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  • झज्जर के युवक का अनोखा प्रोडक्ट बना आकर्षण, CM सैनी ने खरीदा शहद का सिरका

    झज्जर के युवक का अनोखा प्रोडक्ट बना आकर्षण, CM सैनी ने खरीदा शहद का सिरका

    झज्जर.

    विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं!

    कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए।

    क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में?
    प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं।

    बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है।

    5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद 
    दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं।

    फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां
    स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।

  • तमिलनाडु की राजनीति में हलचल, विजय कैबिनेट में 23 विधायकों ने ली शपथ

    तमिलनाडु की राजनीति में हलचल, विजय कैबिनेट में 23 विधायकों ने ली शपथ

    चेन्नई

    तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है। नई सरकार में विजय की टीवीके पार्टी के 21 और सहयोगी दल कांग्रेस के 2 विधायकों ने मंत्री के रूप में शपथ ली।

    टीवीके सरकार के बहुमत के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले दो अहम सहयोगी दल, आईयूएमएल और वीसीके फिलहाल इस कैबिनेट विस्तार का हिस्सा नहीं हैं। दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं।

    एनडीटीवी के अनुसार, IUML और VCK दोनों के लिए कैबिनेट में एक-एक पद आरक्षित रखा गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपने मंत्रियों के नाम तय नहीं किए हैं। इन दोनों सहयोगी दलों को बाद के चरण में सरकार में शामिल किया जाएगा।

    सहयोगियों को सरकार में शामिल होने का न्यौता
    टीवीके नेतृत्व लगातार वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और आईयूएमएल को औपचारिक रूप से गठबंधन सरकार में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहा है, जो फिलहाल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।

    तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने मंगलवार को कहा था कि मुख्यमंत्री ने इस बात को दोहराया है। यह उनकी इच्छा और सपना भी है। हमें अच्छी खबर की उम्मीद है। हम चाहेंगे कि वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन भी मंत्रिमंडल में शामिल हों।

    सीएम विजय ने 10 मई को 9 मंत्रियों के साथ पद की शपथ ली थी। उनके मंत्रिमंडल में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं। आज 23 नए मंत्रियों के शामिल होने से विजय सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 32 हो गई है। ऐसे में वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगी दलों के लिए अभी भी 3 पद खाली हैं।

    थलापति विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शपथ लेने वाले दो कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और थिरु पी. विश्वनाथन हैं. शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में ‘वंदे मातरम’ और अंत में तमिल गान बजाया गया. टीवीके ने सीपीआई, सीपीएम को गठबंधन सरकार में शामिल होने का न्योता दिया। 

    टीवीके नेतृत्व ने वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और आईयूएमएल को, जो फिलहाल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं, औपचारिक रूप से गठबंधन सरकार में शामिल होने का न्योता दिया है. तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुना ने मंगलवार को कहा, ‘मुख्यमंत्री ने इसे दोहराया है. यही उनकी इच्छा और सपना भी है. हमें अच्छी खबर की उम्मीद है. हम चाहते हैं कि वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन भी कैबिनेट में शामिल हों.’
    10 मई को विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उनके साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली थी. संविधान के प्रावधानों के अनुसार, वे अधिकतम 35 मंत्रियों की नियुक्ति कर सकते हैं, जो विधानसभा की कुल संख्या का 15% है। 

    आज 23 और मंत्रियों के शपथ लेने के बाद मंत्री परिषद की संख्या 32 हो गई है. इससे तीन पद खाली हैं, जिन्हें वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगियों को दिया जा सकता है. मंत्रिमंडल में कांग्रेस विधायकों की एंट्री तमिलनाडु के लिए एक बड़ा राजनीतिक क्षण है. लगभग 60 साल बाद पहली बार कांग्रेस राज्य सरकार का हिस्सा बनी है. पार्टी ने आखिरी बार पूर्व मुख्यमंत्री एम. भक्तवत्सलम के कार्यकाल में राज्य में सरकार चलाई थी, जो मार्च 1967 में खत्म हुआ था। 

    ऐतिहासिक 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सी. एन. अन्नादुरै के नेतृत्व वाली डीएमके ने सत्ता से बाहर कर दिया था. तब से अब तक कांग्रेस राज्य सरकार से बाहर रही थी, लेकिन अब विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गई है। 

    थलापति विजय सरका कैबिनेट मिनिस्टर्स लिस्ट:

        श्रीनाथ (थूथुकुडी)
        कमाली एस (अविनाशी)
        सी. विजयलक्ष्मी (कुमारपालयम)
        आर.वी. रंजीतकुमार (कांचीपुरम)
        विनोद (कुंभकोणम)
        राजीव (तिरुवदनाई)
        बी. राजकुमार (कुड्डालोर)
        वी. गांधीराज (अरक्कोणम)
        मथन राजा पी (ओट्टापिडारम)
        जगदेश्वरी के (राजपालयम)
        एम. विजय बालाजी (इरोड पूर्व)
        लोगेश तमिलसेल्वन डी (रासीपुरम)
        विजय तमिलन पार्थिबन ए (सेलम दक्षिण)
        रमेश (श्रीरंगम)
        कुमार आर (वेलाचेरी)
        थेन्नारासु के (श्रीपेरुम्बुदूर)
        वी. संपत कुमार (कोयंबटूर उत्तर)
        मोहम्मद फरवास जे (अरंथांगी)
        डी. सरथकुमार (तांबरम)
        एन. मैरी विल्सन (डॉ. राधाकृष्णन नगर)
        विग्नेश के (किनाथुकडावु)

