Tag: featured

  • रायपुर बनेगा उद्योग और निवेश का केंद्र, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में MSME, स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बड़ा मंच

    रायपुर बनेगा उद्योग और निवेश का केंद्र, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में MSME, स्टार्टअप और रोजगार को मिलेगा बड़ा मंच

    छत्तीसगढ़ में सजेगा उद्योगों का महाकुंभ

    18 से 20 सितंबर तक रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर

    MSME, स्टार्टअप, निवेश, रोजगार और नवाचार को मिलेगा साझा मंच

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित देश-प्रदेश के विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 18 से 20 सितंबर तक देशभर के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं की मेजबानी करेगी। साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का आयोजन किया जा रहा है। लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेयर में प्रदेश के MSME, स्टार्टअप, निर्माताओं, उद्यमियों और युवाओं को देशभर के उद्योगपतियों, खरीदारों और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

    यह आयोजन केवल औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, निवेश, रोजगार, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने वाला व्यापक औद्योगिक आयोजन होगा। फेयर में उत्पाद एवं तकनीक प्रदर्शनी, B2B मीटिंग, निवेशकों से संवाद, Job Placement Drive, विशेषज्ञों के प्रेरक सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित विशिष्ट अतिथियों की रहेगी उपस्थिति

    इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की भी उपस्थिति रहेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रमुख विचारक कृष्ण गोपाल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। राष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों और निवेशकों की मौजूदगी से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास

    छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, कृषि एवं वन उत्पाद, ऊर्जा संसाधन और विकसित हो रहे औद्योगिक आधार के कारण प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र की व्यापक संभावनाएं हैं। हालांकि छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच, नए खरीदारों से संपर्क, तकनीकी सहयोग और निवेश हासिल करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इन चुनौतियों को अवसर में बदलने का मंच प्रदान करेगा। प्रदेश के उद्यमियों को विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्योगपतियों, खरीदारों, वितरकों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इससे नए बाजारों तक पहुंच और कारोबारी साझेदारियों की संभावनाएं मजबूत होंगी।

    B2B मीटिंग से बनेंगे नए कारोबारी संबंध

    फेयर में देशभर से आने वाले उद्यमी अपने उत्पादों, मशीनरी, तकनीक और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ B2B मीटिंग के माध्यम से निर्माता, वितरक, डीलर, सप्लायर, खरीदार और निवेशक सीधे संवाद कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को केवल अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देना नहीं, बल्कि उन्हें नए खरीदार, कारोबारी साझेदार और बाजार विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

    Job Placement Drive से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

    इस बार फेयर का एक प्रमुख आकर्षण Job Placement Drive होगा। इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को उद्योगों और कंपनियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। विद्यार्थियों को उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे संवाद, इंटरव्यू और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

    स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन

    फेयर में पारंपरिक उद्योगों के साथ स्टार्टअप और नई पीढ़ी के युवा उद्यमियों को भी विशेष अवसर दिया जाएगा। युवा उद्यमी अपने उत्पाद और नए व्यावसायिक विचार प्रदर्शित करने के साथ अनुभवी उद्योगपतियों, निवेशकों और संभावित कारोबारी साझेदारों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे।बाजार, निवेश, तकनीक और मार्गदर्शन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह मंच नए उद्यमों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    विशेषज्ञों के सत्र देंगे नई दिशा

    तीन दिवसीय आयोजन में Motivational Talks और विशेषज्ञ व्याख्यान भी होंगे। इनमें उद्यमिता, उद्योग संचालन, बाजार विस्तार, नई तकनीक, व्यवसाय प्रबंधन, नवाचार और बदलती आर्थिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सफल उद्यमियों और विशेषज्ञों के अनुभव युवाओं तथा नए उद्यमियों को व्यवसाय की नई संभावनाओं को समझने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।

    औद्योगिक क्षमता के साथ दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान

    इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में औद्योगिक गतिविधियों के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा। तीनों दिनों रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें प्रदेश की लोक कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इससे देशभर से आने वाले उद्यमियों और अतिथियों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

    MSME क्षेत्र को मिलेगी नई ऊर्जा

    MSME क्षेत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फेयर में ऐसे उद्यमियों को नए बाजार, खरीदार, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। विभिन्न राज्यों के उद्यमियों की एक मंच पर मौजूदगी से ज्ञान का आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम, सप्लाई चेन साझेदारी और नए व्यापारिक संबंध विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    'लोकल से नेशनल' की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी दिशा में प्रभावी मंच के रूप में सामने आ रहा है। प्रदेश के छोटे शहरों और जिलों में कार्यरत उद्यमियों को अपने उत्पाद देशभर के खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

    निवेश और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद

    फेयर के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और निवेश क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। खनिज, कृषि, वन उत्पाद, ऊर्जा, इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, निर्माण, MSME और सेवा क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से निवेशकों और उद्योगपतियों को परिचित कराया जाएगा। आयोजन से नए उद्योगों की स्थापना, निवेश, व्यापार विस्तार और रोजगार सृजन के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।

    तीन दिन में उद्योग, निवेश और रोजगार के अनेक अवसर

    18, 19 और 20 सितंबर को आयोजित होने वाला इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर उद्योग जगत के लिए व्यापारिक संपर्क, निवेश, रोजगार, तकनीक और नवाचार के अनेक अवसर लेकर आएगा। एक ओर जहां उत्पादों और तकनीक की प्रदर्शनी होगी, वहीं दूसरी ओर B2B मीटिंग और निवेशकों से संवाद होंगे। युवाओं के लिए Job Placement Drive और उद्यमियों के लिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के सत्र आयोजित किए जाएंगे।

    14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निवेश के नए अवसर तलाशने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 18 से 20 सितंबर तक रायपुर का साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड उद्योग, उद्यमिता, निवेश, रोजगार और नवाचार के इस महाकुंभ का साक्षी बनेगा।

  • बिहार-झारखंड के रेल यात्रियों को बड़ी राहत, 7 रूट होंगे फोरलेन; घटेगी भीड़ और ट्रेनों की लेटलतीफी

    बिहार-झारखंड के रेल यात्रियों को बड़ी राहत, 7 रूट होंगे फोरलेन; घटेगी भीड़ और ट्रेनों की लेटलतीफी

    नई दिल्ली
    केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में रेलवे के 7 सबसे व्यस्त (हाई डेंसिटी) रूट्स को फोर लेन ट्रैक करने की मंजूरी दे दी गई. अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की सूचना देते हुए इसका ऐलान किया. हालांकि, इससे करीब 2 हफ्ते पहले 26 अगस्त को वह इन रूट्स को फोर लेने किए जाने की जानकारी दे चुके थे.इन परियोजनाओं के तहत करीब 656 किमी नई रेल लाइनें जोड़ी या अपग्रेड की जाएंगी. इसके लिए कुल 10,783 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे रेलवे के मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा। 

