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  • मध्यप्रदेश और रूसी गणराज्य तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग को मिलेगा नया आयाम

    मध्यप्रदेश और रूसी गणराज्य तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग को मिलेगा नया आयाम

    भोपाल 

    दुबई विजिट- दूसरा दिन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई प्रवास के दौरान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख (रईस) महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश और तातारस्तान के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को प्रगाढ़ करना, सेक्टर-विशिष्ट रणनीतिक साझेदारियों की पहचान करना तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (GIS) में तातारस्तान की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव को मध्यप्रदेश की समृद्ध औद्योगिक क्षमताओं और निवेश अनुकूल वातावरण से अवगत कराते हुए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। तातारस्तान के प्रमुख ने इस निमंत्रण का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि वे एक सशक्त निवेशक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ समिट में भाग लेंगे तथा राज्य में निवेश की ठोस संभावनाओं को आगे बढ़ाएंगे।

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, कृषि एवं इनोवेशन-आधारित आधुनिक तकनीकों में सहयोग पर विस्तृत विमर्श हुआ। भारत और तातारस्तान के प्रगाढ़ होते आर्थिक संबंधों के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश के साथ बीटूबी और जीटूजी स्तर पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

    तातारस्तान की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और राज्य के व्यापारिक प्रतिनिधियों को “टाइम: रूस–भारत” फोरम तथा संबंधित प्रदर्शनी में सहभागिता के लिये आमंत्रित किया गया। बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय बिजनेस मिशन आयोजित करने, संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं को धरातल पर उतारने और त्वरित समन्वय के लिए अधिकृत नोडल ऑफिसर्स को नामित करने पर भी सहमति व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी से की वन-टू-वन मीटिंग

    मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ उच्च स्तरीय वन-टू-वन बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों के बीच भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (India-UAE CEPA) के तहत गैर-तेल व्यापार, उन्नत प्रौद्योगिकी, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला और सीमा-पार निवेश को गति देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

    मध्यप्रदेश को यूएई निवेशकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में किया पेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों और आदर्श निवेश गंतव्य की विशेषताओं से अवगत कराया, जिनमें रणनीतिक केंद्रीय अवस्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि और स्थापित अवसंरचना को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख बाजारों तक सीधी और सुगम पहुंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और सिंगल विंडो सुविधा का उल्लेख करते हुए यूएई निवेशकों को समयबद्ध राज्य-स्तरीय सहायता का पूर्ण भरोसा दिलाया।

    प्राथमिकता वाले सेक्टर्स और खाद्य प्रसंस्करण में साझेदारी का आह्वान

    बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा हुई, जिनमें विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन, नवकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्ट विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूड पार्क, मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा और निर्यात प्लेटफॉर्म्स के विकास में यूएई की सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया न्योता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया। यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री ने इस आमंत्रण को स्वीकारते हुए आश्वस्त किया कि वे यूएई के प्रमुख निवेशकों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ सहभागिता करेंगे।

    अगला कदम: 3 माह में समीक्षा और नोडल ऑफिसर की नियुक्ति

    द्विपक्षीय संबंधों और औद्योगिक साझेदारी को व्यावहारिक रूप देने के लिए 5 से 10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान करने और संयुक्त समीक्षा व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति बनी। इसके तहत 'मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल' का आयोजन किया जाएगा तथा चयनित परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे, जिनकी पहली प्रगति समीक्षा तीन माह के भीतर सुनिश्चित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व बैंक के उपाध्यक्ष से की उच्च स्तरीय बैठक

    प्रदेश में एआई परियोजनाओं के लिए फंडिंग पर हुआ संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एआईएम कांग्रेस-2026' सम्मेलन के दौरान विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई (Digital and AI) मामलों के वाइस प्रेसिडेंट  सांगबु किम तथा उनकी टीम के साथ बैठक की।

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच मध्यप्रदेश में डिजिटल और तकनीकी विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस संवाद में विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार की नीतियों के तहत संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल गवर्नेंस से संबंधित परियोजनाओं में फंडिंग और वित्तीय सहयोग देने में रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में उभरती तकनीकों, नवाचार और निवेश के अनुकूल वातावरण की जानकारी साझा करते हुए राज्य के विकास में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री निवेश की संभावनाओं पर हुई बैठक