    शपथ लेने वाले विधायकों की सूची
    शपथ लेने वाले विधायकों में 21 टीवीके से हैं, जिनमें श्रीनाथ, कमली एस, सी विजयलक्ष्मी, आरवी रंजीतकुमार, विनोद, राजीव, बी राजकुमार, वी गांधीराज, मथन राजा पी, जगदेश्वरी के, राजेश कुमार एस, एम विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेल्वन डी, विजय तमिलन पार्थीबन ए, रमेश, पी विश्वनाथन, कुमार आर, थेन्नारासु के, वी संपत कुमार, मोहम्मद फरवास जे, डी सरथकुमार, एन मैरी विल्सन और विग्नेश के शामिल हैं।

    छह दशक बाद तमिलनाडु की सत्ता में कांग्रेस की वापसी
    विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने वाले दो कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और तिरु पी. विश्वनाथन हैं। लगभग छह दशकों में यह पहली बार है जब कांग्रेस तमिलनाडु में सरकार का हिस्सा बनने जा रही है।

    पिछली बार कांग्रेस ने एम. भक्तवत्सलम के नेतृत्व में सरकार चलाई थी, जो राज्य में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री थे और उनका कार्यकाल मार्च 1967 में समाप्त हुआ था।

    1967 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनावों में सीएन अन्नादुरई के नेतृत्व वाले डीएमके ने कांग्रेस पार्टी को हरा दिया था। तब से लेकर अब तक कांग्रेस राज्य में किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं रही थी। अब विजय के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल होकर पार्टी ने लंबे अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की है।

     

  • चंडीगढ़ में बम धमकी से अलर्ट, स्कूलों समेत हरियाणा CM कार्यालय को बनाया निशाना

    चंडीगढ़ में बम धमकी से अलर्ट, स्कूलों समेत हरियाणा CM कार्यालय को बनाया निशाना

    चंडीगढ़
    चंडीगढ़ के स्कूलों को फिर एक बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जहां धमकी आने के बाद हड़कंप मच गया है और पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है। चंडीगढ़ पुलिस ने तुरंत एक्शन में आते हुए स्कूलों की घेराबंदी कर ली है। कई आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं और बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड के साथ तत्परता से स्कूलों को खाली कराते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सर्च ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एंबुलेंस भी मौजूद हैं। स्कूलों और आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को बम या कुछ भी संदिग्ध बमनुमा जैसी चीज नहीं मिली है।

    हरियाणा CM के दफ्तर को भी निशाना बनाने की बात
    सिर्फ चंडीगढ़ के स्कूलों को ही बम से उड़ाने की धमकी नहीं दी गई है बल्कि शहर के सेक्टर-1 स्थित हरियाणा CM के दफ्तर को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। जिसके बाद सीएम ऑफिस की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और ऐतियातन वहां भी गहन छानबीन की जा रही है। इसके अलावा धमकी में यह भी कहा गया है कि अंबाला से दिल्ली तक बम धमाके किए जाएंगे। अंबाला से दिल्ली रेलवे ट्रैक पर धमाकों की बात कही गई है। जिसके बाद रेलवे प्रबंधन भी अलर्ट मोड में है और जांच की जा रही है। धमकी के बाद दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियां भी अपना काम कर रहीं हैं।

    ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई
    जानकारी के मुताबिक, स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी इस बार भी ईमेल के जरिए ही दी गई है। बताया जा रहा है कि रात में ईमेल के माध्यम से धमकी भेजी गई। जिसमें खालिस्तान का जिक्र किया गया और चंडीगढ़ के स्कूलों समेत हरियाणा CM के दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ईमेल में लिखा गया कि चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान और स्कूलों में धमाके होंगे। हरियाणा सीएम दफ्तर को भी निशाना बनाया जाएगा। इधर धमकी की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस भी तुरंत एक्शन में आई और आगे की कार्रवाई की। पुलिस द्वारा मौके पर सभी तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए और एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली कराया गया है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।

    चंडीगढ़ प्रशासन ने की लोगों से अपील
    बताया जा रहा है कि धमकी भरे ईमेल में स्कूलों के साथ-साथ रेलवे ट्रैक को भी निशाना बनाने की बात कही गई है, जिसके बाद पूरा प्रशासन सतर्क हो गया है। फिलहाल साइबर सेल की टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और शहर में शांति बनाए रखें। गौरतलब है कि चंडीगढ़ के स्कूलों में 23 मई से गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने जा रही हैं, लेकिन उससे पहले मिली इस धमकी के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों में डर का माहौल बना हुआ है।

