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  • CM यादव का बड़ा संदेश, मजबूत सड़कें ही विकास की बुनियाद

    CM यादव का बड़ा संदेश, मजबूत सड़कें ही विकास की बुनियाद

    सड़कें होती है क्षेत्र के विकास और समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने राजौदा-केलोद-डबलचौकी मार्ग का किया भूमि-पूजन
    क्षेत्र के करीब 25 गांव के 70 हजार ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
    सुखलिया से टिगरिया मार्ग का होगा निर्माण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के ग्राम केलोद में हुए कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कें क्षेत्र के विकास और समृद्धि का आधार होती है। सड़कें अपने साथ क्षेत्र की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त्र करती हैं। गणेश उत्सव और सेवा संकल्प अभियान की मंगल बेला में हाटपिपलिया क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात मिल रही है। लगभग 98 करोड रुपए की लागत से बनने वाला 32 किलोमीटर लंबा, राजोदा- केलोद- डबल चौकी मार्ग, हाट पिपल्या को देवास, इंदौर और बैतूल से जोड़ेगा। यह मार्ग राजौदा से शुरू होकर केलोद होते हुए ग्राम डबल चौकी में इंदौर बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा। इस क्षेत्र के निवासियों का इंदौर और बैतूल आना-जाना आसान होगा। सड़क से क्षेत्र के करीब 25 गांव के 70 हजार ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। देवास जिला मुख्यालय आने-जाने में करीब 40 से 45 किलोमीटर की दूरी कम होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवास जिले के हाट पीपल्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजौदा-केलोद -डबल चौकी मार्ग के ग्राम केलोद में सपन्न भूमि-पूजन कार्यक्रम को मुख्य मंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। ग्राम केलोद में हुए कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक हाट पिपल्या मनोज चौधरी, विधायक खातेगांव आशीष शर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक मनोज चौधरी को उनके जन्म-दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    सेवा-संकल्प अभियान में सभी करें सहभागिता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के लोगों को सौगात देते हुए सुखलिया से टिगरिया मार्ग निर्माण की घोषणा की। लगभग 12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण 1140 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। इससे 20 गांव की 20 हजार से अधिक ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुलाई माह में सन्नोड़ के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट सांदीपनी विद्यालय भवन की सौगात दी गई है। हाट पिपल्या के विकास में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप प्रदेश में सबका साथ-सबका विकास के भाव को चरितार्थ किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में स्वामित्व योजना अन्तर्गत 50 लाख ग्रामीण अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी माताओं , बहनों, युवाओं और बुजुर्गों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। ग्राम केलोद में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष देवास श्रीमती लीलाबाई भेरूलाल अटारिया, जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • युवाओं में देशभक्ति और आत्मविश्वास पर जोर, ‘सेवा संकल्प’ का मुख्य उद्देश्य

    युवाओं में देशभक्ति और आत्मविश्वास पर जोर, ‘सेवा संकल्प’ का मुख्य उद्देश्य

    सेवा संकल्प अभियान
    नई पीढ़ी में देशभक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाना ही सेवा संकल्प  का मुख्य उद्देश्य: राज्यमंत्री  गौर

    मेरे सपनों का भारत" प्रतियोगिता के होनहार छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि "आज की नई पीढ़ी के दिल में अपने देश के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण साफ दिखाई देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' का मुख्य उद्देश्य हमारे बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना को बढ़ाना है, जिससे वे एक मजबूत भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।" राज्यमंत्री श्रीमती गौर सोमवार को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आनंद नगर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'मेरे सपनों का भारत' चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था की सराहना की और बच्चों की प्रतिभा का उत्साहवर्धन किया।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश को मिली नई दिशा

    राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत विकास के नए आयाम तय कर रहा है। आज पूरा देश उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता अभियान की बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक साफ-सुथरा समाज ही एक स्वस्थ और मजबूत देश का निर्माण करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है और उनके विचारों को अपनाकर ही हम एक समृद्ध भारत बना सकते हैं।

     भारतीय संस्कृति और संस्कार ही हमारी असली पहचान

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भारतीय संस्कारों और मूल्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और अच्छे संस्कार ही पूरी दुनिया में भारत को एक अलग और खास पहचान दिलाते हैं। शिक्षकों और गुरुओं के सही मार्गदर्शन में आज का हर बच्चा आत्मविश्वास से भरा हुआ है और देश की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।

     विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

    समारोह में 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर आयोजित चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में संतोष ग्वाला, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, प्राचार्य पुष्पा, अशोक गुप्ता, प्रदीप लोधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

  • MP में जन-मन सभागार पर बड़ा फैसला, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा होगा काम

    MP में जन-मन सभागार पर बड़ा फैसला, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा होगा काम

    जन-मन सभागार का निर्माण कार्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले करायें पूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    भवन विकास निगम की अधीन बनाई जायेगी रेवेन्यू जनरेटिंग बाडी – मुख्यमंत्री ने दी सहमति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र भवन विकास निगम के संचालक मंडल की पांचवीं बैठक में प्रस्तावों को दी मंजूरी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पांचवी बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आय सृजन के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने का तुरंत स्कोप और रेवेन्यू मिल सके, इसके लिए नवीन एवं वैकल्पिक राजस्व स्त्रोतों का विकास जरूरी है। इसके लिये निगम ने जल्द से जल्द 'रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी' का गठन कर लिया जाए। संचालक मंडल ने इस अहम प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन बड़े भवन परियोजनाओं का निर्माण कार्य भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है, प्रयास करें कि वे तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से रुबरु संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयार किये जा रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जितने भी नए मेडिकल कॉलेजों की बिल्डिंग एवं अन्य अधोसंरचनाएं भवन विकास निगम द्वारा तैयार किए जाएं, वह केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ नॉर्म्स) के आधार पर ही तैयार किये जाएं।

    बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के दो बड़े प्रस्तावों को  मंजूरी दी।‌ मुख्यमंत्री ने निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपए तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति/ निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक एवं इसी आशय से गठित अधिकार समिति को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। प्रस्ताव के अनुसार अब प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने संचालक मंडल द्वारा निगम की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) एवं महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के  प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके अनुसार अब प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम में इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई के लिए अधिकृत किए गए।‌

    बैठक में निगम के प्रबंध संचालक ने भवन विकास निगम द्वारा पूरी की जा रही भवन परियोजनाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं और इन सभी सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत राशि 10 हजार 994 करोड़ रुपए है। बताया गया कि निगम द्वारा आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती की जा रही है। इसके अलावा मानक निविदा दस्तावेज भी तैयार किया जा रहे हैं। इससे पारदर्शिता एवं मानकीकरण में वृद्धि हुई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम में काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद भुगतान की अवधि औसतन 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है। इससे समय की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा प्रदेश में उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा एवं बुदनी (जिला सीहोर) कुल 5 मेडिकल कॉलेजेस और उज्जैन का संयुक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया जा रहा जन-मन सभागार आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा कर लिया जाए। इससे बड़ी सुविधा होगी। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम द्वारा भोपाल में 130 करोड़ रुपए की लागत से 150 कक्षों का नया राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) और जबलपुर में 65 करोड़ रुपए की लागत से 75 कक्षों वाले सर्किट हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है।

    बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • कवर्धा में मंदिर पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, जनकल्याण और समृद्धि के लिए की प्रार्थना

    कवर्धा में मंदिर पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, जनकल्याण और समृद्धि के लिए की प्रार्थना

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कवर्धा में सिद्धेश्वर महादेव और संकट मोचन हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए की प्रार्थना

    रायपुर,
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज कवर्धा के ऐतिहासिक रानी सागर तालाब परिसर स्थित आस्था के पावन केंद्र और कवर्धा राज परिवार न्यास द्वारा निर्मित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर एवं संकट मोचन हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने भगवान सिद्धेश्वर महादेव से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगल कामना की।

    इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल यहां की प्राकृतिक सुंदरता से ही नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी है। भोरमदेव और कवर्धा क्षेत्र आस्था, इतिहास और संस्कृति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि इन ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण करते हुए इन्हें आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित हों। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती आस्था और संस्कृति की विविध परंपराओं से समृद्ध है। इन परंपराओं को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    भोरमदेव कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा के लिए कवर्धा पहुंचे मंत्री

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा के लिए कवर्धा प्रवास पर हैं। इस दौरान परियोजना से जुड़े कार्यों की वर्तमान स्थिति, निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति तथा आगामी चरण की कार्ययोजना को लेकर समीक्षा की जाएगी। 

    केंद्र की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना से भोरमदेव को मिल रहा नया आयाम

    केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत कबीरधाम के भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए 145.99 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है। भोरमदेव क्षेत्र छत्तीसगढ़ की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। कॉरिडोर के विकास से क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक समग्र पर्यटन अनुभव से जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भोरमदेव केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां आने वाला पर्यटक मंदिरों की स्थापत्य कला, क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय संस्कृति को एक साथ अनुभव कर सकता है। भोरमदेव कॉरिडोर का विकास इस समृद्ध विरासत को बेहतर ढंग से सामने लाने का अवसर है।

    स्थानीय लोगों के लिए बढ़ेंगे अवसर

    भोरमदेव कॉरिडोर के विकास से पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। होटल, होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों को पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का लाभ मिलेगा।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ना भी है। स्थानीय संस्कृति, कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर क्षेत्र के लोगों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जाएगें।

    आस्था और विकास का बनेगा सुंदर संगम

    रानी सागर तालाब परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। भोरमदेव जैसे स्थलों का विकास आस्था, संस्कृति, इतिहास और पर्यटन को एक साथ जोड़ने का माध्यम बनेगा।

    उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलें, पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले और स्थानीय लोगों को पर्यटन के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों।