    इन परियोजनाओं का फायदा पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को मिलेगा. करीब 4,790 गांव इन परियोजनाओं से बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे. इन गांवों में लगभग 56 लाख लोगों की आबादी रहती है. नई लाइनें बनने से यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही भी आसान होगी। 

    11,000 किलोमीटर लंबा ट्रैक होगा 4-लेन
    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अगर हम सबसे अहम रेलवे कॉरिडोर पर नजर डालें तो यह 11,000 किलोमीटर लंबे, 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर हैं. इन हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को 4-लेन का बनाया जा रहा है और कई दूसरे कॉरिडोर पर भी काम चल रहा है. ये आने वाले समय में बहुत ज्‍यादा ट्रैफिक संभालेंगे। 

    ये रूट संभालते हैं 40% भीड़ का हिस्‍सा
    दिल्ली से मुंबई, मुंबई से चेन्नई, चेन्नई से कोलकाता और कोलकाता से मुंबई – यह 'गोल्डन क्वाड्रिलैटरल' है. ये 7 कॉरिडोर रेलवे के कुल ट्रैफिक का लगभग 40% हिस्सा संभालते हैं. इन कॉरिडोर में से लगभग 2,000 किलोमीटर पहले ही 4-लेन का हो चुका है. लगभग 5,000 किलोमीटर पर काम चल रहा है या उसे मंजूरी मिल चुकी है और बाकी 4,000 किलोमीटर के लिए अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। 

    3-मल्‍टी ट्रैकिंग प्रोजेक्‍ट को भी मंजूरी 
    4 लेन प्रोजेकट के अलावा, कैबिनेट ने 5 राज्यों के 14 ज़िलों में फैले 3 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी है. इस प्रोजेकट से भारतीय रेलवे में लगभग 656 km नेटवर्क फैलेगा. इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत ₹10,783 करोड़ है और इन्हें 2029–30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 

    5 नए प्रोजेक्‍ट की भी मंजूरी
    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा‍ कि केंद्रीय कैबिनेट ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों के 17 जिलों में 5 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है. इन प्रोजेक्ट्स से भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 540 किलोमीटर बढ़ जाएगा. इन प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है। 

    कौन-कौन सी रेल लाइनें होंगी अपग्रेड
    सरकार ने खड़गपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में बागडेही तक 4th लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड 4th लाइन और बिलासपुर यानी उसलापुर-पेंड्रा रोड 3rd लाइन को मंजूरी दी है. इन लाइनों के मल्टीट्रैकिंग से मौजूदा रेल रूट पर ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी। 

    रेलवे का ट्रैफिक जाम होगा कम
    नई रेल लाइनों के जुड़ने से मौजूदा रूट पर ट्रेनों का कंजेशन कम करने में मदद मिलेगी. ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुचारू होगा और यात्री तथा मालगाड़ियों को अलग-अलग समय और रूट पर चलाने की सुविधा बढ़ेगी. इससे माल ढुलाई की क्षमता भी मजबूत होगी। 

    पर्यटन और धार्मिक स्थलों को फायदा
    इन परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इनमें पुरी का जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, अमरकंटक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, तारातारिणी मंदिर और रतनपुर महामाया मंदिर जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं. बेहतर रेल कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 

  • IDBI Bank को लेकर जल्द आ सकती है बड़ी खबर! Fairfax की डील पर सरकार तय कर रही ऐलान का सही समय

    IDBI Bank को लेकर जल्द आ सकती है बड़ी खबर! Fairfax की डील पर सरकार तय कर रही ऐलान का सही समय

        नई दिल्ली
    करीब 5 साल से इस सरकारी बैंक को प्राइवेट के हाथों में सौंपने के लिए कोशिशें चल रही थीं. लेकिन हर बार मामला अटक जाता था. लेकिन अब खबर है कि आईडीबीआई (IDBI) बैंक के निजीकरण और रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। 

    दरअसल, केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर बैंक में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं. खरीदारों की रेस में कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स सबसे आगे चल रही है, जिसने लगभग 53,000 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन का संशोधित प्रस्ताव पेश किया है। 

    साल 2021 से जारी इस प्रक्रिया में नियामक देरी और बोलियों के उतार-चढ़ाव के बाद, अब सरकार सही समय पर डील के आधिकारिक ऐलान पर विचार कर रही है. IDBI बैंक में केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 60.72% रणनीतिक हिस्सेदारी की बिक्री अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।

    सही समय पर ऐलान की तैयारी 
    सूत्रों के मुताबिक सरकार अब इस सौदे की औपचारिक घोषणा के सही समय पर विचार कर रही है. IDBI खरीदने के लिए कनाडा की प्रेम वात्सा के स्वामित्व वाली फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) ने सबसे बड़ी बोली लगाई है। 

    शुरुआत में इस सौदे में कुछ अड़चनें आई थीं, क्योंकि शुरुआती बोलियां सरकार के रिजर्व प्राइस से कम थीं. इसके बाद बोलीदाताओं को अपने ऑफर संशोधित करने का मौका दिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक फेयरफैक्स ने अपने प्रस्ताव में सुधार किया है, जो अब करीब 81 रुपये प्रति शेयर के आसपास समझा जा रहा है. इस दर पर 60.72% हिस्सेदारी का कुल वैल्यूएशन लगभग 53,000 करोड़ रुपये बैठता है। 

     IDBI बैंक में सरकार और LIC की कितनी हिस्सेदारी
    इस रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के तहत सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेच रही है. जबकि LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है। 

    बता दें, IDBI बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया 2021 में शुरू की गई थी. नियामक मंजूरी और प्रक्रियात्मक कारणों के चलते इसमें कई बार देरी हुई. हालांकि, फेयरफैक्स की ओर से मिली नई बोली और निरंतर रुचि से साफ है कि यह विनिवेश प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही है। 

    फिलहाल सरकार यह मूल्यांकन कर रही है कि फेयरफैक्स का नया संशोधित प्रस्ताव बैंक के सही मूल्यांकन के अनुकूल है या नहीं. सभी पहलुओं की जांच पूरी होते ही आधिकारिक घोषणा की तारीख तय कर दी जाएगी. इस खबर की वजह से IDBI बैंक के शेयर में भी हलचल देखने को मिल रही है. बुधवार को शेयर मामूली गिरावट के साथ 81 रुपये पर बंद हुआ. इससे पहले मंगलवार को शेयर में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई थी। 

     

  • स्कूलों में बेटियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील माहौल, आत्मसम्मान से नेतृत्व तक योगी सरकार का खास प्लान

    स्कूलों में बेटियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील माहौल, आत्मसम्मान से नेतृत्व तक योगी सरकार का खास प्लान

    बेटियों के आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता के लिए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बना रही योगी सरकार

     रूप-रंग और शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाने की प्रवृत्ति को समझेंगे शिक्षक