    साइबर सेल टीम जांच में जुटी
    धमकी के संबंध में चंडीगढ़ पुलिस ने गंभीरता से जांच भी शुरू कर दी है। इसी के साथ चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से पैनिक न होने की अपील की गई है। चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल टीम यह पता लगाने में जुट गईं हैं कि आखिर स्कूलों को धमकी भरी ईमेल किसने और कहां से भेजी? वहीं आशंका यही जताई जा रही है कि यह धमकी दहशत फैलाने के लिए किसी की जानबूझकर की शरारत या साजिश हो सकती है। लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से लेते हुए जरूरी कार्रवाई कर रही है। पुलिस की हर एंगल से जांच जारी है। पुलिस अपनी तरफ से अपनी पूरी जांच और छानबीन के बाद ही राहत की सांस लेगी। वहीं इस धमकी के बाद चंडीगढ़ में अलर्ट जारी है और स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जा रहे हैं।

    पहले भी कई फर्जी धमकियां मिलीं
    गौरतलब है कि इससे पहले भी बीते कुछ महीनों के अंदर कई बार चंडीगढ़ के स्कूलों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां दी जा चुकी हैं। यह फर्जी धमकियां भी ईमेल के जरिए ही आईं। वहीं सिर्फ चंडीगढ़ के स्कूल ही नहीं बल्कि चंडीगढ़ जिला अदालत, पंजाब सचिवालय, पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट, हरियाणा सचिवालय, हरियाणा सीएम आवास को भी पिछले दिनों बम से उड़ाने की बात कही जा चुकी है। जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बनता रहा और हर बार पुलिस टीम और बम स्क्वायड ने गहन सर्च ऑपरेशन चला छानबीन की कार्रवाई भी की। हालांकि, बार-बार बम होने की सूचना अफवाह ही साबित हुई। मसलन सर्च ऑपरेशन में कोई भी बम नहीं मिला।

    बढ़ रहा है धमकियों का सिलसिला
    धमकियों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। सिर्फ चंडीगढ़ के स्कूल या अन्य संस्थान ही नहीं बल्कि पंजाब में मोहाली, अमृतसर, पटियाला, जालंधर और हरियाणा के अंबाला समेत अन्य शहरों के स्कूलों को भी पिछले दिनों बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। इसके अलावा पंचकूला में जिला अदालत को बम से उड़ाए जाने की धमकी मिल चुकी है। वहीं इसी के साथ दिल्ली के स्कूलों को भी बम से उड़ाने की बात कही जा चुकी है। हाल ही में राजधानी दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके अलावा दिल्ली-NCR में कई अदालतों, विमानों, मॉल, क्लब, होटलों में भी बम रखे जाने की फेक धमकी दी जा चुकी है।

    ये सिर्फ डराने की साजिश या कोई बड़ी प्लानिंग?
    पिछले कुछ दिनों से जिस तरह लगातार स्कूलों को बम से उड़ाने की फेक धमकी दी जा रही है। ये सिर्फ डराने की साजिश है या कोई बड़ी प्लानिंग? फिलहाल तो यह बेहद चिंताजनक और सुरक्षा को लेकर खतरे की स्थिति है। इससे पहले वास्तव में कोई बड़ी घटना हो। पुलिस और जांच-सुरक्षा एजेंसियों को इसे कतई हल्के में नहीं लेना चाहिए और इसे रोकने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम उठाना चाहिए। अगर कोई इस तरह की शरारत भी कर रहा है तो उसके खिलाफ पुलिस को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिये की नजीर बने और आगे से फिर कोई और ये काम न करे।

  • सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी ने लगाई लंबी छलांग; इन 10 शेयरों ने किया धमाका

    सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी ने लगाई लंबी छलांग; इन 10 शेयरों ने किया धमाका

    मुंबई 
    अमेरिका से लेकर एशियाई शेयर बाजारों तक में जोरदार तेजी से भारतीय शेयर बाजार का मूड भी सुधरा है और सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला. इस तेजी के बीच बीईएल, इंडिगो से लेकर जोमैटो की पेरेंट कंपनी एटरनल और टाटा स्टील जैसे शेयक खुलते ही दौड़ लगाते नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी में तेज उछाल 
    गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 75,318 की तुलना में तेजी लेकर 75,732 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ये 75,945 पर कारोबार करता हुआ नजर आया. BSE Sensex की तरह एनएसई का निफ्टी इंडेक्स भी बुधवार के अपने बंद 23,659 के मुकाबले तेजी लेकर 23,830 पर ओपन हुआ। 

    ये 10 शेयर खुलने के साथ ही भागे
    Share Market की तेज शुरुआत के बीच अगर सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल IndiGo Share (2.60%), BEL (2.20%), Eternal Share (1.80%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था। 

    इसके अलावा मिडकैप में शामिल TI India Share (2.10%), Godrej Properties Share (1.80%), Bharat Forge Share (1.50%)और Suzlon Share (1.40%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में देखें, तो Samman Cap Share (7%), AIIL Share (4%), Angel One Share (3.60%) की तेजी में नजर आया। 