  • रीवा के खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर

    रीवा के खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर

    स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर, शीघ्र ही रीवा जिले के खेतों को मिलेगा नर्मदा जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रीवा में हुए बलराम कृषि महोत्सव में आए किसानों से किया संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती-किसानी विशेषकर उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रीवा का जवाब नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और लगन से यहां धान, गेहूं, चना, मसूर, अलसी और सोयाबीन का भरपूर उत्पादन हुआ है। इससे रीवा जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रीवा जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि स्लीमनाबाद टनल का काम तेजी से पूरा होने की ओर है। इस टनल के पूरा होते ही रीवा जिले के खेतों तक नर्मदाजी का पावन जल पहुंचेगा। इससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि रीवावासियों को त्योंथर, लोंही, सिरमौर और सेमरिया की सिंचाई परियोजनाएं पूरी होने पर करीब एक लाख 32 हजार हैक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि जिनके पास भूमि के पट्टे हैं परंतु रजिस्ट्री नहीं है, ऐसे सभी पट्टेधारकों को राज्य सरकार रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क प्रदाय करेगी। ऐसे 50 लाख पट्टों की रजिस्ट्री का शुल्क (करीब 4 हजार करोड़ रुपए) राज्य सरकार वहन करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के जनप्रतिनिधियों और 4 प्रगतिशील किसानों से आत्मीय संवाद कर उनके द्वारा परम्परागत खेती से अलावा वर्तमान में की जा रही नवाचारी खेती के बाद तब और अब के अनुभवों की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्नत कृषि यंत्रों से तकनीकी खेती करने और जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती करने में ज्यादा फायदा होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले भर से आए किसानों से प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, श्रीअन्न, पशुपालन और फसल विविधीकरण अपनाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रीवा जिले में एक हजार हैक्टेयर क्षेत्र को नैचुरल फार्मिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बसामन मामा गो-अभयारण्य हमारे गौ-संवर्धन और ग्रामीण स्वावलंबन का एक बड़ा केन्द्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला में संचालित 'प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र' से यहां के सभी किसान भाइयों को जीवामृत, घन जीवामृत और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकें सीखने और अपनाने में बड़ी मदद मिल रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत खेती से आगे बढ़कर रीवा के किसान उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीवा में अमरूद, आंवला और कटहल का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जो यहां की कृषि विविधता को दर्शाता है। रीवा श्रीअन्न उत्पादन में भी आगे बढ़ रहा है। खेती में विविधता लाने के लिए राज्य मिलेट मिशन अन्तर्गत कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज की फसलों का विस्तार किया जा रहा है। श्रीअन्न की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ हमारे परिवारों की पोषण सुरक्षा को भी सुदृढ़ करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी किसानों को तेजा दशमी, डोल ग्यारस और गणेशोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं।

    रीवा में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी किसानों को संबोधित किया। इस अवसर पर मप्र राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, सिद्धार्थ, कपिल यार्दे, वीरेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसानबंधु उपस्थित थे।

     

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है

    राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है

    यूपी को फिर बांटने की कोशिश कर रहे समाजवादी: नितिन नवीन
     
    मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को दिया 2027 का मंत्र
     
    नितिन नवीन बोले- अंग्रेजों की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपनाया
     
    कहा- पहले पश्चिमी यूपी में भय और अराजकता का वातावरण था, आज भरोसा और कानून का राज, विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा प्रदेश
     
    चौधरी चरण सिंह और बाबा साहेब आंबेडकर के सम्मान को लेकर कांग्रेस को घेरा, बोले- मोदी और अटल ने दिया बाबा साहेब को सम्मान
     
    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है
     

    पंकज चौधरी बोले- शक्ति केंद्र प्रमुख बूथों का ठीक से अध्ययन करें तो चुनाव से पहले ही बता सकते हैं अपने क्षेत्र का पूरा परिणाम
     
    प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को बताया भाजपा की रीढ़, बोले- मोदी और योगी के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं
     
    मेरठ

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को मेरठ की क्रांति धरा से कांग्रेस और समाजवादियों पर ‘डिवाइड एंड रूल’ की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेज चले गए, लेकिन उनकी बांटो और राज करो की नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपना लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं को संकल्प लेना होगा कि इस नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे और विकास के रथ को रुकने नहीं देंगे।
     
    भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वह उस भूमि पर आए हैं, जो क्रांति की भूमि रही है। इस धरती ने कई ऐसे परिवर्तन दिए हैं, जिन्होंने देश के साथ पूरी दुनिया को संदेश दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आए बदलाव का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत को देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने प्रदेश को आतंक और जंगलराज से बाहर निकालकर उत्तम प्रदेश बनाने का काम किया है।
     
    पहले भय था, आज भरोसे का वातावरण
    नितिन नवीन ने कहा कि एक समय यहां भय का वातावरण था, लेकिन आज भाजपा सरकार में भरोसे का वातावरण है। पहले अराजकता का राज था, आज कानून का राज है। पहले विकास का ठहराव था और आज उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
     
    उन्होंने कहा कि समाजवादी उत्तर प्रदेश में घूम-घूमकर फिर से प्रदेश को बांटने का काम कर रहे हैं। हम सभी यहां यह संकल्प लेने आए हैं कि बांटो और राज करो की नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे।
     
    2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म

    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में जो खेल खेलने का प्रयास किया जा रहा है, उसे खत्म करना है। उत्तर प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है।
     
    चौधरी चरण सिंह के सम्मान पर कांग्रेस को घेरा
    नितिन नवीन ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के लिए संघर्ष किया, लेकिन कांग्रेस के लोगों ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया। उनकी सरकारों को गिराने का काम किया गया। चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
     
    उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि बाबा साहेब को अपमानित करने का काम कांग्रेस और उसके साथियों ने किया। उन्हें सम्मान दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया। नितिन नवीन ने संत कबीर दास का उल्लेख करते हुए कहा कि हम उनकी 640वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। कांग्रेस के लोग केवल अपने परिवार के लोगों का जन्मदिन मनाते थे।
     
    कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़: पंकज चौधरी

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर ही चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह कार्यकर्ताओं का महत्व बखूबी जानते हैं। कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि है और उसके लिए कुछ भी करना पड़े तो वह तैयार रहते हैं।
     
    पंकज चौधरी ने कहा कि शक्ति केंद्र प्रमुख के अधीन जो बूथ आते हैं, उनका ठीक से अध्ययन कर लिया जाए तो वह चुनाव से पहले ही अपने शक्ति केंद्र का पूरा परिणाम बता सकता है।
     
