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  • इंदौर में स्टाइपेंड को लेकर गरमाया विवाद, जूनियर डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा; MY अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

    इंदौर में स्टाइपेंड को लेकर गरमाया विवाद, जूनियर डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा; MY अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

    इंदौर

    इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच में चिकित्सा व्यवस्था उस समय प्रभावित हुई जब जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया। यहां के डॉक्टर भोपाल में हुए लाठीचार्ज और 'वन नेशन-वन स्टाइपेंड' की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स 3 दिन से सड़कों पर हैं। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है और कई जगह ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं।

    हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की
    अस्पताल परिसर में एकत्र हुए रेजिडेंट डॉक्टरों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का कहना है कि एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र अस्पतालों में दिन-रात सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद देश के अलग-अलग राज्यों में उनके मानदेय में भारी असमानता है। डॉक्टरों की मांग है कि पूरे देश में एक समान मानदेय व्यवस्था लागू की जाए और भोपाल में चिकित्सकों पर बल प्रयोग करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो। इंटर्न डॉक्टर राजेश सोनी ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। डॉ. रागिनी खन्ना ने बताया कि धूप और गर्मी में भी हम लगातार आंदोलन करेंगे। सीनियर डॉक्टर, हमारे सभी साथी और परिचित इस आंदोलन में हमारे साथ हैं। 

    स्टाइपेंड पर पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था की मांग
    जूडा इंदौर के अध्यक्ष डॉक्टर विक्रम नेतू ने कहा कि भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों पर लाठीचार्ज किया गया। हम दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हैं। इस तरह का सलूक कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारी प्रमुख मांग है कि पूरे देश में समान स्टाइपेंड व्यवस्था लागू होना चाहिए।  

    अस्पताल प्रबंधन बोला मरीज परेशान नहीं होंगे
    अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर अशोक यादव का कहना है कि मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्रबंधन के अनुसार ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से चालू हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों और कंसल्टेंट्स को मोर्चे पर तैनात किया गया है। वहीं कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है ताकि मरीजों की जान जोखिम में न पड़े। 

  • अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए यूपी सरकार की नई पहल, रेंटल हाउसिंग नीति जल्द; बनी समिति

    अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए यूपी सरकार की नई पहल, रेंटल हाउसिंग नीति जल्द; बनी समिति

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश सरकार बुजुर्गों के लिए एक नई और विशेष रेंटल हाउसिंग नीति लाने की तैयारी कर रही है. इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराना है. आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने इसके लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो नीति का प्रारूप तैयार कर सरकार को अपनी सिफारिशें देगी. प्रस्तावित योजना के तहत जरूरतमंद बुजुर्गों को कम किराये पर मकान उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी. सरकार का मानना है कि वृद्धावस्था में किसी भी वरिष्ठ नागरिक को आवास के लिए भटकना न पड़े और उसे सुरक्षित रहने का विकल्प मिल सके। 

    नीति तैयार करने के लिए बनी 9 सदस्यीय समिति
    आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने नई रेंटल हाउसिंग नीति के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति की अध्यक्षता आवास विभाग के सचिव करेंगे. समिति में लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को सदस्य बनाया गया है. वहीं, आवास बंधु के निदेशक को सदस्य-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह समिति वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं का अध्ययन कर नीति का मसौदा तैयार करेगी और सरकार को अपनी संस्तुतियां सौंपेगी। 

    सभी शहरों में विकसित होगा आवास मॉडल
    सरकार की योजना प्रदेश के विभिन्न शहरों में बुजुर्गों के लिए विशेष आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की है. इन मकानों को जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को किफायती किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा. नीति में सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच, सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता और वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। 

    बुजुर्गों के लिए पहले से चल रही हैं कई योजनाएं

    उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके अलावा लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। 

    संपत्ति संरक्षण के अधिकार
    राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में 'उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014' में संशोधन को मंजूरी दी है. नए प्रावधानों के तहत यदि संतान या आश्रित रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण नहीं करते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं तो बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे. साथ ही शिकायतों के निस्तारण के लिए 30 दिन की समयसीमा भी तय की गई है। 

  • MP में वेस्ट-टू-एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा, शारजाह के BEEAH से टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर चर्चा

    MP में वेस्ट-टू-एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा, शारजाह के BEEAH से टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर चर्चा

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' के तीसरे दिन 8 सितंबर को शारजाह स्थित बी-आह (Bee’aH) मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बी-आह फैसेलिटी के ग्रुप सीईओ एवं वाइस-चेयरमैन खालिद अल हुरैमल के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट सिटी विकास, सर्कुलर इकोनॉमी और अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट समाधानों को मध्यप्रदेश में लागू करने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।

    इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी प्रकार के इंडस्ट्रियल वेस्ट, सीवेज वेस्ट, वेस्ट रिप्रोसेसिंग और इनर्ट मटेरियल के डिस्पोजल संबंधी ट्रीटमेंट सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि यहां विश्व की सर्वाधिक उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान बी-आह ग्रुप को मध्यप्रदेश के नगर निगमों में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट तथा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीईईएएच की डिजिटल, एआई-सक्षम और सर्कुलर इकोनॉमी क्षमताएं मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी विजन और क्लीन एनर्जी मिशन के बिल्कुल अनुकूल हैं। राज्य में ईवी-आधारित फ्लीट और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार में यह साझेदारी अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