    विदेशों से मिले थे ग्रीन सिग्नल
    भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से भी ग्रीन सिग्नल मिल रहे थे, एक ओऱ जहां अमेरिकी शेयर बाजारों में बीते कारोबारी दिन तूफानी उछाल देखने को मिला था और Dow Jones 645 अंक की धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुआ था, तो वहीं खुलने के साथ ही गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में धमाल मचा था. जापान का निक्केई 2000 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 7.70 फीसदी या 560 अंक की तेजी देखने को मिली। 

    (नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

  • किसानों के लिए बड़ा ऐलान, बुक स्लॉट वालों से 28 मई तक खरीदेगी सरकार गेहूं

    किसानों के लिए बड़ा ऐलान, बुक स्लॉट वालों से 28 मई तक खरीदेगी सरकार गेहूं

    जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार
    जिन किसानों के 23 मई तक स्लॉट बुक हैं, उन्हें मिली बड़ी राहत
    मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूँ उपार्जन में हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जायेगा। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 93 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद चुके हैं।

    गेहूँ उपार्जन के लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। हमने निर्णय किया है कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक की जाती है।

    अभी तक हम 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। मुझे किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। इस पर हमने कहा कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। इसलिए उन किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक करने की मैं घोषणा करता हूं।

    2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान
    उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें, सरकार उनके हितों की पूरी रक्षा करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य सहित किसानों को खरीदी केंद्रों पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और युवा चारों वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। 

    वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों की हम चिंता करते हैं। मैं किसान भाई-बहनों से निवेदन करता हूं कि आप चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच गेहूं भंडारण भी हमारे लिए चुनौती है। बारदाना खरीदना-लाना भी एक चुनौती है। हमारे सामने मौसम और ट्रांसपोर्टेशन भी चुनौती है। इसके बावजूद हमने भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खरीदी केंद्र पर 2625 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम देंगे।

    वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों के कल्याण के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। किसान भाई-बहन चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं।

     

  • शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, बंगाल के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ जरूरी

    शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, बंगाल के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ जरूरी

    कोलकाता
     पश्चिम बंगाल की शुभेदु अधिकारी सरकार ने बड़ा आदेश जारी किया है। सरकार ने राज्य के सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘ वंदे मातरम ’ गाना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था। राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा।

    मंत्री ने आगे क्या बताया
    तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।

    पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता?

    आदेश में क्या
    मदरसा शिक्षा निदेशक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व में जारी सभी आदेशों और प्रथाओं को निरस्त करते हुए अब पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी मॉडल मदरसे (अंग्रेजी माध्यम), मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसे, स्वीकृत एमएसके, स्वीकृत एसएसके और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ तत्काल प्रभाव से अनिवार्य किया जाता है।

    शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए जारी की थी अधिसूचना
    इससे पहले 13 मई की शाम को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने भी राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी। राज्य के नए और नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 14 मई को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षा विभाग की अधिसूचना साझा की थी। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है।

    मुख्यमंत्री बनते ही शुभेंदु अधिकारी ने लिया ये बड़ा फैसला

    पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बन गई है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से नई-नवेली भाजपा सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चिकन नेक कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांरित करने का फैसला किया है. बता दें, चिकन नेक का आधिकारिक नाम सिलिगुड़ी कॉरिडोर है. ये भारत के प्रमुख भाग को पूर्वी राज्यों से जोड़ने वाला बहुत ही संकरा रास्ता है। 

    मंगलवार को एक रिपोर्ट सामने आई, जिसके अनुसार जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. रणनीतिक रूप से चिकन नेक भारत के लिए बहुत अहम माना जाता है. क्योंकि चिकन नेक के आस-पास बांग्लादेश, नेपाल और भूटान जैसे देशों की सीमाएं हैं. वहीं, चीनी सीमा की दूरी भी बहुत ज्यादा दूर नहीं है। 

    रक्षा योजनाओं में ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की अहम भूमिका
    एक्सपर्ट्स की मानें तो कॉरिडोर के कुछ हिस्सों की चौड़ाई सिर्फ 20 से 22 किलोमीटर तक है, जिस वजह से ये इलाका संकट की स्थिति में बहुत संवेदनशील बन जाता है. भारतीय सुरक्षा रणनीति और रक्षा योजनाओं में चिकन नेक कॉरिडोर की भूमिका बहुत अधिक है। 

    बता दें, केंद्र सरकार ने पूर्ववर्ती टीएमसी और ममता बनर्जी सरकार से अनुरोध किया था कि जमीन हस्तांतरण किया जा सके. लेकिन ये प्रक्रिया लंबे वक्त तक ठंडे बस्ते में पड़ी थी. लेकिन जैसे ही राज्य में भाजपा की सरकार आई, वैसे ही चिकन नेक कॉरिडोर को लेकर काम शुरू हो गया है। 

    पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के लिए देश की जीवनरेखा है चिकन नेक
    चिकन नेक को पूर्वी आठ राज्यों के लिए देश की जीवनरेखा के समान है. सड़क, रेल, सैन्य आपूर्ति, व्यापारिक गतिविधियों और रसद संचालन के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भूमि उपलब्धता को राष्ट्रीय महत्व माना जाता है।  

    राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या होगा असर?
    जमीन हस्तांतरण से चिनक नेक में भारत की सामरिक क्षमता और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है. इस इलाके में सैन्य ढांचा और लॉजिस्टिक नेटवर्क को विकसित किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सेना की त्वरित तैनाती और आपूर्ति व्यवस्थित और प्रभावी हो सकेगी। 

    केंद्र के साथ राज्य सरकार का समन्वय तेज
    बता दें, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 2026 के विधानसभा में ऐतिहासिक जीत हासिल की और भाजपा ने पहली बार प्रदेश में सरकार बनाई. पहली बार राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बना है. शुभेंदु अधिकारी ने प्रदेश के मुखिया की शपथ ग्रहण करते ही केंद्र सरकार के साथ राजनीतिक समन्वय तेज कर दिया है. सत्ता में आते ही शुभेंदु सरकार ने कानून व्यवस्था, प्रशासनिक फेरबदल और कथित भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है। 

     

  • IPL में वैभव सूर्यवंशी का विस्फोटक अवतार, गेंदबाजों के लिए बन गए सबसे बड़ा खतरा

    IPL में वैभव सूर्यवंशी का विस्फोटक अवतार, गेंदबाजों के लिए बन गए सबसे बड़ा खतरा

    जयपुर 

    वैभव सूर्यवंशी… IPL 2026 का वह नाम, जिसने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरे टूर्नामेंट की धड़कन बदल दी है. मंगलवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 38 गेंदों में 93 रन की तूफानी पारी खेलकर इस 15 साल के बल्लेबाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ उभरता सितारा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार बनने की राह पर है. राजस्थान रॉयल्स ने इस मुकाबले को पांच गेंदें बाकी रहते 7 विकेट से जीतकर प्लेऑफ की ओर मजबूत कदम बढ़ाया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद चर्चा सिर्फ और सिर्फ वैभव सूर्यवंशी की हो रही थी। 

    – 93 रन… वो भी सिर्फ 38 गेंदों में
    – 7 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के
    – स्ट्राइक रेट 244.73

    ऑरेंज कैप की रेस में भी वैभव सूर्यवंशी ने बड़ा धमाका कर दिया है. 13 मैचों में 579 रन बनाकर वह IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं और फिलहाल ऑरेंज कैप उन्हीं के सिर पर सजी है. खास बात यह है कि उनका स्ट्राइक रेट 236.32 का है, जो टॉप रन स्कोरर्स में सबसे ज्यादा है। 

    ये आंकड़े किसी वीडियो गेम जैसे लगते हैं, लेकिन वैभव इसे लगातार मैदान पर सच साबित कर रहे हैं. IPL 2026 में अब तक उनके बल्ले से 53 छक्के निकल चुके हैं, जो किसी भी T20 टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा हैं. उनसे आगे सिर्फ यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल हैं, जिन्होंने IPL 2012 में 59 छक्के लगाए थे. यानी अब वैभव और इतिहास के बीच सिर्फ 7 छक्कों की दूरी बची है। 

    क्रिस गेल का 2012 वाला IPL सीजन आज भी T20 क्रिकेट के सबसे विस्फोटक सीजन में गिना जाता है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेलते हुए गेल ने उस सीजन 15 मैचों में 733 रन बनाए थे और पूरे टूर्नामेंट में 59 छक्के जड़ दिए थे. यही IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है, जिस पर अब वैभव सूर्यवंशी की नजर टिक चुकी है। 

    सबसे खास बात यह है कि वैभव की बल्लेबाजी में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि स्वाभाविक आक्रामकता और असाधारण टाइमिंग दिखाई देती है. कई युवा बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के चक्कर में तकनीक खो देते हैं, लेकिन वैभव के खेल में संतुलन है. वह सिर्फ स्लॉग नहीं करते, बल्कि गेंदबाज की लाइन-लेंथ पढ़कर उसे मानसिक दबाव में डाल देते हैं. यही वजह है कि दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाज भी उनके सामने अपनी योजना बदलने को मजबूर हो रहे हैं। 

    लखनऊ के खिलाफ उनकी पारी इसका सबसे बड़ा उदाहरण थी. शुरुआत से ही उन्होंने संकेत दे दिया था कि वह मैच को लंबा नहीं खींचेंगे. पावरप्ले में जिस तरह उन्होंने तेज गेंदबाजों को पुल और फ्लिक से निशाना बनाया, उसने विपक्षी कप्तान की रणनीति बिगाड़ दी. स्पिनर्स आए तो वैभव ने कदमों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें लॉन्ग ऑन और मिडविकेट के ऊपर से उड़ाना शुरू कर दिया. उनकी बल्लेबाजी में डर बिल्कुल नहीं दिखता. यही निडरता उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है। 

