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  • Jamui Viral Video: सड़क पर नाबालिग लड़का-लड़की को रोका, लड़की से अभद्रता का आरोप; पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की

    Jamui Viral Video: सड़क पर नाबालिग लड़का-लड़की को रोका, लड़की से अभद्रता का आरोप; पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की

    जमुई
    बिहार के जमुई जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बाइक से जा रहे नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया. इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया. आरोपियों ने लड़की को बैड टच भी किया. पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। 

    पुलिस ने क्या कहा?
    घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है. वायरल वीडियो में कुछ लोग सड़क पर बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की को रोकते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर जमुई पुलिस सक्रिय हुई. जमुई के एसपी ने वायरल वीडियो और घटना की पुष्टि की है। 

    पुलिस के मुताबिक दोनों पीड़ित नाबालिग हैं. पुलिस ने उनसे बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी ली है. उनके बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि घटना में करीब 6 से 7 लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस इन लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है. मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 

    वायरल VIDEO के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
    पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, घटना की वजह और आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है। 

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नाबालिगों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है। 

    घटना पर बीजेपी और JDU ने क्या कहा?
    जमुई में लड़का-लड़की के साथ भीड़ की तरफ से किए गए बर्ताव को लेकर जेडीयू की भी प्रतिक्रिया आई है. जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है. यहां मॉब जस्टिस नहीं चल सकता. जिन लोगों ने ऐसा काम किया है, उनके ऊपर पुलिस एक्शन लेगी. वहीं बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है. इसके दोषियों की पहचान पुलिस कर रही है. जो भी दोषी होंगे उनपर एक्शन होगा। 

  • त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों को राहत, MP के 30 स्टेशनों से मिलेंगी स्पेशल ट्रेनें

    त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों को राहत, MP के 30 स्टेशनों से मिलेंगी स्पेशल ट्रेनें

    भोपाल
     दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मध्यप्रदेश से अलग-अलग राज्यों के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की है। इन ट्रेनों के जरिए मध्यप्रदेश के करीब 30 स्टेशन देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ेंगे।त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इन सेवाओं से यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन विकल्प मिलेंगे। मध्यप्रदेश से चलने या गुजरने वाली इन स्पेशल ट्रेनों से राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा और दिल्ली तक कनेक्टिविटी मिलेगी।

     आगामी त्योहारी सीजन के चलते अभी से ज्यादातर ट्रेनों के टिकट बुक हो चुके हैं. ट्रेनों में वेटिंग दिखा रहा है. रेलवे यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के भोपाल रेल मंडल से 10 राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है. दीवाली और छठ पूजा पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला लिया है. मध्य प्रदेश से करीब 30 स्टेशन स्पेशल ट्रेनों से जुड़ेंगे. भोपाल मंडल से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों तक कनेक्टिविटी मिलेगी. भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए सुल्तानपुर-वाराणसी से मुंबई जाने का अतिरिक्त विकल्प होगा। 

    त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों की भीड़ को कम करने की कवायद शुरू कर दी गई है. सुल्तानपुर-वाराणसी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. बीना, रानी कमलापति और इटारसी होकर दोनों स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. दोनों दिशाओं में स्पेशल ट्रेनों के 4-4 फेरे होंगे. भोपाल मंडल के तीन स्टेशनों को मुंबई के लिए 16 अतिरिक्त एकतरफा फेरे मिलेंगे। 

    कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा
    बताते चलें कि रेलवे ने त्योहारों को देखते हुए कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी है. प्रयागराज और साबरमती के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को लेकर बदलाव किया गया है. गांधीनगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म से जुड़ी बाधाओं के चलते प्रयागराज और गांधीनगर द्विसाप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के टर्मिनल में बदलाव किया गया है. अब 04111/04112 के बदले यह सेवा 04179/04180 नंबर से प्रयागराज और साबरमती के बीच चलेगी. 04179 नंबर ट्रेन प्रयागराज से शाम चार बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 3:40 बजे साबरमती पहुंचेगी. वहीं 04180 नंबर ट्रेन साबरमती से शाम 5:45 बजे रवाना होगी। 

    भोपाल मंडल के यात्रियों को खास फायदा
    भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए सुल्तानपुर और वाराणसी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें महत्वपूर्ण रहेंगी। दोनों ट्रेनें बीना, रानी कमलापति और इटारसी होकर चलेंगी।दोनों दिशाओं में इन ट्रेनों के 4-4 फेरे निर्धारित हैं। इस तरह बीना, रानी कमलापति और इटारसी से मुंबई की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन विकल्प मिलेंगे।

    अजमेर-रांची पूजा स्पेशल
    ट्रेन नंबर 09619/09620 अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 9-9 फेरे होंगे।

    अजमेर से रांची ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार चलेगी। वहीं रांची से अजमेर ट्रेन 4 अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।मध्यप्रदेश में इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी, ब्यौहारी और सिंगरौली होंगे।

    जोधपुर-चेन्नई पूजा स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04815/04816 जोधपुर-चेन्नई बीच पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 9-9 फेरे होंगे।जोधपुर से चेन्नई बीच ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार चलेगी। वहीं चेन्नई बीच से जोधपुर ट्रेन 6 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार चलेगी।मध्यप्रदेश में ट्रेन रुठियाई, गुना, बीना, भोपाल और इटारसी स्टेशनों पर रुकेगी।

    रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल
    पितृपक्ष में गया जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन नंबर 01661/01662 रानी कमलापति-गया स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।रानी कमलापति से गया के लिए इसके फेरे 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर को होंगे। वापसी में गया से रानी कमलापति के लिए ट्रेन 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को चलेगी।इस ट्रेन का ठहराव नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना समेत कई स्टेशनों पर रहेगा।