    इंदौर के स्वच्छता मॉडल के साथ वैश्विक तालमेल
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि इंदौर ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी के क्षेत्र में देश और दुनिया के समक्ष एक अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने बी आह को इंदौर के स्थापित मॉडल के साथ जुड़कर नए आधुनिक समाधानों पर मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया, जिससे कचरा प्रबंधन के साथ-साथ जीरो-वेस्ट लैंडफिल के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

    जीआईएस-2027 के लिए दिया आमंत्रण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बी आह के ग्रुप के सीईओ खालिद अल हुरैमल को अगले साल भोपाल में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि बी आह ग्रुप अपनी आगामी वैश्विक विस्तार योजनाओं में मध्यप्रदेश को एक प्रमुख और प्राथमिकता वाले गंतव्य (डेस्टिनेशन) के रूप में शामिल करे।

    अत्याधुनिक मुख्यालय का किया अवलोकन
    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ज़ाहा हदीद द्वारा डिज़ाईन किए गए बी-आह के प्रतिष्ठित एआई-सक्षम व नेट-ज़ीरो-रेडी मुख्यालय तथा उनकी विभिन्न उन्नत सुविधाओं की सराहना की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित बी आह आज 46 राष्ट्रीयताओं के 13 हजार से अधिक कर्मचारियों और यूएई, सऊदी अरब व मिस्र में विस्तृत परिचालनों के साथ पर्यावरण, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी का अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय समूह बन चुका है। शारजाह में 90 प्रतिशत से अधिक लैंडफिल-डायवर्जन दर और कमर्शियल स्केल वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के संचालन में समूह ने वैश्विक मानक स्थापित किए हैं।

    एडवांस्ड सस्टेनेबल और एआई-सक्षम है बी आह फैसिलिटी का मुख्यालय
    बी आह सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और एआई का वैश्विक मॉडल संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में मुख्यालय वाला बी-आह (BEEAH) वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित यह संस्था एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी से विकसित होकर आज एनवायरमेंटल सर्विसेज, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सस्टेनेबल रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। बी-आह की पहचान एडवांस्ड वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी सॉल्युशन्स के लिए है। उच्च वेस्ट-डायवर्जन दर के साथ संस्था शारजाह के महत्वाकांक्षी सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

    इसका उद्देश्य कचरे को केवल निपटान की वस्तु न मानकर उसे संसाधन में बदलते हुए एक ऐसे मॉडल को विकसित करना है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी गति दे। बीईईएच का प्रतिष्ठित मुख्यालय इस सोच का जीवंत उदाहरण है। प्रसिद्ध वास्तुकार ज़ाहा हदीद द्वारा डिजाइन किया गया यह भवन दुनिया की अत्याधुनिक सस्टेनेबल और एआई-सक्षम इमारतों में शामिल है। भवन की डिजाइन, तकनीक और ऊर्जा दक्षता इसे भविष्य के स्मार्ट एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों के लिए एक प्रभावी मॉडल बनाती है। रणनीतिक साझेदारियों और नवाचार आधारित परियोजनाओं के माध्यम से बी-आह स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरों के विकास को नई दिशा दे रहा है। पर्यावरणीय उत्कृष्टता, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में इसके प्रयासों ने शारजाह को क्षेत्रीय स्तर पर ग्रीन इनोवेशन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।

  • सागर शराब कांड: मौतों का आंकड़ा 28 पहुंचा, 7 दुकानें फिर खुलेंगी; गांव-गांव शुरू हुआ नशामुक्ति अभियान

    सागर शराब कांड: मौतों का आंकड़ा 28 पहुंचा, 7 दुकानें फिर खुलेंगी; गांव-गांव शुरू हुआ नशामुक्ति अभियान

     सागर
     मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने वाले लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत हुई। इनको मिलाकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में उन सात शराब की दुकानों को फिर से खोलने का आदेश हो जारी हो गया है, जिन्हें मौतों के बाद बंद करा दिया गया था। हालांकि आदेश में कहा गया है कि जिले में केवल संदिग्ध बाम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड ब्रांड की देसी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।

    मामले में पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए रणनीति बनाई है। अब प्रशासन ने तीन स्तर पर कार्रवाई शुरू की है।

    इसमें घर-घर सर्वे, चौपाल और कानूनी कार्रवाई शामिल है। बंडा सिविल अस्पताल में शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के आने का सिलसिला अब थमने लगा है। हालांकि, मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने शासन-प्रशासन पर मौतों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया है।

    मंगलवार को छापरी, घूरमार और रिछवार सानौधा गांव के एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। करीब 13 लोग बुंदेलखंड मेडिकल कालेज की आइसीयू में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जबकि डेढ़ सौ से अधिक लोग भर्ती हैं। हालांकि कुछ लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

    इस बीच, प्रारंभिक जांच में संदिग्ध शराब किसी अधिकृत डिस्टिलरी से तैयार होकर बाजार में आने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि डिस्टिलरी स्तर पर तैयार शराब में गड़बड़ी होती तो उसका असर संभाग के अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई देता।

