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  • यूपी फतह के लिए BJP की नई रणनीति, तावड़े ने बूथ मजबूत करने और हर जाति को साधने का दिया मंत्र

    यूपी फतह के लिए BJP की नई रणनीति, तावड़े ने बूथ मजबूत करने और हर जाति को साधने का दिया मंत्र

       लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने सत्ता की हैट्रिक लगाने का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान मिशन-2027 के लिए पार्टी के रणनीतिक खाके यानी ब्लूप्रिंट की नींव रखी. बिना किसी भारी तामझाम और सादगी के साथ लखनऊ पहुंचे तावड़े ने जीत की हैट्रिक लगाने के लिए संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने से लेकर नैरेटिव सेट करने तक कई अहम दिशा-निर्देश दिए। 

    बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को परखा. इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ दोनों उप-मुख्यमंत्रियों से मुलाकात और बातचीत भी की. इसके अलावा संगठन के लोगों के साथ मंथन कर सारा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। 

    विनोद तावड़े ने पार्टी पदाधिकारियों को विधानसभा चुनाव 2027 के लिए टारगेट दिया. उन्होंने कहा कि हमें हर बूथ को मजबूत करना होगा, कोई बूथ छूटना नहीं चाहिए और उसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाएं. इसके साथ ही उन्होंने सभी जातियों को साधने का मंत्र भी दिया और कहा कि संख्या चाहे कम हो या ज्यादा, लेकिन कोई जाति छूट न जाए, हमें सबको जोड़ना होगा। 

    यूपी फतह का खाका खींच गए तावड़े
    बिहार चुनावों में एनडीए के चुनावी प्रबंधन और तालमेल के सफल फार्मूले को यूपी की जमीन पर उतारने का काम तावड़े ने शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश के बीजेपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने 2027 का विधानसभा चुनाव मजबूत संगठन के बलबूते और पीएम मोदी व सीएम योगी के नाम और काम पर लड़ने के संकेत दिएच इस तरह सरकार और संगठन दोनों के साथ समन्वय बनाकर 2027 के चुनाव में उतरने का खाका खींच गए। 

    विनोद तावड़े ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद दिनभर पार्टी दफ्तर में क्षेत्रीय पदाधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने प्रदेश के महामंत्रियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ बैठक की. बीजेपी संगठन के नेताओं से मुलाकात के दौरान विनोद तावड़े ने साफ कहा कि बूथ की मजबूती ही 2027 के चुनाव की जीत का आधार बनेगी। 

    तावड़े ने पदाधिकारियों से कहा कि वे हर बूथ के अनुसार कार्ययोजना बनाएं. किस बूथ पर जीत की क्या स्थिति है, इसकी ठीक से समीक्षा करें. इसके अलावा जहां कमी नजर आए, उसे दुरुस्त करें. इस तरह हारी हुई बूथों को चिह्नित करते हुए वहां पार्टी को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। 

    सपा के पीडीए का काउंटर प्लान तैयार
    अखिलेश यादव के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड की काट के लिए तावड़े ने 'परफॉर्मेटिव नैरेटिव' पेश किया. उन्होंने सपा के पीडीए पर तंज कसते हुए इसे 'पराया धन अपना' करार दिया और जमीन पर अवैध कब्जे तथा महिला सुरक्षा (स्त्रीधन) जैसे मुद्दों को उठाकर सपा को घेरने का संकेत दिया. इसके साथ ही बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने का खाका भी खींचा। 

    तावड़े ने कहा कि हमें सभी वर्गों का साथ चाहिए, ऐसी कोई भी जाति न हो जो अछूती रह जाए. यूपी बड़ा प्रदेश है और हर क्षेत्र में अलग-अलग जातियों का प्रभाव है. यदि किसी जाति के वोटरों की संख्या कम है, तो भी हमें उसे छोड़ना नहीं है, उनसे संपर्क करके उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास करना है. इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष की तैयारी पर नजर रखकर अपनी रणनीति बनाने की नसीहत दी। 

    विपक्ष के प्रत्याशी का तोड़ तलाशने का टास्क
    बीजेपी प्रभारी ने कहा कि विपक्षी तैयारियों पर हमें पूरी नजर रखनी होगी. विपक्ष का कोई नेता या प्रत्याशी मजबूत है, तो उसकी मजबूती का आधार पता करना होगा और फिर उसी के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करके मजबूत होना होगा. पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने विपक्ष के मजबूत प्रत्याशियों पर खास नजर रखने और उनका तोड़ निकालने के लिए कहा है. इसका यह संदेश भी है कि यदि विपक्ष के मजबूत प्रत्याशी को अपने पाले में लाकर जीत मिलती है, तो आखिर में यह भी एक विकल्प हो सकता है। 

    बीजेपी संगठन को निर्देश दिए गए कि 2022 के चुनाव में गंवाई गई 57 सीटों और एनडीए की हारी हुई 130 सीटों की गहन समीक्षा की जाए और बूथ स्तर पर शक्ति केंद्रों में युवाओं को जोड़ा जाए. इस तरह से विनोद तावड़े 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की हैट्रिक लगाने ही नहीं, बल्कि बिहार की तरह क्लीन स्वीप करने का प्लान बना रहे हैं। 