    पुणे-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन
    ट्रेन नंबर 01415/01416 पुणे-गोरखपुर स्पेशल भी त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा देगी।पुणे से गोरखपुर ट्रेन 9 अक्टूबर से 21 नवंबर तक और गोरखपुर से पुणे ट्रेन 10 अक्टूबर से 22 नवंबर तक चलेगी।मध्यप्रदेश में इसके प्रमुख ठहराव खंडवा, इटारसी, भोपाल और बीना हैं।

    मुंबई CSMT-गोरखपुर स्पेशल के 43 फेरे
    ट्रेन नंबर 01079/01080 मुंबई सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल के दोनों दिशाओं में बड़ी संख्या में फेरे निर्धारित किए गए हैं।मुंबई से गोरखपुर ट्रेन 9 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी, जबकि गोरखपुर से मुंबई सेवा 11 अक्टूबर से 22 नवंबर तक रहेगी।यह ट्रेन खंडवा, इटारसी, भोपाल और बीना होते हुए चलेगी। पुणे-गोरखपुर और मुंबई-गोरखपुर सेवाओं को मिलाकर कुल 87 अतिरिक्त फेरे उपलब्ध होंगे।

    रानी कमलापति-रीवा पूजा स्पेशल
    ट्रेन नंबर 02191/02192 रानी कमलापति-रीवा पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।रीवा से रानी कमलापति के लिए ट्रेन 17 और 24 अक्टूबर तथा 7 और 14 नवंबर को चलेगी। वापसी में रानी कमलापति से रीवा की सेवा भी इन्हीं तारीखों पर रहेगी।इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना होंगे।

    रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर पूजा स्पेशल
    विंध्य क्षेत्र को मालवा और इंदौर क्षेत्र से जोड़ने के लिए ट्रेन नंबर 01710/01709 रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर पूजा स्पेशल चलाई जाएगी।रीवा से डॉ. अंबेडकर नगर ट्रेन 10 अक्टूबर से 14 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार और वापसी में 11 अक्टूबर से 15 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।इसके ठहराव में सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास और इंदौर शामिल हैं।

    सुल्तानपुर-मुंबई फेस्टिवल स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04212/04211 सुल्तानपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस फेस्टिवल स्पेशल के दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।सुल्तानपुर से मुंबई सेवा 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार चलेगी। वापसी में लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुल्तानपुर ट्रेन 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार चलेगी।मध्यप्रदेश में इसके प्रमुख ठहराव बीना, रानी कमलापति और इटारसी होंगे।

    वाराणसी-मुंबई फेस्टिवल स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04226/04225 वाराणसी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस फेस्टिवल स्पेशल के भी दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।वाराणसी से मुंबई ट्रेन 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार और मुंबई से वाराणसी ट्रेन 23 अक्टूबर से 13 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार चलेगी।इस ट्रेन का मध्यप्रदेश में बीना, रानी कमलापति और इटारसी समेत कई स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।

    दिल्ली-अशोकनगर धार्मिक आयोजन स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04004/04003 दिल्ली-अशोकनगर स्पेशल ट्रेन धार्मिक आयोजन के मद्देनजर चलाई गई है।इस सेवा का मध्यप्रदेश में प्रमुख ठहराव गुना और अशोकनगर रहेगा। दिल्ली से अशोकनगर सेवा 17 सितंबर को चली थी, जबकि अशोकनगर से दिल्ली की वापसी सेवा 21 सितंबर को निर्धारित है।

    MP के 30 स्टेशन होंगे कनेक्ट
    घोषित स्पेशल ट्रेनों के ठहराव को मिलाकर मध्यप्रदेश के करीब 30 अलग-अलग स्टेशन इस त्योहारी रेल नेटवर्क में शामिल होते हैं।इनमें भोपाल, रानी कमलापति, बीना, इटारसी, नर्मदापुरम, खंडवा, गुना, रुठियाई, सागर, दमोह, विदिशा, कटनी, मैहर, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, गाडरवारा, सिहोरा रोड, ब्यौहारी, सिंगरौली, अशोकनगर, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास, इंदौर और डॉ. अंबेडकर नगर शामिल हैं।

    10 राज्यों और दिल्ली तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी
    इन स्पेशल ट्रेनों के जरिए मध्यप्रदेश से यात्रियों को राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और हरियाणा समेत कई राज्यों तक अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेंगे। एक प्रमुख रूट दिल्ली से भी मध्यप्रदेश को जोड़ता है।त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ के बीच इन स्पेशल सेवाओं से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

     

  • MP Weather: 24 सितंबर से भारी बारिश, अब तक 33.9 इंच बरसा पानी

    MP Weather: 24 सितंबर से भारी बारिश, अब तक 33.9 इंच बरसा पानी

    भोपाल
     देश में मानसून की पश्चिमी राजस्थान से विदाई शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश में 30 सितंबर तक प्रदेश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी. प्रदेश में 22 जून को मानसून के आगमन हुआ था. मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में करीब 20 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका. प्रदेश में अलीराजपुर जिले में सबसे कम बारिश हुई है. यहां बारिश का आधा कोटा ही पूरा हो सका। 

    हालांकि, मानसून की विदाई के पहले एक बार मानसून पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के एक दर्जन जिलों को तरबतर करेगा. अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र के ऊपर बन रहे निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। 

