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  • MP में निवेश की बंपर संभावनाएं! AI, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग समेत इन सेक्टर्स पर CM मोहन यादव का फोकस

    MP में निवेश की बंपर संभावनाएं! AI, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग समेत इन सेक्टर्स पर CM मोहन यादव का फोकस

    निवेश के लिए मध्यप्रदेश बना देश का नया ग्रोथ हब

     AI-डेटा से डिफेंस और फूड प्रोसेसिंग तक हर सेक्टर में अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    25 से ज्यादा नई नीतियां लागू
    1.10 करोड़ से अधिक लोगों को MSME सेक्टर में रोजगार

    भोपाल
    मध्यप्रदेश अब निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। दुबई यात्रा के पहले दिन पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश की दृष्टि से हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट, टेक्सटाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेक्टर, ड्रोन, डिफेंस और साइंस सिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के लिए राज्य में अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र की स्थानीय क्षमता को पहचानकर उसे उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों में बदलना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में जो पहल की है, मध्यप्रदेश में उसे प्रभावी रूप से लागू किया गया है। राज्य सरकार ने कई अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया है और 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतिगत सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश में बड़े उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है और निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल अधिक अनुकूल हुआ है।

    MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग MSME क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने शासकीय सेवाओं में नई भर्तियां भी लागू की हैं। प्रदेश में बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है और निर्यात के क्षेत्र में भी राज्य लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है।उन्होंने कहा कि सरकार की व्यापार हितैषी नीतियों का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ स्थानीय उद्यमों को भी विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना है। निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे उद्योगों की स्थापना और संचालन दोनों को सुगम बनाया जा सके।

    AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस पर विशेष फोकस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश ने AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे नए क्षेत्रों को विशेष रूप से प्रमोट किया है। प्रदेश में तीन नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जो रीवा, इंदौर और उज्जैन में बन रहे हैं। इनसे तकनीकी उद्योगों, स्टार्टअप और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।उन्होंने कहा कि प्रदेश में साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है। विज्ञान, तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के कौशल विकास के लिहाज से यह महत्वपूर्ण पहल है।

     जमीन, बिजली, पानी और ग्रीन एनर्जी की पर्याप्त उपलब्धता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति बेहद मजबूत है। प्रदेश के पास पर्याप्त लैंड बैंक और भूमि, सरप्लस बिजली तथा पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पंप लोड और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता प्रदेश में है।उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए भूमि और संसाधनों के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आवागमन की सुविधा भी जरूरी है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में भी अपनी कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। यही वजह है कि प्रदेश देशभर के निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया की सबसे सस्ती बिजली बन रही है। सस्ती बिजली, ग्रीन एनर्जी, पर्याप्त भूमि, पानी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का संयोजन प्रदेश को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बनाता है। इन सुविधाओं और नीतिगत लाभों के आधार पर मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को प्रतिस्पर्धा दे रहा है।

    नीतियां बनीं निवेश की ताकत, लाभ जमीन पर पहुंचा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने केवल नीतियां बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि निवेशकों को नीतियों के आधार पर मिलने वाले लाभ प्रभावी रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। व्यापार हितैषी नीतियों के साथ निवेशकों के लिए आवश्यक सुविधाओं और अनुकूल वातावरण का निर्माण किया गया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार सुगमता के लिए किए गए सुधारों को मध्यप्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने का परिणाम है कि बड़े उद्योगों की स्थापना तेजी से हो रही है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

    रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से जिला स्तर तक पहुंचेगा उद्योग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित करने के नए अवसर तैयार किए गए हैं। इस पहल की देशभर में सराहना हुई है।अब सरकार का फोकस जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार पर है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं को चिन्हित कर उन्हें उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों में बदला जा रहा है। इससे औद्योगिक विकास बड़े शहरों तक सीमित न रहकर जिलों और स्थानीय क्षेत्रों तक पहुंचेगा।

    शिक्षा और स्वास्थ्य को रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। इसी दृष्टिकोण से प्रदेश में शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी इसी दृष्टिकोण से सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि बेहतर सेवाओं के साथ इस क्षेत्र में भी रोजगार और निवेश की संभावनाएं बढ़ें।