    वीआईपी कल्चर से दूरी बनाकर दिया संदेश
    बीजेपी के प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद विनोद तावड़े ने उत्तर प्रदेश आने से पहले ही साफ कर दिया था कि उनके स्वागत की एक भी होर्डिंग शहर में नहीं लगनी चाहिए और न ही उनका नाम दिखाई देना चाहिए. ऐसे में जिन लोगों ने विनोद तावड़े के लिए बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए थे, उन्हें रातों-रात उन्हीं लोगों ने हटा लिया। 
    अब विनोद तावड़े ने नया मंत्र दिया और पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लखनऊ में समय बिताने के बजाय अपने-अपने आवंटित विधानसभा क्षेत्रों में जाएं, रात को वहीं प्रवास करें और स्वागत-सत्कार के चक्कर में न पड़ें. मार्च 2027 तक, यानी विधानसभा चुनाव होने तक सभी पदाधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं और चुनावी अभियानों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। 

    संगठन-सरकार के साथ मजबूत समन्वय
    प्रदेश प्रभारी तावड़े ने भाजपा के सभी प्रदेश मोर्चों के अध्यक्षों से भी संवाद किया. इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द अपनी कार्यसमिति बनाएं. सूत्रों के अनुसार हफ्तेभर के अंदर कार्यकारिणी गठित करने के लिए उन्होंने कहा है. यह भी कहा गया कि जब कार्यकारिणी गठित हो जाए, तो उन्हें आगे का टारगेट दिया जाएगा जिसे पूरा करने के लिए सभी को मिलकर जुटना होगा। 

    तावड़े ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार उन्होंने सरकार के कामकाज की जानकारी ली और कल्याणकारी योजनाओं पर बात की. सरकार और संगठन में समन्वय के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। 

    सीएम के साथ बैठक में संगठन के सहयोग से सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और विकास को मुद्दा बनाने पर सहमति बनी. इससे पहले उन्होंने शनिवार को दोनों डिप्टी सीएम से अलग से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री, दोनों डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठकें करके सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर सहमति बनाई गई। 

  • यूक्रेन का अनोखा वॉर फंडिंग प्लान! पोर्न को मिलेगी कानूनी मंजूरी, टैक्स से जुटेंगे $25 मिलियन

    यूक्रेन का अनोखा वॉर फंडिंग प्लान! पोर्न को मिलेगी कानूनी मंजूरी, टैक्स से जुटेंगे $25 मिलियन

    कीव
     रूस के खिलाफ जंग लड़ रहे यूक्रेन में पोर्नोग्राफी को कानूनी रूप से वैध बनाने का प्रस्ताव सामने आया है. यूक्रेनी सांसद यारोस्लाव जेलेजनियाक के समर्थन वाला एक बिल एडल्ट एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को कानूनी अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है. जेलेजनियाक यूक्रेनी संसद की वित्त समिति के अध्यक्ष हैं। 

    वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेजनियाक का अनुमान है कि पोर्नोग्राफी को कानूनी बनाने से सरकार को टैक्स के रूप में करीब 25 मिलियन डॉलर यानी 2.5 करोड़ डॉलर की आमदनी हो सकती है. उनका कहना है कि यह रकम युद्ध के लिए करीब 30 हजार ड्रोन खरीदने के लिए पर्याप्त हो सकती है। 

    अभी पोर्नोग्राफी है गैरकानूनी
    यूक्रेन में फिलहाल पोर्नोग्राफी बना
    ना, रखना या उसका वितरण करना गैरकानूनी है. इसके लिए सात साल तक की जेल की सजा हो सकती है. हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बावजूद एडल्ट कंटेंट इंडस्ट्री लगातार बढ़ी है और भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की मदद से इसका कारोबार चलता रहा है। 

    अब टैक्स अधिकारियों ने एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स से टैक्स वसूलने की कोशिश शुरू की है. लेकिन यहां एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है. जो क्रिएटर्स अपनी कमाई घोषित करते हैं, वे खुद ऐसी गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं, जो कानून के तहत अपराध हैं।

    जेलेजनियाक ने इसे 'ट्रेजिकॉमिक' स्थिति बताया. उनके मुताबिक, महिलाओं के सामने या तो टैक्स न देने पर आपराधिक कार्रवाई का खतरा है या टैक्स देने पर पोर्नोग्राफी कानून के तहत कार्रवाई का। 

    OnlyFans से करोड़ों की कमाई
    रिपोर्ट में प्लेटफॉर्म की पैरेंट कंपनी फेनिक्स इंटरनेशनल के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि 2023 में 7,900 यूक्रेनियों ने OnlyFans के जरिए 131 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाए। 

    टैक्स अधिकारियों की कार्रवाई के बाद कुछ क्रिएटर्स को टैक्स चोरी और अवैध एडल्ट कंटेंट बनाने के आरोपों में नोटिस भी मिले. OnlyFans क्रिएटर स्वितलाना ड्वोर्निकोवा ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा और 20 हजार डॉलर नकद के साथ लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जब्त किए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने केस खत्म करने के बदले रिश्वत की पेशकश की, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। 

