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  • अब यूपी की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ है: सीएम

    अब यूपी की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ है: सीएम

    नकारात्मक ताकतें जाति के नाम पर समाज और महापुरुषों को बांटेंगी, हमें विभाजन नहीं होने देना है: मुख्यमंत्री

    व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश, ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव के साथ कार्य करना है: सीएम योगी

    अब यूपी की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ है: सीएम

    जो 500 वर्षों में नहीं हो पाया, वह अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के रूप में संभव हुआ

    शक्ति केंद्र प्रमुख हर बूथ की समीक्षा करें, पन्ना प्रमुखों का दायित्व तय करें और एक-एक परिवार की मैपिंग करें 

    कार्यकर्ताओं के परिश्रम और पसीने ने यूपी को फिर पहचान दी, विकास की नई बुलंदियों तक पहुंचाया

    मेरठ
     मुख्यमंत्री यो
    गी आदित्यनाथ ने कहा कि नकारात्मक ताकतें फिर से समाज को बांटने का काम करेंगी। वे जाति के नाम पर समाज को बांटेंगी और महापुरुषों को भी जातीय आधार पर बांटने का पाप करेंगी, लेकिन हमें इस विभाजन को नहीं होने देना है। महापुरुष पूरे समाज के होते हैं, उन्हें किसी जाति के दायरे में सीमित कर उनके महत्व को कम नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की उपस्थिति में जनपद मेरठ में आयोजित भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    सीएम योगी ने कहा कि भारत के इतिहास, क्रांति और अन्नदाताओं के सामर्थ्य की धरती मेरठ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का सभी की ओर से हृदय से स्वागत और अभिनंदन है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दो दिवसीय प्रवास के क्रम में पश्चिम क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को उनका सानिध्य और मार्गदर्शन मिल रहा है। शक्ति केंद्र सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं की शक्ति को जागृत करने और उस जागरण को पार्टी के लिए उपयोगी बनाने के साथ राष्ट्र प्रथम के भाव से प्रधानमंत्री के संकल्पों के अनुरूप आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत में कार्यकर्ताओं की भूमिका के लिए आह्वान किया जा रहा है।

    ‘मुझे क्या’ कहना मंथरा बुद्धि का परिचय
    मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश है। भारतीय जनता पार्टी का भाव है कि मेरा सब कुछ देश के लिए होगा। जो लोग कहते हैं ‘मुझे क्या-मुझे क्या’, यह मंथरा बुद्धि है। ‘को नृप होई हमें का हानि’ का भाव पहचान का संकट खड़ा करता है, पलायन करवाता है, विकास को बाधित करता है और अन्नदाता किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियां पैदा करता है। इसी भाव ने देश को नुकसान पहुंचाया और देश गुलाम हुआ तथा उसके सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ।

    मोदी जी के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सत्ता संभालने के बाद एक नए भारत का दर्शन हुआ। ऐसा भारत जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और विकास के लिए गति के साथ आगे बढ़ रहा है। आज ऐसा भारत है जिसके सामने पहचान का संकट नहीं है। सीना तानकर चलता है और दुनिया की आंख में आंख डालकर बात करता है। कोई चुनौती देने का दुस्साहस करता है तो भारत मांद में घुसकर मारना भी जानता है। भारत की अर्थव्यवस्था बॉटम फाइव से टॉप फाइव में आ गई है। इसी देश में कभी सनातन और हिंदू परंपरा को कोसने तथा उसे गजनवी, गोरी, इब्राहिम लोदी, बाबर और औरंगजेब के समकक्ष ठहराने का प्रयास किया जाता था। अब नया भारत गुलामी की मानसिकता को समाप्त कर विरासत पर गौरव की अनुभूति कर रहा है। इसकी परिणति काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के रूप में सामने है। जो लोगों के लिए असंभव था, वह प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में संभव हुआ है।

    विरासत-सनातन को कोसने वालों ने रोकी थी कांवड़ यात्रा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा-वृंदावन सज-संवर रहा है। भागवत भूमि शुकतीर्थ के पुनरुद्धार की कार्ययोजना चल रही है और विदुर कुटी के लिए भी धनराशि आवंटित की गई है। विरासत-सनातन को कोसने वालों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। लेकिन, भाजपा सरकार ने कहा कि कांवड़ यात्रा को कोई नहीं रोक सकता। यह धूमधाम से चलेगी। मैं स्वयं कांवड़ यात्रा में शामिल होता हूं और पुष्पवर्षा करता हूं। यह सनातन का प्रतीक है। अब कोई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक नहीं लगा सकता, मेरठ की क्रांति धरा को अपमानित नहीं कर सकता।

    कट्टा-बंदूक की राजनीति नहीं हो सकती मेरठ में
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मेरठ में कट्टा-बंदूक की राजनीति नहीं हो सकती। युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहां से एक घंटे की दूरी पर बनकर तैयार हो गया है। मेरठ की बेटी पारुल चौधरी भारत के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आती है। उत्तर प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में बन रही है। दिल्ली-मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेसवे और नमो भारत ट्रेन सफलतापूर्वक चल रही है। अब फिल्म सिटी बन रही है, मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है और सेमीकंडक्टर की यूनिट लग रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी बड़ा काम हुआ है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के 60 प्रतिशत कंपोनेंट और 55 प्रतिशत मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं।

    9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
    सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। परंपरागत उद्यम फिर से पुनर्जीवित किया गया, जिसमें 3 करोड़ 25 लाख नौजवान रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। दंगाइयों की कमर टूटने के कारण प्रदेश दंगा-कर्फ्यू मुक्त हुआ है तथा इसके कारण बड़े-बड़े रोजगार भी प्रदेश में आए हैं। अब उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब कोई यूपी वाला कहकर अपमानित नहीं करता। मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, शामली, सहारनपुर या बिजनौर की पहचान बताने पर सम्मान की निगाह से देखा जाता है। यदि बाहर जाकर कोई कहता है कि वह यूपी से आया है तो सामने वाला उसे गले लगाने के लिए तैयार होता है।