    इन जिलों को भिगोने के बाद शुरू होगी विदाई
    अलनीनो की वजह से इस बार बारिश में कमी की आशंका जताई गई थी, इसका प्रदेश के कई हिस्सों में असर दिखाई दिया है. प्रदेश में औसतन 6 फीसदी कम बारिश हुई है. प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में औसत से 2 फीसदी कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 10 फीसदी कम बारिश हुई है. देश में मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो गई है. पश्चिमी राजस्थान से मानसून ने विदा लेना शुरू कर दिया है. मध्य प्रदेश में 30 सितंबर से बारिश की विदाई शुरू होने जा रही है. हालांकि, विदाई के पहले प्रदेश में झमाझम बारिश होने की उम्मीद है। 

    मौसम वैज्ञानिक अरूण शर्मा के मुताबिक "अंडमान सागर और आसमान क्षेत्र के ऊपर स्थित निम्न दवाब का क्षेत्र आगे बढ़ रहा है. इसके चलते 23 और 24 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के जिलों में अच्छी बारिश होगी. इसके चलते जिन जिलों में कम बारिश हुई है, वहां भी बारिश के कोटे में सुधार की उम्मीद है। 

    दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में बारिश का दौर रहेगा। मौसम विभाग ने 24 सितंबर से कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले रिमझिम जारी रहेगी। प्रदेश में अब तक औसत 33.9 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) उत्तर अंडमान सागर एवं आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित था। रविवार को यह आगे बढ़ गया। इसके आगे बढ़ने और 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। ऐसा होने से 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश शुरू होगी। इस दिन प्रदेश के छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इससे पहले रविवार रात को भोपाल के कई इलाकों में तेज पानी गिरा। नर्मदापुरम में हवा चलने के बाद करीब पौन घंटे बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया। बिजली गुल होने से शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचा।

    32 जिलों में 5% से 49% तक कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 24% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। रविवार तक आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5% से 49% कम पानी गिरा है।

    मध्य प्रदेश के 20 जिले रह गए प्यासे
    मध्य प्रदेश में 1 जून से 20 सितंबर तक के आंकड़ों को देखा जाए तो मध्य प्रदेश के 20 जिलों में 10 फीसदी से लेकर 49 फीसदी तक कम बारिश हुई है. प्रदेश में सबसे कम बारिश अलीराजपुर जिले में हुई है. यहां बारिश का कोटा आधा ही पूरा हो सका. अलीराजपुर के अलावा कई जिले हैं जहां बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका. इसके अलावा विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन जैसे जिलों में भी कम बारिश हुई है, जहां बड़े पैमाने पर गेहूं और धान की फसल होती है. कम बारिश से यह फसलें प्रभावित होंगी। 

    इसके अलावा इंदौर, उज्जैन में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि राजधानी भोपाल में सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई और भोपाल का बड़ा तालाब भरने से भदभदा और फिर कलियासोत डैम के गेट भी खोलने पड़े हैं। 

    मध्य प्रदेश के बांधों में पहुंचा भरपूर पानी
    हालांकि, मध्य प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश के बाद भी प्रदेश में गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत का सामना नहीं करना होगा. प्रदेश के बांधों में भरपूत पानी पहुंचा है. प्रदेश के बड़े बांध 80 फीसदी और उससे ज्यादा भर चुके हैं. मंदसौर जिले में आने वाला गांधी सागर बांध 79.35 फीसदी भर चुका है, जबकि तवा बांध 87.26 फीसदी भर चुका है. जबलपुर के बरगी बांध का बारिश में कई बार गेट खोलना पड़ा है. यह बांध पूरी तरह से लबालब हो चुका है। 

    यही स्थिति बाणसागर डैम की है. प्रदेश के 45 प्रमुख बांधों में से 34 बांध 80 फीसदी से ज्यादा भर चुके हैं, इनमें प्रदेश के सभी बड़े बांध शामिल हैं. प्रदेश में ऐसा कोई बांध नहीं है, जो 50 फीसदी से कम भरा हो. सबसे कम जल भराव वाला बांध ओंकारेश्वर है, वह भी 69.84 फीसदी पानी भर चुका है। 

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।

    आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

    प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

    भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश
    भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था।

    इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

  • UPITS 2026: 6 पार्टनर देश और 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार होंगे शामिल, CM योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

    UPITS 2026: 6 पार्टनर देश और 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार होंगे शामिल, CM योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

    माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर और उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करेगा यूपीआईटीएस-2026

    ओडीओपी स्टॉल्स, स्थानीय कलाकारों और युवाओं की भागीदारी पर जोर

    युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच होगा ट्रेड शोः मा0 मुख्यमंत्री

    उत्तर प्रदेश के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य को गति देने के लिए चौथे संस्करण में शामिल होंगे 06 भागीदार देश, 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदार और 20 से अधिक उच्च-प्रभाव वाले नॉलेज सेशन

    गौतमबुद्धनगर
          उत्तर प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के सभागार में प्रशासनिक, प्राधिकरण एवं पुलिस अधिकारियों के साथ आगामी उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS-2026) की तैयारियों की समीक्षा की। मा0 मुख्यमंत्री जी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, व्यवस्थापन, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा तथा सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर, स्थानीय उत्पादों एवं औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच प्रदान करने के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस संस्करण के लिए अंतर्राष्ट्रीय आउटरीच के बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत 06 प्रमुख भागीदार देशों- जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस के साथ सक्रिय साझेदारी स्थापित की गई है। इन देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के माध्यम से भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेशी भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के इस आयोजन में भाग लेने की संभावना है। उन्होंने निर्देश दिये कि विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास की व्यवस्था की जाये। भाग लेने वाले देशों के उच्चायुक्तों के लिए संपर्क अधिकारी (लायजन ऑफिसर) नियुक्त किए जाएं और आगंतुकों तथा प्रतिनिधियों की सहायता के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को वाॅलिंटियर्स के रूप में तैनात किया जाए। 
          मा0 मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ उचित रूप से जोड़ा जाना चाहिए और मंत्री, उद्योगों तथा व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक बातचीत को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बैठकें आयोजित की जाये तथा प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ नॉलेज सेशन संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टेक्निकल सेशन में उत्तर प्रदेश शासन के संबंधित विभागों के मंत्रियों एवं प्रमुख सचिवों को आवश्य आमंत्रित किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श एवं विभागीय समन्वय सुनिश्चित हो सके। नॉलेज सेशन में जनता की भागीदारी को भी प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाना सुनिश्चित करें। 

          माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यूपीआईटीएस 2026 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के साथ-साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का एक सच्चा प्रतिनिधित्व बन सके। इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं, जिनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी और आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य तथा स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं। 
          माननीय मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था करने की आवश्यकता पर बल दिया। तीनों संबंधित प्राधिकरणों को स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए परस्पर समन्वय बनाना होगा। आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक-मुक्त रहना चाहिए, जिसके प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक अपने स्टॉल लगाने का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया, उन्होंने प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाने तथा अतिरिक्त टावर लगाकर नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने और विश्वसनीय इंटरनेट व वाई-फाई सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाये और रील्स या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने व सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। 

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए सभी तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अंतिम रूप प्रदान करें। उन्होंने सभी विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी न रह जाए। आयोजन की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास, आगंतुक सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का आयोजन सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

          पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री को यूपीआईटीएस 2026 के लिए यातायात योजना और व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया। आगंतुकों, प्रदर्शकों, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और आम जनता की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्थल तक जाने और वहां से आने वाले सभी मार्गों की समीक्षा और अद्यतन किया गया है। सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्रिस्किंग (जांच) और भीड़-प्रबंधन उपायों सहित व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संभावित फुटफॉल को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए निरंतर निगरानी के साथ प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री को आयोजन स्थल तक आवागमन की सुविधा के साथ-साथ आगंतुकों और प्रदर्शकों के लिए निर्दिष्ट पार्किंग सुविधाओं की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। भीड़भाड़ को कम करने और आगंतुकों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमन, मार्ग प्रबंधन और पार्किंग संचालन का समन्वय किया जाएगा। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल और भीड़-नियंत्रण उपायों को मजबूत किया गया है, तथा संबंधित टीमों को पूरे आयोजन के दौरान सतर्क और तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

          साइट की तैयारी, यातायात प्रबंधन और आगंतुक सुविधाओं के संबंध में स्थानीय प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापक व्यवस्था की है। पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच आगंतुकों के लिए पर्यावरण-अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन की सुविधा के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, आने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा रहा है। एनएमआरसी मेट्रो लाइनों, शहर की बसों के रैप्स, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल चैनलों पर बहु-चैनल प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन्होंने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर पहले ही 1.3 करोड़ (13 मिलियन) से अधिक वीडियो व्यूज हासिल कर लिए हैं। खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय व अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक मौके पर तैनात हैं। 

          जिलाधिकारी ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस, औद्योगिक संगठनों, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के प्रशासकों और प्रतिनिधियों के साथ लक्षित समन्वय बैठकें की गई हैं। Gen-Z  और स्कूली छात्रों की भारी भागीदारी को प्रेरित करने के लिए, जिले ने एक डिजिटल रील चैलेंज, एक यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और युवाओं को जोड़ने तथा यूपीआईटीएस 2026 के दौरान उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई विशेष क्विज सहित संवाद स्थापित करने के लिए युवा पहलों की एक श्रृंखला की योजना बनाई है। 

          इस वर्ष की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच से प्रेरित, यूपीआईटीएस 2026 में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, रक्षा और एयरोस्पेस, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा और हेल्थकेयर, टेक्सटाइल और हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई), तथा पर्यटन और संस्कृति जैसे प्रमुख विकास चालकों का व्यापक प्रदर्शन होगा। मजबूत औद्योगिक गति का प्रदर्शन करते हुए, भूतल और द्वितीय तल के हॉलों में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी स्थान पहले ही बुक किया जा चुका है, जिसमें भाग लेने वाले औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए पूर्ण ले-आउट को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो उत्तर प्रदेश की क्षमता के वैश्विक प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है।

          इस अवसर पर मा0 मंत्री एम0एस0एम0ई0 भूपेन्द्र सिंह चौधरी, मा0 राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, मा0 राज्यमंत्री एम0एस0एम0ई0 हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एव औद्योगिक विकास दीपक कुमार, आयुक्त अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, ए0डी0जी0 मेरठ जोन भानू भास्कर, मण्डलायुक्त मेरठ भानू चन्द्र गोस्वामी सहित प्रशासन, प्राधिकरण तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहें।
          सौजन्य से सूचना विभाग गौतमबुद्धनगर।

  • अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर
     
    एटा-कासगंज में सपा नेताओं के विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा
     
    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा
     
    बोले- टिकट बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं, सत्ता मिली नहीं और अभी से चढ़ गई ‘पैसे की गर्मी’
     
    कहा- राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने नेता भिड़ जाएं तो पार्टी के अनुशासन का हाल समझा जा सकता है
     
    राजभर का तंज- कार्यकर्ता की जगह अपराधी भरेंगे तो क्या होगा, बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय
     