    राष्ट्रपति जेलेंस्की की वेबसाइट पर पहुंचा मामला
    टैक्स वकील लेसिया मिखालेंको ने कहा कि युद्ध के दौरान क्रिएटर्स पर मुकदमा चलाना सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं है. वहीं ड्वोर्निकोवा ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की वेबसाइट पर याचिका दायर कर खुद को 'ईमानदार टैक्सपेयर' बताया. उनका दावा था कि उन्होंने करीब 9 लाख डॉलर टैक्स दिया है। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका को एक हफ्ते में 25 हजार से ज्यादा हस्ताक्षर मिले. इसके बाद जेलेंस्की ने कहा कि संसद जेलेजनियाक के पोर्नोग्राफी को कानूनी बनाने के प्रस्ताव पर विचार करेगी. बिल जुलाई में संसद की पहली रीडिंग पास कर चुका है और अब दूसरी रीडिंग का इंतजार है। 

     

  • रायपुर से रांची तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी, बिलासपुर-बोकारो-धनबाद जुड़ेंगे; तीन राज्यों को मिलेगी रफ्तार

    रायपुर से रांची तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी, बिलासपुर-बोकारो-धनबाद जुड़ेंगे; तीन राज्यों को मिलेगी रफ्तार

    रायपुर 
    रायपुर से रांची और धनबाद तक का सफर अब आसान होने वाला है. क्योंकि छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच बन रहा रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे दोनों राज्यों के बीच गेंमचेंचर होने वाला है. इसके बनने के बाद रायपुर से रांची का सफर महज 7 घंटे में पूरा हो जाएगा. जबकि रायपुर से धनबाद का सफर भी 8 से 9 घंटे के बीच में पूरा हो जाएगा. इस हाईवे के बनने से छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों से और तेज हो जाएगी. 707 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का काम अलग-अलग चरणों में पूरा किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के लिहाज से यह प्रोजेक्ट बेहद अहम माना जा रहा है. क्योंकि इससे न केवल पश्चिम की तरफ रोड कनेक्टिविटी मजबूत होगी. बल्कि ईधन और समय की भी अच्छी बचत होनी शुरू हो जाएगी। 

    रायपुर से रांची 7 घंटे में 
    रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर (EC-07) के बनने के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और झारखंड की राजधानी रांची के बीच सफर आसान हो जाएगा. अभी दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में 13 से 14 घंटे का समय लग जाता है, क्योंकि टू-लेन रास्तों से होकर जाना पड़ता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफर 7 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा. वहीं दोनों शहरों के बीच 30 किलोमीटर तक का फर्क आएगा। 

    रायपुर से धनबाद का सफर 9 घंटे में 
    छत्तीसगढ़ और झारखंड के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से रायपुर और धनबाद की दूरी में भी बड़ा अंतर आएगा. अभी दोनों शहरों के सफर में 14 से 16 घंटे का समय लगता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दोनों शहरों के बीच का सफर 8 से 9 घंटे में पूरा हो जाएगा. यह एक्सप्रेसवे पुराने घुमावदार रास्तों के बजाय कई जगह बिल्कुल नया और सीधा रास्ता बना देगा. रायपुर से धनबाद के बीच बनकर तैयार होने वाला है यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एक्सेस-कंट्रोल्ड से लेस होगा. जिससे यहां 100 किलोमीटर रफ्तार से गाड़ियां दौड़ सकेगी। 

    छत्तीसगढ़ की तीन राज्यों तक कनेक्टिविटी
        छत्तीसगढ़: रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, पत्थलगांव, कुनकुरी, जशपुर तक जाएगा. 
        झारखंड: गुमला, रांची, बोकारो और धनबाद तक जाएगा.
        यहां से आगे का यह सफर छत्तीसगढ़ को ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी कनेक्ट कर देगा.

    छत्तीसगढ़ में 384 किलोमीटर का हिस्सा 
    रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे का 384 किलोमीटर का हिस्सा छत्तीसगढ़ में बनाया जा रहा है. प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की तरफ से प्रेस रिलीज जारी करके बताया गया कि NHAI ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक NH-43 पर इस प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिया है. यह राजमार्ग सीधे तौर पर रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक केंद्रों को झारखंड के धनबाद से जोड़ देगा. रायपुर से बिलासपुर के बीच का पुराना मार्ग 6-लेन के ब्राउनफील्ड एक्सप्रेसवे में अपग्रेड हो रहा है. जबकि बिलासपुर से आगे धनबाद तक यह पूरी तरह से एक नया रूट होगा. यह टोटल 104.25 किलोमीटर लंबा रूट है। 

    ट्रैफिक का दवाब नहीं होगा 
    इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि रास्ते में पड़ने वाले बड़े शहरों जैसे रायपुर, कोरबा, जशपुर, गुमला, रांची, बोकारो के बाहर से बायपास और ओवरब्रिज दिए गए हैं. जिससे शहर के अंदर का लोकल ट्रैफिक और जाम सफर को धीमा नहीं करेगा. इस पूरे रूट पर 382 से अधिक स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं. जिसमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर्स और जंगली जानवरों को पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर अंडरपास शामिल हैं. जिससे ट्रैफिक का दवाब कम रहेगा। 

    2027 तक शुरू करने की तैयारी
    फिलहाल एनएचएआई की तरफ से छत्तीसगढ़ और झारखंड में अलग-अलग चरणों में इसका काम शुरू हो चुका है. एक्सप्रेसवे का ज्यादातर हिस्सा 2026 के दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. जबकि 2027 तक इसे शुरू करने की तैयारी है. यह एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद लॉजिस्टिक्स लागत को 30 से 40 प्रतिशत तक कम कर देगा. जिससे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी हो जाएगी। 