    2017 से पहले पश्चिम की स्थिति जानती है जनता
    प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि 2017 से पहले यहां क्या स्थिति थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डबल इंजन सरकार के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है और उसी प्रकार पूरे उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है।
     
    उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं तो विरोधी भी उनसे आंख मिलाकर बात नहीं कर पाएंगे।
     
    पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा कि 2027 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता तन, मन और धन से लगकर यूपी में हैट्रिक सरकार बनाने का काम करेंगे।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे।

  • मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र

    मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र

    समाज को जातियों में बांटने वालों से रहें सावधान, बूथ पर रहें तैयार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी रहे मौजूद
     
    हर बूथ की करें समीक्षा, एक-एक परिवार की मैपिंग रखें, प्रभावी टीम बनाकर पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी करें तय
     
    बोले- पहले यूपी की पहचान थी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’, आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’
     
    कहा- जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की फिर होगी कोशिश, महापुरुष किसी जाति के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के
     
    सपा, बसपा और कांग्रेस पर हमला, बोले- इन्होंने परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी, भाजपा के लिए व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश
     
    कहा- साढ़े नौ लाख युवाओं को दी सरकारी नौकरी, परंपरागत उद्यमों से 3.25 करोड़ नौजवानों को मिला रोजगार
     
    मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र
     
    मेरठ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाली ताकतें फिर सक्रिय होंगी। शक्ति केंद्र संयोजक हर बूथ की समीक्षा करें, प्रभावी टीम बनाएं, पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करें और एक-एक परिवार की मैपिंग अपने पास रखें। एक-एक घर की स्क्रीनिंग कर लोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी तय हो।
     
    सुभारती विश्वविद्यालय के जनरल मोहन सिंह प्लेग्राउंड में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने सत्ता को परिवार और अपने हित साधने का माध्यम बनाया। भाजपा का मंत्र है कि व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर राष्ट्र है। कार्यकर्ता यह न सोचे कि उसे क्या मिला, बल्कि यह सोचे कि वह देश के लिए क्या कर रहा है।
     
    महापुरुष किसी एक जाति के नहीं
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नकारात्मक ताकतें समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने की कोशिश करेंगी। महापुरुषों को भी जातियों में बांटने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि महापुरुष सबके होते हैं। कोतवाल धन सिंह गुर्जर स्वाधीनता आंदोलन के नायक हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रनायक हैं। दुर्गा भाभी ने क्रांतिकारियों का उत्साह बढ़ाया, इसलिए वह भी पूरे समाज की आदर्श हैं।
     
    उन्होंने कहा कि सरकार ने मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर का भव्य स्मारक बनाया है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थानों, मंदिरों और मूर्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने बाबा साहब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था और सीर गोवर्धन में संत रविदास की जन्मभूमि पर आयोजन नहीं होने दिया।
     
    ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से बदली पहचान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य माना जाता था, जबकि आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में है। पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से होती थी। आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ नई पहचान बन रहे हैं।
     
    उन्होंने मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों और खान-पान को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। पहले कट्टा और बम से प्रदेश की पहचान बनाई जाती थी। अब कोई कट्टा और बंदूक की राजनीति नहीं कर सकता।
     
    साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। परंपरागत उद्यमों को पुनर्जीवित करने से 3.25 करोड़ नौजवान रोजगार से जुड़े हैं। दंगाइयों की कमर तोड़ी गई और प्रदेश दंगा व कर्फ्यू मुक्त हुआ। इससे निवेश और रोजगार का रास्ता खुला।
     
    उन्होंने कहा कि पहले बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। महीनों कर्फ्यू रहता था, व्यापार प्रभावित होता था और युवाओं की नौकरियों पर डकैती पड़ती थी। कार्यकर्ताओं के परिश्रम से उत्तर प्रदेश को उसकी पहचान वापस मिली है।
     
    नमो भारत से स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तक
    मुख्यमंत्री योगी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत ट्रेन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय मेरठ में बन रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार है। फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट भी विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के 60 फीसदी कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं और देश में बनने वाले 55 फीसदी मोबाइल फोन का उत्पादन भी प्रदेश में हो रहा है।
     
    राम मंदिर से काशी विश्वनाथ धाम तक
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नया भारत अपनी विरासत पर गर्व करता है। अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बना है और काशी विश्वनाथ धाम का नया स्वरूप सामने आया है। मथुरा-वृंदावन को सजाया-संवारा जा रहा है। शुकतीर्थ के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाई गई है और विदुर कुटी के लिए धनराशि आवंटित की गई है।
     
    उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर कांवड़ यात्रा रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब कोई कांवड़ यात्रा नहीं रोक सकता। वह स्वयं इसमें शामिल होते हैं और पुष्पवर्षा करते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को भी कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ता आने वाली पीढ़ियों से कह सकेंगे कि उनके समय में राम मंदिर बना, काशी विश्वनाथ धाम मिला, एक्सप्रेसवे बना और नमो भारत चली। उन्होंने कहा, “मुझे पहचान मिली है, मुझे मेरे राम मिले हैं, मुझे मेरे कृष्ण मिले हैं और मुझे भोले शंकर मिले हैं।”
     