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई स्थित अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय में यूएई कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एचई अल मर्री को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS) में सहभागिता के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने आश्वस्त किया कि होटल एवं हॉस्पिटैलिटी इंवेस्टमेंट के क्षेत्र में संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए दुबई से एक विशेष निवेश प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मध्यप्रदेश का दौरा करेगा।

    प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और नीतिगत सहयोग पर गहन विमर्श

    उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के मध्य खनन (माइनिंग), टेक्सटाइल, वन (फॉरेस्ट) एवं पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियों, भूमि स्वामित्व नियमों, श्रम सुधारों और विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध सुरक्षा तंत्र (प्रोटेक्शन मैकेनिज्म) से अवगत कराया। उन्होंने राज्य में पहले से सक्रिय यूएई कंपनियों के सकारात्मक अनुभवों को साझा करते हुए नए निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की नई एविएशन पॉलिसी के प्रमुख प्रावधानों को रेखांकित किया। एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री, जो यूएई की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं, ने सिविल एविएशन मंत्री के रूप में भरोसा दिलाया कि वह मध्यप्रदेश और यूएई के मध्य एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार में पूरा सहयोग करेंगे। इस कदम से दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक आवागमन को उल्लेखनीय गति मिलेगी।

    हट्टा इकोनॉमिक ज़ोन और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन मॉडल पर विमर्श

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के 'हट्टा इकोनॉमिक ज़ोन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (Hatta Economic Zone Development Project) और विशेष औद्योगिक पार्कों के विकास मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भी आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर व विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके साथ ही, 'दुबई फ्यूचर फाउंडेशन' के सीईओ के रूप में एचई अल मर्री ने मध्यप्रदेश में भी इसी प्रकार के नवाचार और भविष्योन्मुखी फाउंडेशन स्थापित करने की दिशा में तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

     

  • ‘गिरिबाला के क्लासमेट ने किया पोस्टमार्टम…’ ट्विशा शर्मा केस में वकील ने रिपोर्ट पर खड़े किए सवाल

    ‘गिरिबाला के क्लासमेट ने किया पोस्टमार्टम…’ ट्विशा शर्मा केस में वकील ने रिपोर्ट पर खड़े किए सवाल

    भोपाल

    भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत (Twisha Sharma Case) मामले में बड़ी उलझन सामने आई है। बीत दिनों ट्विशा केस में सीबीआइ ने चार्जशीट पेश कर दी है लेकिन ट्विशा पक्ष के वकील अंकुर पांडेय ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आई दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण को लेकर एकमत हैं। शरीर पर मिली चोटों की वजह को लेकर भोपाल एम्स और दिल्ली एम्स की रिपोर्ट में बड़ा अंतर सामने आया है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनी आधार
    सीबीआइ के कोर्ट में पेश किए गए को अंतिम निष्कर्ष में एम्स दिल्ली की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रमुख आधार बनाया गया है। वकील अंकुर पांडेय ने विरोध करते हुए कहा कि शुरुआती पोस्टमार्टम में शरीर पर सात एंटी-मॉर्टम चोटें, यानी मौत से पहले लगी चोटें दर्ज की गई थीं। 18 मई एम्स भोपाल ने एसीपी मिसरोद को भेजे जवाब में इन चोटों का अलग-अलग परीक्षण किया था। इसमें गर्दन पर मिले दो छोटे लाल निशान फंदे के रगड़ने या खिसकने से बने हो सकते है। ये नाखून या उंगलियों के दबाव के निशान नहीं थे। वहीं बाएं हाथ और कलाई पर मिले नीले निशान एक से तीन दिन पुराने बताए गए थे।

    पहले पोस्टमार्टम में यह भी दर्ज
    वकील का दावा है कि पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कलाई और उंगलियों पर कुछ चोटें ताजा थीं और मौत से कुछ समय पहले लगी प्रतीत हुईं। एम्स भोपाल ने इन चोटों के किसी संघर्ष या हाथापाई के दौरान लगने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ये चोटें मौत से पहले की थीं, इसलिए शव को उतारने या बाद में ले जाने के दौरान नहीं लग सकतीं।

