इंडेक्स ने सराफा बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है। उनका कहना है कि बाजार में स्थिरता आने में थोड़ा समय लग सकता है।

    सोना चांदी के आज के भाव (Gold Silver Price Today)
    24 कैरेट सोना- 16,300 (1 ग्राम)

    22 कैरेट सोना- 14,500 (1 ग्राम)

    18 कैरेट सोना- 11,870 (1 ग्राम)

    चांदी- 2,75,000 रुपए प्रति किलो

    सराफा महासंघ भोपाल के महामंत्री और प्रवक्त नवनीत अग्रवाल कहते हैं। आभूषण खरीदते समय इन भावों में 3 फीसदी GST और लेबर चार्ज भी अतिरिक्त देना होगा। 

  • हंतावायरस को लेकर बढ़ी चिंता, WHO ने संक्रमण और असर को लेकर दी अहम चेतावनी

    हंतावायरस को लेकर बढ़ी चिंता, WHO ने संक्रमण और असर को लेकर दी अहम चेतावनी

    नई दिल्ली

    दुनिया भर में खौफ फैलाने वाले एंडीज हंतावायरस के बारे में वैज्ञानिकों को अब भी बहुत कम जानकारी है. खासकर यह वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक रह सकता है. कितने समय तक दूसरों में फैल सकता है. यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है. MV Hondius क्रूज जहाज पर फैले इस वायरस ने 11 लोगों को बीमार किया और 3 लोगों की जान ले ली. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस वायरस की गहराई से जांच कर रहा है। 

    एंडीज हंतावायरस सिर्फ हवा या चूहों से नहीं, बल्कि इंसान के कई तरह के शरीर के तरल पदार्थों से भी फैल सकता है. इसमें लार, मां का दूध और स्पर्म शामिल हैं. क्रूज जहाज पर हुई इस घटना के बाद वैज्ञानिक चिंतित हैं क्योंकि यह वायरस यौन संबंध या निकट संपर्क से भी फैल सकता है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि संक्रमण के बाद व्यक्ति कितने समय तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है, इसकी सही जानकारी नहीं है। 

    WHO ने शुरू की जरूरी स्टडी
    विश्व स्वास्थ्य संगठन की उभरती बीमारियों और जूनोसिस यूनिट की प्रमुख मारिया वान केरखोवे ने बताया कि एंडीज हंतावायरस पर कई अध्ययन चल रहे हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है नेचुरल हिस्ट्री स्टडी. यह स्टडी वायरस के इंसान के शरीर में जीवन चक्र को समझने की कोशिश करेगी। 

    मारिया वान केरखोवे ने कहा कि यह स्टडी उन लोगों के नियमित सैंपल लेकर करेगी जो क्वारंटाइन में हैं. इससे पता चलेगा कि वे संक्रमित हैं या नहीं. क्या वे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं या नहीं. यह जानकारी इसलिए बहुत जरूरी है क्योंकि अभी तक हंतावायरस के लिए कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है। 

    क्रूज जहाज पर फैला खतरा
    अप्रैल महीने में MV Hondius क्रूज जहाज पर यह वायरस तेजी से फैला. जहाज पर सवार यात्री और कर्मचारी दोनों प्रभावित हुए. इस घटना के बाद पूरी दुनिया में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. कई देशों में क्रूज यात्रियों की निगरानी बढ़ा दी गई है. हंतावायरस के प्रकारों के बारे में कुछ जानकारी है, लेकिन एंडीज स्ट्रेन नया और खतरनाक है। 

    वैज्ञानिक नहीं जानते कि संक्रमण के बाद वायरस शरीर में कितने दिन, हफ्ते या महीने तक एक्टिव रह सकता है. अगर यह वायरस लंबे समय तक शरीर में छिपा रह सकता है तो ठीक हो चुके व्यक्ति भी दूसरों को संक्रमित कर सकता है. यही वजह है कि WHO क्वारंटाइन में रह रहे लोगों पर लगातार नजर रख रहा है. उनके सैंपल (खून, लार, स्पर्म आदि) की जांच कर रहा है।

    फिलहाल हंतावायरस का कोई स्पेसिफिक इलाज नहीं है. डॉक्टर सिर्फ सपोर्टिव केयर दे सकते हैं, जैसे ऑक्सीजन, दर्द निवारक दवाएं और फेफड़ों की देखभाल. अगर वायरस लंबे समय तक संक्रामक रहता है तो क्वारंटाइन की अवधि बढ़ाई जा सकती है. यही वजह है कि WHO इस स्टडी को बहुत महत्व दे रहा है। 