    फिलहाल जांच का फोकस शराब की पैकेजिंग और उसमें मिलावट के स्तर पर है। शराब की जांच के लिए तीन टीमें गठित की हैं। पिछले दो दिनों में शराब दुकानों, आरोपितों के कब्जे, फैक्ट्री सहित अन्य स्थानों से शराब के करीब 80 नमूने लिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नकली शराब की बोतल का ढक्कन ढीला होने और शराब का रंग सामान्य से अलग होता है।

    मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पर जताया संदेह
    जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि सरकार अभी भी जहरीली शराब से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है। प्रशासन द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर दिखाई दे रहा है।

    पहले मृतकों के शव परिजनों को सौंपने में देरी हुई, पोस्टमार्टम में देरी हुई और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होगी या नहीं।

    कांग्रेस की मांग है कि सभी मृतकों के विसरा की जांच भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।

    भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार मध्यप्रदेश में-राहुल गांधी
    राहुल गांधी ने सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद X पर लिखा- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं। दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन अगले हादसे तक उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है।

    उन्होंने लिखा- जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा। कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है।

    शिकायतों पर क्लीनचिट भारी पड़ी, वेयर हाउस प्रभारी को हटाया
    सागर में लंबे समय से आबकारी वेयर हाउस की प्रभारी मंजूषा सोनी को मंगलवार देर शाम हटा दिया गया। उनके स्थान पर राम चित्रकार को नया प्रभारी बनाया गया है।

    दरअसल, पिछले महीने एक शराब ठेकेदार ने बाम्बे व्हिस्की की नकली बोतल देकर उसके मिलावटी होने की आशंका जताई थी। 10-12 दिन उसे रखे रहने के बाद सहायक आबकारी आयुक्त ने उसे जांच के लिए वेयर हाउस भेजा।

    बताया गया है कि एडीओ मंजूषा सोनी ने करीब एक घंटे में केवल बैच नंबर का मिलान कर शराब को पीने योग्य बताते हुए रिपोर्ट भेज दी।

    अब इसी ब्रांड की शराब से बंडा तहसील मुख्यालय से सटे आठ गांवों में मौतों के बाद क्लीनचिट पर सवाल है। शराब ठेकेदारों का कहना है मंजूषा सोनी 20-22 साल से सागर में ही कार्यरत हैं।

    राहुल गांधी ने कहा- सरकार जवाब दे
    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष्य राहुल गांधी ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर की पोस्ट में लिखा है कि भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्य प्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं।

    जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर जिले में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है। मगर पूरे मध्य प्रदेश को पता है आगे क्या होगा- कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि यह पहली बार नहीं है। कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई।

    पिछले साल जहरीली कफ सीरप से छोटे बच्चों की जान चली गई। मध्य प्रदेश में दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। 20 साल से ज्यादा समय से भाजपा की सरकार है, लेकिन जवाबदेही कहां है?

    उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं, जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो।

    शिवपुरी में महिलाओं ने शराब की दुकान पर लगाई आग
    सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों के बाद शिवपुरी जिले के अमोला गांव की शराब की दुकान पर महिलाओं ने धावा बोल दिया। उन्होंने बोतलें फेंक जमकर तोड़फोड़ की और दुकान में आग लगा दी। पूरी दुकान जलकर राख हो गई। कर्मचारियों ने भागकर खुद को महिलाओं के आक्रोश से बचाया। सभी महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर पहुंचीं थीं।

    दरअसल, शराब ठेकेदारों ने जगह-जगह शराब बिक्री के ठिकाने बना दिए हैं। आमोला में ऐसी ही दुकान खोली गई है। इससे गांव में शराब पीकर रोज हंगामा होता है। नतीजतन, महिलाएं परेशान होती हैं। अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सेंगर का कहना है कि पुलिस टीम ने महिलाओं को शांत कराया।

    शराब दुकानें सील, आरोपियों की धरपकड़ शुरू
    शराब से मौतें होने का कारण सामने आते ही पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। तत्काल सात लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर दिया गया। सैंपलिंग शुरू कराई गई।

    वहीं, दूसरी ओर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांवों में दबिश दी। अवैध रूप से शराब बेचने वाले आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। उनके कब्जे से शराब जब्त की गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध शराब न बेच सके।

    प्रशासन ने गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों से शराब नहीं पीने की अपील की। वहीं, शराब पीने वाले लोगों को अस्पताल में चेकअप कराने की सलाह दी गई। इसके बाद प्रशासन ने जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।

    इन 30 लोगों को मामले में आरोपी बनाया
    मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    वहीं, विनायका थाने में राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

  • पंजाब में कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत, 13 दिन चली हड़ताल के बाद सरकार से सहमति

    पंजाब में कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत, 13 दिन चली हड़ताल के बाद सरकार से सहमति

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार के कर्मचारियों और सरकार के बीच पिछले कई दिनों से चल रहा टकराव बुधवार को खत्म हो गया। मुख्य सचिव के साथ कर्मचारी संगठनों की बैठक के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का औपचारिक एलान कर दिया।

    बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर भी लगभग सहमति बन गई है। सरकार की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए दोनों पत्र वापस लेने पर भी सहमति बनी है। कर्मचारी संगठनों ने लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन शुरू किया था और बाद में हड़ताल को 11 सितंबर तक बढ़ाने की घोषणा की थी। इससे पंजाब सिविल सचिवालय समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ था। सरकार की ओर से भी सख्त रुख अपनाते हुए ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का नियम लागू करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

    मुख्य सचिव के साथ हुई बातचीत
    बुधवार को मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। कर्मचारियों की मांगों पर भी सरकार के साथ लगभग सहमति बनने की बात कही गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से जारी दोनों पत्रों को वापस लेने का फैसला हुआ है। इस घटनाक्रम से सरकार और कर्मचारियों के बीच बढ़ा तनाव फिलहाल खत्म हो गया है। कर्मचारियों के हड़ताल वापस लेने के बाद अब सरकारी कार्यालयों में सामान्य कामकाज बहाल होने की उम्मीद है। कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया जल्द स्पष्ट की जाएगी।

    क्या थी मांगें?
    कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ता और एरियर जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, अस्थायी कर्मियों को नियमित और वेतन से जुड़ी विसंगतियां दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

  • सरकार-कर्मचारियों में बढ़ा टकराव, पंजाब में हड़ताल जारी; लुधियाना में सड़कें जाम, ‘नो वर्क नो पे’ का आदेश

    सरकार-कर्मचारियों में बढ़ा टकराव, पंजाब में हड़ताल जारी; लुधियाना में सड़कें जाम, ‘नो वर्क नो पे’ का आदेश

    चंडीगढ़
     लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सामूहिक अवकाश के बाद कर्मचारी संगठनों ने अब 11 सितंबर तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया है।

    पंजाब सिविल सचिवालय, निदेशालयों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के इस फैसले से आने वाले दिनों में सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। दूसरी ओर, सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए नो वर्क नो पे (काम नहीं तो वेतन नहीं) का आदेश जारी कर दिया।

    कार्यालयों में होगी जनता को परेशानी
    साथ ही, ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि कई कर्मचारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद काम के दौरान कार्यालयों से अनुपस्थित हो जाते हैं। इससे आम जनता को परेशानी होती है।

    बसों के चक्का जाम की चेतावनी 
    पंजाब रोडवेज, पनबस और पी. आर. टी. से. काट्रैक्ट वर्क
    र्स यूनियन ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। यूनियन के राज्य अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर परिवहन मंत्री के साथ 8 सितम्बर को बैठक तय की गई थी, लेकिन मंत्री ने निजी कारणों का हवाला देते हुए बैठक को 9 सितम्बर तक टाल दिया है।

    रेशम सिंह गिल ने स्पष्ट किया कि यूनियन सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों को लगातार लंबित रखने को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 9 सितम्बर को दोपहर 12 बजे तक परिवहन मंत्री के साथ बैठक का समय तय नहीं किया गया तो यूनियन पंजाब में बसों का चक्का जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देगी।

    क्यों हो रहा आंदोलन?
    इसे "अनधिकृत अनुपस्थिति" मान उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा। कर्मचारी आंदोलन के पिछले चरण में सरकार ने 2,500 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए थे।

    कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ता और एरियर जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, अस्थायी कर्मियों को नियमित और वेतन से जुड़ी विसंगतियां दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

  • निवेश बढ़ाने के लिए MP सरकार का बड़ा कदम, जरूरत के अनुसार पॉलिसी में मिलेगी छूट: डॉ. यादव

    निवेश बढ़ाने के लिए MP सरकार का बड़ा कदम, जरूरत के अनुसार पॉलिसी में मिलेगी छूट: डॉ. यादव

    निवेशकों को देंगे आवश्यकतानुसार नीतियों (पॉलिसी) में छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र में आशाओं और असीम अवसरों की धरती
    900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को बनाया सुगम और सरल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए 2700 से अधिक नियमों और लगभग 900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को सरल, सुगम बनाने का प्रयास किया है। इस कदम से उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। निर्धारित नीतियों के अंतर्गत और आवश्यकता होने पर निवेशकों को नीतियों में आवश्यक छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दुबई में "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्य पद्धति के आधार पर दुनियाभर में रहने वाला भारतीय समुदाय आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य को विकास के नए आयाम दिए। अब उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था की शक्ति देख रही है। दुबई वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र माना जाता है। यूएई से अफ्रीका और एशिया के साथ यूरोप में व्यापार होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दुनिया का इकलौता राज्य है, जहां हीरे और स्वर्ण भंडार मौजूद है। अफ्रीका के बाद मध्यप्रदेश एक मात्र धरती है, जहां कटनी और सिंगरौली में सोने की खदान मिली है। मध्यप्रदेश में माइनिंग क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। निवेशक यहां आएं और अपने व्यापार-व्यवसाय के राज्य को समृद्ध बनाएं। होटल व्यवसाय शुरू करने पर मध्यप्रदेश सरकार 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। दुनिया की सबसे सस्ती बिजली 2.17 पैसे प्रति यूनिट बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आशाओं और असीम संभावनाओं की धरती है। नवाचार, विकास और साझा समृद्धि की सोच हमें जोड़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस-2027 का निमंत्रण देते हुए कहा कि देश की सबसे अच्छी एविएशन पॉलिसी मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश से यूएई और अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी हो गई है। हमारी सरकार प्रति फ्लाइट वीजीएफ भी दे रही है। अगले महीने प्रदेश से शारजाह से भी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उनकी निरंतर दूसरे वर्ष दुबई की यात्रा है। इसके पहले पर्यटन निगम के अध्यक्ष के नाते भी दुबई आने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और प्रदेश की विशेषताओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार में लगभग 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश से आज 76 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। देश में सबसे तेज विकास दर और बेरोजगारी को खत्म करने की दर मध्यप्रदेश की है। यहां अपराध मुक्त वातावरण और समय सीमा में कामों के निपटारे का प्रावधान सभी को आकर्षित करता है। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए राज्य में अब केवल 29 दिन में जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश सरकार ऑन द स्पॉट लैंड अलॉटमेंट में विश्वास रखती है। मध्यप्रदेश में 1 लाख से अधिक इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और 5 लाख किलोमीटर से अधिक रोड नेटवर्क है। सभी व्यवस्थाएं करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। है। बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के साथ दुबई का भाग्य भी बदलता चला गया। हम मध्यप्रदेश की समृद्धि के लिए वक्त से, वक्त को पहचानने वालों के बीच आए हैं।

    मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन सेक्टर में अपार संभावनाएं : एसीएस मंडलोई

    दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट सेशन के तीसरे दिन औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी, निवेश अनुकूल नीतियों और विकसित हो रहे औद्योगिक इको सिस्टम के साथ लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन क्षेत्रों की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया।

    एसीएस मंडलोई ने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत निवेशकों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ रहे औद्योगिक अवसरों की जानकारी दी गई। खनन क्षेत्र में हीरा, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर और डायमंड और स्वर्ण खनिज संसाधनों को निवेश के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में रेखांकित किया गया।

    पर्यटन सेक्टर में मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत, वन्य जीव और प्राकृतिक स्थलों के बारे में निवेशकों को जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक आए, जबकि पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और 90 वर्ष तक की लीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर निजी निवेश की संभावनाएं प्रदर्शित की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ . यादव की सक्रियता और निवेशकों से सीधा संवाद मध्यप्रदेश की ताकत :

    भारत के काउंसिल जनरल डॉ. रेड्डी

    दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्योग जगत से निरंतर संवाद और हर कार्यक्रम में समान ऊर्जा के साथ सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के साथ जुड़ाव और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने मध्यप्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास और विशाल पर्यटन एवं आध्यात्मिक संभावनाओं की सराहना की।

    आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य ने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्ष के वनवास में से अधिकांश समय मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बिताया। ऐसे राज्य में निवेश का सौभाग्य निवेशकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में अधिकतम निवेश के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं।

    उद्योगपति और सांसद राजिंदर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश देश की प्रगति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश में उद्योगों को हर तरह से सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश का सबसे उन्नतशील राज्य बना है। उन्हें राज्य में 12% से अधिक ग्रोथ लाने का श्रेय है।

     

  • सरकारी डॉक्टरों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब 70 साल तक सेवा का मिलेगा मौका

    सरकारी डॉक्टरों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब 70 साल तक सेवा का मिलेगा मौका

    लखनऊ

     यूपी के सरकारी डॉक्टरों के लिए खुशखबरी है। अब उनकी रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 70 साल कर दी है। सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक रिअप्वॉइंटमेंट के माध्यम से सेवाएं दे सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव स्तर से इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख चिकित्सकीय संवर्ग है। इसमें चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं, जो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद योग्य एवं अनुभवी चिकित्सकों को 70 साल की आयु तक सेवाएं देने का अवसर मिलने से उनके लंबे अनुभव का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।

    डिप्टी सीएम ने बताया कि विशेष रूप रूप से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी वाले विभागों में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को डॉक्टरों की रिटायर्मेंट के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिक सक्षम बनेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
    विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में तृतीय श्रेणी कर्मियों के 2500 पदों पर भर्ती होगी। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को जल्द पदों का विस्तृत अधियाचन भेजा जाएगा। उच्च शिक्षा, कृषि शिक्षा और प्राविधिक शिक्षा के विश्वविद्यालयों के साथ ही डिग्री कॉलेजों में भी तृतीय श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उच्च शिक्षा के ही शिक्षण संस्थानों में 500 से ज्यादा पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे ही दूसरे विभागों के उच्च शिक्षण संस्थानों में भी पद रिक्त चल रहे हैं। पहले उच्च शिक्षण संस्थान कर्मियों के पदों पर भी खुद भर्ती करते थे। अब आयोग के जरिए भर्ती होगी।

    लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे 7 डॉक्टरों को नोटिस
    उधर, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात सात नॉन पीजी रेजिडेंट (एनपीजेआर) डॉक्टरों ने वेतन असमानता दूर करने की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया है। आंदोलन का संज्ञान लेते हुए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा कार्यालय ने कॉलेज प्रशासन को सातों डॉक्टरों के नाम सौंपते हुए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।

    नॉन पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि एमबीबीएस करने के बाद एक ही काउंसलिंग से तैनात होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज और ग्रामीण अस्पतालों में तैनात एनपीजेआर को अलग-अलग मानदेय मिलता है। मेडिकल कॉलेज की तुलना में सीएचसी पर तैनात होते ही एनपीजेआर को करीब डेढ़ गुना ज्यादा मानदेय मिलता है, जिसे वेतन असमानता बताते हुए डॉक्टर समान वेतन की मांग कर रहे हैं।