    आज के दौर में T20 क्रिकेट सिर्फ रन बनाने का खेल नहीं रह गया है, बल्कि मनोरंजन का सबसे बड़ा मंच बन चुका है. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी किसी फ्रेंचाइजी के लिए सोने की खान साबित होते हैं. वह क्रीज पर आते ही मैच का टेंपो बदल देते हैं. स्टेडियम में शोर बढ़ जाता है, टीवी TRP ऊपर चली जाती है और सोशल मीडिया पर क्लिप्स वायरल होने लगती हैं.यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें IPL 2026 का सबसे रोमांचक खिलाड़ी बता रहे हैं। 

    राजस्थान रॉयल्स के लिए भी वैभव किसी वरदान से कम नहीं रहे. टीम ने इस सीजन कई करीबी मुकाबले जीते हैं और लगभग हर बड़ी जीत में वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी निर्णायक रही है. उनका प्रभाव सिर्फ स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं है. जब एक बल्लेबाज 15-20 गेंदों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता हो, तो विपक्षी टीम शुरुआत से दबाव में आ जाती है. यही मानसिक बढ़त राजस्थान को बाकी टीमों से अलग बना रही है। 

    वैभव की तुलना अब क्रिस गेल जैसे दिग्गजों से होने लगी है. हालांकि दोनों की शैली अलग है. गेल ताकत और लंबे छक्कों के लिए मशहूर थे, जबकि वैभव की बल्लेबाजी में आधुनिक T20 क्रिकेट की गति, एंगल और इनोवेशन दिखता है. वह रैंप शॉट भी खेलते हैं, पिकअप पुल भी लगाते हैं और स्पिनर्स के खिलाफ अंदर-बाहर दोनों तरफ से छक्के मार सकते हैं. यही बहुमुखी प्रतिभा उन्हें भविष्य का ग्लोबल T20 स्टार बना सकती है। 

    दिलचस्प बात यह है कि वैभव की उम्र को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है. इतनी कम उम्र में इस स्तर का आत्मविश्वास और मैच अवेयरनेस बेहद दुर्लभ मानी जाती है. आमतौर पर युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर दबाव में आ जाते हैं, लेकिन वैभव जितना बड़ा मंच होता है, उतना ही खतरनाक खेलते नजर आते हैं. यही सुपरस्टार खिलाड़ियों की पहचान होती है। 

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वैभव सूर्यवंशी क्रिस गेल का 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए जवाब ‘हां’ की तरफ झुकता नजर आता है. राजस्थान रॉयल्स अगर प्लेऑफ में पहुंचती है, तो उनके पास रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पर्याप्त मैच होंगे. और जिस लय में वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं, वहां 7 छक्के कोई बड़ी दूरी नहीं लगती। 

    लेकिन आंकड़ों और रिकॉर्ड्स से परे, वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है. लोग अब सिर्फ राजस्थान रॉयल्स का मैच नहीं देखते, बल्कि वैभव की बल्लेबाजी देखने के लिए टीवी ऑन करते हैं. यही किसी खिलाड़ी की असली स्टार वैल्यू होती है। 

    IPL 2026 में कई बड़े नाम खेले, कई कप्तानों ने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा रोमांच पैदा किया, वह वैभव सूर्यवंशी हैं. अगर उनका बल्ला इसी तरह गरजता रहा, तो आने वाले दिनों में सिर्फ गेल का रिकॉर्ड ही नहीं टूटेगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को एक नया ग्लोबल सुपरस्टार भी मिल सकता है। 

  • क्या ईरान संकट ट्रंप की कुर्सी पर पड़ेगा भारी? अपनों की बगावत ने बढ़ाई मुश्किलें

    क्या ईरान संकट ट्रंप की कुर्सी पर पड़ेगा भारी? अपनों की बगावत ने बढ़ाई मुश्किलें

    वाशिंगटन 

    अमेरिका की सीनेट में  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा. ईरान युद्ध को सीमित करने वाले प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान उसके ही चार सांसदों ने अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर डेमोक्रेट्स का साथ दे दिया. यह प्रस्ताव वॉर पॉवर्स एक्ट के तहत राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करने से जुड़ा है. सीनेट में यह प्रस्ताव 50-47 वोटों से पास हुआ, जिसमें तीन रिपब्लिकन सांसद वोटिंग में शामिल नहीं हुए. रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल, सुसान कॉलिन्स, लिसा मर्कोव्स्की और बिल कैसिडी ने ट्रंप के खिलाफ वोट किया, वहीं डेमोक्रेट सांसद जॉन फेटरमैन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। 

    ये सिर्फ एक राजनीतिक एजेंडा नहीं था, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बुरा संकेत भी है. अब तक सिर्फ बयान आ रहे थे लेकिन इसे ट्रंप के खिलाफ उनकी ही पार्टी की ओर से एक दुर्लभ सार्वजनिक नाराजगी माना जा रहा है. अब तक रिपब्लिकन पार्टी और उसके समर्थक ईरान युद्ध में ट्रंप के साथ खड़े रहे हैं, लेकिन 81 दिन से जारी इस युद्ध का कोई स्पष्ट समाधान नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में पार्टी के भीतर भी नाराजगी नजर आने लगी है। 