    आने वाली पीढ़ी नहीं कहेगी-आपने क्या किया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। हर ओर अराजकता थी, महीनों-महीनों कर्फ्यू रहता था, व्यापार तबाह होता था और नौजवान की नौकरी पर पहले ही डकैती पड़ जाती थी। उत्तर प्रदेश की पहचान वापस दिलाने में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व के साथ कार्यकर्ताओं के परिश्रम और पसीने का योगदान है। आने वाली पीढ़ी अब यह नहीं कहेगी कि आपने क्या किया। कार्यकर्ता आने वाली पीढ़ी को बता सकता है कि जब वह भाजपा के शक्ति केंद्र का प्रमुख था, तब 12 लेन का एक्सप्रेसवे बना था, नमो रैपिड रेल आई थी। इन उपलब्धियों को स्मृति के रूप में संजोकर रखें और भावी पीढ़ी को बताएं कि जो काम 500 वर्षों में नहीं हो पाया, वह प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के रूप में हुआ।

    कार्यकर्ताओं ने बनाया भाजपा को दुनिया का सबसे बड़ा दल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यकर्ताओं का अधिकार है कि वे कहें- मुझे पहचान मिली है, मुझे मेरे राम मिले हैं, मुझे मेरे कृष्ण मिले हैं और मुझे भोले शंकर मिले हैं, बाबा विश्वनाथ का पवित्र धाम मिला है। यही हमारी पहचान है। प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन जी के नेतृत्व में भाजपा को दुनिया के सबसे बड़े दल के रूप में स्थापित करने का श्रेय भी कार्यकर्ताओं को जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस यात्रा का सारथी बताते हुए कहा कि महाभारत के युद्ध में कृष्ण की भूमिका भी सारथी की थी। इतिहास ने शकुनि और मंथरा को सम्मान नहीं दिया, लेकिन कृष्ण जैसे सारथी को सम्मान दिया है। हर कार्यकर्ता कृष्ण जैसा सारथी बनने का भाव रखे।

    अब यूपी को कोई बीमारू नहीं कह सकता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले बीमारू राज्य था, लेकिन आज कोई इसे बीमारू नहीं कह सकता। आज यूपी देश की टॉप-थ्री इकॉनमी में गिना जाता है। अब उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ है। इसके साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ के माध्यम से स्थानीय खान-पान और उत्पादों को भी वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास हो रहा है। मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ को भी इसमें शामिल किया गया है। हर जगह के खान-पान और उत्पादों की ब्रांडिंग की जा रही है, ताकि उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई जा सके। पहले कट्टा-बम से यूपी की पहचान थी और लोग प्रदेश से दूरी बनाते थे, लेकिन अब वह स्थिति नहीं है।

    समाज को बांटने का प्रयास करेंगे कुछ लोग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव को कुछ लोग बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। जो लोग दंगा करवाते थे, दंगाइयों और माफियाओं के सामने घुटना टेकते थे, दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित करते थे और वसूली में मस्त रहते थे, वे फिर से समाज को बांटने का काम करेंगे। वे जाति के नाम पर समाज को बांटेंगे और महापुरुषों को भी जातीय आधार पर बांटने का प्रयास करेंगे। महापुरुष किसी एक जाति के नहीं होते। कोतवाल धन सिंह गुर्जर भारत के स्वाधीनता आंदोलन के नायक हैं और हर भारतीय के लिए श्रद्धा एवं सम्मान के नायक हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज राष्ट्रनायक हैं। इन्हें जातीय दायरे में नहीं बांधा जा सकता। क्रांतिकारियों की सिरमौर और क्रांतिकारियों को प्रोत्साहित करने वाली दुर्गा भाभी सभी की आदर्श हैं। सरकार ने कोतवाल धन सिंह गुर्जर का मेरठ में भव्य स्मारक बनाया है। नकारात्मक ताकतें फिर से बंटवारा करना चाहती हैं- जाति के नाम पर, क्षेत्र के नाम पर और भाषा के नाम पर। इस विभाजन को नहीं होने देना है और इसकी जिम्मेदारी शक्ति केंद्र प्रमुखों पर है।

    सबको मतदान के लिए प्रेरित करना है
    मुख्यमंत्री ने शक्ति केंद्र प्रमुखों से प्रत्येक बूथ की समीक्षा करने, हर बूथ स्तर पर प्रभावी टीम का गठन करने और प्रत्येक पन्ना प्रमुख का उत्तरदायित्व निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक-एक परिवार की मैपिंग और सर्वे कर सबको मतदान के लिए प्रेरित करना है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान ने हर नागरिक को अपने वोट का इस्तेमाल करने की बड़ी ताकत दी है। बाबा साहेब, सद्गुरु रविदास जी महाराज और महर्षि वाल्मीकि जी से जुड़े स्थानों, मंदिरों और मूर्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए डबल इंजन सरकार ने धनराशि आवंटित की है। एक समय था जब समाजवादी पार्टी की सरकार बाबा साहेब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल देती थी और सद्गुरु रविदास जी महाराज की पावन जन्मभूमि सीर गोवर्धन में होने वाले आयोजन को रोक देती थी।

    राम के नाम से चिढ़ने वालों को देना होगा जवाब
    सीएम योगी ने राम सेतु व भगवान राम के नाम को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला और कहा कि भगवान राम का नाम लेने से जिन लोगों को चिढ़ होती थी, उनको जवाब देने के लिए कार्यकर्ताओं को अपने शक्ति केंद्र को मजबूत रखना होगा। शक्ति केंद्र जितना सशक्त और मजबूत होगा, कार्यकर्ता उतने ही ताकतवर होकर आगे बढ़ेंगे और राष्ट्र प्रथम का मंत्र उतना ही प्रभावी होगा। उन्होंने पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों की उपस्थिति और उत्साह की सराहना करते हुए 100 प्रतिशत गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शक्ति केंद्र के साथ-साथ बूथों के संयोजक, प्रभारी और पन्ना प्रमुखों के गठन की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाते हुए एक-एक घर की स्क्रीनिंग करनी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मेहनत करने और बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह,  प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री और क्षेत्रीय प्रभारी राम प्रताप सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर व अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। 