    क्लासमेट्स ने किया पोस्टमार्टम
    ट्विशा की मां ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी बेटी कोई गलत कदम नहीं उठा सकती है। सास गिरिबाला ने उससे कहा था कि अगर तुम यहां से गई तो कोई तुमसे बात नहीं करेगा। न ही तुम वापस आ पाओगी। आगे उन्होंने कहा कि दूसरी पोस्टमर्टम रिपोर्ट गिरिबाला के क्लासमेट ने की थी इसलिए रिपोर्ट में कोई खुलासा नहीं हुआ है।

    दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले जैसी
    जानकारी के लिए बता दें कि ट्विशा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पहले ही जैसी है। दोनों पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना बताया गया। एम्स दिल्ली की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानसिक क्रूरता का आरोप चार्जशीट का मुख्य आधार है। वहीं दहेज की मांग और दहेज मृत्यु के पहलू की आगे जांच जारी है। ट्विशा का आईफोन, घर के डीवीआर और आरोपियों की आवाज के फोरेंसिक परीक्षण भी कई बड़े राज खोल सकते हैं।

    ये है पूरा मामला
    जानकारी के लिए बता दें कि ट्विशा शर्मा की 12 मई को मौत हुई थी। शव कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित ससुराल में मिला था। पिता और मायके पक्ष की शिकायतों पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। जांच सीबीआइ को सौंपी गई। तब से गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह केंद्रीय जेल में बंद हैं।

  • सितंबर में बजेगा पंजाब चुनाव 2027 का बिगुल? बड़े नेताओं के दौरे से बढ़ेगा सियासी पारा

    सितंबर में बजेगा पंजाब चुनाव 2027 का बिगुल? बड़े नेताओं के दौरे से बढ़ेगा सियासी पारा

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर सियासी तौर पर बेहद अहम रहने वाला है। प्रदेश में एक के बाद एक बड़े केंद्रीय नेताओं के दौरे से चुनावी माहौल गरमाने के आसार हैं। 

    नशे के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी की यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पहुंचने की चर्चा है, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी 19 सितंबर के बाद पंजाब का दौरा कर सकते हैं।कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में सितंबर पंजाब की सियासत में शक्ति प्रदर्शन और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम होगा। 

    17 से भाजपा की चार यात्राएं
    भाजपा 17 सितंबर से नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर चार यात्राएं आयोजित करेगी। इसकी शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कर सकते हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इसके समापन कार्यक्रम के दौरान जालंधर में शामिल होने की संभावना है।

    दो यात्राएं मालवा क्षेत्र में होंगी जहां पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 69 हैं जबकि एक-एक यात्रा माझा और दोआबा क्षेत्रों में होगी। पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं जिसके लिए अभी से भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। इन यात्राओं में शाह के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्रियों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है इसलिए चार यात्राओं के दौरान आधे से ज्यादा केंद्रीय मंत्रियों का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

    19 से गरजेंगे राहुल
    इसी तरह 19 सितंबर के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी पंजाब आएंगे जो हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। साथ ही वह पंजाब कांग्रेस की तरफ से आयोजित की जाने वाली यात्रा में भी शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार 150 किलोमीटर की यह यात्रा चार दिन चल सकती है। अमृतसर के बाद यह यात्रा करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी जिसके जरिये पार्टी सूबे में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए काम करेगी।

    कांग्रेस के नए प्रभारी भी आएंगे पंजाब
    इसी तरह पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट भी अगले सप्ताह से पहले पंजाब आ सकते हैं जिनका कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। 7 और 8 सितंबर को पूर्व प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल का यहां आना तय था लेकिन इससे ठीक पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने प्रभारी बदल दिया। अब पार्टी जल्द पायलट का दौरा आयोजित करवाने की तैयारी कर रही है क्योंकि पंजाब कांग्रेस को पहले ही गुटबाजी का सामना करना पड़ रहा है।

    पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी के समर्थक इससे पहले खुलकर पार्टी कार्यक्रमों के दौरान चन्नी के समर्थन में आवाज बुलंद कर सकते हैं। अब पायलट के सामने प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करने की बड़ी चुनौती है। इससे पहले राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही खींचतान के दौरान पंजाब से सुखजिंदर सिंह रंधावा को 2022 में राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था और अब जब पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद चरणजीत चन्नी के बाद खींचतान की चर्चाओं का बाजार गर्म है तो सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    आप पंजाब ने भी बढ़ाई सूबे में गतिविधियां 
    आम आदमी पार्टी (आप) ने भी विधानसभा चुनाव से पहले ग
    तिविधियां बढ़ा दी हैं। सीएम भगवंत सिंह मान खुद भी अलग-अलग हलकों में जाकर लोक मिलनी कर रहे हैं। साथ ही मंत्रियों और पार्टी के नेताओं को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले दिनों आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के भी प्रदेश में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इस तरह शिअद ने भी सभी हलकों में रैलियों और बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।