    सोशल मीडिया के प्रभाव और बॉडी इमेज पर बच्चों से संवाद की होगी तैयारी

    – लैंगिक रूढ़ियों की पहचान और कक्षा में संवेदनशील व्यवहार का होगा अभ्यास

    पॉक्सो अधिनियम और मासिक धर्म स्वास्थ्य से बाल सुरक्षा व गरिमापूर्ण वातावरण पर जोर

    लखनऊ,
    योगी सरकार बालिकाओं की शिक्षा को उनके आत्मसम्मान, सुरक्षा, गरिमा और नेतृत्व क्षमता से जोड़ते हुए विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में बच्चों के आत्मसम्मान को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मुद्दों पर शिक्षकों की समझ विकसित की जा रही है। रूप-रंग अथवा शारीरिक बनावट को लेकर चिढ़ाना, स्वयं और दूसरों को केवल शरीर या रूप-रंग के आधार पर देखना, अपने शरीर और उसकी क्षमताओं को पहचानना, सोशल मीडिया का प्रभाव तथा लैंगिक रूढ़ियां प्रशिक्षण के प्रमुख विषय हैं। 

    विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के अंतर्गत मीना मंच कार्यक्रम एवं सेल्फ-एस्टीम परियोजना के लिए आज से दो बैच में 100 प्रतिभागियों का दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण शुरू हो गया है। व्यापक प्रशिक्षण रूपरेखा में कुल 450 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने का लक्ष्य है। 

    इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों के संवेदनशील अनुभवों को समझने और उनके साथ प्रभावी संवाद के लिए तैयार करना है, ताकि विद्यालयों में सुरक्षित, सहभागी और सम्मानजनक वातावरण मजबूत हो तथा हर बालिका आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा और भविष्य की ओर आगे बढ़ सके।

    आत्मसम्मान से जुड़े मुद्दों पर समझ
    प्रशिक्षण में नव-विकसित चार कॉमिक पुस्तकों को शिक्षण संसाधन के रूप में शामिल किया गया है। इनके माध्यम से रूप-रंग और शारीरिक बनावट के आधार पर चिढ़ाने एवं परेशान करने, शरीर को लेकर बच्चों की धारणाओं, अपने शरीर से जुड़ाव एवं उसकी क्षमताओं तथा सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे विषयों को समझाया जा रहा है। इन संसाधनों के उपयोग से बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति और विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के तरीकों का भी प्रदर्शन होगा। 

    लैंगिक रूढ़ियों पर संवेदनशील संवाद
    प्रशिक्षण में मीना मंच के गठन, ‘पॉवर एंजिल’ की भूमिका और सहभागितापूर्ण सहजीकरण की प्रक्रिया पर काम हो रहा है। एसटीएआरएस सिद्धांत के माध्यम से सुरक्षित वातावरण में बच्चों की बात सुनने, बिना पूर्वधारणा के संवाद करने, सभी आवाजों को महत्व देने और अनुभवों से सीखने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। लैंगिक रूढ़ियों की पहचान तथा कॉमिक्स और कक्षा गतिविधियों के माध्यम से इन विषयों पर संवाद का भी अभ्यास हो रहा है। 

    पॉक्सो अधिनियम से बाल सुरक्षा पर जोर
    प्रशिक्षण के पहले दिन लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) पर चर्चा के माध्यम से बाल सुरक्षा के प्रमुख संदेशों को स्पष्ट किया गया। मॉक प्रदर्शन और रचनात्मक प्रतिक्रिया के माध्यम से प्रतिभागियों के सहजीकरण कौशल को मजबूत करने का प्रयास हुआ। बच्चों और शिक्षकों की कहानियों को एकत्रित, दस्तावेजीकृत और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर भी काम होगा। 

    किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा
    दूसरे दिन संशोधित ‘प्रगति के पंख’ मॉड्यूल के चार नए अध्यायों, 13 सत्रों और शिक्षक मार्गदर्शिका की समझ विकसित की जाएगी। समूह अभ्यास और मॉक सत्रों के माध्यम से इसके सत्रों को पाठ्यक्रम तथा किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़ने का अभ्यास होगा। ‘अरमान’ मॉड्यूल और अभिभावक सत्रों की जानकारी भी दी जाएगी। 

    मासिक धर्म स्वास्थ्य और गरिमा पर चर्चा
    उच्चतम न्यायालय के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य (2026) निर्णय के प्रमुख निहितार्थों पर भी चर्चा होगी। मासिक धर्म स्वास्थ्य, गरिमा और विद्यालय की जिम्मेदारियों के अंतर्गत सुरक्षित शौचालय, पानी, आवश्यक उत्पाद, निस्तारण, गोपनीयता और जागरूकता जैसे विषयों पर विद्यालयी स्तर पर व्यावहारिक कदम तय करने का अभ्यास कराया जाएगा। 

    कोट:
    योगी सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ आत्मसम्मान, सुरक्षा और नेतृत्व का वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। रूप-रंग, शारीरिक बनावट, सोशल मीडिया और लैंगिक रूढ़ियों जैसे संवेदनशील विषयों को समझना शिक्षकों के लिए बेहद आवश्यक है। मीना मंच के माध्यम से शिक्षकों को तैयार करने से विद्यालयों में बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और प्रभावी संवाद को मजबूती मिलेगी।
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    कोट:
    बच्चों के आत्मसम्मान और सुरक्षित वातावरण के लिए शिक्षकों का संवेदनशील होना महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में बॉडी इमेज, सोशल मीडिया के प्रभाव, लैंगिक रूढ़ियों, बाल सुरक्षा और मासिक धर्म स्वास्थ्य जैसे विषयों को व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़कर समझाया जा रहा है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से यह समझ विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएगी।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • सेवा संकल्प अभियान को लेकर एक्शन मोड में सरकार, ओ.पी. चौधरी ने प्रभार जिलों की तैयारियों की समीक्षा की

    सेवा संकल्प अभियान को लेकर एक्शन मोड में सरकार, ओ.पी. चौधरी ने प्रभार जिलों की तैयारियों की समीक्षा की

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रभार जिले की वर्चुअल बैठक लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन

    जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल एवं प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

    आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ सहित होंगी विविध गतिविधियां

    रायपुर,
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की प्रशासनिक बैठक ली। उन्होंने अभियान की तैयारियों की विस्तार समीक्षा करते हुए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कार्ययोजना, विभागीय दायित्वों एवं प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी ली।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की यात्रा केवल वर्षों का हिसाब नहीं है, बल्कि यह 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और भारत की क्षमता में अटूट विश्वास की कहानी है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से इस यात्रा के प्रति जन-आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों का बेहतर विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि ग्राम, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर अधिकतम जनभागीदारी के साथ आयोजित करना सुनिश्चित करें। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों को अभियान से जोड़ा जाए।

    17 सितंबर की शाम हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

    अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके तहत प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलन से जोड़ने की पहल की जाएगी। प्रत्येक दीप को 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक बनाया जाएगा। मैदानी टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

    ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ से सामने आएगी नई पीढ़ी की कल्पना

    17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत विकसित भारत की संकल्पना और 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों की कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

    ‘नमो सेवा गाथा’ से गांव-गांव पहुंचेगी सेवा और बदलाव की कहानी

    ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाट्य का आयोजन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थलों पर विशेष मंचन प्रस्तावित है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सरल, भावनात्मक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

    ‘आंगन का उत्सव’ में माताओं से संवाद और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान

    25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित होगी। इसमें माताओं एवं बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं अपने जीवन में आए बदलाव की कहानियां भी साझा करेंगी।

    ‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियां

    अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संकलित की जाएंगी। प्रत्येक कहानी में हितग्राही का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और जीवन में आए बदलाव की जानकारी दर्ज की जाएगी। इन कहानियों का डिजिटल डेटा बैंक भी तैयार किया जाएगा।

    ‘सेवा ज्योति यात्रा’ से जन-जन जुड़ेगा विकसित भारत के संकल्प से

    25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने के लिए गांव, जिला एवं राज्य स्तर पर जनभागीदारी यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ को व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे नागरिक

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सेवा गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नदी-घाट स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा कार्यों को अभियान में शामिल किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ से पात्र हितग्राहियों को मिलेगा योजनाओं का लाभ

    ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, उन्हें योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा।

    विविध गतिविधियों से अभियान को मिलेगा व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप

    अभियान के दौरान ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज‘ तथा ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण तथा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

    इस बैठक में संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

  • पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी, जनहित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी, जनहित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब युवा टाउन प्लानर्स के कंधों पर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ 21 सहायक संचालकों की नियुक्ति

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 नवचयनित सहायक संचालकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी, जनहित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    सुनियोजित शहरीकरण से मजबूत होगी विकसित छत्तीसगढ़ की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    निष्पक्ष भर्ती, प्रोफेशनल कार्य संस्कृति और आधुनिक टाउन प्लानिंग के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा प्रदेश

    रायपुर 
    शहरों का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री साय ने सभी नवचयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। यह नियुक्ति विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर योग्य बनाना और उन्हें जिम्मेदार पद पर प्रदेश तथा जनता की सेवा करते देखना प्रत्येक माता-पिता के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर होता है। आज इन युवाओं के जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है और इसके साथ उनके परिवारों की अपेक्षाएं तथा प्रदेश की आशाएं भी जुड़ी हुई हैं।

    राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में 17 नियुक्तियां, अब एक साथ 21 युवा अधिकारी

    *मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि आज एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभागों को पर्याप्त मानव संसाधन और प्रोफेशनल क्षमता से सशक्त कर रही है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार होने के साथ नगरों की सीमाएं बढ़ रही हैं और प्रमुख सड़कों तथा शहरों के आसपास नई बसाहटें विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में यह गति और तेज होगी। ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने का कार्य नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है। एक अच्छी योजना शहर को व्यवस्थित बनाती है, नागरिक सुविधाओं को सुलभ करती है और भविष्य में अनियोजित विस्तार से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकती है। इसलिए आज नियुक्त हुए युवा अधिकारियों के कंधों पर भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    जनहित और पारदर्शिता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें

    मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों को दायित्वबोध का संदेश देते हुए कहा कि शासकीय सेवा  जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। शासन में अधिकारी द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें।

    उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम नागरिक को अपने छोटे से छोटे कार्य के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुविधा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करने का आह्वान किया।

    विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भागीदारी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश इस लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों के विकास की स्पष्ट दिशा तय करते हुए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’ तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं हों, युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर हों और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें शासन-प्रशासन, युवाओं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

    ढाई वर्षों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए अवसरों का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।

    पारदर्शी व्यवस्था से मिली नियुक्ति, उसी पारदर्शिता का लाभ जनता तक पहुंचाएं : ओ.पी. चौधरी

    वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के विकास के साथ शहरी आबादी और शहरों का विस्तार बढ़ना स्वाभाविक है। इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं का पहले से आकलन कर आधुनिक और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग करना समय की आवश्यकता है।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में पहले एक बार में तीन या चार सहायक संचालकों की नियुक्तियां होती थीं, लेकिन इस बार एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की प्रोफेशनल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि उनकी भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है। अब उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इसी पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं। जब कोई नागरिक नक्शा स्वीकृति या अपने किसी अन्य कार्य के लिए विभाग के कार्यालय आए, तो उसे व्यवस्था में सरलता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।

    नई पीढ़ी के अधिकारियों की ऊर्जा से विकास को मिलेगी नई गति : केदार कश्यप

    वन मंत्री केदार कश्यप ने नवचयनित अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 
    उन्होंने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

    कार्यक्रम में विभागीय सचिव अंकित आनंद, आयुक्त अवनीश शरण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

  • MP की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ दुनिया का उद्योग जगत, दुबई दौरे में ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले

    MP की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ दुनिया का उद्योग जगत, दुबई दौरे में ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले

    मध्यप्रदेश निवेशकों का भरोसेमंद साथी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में दुनिया के उद्योग जगत को दिया न्योता
    मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ वैश्विक उद्योग जगत
    लगभग 53 हजार करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्राप्त

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 6 से 8 सितंबर का दुबई दौरा मध्यप्रदेश की निवेश रणनीति को वैश्विक मंच पर नए विस्तार देने वाला रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा निवेश के साथ तकनीक, बाजार, निर्यात और रोजगार को जोड़कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश एवं विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश को केवल निवेश के गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक कंपनियों और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया। दुबई प्रवास के दौरान लगभग 53 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। यूएई के शीर्ष मंत्रियों, तातारस्तान के नेतृत्व, विश्व बैंक और डीपी वर्ल्ड, क्रिसेंट एंटरप्राइज़, जेम्स एजुकेशन, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, राणा होल्डिंग्स, वीएफएस ग्लोबल और BEEAH जैसी कंपनियों के साथ हुई बैठकों में लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, एआई एवं डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी, फार्मा, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, आधुनिक विनिर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी साझेदारी की संभावनाएं खुलीं।

    दुबई ने मध्यप्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का अध्ययन करने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने, विमानन संपर्क बढ़ाने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में उच्चस्तरीय निवेशक दल के साथ भागीदारी की दिशा में सहमति जताई, वहीं विश्व बैंक ने एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में सहयोग में रुचि दिखाई। डीपी वर्ल्ड और शराफ ग्रुप के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, BEEAH के साथ कचरा प्रबंधन एवं वेस्ट-टू-एनर्जी, GEMS के साथ एजुकेशन और कौशल विकास तथा चोइथराम्स के साथ रिटेल और फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं ने दौरे को ठोस कारोबारी अवसरों से जोड़ा। शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम और यूएई के साथ निवेश राउंडटेबल की पहल के साथ मध्यप्रदेश ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब लक्ष्य केवल पूंजी आकर्षित करना नहीं, बल्कि पूंजी, तकनीक, बाजार, रोजगार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मध्यप्रदेश से जोड़ना है।