    ट्रंप को हटाने के लिए 25वें संशोधन की भी मांग
    मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच कई बार ऐसे सवाल भी उठे हैं कि क्यों उन्हें संविधान का सहारा लेकर हटा न दिया जाए? डेमोक्रेट्स ने 25वें संशोधन की मांग की और डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी कई बार ये कह चुके हैं कि उपराष्ट्रपति और कैबिनेट को तुरंत 25वें संशोधन की धारा 4 लागू करनी चाहिए.अमेरिका के कई सांसद और नेता कह रहे हैं कि ट्रंप का ईरान युद्ध को लेकर बार-बार शब्द बदलना, रणनीति बदलना और यह गाली भरा पोस्ट लिखना, उनके मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाता है. ईरान युद्ध में हजारों मौतें हो चुकी हैं और ट्रंप लगातार पूर्ण हवाई नियंत्रण का दावा करते हैं, लेकिन ईरानी हमले खत्म नहीं हो रहे. ऐसे में लोग चिंतित हैं कि राष्ट्रपति का यह व्यवहार देश और दुनिया के लिए खतरा बन सकता है। 

    कैसे जा सकती है ट्रंप की कुर्सी?
    इस सवाल का सीधा जवाब है – 25वां संशोधन और उसकी धारा 4. यह अमेरिकी संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की हत्या के बाद पास किया गया. इसका मकसद होता है – अगर राष्ट्रपति मर जाए, इस्तीफा दे दे, हटा दिया जाए या अक्षम हो जाए तो उपराष्ट्रपति को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया तय करना. इसकी धारा 4 की मांग की जा रही है। 

    धारा 4: यह सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत (15 में से 8) को अधिकार है कि वे लिखित रूप से घोषणा करें कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ हैं. इसके बाद उपराष्ट्रपति तुरंत एक्टिंग राष्ट्रपति बन जाता है. अगर राष्ट्रपति कहे कि वह ठीक है तो 4 दिन में कैबिनेट और उपराष्ट्रपति को कांग्रेस में दो-तिहाई बहुमत से साबित करना पड़ता है। 

  • केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल का असर, पंजाब के अस्पतालों में उमड़ी भारी भीड़

    केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल का असर, पंजाब के अस्पतालों में उमड़ी भारी भीड़

    लुधियाना.

    लुधियाना में बुधवार को केमिस्टों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे आम लोगों और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में दवा दुकानों के शटर गिरे दिखाई दिए और दवाइयां खरीदने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।

    सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जिन्हें रोजाना नियमित दवाइयों की आवश्यकता रहती है। कई बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन एक मेडिकल स्टोर से दूसरे मेडिकल स्टोर तक भटकते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें काफी दूर तक जाकर खुली दवा दुकानों की तलाश करनी पड़ी। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और संबंधित विभागों द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इसी के विरोध में यह हड़ताल की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

    सिविल अस्पताल के अंदर खुली दुकानें
    हालांकि राहत की बात यह रही कि सिविल अस्पताल और सीएमसी अस्पताल के भीतर संचालित फार्मेसियां खुली रहीं। वहां मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती रहीं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों और बाह्य रोगी विभाग में आने वाले लोगों को इससे काफी राहत मिली। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास किए गए, ताकि मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो।

    मोगा में ऑनलाइन दवा नीति के खिलाफ केमिस्टों का हल्लाबोल –
    ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की ओर से घोषित देशव्यापी हड़ताल के दौरान बुधवार को मोगा डिस्टिक केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले की करीब 800 होलसेल व रिटेल दवा दुकानें बंद रखी गई। हड़ताल को लेकर जिले भर के केमिस्ट मोगा के सिविल अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए इस दौरान सभी ने केंद्र सरकार की गलत पॉलिसी और पंजाब सरकार के नियमों में बदलाव न करने के चलते रोष जताया। इस दौरान सिविल अस्पताल में दवाई लेने वाले आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मोगा डिस्ट्रिक्ट कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद व संजीव कुमार मिन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई ऑनलाइन स्कीम योजना उनके कारोबार के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है, क्योंकि कोविड़ काल के दौरान केंद्र सरकार ने ऑनलाइन दवाई सप्लाई करने को लेकर प्रस्ताव पारित किया था।

    कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा
    लेकिन कोविड़ खत्म होने के बाद उस प्रस्ताव को रद नहीं किया गया। जिसके कारण उनका कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी कंपनियां ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां 40 प्रतिशत तक कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे स्थानीय मेडिकल स्टोर और दवा सप्लायरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। हड़ताल के दौरान एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद बताया कि ऑनलाइन कंपनियों को ज्यादा कमीशन दिया जाता है। इससे छोटे दुकानदार आर्थिक दबाव में आ गए हैं।

    यही नही ड्रग विभाग की गाइडलाइन बहुत सख्त है ऑनलाइन की आड़ में प्रतिबंधित दवाइया सप्लाई की जा रही हैं। लेकिन ऑनलाइन सप्लाई करने वाले कारोबारी पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती है। अगर लोकल केमिस्ट कोई प्रतिबंधित दवाई बेचता है तो उसके खिलाफ ड्रग विभाग कार्रवाई कर देता है। इस मौके पर समस्त एग्जीक्यूटिव के सदस्य मौजूद थे।