     

  • कार पर पेड़ गिरने से मची चीख-पुकार, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत; परिवार के दो लोग घायल

    कार पर पेड़ गिरने से मची चीख-पुकार, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत; परिवार के दो लोग घायल

     इंदौर

     मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोमवार शाम को भारी बारिश के बीच एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सेंट्रल जेल के समीप मुख्य सड़क से गुजर रहे वाहनों पर अचानक एक विशाल पेड़ आ गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में कार सवार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की बुजुर्ग मां की जान चली गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
    मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराकर लौट रहा था परिवार, डेढ़ घंटे तक कार में दबे रहे लोग

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग महिला की पहचान 75 वर्षीया राधा देवी सिंघी के रूप में हुई है, जो हाल ही में मोतियाबिंद का इलाज कराकर लौट रही थीं। हादसे में उनकी भतीजी वैशाली जायसवाल (55) और पोते/भतीजे प्रखर सिंघी (25) घायल हो गए हैं। दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए पास के निजी गोकुलदास अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

     

  • तकनीक तेजी से जीवन बदल रही, डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता- योगी

    तकनीक तेजी से जीवन बदल रही, डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता- योगी

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को लिखी पाती

    शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं- सीएम योगी

    बच्चों के जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य- मुख्यमंत्री

    तकनीक तेजी से जीवन बदल रही, डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता- योगी

    ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष जोर

    प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली- मुख्यमंत्री

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस और आगामी अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी है। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर उन्हें राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाएगा।

    शिक्षा का उद्देश्य संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ना भी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के विद्यालय जाने का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन को सही दिशा देने वाली समझ प्रदान करना है। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरुकुल समग्र शिक्षा के केंद्र रहे हैं, जहां ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों और दायित्वबोध की शिक्षा दी जाती थी। यही भाव आज की शिक्षा व्यवस्था का भी आधार होना चाहिए। ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह जीवन को सरल बनाने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी साबित हो।

    तकनीक के दौर में डिजिटल और एआई साक्षरता जरूरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक तेजी से हमारे जीवन को बदल रही है। ऐसे में डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता है। एआई, डीप-टेक और उभरती प्रौद्योगिकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खोल रहे हैं। हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है। लखनऊ में एआई सिटी और कानपुर में ड्रोन एवं यूएवी तकनीक का विकसित होता पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश के तकनीकी भविष्य की नई संभावनाओं का आधार बन रहा है।

    शिक्षा की गुणवत्ता और कौशल विकास पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयी सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है। इन प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश के विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

    शिक्षा की यात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी यात्रा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे विद्यार्थियों में संस्कार, जिज्ञासा, अनुशासन, आत्मविश्वास और दायित्वबोध जगाते हैं तथा हमारी गौरवशाली ज्ञान-परंपरा को आधुनिक ज्ञान और नवाचार से जोड़ते हैं। 

    साक्षरता के संकल्प में समाज की भागीदारी जरूरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षरता का संकल्प समाज के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है, तो उसे साक्षर बनाना हम सभी का कर्तव्य है। किसी को पढ़ना-लिखना सिखाने का छोटा-सा प्रयास उसके जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास और अवसरों के नए द्वार खोल सकता है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर संकल्प लें कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े तथा हर नागरिक साक्षर होने के साथ डिजिटल ज्ञान और एआई के प्रति जागरूक बने।

  • दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है

    दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है।

    मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं।

    हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की।

    म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी

    यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल इंडिया में सप्लाई चेन को मजबूत करने और उसे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले दौरे में टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के लिए कॉरिडोर शुरू करने पर चर्चा हुई थी, इस पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा। हम मध्यप्रदेश के साथ वैश्विक निवेशकों और व्यापार को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आशा है कि आगामी जनवरी माह (जीआईएस 2027) में मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।

    मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है : उच्चायुक्त डॉ. मित्तल

    यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में मध्यप्रदेश ग्रोथ इंजन की भूमिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। यह वैश्विक स्तर पर जारी संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश का बड़ा योगदान है। मध्यप्रदेश कई वर्षों से अपनी जीडीपी को 12 प्रतिशत से ऊपर बरकरार रखे हुए है। तेजी से बढ़ती भारतीय इकोनॉमी में यूएई भी एक अहम साझेदार के दौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौते हुए हैं और पिछले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। यह दोनों देशों नेतृत्वकर्ताओं की प्रतिबद्धता और मजबूत हो रहे रिश्तों का परिचायक है। यूएई भारत के लिए द्विपक्षीय कारोबार वाले शीर्ष 3 देशों में शामिल है। यह हमारे लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। आज मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है।

    दुबई और मध्यप्रदेश के बीच सीईपीए के माध्यम से मजबूत होंगे आर्थिक संबंध : एसीएस  मंडलोई

    दुबई में आयोजित इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश निवेश सत्र में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियों और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि देश के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उत्पादों को बड़े उपभोक्ता बाजार तक कम समय में पहुंचाना संभव है। प्रदेश की जीएसडीपी वृद्धि दर पिछले पांच वर्षों में लगभग 12.7 प्रतिशत रही है। प्रस्तुतीकरण में खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल एवं परिधान, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन को निवेश के प्रमुख अवसरों के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने फूड से फार्म-टू-फैशन वैल्यू चेन, जैविक कपास, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब, आईसीडी, एमएमएलपी, नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण तथा खनिज संसाधनों में संभावनाओं की जानकारी दी। दुबई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापारिक अवसरों को सीईपीए के माध्यम से और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

    सत्र में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, नीतियों और आधारभूत संरचना पर आधारित ऑडियो विजुअल का प्रदर्शन किया गया। सत्र के अंत में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के सचिव  जॉन किंग्सली ने सभी निवेशकों और उद्योगपतियों का आभार जताया।

     

  • पर्यावरण संरक्षण में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग, जलवायु परिवर्तन पर उठाए प्रभावी कदम; राज्यमंत्री अहिरवार का बयान

    पर्यावरण संरक्षण में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग, जलवायु परिवर्तन पर उठाए प्रभावी कदम; राज्यमंत्री अहिरवार का बयान

    मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल हुई है : राज्यमंत्री अहिरवार

    अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग:एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपोर्ट का किया विमोचन

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कई उल्लेखनीय पहल की है। इंदौर में स्वच्छता, सतत् अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन क्रेडिट जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व स्थापित किया है। राज्य में लगभग 7.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण दिलीप सिंह अहिरवार ने भोपाल स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग-एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपेार्ट के कार्यक्रम विमोचन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, नवकरणीय ऊर्जा और हरित शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारा राज्य जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना तथा इलेक्ट्रिक वाहन एवं नवकरणीय ऊर्जा से संबंधित नीतियों में हमे एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

    राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि आज हम सभी मध्यप्रदेश के लिये एक स्वच्छ, स्वस्थ और जलवायु अनुकूल भविष्य पर सामूहिक विचार करने के लिये एकत्रित हुए है। स्वच्छ वायु दिवस को मनाने का उद्देश्य वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर पढ़ने वाले बूरे प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना है। हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना तथा सामूहिक भागीदारी द्वारा आम नागरिकों, औद्योगिक इकाईयों और विभिन्न शासकीय एवं निजी उपक्रमों को प्रदूषण न करने के लिये प्रेरित करना। उन्होंने प्रदेश के नॉन-CO2 उत्सर्जन की महत्वपूर्ण अध्ययन रिपोर्ट को तैयार करने के लिये जलवायु परिवर्तन केन्द्र, एप्कों की वैज्ञानिक टीम, इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, टेरी और सभी सहयोगी संस्थाओं और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।

    राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि स्वच्छ वायु और जलवायु परिवर्तन से निपटने की हमारी रणनीतियां एक दूसरे से जुड़ी हुई है। हम स्थानीय स्तर पर जो कदम उठाते है, उनका प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है। स्वच्छ हवा सबकी साझा धरोहर है। उन्होंने कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है हमें ऐसे वैज्ञानिक अध्ययनों की आवश्यकता है जो जिलेवार और क्षेत्रवार सटीक जानकारी उपलब्ध करायें। इससे हम अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बना सकें। मुझे विश्वास है कि आज प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट नीति निर्माताओं शोधकर्ताओं और विभिन्न विभागों के लिये एक उपयोग मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। हम सभी मिलकर इस महत्वपूर्ण रोडमेप को धरातल पर प्रभावी कार्यों में परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे और स्वस्थ, हरित तथा जलवायु-लचीले मध्यप्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    इस अवसर पर कार्यपालन संचालक एप्को हर्षल पंचोली ने कार्यक्रम का परिचय एवं स्वागत उद्बोधन दिया। पूर्व सदस्य सचिव केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. बी. सेनगुप्ता, वायु प्रदूषण नियंत्रण पर तकनीकी सत्र, जलवायु परिवर्तन एवं वायु गुणवत्ता, द एनर्जी एण्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट नई दिल्ली ने वायु प्रदूषण एवं जलवायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र और निदेशक विज्ञान कार्यक्रम, गेटवे रिसर्च निमीश सिंह ने ट्रांसबाउंड्री वायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र को संबोधित किया।

     

  • विदेशी आक्रमणों व औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबन व्यवस्था को कमजोर किया, लेकिन भारत के गांवों की आत्मा नहीं मिटी- सीएम

    विदेशी आक्रमणों व औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबन व्यवस्था को कमजोर किया, लेकिन भारत के गांवों की आत्मा नहीं मिटी- सीएम

    वेंकटचलम (नेल्लोर)

    स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया। गांवों की आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्थाओं पर इसका असर पड़ा, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई। स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय अलग राज्यों में होने के बावजूद समान सोच के साथ वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल भी हो और रूटेड भी, आधुनिक तकनीक से लैस हो, लेकिन हृदय में भारत, संस्कृति पर गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना रखती हो। तकनीक भेदभाव नहीं करती और नए भारत ने गांव की ताकत को नई तकनीक से जोड़ दिया है। सीएम ने वेंकैया नायडू को उत्तर व दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु बताया।

    मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों को बधाई दी। साथ ही ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू जी बहुआयामी व अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी हैं। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अपनी सरलता, सहजता और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता के बल पर पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। सार्वजनिक जीवन में ऐसा विराट व्यक्तित्व मिलना दुर्लभ है, जो दल और विचारधारा की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को समान रूप से साथ लेकर चले और जिसकी सर्वत्र स्वीकार्यता हो। राज्यसभा सभापति के रूप में दायित्वों के निर्वहन में यही व्यापक स्वीकार्यता दिखाई देती थी। उनका योगदान राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने तेलुगु संस्कृति, खान-पान और वेश-भूषा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2001 में एक व्यक्ति ने शासन में रहकर समाज सेवा की यात्रा प्रारंभ की थी, आज वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। उसी वर्ष समाज सेवा की एक और यात्रा शुरू हुई, जो स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रूप में हम सबके सामने है। 25 वर्ष बाद दोनों यात्राओं का लक्ष्य एक ही है- विकसित भारत। जब सरकार और समाज दोनों की दिशा एक हो, दोनों का संकल्प एक हो और दोनों लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करते हैं, तो अवश्य परिणाम आते हैं।

    भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव रहे हैं। सदियों तक गांव अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र रहे। वे उत्पादन, ज्ञान और जल संरक्षण के साथ ही कला-शिल्प के केंद्र रहे हैं तथा सामाजिक मूल्यों की मूल इकाई भी रहे हैं। कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार, स्थानीय संस्थाएं, सभी एक दूसरे से जुड़ी थीं। गांव की अर्थव्यवस्था एक सर्कुलर इकॉनमी थी। एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका बनता था। विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर का असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा। गांव की आत्मनिर्भरता कम हुई। स्थानीय संस्थाएं कमजोर हुईं और ग्रामीण भारत की विकास यात्रा पर आघात हुआ।

    सीएम ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चेतना की एक नई दिशा दी थी। उनका आह्वान था- 'बैक टू विलेज'। वे 'ग्राम स्वराज' के माध्यम से ऐसा गांव चाहते थे जो आत्मनिर्भर हो, स्वावलंबी हो, अपनी आवश्यकताओं के लिए सक्षम हो और अपने निर्णय स्वयं लेने में समर्थ हो। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वेंकैया नायडू जी ने 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की थी। ट्रस्ट ने स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा से लेकर किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर विद्यालयों एवं ब्रिज स्कूलों तक विभिन्न क्षेत्रों में अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