    ग्लोबल निवेश मानचित्र पर सशक्त होता मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता दिया और सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

                 25 से अधिक नई नीतियां: निवेश और कारोबार को आसान बनाने के लिए 25 से अधिक नयी नीतियां और 2700 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त।

                 MSME में 1.10 करोड़ रोजगार: प्रदेश में MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत।

                 76 हजार करोड़ रूपए से अधिक निर्यात: वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात।

                 भविष्य के सेक्टरों पर फोकस: AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस, साइंस सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेश के नए क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

                 तीन नए आईटी पार्क: रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

                 भूमि-बिजली-पानी की ताकत: पर्याप्त लैंड बैंक, भूमि, सरप्लस बिजली, जल संसाधन और ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता को निवेश की बड़ी ताकत बताया।

                 अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी: भोपाल और इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें; चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी।

                 कृषि से ग्लोबल फूड चेन तक: फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और कृषि निर्यात में यूएई और खाड़ी बाजार को लक्ष्य।

                 टेक्सटाइल की वैश्विक ब्रांडिंग: चंदेरी और महेश्वरी को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क व गारमेंट निर्माण से जोड़ने की योजना।

                 लॉजिस्टिक्स में बड़े अवसर: डीपी वर्ल्ड के साथ पवारखेड़ा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब की संभावनाएं।

                 शराफ ग्रुप का प्रस्ताव: मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग आधारित लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए 30–50 मिलियन डॉलर निवेश की संभावना और 300–600 रोजगार का अवसर।

                 जेम्स एजुकेशन : मध्यप्रदेश के प्रमुख एवं उभरते शहरों में अंतर्राष्ट्रीय K-12 स्कूल और कौशल विकास केंद्रों की संभावनाएं।

                 क्रिसेंट एंटरप्राइज़ेज़ : लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ऊर्जा, शहरी अधोसंरचना और तकनीकी सहयोग पर चर्चा।

                 राणा हॉल्डिंग्स : स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में संभावनाएं।

                 चोइथराम्स : आधुनिक रिटेल, सुपरमार्केट, फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और स्थानीय किसानों से सीधी खरीद की संभावना।

                 बी-आह के साथ हरित साझेदारी: वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट-टू-एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और स्मार्ट सिटी मॉडल में सहयोग।

                 इंदौर मॉडल का विस्तार: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बायो-सीएनजी मॉडल को वैश्विक तकनीक से जोड़ने की पहल।

                 यूएई का पर्यटन दल: होटल, हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन निवेश की संभावनाएं तलाशने यूएई का प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश आएगा।

                 विमानन सहयोग: मध्यप्रदेश और यूएई के बीच एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमति की दिशा में पहल।

                 विश्व बैंक से AI सहयोग: एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाएं।

                 तातारस्तान से साझेदारी: एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक तकनीक में सहयोग; जीआईएस-2027 का निमंत्रण।

                 इथियोपिया से आर्थिक सहयोग: कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा में निवेश की संभावनाएं।

                 रस-अल-खैमा से औद्योगिक सहयोग: सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा में साझेदारी।

                 शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम: ‘एमपी-शारजाह बिजनेस फोरम’ की पहल और मध्यप्रदेश के एमएसएमई निर्यातकों को खाड़ी के खरीदारों से जोड़ने पर जोर।

                 ओडीओपी-जीआई की ग्लोबल ब्रांडिंग: चंदेरी, महेश्वरी, बाटिक, जरी-जरदोजी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट को दुबई में वैश्विक बाजार के सामने प्रदर्शित किया गया।

                 अरब देशों तक पहुंच: अरब संसद अध्यक्ष से चर्चा; अरब निवेशकों को ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और शहरी अधोसंरचना में निवेश का आमंत्रण।

                 जीआईएस-2027 केंद्र में: यूएई, तातारस्तान, इथियोपिया, अरब देशों और वैश्विक उद्योग जगत को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भागीदारी का निमंत्रण।

                निवेश के साथ तकनीक, बाजार, निर्यात और रोजगार को जोड़कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश एवं विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना।

                 मध्यप्रदेश ने दुबई में अपना ग्लोबल इन्वेस्टमेंट के लिये विजन रखा—मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के ‘इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश’ सत्र में वैश्विक निवेशकों को प्रदेश में निवेश का न्योता दिया और मध्यप्रदेश की विश्वसनीय, पारदर्शी एवं निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी।

                 दुबई के प्रमुख निवेशकों और उद्योग समूहों से वन-टू-वन संवाद— मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट एंटरप्राइजेज, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन, शराफ ग्रुप, वीएफएस ग्लोबल, चोइथराम्स सहित प्रमुख वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से सीधे निवेश पर चर्चा की।

                 डीपी वर्ल्ड के साथ पोवारखेड़ा को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स हब बनाने की संभावना—मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन के जरिए किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की योजना पर विमर्श।

                 जेम्स एजुकेशन मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल खोलने का इच्छुक—प्रदेश के प्रमुख एवं उभरते शहरों में आधुनिक स्कूल कैंपस स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास पर काम करने में रुचि।

                 चोइथराम्स समूह प्रदेश में आधुनिक रिटेल नेटवर्क विकसित करेगा—प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केन्द्रों की स्थापना के साथ स्थानीय किसानों और उत्पादकों से सीधे खरीद तथा खाद्य प्रसंस्करण-पैकेजिंग को बढ़ावा देने पर सहमति।

                 ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन ने कई क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई—इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी में संभावनाएं तलाशने पर चर्चा।

                 राणा होल्डिंग्स के साथ भविष्य की तकनीक पर फोकस—स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में निवेश की संभावनाओं पर विमर्श।

                 क्रेसेंट एंटरप्राइजेज ने ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और शहरी अधोसंरचना में रुचि दिखाई—मध्यप्रदेश में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, तकनीक हस्तांतरण और दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा।

                 यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता—भारत-यूएई सीइपीए के तहत गैर-तेल व्यापार, उन्नत तकनीक, सप्लाई चेन और सीमा-पार निवेश को गति देने पर सहमति।

                 यूएई का उच्चस्तरीय निवेश प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश आएगा—होटल एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए यूएई प्रतिनिधिमंडल के शीघ्र प्रदेश दौरे पर सहमति।

                 मध्यप्रदेश-यूएई निवेश सहयोग के लिए 5–10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान होगी—‘मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल’ आयोजित करने और परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय; तीन माह में पहली समीक्षा।

                 तातारस्तान के साथ नई औद्योगिक साझेदारी का रास्ता खुला—रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव के साथ बैठक में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कृषि, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक में बी2बी एवं जी2जी सहयोग पर सहमति।