  • मध्यप्रदेश में टोल का दायरा बढ़ेगा, 12 सड़कों पर लगेगा शुल्क; सरकार बनाएगी 3 हजार करोड़ का राजस्व

    मध्यप्रदेश में टोल का दायरा बढ़ेगा, 12 सड़कों पर लगेगा शुल्क; सरकार बनाएगी 3 हजार करोड़ का राजस्व

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में आने वाले समय में सड़क से सफर करना महंगा हो सकता है। राज्य सरकार सड़कों से होने वाली आय बढ़ाने के लिए टोल व्यवस्था का विस्तार करने की तैयारी में है। कम से कम 12 और सड़कों को टोल के दायरे में लाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य सड़कों को भी भविष्य में इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। फिलहाल प्रदेश में मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) की अलग-अलग योजनाओं के तहत 93 सड़कों पर 139 टोल प्लाजा संचालित हो रहे हैं। विभाग का मानना है कि नई सड़कों को टोल व्यवस्था से जोड़कर सरकार की आय में बड़ा इजाफा किया जा सकता है।

    अभी 400 करोड़, लक्ष्य 3 हजार करोड़ तक
    पीडब्ल्यूडी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के टोल से सालाना करीब 4 हजार करोड़ रुपये की आय होती है। इसके मुकाबले पीडब्ल्यूडी और एमपीआरडीसी की टोल से कमाई करीब 400 करोड़ रुपये सालाना है। इसी अंतर को देखते हुए विभाग अगले 10 से 15 साल में टोल से होने वाली आय को बढ़ाकर 2 हजार से 3 हजार करोड़ रुपये सालाना तक पहुंचाना चाहता है। इसके लिए नई सड़कों का निर्माण टोल आधारित मॉडल पर करने पर जोर दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार टोल आधारित नई सड़कों से विभाग की आय बढ़ेगी। इससे सड़क क्षेत्र में निवेश के साथ राज्य के राजस्व में भी विभाग का योगदान बढ़ाया जा सकेगा। 

    निजी कंपनियों के बजाय सरकार के पास आएगा टोल
    सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी अब हाइब्रिड एन्युटी मॉडल यानी एचएएम को ज्यादा बढ़ावा देने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य यह भी है कि सड़क बनने के बाद टोल से मिलने वाली राशि सरकार के पास आए। बीओटी मॉडल में सड़क बनाने वाली निजी कंपनी निवेश करती है और तय अवधि तक टोल से अपनी लागत और मुनाफा वसूलती है। वहीं एचएएम में सड़क निर्माण की लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार देती है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत राशि निजी कंपनी लगाती है। इस मॉडल में सड़क बनने के बाद टोल वसूली पीडब्ल्यूडी के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है। यही वजह है कि विभाग नई परियोजनाओं के लिए एचएएम मॉडल को प्राथमिकता देने पर विचार कर रहा है।  एमपीआरडीसी के टोल आधारित सड़क प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक हाल में कुछ सड़कों को एचएएम के तहत मंजूरी दी गई है। इनमें सिवनी-बालाघाट, विदिशा-भोपाल और दमोह-कटनी सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इन सड़कों पर टोल प्लाजा बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा आने वाले समय में एचएएम के तहत और सड़क परियोजनाएं मंजूर किए जाने की तैयारी है। 

    वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च
    नई सड़कों को टोल नेटवर्क में शामिल किए जाने का सीधा असर वाहन चालकों पर पड़ेगा। इन सड़कों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को निर्धारित शुल्क देना होगा। सरकार जहां इसे सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए अतिरिक्त आय का जरिया मान रही है, वहीं यात्रियों और माल परिवहन करने वाले वाहनों के लिए यात्रा की लागत बढ़ने की संभावना है। नई सड़कों पर टोल लागू होने से पहले शुल्क की दर और वसूली की व्यवस्था तय की जाएगी। 

  • रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत, त्योहारों पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; 60 दिन पहले बुकिंग का फायदा उठाएं

    रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत, त्योहारों पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; 60 दिन पहले बुकिंग का फायदा उठाएं

    नई दिल्ली
    दिवाली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए अहम खबर है. भारतीय रेलवे में दिवाली की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग शुरू हो गई है. देशभर में इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. रेलवे के एडवांस रिजर्वेशन सिस्टम के तहत यात्री अपनी यात्रा की तारीख के आधार पर 60 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं. यदि आपको कन्फर्म सीट चाहिए, तो रिजर्वेशन जल्द करना होगा। 

    रेलवे की एडवांस रिजर्वेशन विंडो सुबह 8 बजे खुलती है. हालांकि, टिकट बुकिंग यात्रा की तारीख पर निर्भर करती है. यात्रियों को यात्रा की तारीख को छोड़कर 60 दिन पहले तक रिजर्वेशन की सुविधा मिलती है. दिवाली के आसपास दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों से बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दूसरे राज्यों के लिए जाने वाली ट्रेनों में भारी मांग रहती है. इसलिए लोकप्रिय ट्रेनों में सीटें तेजी से भर सकती हैं। 