    भोपाल-इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, चार नए एयरपोर्ट की तैयारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश और पर्यटन के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में चार और नए एयरपोर्ट विकसित किए जाने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर भी एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से तैयार हैं और भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के कारण मध्यप्रदेश देश और दुनिया से तेजी से जुड़ रहा है। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिल रहा है।

     महाकाल लोक के बाद पर्यटन में बड़ा उछाल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी देश का बड़ा प्लेयर बनकर उभरा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों का आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्र में भी रोजगार एवं निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मध्यप्रदेश अब देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ निवेश के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

    हर क्षेत्र की क्षमता को निवेश और रोजगार में बदलने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग से लेकर टेक्सटाइल, IT, AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस और पर्यटन तक प्रत्येक क्षेत्र में उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि, बिजली, पानी, ग्रीन एनर्जी, लैंड बैंक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से विकसित हो रही एयर कनेक्टिविटी जैसी ताकतें हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने नीतिगत सुधारों के साथ ऐसा निवेश इकोसिस्टम तैयार किया है, जिसमें स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश का लक्ष्य स्पष्ट है—प्रदेश की क्षमता को निवेश में, निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को रोजगार में बदलना।

  • HC से राहत नहीं, कोर्ट से जेल! स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, 21 सितंबर को अगली सुनवाई

    HC से राहत नहीं, कोर्ट से जेल! स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, 21 सितंबर को अगली सुनवाई

    नई दिल्ली

    एससी-एसटी और पॉक्सो ऐक्ट में गिरफ्तार किए गए यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज को डबल झटका लगा है। एक तरफ उसे निचली अदालत ने उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है तो दूसरी तरफ हाई कोर्ट ने याचिका दायर करके राहत की उसकी उम्मीदों को तोड़ दिया। स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध घोषित कराने के लिए उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। जस्टिस नवीन चावला और रविंद्र डुडेजा की बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले सोमवार सुबह चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने तत्काल इस पर सुनवाई को सहमति दी थी।

    दूसरी तरफ, अडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह की अदालत ने मारपीट मामले में हिंदुत्ववादी 'इन्फ्लुएंसर' स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने अब भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी है। भारद्वाज को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जज के सामने पेश किया गया था।

    दलित यूट्यूबर के पिता के साथ मारपीट के आरोप में भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था। रविवार को भारद्वाज को एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने ऑनलाइन पेश किया गया था और एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

    कैसे गिरफ्तार हुआ स्वतंत्र भारद्वाज
    भारद्वाज की ओर से अधिवक्ता उमेश शर्मा ने कहा, 'वह पिछले तीन दिन से हिरासत में है, मैं अनुरोध करता हूं कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका आज ही सूचीबद्ध की जाए।' दिल्ली पुलिस ने 5 जून को भारद्वाज को तब गिरफ्तार किया गया जब उसके एक वीडियो की वजह से करीब दो महीने पहले हुई मारपीट की घटना ने अचानक तूल पकड़ लिया। सीजेपी आंदोलन के दौरान भारद्वाज और एक दलित शख्स के बीच मारपीट हुई थी। भारद्वाज ने हाल ही में एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि उसने मारपीट करके सिर फोड़ दिया, लेकिन राजनीतिक पहुंच की वजह से बच गया। उसने कहा था, ‘मैंने सिर फोड़ दिया… क्या आप जानते हैं कि यह अपराध किस धारा के तहत आता है? धारा 307। उसे 7 टांके लगे थे।’ इसके बाद सीजेपी और विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद मार्ग थाने पर धरना देकर पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने उसके खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट और पॉक्सो ऐक्ट में केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया था।

    पॉक्सो ऐक्ट में क्यों केस
    शुक्रवार को पुलिस ने नाबालिग छात्रा की शिकायत पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत एक नई शिकायत दर्ज की। शिकायत में ऑनलाइन धमकियों और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3), धारा 78 (पीछा करना) और धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य) के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी प्राथमिकी में जोड़ी है। पीड़िता ने इससे पहले आरोप लगाया था कि अपने पिता पर हुए कथित हमले के खिलाफ आवाज उठाने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे दुष्कर्म की धमकियां दी गईं, अपशब्द कहे गए और छेड़छाड़ कर बनाई गईं तस्वीरें भेजी गईं।