    इनसेट-
    शक्ति केंद्र भाजपा की रीढ़, 2027 में पश्चिमी यूपी के कार्यकर्ताओं के दम पर फिर बनेगी सरकार: पंकज चौधरी

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि शक्ति केंद्र भारतीय जनता पार्टी की रीढ़ हैं और उनके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तर प्रदेश प्रवास के दौरान बार-बार शक्ति केंद्र के कार्यकर्ताओं से संवाद की इच्छा यह दर्शाती है कि संगठन में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। शक्ति केंद्र प्रमुख अपने क्षेत्र के तीन से पांच बूथों की पूरी जानकारी रखे तो चुनाव से पहले ही अपने शक्ति केंद्र के परिणाम का आकलन कर सकता है। भाजपा में कार्यकर्ता सर्वोपरि है और कार्यकर्ताओं के लिए कुछ भी करने को वह सदैव तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को लेकर कार्यकर्ता जनता के बीच जाएं। 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्थिति और आज की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है तथा डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है। भाजपा कार्यकर्ता लक्ष्य और प्रत्याशी देखकर नहीं, बल्कि कमल खिलाने और सरकार बनाने के संकल्प के साथ काम करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम करते हुए 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • 25 करोड़ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प, सेवा अभियान से शिक्षा और अवसरों को मिलेगी नई उड़ान

    25 करोड़ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प, सेवा अभियान से शिक्षा और अवसरों को मिलेगी नई उड़ान

    रायपुर : विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान : 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत

    हर बच्चों को अवसर, हर सपनों को उड़ान: विकसित भारत का संकल्प
         

    रायपुर

     किसी बच्चे की आंखों में देखें तो वहां केवल बचपन नहीं दिखाई देगा, बल्कि वहां आने वाले भारत की तस्वीर दिखाई देगी। किसी की आंखों में अंतरिक्ष तक पहुंचने का सपना है, कोई डॉक्टर बनकर गांव के लोगों की सेवा करना चाहता है, कोई वैज्ञानिक बनकर नई खोज करना चाहता है, तो कोई अपने गांव में ऐसा काम करना चाहता है जिससे उसके साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार का अवसर मिले और भविष्य सुनिश्चित हो सके। वहीं किसी बच्चे का सपना खेल के मैदान से जुड़ा है तो किसी का खेत, तकनीक, शिक्षा, कला या उद्यमिता से। भारत के करोड़ों बच्चों की आंखों में पल रहे यही अनगिनत सपने मिलकर वर्ष 2047 के विकसित भारत की नींव रख रहे हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और राष्ट्रनिर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की दूसरी पहल ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ इसी भविष्य को समझने और उसे आकार देने का संकल्प है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि उस पीढ़ी के प्रति विश्वास का संदेश है, जो वर्ष 2047 में विकसित भारत की जिम्मेदारी संभालेगी। आज जो बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वही कल भारत के वैज्ञानिक, चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक, सैनिक, खिलाड़ी, उद्यमी, शोधकर्ता और नीति-निर्माता होंगे।
    विकसित भारत की यात्रा की शुरुआत इसलिए स्कूल की कक्षा से होती है। एक बच्चे के हाथ में किताब होती है, लेकिन उसी किताब के पन्नों में उसके भविष्य की पूरी दुनिया छिपी होती है। शिक्षा को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित रखने के बजाय बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, कौशल, तकनीकी समझ और नवाचार की भावना विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास आने वाले भारत की तस्वीर बदल रहे हैं। पीएम स्कूल इसी बदलती सोच का उदाहरण हैं, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ प्रयोग, खेल, कला, तकनीक और अनुभव के माध्यम से सीखने का वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

    लेकिन भारत के सपनों की असली ताकत तब सामने आएगी, जब विकास की रोशनी उन बच्चों तक भी पहुंचेगी, जिनके घर दूरस्थ गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और वनांचलों में हैं। छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य में यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एकलव्य आवासीय विद्यालयों ने जनजातीय समाज के अनेक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर दिए हैं। जिन बच्चों के लिए कभी बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई करना दूर का सपना था, उनके लिए आवासीय विद्यालय शिक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह बन रहे हैं।

    इन विद्यालयों की कक्षाओं में बैठा कोई बच्चा जब पहली बार बड़े लक्ष्य के बारे में सोचता है, तो उसके साथ केवल उसका अपना सपना नहीं होता। उसके पीछे माता-पिता की उम्मीदें होती हैं, परिवार की वर्षों पुरानी आकांक्षाएं होती हैं और पूरे समाज की बदलती तस्वीर होती है। एक बच्चे की सफलता उसके परिवार को यह विश्वास देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, प्रतिभा को अवसर मिले तो मंजिल हासिल की जा सकती है।

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रयास आवासीय विद्यालय भी विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। स्कूली शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों के सामने उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुल रहे हैं। जेईई, नीट, क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन और तैयारी का वातावरण इन विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास देता है। यह बदलाव केवल शिक्षा व्यवस्था का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह उस सोच का विस्तार है जिसमें बच्चे की प्रतिभा को उसके गांव, परिवार या आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और मेहनत से पहचाना जाता है।
    वर्ष 2047 के भारत की तस्वीर केवल ऊंची इमारतों, आधुनिक शहरों और नई तकनीकों से नहीं बनेगी। उसकी असली पहचान उस बच्चे के आत्मविश्वास से होगी, जो कह सके कि मैं अपने सपने को पूरा कर सकता हूं। विकसित भारत का अर्थ तब और व्यापक होगा, जब देश का युवा रोजगार की तलाश करने के साथ रोजगार पैदा करने की क्षमता भी रखेगा। शिक्षा के साथ कौशल, नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी दक्षता युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और दूसरों के लिए भी अवसर पैदा करने की शक्ति देगी।