    इकोसिस्टम से बाहर बच्चों को वापस शिक्षा में लाना महत्वपूर्ण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूल के माध्यम से स्वर्ण भारत ट्रस्ट वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा, भोजन, पुस्तकें, ड्रेस और आवास की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। अक्षरा विद्यालय और स्वर्ण भारती विद्या मंदिर जैसे संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण व बीपीएल परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का भी अभिनव कार्य हो रहा है। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में भी श्रमिकों के बच्चों के लिए 18 मंडल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों को भी इन विद्यालयों में शिक्षा व आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ये निःशुल्क आवासीय विद्यालय हैं, जहां आधी सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं।

    पुराने हुनर को दिया नया बाजार

    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कोई न कोई पारंपरिक हुनर मौजूद है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी इसकी मिसाल हैं। पीढ़ियों से इस हुनर को आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के पास आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की। हर जिले के एक प्रमुख उत्पाद को चिन्हित कर उसके कारीगरों को डिजाइन प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट, आसान बैंक ऋण तथा मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का मंच उपलब्ध कराया गया। ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट दिए गए। इसका परिणाम है कि इनका हुनर निर्यात तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल हो गया है। हमने कारीगर को नया हुनर नहीं सिखाया, बल्कि उसके पुराने हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है।

    गांव की बेटियों को मिला गांव में रोजगार

    मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट की ग्रामीण महिलाओं के लिए संचालित प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं के लिए अलग आवास की व्यवस्था भी है। जब तक व्यवस्था सुरक्षित नहीं होती, तब तक परिवार अपनी बेटी को बाहर नहीं भेजता। उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से महिलाओं को ‘बीसी सखी’ के रूप में तैयार किया गया। उन्हें प्रशिक्षण और डिजिटल डिवाइस देकर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया। अब गांव के बुजुर्गों व अन्य लोगों को बैंकिंग सेवाएं घर पर मिल रही हैं और ये काम उसी गांव की बेटियां कर रही हैं। उन्हें अच्छी आय भी हो रही है। गोवंश संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल बनाए गए हैं। निराश्रित गोवंश को पालने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।

    इंसेफेलाइटिस उन्मूलन में मिली सफलता
    सीएम योगी ने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस यानी दिमागी बुखार के कारण हर वर्ष मध्य जुलाई से मध्य नवंबर तक हजारों मौतें होती थीं। गोरखपुर से सांसद रहते हुए उन्होंने इस समस्या के खिलाफ लगातार आवाज उठाई और आंदोलन किया, लेकिन समाधान नहीं निकल पा रहा था। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत हुई। वेंकैया नायडू जी उस कैबिनेट के महत्वपूर्ण सदस्य थे। ‘हर घर शौचालय’ के लक्ष्य के साथ उत्तर प्रदेश में ‘दस्तक अभियान’ चलाकर घर-घर जागरूकता पहुंचाई गई। इसके परिणामस्वरूप दशकों से हजारों लोगों की जान लेने वाली इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह नियंत्रित करने और उसके उन्मूलन में सफलता मिली।

    तकनीक नहीं करती भेदभाव

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक का युग है और तकनीक का सबसे बड़ा गुण यह है कि वह भेदभाव नहीं करती। प्रधानमंत्री जी ने तकनीक का प्रभावी उपयोग कर महिला और ग्रामीण सशक्तीकरण को नई गति दी है। जनधन खातों और डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और यह सुनिश्चित हुआ है कि योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। आज लगभग 60 करोड़ भारतवासी जनधन खातों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं और करोड़ों परिवारों को वित्तीय समावेशन का लाभ मिल रहा है। डिजिटल लेन-देन के मामले में भारत पूरी दुनिया को राह दिखा रहा है। इसका लाभ दुकानदार, महिला, अन्नदाता किसान सभी को मिल रहा है। योजनाओं का लाभ उस गरीब परिवार को मिल रहा है, जिसे बिना बिचौलियों के पक्के मकान के लिए सरकारी सहायता मिल रही है।