  • सत्य निकेतन हादसे से जागी दिल्ली सरकार, पुराने भवनों में हॉस्टल-नर्सिंग होम को लेकर CM का बड़ा फैसला

    सत्य निकेतन हादसे से जागी दिल्ली सरकार, पुराने भवनों में हॉस्टल-नर्सिंग होम को लेकर CM का बड़ा फैसला

    नई दिल्ली

    दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे में कई लोग घायल भी हो गए. यह हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास हुई. जो ब्लिडिंग गिरी, उसमें पीजी चलता था. जिसमें कई कॉलेज छात्र रहा करते थे. इस हादसे के बाद दिल्ली की पुरानी इमारतों में रह रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं. इधर आज सुबह घटनास्थल पर पहुंचीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'हम अधिकारियों के साथ मिलकर एक ऐसी पॉलिसी बना रहे हैं जिसके तहत 20, 30 या 40 साल पुरानी इमारतों को स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी और अपनी सुरक्षा को प्रमाणित करना होगा। 

    सीएम ने आगे कहा कि इसके बिना उन्हें उस जगह पर कोई भी सार्वजनिक सेवा या सुविधा—जैसे PG अकोमोडेशन, नर्सिंग होम, स्कूल या कोई अन्य गतिविधि—चलाने का अधिकार नहीं होगा. इस संबंध में कड़े नियम लागू किए जाएंगे। 

    जिम्मेदार अधिकारी किए जाएंगे सस्पेंड
    दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सत्य निकेतन के हादसे पर यह भी कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा; उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा. सभी अधिकारियों और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को कड़े निर्देश दिए गए हैं; इसमें शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। 

    जिम्मेदार अधिकारियों का सस्पेंशन आज हीः सीएम
    सीएम ने यह भी कहा कि हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों के सस्पेंशन के आदेश आज ही जारी कर दिए जाएंगे. हम इन छात्रों के साथ पूरी तरह खड़े हैं। हमने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी छात्र को कोई परेशानी न हो. सरकार की ओर से हम सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। 

    मंत्री बोले- स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट अनिवार्य की नीति बनेगी
    दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर कहा, "बचाए गए 12 लोगों में से 6 की मौत हो गई है. बाकी लोगों का इलाज चल रहा है और वे सुरक्षित हैं. आज मुख्यमंत्री ने मेयर और MCD कमिश्नर के साथ बैठक की और निर्देश दिया कि यहां चल रहे PG, हॉस्टल और सार्वजनिक सुविधाओं वाले संस्थानों के लिए स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य करने वाली नीति तुरंत बनाई जाए. स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट के बिना उन्हें काम करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। 

  • ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’, अवैध शराब मामले में उप मुख्यमंत्री शुक्ल सख्त; अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

    ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’, अवैध शराब मामले में उप मुख्यमंत्री शुक्ल सख्त; अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

    लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    अवैध शराब प्रभावितों की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कारवाई की समीक्षा की

    भोपाल

    बंडा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए।

      कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 84 मरीज वर्तमान में उपचाररत हैं, जिनमें 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में, 17 मरीज जिला चिकित्सालय में, 7 मरीज बंडा सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जबकि 1 गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जहरीली शराब के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

      पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्रकरण मे थाना बण्डा मे पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है जिन पर अवैध लाभ के उद्देश्य से संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई एवं बिक्री से जुड़े होने के संबंध में आरोप हैं। इसके अतिरिक्त थाना विनायका मे भी 10 आरोपियों के विरूद्ध नामजद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा मे लिया गया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के स्रोत की जांच एवं संलिप्त अपराधियों की लगातार धर-पकड़ जारी है। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रभावित मरीजों का उपचार लक्षणों की तीव्रता के अनुसार किया जा रहा है, प्रभावितों के आने की दर में कमी आई है और गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है।

    बीएमसी में मरीजों का जाना हाल और परिजनों को बंधाया ढांढस

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रविवार को पीड़ितों के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शुक्ल ने बीएमसी के आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्डों में भर्ती उपचाररत मरीजों के पास पहुंचकर उनसे बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की, उनका ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सर्वोत्तम संभव इलाज मुहैया कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहे और दवाओं व संसाधनों की कोई कमी न होने दी जाए। निरीक्षण के दौरान सागर विधायक शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कमिश्नर अनिल सुचारी, डीआईजी  शशीन्द्र चौहान , कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ गंगवानी, इमरजेंसी मेडिसिन से डॉ सौरभ जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