                 तातारस्तान का निवेश प्रतिनिधिमंडल जीआईएस-2027 में आएगा—तातारस्तान ने मध्यप्रदेश को ‘टाइम : रूस–भारत’ फोरम और प्रदर्शनी में सहभागिता का निमंत्रण दिया तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लेने की प्रतिबद्धता जताई।

                 विश्व बैंक के साथ एआई और डिजिटल परियोजनाओं पर संवाद—विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई मामलों के उपाध्यक्ष सांगबू किम के साथ बैठक में मध्यप्रदेश की एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं के लिए फंडिंग एवं वित्तीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा।

                 पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी में यूएई की साझेदारी—यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्लाह बिन तौक अल मर्री ने मध्यप्रदेश में होटल एवं हॉस्पिटैलिटी निवेश की संभावनाओं के लिए विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजने का आश्वासन दिया।

                 मध्यप्रदेश-यूएई हवाई संपर्क बढ़ाने में सहयोग—यूएई की ओर से मध्यप्रदेश और यूएई के बीच एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार में सहयोग का भरोसा; इससे पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक आवागमन को गति मिलने की संभावना।

                 खनन, टेक्सटाइल, वन और पर्यटन में यूएई के साथ साझेदारी—इन क्षेत्रों में निवेश और नीतिगत सहयोग की संभावनाओं पर उच्चस्तरीय विमर्श।

                 बी-आह के साथ वेस्ट-टू-एनर्जी साझेदारी की संभावनाएं—शारजाह स्थित बी-आह मुख्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रुप सीईओ खालिद अल हुरैमल के साथ बैठक की; मध्यप्रदेश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट-टू-एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन मोबिलिटी में निवेश एवं तकनीकी सहयोग पर चर्चा।

                 इंदौर के स्वच्छता मॉडल को वैश्विक साझेदारी से जोड़ने की पहल—बी-आह के साथ इंदौर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी मॉडल को जोड़कर आधुनिक कचरा प्रबंधन और जीरो-वेस्ट लैंडफिल की दिशा में काम करने की संभावनाएं तलाशी गईं।

                 शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम का प्रस्ताव—शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात में उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के मध्यप्रदेश दौरे और ‘मध्यप्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम’ के गठन का प्रस्ताव।

                 एमपी के एमएसएमई और निर्यातकों को खाड़ी बाजार से जोड़ने की पहल—शारजाह चैंबर से प्रदेश के उत्पादकों को खाड़ी देशों के खरीदारों और वितरकों से जोड़ने में सहयोग मांगा गया।

                 फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, रिन्यूएबल एनर्जी और पर्यटन में निवेश के अवसर—शारजाह की कंपनियों को इन क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

                 मध्यप्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों की ग्लोबल ब्रांडिंग—पीथमपुर और मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्रों के साथ प्रदेश की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियों को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा गया।

                 मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति को निवेश की ताकत के रूप में पेश किया गया—प्रदेश लगभग 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की करीब 60 प्रतिशत आबादी तक पहुंच प्रदान करता है, जिससे बड़े उपभोक्ता बाजार तक उत्पादों की तेज पहुंच संभव है।

                 लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट को नई दिशा देने पर जोर—सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और ICD/MMPL जैसी सुविधाओं के जरिए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की रणनीति सामने रखी गई।

                 दुबई में मध्यप्रदेश के ओडीओपी और जीआई उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग—चंदेरी, महेश्वरी, बैतूल बेल मेटल, उज्जैन बाटिक, भोपाल जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट सहित प्रदेश के विरासत उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी आयोजित की गई।

                 अरब देशों के साथ निवेश सहयोग का विस्तार—अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के साथ व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी अधोसंरचना में सहयोग पर चर्चा।

                 मध्यपूर्व और अफ्रीका के 20 से अधिक देशों को जीआईएस-2027 का आमंत्रण—अरब संसद के माध्यम से अल्जीरिया, बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, मोरक्को, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई सहित अनेक देशों के संसदीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण।

                 वैश्विक निवेश नेटवर्क से सीधा संपर्क—एआईएम कांग्रेस के ‘टाइकून्स रात्रिभोज’ में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और वैश्विक कॉरपोरेट नेतृत्व से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संवाद।

                 जीआईएस-2027 को दुबई दौरे का बड़ा लक्ष्य बनाया गया—लगभग हर प्रमुख बैठक में मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष मध्यप्रदेश में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए निवेशकों, कंपनियों, सरकारी प्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों को आमंत्रित किया।

                 मध्यप्रदेश की निवेश नीति का केंद्रीय संदेश—‘नीति, नीयत और नेतृत्व’—मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, सिंगल-विंडो व्यवस्था और समयबद्ध सहयोग के साथ निवेशकों की हर संभव मदद के लिए तैयार है।

    छह से आठ सितंबर के दुबई प्रवास में मध्यप्रदेश ने निवेश आकर्षण को केवल ‘निवेश प्रस्तावों’ तक सीमित न रखते हुए यूएई, रूस, विश्व बैंक और वैश्विक कॉरपोरेट जगत के साथ लॉजिस्टिक्स, एआई, ग्रीन एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, शिक्षा, पर्यटन, वेस्ट-टू-एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी का रोडमैप प्रस्तुत किया।

     

  • जलाशय से खेत तक पहुंचेगा पानी, बूंद-बूंद के बेहतर इस्तेमाल का मॉडल तैयार, 31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

    जलाशय से खेत तक पहुंचेगा पानी, बूंद-बूंद के बेहतर इस्तेमाल का मॉडल तैयार, 31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

    इंडिया-इजराइल परियोजना: बुंदेलखंड में जल संकट का समाधान निकाल रहा योगी सरकार का आधुनिक जल प्रबंधन मॉडल

    19.1 करोड़ की इंडिया-इजराइल परियोजना में तेजी, गंगावली में सोलर पंप, इंटेक पाइप व नेचुरल एसटीपी का काम पूरा

    जलाशय से खेत तक पहुंचेगा पानी, बूंद-बूंद के बेहतर इस्तेमाल का मॉडल तैयार, 31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

    8.5 हेक्टेयर में दिखेगी कम पानी में बेहतर खेती की तकनीक, गंगावली मॉडल का 24 गांवों तक विस्तार करने की तैयारी

    72 प्रशिक्षण सत्रों से किसानों को मिलेंगे आधुनिक सिंचाई और खेती के गुर, हर सत्र में हिस्सा लेंगे 100 किसान

    लखनऊ
     बुंदेलखंड में जल संकट और सीमित जल संसाधनों के बीच योगी सरकार जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए इंडिया-इजराइल बुंदेलखंड वाटर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है। झांसी के विकासखंड बड़ागांव स्थित ग्राम गंगावली में करीब 19.1 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे मिनी पायलट प्रोजेक्ट में कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं। जलाशय का अर्थवर्क और जियोमेम्ब्रेन लाइनिंग, सोलर पंप की स्थापना, नहर से जलाशय तक इंटेक पाइप और इंटेक वेल, पीयूएफ पैनल आधारित भवनों समेत कई प्रमुख काम पूरे किए जा चुके हैं। अब अगले चरण में माइक्रो इरिगेशन, ग्रीनहाउस, सिंचाई ऑटोमेशन और किसान प्रशिक्षण जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