    आज का विद्यार्थी कल का केवल नौकरी तलाशने वाला युवा नहीं, बल्कि नया विचार देने वाला शोधकर्ता, नई तकनीक बनाने वाला नवाचारी, अपना व्यवसाय खड़ा करने वाला उद्यमी और समाज की समस्याओं का समाधान खोजने वाला परिवर्तनकारी नागरिक बन सकता है। यही वह सोच है जो विकसित भारत के संकल्प को व्यापक अर्थ देती है।

    ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ इसलिए केवल बच्चों के भविष्य की बात नहीं करता, यह पूरे देश के भविष्य की बात करता है। आज किसी स्कूल की प्रयोगशाला में प्रयोग करता बच्चा, किसी एकलव्य विद्यालय में पढ़ता जनजातीय विद्यार्थी, प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता युवा और अपने गांव में भविष्य का कोई नया रास्ता तलाशता विद्यार्थी-ये सभी 2047 के भारत की बदलती तस्वीर के गवाह होंगे।
    इन बच्चों के सपनों को अवसर देना ही राष्ट्रनिर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है। क्योंकि किसी देश की वास्तविक शक्ति उसके संसाधनों में नहीं, उसकी नई पीढ़ी की कल्पनाशक्ति और सामर्थ्य में होती है। जब करोड़ों बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी, उनके भीतर सवाल पूछने की हिम्मत होगी, प्रयोग करने की स्वतंत्रता होगी और आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, तब भारत की विकास यात्रा और अधिक मजबूत होगी।
    वर्ष 2047 का विकसित भारत आज से ही बनना शुरू हो चुका है। उसकी नींव आज की कक्षाओं में रखी जा रही है, उसकी उम्मीदें बच्चों की आंखों में पल रही हैं और उसकी दिशा युवाओं के सपनों से तय होगी। इसलिए जरूरी है कि देश का कोई बच्चा अवसर के अभाव में अपने सपने को छोटा न करे। उसके सपनों की उड़ान जितनी ऊंची हो, भारत का आकाश उतना ही खुला हो।

    क्योंकि 25 करोड़ बच्चों के सपने केवल 25 करोड़ व्यक्तिगत सपने नहीं हैं। ये 25 करोड़ संभावनाएं हैं, 25 करोड़ नई दिशाएं हैं और 25 करोड़ ऐसे भविष्य हैं, जिनसे मिलकर भारत का नया अध्याय लिखा जाएगा। जब इन सपनों को शिक्षा, अवसर, कौशल और सही दिशा का सहारा मिलेगा, तब वर्ष 2047 का विकसित भारत केवल एक लक्ष्य नहीं रहेगा, बल्कि करोड़ों बच्चों की आंखों में दिखाई देने वाला साकार सपना होगा। यही ‘सेवा संकल्प अभियान’ बच्चों के सपनांे के भारत का वास्तविक भाव है।

     डॉ. ओम प्रकाश डहरिया

       सहायक जनसम्पर्क अधिकारी

  • सेंसेक्स 560 अंक उछला, बाजार में क्यों आई तेजी? समझें बड़े ट्रिगर

    सेंसेक्स 560 अंक उछला, बाजार में क्यों आई तेजी? समझें बड़े ट्रिगर

    मुंबई 

    हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे खिल उठे। सोमवार 21 सितंबर 2026 को शेयर बाजार की क्लोजिंग काफी शानदार रही। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी की वजह से बाजार में दिनभर खरीदारी का दौर देखने को मिला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 564.03 पॉइंट यानी 0.76% की जोरदार बढ़त बनाकर 74,858.99 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 67.93 पॉइंट यानी 0.29% की मजबूती के साथ 23,414.30 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।

    किन सेक्टर्स ने बाजार में भरी जान
    आज के कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो फार्मा और रियलिटी सेक्टर्स में सबसे ज्यादा खरीदारी दर्ज की गई। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.16% बढ़कर 27,021.15 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी रियलिटी इंडेक्स में भी 1.14% की बड़ी बढ़त देखी गई और यह 853.85 पर बंद हुआ। एफएमसीजी सेक्टर ने भी बाजार को अच्छा सपोर्ट दिया और निफ्टी एफएमसीजी 0.95% चढ़कर 45,900.90 के लेवल पर पहुंच गया। इसके अलावा प्राइवेट बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में भी हरियाली देखने को मिली, जहां निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.29% और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.20% बढ़कर बंद हुए।

    मेटल शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली रही, जिससे निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.61% गिरकर 12,972.70 के स्तर पर आ गया। आईटी और सरकारी बैंकों के शेयरों में भी सुस्ती छाई रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.08% टूटकर 28,830.90 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी पीएसयू बैंक भी 0.06% की मामूली गिरावट के साथ 8,312.40 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.08% की मामूली बढ़त के साथ 27,151.10 पर और निफ्टी मीडिया 0.14% चढ़कर 1,555.95 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।

    कच्चे तेल में नरमी से मिला बड़ा सपोर्ट
    भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल के दाम हमेशा से ही एक बड़ा फैक्टर रहे हैं। हाल के दिनों में क्रूड ऑयल के दामों में आई नरमी ने भारतीय बाजार के लिए बूस्टर का काम किया है। मिडिल ईस्ट में सप्लाई की चिंताओं के बीच सऊदी अरब द्वारा क्रूड ऑयल के रास्ते को रिरूट करने से कीमतों पर दबाव कम हुआ है। ब्रेंट क्रूड में आई इस गिरावट से भारत का इंपोर्ट बिल कम होगा, जिससे देश के मैक्रो इकोनॉमिक इंडिकेटर्स को मजबूती मिलेगी। यही वजह है कि निवेशकों ने एनर्जी और डोमेस्टिक कैपेक्स से जुड़े शेयरों में जमकर खरीदारी की।