     लखनऊ

     सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एटा-कासगंज में सपा नेताओं के बीच हुए विवाद को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तंज किया कि अखिलेश यादव ने बैठक चुनावी रणनीति बनाने के लिए बुलाई थी, लेकिन उनके सामने ही नेताओं में कुश्ती हो गई। उन्होंने पीडीए का नया मतलब भी “पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई” बताया।
     
    राजभर ने लिखा, “अखिलेश यादव जी! क्या से क्या हो गया, देखते-देखते। बुलाए थे बैठक और हो गई कुश्ती।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की जगह अपराधियों को भरकर रखा जाएगा तो नतीजा ऐसा ही होगा। इसी के साथ उन्होंने कहावत लिखी, “बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।”
     
    सत्ता मिली नहीं, अभी से ‘पैसे की गर्मी’
    राजभर ने एटा-कासगंज की बैठक में हुए विवाद और इसके बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयां भंग किए जाने को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने अखिलेश की “पैसे की गर्मी” वाली टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि टिकट अभी बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं और सत्ता मिली नहीं, लेकिन “पैसे की गर्मी” अभी से चढ़ गई है।
     
    उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने ही नेता आपस में भिड़ जाएं और अध्यक्ष को बैठक छोड़कर जाना पड़े, वहां अनुशासन का हाल समझा जा सकता है। राजभर ने कटाक्ष किया कि “सपा और अनुशासन” एक साथ नहीं आ सकते।
     
    प्रदेश की इकाई भी भंग कर दीजिए
    राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा कि यदि पार्टी को चुनाव जिताना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर देनी चाहिए। सिर्फ एटा-कासगंज के नेताओं को ही “पैसों की गर्मी” नहीं आई है, बल्कि हाल सब जगह एक जैसा है। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव” लिखा।

  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव बढ़ा, एयरस्ट्राइक में 28 लोगों के मारे जाने की खबर

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव बढ़ा, एयरस्ट्राइक में 28 लोगों के मारे जाने की खबर

    नूरगल
    पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि हमले में 28 मारे गए। वहीं, तालिबान सरकार ने कहा कि कुनार में 3 नागरिकों की मौत हुई और 4 लोग घायल हुए।

    तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि कुनार में एक घर पर हुए हमले में एक महिला और दो पुरुष मारे गए। पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी दो जगहों पर बमबारी हुई। यहां एक घर और दुकान को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने की जानकारी नहीं है।

    मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान इस हमले का उचित जवाब देगा। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से आतंकी उसके खिलाफ हमले कर रहे हैं। हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों में कितने लोग मारे गए या घायल हुए हैं और कितना नुकसान हुआ है. जानकारी अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आने में समय लग सकता है. स्थानीय परिवारों को रात के समय अचानक हुए इन हवाई हमलों का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से डर और तनाव का माहौल पैदा होने की खबर है। 

    आतंकवाद के बहाने अफगानिस्तान में घुस गए 
    आपको बता दें कि 20 सितंबर, 2026 को पाकिस्तान के हंगू जिले में सुरक्षा बलों के काफिले और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई. पाकिस्तानी सेना ने जानकारी दी है कि इस मुठभेड़ में प्रभावी कार्रवाई के दौरान आठ आतंकियों को मार गिराया गया और एक बार फिर से पाकिस्तानी फौज ने इसमें भारत का नाम जोड़ा. ऐसा ही वो अफगानिस्तान को लेकर करता रहा है. अपने आंतरिक हालात जब उससे संभलते नहीं हैं तो वो भारत और अफगानिस्तान पर आरोप लगाने लगता है. इसके साथ ही तलाशी और सफाई अभियान के नाम पर अफगानी सरहद में घुस जाना उसके लिए कोई नई बात नहीं है। 

    .हमले से जुड़ी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नूर मोहम्मद के घर पर पाकिस्तानी सैन्य बलों ने बम गिराए और पूरा घर तबाह हो गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमले के बाद मलबे से बमों के अवशेष मिले हैं. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हमले में घर के अंदर कितने लोग मौजूद थे और नुकसान कितना हुआ है। 

    कुनार में यह एयरस्ट्राइक ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है. सामने आई रिपोर्टों में इसे पाकिस्तानी विमानों की ओर से की गई ताजा कार्रवाई बताया गया है. फिलहाल हमले में हुए कुल नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी का इंतजार है। 

    दोनों देशों के बीच लगातार बना है तनाव 
        फरवरी, 2026 में सीमा पर बढ़ते तनाव के बाद अफगान तालिबान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर जवाबी और आक्रामक हमले किए। 

    पाकिस्तान ने जवाब में 27 फरवरी 2026 को इसके जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर काबुल, कंधार और पख्तिया जैसे इलाकों में हवाई व जमीनी हमले तेज कर दिए और इसे खुले युद्ध जैसी स्थिति करार दिया। 

        मार्च के बीच में दोनों पक्षों में लगातार संघर्ष जारी रहा, जिसमें काबुल पर हुए हमलों में भारी जानमाल का नुकसान हुआ. कतर, सऊदी अरब और तुर्की की मध्यस्थता से ईद-उल-फितर के अवसर पर मार्च के अंत में कुछ दिनों के लिए अस्थायी युद्धविराम हुआ, लेकिन छिटपुट तनाव और संघर्ष का दौर बीच-बीच में जारी रहा है. इससे पहले अक्टूबर, 2025 में भी दोनों देशों के बीच गंभीर सीमा-संघर्ष हुआ था। 

     