  • इटली की सड़कों पर छाई ‘मेलोडी’, PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात ने बटोरी सुर्खियां

    इटली की सड़कों पर छाई ‘मेलोडी’, PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात ने बटोरी सुर्खियां

    नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के अहम कूटनीतिक दौरे के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे। रोम पहुंचने पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद खास अंदाज में उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने डिनर के बाद रोम के ऐतिहासिक 'कोलोसियम' का एक साथ दौरा किया है। इसके बाद, सोशल मीडिया पर एक बार फिर 'मेलोडी' (Meloni+Modi = Melodi) ट्रेंड कर रहा है।

    तस्वीरों में 'मेलोडी' का खास अंदाज
    पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इन तस्वीरों को शेयर किया है। इन खास तस्वीरों में भारत-इटली की मजबूत होती दोस्ती और दोनों नेताओं के बीच की सहजता साफ देखी जा सकती है। पहली दो तस्वीरों में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी एक बालकनी से रोम शहर के खूबसूरत नजारों को निहारते और गहरी बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी अपने चिर-परिचित नीले रंग के लिबास में हैं, जबकि मेलोनी पीच रंग के खूबसूरत और सौम्य परिधान में हैं।

    एक तस्वीर में दोनों नेता कार की पिछली सीट पर बैठे हैं और कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे हैं। यह तस्वीर दोनों के बीच की बेहतरीन व्यक्तिगत बॉन्डिंग को दर्शाती है।

    कोलोसियम का ऐतिहासिक नजारा: एक अन्य तस्वीर रात के समय की है, जहां दोनों नेता रोम की सबसे भव्य और प्राचीन इमारत 'कोलोसियम' के सामने खड़े होकर पोज दे रहे हैं।

    पीएम मोदी ने क्या कहा?
    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "रोम में उतरने के बाद, मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद मैंने मशहूर कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। आज होने वाली हमारी बातचीत का मुझे बेसब्री से इंतजार है, जिसमें हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत बनाने के विषय पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।"

    मेलोनी ने क्या कहा?
    जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोम पहुंचने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर पीएम मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “वेलकम टू रोम, माय फ्रेंड!"

    पहले भी वायरल हुईं मोदी-मेलोनी की तस्वीरें
    यह पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हों। इससे पहले साल 2023 में दुबई में हुए COP28 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी की 'Good friends at COP28' वाली सेल्फी काफी वायरल हुई थी।

    वहीं, साल 2024 में इटली के अपुलिया में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान 'मेलोडी टीम की तरफ से हैलो' वीडियो ने भी दुनियाभर में चर्चा बटोरी थी।

    दोनों नेताओं की यह आठवीं मुलाकात
    विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साल 2023 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच यह आठवीं मुलाकात है। मार्च 2023 में मेलोनी की भारत यात्रा और जी-20 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी ने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी थी।

     

    पीएम मोदी और मेलोनी का संदेश
    इन पलों को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "रोम में उतरने के बाद, प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ डिनर पर मुलाकात का अवसर मिला, जिसके बाद ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। आज होने वाली हमारी वार्ता को लेकर उत्सुक हूं, जहां हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत करने के तरीकों पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।

    वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी के साथ की तस्वीर साझा करते हुए गर्मजोशी से लिखा- रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त! इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है जहां पीएम मेलोनी पीएम मोदी को रोम शहर के बारे में बता रही हैं।

    आज की द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा
    यह यात्रा केवल इन शानदार तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने का एक बड़ा अवसर है। ताज़ा जानकारियों के अनुसार, आज होने वाली आधिकारिक मुलाकातों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

    रणनीतिक साझेदारी (2025-2029): दोनों देश 'जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029' की समीक्षा करेंगे। इसके तहत व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जाएगा। (आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16.77 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है)।

    IMEC पर जोर: इस द्विपक्षीय वार्ता में 'भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे' (IMEC) को लेकर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।

    FAO मुख्यालय का दौरा: पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र के 'खाद्य और कृषि संगठन' (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा और बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    राष्ट्रपति से मुलाकात: पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे।

    प्रवासी भारतीयों द्वारा भव्य स्वागत
    रोम पहुंचने पर पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने बेहद शानदार स्वागत किया। इस दौरान इतालवी कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत (राग हंसध्वनि) और कथक नृत्य प्रस्तुत किया। पीएम मोदी ने बच्चों को ऑटोग्राफ दिए, वाराणसी के घाटों की एक पेंटिंग देखी और भारतीय मूल के लोगों से खास बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने 'सनातन धर्म संघ' की इटली में आधिकारिक मान्यता को लेकर आध्यात्मिक गुरुओं से भी मुलाकात की।

    यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के सफल दौरे के बाद, इटली में पीएम मोदी का यह स्वागत भारत की मजबूत होती वैश्विक पकड़ और इटली के साथ गहरी होती साझेदारी का एक स्पष्ट संकेत है। इन तस्वीरों ने कूटनीति के साथ-साथ दो वैश्विक नेताओं की व्यक्तिगत दोस्ती को भी बखूबी बयां किया है।