     

    नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे। 

     

  • NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय पर ठगी के गंभीर आरोप, शिकायत में भाई-चाचा के नाम भी शामिल

    NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय पर ठगी के गंभीर आरोप, शिकायत में भाई-चाचा के नाम भी शामिल

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के खिलाफ 29 लाख रुपए से अधिक की कथित ठगी की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता युवक का आरोप है कि उसे विभिन्न काम दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग माध्यमों से बड़ी रकम ली गई, लेकिन बाद में कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया।मामले में नीरज पांडे के अलावा उनके भाई दीपक पांडे और चाचा इंद्रासन पांडे के नाम भी शिकायत में शामिल किए गए हैं। फिलहाल आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

    एजेंसी, नौकरी और ठेका दिलाने का दिया भरोसा
    शिकायतकर्ता के अनुसार उसे सिप्ला कंपनी की एजेंसी या डीलरशिप दिलाने का आश्वासन दिया गया था। इसके अलावा DKS अस्पताल में नौकरी और कैंटीन का ठेका दिलाने की बात भी कही गई।युवक का आरोप है कि इन कामों के नाम पर उससे अलग-अलग समय पर रकम ली गई। शिकायत में उसकी पत्नी को मंत्रालय में नौकरी और रेत खदान से जुड़ा काम दिलाने का भरोसा दिए जाने का भी उल्लेख है।

    भाई और चाचा के नाम भी शिकायत में शामिल
    इस मामले में नीरज पांडे के साथ उनके भाई दीपक पांडे और चाचा इंद्रासन पांडे का नाम भी सामने आया है। शिकायतकर्ता ने तीनों पर अलग-अलग माध्यमों से रकम लेने से जुड़े आरोप लगाए हैं।हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

    झूठा और बेबुनियार आरोप
    नीरज के भाई दीपक से संपर्क करने पर बताया कि,  राजू के साथ उनके चाचा का प्लाटिंग का ज्वाइंट काम था। इस संबंध में उनके बीच पैसों की आपस में लेन-देन होती थी। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के भाई के अनुसार, उनका राजू के परिवार के साथ घरेलू संबंध रहा है। आरोपों को लेकर उनका कहना है, उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है कि राजू ने किनके कहने पर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

    बैंक ट्रांजेक्शन और भुगतान का दिया हवाला
    युवक ने पुलिस को दिए आवेदन में बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य भुगतानों का जिक्र किया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने जिन कामों के लिए रकम दी, वे पूरे नहीं किए गए।उसने अपने आवेदन में कथित भुगतान से जुड़े विवरण भी पुलिस के सामने रखे हैं, जिसके आधार पर मामले की जांच की मांग की गई है।

    पुलिस कमिश्नर से शिकायत, CM से भी लगाई गुहार
    मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने रायपुर पुलिस कमिश्नर के समक्ष आवेदन दिया है। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है।अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद आगे क्या कार्रवाई करती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल यह मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है, इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

     

  • ‘पत्रकारिता में सत्य और जनहित सर्वोपरि’, राज्यपाल डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में AI-मीडिया शोध केंद्र का किया उद्घाटन

    ‘पत्रकारिता में सत्य और जनहित सर्वोपरि’, राज्यपाल डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में AI-मीडिया शोध केंद्र का किया उद्घाटन

    पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता हो – राज्यपाल डेका

    राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभ

    रायपुर

    राज्यपाल रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन भी किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास में सहायक होगा।

            राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने तथा उनके जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्त्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने स्व. ठाकरे जी के सानिध्य में बिताए गए अवसरों और प्रेरणादायी उद्धरणों को साझा किया।

            डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है।

           डेका ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सूचनाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।

            राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय माध्यम समाज में बना हुआ है। पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए  अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन वे व्यापक रूप से पहचाने नहीं जा सके। ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के कार्यों को समाचारों और लेखों के माध्यम से समाज के सामने लाने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

           राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने तथा कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

          कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी विभागाध्यक्ष प्रबंधन और आभार प्रदर्शन सुनील कुमार शर्मा कुलसचिव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  • छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के खिलाफ जंग को मिली नई धार, वैश्विक संकल्प से बढ़ा अभियान का संकल्प

    छत्तीसगढ़ में बाल विवाह के खिलाफ जंग को मिली नई धार, वैश्विक संकल्प से बढ़ा अभियान का संकल्प

    रायपुर

     बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किए जाने से नई ताकत मिली है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा जिला एवं मैदानी स्तर पर जागरूकता, निगरानी और रोकथाम की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।

    यह निर्णय भारत के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 27 नवंबर 2024 को ही देश में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की गई थी। भारत से शुरू हुई इस मुहिम को अब वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलना बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की दर में आई उल्लेखनीय कमी

    राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए शासन, प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, पंचायतों, स्कूलों और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के अनुसार छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करने वाली लड़कियों का प्रतिशत 12.1 प्रतिशत था, जो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (2023-24) में घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया है।

    बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ ही राज्य में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। समुदायों, पंचायतों, स्कूलों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और पुलिस की भागीदारी से बाल विवाह की सूचना मिलने पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए

    जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा भी राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8 सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। यह आंकड़ा राज्य में शासन और सामाजिक संगठनों के साझा प्रयासों तथा बढ़ती जनजागरूकता को दर्शाता है।

    27 नवंबर को वैश्विक स्तर पर मजबूत होगा संकल्प

    संयुक्त राष्ट्र महासभा में सिएरा लियोन द्वारा भारत सहित 67 देशों के समर्थन से प्रस्तुत प्रस्ताव को 4 सितंबर को पारित किया गया। इसके तहत 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया है।

    27 नवंबर 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के दौरान 25 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली गई थी। अब संयुक्त राष्ट्र की घोषणा से इस अभियान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और व्यापक जनभागीदारी मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सुरक्षा और विकास के समान अवसर मिलें तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूरी तरह उन्मूलन हो। राज्य के सतत प्रयास 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने के वैश्विक संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

  • भोपाल में महापौर की कार बनी निशाना! कर्मचारी ने कार की छत पर जलाए कागज, पुलिस जांच में जुटी

    भोपाल में महापौर की कार बनी निशाना! कर्मचारी ने कार की छत पर जलाए कागज, पुलिस जांच में जुटी

     भोपाल
     भोपाल नगर निगम कार्यालय परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक नाराज कर्मचारी ने हंगामा करते हुए महापौर मालती राय की गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया। कर्मचारी ने कुछ कागजों में आग लगाकर उन्हें महापौर की गाड़ी की छत पर रख दिया।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए जलते कागजों को तुरंत हटा दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने के दौरान एक कर्मचारी रामसिंह यादव के हाथ झुलस गए।

    बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी अपनी मांगों के निराकरण नहीं होने और अन्य समस्याओं को लेकर नाराज था। वह कुछ समय से बीमार चल रहा है और अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज भी करा रहा था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को वह सीधे अस्पताल से नगर निगम कार्यालय पहुंचा था।

    हाथ में पर्चे लेकर की नारेबाजी
    कार्यालय पहुंचने के बाद कर्मचारी ने हाथ में पर्चे लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद वह महापौर मालती राय की गाड़ी के पास पहुंच गया। यहां उसने कुछ कागजों में आग लगाई और उन्हें गाड़ी की छत पर रख दिया।

    गाड़ी में आग लगने की आशंका को देखते हुए वहां मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल जलते हुए कागजों को हटा दिया। इस दौरान आग बुझाने की कोशिश में कर्मचारी रामसिंह यादव के हाथ झुलस गए। समय रहते आग पर काबू पा लेने से वाहन को बड़े नुकसान से बचा लिया गया।

    पर्चों पर कर्मचारी संगठन का नाम
    कर्मचारी ने परिसर में जो पर्चे फेंके, उन पर कर्मचारी नगर निगम भोपाल के साथ सम्राट अशोक संगठन का नाम लिखा हुआ है। पर्चों पर सुनील गायकवाड़, कर्मचारी अध्यक्ष, नगर निगम भोपाल का नाम भी अंकित है।