    समारोह में ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, आंध्र प्रदेश सरकार के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पी. नारायणा, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री वाई. सत्य कुमार यादव, बीजेपी आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष पी.बी.एन. माधव, राज्यसभा सांसद बीडा मस्तान राव, स्वर्ण भारत ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. कामिनेनी श्रीनिवास, आंध्र प्रदेश विधानसभा के विधायक सोमीरेड्डी चंद्रमोहन रेड्डी, स्वर्ण भारत ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी दीपा वेंकट, पुष्पा बरपु फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी एम. हर्षवर्धन आदि उपस्थित थे।

  • CM मोहन यादव का ग्लोबल इन्वेस्टर्स को न्योता, Dubai AIM Congress 2026 में बोले- मध्यप्रदेश में निवेश के अपार अवसर

    CM मोहन यादव का ग्लोबल इन्वेस्टर्स को न्योता, Dubai AIM Congress 2026 में बोले- मध्यप्रदेश में निवेश के अपार अवसर

    दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता

    मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    वैश्विक बाजारों और नए निवेश की संभावनाओं का विस्तार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया भर के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है और मजबूत कनेक्टिविटी, विकसित औद्योगिक आधार तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को हर स्तर पर पूरा प्रशासनिक सहयोग मिलेगा और सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच पारंपरिक निवेश से आगे बढ़कर वैश्विक नवाचार, आर्थिक साझेदारी और नए अवसरों का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक परिस्थितियां, आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित विकास आज निवेश की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में सतत और समावेशी भविष्य के लिए वैश्विक समृद्धि के नए निवेश मार्ग इस आयोजन की थीम बेहद प्रासंगिक है।

    भारत-यूएई संबंधों को नई आर्थिक ऊर्जा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध आज अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच बने गहरे विश्वास ने दोनों देशों के संबंधों को नई रणनीतिक और आर्थिक ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते सीईपीए ने व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और वर्ष 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उन्हें हर स्तर पर पूर्ण प्रशासनिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपकी फाइलें सरकारी दफ्तरों की डेस्क पर इंतजार नहीं करेंगी, सरकार स्वयं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यूएई और दुनिया भर के निवेशकों को खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्री-बिजनेस, टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स, फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

    कृषि और फूड प्रोसेसिंग में बड़ी संभावना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं में अनेक समानताएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश यूएई और पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए विश्वसनीय और दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदार बन सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन, गेहूं, दालों, मक्का, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के साथ प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खाड़ी क्षेत्र एक बड़ा और स्थायी बाजार बन सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रदेश के कृषि उत्पादों को जोड़ने से किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज के बेहतर मूल्य मिल सकते हैं। इसके साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग में निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    चंदेरी-महेश्वरी से वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन तक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट निर्माण से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्र ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाईटेक विनिर्माण के मजबूत आधार बन चुके हैं। ऑप्टिकल फाइबर और उन्नत विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और मजबूत हुई है।

    एआईएम कांग्रेस से मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक म.प्र. की पहुंच

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूएई केवल मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंचने का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। वहीं मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विकसित औद्योगिक क्षेत्र और बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनाते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के दौरान दुबई के बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने से स्थानीय कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे।

    अरब संसद अध्यक्ष से भी हुई अहम चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात कर अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद अहमद अल यामाही और उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

    एआईएम कांग्रेस से मध्यप्रदेश के लिए वैश्विक बाजारों और नए निवेश के रास्ते होंगे मजबूत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और यूएई की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारस्परिक समृद्धि और साझा भविष्य की साझेदारी है। भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुंबकम् के भाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूएई सरकार, वहां के व्यापारिक संगठनों और दुनिया भर के निवेशकों से मध्यप्रदेश आने और नई आर्थिक साझेदारी की शुरुआत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निवेश को विकास और विकास को जनकल्याण से जोड़ते हुए मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश, विनिर्माण और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए मिलकर काम करना है।

     

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    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात प्रवास के दौरान इथियोपिया के राष्ट्रपति महामहिम ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ भारत-इथियोपिया आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रदेश में वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर लगातार विकसित किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के उद्योग एवं व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ साझेदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    भारत-इथियोपिया आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर

    मुलाकात के दौरान भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने तथा मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच निवेश एवं व्यावसायिक सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।