  • मध्यप्रदेश की निवेश नीति का डंका, MPIDC को मिला एशिया की सर्वश्रेष्ठ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी का सम्मान

    मध्यप्रदेश की निवेश नीति का डंका, MPIDC को मिला एशिया की सर्वश्रेष्ठ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी का सम्मान

    दुबई में तीसरे दिन 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

    एमपीआईडीसी को एशिया की सर्वश्रेष्ठ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी का ‘Winner Asia’ सम्मान

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई दौरे के तीसरे दिन निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सतत विकास से जुड़े अनेक कार्यक्रमों में भाग लिया। दिनभर आयोजित गतिविधियों में निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें, शारजाह चैंबर के साथ संवाद, बीईईएएच की अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन, एमार समूह की प्रमुख हस्तियों के साथ बैठक, मीडिया संवाद तथा "इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश: इंटरैक्टिव सेशन" प्रमुख रहे।

    एआईएम कांग्रेस : 2026 में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम को एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स 2026 में विनर एशिया के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार निवेश संवर्धन, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, नवाचार और सतत विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाता है। यह सम्मान यूएई के विदेश व्यापार मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयौदी ने प्रदान किया।

    निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीसरे दिन पूर्वान्ह सत्र में विभिन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स एवं उद्योग समूहों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को क्षेत्रवार प्रस्तुत करना तथा निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाना था। बैठकों में राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल, वीएफएस ग्लोबल तथा एनआईडीआई सर्विसेज/एससीएनईएलएलएलएलसी-एफजेड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    वन-टू-वन बैठकों से प्राप्त हुए 53 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ विस्तृत चर्चा में मध्यप्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी ने राज्य में 2,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो, 200 मेगावॉट ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र, 50 मेगावॉट क्षमता के एआई एवं कंप्यूट डेटा सेंटर (जिसे 200 मेगावॉट तक विस्तारित किया जा सकेगा), 30,000 एमटीपीए क्षमता के क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स तथा एकीकृत स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने में रुचि प्रदर्शित की। इन प्रस्तावित परियोजनाओं में लगभग 35,200 करोड़ रुपये (4 बिलियन अमेरिकी डॉलर)के निवेश की संभावना है। इससे मध्यप्रदेश में ऊर्जा संक्रमण, उन्नत विनिर्माण और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में वृहद स्तर परिवर्तन आयेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआईडीआई सर्विसेज डीएमसीसी/एससीएनईएलएलके इन्वेस्टर्स के साथ औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस एवं सॉवरेन एआई फैक्ट्री परियोजना पर चर्चा की। कंपनी ने 50 मेगावॉट क्षमता वाले एआई फैक्ट्री प्रोजेक्ट में लगभग 1.5 से 2 बिलियन डॉलर निवेश संबंधी (लगभग 18 हज़ार करोड़)  कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया, जिसे भविष्य में 100 मेगावॉट से अधिक तक विस्तारित किया जा सकता है। वन-टू-वन चर्चा में जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ अंतर्राष्ट्रीय मानकों अनुसार के-12 स्कूल, शिक्षक प्रशिक्षण, एडटेक और भविष्य उन्मुख शिक्षा परिसरों की स्थापना पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम बद्र जाफर, विशेष दूत, यूएई तथा क्रेसेंट ग्रुप की लीडरशिप के साथ नवकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्टार्टअप निवेश, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और दीर्घकालिक निवेश साझेदारी पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने प्योर हेल्थ के प्रतिनिधियों के साथ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शराफ ग्रुप के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन, सप्लाई चेन नेटवर्क, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने चोइथराम्स के साथ खाद्य प्रसंस्करण, रिटेल, कृषि उत्पादों की खरीद, वितरण नेटवर्क और कोल्ड-चेन अवसंरचना के विस्तार पर बातचीत की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिज़वान सूमार के साथ पवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कॉम्पोजिट हब, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स, निर्यात संवर्धन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से मध्यप्रदेश को जोड़ने के लिये विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ अवसंरचना, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और हरित विकास परियोजनाओं में दीर्घकालिक निवेश तथा इक्विटी भागीदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेस्ट ज़ोन के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट निवेश तथा मध्यप्रदेश उत्पादों की यूएई बाजार में मार्केटिंग और सेलिंग पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मध्यप्रदेश में केजीके ग्रुप के साथ डायमंड प्रोसेसिंग, जेम्स एवं ज्वेलरी विनिर्माण, डिजाइन, स्किल डेवलपमेंट और निर्यात आधारित इकाइयों की स्थापना पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विस्टास मीडिया कैपिटल के साथ फिल्म, एवीजीसी, एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग एवं डिजिटल कंटेंट उत्पादन हब स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया। वीएफएस ग्लोबल के साथ भोपाल और इंदौर में वीजा सेवा विस्तार, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी कौशल विकास कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।

    शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ हुई बैठक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन हिज हाईनेस अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ मीटिंग की। दोनों प्रतिनिधि मंडलों में मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, एसएमई सहयोग, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन एवं नवकरणीय ऊर्जा सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह के इन्वेस्टर्स को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित करते हुए जीआईएस-2027 में भागीदारी का आमंत्रण दिया। बैठक के बाद चैंबर एवं आईबीपीसी प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा भी हुई।