    घटना के बाद नगर निगम कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल कर्मचारी के हंगामे और महापौर की गाड़ी में आग लगाने के प्रयास के मामले में आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।

     

  • दुबई में मध्यप्रदेश का ग्लोबल शोकेस! निवेश, व्यापार और उद्योग के साथ सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन

    दुबई में मध्यप्रदेश का ग्लोबल शोकेस! निवेश, व्यापार और उद्योग के साथ सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में मध्यप्रदेश पवेलियन का किया उद्घाटन

    निवेश, व्यापार और औद्योगिक अवसरों के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई प्रवास के दूसरे दिन एआईएम कांग्रेस-2026 में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया और उपस्थित निवेशकों से चर्चा की।मध्यप्रदेश पवेलियन में प्रदेश की निवेश एवं व्यापार संभावनाओं, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रदर्शित किया गया है। इससे वैश्विक निवेशकों, सॉवरेन फंड्स, मल्टीनेशनल कॉरपोरेशन, व्यापार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों को प्रदेश में निवेश संभावनाओं की जानकारी मिलेगी।पवेलियन के माध्यम से मध्यप्रदेश को “द लैंड ऑफ इनफिनिट पॉसिबिलिटी” के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है।

    मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को किया गया प्रस्तुत

    मध्यप्रदेश पवेलियन में राज्य की रणनीतिक केंद्रीय अवस्थिति, औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, लैंड बैंक, अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों को प्रदर्शित किया गया है। विनिर्माण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों में उपलब्ध क्षेत्र-विशिष्ट निवेश अवसरों की जानकारी भी पवेलियन में दी जा रही है।

    प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

    पवेलियन में निवेश एवं व्यापार के साथ मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं आर्थिक पहचान को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य के जीआई टैग प्राप्त एवं ओडीओपी उत्पादों चंदेरी, महेश्वरी, बाटिक, जरी-जरदोजी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट का चयनित प्रदर्शन किया गया है। इसके माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं के साथ हस्तशिल्प, वस्त्र, निर्यात, पर्यटन और रचनात्मक उद्योगों में उपलब्ध अवसरों को भी प्रदर्शित किया गया है।

    डिजिटल माध्यमों से निवेश अवसरों की दी जा रही जानकारी

    मध्यप्रदेश पवेलियन में व्यावसायिक संवाद स्थलों, डिजिटल डिस्प्ले, सेक्टरवार प्रस्तुतियों और निवेश सुविधा क्षेत्रों को एकीकृत किया गया है। इसके माध्यम से भारत में नए निवेश गंतव्यों की तलाश कर रहे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी जा रही है।

    निवेशकों के साथ संवाद और व्यावसायिक बैठकों पर जोर

    पवेलियन में व्यावसायिक बैठकें, नेटवर्किंग सेशन और उत्पाद प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से वैश्विक बाजारों के साथ मध्यप्रदेश की सहभागिता को सुदृढ़ करने तथा निवेश, व्यापार साझेदारी और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के के अवसरों को बढ़ावा दिया जाएगा।

     

  • CG हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश बने कृष्न राम महापात्र, राज्यपाल डेका ने दिलाई शपथ

    CG हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश बने कृष्न राम महापात्र, राज्यपाल डेका ने दिलाई शपथ

    राज्यपाल डेका ने न्यायाधिपति कृष्न राम महापात्र को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की दिलाई शपथ
    रायपुर

     राज्यपाल रमेन डेका ने न्यायाधिपति कृष्न राम महापात्र  (Krushna Ram Mohapatra) को आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इसके पूर्व कृष्न राम महापात्र उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज के पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल डेका ने मुख्य न्यायाधीश कृष्न राम महापात्र को राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट की प्रति सौंपी। राज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश महापात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

        इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री तोखन साहू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

        समारोह में मुख्य न्यायाधीश महापात्र की धर्मपत्नी श्रीमती अनिता महापात्र सहित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण उपस्थित थे। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील द्वारा किया गया तथा उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट का वाचन किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महाधिवक्ता विवेक शर्मा, उच्च न्यायालय बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं हाईकोर्ट के अधिवक्तागण उपस्थित थे। 

        उल्लेखनीय है कि महापात्र छत्तीसगढ़ के 16 वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।