    हर परिवार की मैपिंग रखें
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शक्ति केंद्र संगठन की ताकत हैं। हर शक्ति केंद्र के प्रत्येक बूथ की समीक्षा हो। बूथ की प्रभावी टीम बने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय हो। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक नागरिक को वोट की ताकत दी है। इसलिए एक-एक परिवार की मैपिंग और सर्वे कार्यकर्ताओं के पास होना चाहिए।
     
    उन्होंने शक्ति केंद्र, बूथ संयोजक, प्रभारी और पन्ना प्रमुखों का शत-प्रतिशत गठन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की यात्रा का सारथी बताते हुए कहा कि इतिहास ने शकुनि और मंथरा को सम्मान नहीं दिया, लेकिन भगवान कृष्ण जैसे सारथी को सम्मान दिया। कार्यकर्ता ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से देश, समाज और अपने क्षेत्र के लिए काम करें।
     
    कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे।

  • UPITS में दुनिया देखेगी यूपी की कृषि संस्कृति, 25-29 सितंबर तक होगा आयोजन

    UPITS में दुनिया देखेगी यूपी की कृषि संस्कृति, 25-29 सितंबर तक होगा आयोजन

    इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी के एग्री 'कल्चर' के होंगे दर्शन 

    सीएम योगी के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा यूपीआईटीएस 

    1000 स्क्वायर मीटर में प्रदर्शनी लगाएगा कृषि विभाग, कृषि उत्पादों, उपकरणों, बीज व रसायन निर्माताओं को मिलेगा मंच 

    20 एफपीओ, कृषि निवेशों से संबंधित 40 फर्म, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा

    उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति से रूबरू होंगे आगंतुक, प्रदेश के प्रगतिशील किसान व कंपनियां भी होंगी शामिल 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का चतुर्थ संस्करण होगा। इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है। इसमें एक तरफ देश- विदेश से आए प्रतिनिधि जहां यूपी की समृद्ध विरासत का दीदार करेंगे तो वहीं एग्री 'कल्चर' के भी दर्शन करेंगे। ट्रेड शो के दौरान 20 एफपीओ, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, कृषि निवेशों से संबंधित 40 फर्म, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी आदि भी हिस्सा लेंगे। कृषि संबधी उत्पादों, उपकरणों, बीज व रसायन निर्माताओं को मंच मिलेगा तो आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और तकनीक से भी रूबरू कराया जाएगा। यहां प्रदेश के प्रगतिशील किसानों व कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा। पूरे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व एक ही स्थान पर होगा। इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में कृषि विभाग को एक हजार स्क्वायर मीटर आवंटित किया गया है। इसमें कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि संबंधी संस्थाएं, मंडी परिषद-कृषि विपणन निदेशालय, कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज व पौध संरक्षण रसायन निर्माता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी। 

    कृषि विभाग के संवाद-समन्वय से 20 से अधिक एफपीओ करेंगे प्रतिभाग 
    इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन में कृषि विभाग की भी बड़ी हिस्सेदारी है। कृषि विभाग के संवाद व समन्वय से इसमें 20 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) हिस्सा लेंगे। इसमें अलीगढ़, सीतापुर, वाराणसी, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, ललितपुर, मीरजापुर, हरदोई, बुलंदशहर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बहराइच, इटावा, गाजियाबाद, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर, गोंडा समेत विभिन्न जनपदों की सहभागिता रहेगी। कृषि विभाग की तरफ से लगने वाली प्रदर्शनी में सीड्स, फर्टिलाइजर, कृषि यंत्रों से जुड़ी कंपनियां भी प्रतिभाग करेंगी। इसमें एफपीओ के 20, कृषि निवेशों (बीज, पेस्टिसाइड, उर्वरक, यंत्र) आदि के 40 व एक शासकीय समेत कुल 61 स्टॉल लगेंगे। 

    संयुक्त कृषि निदेशक (ब्यूरो/नियोजन) एके सिंह बनाए गए नोडल अधिकारी 
    कृषि विभाग की ओर से संवाद, समन्वय व देखरेख के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं। संपूर्ण व्यवस्था के लिए संयुक्त निदेशक (ब्यूरो/नियोजन) एके सिंह नोडल अधिकारी रहेंगे। बीज उत्पादन करने वाली कंपनियों से संवाद के लिए अपर कृषि निदेशक (बीज व प्रक्षेत्र) वाईपी सिंह तथा उर्वरक की कंपनियों की देखरेख के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) हरेंद्र कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वहीं कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र, कृषि उपकरण व ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

    वर्जन
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण (25 से 29 सितंबर) के आयोजन में कृषि विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यहां आने वाले अतिथि व आगंतुक उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में एफपीओ, बीज कंपनी, उर्वरक कंपनी, कृषि यंत्रीकरण कंपनी आदि की भी सहभागिता रहेगी। 
    सूर्य प्रताप शाही
    कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश

  • मैरी कॉम को मानती हैं आदर्श, आर्थिक संघर्ष के बाद सुचिका ने जीता एशियन गेम्स ब्रॉन्ज

    मैरी कॉम को मानती हैं आदर्श, आर्थिक संघर्ष के बाद सुचिका ने जीता एशियन गेम्स ब्रॉन्ज

    नई दिल्ली
    हरियाणा के रोहतक जिले के किलोई गांव की सुचिका ने महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किग्रा MMA स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता. सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ मुकाबला बेहद कांटे का रहा और दोनों का स्कोर बराबर रहा. फैसला कम वजन वाली खिलाड़ी के पक्ष में गया और सुचिका को फाइनल में पहुंचने का मौका नहीं मिला. लेकिन उनके लिए यह ब्रॉन्ज किसी गोल्ड से कम नहीं था.