    कारोबार के दौरान पीएसयू एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपोर्ट्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने खास दिलचस्पी दिखाई। इसके अलावा बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स ने भी बाजार की इस तेजी को संभालने में अहम रोल निभाया। हालांकि अडाणी ग्रुप के कुछ शेयरों में आज प्रॉफिट बुकिंग की वजह से गिरावट का रुख देखने को मिला, लेकिन ब्रॉडर मार्केट का मूड पूरी तरह से पॉजिटिव बना रहा। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी मिला-जुला कारोबार दर्ज किया गया।

  • साढ़े 9 साल में यूपी का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत, गांवों तक पहुंचीं सुविधाएं

    साढ़े 9 साल में यूपी का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत, गांवों तक पहुंचीं सुविधाएं

    योगी सरकार में यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिली नई रफ्तार

    – साढ़े नौ वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे का हुआ विस्तार, सीएचसी से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक बढ़ी सुविधाएं

    – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 821 से बढ़कर 977 हुए, करीब 19% की हुई वृद्धि 

    – नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 542 से बढ़कर 721 हुए, करीब 33% का हुआ इजाफा

    – सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं और क्रिटिकल केयर सुविधाओं का भी हुआ विस्तार 

    लखनऊ
     योगी सरकार के कार्यकाल में साढ़े नौ वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया गया है। प्रदेश में जिला स्तर से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का नेटवर्क बढ़ा है। इसके साथ ही क्रिटिकल केयर, डायग्नोस्टिक सेवाओं, नर्सिंग शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

    सीएचसी नेटवर्क में 19 प्रतिशत का हुआ इजाफा
    योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए साढ़े नौ वर्षों में चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाने, प्राथमिक और सामुदायिक स्तर पर सुविधाएं मजबूत करने तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को जिलों और ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया है। वर्ष 2017 में प्रदेश में 109 जिला स्तरीय राजकीय एवं विशिष्ट चिकित्सालय थे, जिनकी संख्या वर्ष 2026 में बढ़कर 234 हो गई। इस तरह इन संस्थानों की संख्या में करीब 115 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इसी अवधि में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की संख्या 821 से बढ़कर 977 हो गई। सीएचसी नेटवर्क में करीब 19 प्रतिशत का विस्तार हुआ। वहीं, ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 2,811 से बढ़कर 3,035 हुई है, जो करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि है। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विस्तार अपेक्षाकृत अधिक रहा। वर्ष 2017 में 542 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थे, जबकि वर्ष 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 721 हो गई। इस स्तर पर करीब 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या भी 3,353 से बढ़कर 3,756 हो गई, जो करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि है।

    29,896 आयुष्मान आरोग्य मंदिर से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली रफ्तार 
    प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे निचली इकाई माने जाने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्रों की संख्या में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 में प्रदेश में 20,573 स्वास्थ्य उपकेंद्र थे, जबकि वर्ष 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 28,845 हो गई। यह करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों का संकेत मिलता है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ योगी सरकार ने नई सुविधाओं को भी स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने पर जोर दिया है। वर्ष 2017 में नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर नहीं थे, वर्ष 2026 तक इनकी संख्या 1,425 हो गई। प्रदेश में कुल 29,896 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से 14,872 तथा अन्य माध्यमों से संचालित केंद्र भी शामिल हैं।

    543 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खोले गये एनेस्थीसिया क्लीनिक  
    स्वास्थ्य व्यवस्था के विस्तार के साथ मानव संसाधन तैयार करने के लिए नर्सिंग शिक्षा के नेटवर्क को भी बढ़ाया गया है। वर्ष 2017 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ नर्सिंग कॉलेजों की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2026 में 73 हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनेस्थीसिया क्लीनिक और अन्य विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाई गई है। कुल 543 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनेस्थीसिया क्लीनिक तथा मानव संसाधन तैनाती की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट की संख्या 189 और ब्लड स्टोरेज यूनिट की संख्या 161 तक पहुंच चुकी है। क्रिटिकल केयर सेवाओं को मजबूत करने के लिए डिजिटल एक्स-रे मशीनों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है। ईसीआरपी-2 के तहत 370 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डिजिटल एक्स-रे मशीनों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। योगी सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट, ब्लड स्टोरेज, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, क्रिटिकल केयर ब्लॉक और इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब जैसी सुविधाओं को भी विस्तार दिया है।

  • IIT बॉम्बे ने मांगी माफी, छात्र की मौत मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला सस्पेंड

    IIT बॉम्बे ने मांगी माफी, छात्र की मौत मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला सस्पेंड

    मुंबई 

    आईआईटी बॉम्‍बे में छात्र की आत्‍महत्‍या के कुछ द‍िनों बाद बड़ी खबर सामने आ रही है. पि‍छले 3 द‍िनों से लगातार धरने पर बैठे छात्रों की मांगों को मानते हुए संस्‍थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्‍ला को न‍िलंब‍ित कर द‍िया है. डूल्‍ला पर छात्र को प्रताड‍़‍ित करने के आरोप लगाए गए हैं. पुल‍िस ने छात्र के माता-प‍िता की श‍िकायत पर प्रोफेसर डूल्‍ला के ख‍िलाफ मामला भी दर्ज क‍र लि‍या है। 

    मुंबई पुल‍िस की ओर से दी गई जानकारी के मुताब‍िक आईआईटी बॉम्‍बे में छात्र की आत्‍महत्‍या के मामले को अब मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर द‍िया गया है. अब इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच ही करेगी। 

    बता दें क‍ि हाल ही में आईआईटी बॉम्बे में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी, जिस पर परीक्षा में नकल करने का आरोप था. इस घटना के विरोध में छात्र सड़क पर उतर आए थे और तीन दिनों से कैंपस के मुख्य गेट पर धरना दे रहे थे. छात्रों की मांग थी कि छात्र की सुसाइड के लिए जिम्मेदार प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्‍ला पर कार्रवाई की जाए और उन्‍हें तत्‍काल सस्‍पेंड क‍िया जाए. इसके साथ ही प्रदर्शनकार‍ियों की मांग थी क‍ि उनकी 18 सूत्रीय मांगों को माना जाए. करीब 3 दिन तक चले लंबे तनाव के बाद आखिरकार छात्रों की मांगें मान ली गई हैं। 

    आखिर क्या था पूरा मामला?

    IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के दूसरे साल के BTech स्टूडेंट साहिल रवींद्र वाकोडे (22) शुक्रवार शाम अपने हॉस्टल के कमरे में छत के पंखे से लटके हुए पाए गए थे. यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई। 

    उनके परिवार का आरोप है कि महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले वाकोडे को यह कदम उठाने से पहले संस्थागत उत्पीड़न और जाति-आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वाकोडे पर भारी दबाव था और उन्हें एकेडमिक सस्पेंशन की धमकियां दी जा रही थीं। 

    छात्र के माता-पिता की शिकायत पर, पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की। 

    घटना के तुरंत बाद, जब पुलिस मामले की शुरुआती तहकीकत ही कर रही थी, तब आईआईटी प्रशासन ने एक बयान जारी कर दिया था. उस बयान में घटना से जुड़ी कुछ ऐसी परिस्थितियों का जिक्र कर दिया गया था, जो आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुई थीं। 

    जांच जारी रहने के बीच ही संस्थान के इस रवैये और जल्दबाजी में दिए गए बयान पर सवाल उठने लगे, जिसके बाद बैकफुट पर आए प्रशासन को 'X' (ट्विटर) पर आकर आधिकारिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी। 

    IIT बॉम्बे ने माफीनामे में क्या लिखा?
    संस्थान ने अपने आधिकारिक 'X' हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा:

    'हम साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों के संबंध में अपने पिछले संचार (Communication) में दिए गए कथनों के लिए माफी मांगते हैं। 

    प्रशासन ने अपनी गलती स्वीकारते हुए आगे कहा, 'इस घटना तक ले जाने वाले विवरण और परिस्थितियां फिलहाल संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच का विषय हैं. जारी जांच को ध्यान में रखते हुए, उचित जांच प्रक्रिया के जरिए तथ्य स्थापित होने से पहले घटनाओं का विवरण देना या उन्हें परिभाषित करना अनुचित था। 

    क्यों बड़ा है यह यू-टर्न?
    किसी भी कैंपस में ऐसी अप्रिय घटना होने के बाद पुलिस फॉरेंसिक और आधिकारिक जांच के जरिए ही सच तक पहुंचती है. ऐसे में बिना रिपोर्ट आए संस्थान का कोई भी बयान जांच की दिशा को प्रभावित कर सकता है। 

    प्रोफेसर पर भी एक्शन
    छात्र साहिल की मौत के मामले में जहां एक तरफ आईआईटी बॉम्बे को अपने शुरुआती बयान पर बैकफुट पर आते हुए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी है, वहीं दूसरी तरफ कैंपस में बढ़ते जनाक्रोश और विरोध के बीच प्रशासन ने सख्त कदम भी उठाए हैं.  मामले से जुड़े विवाद और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद संबंधित विभाग के प्रोफेसर के खिलाफ भी प्रशासनिक स्तर पर एक्शन लिया गया है. छात्रों का आरोप था कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीन रवैये के कारण स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद संस्थान ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए यह कदम उठाया है। 

    डायरेक्टर के इस्तीफे की खबर झूठी: IIT बॉम्बे
    कैंपस में मचे बवाल और विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर के इस्तीफे को लेकर तमाम तरह की अफवाहें चल रही थीं. इन अटकलों पर विराम लगाते हुए संस्थान ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि डायरेक्टर आईआईटी बॉम्बे ने इस्तीफा नहीं दिया है. संस्थान ने बयान जारी कर कहा कि आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है. हम स्पष्ट रूप से यह कहते हैं कि इससे जुड़ी खबरें पूरी तरह से गलत हैं। 

    बता दें कि साह‍िल की सुसाइड से मौत के बाद कैंपस में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र अपने 18 पॉइंट चार्टर के साथ डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे. फिलहाल स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही हैं. साहिल की मौत की असली वजह क्या थी, यह आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। 

    अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने 22 वर्षीय आईआईटी बॉम्बे छात्र की कथित आत्महत्या की जांच अपने हाथ में ले ली है और प्रोफेसर डूल्ला व अन्य को पूछताछ के लिए बुलाने की संभावना है. डूल्‍ला पर छात्र को प्रताड़ि‍त करने का आरोप है. हालांक‍ि आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूल्ला के साथ एकजुटता जताई है. फोरम ने कहा कि उन्होंने संस्थागत प्रोटोकॉल का पालन करते हुए परीक्षा के दौरान स्मार्टफोन के अनधिकृत इस्तेमाल की रिपोर्ट की थी। फोरम ने कहा कि डूल्ला मिड-सेमेस्टर परीक्षा की निगरानी कर रहे थे और उन्होंने कथित अकादमिक कदाचार की रिपोर्ट संस्थान अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के लिए दी। 