    इन रूट्स पर होता है ट्रैफिक प्रेशर

    त्योहारी सीजन में दिल्ली-पटना, पटना-अहमदाबाद, पटना-उधना, मुंबई-पटना, हावड़ा-पटना, बेंगलुरु-पटना, फिरोजपुर-पटना, वाराणसी-दिल्ली, कानपुर-दिल्ली, लुधियाना-सुपौल, लुधियाना-पटना, चेन्नई-पटना, हैदराबाद-पटना और दिल्ली-गोरखपुर जैसे रूट पर यात्रियों का दबाव ज्यादा रहता है. इन रूट्स पर यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को रिजर्वेशन विंडो खुलने के साथ ही सीट की उपलब्धता चेक कर लेनी चाहिए। 

    रेलवे ने चलाईं फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें
    त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए नॉर्दर्न रेलवे ने कई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है. ये ट्रेनें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, चंडीगढ़, महाराष्ट्र और अन्य प्रमुख शहरों के बीच अतिरिक्त कनेक्टिविटी देंगी. इनमें वाराणसी-दिल्ली, अयोध्या कैंट-आनंद विहार, चंडीगढ़-पटना, फिरोजपुर कैंट-पटना और आनंद विहार-पाटलिपुत्र जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं। 

    क्र. ट्रेन नंबर ट्रेन रूट ट्रिप/फेरे
    1 09189/09190 मुंबई सेंट्रल-कटिहार-मुंबई सेंट्रल 77 अतिरिक्त ट्रिप
    2 04127/04128 कानपुर सेंट्रल-गुवाहाटी-कानपुर सेंट्रल 14 अतिरिक्त ट्रिप
    3 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार 12 अतिरिक्त ट्रिप
    4 05932/05931 डिब्रूगढ़-कोलकाता-डिब्रूगढ़ 13 अतिरिक्त ट्रिप
    5 04209/04210 वाराणसी-नई दिल्ली-वाराणसी 50 ट्रिप
    6 04213/04214 अयोध्या कैंट-आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट 36 ट्रिप
    7 04512/04511 चंडीगढ़-पटना जंक्शन-चंडीगढ़ 18 ट्रिप
    8 04616/04615 फिरोजपुर कैंट-पटना जंक्शन-फिरोजपुर कैंट 16 ट्रिप
    9 04008/04007 आनंद विहार टर्मिनल-जोगबनी-आनंद विहार टर्मिनल 10 ट्रिप
    10 04028/04027 आनंद विहार टर्मिनल-मुजफ्फरपुर-आनंद विहार टर्मिनल 26 ट्रिप
    11 04010/04009 दिल्ली जंक्शन-सीतामढ़ी-दिल्ली जंक्शन 12 ट्रिप
    12 02456/02455 नई दिल्ली-कानपुर सेंट्रल-नई दिल्ली 98 ट्रिप
    13 02563/02564 बरौनी-नई दिल्ली-बरौनी स्पेशल —
    14 02569/02570 दरभंगा-नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल —
    15 04014/04013 आनंद विहार टर्मिनल-लौकाहा बाजार-आनंद विहार टर्मिनल 150 ट्रिप
    16 04002/04001 हजरत निजामुद्दीन-दादर-हजरत निजामुद्दीन 14 ट्रिप
    17 04227/04228 वाराणसी-चंडीगढ़-वाराणसी 36 ट्रिप
    18 02458/02457 आनंद विहार टर्मिनल-कानपुर सेंट्रल-आनंद विहार टर्मिनल 72 ट्रिप
    19 04314/04313 योग नगरी ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर-योग नगरी ऋषिकेश 18 ट्रिप
    20 04096/04095 आनंद विहार टर्मिनल-पाटलिपुत्र-आनंद विहार टर्मिनल 120 ट्रिप

     
    टिकट बुक करते समय इन बातों का रखें ध्यान

    दिवाली के दौरान लोकप्रिय ट्रेनों में टिकट तेजी से भर सकते हैं. इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख पहले से तय करके रिजर्वेशन विंडो खुलते ही उपलब्धता चेक करनी चाहिए। 

    टिकट बुक करते समय ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख, बोर्डिंग स्टेशन और ​गंतव्य स्टेशन की जानकारी ध्यान से जांचना जरूरी है. यात्रा से पहले ट्रेन का शेड्यूल और सीट की उपलब्धता भी चेक कर लें। 

    रेलवे से जुड़ी सेवाओं, शिकायतों और यात्रा संबंधी जानकारी के लिए यात्री रेलमदद हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर सकते हैं या NTES ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

    दिवाली के दौरान नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने पर नॉर्दर्न रेलवे की ओर से घोषित ये फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए अतिरिक्त विकल्प साबित हो सकती हैं। 

    कंफर्म टिकट के लिए अपनाएं ये आसान ट्रिक्स
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  • हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम

    हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम

    भोपाल 

    पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्यप्रदेश ने स्वर्णिम उपलब्धि अर्जित की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में देश के शीर्ष पाँच स्वच्छ वायु शहरों में प्रदेश के तीन प्रमुख नगरों ने अनुपम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में इंदौर एवं जबलपुर तथा वार्ड स्तरीय श्रेणी में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किया गया।