    बीईईएएच सस्टेनेबिलिटी एवं इनोवेशन फेसिलिटिज का भ्रमण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शारजाह स्थित बीईईएएच के मुख्यालय एवं उसकी विश्वस्तरीय सस्टेनेबिलिटी सुविधाओं का अवलोकन किया। समूह के सीईओ एवं वाइस चेयरमैन खालिद अलहुरैमल के साथ हुई बैठक में वेस्ट-टू-एनर्जी, इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी, स्मार्ट सिटी, हरित ऊर्जा तथा इंदौर मॉडल आधारित सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समूह को मध्यप्रदेश में शहरी स्वच्छता एवं ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं में भागीदारी तथा जीआईएस-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया

    एमार समूह की लीडरशिप के साथ बैठक एवं डाउनटाउन दुबई का अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक हिज हाईनेस मोहम्मद अलाब्बार से भेंट की। बैठक में इंदौर की एमार कॉन्टिनेंटल सिटी परियोजना का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश में एमार के योगदान की सराहना की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमार को इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर सहित राज्य में एकीकृत मिश्रित उपयोग शहरी परियोजनाओं, टाउनशिप, हॉस्पिटैलिटी तथा विश्वस्तरीय शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमार ग्रुप के संस्थापक एवं एमडी को जीआईएस-2027 में विशिष्ट अतिथि के रूप में भागीदारी के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डाउनटाउन दुबई, बुर्ज खलीफा, दुबई मॉल तथा आसपास के एकीकृत शहरी विकास मॉडल का भी अवलोकन किया और माडर्न टाइन प्लानिंग एवं डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के कांसेप्ट की जानकारी ली।

    मीडिया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताज दुबई में आयोजित मीडिया संवाद में दुबई दौरे की उपलब्धियों, यूएई निवेशकों की सकारात्मक रुचि तथा मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश सुगमता, औद्योगिक अवसंरचना, भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स और नीति समर्थन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।

    "इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश" इंटरैक्टिव सेशन

    दुबई में हुए “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश : इंटरैक्टिव सेशन” में यूएई के उद्योगपति, निवेशक, व्यापारिक संगठन, आईबीपीसी, सीआईआई यूएई तथा प्रवासी भारतीय उद्यमियों ने सहभागिता की। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। सेशन को विशिष्ट अतिथि के रूप में हिज एक्सीलेंसी बद्र जाफर ने भी संबोधित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के प्रमुख बिंदु

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार दुबईवासियों ने अपने परिश्रम से वैश्विक उपलब्धियों में बदला है, उसी प्रकार मध्यप्रदेश भी संभावनाओं को अवसरों और उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उसी प्रकार मध्यप्रदेश भी संभावनाओं को अवसरों और उपलब्धियों में बदलने के लिए तैयार है। उन्होंने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश आज 11 प्रतिशत से अधिक आर्थिक विकास दर के साथ भारत के प्रमुख विकास इंजनों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हरित ऊर्जा, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा पर्यटन क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में उपलब्ध पर्याप्त लैंड बैंक, मजबूत सड़क एवं रेल नेटवर्क, 8 एक्टिव हवाई अड्डों, निवेश-अनुकूल नीतियों तथा सिंगल विंडो प्रणाली की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया और कहा कि “मध्यप्रदेश भारत का हृदय है और निवेशकों का स्वागत हृदय से करेगा।”

     

  • पोषण और आंगनवाड़ी सेवाओं पर रहेगा फोकस, 9 सितंबर से शुरू होगा राष्ट्रीय पोषण माह; मंत्री भूरिया करेंगी उद्घाटन

    पोषण और आंगनवाड़ी सेवाओं पर रहेगा फोकस, 9 सितंबर से शुरू होगा राष्ट्रीय पोषण माह; मंत्री भूरिया करेंगी उद्घाटन

    हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक होगा राष्ट्रीय पोषण माह

    महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को इंदौर में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का करेंगी शुभारंभ
    पोषण मेले, रेसिपी प्रदर्शनी से लेकर बच्चों की शारीरिक माप और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के शत-प्रतिशत लाभ तक चलेंगे विशेष अभियान

    भोपाल 

    प्रदेश में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर किया जाएगा। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया बुधवार को 9वें राज्य स्तरीय पोषण माह का इंदौर से शुभारंभ करेंगी। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को इंदौर में एक माह तक चलने वाले इस अभियान में स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों, पर्याप्त प्रोटीन, आहार विविधता, बच्चों के पोषण एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर विशेष जोर रहेगा। जिला, परियोजना, सेक्टर और आंगनवाड़ी स्तर पर गतिविधियों का आयोजन कर अधिक से अधिक समुदाय को इससे जोड़ा जाएगा।

    पोषण मेले में दिखेगी स्थानीय खाद्य विविधता

    पोषण माह के दौरान पंचायत भवनों, स्कूलों और सामुदायिक भवनों में पोषण मेले एवं रेसिपी प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें टेक होम राशन (THR), गर्म पका भोजन (HCM), क्षेत्रीय पौष्टिक व्यंजन, स्थानीय दालें, चना, मूंगफली, सोया, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिलेट्स और मौसमी सब्जियों से तैयार व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। ‘Know Your Protein—अपने प्रोटीन को पहचानें’ अभियान के माध्यम से परिवारों को प्रोटीन के विभिन्न स्थानीय स्रोतों और संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी जाएगी।

    आंगनवाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों को स्थानीय एवं विविधतापूर्ण ताजा नाश्ता और गर्म पका भोजन उपलब्ध कराने के साथ उसकी गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता की निगरानी में मातृ सहयोगिनी समितियों, पंचायतों और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्रों पर साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित किए जाएंगे और समुदाय को उपलब्ध भोजन एवं निर्धारित मेन्यू की जानकारी दी जाएगी।

    11 सितंबर से बच्चों की शारीरिक माप, कुपोषित बच्चों की पहचान

    पोषण माह के दौरान 11 सितंबर से शारीरिक माप दिवसों का आयोजन कर जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों का वजन, लंबाई/ऊंचाई सहित आवश्यक शारीरिक माप लेकर पोषण ट्रैकर में प्रविष्टि की जाएगी। गंभीर तीव्र कुपोषण, मध्यम तीव्र कुपोषण और गंभीर रूप से कम वजन वाले श्रेणी के बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा। नवीन चिन्हित बच्चों का c-MAM प्रोटोकॉल में पंजीयन कर साप्ताहिक फॉलोअप किया जाएगा। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यकता वाले बच्चों का समय पर रेफरल सुनिश्चित किया जाएगा।

    पोषण पुनर्वास केन्द्र से उपचार के बाद लौटे बच्चों का भी नियमित फॉलोअप किया जाएगा। 6 से 60 माह के गंभीर तीव्र कुपोषण बच्चों की भूख की जांच कर आवश्यकता अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा।

    पहले 1000 दिनों और बाल विकास पर विशेष फोकस

    अभियान में गर्भावस्था से बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिनों तक पर्याप्त पोषण, स्तनपान, शिशु देखभाल और संवेदनशील पालन पोषण पर विशेष परामर्श दिया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संशोधित गृह भेंट मॉड्यूल के अनुसार 0 से 3 वर्ष के बच्चों वाले परिवारों से संपर्क कर बच्चों के वृद्धि-विकास, प्रारंभिक उद्दीपन और खेल आधारित गतिविधियों के संबंध में अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।

    बाल चौपाल, कहानी, गीत, चित्रकला, रोल-प्ले, पपेट शो, कविता और खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के संज्ञानात्मक, भाषा, मोटर तथा सामाजिक-भावनात्मक विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। अभिभावकों को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट बच्चों के साथ बात करने, खेलने, कहानी सुनाने और गाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    PMMVY के शत-प्रतिशत लाभ के लिए चलेगा विशेष अभियान

    राष्ट्रीय पोषण माह में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए विशेष नामांकन एवं संतृप्ति अभियान चलाया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की पहचान कर उनका पोर्टल पर समय सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करेंगे। लंबित नेशनल पेमेंटस कॉपरेशन ऑफ इंडिया, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम, सत्यापन, स्वीकृति और डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर से संबंधित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाएगा।

    पहले बच्चे की द्वितीय किश्त के लिए समय पर टीकाकरण की पोर्टल पर प्रविष्टि कराने तथा दूसरे प्रसव में बालिका जन्म होने पर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन हेतु प्रेरित किया जाएगा। पीएमएमवीवीई की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, किश्त एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी गांव-गांव और आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचाई जाएगी। योजना से लाभान्वित महिलाओं की सफलता की कहानियों के माध्यम से भी जन-जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

     ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ बनेगा जनभागीदारी का अभियान

    पोषण माह को केवल विभागीय गतिविधि तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाएगा। पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, मातृ सहयोगिनी समितियों, आशा कार्यकर्ताओं, स्कूल शिक्षकों, विद्यार्थियों, स्थानीय रसोइयों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं को अभियान से जोड़ा जाएगा। समुदाय को आंगनवाड़ी केंद्रों की स्वच्छता, रखरखाव, कूड़ेदान एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में श्रमदान और सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    आंगनवाड़ी केंद्रों के बाहर बच्चों की ऊंचाई के अनुरूप दर्पण लगाने जैसे छोटे-छोटे नवाचारों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ‘खेलो, सीखो और बढ़ो’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक विकास में परिवार और समुदाय की भूमिका मजबूत की जाएगी। किशोरी बालिकाओं के लिए किशोरावस्था में पोषण की आवश्यकता पर विशेष परामर्श सत्र भी आयोजित होंगे।

    विभागों के समन्वय से होगा व्यापक आयोजन

    राष्ट्रीय पोषण माह की गतिविधियां महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, आयुष, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेल एवं युवा कल्याण, पर्यावरण एवं वन, उद्यानिकी, नगरीय आजीविका मिशन, जनसंपर्क तथा जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के समन्वय से आयोजित की जाएंगी।

    अभियान की गतिविधियों की जन आंदोलन डैशबोर्ड पर समयबद्ध प्रविष्टि की जाएगी। प्रत्येक गतिविधि की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें भी अपलोड की जाएंगी, जिससे अभियान की गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और मूल्यांकन किया जा सके।