    आगे क्या हो सकता है?
    वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में स्टडी के नतीजे सामने आएंगे. इससे पता चलेगा कि संक्रमित व्यक्ति को कितने समय तक अलग-थलग रखना चाहिए. किन-किन सावधानियों का पालन करना चाहिए. खासकर पुरुषों को यौन संबंध बनाने, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सावधानी बरतने और निकट संपर्क से बचने की सलाह दी जा सकती है। 

    एंडीज हंतावायरस अभी भी कई राज छिपाए हुए है. WHO की यह नई स्टडी वायरस को बेहतर समझने में मदद करेगी. फिलहाल सतर्कता और साफ-सफाई ही सबसे बड़ा बचाव है. वैज्ञानिक लगातार काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी बीमारियों को रोका जा सके और प्रभावित लोगों का सही इलाज किया जा सके। 

     

     

  • आतंक के बड़े चेहरे का अंत! ISIS कमांडर अबू बिलान मिनूकी मारा गया, ट्रंप ने ऑपरेशन पर कही बड़ी बात

    आतंक के बड़े चेहरे का अंत! ISIS कमांडर अबू बिलान मिनूकी मारा गया, ट्रंप ने ऑपरेशन पर कही बड़ी बात

    वाशिंगटन

    ईरान और अमेरिका के तनाव के बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक स्टेट के एक टॉप कमांडर को मार गिराया गया है। इस समय वह आतंकी संगठन में नंबर दो पर कार्य कर रहा था। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और नाइजीरियन सेना के संयुक्तअभियान में अबू-बिलाल अल मिनूकी मारा गया है। ट्रंप ने कहा कि यह बहुत ही जटिल अभियान था।

    डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े उत्साह के साथ इस अभियान का जिक्र किया और कहा कि आईएसआईएस अब बुरी तरह से कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा, मेरे ही निर्देश पर बहादुर अमेरिकी फौज और नाइजीरिया के सैनिकों ने मिलकर इस कठिन अभियान को अपने लक्ष्य तक पहुंचाया है।

    कौन था अबू बिलाल अल मिनूकी
    अबू बिलाल का नाम अबू बकर मुह्म्मद अल मिनूकी था। वह अफ्राका के साहेल इलाके का रहने वाला था। वह आईएसआईएस में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहा था। वह वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस में आईएस के सीनियर कमांडर के तौर पर काम कर रहा था। अमेरिाक ने उसे वैश्विक आतंकी जून 2023 में ही घोषित कर दिया था। तब से ही अमेरिकी फौज उसे मार गिरना की फिराक में थी।

    बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पहले भी नाइजीरिया में कई इस तरह के हमले करवा चुके हैं जिसमें आतंकियों की मौत हुई है। बीते दिनों आईएसआईएस के पनाहगाह होने के नाते ही नाइजीरिया पर डोनाल्ड ट्ंरप खूब बरसे थे। उन्होंने यहां तक कहा था कि नाइजीरिया की सरकार ईसाई विरोधी है। उन्होंने दावा किया था कि नाइजीरिया में इसाइयों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया जा रहा है। हालांकि नाइजीरिया की सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया था।

    बताया जाता है कि मिनूकी अफ्रीक के बड़े हिस्से में सक्रिय था। जिस क्षेत्र में वह ऐक्टव था उसका विस्तार करीब 5900 किलोमीटर का है। इसमें मॉरिटानिया, माली, सेनेगल, बुर्कनी फासो, नाइजारिया, नाइजर, चाड और सुडान जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा गांबिया, गिनी, इरिट्रिया और कैमरून तक इसाक प्रभाव था। वह चाड डिवीजन में आईएसआईएस के खतरनाक अभियानों को अंजाम देता था। इसके अलावा वह आतंकी संगठनों की फंडिंग करवाने का भी काम करता था। डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन के लिए अपने सैनिकों की जमकर तारीफ की है।

    भारत में भी एआईए की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'इस्लामिक स्टेट' (आईएसआईएस) के सदस्य मोहम्मद शारिक को आतंकी विचारधारा फैलाने और संगठन के लिए धन जुटाने के मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एनआईए ने सोमवार को एक बयान जारी कर बताया कि बेंगलुरु स्थित एक विशेष अदालत ने शारिक पर 92,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।