  • बैडमिंटन में भारत की धमाकेदार शुरुआत, बांग्लादेश को 3-0 से दी मात

    बैडमिंटन में भारत की धमाकेदार शुरुआत, बांग्लादेश को 3-0 से दी मात

    नागोया
    एशियन गेम्स 2026 का आगाज भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने धमाकेदार जीत के साथ किया है। एकतरफा मुकाबले में लक्ष्य सेन , आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 3-0 से शिकस्त दी। इवेंट में 5 मैच होने थे लेकिन पहले तीन को जीतकर ही भारत ने बांग्लादेश को बाहर कर दिया। इसकी वजह से चौथे और पांचवें मैच की जरूरत नहीं पड़ी। इसके साथ ही पुरुष बैडमिंटन टीम इवेंट में बांग्लादेश का सफर समाप्त हो गया है। भारतीय महिला टीम ने रविवार को बांग्लादेश को कुछ इसी अंदाज में क्रिकेट के सेमीफाइनल मुकाबले में हराया था

    लक्ष्य सेन ने दिलाई विजयी शुरुआत
    भारत को मुकाबले में बेहतरीन शुरुआत लक्ष्य सेन ने दिलाई। बांग्लादेश के खिलाड़ी अयमान इब्न जमन के खिलाफ खेलते हुए लक्ष्य ने दमदार खेल दिखाया। पहले गेम में लक्ष्य का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला और उन्होंने एक के बाद एक दमदार शॉट्स लगाते हुए गेम को 21-4 के बड़े अंतर से जीता। लक्ष्य अपनी इसी लय को दूसरे गेम में भी बरकरार रखने में सफल रहे। उन्होंने दूसरे गेम को 21-12 से अपने नाम करते हुए मुकाबले में भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। लक्ष्य के जबरदस्त स्मैश का जमान के पास कोई जवाब नजर नहीं आया।

    आयुष शेट्टी को भी नहीं हुई दिक्कत
    वहीं, आयुष शेट्टी ने दूसरे मैच में कमाल का खेल दिखाया। बांग्लादेश के खिलाड़ी गौरव सिंघा पर आयुष पूरी तरह से हावी नजर आए और उन्होंने वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। आयुष ने पहले गेम को 21-4 से जीता। इसके बाद दूसरे गेम में भी वह अपने इस दबदबे को कायम रखने में कामयाब रहे और उन्होंने 21-13 से गेम जीतकर भारत की बढ़त को 2-0 कर डाला।

    किदांबी श्रीकांत का अनुभव भारी पड़ा
    तीसरे मैच में किदांबी श्रीकांत को पहले गेम में जीत के लिए थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन वह गेम को 21-15 से अपने नाम करने में सफल रहे। दूसरे गेम में श्रीकांत ने जुमार अल-अमीन को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया और 21-10 से गेम को जीतकर बांग्लादेश की हार पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ ही भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की भिड़ंत अब मंगलवार को जापान से होगी।

  • शोध, कौशल और रोजगार पर फोकस, छत्तीसगढ़ में गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

    शोध, कौशल और रोजगार पर फोकस, छत्तीसगढ़ में गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

    "सेवा_संकल्प_अभियान"

    छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

     रायपुर

     ​छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं के पारंपरिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार युवाओं को केवल डिग्री देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।

    ​सेवा का संकल्प: गुणवत्ता और समावेशी विकास का 'मिशन मोड'

          ​राज्य सरकार ने 'सेवा का संकल्प' निभाते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 'छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन' की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष बजटीय संबल दिया जा रहा है। पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे।
          ​शैक्षणिक गुणवत्ता को शीर्ष पर ले जाने के लिए 3,000 से अधिक छात्र संख्या वाले उत्कृष्ट कॉलेजों को चिन्हित कर 36 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, अध्यापन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उद्योग जगत के व्यावहारिक विशेषज्ञों को 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में परिसरों से जोड़ा जा रहा है।

    ​सेवा आपके द्वार: वनांचल से शहरों तक उच्च शिक्षा की आसान पहुँच

           ​'सेवा आपके द्वार' की भावना को चरितार्थ करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित आदिवासी और दूरस्थ वनांचल अंचलों में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। अब बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उनके अपने अंचल में ही उपलब्ध हो रही है। चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    ​कहानी बदलाव की: आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से युवाओं का सशक्तीकरण

            ​यह बदलाव केवल व्यवस्थागत नहीं, बल्कि हर उस युवा की 'कहानी बदलाव की' है जो कल तक केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित था। स्वावित्तीय पाठ्यक्रम नीति के तहत अब स्थानीय और वैश्विक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार किया जा रहा है।
    ​   भविष्य में उपयोगी विभिन्न तकनीकों और कौशल को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों को प्रमुखता से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह ​स्थानीय व कृषि-आधारित उद्योग के तहत रेशम कीट पालन, टसर टेक्नोलॉजी, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन की शिक्षा युवाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करेंगे।
           ​इन व्यावहारिक विषयों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के साथ MoU किए गए हैं, जिससे युवाओं को सीधी इंटर्नशिप, व्यावहारिक अनुभव और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है।
            रिसर्च, कौशल विकास, उद्योग समन्वय और वनांचल तक शिक्षा के विस्तार के इस संगम से छत्तीसगढ़ तेजी से देश के अग्रणी 'एजुकेशन हब' के रूप में स्थापित हो रहा है।

    विष्णु प्रसाद वर्मा
    सहायक संचालक

  • सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन 

    छोटी घटनाएं बड़ी न बनें, डीएम-एसपी रखें नजरः मुख्यमंत्री 

    छोटी-छोटी घटनाओं में उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीः सीएम योगी

    सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर सीएम का सख्त रुख, कहा- पीड़ितों की संतुष्टि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाना चाहते हैं। ऐसे में जनपदों में हर छोटी से छोटी घटना पर जिलाधिकारी व एसपी स्वयं नजर रखें। तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर मामलों का पटाक्षेप कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 

    हर पीड़ित से मिले सीएम, समयबद्ध निस्तारण का दिया निर्देश
    मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित से मिले। उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, राजस्व, विद्युत आदि से जुड़ी शिकायतों का प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि सरकार साढ़े 9 वर्ष से बिना भेदभाव हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान करा रही है। अधिकारी संवेदनशील होकर जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं, मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराएं और भूमाफिया/दबंगों पर कठोरतम कार्रवाई करें। 