    मेडल जीतने के बाद सुचिका ने पीटीआई से कहा, 'यह मेरी जिंदगी से भी बढ़कर है. मैं कभी नहीं भूलूंगी कि जापान आई और अपने देश के लिए मेडल जीता. अब मैं खुशी से मर सकती हूं.'

    यह सिर्फ भावुकता में कही गई लाइन नहीं थी. सुचिका के करियर में यह मेडल लंबे इंतजार के बाद आया है.

    सुचिका बोलीं- दोनों राउंड जीती थी, वजन को क्यों बनाया आधार?
    एशियन गेम्स 2026 में महिला ट्रेडिशनल MMA के 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की सुचिका तारियाल ने सेमीफाइनल के फैसले पर सवाल उठाए हैं. सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ मुकाबला हारने के बाद सुचिका ने कहा कि उन्होंने पदक का रंग बदलने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन फैसला उनके पक्ष में नहीं रहा.

    सुचिका के मुताबिक, मुकाबले में वह लगातार बेहतर नजर आ रही थीं और टेकडाउन भी उन्हीं ने किए. उन्होंने कहा, 'मैंने पदक का रंग बदलने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ परिस्थितियों की वजह से ऐसा नहीं कर पाई. शायद कहीं मैं थोड़ी कम पड़ गई या फिर फैसला मेरे पक्ष में नहीं था. मैं उस फैसले से सहमत भी नहीं हूं.'

    उन्होंने कहा कि मुकाबला देखने वाले कई लोगों ने भी उन्हें बताया कि उनका प्रदर्शन बेहतर था. सुचिका ने वजन से जुड़े नियम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें नियमों की जानकारी है और ज्यादा वजन होने की स्थिति में हार का नियम लागू होता है, लेकिन सिर्फ वजन के आधार पर पूरे मुकाबले का आकलन नहीं होना चाहिए.

    ‘उसने एक बार भी टेकडाउन नहीं किया’
    सुचिका ने अपने प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा, 'अगर आप मुकाबला देखें तो मैं ही जीत रही थी. टेकडाउन मैं कर रही थी. उसने मुझे एक बार भी टेकडाउन नहीं किया. वह सिर्फ हवा में पंच कर रही थी.'

    उनका कहना था कि मुकाबला केवल वजन के अंतर तक सीमित नहीं होना चाहिए था. सुचिका ने आरोप लगाया कि मुकाबले का फैसला प्रदर्शन की बजाय वजन के आधार पर कर दिया गया.

    उन्होंने कहा, 'यह वजन तक नहीं जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसे वजन का मामला बना दिया. सिर्फ इसलिए उसे विजेता घोषित कर दिया गया क्योंकि उसका वजन कम था, जबकि मैंने दोनों राउंड जीते थे.'

    फैसले को लेकर सुचिका ने अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा, 'हमारी अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन सिंगापुर की है और वह खिलाड़ी भी सिंगापुर की थी'. उनका इशारा सेमीफाइनल के उस फैसले की ओर था, जिसमें कड़े मुकाबले के ड्रॉ रहने के बाद कम वजन के आधार पर सिंगापुर की हुई हून तेओ को विजेता घोषित किया गया.

    कॉमनवेल्थ में चूकीं, एशियन गेम्स में भी खाली हाथ रहीं
    सुचिका ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. वहां वह ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में पहुंचीं, लेकिन पदक से चूक गईं. इसके बाद एशियन गेम्स में कुराश में भी उतरीं, लेकिन वहां भी मेडल हाथ नहीं आया. फिर MMA ने उन्हें एक और मौका दिया. और इस बार उन्होंने मौका हाथ से नहीं जाने दिया.

    सुचिका ने बताया, 'मैं चाहती थी कि अपने देश के लिए मेडल जीतूं, ताकि लोग मुझे जानें. मैं जिउ-जित्सु में वर्ल्ड चैम्पियन भी हूं. कुराश में एशियन गेम्स खेल चुकी हूं, लेकिन वहां मेडल नहीं मिला. फिर मुझे यहां खुद को साबित करने का दूसरा मौका मिला. मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की.'

    जब खेलना महंगा था, तब भी नहीं छोड़ा मैदान
    सुचिका की कहानी सिर्फ खेल उपलब्धियों की नहीं, बल्कि उस संघर्ष की भी है जिसमें एक खिलाड़ी को अपने सपने के लिए आर्थिक मुश्किलों से लड़ना पड़ा.

    उनके पिता सरकारी नौकरी से रिटायर हैं और मां गृहिणी हैं. करियर के शुरुआती दौर में आर्थिक परेशानियां इतनी थीं कि ट्रेनिंग के लिए उन्हें अपने विभाग से बिना वेतन छुट्टी तक लेनी पड़ी.

    ऐसे वक्त में पति ने आर्थिक रूप से उनका साथ दिया.
    सुचिका ने कहा, 'आर्थिक रूप से मुझे बहुत समस्याएं थीं. मैंने ट्रेनिंग के लिए अपने विभाग से बिना वेतन छुट्टी ली. मेरे पति ने आर्थिक रूप से मेरा समर्थन किया और मुझे यहां तक पहुंचाया. इसलिए मैं यह मेडल अपने माता-पिता और पति को समर्पित करना चाहती हूं.'