    जल संरक्षण से आधुनिक खेती तक एक ही मॉडल
    नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक, भूगर्भ जल विभाग डॉ राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य बुंदेलखंड की स्थानीय जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियों के अनुसार ऐसा मॉडल तैयार करना है, जिसमें उपलब्ध पानी का अधिकतम और वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जा सके। परियोजना में जल संरक्षण, जल भंडारण, सौर ऊर्जा, माइक्रो इरिगेशन, आधुनिक कृषि तकनीक और किसान प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ा गया है। इसके तहत जलाशय, नहर से पानी लाने की व्यवस्था, पाइपलाइन, सोलर पंप, ड्रिप-स्प्रिंकलर, प्राकृतिक एसटीपी, कृषि मशीनरी और आधुनिक खेती की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसका मकसद किसानों को सीमित पानी में बेहतर सिंचाई और खेती का व्यावहारिक मॉडल उपलब्ध कराना है।

    नेचुरल एसटीपी का भी निर्माण
    गंगावली में परियोजना की प्रगति अब जमीन पर दिखाई देने लगी है। जलाशय क्षेत्र की डिमार्केशन और फेंसिंग का कार्य पूरा हो चुका है। जलाशय का अर्थवर्क और जियोमेम्ब्रेन लाइनिंग भी पूरी हो गई है। पीयूएफ पैनल आधारित भवनों का निर्माण पूरा होने के साथ वहां सीसीटीवी की व्यवस्था भी की जा चुकी है। इसके अलावा सोलर पंप स्थापित किया गया है। नहर से जलाशय तक इंटेक पाइप और जलाशय में इंटेक वेल का निर्माण भी पूरा हो चुका है। गांव से आने वाले अपशिष्ट जल को जलाशय में पहुंचने से रोकने और उसके उपचार के लिए नेचुरल एसटीपी का निर्माण किया गया है। जलाशय के आसपास सड़क का काम अभी प्रगति पर है।

    8.5 हेक्टेयर में होगा आधुनिक खेती का प्रदर्शन
    मिनी पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 8.5 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक कृषि गतिविधियों का प्रदर्शन प्रस्तावित है। अगले चरण में ड्रिप और स्प्रिंकलर आधारित माइक्रो इरिगेशन सिस्टम को स्थापित और क्रियाशील किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रीनहाउस, टनल, पाइपलाइन और सिंचाई ऑटोमेशन-एससीएडीए व्यवस्था को भी क्रियाशील किया जाएगा।

    इससे किसानों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि फसल की जरूरत के अनुसार कितनी मात्रा में पानी दिया जाए और कम पानी में बेहतर उत्पादन कैसे हासिल किया जा सकता है। परियोजना में पानी की खपत, सिंचाई दक्षता, फसल उत्पादन, लागत और जल उत्पादकता जैसे मानकों पर तकनीकों के परिणामों का मूल्यांकन भी किया जाएगा।

    किसानों को खेत पर मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
    परियोजना में केवल आधारभूत ढांचा तैयार करने के बजाय कि
    सानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 72 प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक सत्र में करीब 100 किसानों की भागीदारी का प्रावधान है। प्रशिक्षण में किसानों को वाटर बजटिंग, फर्टिगेशन, क्रॉप प्लानिंग, सिंचाई संचालन और कृषि मशीनरी के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। इससे किसान उपलब्ध पानी के आधार पर फसल क्षेत्र तय करने और सिंचाई का बेहतर प्रबंधन करने में सक्षम होंगे।

    24 गांवों तक पहुंचेगा गंगावली का मॉडल
    डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि गंगावली में तैयार हो रहे मिनी पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों को आगे बड़े क्षेत्र में लागू करने की भी तैयारी है। अगले चरण में बड़ागांव विकासखंड में पाहुज नहर के डाउनस्ट्रीम स्थित 24 अन्य गांवों में विस्तृत प्रदर्शनात्मक प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। इससे गंगावली में सफल रहने वाली उपयोगी तकनीकों को दूसरे गांवों तक पहुंचाने का रास्ता तैयार होगा।

    31 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
    भूगर्भ जल विभाग के अधिशासी अभियांता व वैयक्तिक सहायक निदेशक अनुपम ने कहा कि परियोजना के वर्तमान निर्माण एवं क्रियान्वयन चरण को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के साथ परियोजना को जून 2029 तक संचालित करने का प्रस्ताव है। वहीं विस्तारित डेमोंस्ट्रेशन और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम अक्टूबर 2026 से मई 2029 तक प्रस्तावित है।

  • MP की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! 40वीं किस्त में मिलेंगे ₹1500, पेमेंट स्टेटस और लाभार्थी सूची ऐसे करें चेक

    MP की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! 40वीं किस्त में मिलेंगे ₹1500, पेमेंट स्टेटस और लाभार्थी सूची ऐसे करें चेक

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा लाडली बहना योजना की लाभार्थियों के लिए सितंबर महीने की किस्त को लेकर इंतजार खत्म होने वाला है. दरअसल, राज्य सरकार से जुड़े सूत्रों और अधिकारियों के मुताबिक योजना की 40वीं किस्त 15 सितंबर 2026 तक बहनों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेज दी जाएगी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये की राशि हर लाडली बहनों के खाते में ट्रांसफर करेंगे। 

    मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटते ही तय होगी तारीख
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दुबई दौरे से 9 सितंबर को भोपाल वापस लौटेंगे. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के लौटने के बाद एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तारीख तय की जाएगी, जिसमें बटन दबाकर 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में एक साथ करोड़ों रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। 

    पिछले महीने सभी बहनों को मिले थे 1750 रुपये
    रक्षाबंधन के मौके पर अगस्त महीने में मोहन सरकार ने बहनों को विशेष उपहार देते हुए 1750 रुपये की राशि जारी की थी. हालांकि, सितंबर महीने से नियमित रूप से मिलने वाले 1500 रुपये की किस्त भेजी जाएगी. मध्य प्रदेश कैबिनेट ने लाडली बहना योजना को अगले 5 वर्षों तक बिना किसी रुकावट के जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, यानी ये योजना बिना किसी रुकावट के अगले पांच साल तक चलती रहेगी. इस पर सरकार 1,14,365 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च करेगी। 

    लाभार्थियों की लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम
    लाडली बहनों के किस्त का समय नजदीक आते ही महिलाओं को इस बात को लेकर चिंता बढ़ जाती है, कि कहीं उसका नाम कट तो नहीं गया है. दरअसल कई राज्य सरकार अपने यहां अपात्र महिलाओं की पहचान कर उनके नाम लाभार्थी सूची से हटा रही है. ऐसे लाडली बहना योजना की लाभार्थी आपका नाम स्वीकृत सूची में चेक कर सकती हैं. अगर आप भी अपना नाम चेक करना चाहते हैं तो मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in या https://cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर दो तरीकों से चेक कर सकती हैं। 

    फाइनल सूची में ऐसे चेक करें नाम

        मध्य प्रदेश सरकार की अधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं. 
        मुख्य मेन्यू में दिए गए अंतिम सूची विकल्प पर क्लिक करें.
        अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें.
        ओटीपी प्राप्त करें पर क्लिक करें और मोबाइल पर आए ओटीपी को वेरीफाई करें.
        अपना जिला, स्थानीय निकाय जैसे जनपद या नगर निगम फिर ग्राम पंचायत या वार्ड चुनें.
        स्क्रीन पर आपके क्षेत्र की पूरी लिस्ट खुल जाएगी, इसमें अपना नाम देखें.