    दस लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन

    राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। इस वर्ग में इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान अर्जित कर स्वच्छ वायु प्रबंधन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इसी श्रेणी में ग्वालियर ने 39वाँ स्थान प्राप्त किया। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के मध्य निर्धारित मापदंडों पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए रैंकिंग जारी की जाती है।

    इंदौर एवं जबलपुर की अनुकरणीय उपलब्धियां

    स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर नवमानक स्थापित करने वाले इंदौर नगर ने धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा नागरिक सहभागिता के बल पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। समारोह में इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल एवं एमआईसी सदस्य श्री अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एवं सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर श्री जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', आयुक्त श्री राम प्रसाद अहिरवार, श्री कमलेश श्रीवास्तव, श्री संभव अयाची एवं श्री जी.एस. मरावी ने पुरस्कार प्राप्त किया।

    भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को मिला राष्ट्रीय गौरव

    वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और नवाचारों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय स्तर पर हरित पहल, सघन पौधारोपण तथा नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए अपर आयुक्त श्री अमन मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य श्री आर. के. सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया।

    सतत् विकास और दूरदर्शी नेतृत्व की सुखद परिणति

    यह राष्ट्रीय गौरव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के पावन संकल्प तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में संचालित पर्यावरण संरक्षण अभियानों का फलश्रम है। प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोकथाम, निर्माण स्थलों की निगरानी एवं व्यापक जनचेतना के जो प्रयास किए गए हैं, आज उन्हीं की परिणति स्वरूप मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय वायु संरक्षण पटल पर यह सफलता अर्जित की है।

     

  • मध्यप्रदेश और रूसी गणराज्य तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग को मिलेगा नया आयाम

    मध्यप्रदेश और रूसी गणराज्य तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग को मिलेगा नया आयाम

    भोपाल 

    दुबई विजिट- दूसरा दिन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई प्रवास के दौरान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख (रईस) महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश और तातारस्तान के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को प्रगाढ़ करना, सेक्टर-विशिष्ट रणनीतिक साझेदारियों की पहचान करना तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (GIS) में तातारस्तान की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव को मध्यप्रदेश की समृद्ध औद्योगिक क्षमताओं और निवेश अनुकूल वातावरण से अवगत कराते हुए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। तातारस्तान के प्रमुख ने इस निमंत्रण का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि वे एक सशक्त निवेशक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ समिट में भाग लेंगे तथा राज्य में निवेश की ठोस संभावनाओं को आगे बढ़ाएंगे।

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, कृषि एवं इनोवेशन-आधारित आधुनिक तकनीकों में सहयोग पर विस्तृत विमर्श हुआ। भारत और तातारस्तान के प्रगाढ़ होते आर्थिक संबंधों के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश के साथ बीटूबी और जीटूजी स्तर पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

    तातारस्तान की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और राज्य के व्यापारिक प्रतिनिधियों को “टाइम: रूस–भारत” फोरम तथा संबंधित प्रदर्शनी में सहभागिता के लिये आमंत्रित किया गया। बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय बिजनेस मिशन आयोजित करने, संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं को धरातल पर उतारने और त्वरित समन्वय के लिए अधिकृत नोडल ऑफिसर्स को नामित करने पर भी सहमति व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी से की वन-टू-वन मीटिंग

    मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ उच्च स्तरीय वन-टू-वन बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों के बीच भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (India-UAE CEPA) के तहत गैर-तेल व्यापार, उन्नत प्रौद्योगिकी, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला और सीमा-पार निवेश को गति देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

    मध्यप्रदेश को यूएई निवेशकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में किया पेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों और आदर्श निवेश गंतव्य की विशेषताओं से अवगत कराया, जिनमें रणनीतिक केंद्रीय अवस्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि और स्थापित अवसंरचना को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख बाजारों तक सीधी और सुगम पहुंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और सिंगल विंडो सुविधा का उल्लेख करते हुए यूएई निवेशकों को समयबद्ध राज्य-स्तरीय सहायता का पूर्ण भरोसा दिलाया।

    प्राथमिकता वाले सेक्टर्स और खाद्य प्रसंस्करण में साझेदारी का आह्वान

    बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा हुई, जिनमें विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन, नवकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्ट विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूड पार्क, मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा और निर्यात प्लेटफॉर्म्स के विकास में यूएई की सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया न्योता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया। यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री ने इस आमंत्रण को स्वीकारते हुए आश्वस्त किया कि वे यूएई के प्रमुख निवेशकों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ सहभागिता करेंगे।

    अगला कदम: 3 माह में समीक्षा और नोडल ऑफिसर की नियुक्ति

    द्विपक्षीय संबंधों और औद्योगिक साझेदारी को व्यावहारिक रूप देने के लिए 5 से 10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान करने और संयुक्त समीक्षा व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति बनी। इसके तहत 'मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल' का आयोजन किया जाएगा तथा चयनित परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे, जिनकी पहली प्रगति समीक्षा तीन माह के भीतर सुनिश्चित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व बैंक के उपाध्यक्ष से की उच्च स्तरीय बैठक

    प्रदेश में एआई परियोजनाओं के लिए फंडिंग पर हुआ संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एआईएम कांग्रेस-2026' सम्मेलन के दौरान विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई (Digital and AI) मामलों के वाइस प्रेसिडेंट  सांगबु किम तथा उनकी टीम के साथ बैठक की।