    मैरी कॉम को दूर से देखा और बना लिया आदर्श
    सुचिका की प्रेरणा भी उसी जिद की कहानी कहती है. उनकी आदर्श हैं छह बार की वर्ल्ड चैम्पियन और ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट बॉ़क्सर मैरी कॉम. सुचिका ने उन्हें पहली बार राष्ट्रीय जूडो कैंप के दौरान भोपाल में देखा था.

    उन्होंने कहा,  'मैं बचपन से मैरी कॉम दीदी को पसंद करती हूं. शायद 2009-10 में भोपाल में जूडो के राष्ट्रीय कैंप में थीं. वह अपने कपड़ों और जिस तरह खुद को संभालती थीं, बहुत शानदार लगती थीं. वह मेरी आइडल हैं. मैंने उनसे कभी व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की. अगर मौका मिला तो उनसे बात करना चाहूंगी.'

    जिस खिलाड़ी को उन्होंने कभी दूर से देखकर अपना आदर्श बनाया, उसी तरह सुचिका अब उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो मानते हैं कि खेल में उम्र किसी सपने की आखिरी तारीख नहीं होती.

    संन्यास लेने वाली थीं, अब फिर लड़ेंगी
    इस मेडल की सबसे दिलचस्प बात शायद यही है कि सुचिका एशियन गेम्स को अपने MMA करियर का आखिरी पड़ाव मानकर जापान आई थीं.

    उन्हें लगा था कि 36 की उम्र में अब खेल को अलविदा कह देना चाहिए. लकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के सफर ने उनकी सोच बदल दी.

    उन्होंने कहा, 'मैंने सोचा था कि एशियन गेम्स के बाद MMA छोड़ दूंगी. मैं अब उम्रदराज हो गई हूं और खेलना बंद करना चाहती थी. लेकिन अब मुझे लगता है कि मैं कर सकती हूं. आज के प्रदर्शन को देखकर लगता है कि मैं अभी और कर सकती हूं.'

    सुचिका प्रोफेशनल फाइटिंग भी करती हैं और Brave में अगली फाइट की तैयारी कर सकती हैं. यानी जिस दिन वह भारत के लिए MMA का पहला एशियन गेम्स मेडल लेकर खड़ी थीं, उसी दिन उनके करियर का अंत नहीं, एक नया अध्याय शुरू हो गया.

  • यतनाम-जापान समेत 6 देश UPITS-2026 में, बढ़ेंगे व्यापार और निवेश के अवसर

    यतनाम-जापान समेत 6 देश UPITS-2026 में, बढ़ेंगे व्यापार और निवेश के अवसर

    यूपीआईटीएस-2026 में दिखेगा यूपी का वैश्विक व्यापारिक विस्तार, छह देशों की भागीदारी से मजबूत होगा अंतरराष्ट्रीय कारोबारी कनेक्ट

    वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस होंगे पार्टनर कंट्री, विदेशी कंपनियां प्रदर्शित करेंगी उत्पाद, तकनीक और निवेश के अवसर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विदेशी प्रतिनिधिमंडलों का संवाद, बी2बी बैठकों से बनेगा व्यापार और निवेश का नया रास्ता

    ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी से यूपी के कारोबारियों को मिलेंगे नए अवसर, विदेशी निवेशकों और यूपी के उद्यमियों के बीच बनेगा सीधा कारोबारी संवाद

    पार्टनर कंट्रीज के पवेलियन में दिखेगी दुनिया की तकनीक और उत्पादों की विविधता, तकनीक, पर्यटन, फार्मा, मोबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग पर बनेगी कारोबारी साझेदारी

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 
     उत्तर प्रदेश अब केवल देश के बड़े बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार, निवेश और विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा निवेश आकर्षित करने, निर्यात को बढ़ावा देने और प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की झलक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में भी देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस को पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है। छह देशों की भागीदारी वाला यह आयोजन यूपी के लिए ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूत करने का अवसर बनेगा। पार्टनर देशों के प्रतिनिधि अपने उत्पाद व तकनीक प्रदर्शित करने के साथ ही प्रदेश के उद्यमियों, निवेशकों और कारोबारियों से सीधे संवाद करेंगे। इससे व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग और नए कारोबारी अवसरों के लिए संभावनाएं बनेंगी।

    36 विदेशी प्रदर्शक और करीब 100 खरीदारों की प्रस्तावित भागीदारी
    यूपीआईटीएस-2026 के पार्टनर कंट्री प्लान के अनुसार, वियतनाम के लिए 54 वर्गमीटर, जापान के लिए 54 वर्गमीटर, सिंगापुर और रूस के लिए 36-36 वर्गमीटर तथा ऑस्ट्रिया के लिए 54 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इन पांच देशों के लिए प्रस्तावित सूची में कुल 36 प्रदर्शक और 100 खरीदार शामिल हैं। बेलारूस को भी पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है और उसके लिए मुख्यमंत्री के साथ संवाद तथा बी2बी गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इस भागीदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां गतिविधियां केवल उत्पाद प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेंगी। बी2बी बैठकें, कंट्री सेशंस, राउंडटेबल और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ संवाद के जरिए कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है।