    आवेदन और पेमेंट की स्थिति वाले लिंक पर जाकर अपना नाम चेक करें

        होमपेज पर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति वाले विकल्प पर क्लिक करें.
        अपना 9 अंकों का समग्र सदस्य क्रमांक या ऑनलाइन पंजीयन क्रमांक दर्ज करें.
        कैप्चा कोड भरकर पंजीकृत मोबाइल पर आया ओटीपी दर्ज करें और सबमिट करें. 
        आपके आवेदन का स्टेटस, स्वीकृति और  किस्त के भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी। 

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! ₹68,000 न्यूनतम वेतन और पेंशन पर उठी मांग, 8वें वेतन आयोग की बैठक से पहले 7 अपडेट

    सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! ₹68,000 न्यूनतम वेतन और पेंशन पर उठी मांग, 8वें वेतन आयोग की बैठक से पहले 7 अपडेट

    पुडुचेरी
    आठवें वेतन आयोग की टीम आज 9 सितंबर, बुधवार को पुडुचेरी में है, जहां कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ मीटिंग होने वाली है. इससे पहले चेन्नई मीटिंग संपन्न हुई. देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से ज्‍यादा पेंशनर्स के लिए चेन्नई मीटिंग से बड़े अपडेट्स सामने आए हैं। 

    चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को हुई आयोग की बैठकों में डाककर्मियों से जुड़े संगठन, पेंशनर ग्रुप, GPO पेंशनर्स फोरम, कुछ अन्‍य कर्मचारी संगठन शामिल हुए और सैलरी, पेंशन, भत्तों समेत अन्‍य मुद्दों पर भी अपनी मांगें रखीं और सुझाव दिए. चेन्नई के ITC Grand होटल में हुई इन मीटिंग्‍स में संगठनों का फोकस सैलरी रिवीजन, अलाउंसेज और पेंशन रिफॉर्म पर रहा. आइए जानते हैं, चेन्नई मीटिंग से आए 5 बड़े अपडेट्स क्‍या हैं। 

    1). GPO पेंशनर्स फोरम ने रखी मांगें 
    चेन्नई मीटिंग में GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सदस्‍यों के सामने सैलरी, पेंशन में संशोधन, भत्तों में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में सुधार का सुझाव दिया. खास तौर पर डाक कर्मियों के करियर की दिक्कतों, जरूरतों और सुधारों पर जोर दिया। 

    2). सैलरी में सुधार की स्‍थाई व्‍यवस्‍था हो 
    संगठन के प्रतिनिधियों ने मीटिंग के दौरान सैलरी स्‍ट्रक्‍चर में बदलाव की मांग की. उन्‍होंने सैलरी में संशोधन के लिए एक स्थाई व्यवस्था पर जोर दिया. साथ ही मौजूदा पे-मैट्रिक्स सिस्टम की जगह रनिंग स्केल लागू करने की मांग की. संगठन का मानना है कि इस व्‍यवस्‍था से कर्मचारियों की बेहतरी होगी। 

    3). 68,000 रुपये मिले न्‍यूनतम वेतन 
    चेन्नई मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों का न्‍यूनतम वेतन यानी मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 68,000 रुपये किए जाने का सुझाव दिया गया है. GPO पेंशनर्स फोरम के सदस्‍यों ने  NC-JCM और शुरुआती कुछ संगठनों के सुझाव के अनुसार, न्‍यूनतम वेतन 69,000 रुपये किए जाने की बात उठी थी। 

    4). सालाना इंक्रीमेंट 6 से 7 फीसदी हो 
    चेन्‍नई में एम्प्लॉई संघ ने एनुअल इंक्रीमेंट हाइक यानी सालाना वेतन बढ़ोतरी की मांग उठाई. संगठन ने मौजूदा 3% इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 फीसदी करने का सुझाव दिया. NC-JCM स्‍टाफ साइड यानी नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने भी इस विषय को ऑलरेडी पुश किया हुआ है. NC-JCM ने सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7% करने का प्रपोजल दिया है। 

    5). ओल्‍ड पेंशन स्‍कीम बहाल हो 
     GPO पेंशनर्स फोरम ने पेंशन व्‍यवस्‍था में बड़े बदलाव की मांग रखी है. इनमें रीस्टोरिंग ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम यानी पुरानी पेंशन स्‍कीम को फिर से बहाल करने की मांग की है. इसके अलावा फैमिली पेंशन को बढ़ाने की भी मांग की है. पेंशन के अन्‍य स्ट्रक्चर्स पर भी बात हुई है। 

    6). भत्तों और सुविधाओं पर भी सुझाव 
    अपकमिंग फिटमेंट फैक्टर, डियरनेस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस पर भी बात हुई. चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने अन्‍य मांगों के साथ-साथ कम्यूटेशन की रकम की वसूली में राहत, MACP फायदों में बदलाव, बेहतर भत्ते और छुट्टी के फायदे पर बात रखी. साथ ही सोशल सिक्‍योरिटी को और मजबूत करने वाल उपायों की मांग की। 

    7). महिला कर्मि‍यों और दिव्यांगों के लिए मांग
    पेंशनर फोरम के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ करियर की अन्‍य जरूरतों के बारे में भी बातें की और प्रोमोशन जैसे मसलों पर भी जोर दिया. डाक विभाग में महिला कर्मचारियों और दिव्यांगों से जुड़ी जरूरतों और मुद्दों पर भी संगठन ने आयोग के सामने पक्ष रखा। 

    आज पुडुचेरी में अहम मीटिंग 
    चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को मीटिंग खत्‍म होने के बाद केंद्रीय वेतन आयोग की टीम आज पुडुचेरी में मीटिंग करने वाली है. इस मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े अलग-अलग संगठनों के शामिल होने की संभावना है. मीटिंग में सैलरी, पेंशन, भत्तों, फिटमेंट फैक्‍टर, हेल्‍थ स्‍कीम समेत अन्‍य मुद्दों पर बात हो सकती है।