    पुलिस से संबंधित शिकायतों पर हुए सख्त 
    सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पुलिस व राजस्व से जुड़ीं शिकायतें अधिक रहीं। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं का जनपदों में निराकरण कराएं। यदि किसी मातहत द्वारा लापरवाही की शिकायत मिले तो उस पर भी कार्रवाई करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। 

    बच्चे से पूछा- कैसे हो, कहां पढ़ते हो 
     ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आए नन्हे बच्चे से मुख्यमंत्री ने हालचाल पूछा। फिर पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उसकी तरफ चॉकलेट बढ़ाई तो उसने झट से चॉकलेट ले ली। फिर सीएम ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने मना कर दिया। इस पर पूरा हॉल खिलखिला उठा। मुख्यमंत्री ने सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए बच्चे से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

  • स्कूलों को बम धमकी के बाद दिल्ली में अलर्ट, पुलिस ने शुरू की जांच

    स्कूलों को बम धमकी के बाद दिल्ली में अलर्ट, पुलिस ने शुरू की जांच

    नई दिल्ली

    दिल्ली के कम से कम छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह इन स्कूल प्रशासनों को बम की धमकी वाला ईमेल मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गईं। स्कूलों को खाली कराया गया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड स्कूल परिसरों की जांच कर रहे हैं। धमकी में दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है।

    धमकी वाले लेटर में क्या लिखा
    धमकी भरे इमेल में कथित तौर पर दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है। ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। 21 से 29 सितंबर के दौरान दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर न करने की सलाह दी गई है। ईमेल में दावा किया गया है कि पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों पर आईईडी ब्लास्ट किए जाएंगे।

    जानकारी के अनुसार, दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृत‍ि स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए गए।
    पुलिस ने क्या बताया

    दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, उसे बम की धमकी से जुड़े 5 कॉल मिले। सुबह 9.41 बजे से 11.11 बजे के बीच स्कूलों में बम की धमकी से संबंधित पांच कॉल प्राप्त हुए। इनमें से पहला कॉल सुबह 9.41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान के बाद धमकी झूठी पाई गई।

    चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल के संबंध में सुबह 10:34 बजे दूसरी कॉल आई, जबकि तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी के सेक्टर 14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई।

    राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग पुलिस स्टेशन क्षेत्रांर्गत आने वाले सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी कॉल रिसीव हुईं। कमला मार्केट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर में भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ।

    धमकी भरे ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ईमेल में 21 से 29 सितंबर के बीच दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर से बचने की चेतावनी भी दी गई। इसमें पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों को लेकर भी धमकी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृति स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रशासन ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। स्कूल परिसरों की जांच के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया।

    पुलिस ने क्या बताया?
    दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सोमवार सुबह स्कूलों में बम की धमकी से जुड़े पांच कॉल मिले। ये कॉल सुबह 9:41 बजे से 11:11 बजे के बीच प्राप्त हुए। पहला कॉल सुबह 9:41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान चलाने के बाद धमकी को फर्जी पाया गया। इसके बाद सुबह 10:34 बजे चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल से बम की धमकी को लेकर कॉल मिली। तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी सेक्टर-14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई।

    पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग थाना क्षेत्र के सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी धमकी से संबंधित सूचनाएं मिलीं। इसके अलावा कमला मार्केट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां सभी स्थानों पर जांच और तलाशी अभियान चला रही हैं।

    बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क
    धमकी की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी संबंधित स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर आशंका है कि धमकी वाले ईमेल फर्जी हो सकते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा को देखते हुए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं और ईमेल के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं
    दिल्ली में स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को धमकी भरे ईमेल मिलने का सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने भी कई संस्थानों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालय, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल समेत कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ईमेल मिले थे। वहीं, महीने की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय समेत कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे।

    बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क
    सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य एजेंसियों ने स्कूलों की जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं नजर आया। पुलिस को आशंका है कि ये धमकी भरे ईमेल फर्जी हो सकते हैं।

    इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं
    धमकियों का यह सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने इसी तरह की कई धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालया, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल सहित कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाकों की धमकियों वाले ईमेल मिले थे। इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय सहित कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे।

  • Jamui Viral Video: सड़क पर नाबालिग लड़का-लड़की को रोका, लड़की से अभद्रता का आरोप; पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की

    Jamui Viral Video: सड़क पर नाबालिग लड़का-लड़की को रोका, लड़की से अभद्रता का आरोप; पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की

    जमुई
    बिहार के जमुई जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बाइक से जा रहे नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया. इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया. आरोपियों ने लड़की को बैड टच भी किया. पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। 

    पुलिस ने क्या कहा?
    घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है. वायरल वीडियो में कुछ लोग सड़क पर बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की को रोकते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर जमुई पुलिस सक्रिय हुई. जमुई के एसपी ने वायरल वीडियो और घटना की पुष्टि की है। 

    पुलिस के मुताबिक दोनों पीड़ित नाबालिग हैं. पुलिस ने उनसे बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी ली है. उनके बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि घटना में करीब 6 से 7 लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस इन लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है. मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 

    वायरल VIDEO के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
    पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, घटना की वजह और आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है। 

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नाबालिगों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है। 

    घटना पर बीजेपी और JDU ने क्या कहा?
    जमुई में लड़का-लड़की के साथ भीड़ की तरफ से किए गए बर्ताव को लेकर जेडीयू की भी प्रतिक्रिया आई है. जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है. यहां मॉब जस्टिस नहीं चल सकता. जिन लोगों ने ऐसा काम किया है, उनके ऊपर पुलिस एक्शन लेगी. वहीं बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है. इसके दोषियों की पहचान पुलिस कर रही है. जो भी दोषी होंगे उनपर एक्शन होगा।