    मुख्यमंत्री के साथ संवाद से सीधे जुड़ेगा वैश्विक उद्योग जगत
    यूपीआईटीएस-2026 के पार्टनर कंट्री कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संवाद के विशेष सत्र प्रस्तावित हैं। 25 सितंबर को अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों के लिए संवाद सत्र आयोजित किए जाने हैं। वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों में राजदूत, हाई कमिश्नर, ट्रेड कमिश्नर, आर्थिक एवं वाणिज्यिक प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें भारत में जापान के राजदूत एच.ई. केइची ओनो, भारत में सिंगापुर के हाई कमिश्नर एच.ई. साइमन वोंग, रूस के ट्रेड कमिश्नर आंद्रे सोबोलेव और ऑस्ट्रिया के ट्रेड कमिश्नर एवं कमर्शियल काउंसलर हांस-जोर्ग होर्टनाग्ल समेत अन्य प्रतिनिधियों का उल्लेख किया गया है। 

    वियतनाम के पवेलियन में एविएशन से फार्मा और ईवी तक
    वियतनाम की भागीदारी में एविएशन, पर्यटन, कृषि, फार्मास्युटिकल एवं कॉस्मेटिक उत्पाद, खाद्य, टेक्सटाइल, गारमेंट, हस्तशिल्प और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं। इसमें वियतनाम एयरलाइंस, पर्यटन क्षेत्र की कंपनियों, फार्मा एवं हेल्थ से जुड़े उद्यमों तथा अन्य कंपनियों की भागीदारी प्रस्तावित है। इससे उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को एविएशन, पर्यटन, फार्मा, कृषि आधारित उद्योग, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय कारोबार के संभावित साझेदारों के साथ संवाद का अवसर मिलेगा।

    जापान की तकनीक और औद्योगिक विशेषज्ञता भी बनेगी आकर्षण
    जापान के पवेलियन में तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े उत्पादों की व्यापक प्रस्तुति प्रस्तावित है। वाकॉम इंडिया, एयर एंड वॉटर इंडिया, आईटीओ एन, सुशी एंड मोर, कीटो इंडिया और टाइयो इंडिया जैसी कंपनियां सिग्नेचर डिवाइस, औद्योगिक गैस, जापानी चाय, जापानी खाद्य, लिफ्टिंग इक्विपमेंट और मशीनरी स्पेयर पार्ट्स जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगी। जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन यानी जेट्रो की ओर से निवेश और प्रमोशन नीतियों से संबंधित जानकारी भी साझा की जाएगी। 

    सिंगापुर, रूस और ऑस्ट्रिया से तकनीक, परिवहन और औद्योगिक समाधान
    सिंगापुर की कंपनियां वीडियो सर्विलांस सॉल्यूशन, सोल्डरिंग उपकरण और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े उत्पादों के साथ भाग लेंगी। रूस से पेट्रोकेमिकल्स, औद्योगिक गैस, प्रयोगशाला उपकरण, डायग्नोस्टिक किट, ऑक्सीजन सॉल्यूशन और भर्ती एवं स्टाफिंग सेवाओं से जुड़ी कंपनियां प्रस्तावित हैं। वहीं ऑस्ट्रिया की भागीदारी में फोर्कलिफ्ट और वर्कशॉप इक्विपमेंट, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन, डेकोरेटिव एवं लाइटिंग उत्पाद तथा मोबिलिटी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसे क्षेत्रों की कंपनियां शामिल होंगी।

    योगी सरकार की निवेश नीति को मिलेगा वैश्विक कारोबारी मंच
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश रणनीति में निवेश आकर्षण के साथ निवेशकों को सुविधा, औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विस्तार और वैश्विक कारोबारी नेटवर्क से प्रदेश को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यूपीआईटीएस-2026 इसी व्यापक निवेश एवं व्यापारिक कनेक्ट को जमीन पर आगे बढ़ाने का मंच बनेगा। पार्टनर देशों की भागीदारी के जरिए उत्तर प्रदेश के सामने विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने, नई कारोबारी साझेदारियां विकसित करने और तकनीकी सहयोग के अवसर तलाशने की संभावना बनेगी।

    बी2बी बैठकों से कारोबार की संभावनाओं को मिलेगा विस्तार
    यूपीआईटीएस में होने वाली बी2बी बैठकें प्रदेश के उद्यमियों और विदेशी कारोबारियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का माध्यम बनेंगी। इससे केवल उत्पादों के प्रदर्शन तक सीमित रहने के बजाय कारोबारी साझेदारी और संभावित निवेश प्रस्तावों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। वियतनाम के लिए ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर कंट्री सेशन प्रस्तावित है। वहीं ऑस्ट्रिया की ओर से ‘लेवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ’ विषय पर नॉलेज सेशन प्रस्तावित है। इस तरह यूपीआईटीएस-2026 में व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और निर्यात को एक ही मंच पर जोड़ने की कोशिश साकार होती दिखाई देती है।

    ओडीओपी, एमएसएमई और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार का संपर्क
    उत्तर प्रदेश की बड़ी ताकत उसका व्यापक एमएसएमई नेटवर्क, पारंपरिक उद्योग और स्थानीय उत्पाद हैं। ऐसे में यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच का एक महत्वपूर्ण पक्ष प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों और उत्पादों को विदेशी खरीदारों से जोड़ना भी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि आधारित उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य विनिर्मित वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ऐसे मंच कारोबारी संपर्क का माध्यम बन सकते हैं। पिछले संस्करण में भी यूपीआईटीएस में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खरीदार और प्रदेश के प्रदर्शक शामिल हुए थे। इसी तर्ज पर योगी सरकार के नेतृत्व में निवेश सुविधा, औद्योगिक विकास और वैश्विक कारोबारी संपर्क को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में यूपीआईटीएस-2026 उत्तर प्रदेश की ‘लोकल से ग्लोबल’ यात्रा का महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है।