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच मध्यप्रदेश में डिजिटल और तकनीकी विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस संवाद में विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार की नीतियों के तहत संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल गवर्नेंस से संबंधित परियोजनाओं में फंडिंग और वित्तीय सहयोग देने में रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में उभरती तकनीकों, नवाचार और निवेश के अनुकूल वातावरण की जानकारी साझा करते हुए राज्य के विकास में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री निवेश की संभावनाओं पर हुई बैठक

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई स्थित अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय में यूएई कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एचई अल मर्री को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS) में सहभागिता के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने आश्वस्त किया कि होटल एवं हॉस्पिटैलिटी इंवेस्टमेंट के क्षेत्र में संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए दुबई से एक विशेष निवेश प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मध्यप्रदेश का दौरा करेगा।

    प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और नीतिगत सहयोग पर गहन विमर्श

    उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के मध्य खनन (माइनिंग), टेक्सटाइल, वन (फॉरेस्ट) एवं पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियों, भूमि स्वामित्व नियमों, श्रम सुधारों और विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध सुरक्षा तंत्र (प्रोटेक्शन मैकेनिज्म) से अवगत कराया। उन्होंने राज्य में पहले से सक्रिय यूएई कंपनियों के सकारात्मक अनुभवों को साझा करते हुए नए निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की नई एविएशन पॉलिसी के प्रमुख प्रावधानों को रेखांकित किया। एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री, जो यूएई की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं, ने सिविल एविएशन मंत्री के रूप में भरोसा दिलाया कि वह मध्यप्रदेश और यूएई के मध्य एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार में पूरा सहयोग करेंगे। इस कदम से दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक आवागमन को उल्लेखनीय गति मिलेगी।

    हट्टा इकोनॉमिक ज़ोन और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन मॉडल पर विमर्श

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के 'हट्टा इकोनॉमिक ज़ोन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (Hatta Economic Zone Development Project) और विशेष औद्योगिक पार्कों के विकास मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भी आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर व विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके साथ ही, 'दुबई फ्यूचर फाउंडेशन' के सीईओ के रूप में एचई अल मर्री ने मध्यप्रदेश में भी इसी प्रकार के नवाचार और भविष्योन्मुखी फाउंडेशन स्थापित करने की दिशा में तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

     

  • ‘गिरिबाला के क्लासमेट ने किया पोस्टमार्टम…’ ट्विशा शर्मा केस में वकील ने रिपोर्ट पर खड़े किए सवाल

    ‘गिरिबाला के क्लासमेट ने किया पोस्टमार्टम…’ ट्विशा शर्मा केस में वकील ने रिपोर्ट पर खड़े किए सवाल

    भोपाल

    भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत (Twisha Sharma Case) मामले में बड़ी उलझन सामने आई है। बीत दिनों ट्विशा केस में सीबीआइ ने चार्जशीट पेश कर दी है लेकिन ट्विशा पक्ष के वकील अंकुर पांडेय ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आई दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण को लेकर एकमत हैं। शरीर पर मिली चोटों की वजह को लेकर भोपाल एम्स और दिल्ली एम्स की रिपोर्ट में बड़ा अंतर सामने आया है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनी आधार
    सीबीआइ के कोर्ट में पेश किए गए को अंतिम निष्कर्ष में एम्स दिल्ली की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रमुख आधार बनाया गया है। वकील अंकुर पांडेय ने विरोध करते हुए कहा कि शुरुआती पोस्टमार्टम में शरीर पर सात एंटी-मॉर्टम चोटें, यानी मौत से पहले लगी चोटें दर्ज की गई थीं। 18 मई एम्स भोपाल ने एसीपी मिसरोद को भेजे जवाब में इन चोटों का अलग-अलग परीक्षण किया था। इसमें गर्दन पर मिले दो छोटे लाल निशान फंदे के रगड़ने या खिसकने से बने हो सकते है। ये नाखून या उंगलियों के दबाव के निशान नहीं थे। वहीं बाएं हाथ और कलाई पर मिले नीले निशान एक से तीन दिन पुराने बताए गए थे।

    पहले पोस्टमार्टम में यह भी दर्ज
    वकील का दावा है कि पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कलाई और उंगलियों पर कुछ चोटें ताजा थीं और मौत से कुछ समय पहले लगी प्रतीत हुईं। एम्स भोपाल ने इन चोटों के किसी संघर्ष या हाथापाई के दौरान लगने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ये चोटें मौत से पहले की थीं, इसलिए शव को उतारने या बाद में ले जाने के दौरान नहीं लग सकतीं।

    क्लासमेट्स ने किया पोस्टमार्टम
    ट्विशा की मां ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी बेटी कोई गलत कदम नहीं उठा सकती है। सास गिरिबाला ने उससे कहा था कि अगर तुम यहां से गई तो कोई तुमसे बात नहीं करेगा। न ही तुम वापस आ पाओगी। आगे उन्होंने कहा कि दूसरी पोस्टमर्टम रिपोर्ट गिरिबाला के क्लासमेट ने की थी इसलिए रिपोर्ट में कोई खुलासा नहीं हुआ है।

    दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले जैसी
    जानकारी के लिए बता दें कि ट्विशा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पहले ही जैसी है। दोनों पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना बताया गया। एम्स दिल्ली की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानसिक क्रूरता का आरोप चार्जशीट का मुख्य आधार है। वहीं दहेज की मांग और दहेज मृत्यु के पहलू की आगे जांच जारी है। ट्विशा का आईफोन, घर के डीवीआर और आरोपियों की आवाज के फोरेंसिक परीक्षण भी कई बड़े राज खोल सकते हैं।

    ये है पूरा मामला
    जानकारी के लिए बता दें कि ट्विशा शर्मा की 12 मई को मौत हुई थी। शव कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित ससुराल में मिला था। पिता और मायके पक्ष की शिकायतों पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। जांच सीबीआइ को सौंपी गई। तब से गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह केंद्रीय जेल में बंद हैं।

  • सितंबर में बजेगा पंजाब चुनाव 2027 का बिगुल? बड़े नेताओं के दौरे से बढ़ेगा सियासी पारा

    सितंबर में बजेगा पंजाब चुनाव 2027 का बिगुल? बड़े नेताओं के दौरे से बढ़ेगा सियासी पारा

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर सियासी तौर पर बेहद अहम रहने वाला है। प्रदेश में एक के बाद एक बड़े केंद्रीय नेताओं के दौरे से चुनावी माहौल गरमाने के आसार हैं। 

    नशे के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी की यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पहुंचने की चर्चा है, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी 19 सितंबर के बाद पंजाब का दौरा कर सकते हैं।कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में सितंबर पंजाब की सियासत में शक्ति प्रदर्शन और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम होगा। 

    17 से भाजपा की चार यात्राएं
    भाजपा 17 सितंबर से नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर चार यात्राएं आयोजित करेगी। इसकी शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कर सकते हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इसके समापन कार्यक्रम के दौरान जालंधर में शामिल होने की संभावना है।

    दो यात्राएं मालवा क्षेत्र में होंगी जहां पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 69 हैं जबकि एक-एक यात्रा माझा और दोआबा क्षेत्रों में होगी। पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं जिसके लिए अभी से भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। इन यात्राओं में शाह के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्रियों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है इसलिए चार यात्राओं के दौरान आधे से ज्यादा केंद्रीय मंत्रियों का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

    19 से गरजेंगे राहुल
    इसी तरह 19 सितंबर के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी पंजाब आएंगे जो हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। साथ ही वह पंजाब कांग्रेस की तरफ से आयोजित की जाने वाली यात्रा में भी शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार 150 किलोमीटर की यह यात्रा चार दिन चल सकती है। अमृतसर के बाद यह यात्रा करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी जिसके जरिये पार्टी सूबे में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए काम करेगी।

    कांग्रेस के नए प्रभारी भी आएंगे पंजाब
    इसी तरह पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट भी अगले सप्ताह से पहले पंजाब आ सकते हैं जिनका कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। 7 और 8 सितंबर को पूर्व प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल का यहां आना तय था लेकिन इससे ठीक पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने प्रभारी बदल दिया। अब पार्टी जल्द पायलट का दौरा आयोजित करवाने की तैयारी कर रही है क्योंकि पंजाब कांग्रेस को पहले ही गुटबाजी का सामना करना पड़ रहा है।

    पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी के समर्थक इससे पहले खुलकर पार्टी कार्यक्रमों के दौरान चन्नी के समर्थन में आवाज बुलंद कर सकते हैं। अब पायलट के सामने प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करने की बड़ी चुनौती है। इससे पहले राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही खींचतान के दौरान पंजाब से सुखजिंदर सिंह रंधावा को 2022 में राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था और अब जब पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद चरणजीत चन्नी के बाद खींचतान की चर्चाओं का बाजार गर्म है तो सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    आप पंजाब ने भी बढ़ाई सूबे में गतिविधियां 
    आम आदमी पार्टी (आप) ने भी विधानसभा चुनाव से पहले ग
    तिविधियां बढ़ा दी हैं। सीएम भगवंत सिंह मान खुद भी अलग-अलग हलकों में जाकर लोक मिलनी कर रहे हैं। साथ ही मंत्रियों और पार्टी के नेताओं को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले दिनों आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के भी प्रदेश में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इस तरह शिअद ने भी सभी हलकों में रैलियों और बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।

     

  • कार पर पेड़ गिरने से मची चीख-पुकार, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत; परिवार के दो लोग घायल

    कार पर पेड़ गिरने से मची चीख-पुकार, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत; परिवार के दो लोग घायल

     इंदौर

     मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोमवार शाम को भारी बारिश के बीच एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सेंट्रल जेल के समीप मुख्य सड़क से गुजर रहे वाहनों पर अचानक एक विशाल पेड़ आ गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में कार सवार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की बुजुर्ग मां की जान चली गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
    मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराकर लौट रहा था परिवार, डेढ़ घंटे तक कार में दबे रहे लोग

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग महिला की पहचान 75 वर्षीया राधा देवी सिंघी के रूप में हुई है, जो हाल ही में मोतियाबिंद का इलाज कराकर लौट रही थीं। हादसे में उनकी भतीजी वैशाली जायसवाल (55) और पोते/भतीजे प्रखर सिंघी (25) घायल हो गए हैं। दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए पास के निजी गोकुलदास अस्पताल में भर्ती कराया गया है।