  • सीहोर में मिली रिश्वत की शिकायत, शिवराज के एक्शन के बाद कृषि अधिकारी सस्पेंड

    सीहोर में मिली रिश्वत की शिकायत, शिवराज के एक्शन के बाद कृषि अधिकारी सस्पेंड

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में वेयरहाउस से जुड़ी सब्सिडी के मामले ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय का ध्यान खींचा है। मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले पैसे मांगे गए थे। दो अलग-अलग वेयरहाउस से कथित तौर पर 1 लाख और 60 हजार रुपये की मांग का जिक्र शिकायत में किया गया है। अब विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

    सीहोर में निरीक्षण के दौरान सामने आया मामला
    मामला सीहोर जिले में वेयरहाउस के निरीक्षण से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी दौरान कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग पर वेयरहाउस संचालकों से कथित तौर पर पैसे मांगने का आरोप लगा। शिकायत के मुताबिक, सरकारी योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की रकम जारी करने की प्रक्रिया के बदले कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई थी। इस शिकायत के सामने आने के बाद मामला सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचा। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद मंत्रालय की ओर से अधिकारी को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई।

    60 हजार रुपए मांगी थी रिश्वत

    बताया गया है कि अधिकारी के खिलाफ सीहोर जिले में निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस संचालकों से कथित तौर पर रिश्वत मांगने की शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में शिवाय वेयरहाउस से एक लाख रुपए और श्रीकृष्णा वेयरहाउस से 60 हजार रुपए की मांग की गई थी।

    शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया भी की जा सकती है।

    दो वेयरहाउस से 1.60 लाख मांगने का आरोप
    शिकायत में दो अलग-अलग वेयरहाउस का उल्लेख किया गया है। आरोप के अनुसार, शिवाय वेयरहाउस के संचालक से एक लाख रुपये और श्री कृष्णा वेयरहाउस के संचालक से 60 हजार रुपये मांगे गए थे। अगर दोनों रकम को जोड़ा जाए तो कथित मांग 1 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है। हालांकि, यह राशि शिकायत में लगाए गए आरोपों का हिस्सा है। मामले में अंतिम स्थिति विभागीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही साफ होगी।

    शिकायत के बाद मंत्री ने लिया संज्ञान
    वेयरहाउस संचालकों की ओर से शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचने के बाद मामले में तेजी से कार्रवाई हुई। बताया गया है कि शिकायत में अधिकारी की कार्यप्रणाली और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिवराज सिंह चौहान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद विपणन अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद अब विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    निलंबन के बाद होगी विभागीय जांच
    अधिकारी के निलंबन के बाद सबसे अहम प्रक्रिया विभागीय जांच की होगी। जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित वेयरहाउस से जुड़े दस्तावेजों और सब्सिडी की प्रक्रिया की जानकारी देखी जा सकती है। इसके साथ ही यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारी की भूमिका क्या थी और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया में उनकी जिम्मेदारी कितनी थी।

    आरोप साबित होना अभी बाकी
    इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए हैं लेकिन आरोप और उनका साबित होना अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार अधिकारी को शिकायत के आधार पर निलंबित किया गया है। अब जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और अन्य तथ्य यह तय करने में अहम होंगे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।

    सब्सिडी प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
    वेयरहाउस को मिलने वाली सब्सिडी सरकारी योजनाओं से जुड़ी होती है। ऐसे में रकम जारी करने की प्रक्रिया में किसी अधिकारी पर पैसे मांगने का आरोप लगना गंभीर मामला माना जाता है। इस शिकायत ने सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। मामले में अब विभागीय जांच के नतीजे का इंतजार रहेगा। जांच के आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। फिलहाल तत्काल कदम के तौर पर उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया है।

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि और ग्रामीण विकास के सचिव सहित शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बताया गया कि अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही की विभिन्न शिकायतों को लेकर सोमवार शाम को करीब 7 बजे दिल्ली में यह बैठक होगी।

    सोमवार को दिन में शिवराज सिंह चौहान पंजाब के दौरे पर रहेंगे। वहां से लौटने के बाद वे कृषि और ग्रामीण विकास के सचिव सहित शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें महत्वपूर्ण दिशा निर्देश के साथ प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं।

    शिवराज सिंह चौहान सोमवार को पंजाब में भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' में शामिल होंगे। यात्रा में शामिल होने से पहले वे तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेकेंगे। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान तलवंडी साबो में रविदासिया चौक पर स्थित दाना मंडी में 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का शुभारंभ करेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मैसरखाना में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और बठिंडा में किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ सीधी बातचीत करेंगे।

  • विकसित छत्तीसगढ़ का विजन तैयार, MSME-स्टार्टअप-मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस; ओपी चौधरी ने बताया सरकार का प्लान

    विकसित छत्तीसगढ़ का विजन तैयार, MSME-स्टार्टअप-मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस; ओपी चौधरी ने बताया सरकार का प्लान

    रायपुर : लघु उद्योगों और एमएसएमई को मजबूत बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप तैयार कर रही सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में वित्त मंत्री ने कहा—2047 तक विकसित भारत के साथ कदमताल करता विकसित छत्तीसगढ़ बनाना लक्ष्य

    एमएसएमई, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने पर दिया जोर

    रायपुर

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, उद्योग, रोजगार और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण देश का लक्ष्य और ध्येय है। इसी विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ भी देश के अग्रणी राज्यों के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार दीर्घकालिक रोडमैप के साथ काम कर रही है।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप के साथ कार्य प्रारंभ किया है। विकास के साथ देश की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है और आने वाले वर्षों में देश के विकास की गति को और तेज करने के लिए संरचनात्मक सुधारों तथा दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है।

    *‘छत्तीसगढ़ अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से 2047 के विकास का रोडमैप*

    वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए ‘अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार कराया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य को देश के साथ कदमताल करते हुए अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आगे बढ़ना है और राष्ट्र के विकास के महायज्ञ में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी है।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य केवल दूरगामी लक्ष्य नहीं है। इसके लिए 2030 और 2035 जैसे मध्यकालिक लक्ष्यों के साथ अल्पकालिक और वार्षिक लक्ष्य भी निर्धारित किए जा रहे हैं, ताकि दीर्घकालिक विजन को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके।

    *दीर्घकालिक सोच के साथ आर्थिक सुधारों पर जोर*

    मंत्री चौधरी ने कहा कि देश के विकास के लिए दीर्घकालिक योजना और भविष्य को ध्यान में रखकर नीतियां बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी 21वीं सदी और विजन 2020 जैसे लक्ष्य निर्धारित किए, लेकिन उनके अनुरूप दीर्घकालिक रोडमैप और आवश्यक नीतिगत सुधारों का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 का आर्थिक संकट देश के लिए गंभीर चुनौती था और उस दौर की आर्थिक परिस्थितियों से सबक लेते हुए भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करना जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप अनेक क्षेत्रों में दीर्घकालिक निर्णय लिए जा रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की नींव तैयार करना है।

    *एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण आधार*

    वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सर्विस सेक्टर का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और विशेष रूप से लेबर इंटेंसिव मैन्युफैक्चरिंग को और विस्तार देने की आवश्यकता है। रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने के लिए लघु उद्योगों, एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत करते हैं। इसलिए प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में उद्योग जगत, उद्यमियों और लघु उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि नीतिगत सुधारों, निवेश के अनुकूल वातावरण और उद्यमिता को प्रोत्साहन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को नई गति दी जाए।

  • हॉकी की नर्सरी को मिलेगी नई सौगात, जनवरी में बिछेगा नया टर्फ

    हॉकी की नर्सरी को मिलेगी नई सौगात, जनवरी में बिछेगा नया टर्फ

    राजनांदगांव.

    ‘हॉकी की नर्सरी’ को आगामी जनवरी माह तक नए एस्ट्रोटर्फ की सौगात मिल जाएगी। पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिल्ली की एजेंसी को वर्क आर्डर जारी कर दिया है, जिसके बाद युध्द स्तर पर पुराना एस्ट्रोटर्फ को हटाने की कवायद शुरू हो गई है।

    एस्ट्रोटर्फ तैयार होने के बाद अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन हो सकेगा। बता दें कि 11 साल पहले 22 करोड़ की लागत से पूरे स्टेडियम का निर्माण कराया गया था, जिसमें एस्ट्रोटर्फ भी शामिल था। लेकिन टर्फ के खराब होने, सतह उखड़ने और जगह- जगह कीचड़ व काले धब्बे जमने के कारण न केवल खिलाड़ियों का खेलने एक तरह से बंद हो गया था, बल्कि 80 सालों से चली आ रही अखिल भारतीय महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन की परंपरा खत्म हो गई थी।

    पिछले वर्ष मिली स्वीकृति के बाद अब करीब 5.64 करोड़ रुपए की लागत से नया एस्ट्रोटर्फ बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। शनिवार से पुराने टर्फ को उखाड़ने का काम मजदूरों ने शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में इसे पूरी तरह से उखाड़ दिया जाएगा। इसके बाद नया टर्फ लगाने का काम शुरू होगा।
    एस्ट्रोटर्फ बदलने के बाद वहां अन्य संसाधनों की भी जरूरत है। बहरहाल, टर्फ को धोने वाली स्प्रंकलर खराब हो चुका है, उसे सुधारना जरूरी होगा, जिसके बाद ही मैच हो सकेंगे। इसी तरह फ्लड लाइट की लंबे समय से मांग की जा रही है। वहीं पवेलियन के दोनों साइड धूप से बचने कुर्सी के उपर शेड लगाने की भी मांग की गई है।

  • छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार, वीबी-जीरामजी के तहत 318 से बढ़कर 375 हुए अनुमेय कार्य

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार, वीबी-जीरामजी के तहत 318 से बढ़कर 375 हुए अनुमेय कार्य

    रायपुर : वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    जल संरक्षण से लेकर सड़क, स्कूल, पंचायत भवन, आजीविका, कृषि, पशुपालन और आपदा प्रबंधन के कार्य शामिल

    छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा विस्तार

    रायपुर

     

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को रोजगार, आजीविका और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ने की दिशा में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या अब 318 से बढ़ाकर 375 कर दी गई है। 

           उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने अनुमेय कार्यों की संख्या में वृद्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या 318 से बढ़कर 375 होने से विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी और ग्रामीण विकास सुदृढ होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का लाभ केवल मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से गांवों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेंगी।

            शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए वीबी-जीरामजी के तहत 3,354.85 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन प्रदान किया गया है। मिशन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन की गई है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, मजदूरी दर में सुधार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का यह समन्वय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा तथा गांवों के समग्र विकास को नई गति देगा।
           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत/2047 की परिकल्पना में गांवों को विकास की केंद्रीय इकाई के रूप में महत्व दिया है। वीबी-जीरामजी के माध्यम से रोजगार, आजीविका, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को एक साथ जोड़ने का प्रयास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।

    क्यूआर कोड से मिलेगी अनुमेय कार्यों की जानकारी
           उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत 375 अनुमेय कार्यों को 4 मुख्य श्रेणियों और 30 उप-श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। इनमें 68 प्रकार के व्यक्तिगत कार्य, 99 प्रकार के मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्य तथा समूह और सामुदायिक उपयोगिता से जुड़े कार्य शामिल हैं। अनुमेय कार्यों की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए राज्य में क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अनुमेय कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    2027 तक हर बालिका के लिए स्कूलों में शौचालय का लक्ष्य
          वीबी-जीरामजी की कार्य-सूची में शासकीय विद्यालयों की अधोसंरचना को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, प्रयोगशालाएं, रसोई शेड, परिसर की दीवार और खेल मैदान जैसे कार्य इसके अंतर्गत किए जा सकेंगे।
          इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। यह पहल बालिकाओं की गरिमा, स्वच्छता और विद्यालयों में बेहतर सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्य
          ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सामुदायिक अधोसंरचना के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा हर गांव में मुक्तिधाम निर्माण का संकल्प लिया गया है। 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वीबी-जीरामजी में श्मशान घाट तथा अन्य सामुदायिक अधोसंरचना से संबंधित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी अनुमेय बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10 हजार से अधिक बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा।

    जल सुरक्षा से लेकर भूजल पुनर्भरण तक
          अनुमेय कार्यों की पहली मुख्य श्रेणी में जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनमें नहर, बाढ़ नियंत्रण चौनल, चेकडैम, गली प्लग, भूमिगत डाइक, तालाबों का पुनर्जीवन, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, सिंचाई कुएं, माइक्रो एवं ड्रिप सिंचाई चौनल, वाटरशेड भूमि का पुनरुद्धार, वनीकरण एवं पौधरोपण, मृदा-नमी संरक्षण तथा रूफटॉप वर्षाजल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं।
          इन कार्यों से गांवों में जल संचयन क्षमता बढ़ाने, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई सुविधा के विस्तार और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव को भी इसमें स्थान दिया गया है।

    सड़क, स्कूल, पंचायत भवन और स्वच्छता सहित मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचना
          कार्यों की दूसरी मुख्य श्रेणी में ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित है। इसमें ग्रामीण सड़कें, पुलिया एवं क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं, ग्राम संपर्क सुविधाएं, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय, सार्वजनिक भवन, स्कूल अधोसंरचना, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, स्कूल परिसर की दीवारें और खेल मैदान जैसे कार्य शामिल हैं।

          इसके साथ श्मशान घाट, कब्रिस्तान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता परिसर, अपशिष्ट पृथक्करण एवं संग्रहण केंद्र, सौर प्रकाश व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, पार्किंग एवं परिवहन शेड सहित अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण और विकास को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अनुमेय ग्रामीण आवास कार्य तथा जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव भी इस श्रेणी में शामिल हैं।

    आजीविका के साथ स्थानीय स्तर पर आय के अवसर
          कार्यों की तीसरी मुख्य श्रेणी आजीविका संबंधी अधोसंरचना की है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशेड, ग्रामीण हाट एवं साप्ताहिक बाजार, खाद्यान्न एवं कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़ी संरचनाएं, स्वयं सहायता समूह एवं फेडरेशन स्तर के भवन, वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप इकाइयां, सिल्विपास्चर, डेयरी एवं दुग्ध संग्रहण केंद्र, पशु आश्रय, मत्स्य पालन अधोसंरचना, नर्सरी एवं पौधरोपण तथा भवन निर्माण सामग्री के उत्पादन से जुड़े कार्य शामिल हैं।

          कृषि आधारित प्रसंस्करण को भी इस श्रेणी में स्थान दिया गया है। मिनी फ्लोर मिल, खाद्य प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण, एकीकृत कृषि प्रसंस्करण, वन उत्पाद प्रसंस्करण, हस्तशिल्प प्रसंस्करण, जैव-अवक्रमणीय उत्पाद प्रसंस्करण तथा बांस शिल्प जैसी गतिविधियों के लिए अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। इससे स्थानीय संसाधनों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा आधार
            स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड और समूह स्तर की गतिविधियों के लिए अधोसंरचना को अनुमेय कार्यों में शामिल किए जाने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को आवश्यक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ेंगे। वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, नर्सरी, कृषि उत्पाद भंडारण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियां ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायक होंगी।

    आपदा और चरम मौसम से निपटने के लिए भी होंगे कार्य
           चौथी मुख्य श्रेणी में अति विषम मौसमी घटनाओं के न्यूनीकरण और आपदा सजगता से संबंधित कार्य शामिल हैं। इनमें चक्रवात आश्रय, बाढ़ आश्रय, तटबंध, मिट्टी एवं गेबियन संरचनाएं, रिटेनिंग वॉल, बाढ़ सुरक्षा दीवार, लेवल बेंच टेरेस, अपलैंड बेंच टेरेस, स्थिरीकरण तालाब, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, विंडब्रेक एवं शेल्टरबेल्ट पौधरोपण तथा वन अग्नि प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।वन अग्नि प्रबंधन के अंतर्गत फायर ब्रेक हेज, वन अग्नि रेखा और फ्यूल बफर जोन सहित अन्य सहायक कार्य भी अनुमेय हैं। इससे प्राकृतिक आपदाओं और चरम मौसमी परिस्थितियों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक और सामुदायिक परिसंपत्तियों की संरक्षण क्षमता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

          उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीबी-जीरामजी केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गांवों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय आजीविका को मजबूत करने और टिकाऊ ग्रामीण अधोसंरचना विकसित करने का व्यापक अवसर है। 375 अनुमेय कार्यों के माध्यम से रोजगार को परिसंपत्ति निर्माण और परिसंपत्तियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए विकसित गांव की दिशा में ठोस आधार तैयार किया जा रहा है।