Tag: featured

  • ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    चंडीगढ़

    पंजाब में पुलिसकर्मियों के लिए एक नए निर्देश को लेकर सियासत गरमा गई है। एक वायरल ऑडियो में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों को घर से वर्दी पहनकर न आने का आदेश दिया गया है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

    ऑडियो में कहा गया है कि पुलिसकर्मी थाने आकर ही वर्दी पहनें। इस दावे ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस वर्दी पर गर्व था, आज वही छिपानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर इतनी सुरक्षा का क्या फायदा। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के सामने बेबस है। उन्होंने कहा कि आम पंजाबियों में डर का माहौल है। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था पूरी तरह से पुलिस के हाथ से निकल चुकी है। 

    कांग्रेस ने भी साधा निशाना
    कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रसारित ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब जल रहा है और भगवंत मान मंचों पर चुटकुले सुना रहे हैं। वड़िंग ने स्थिति की तुलना "रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था" से की। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

    अमृतसर देहात, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को पुलिस कर्मचारियों की निजी सुरक्षा, ड्यूटी पॉइंट और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष हिदायतें जारी की गई हैं। अधिकारियों को इन निर्देशों की सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा गया है।

    ऑडियो में किसी महिला की आवाज है, जो अपने आप को पुलिस मुलाजिम ही बता रही है। वह कह रही है कि अधिकारियों से सभी पुलिसवालों को निर्देश मिले हैं कि वर्दी, बेल्ट, पहचान चिन्ह, पुलिस उपकरण या ऐसा कोई सामान प्रदर्शित नहीं करना है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके।

    कर्मचारियों को निजी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने और आने-जाने की दिनचर्या में संभव बदलाव रखने को कहा गया है। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने भी ये ऑडियो पोस्ट की है।

    हालांकि, पंजाब पुलिस ने पोस्ट कर इन दावों को झूठा बताया है। पंजाब पुलिस की पोस्ट में कहा गया है कि अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। मंत्री हरपाल चीमा ने भी इन दावों को फर्जी बताया है।

    पंजाब पुलिस की ओर से ये बातें लिखी गईं
        ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया: पुलिस की पोस्ट में लिखा गया है- पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी पंजाब पुलिस कार्यालय की ओर से पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाते या ड्यूटी से लौटते समय वर्दी न पहनने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।

        दावे फर्जी: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेश फर्जी हैं। इनमें पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने-जाने के दौरान सिविल कपड़े पहनने की बात कही जा रही है, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

        लोगों से अपील: नागरिकों और पुलिस कर्मचारियों से अपील है कि वे सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें।

    पढ़िए, वायरल ऑडियो में क्या कहा जा रहा

        इस्लामाबाद में एनकाउंटर के बाद निर्देश आए: वायरल ऑडियो में कोई महिला कह रही है- सभी मुलाजिम इस ऑडियो को ध्यान से सुन लें। अभी सीपी साहब की मीटिंग हुई है। इस्लामाबाद में, ASI हरजीत सिंह के मर्डर के बाद हुए एनकाउंटर के बाद ये निर्देश दिए गए हैं।

        कोई भी मुलाजिम वर्दी में न आए: ऑडियो में कहा जा रहा है- जांच में पता चला है कि पुलिस मुलाजिमों को आप मारेंगे तो मारने वाले को आगे काम दिया जाएगा। इसलिए, सीपी साहब की ओर से सख्त हिदायत है कि कोई भी मुलाजिम, चाहे गाड़ी में आ रहा हो या साइकिल पर, वह अपनी वर्दी में नहीं होगा। जूते से लेकर पगड़ी तक कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में नजर नहीं आना चाहिए। सभी सिविल ड्रेस में आएंगे। अगर किसी भी मुलाजिम को आते-जाते वर्दी में देखा गया तो एक्शन होगा।

        और मुलाजिमों को निशाना बनाया जा सकता है: वायरल ऑडियो में कहा जा रहा है- जब ड्यूटी पर आना है, थाने तक सिविल ड्रेस में ही आना है और ड्यूटी खत्म होने के बाद भी थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है। जांच में यह भी पता चला है कि 5-6 और मुलाजिमों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। एक एनकाउंटर होने के बाद ऐसी घटनाएं और बढ़ गई हैं। इनमें शहर के पुलिस मुलाजिम भी निशाने पर होंगे।

        महिला कर्मियों के लिए भी मैसेज: ऑडियो में सुनाई दे रहा है- महिला पुलिस मुलाजिम भी इस निर्देश को ध्यान से सुनें। जो हरविंदर या शरण आदि हैं, वे भी वर्दी पहनकर एक्टिवा पर घूम रही हैं। उन्हें भी सिविल ड्रेस में ही आना-जाना है। थाने पहुंचकर वर्दी पहननी है और ड्यूटी खत्म होने पर थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है।

    वायरल पोस्टों में और क्या दावे किए जा रहे

    थानों-चौकियों के आसपास संदिग्धों पर नजर

    सोशल मीडिया पर राजा वड़िंग और बिक्रम मजीठिया की पोस्ट के साथ कुछ कागज भी डाले गए हैं। जिनमें भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कैंपों, थानों, चौकियों और न्यायिक स्थानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को देने और जरूरी कानूनी व सुरक्षा कार्रवाई करने को कहा गया है।

    रात के समय थानों, चौकियों और संवेदनशील पॉइंटों की चेकिंग के लिए गजटेड अधिकारियों और SHO को व्यक्तिगत तौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए संतरी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सतर्कता की वास्तविक स्थिति जांचने को कहा गया है।

    नाके पर 360 डिग्री सुरक्षा के निर्देश, अकेले आने-जाने से बचें, बडी पेयर सिस्टम अपनाएं

    दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को नाके और चेकिंग पॉइंटों पर 360 डिग्री सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सभी कर्मचारियों को एक ही जगह पर बैठने से बचने, एक हथियारबंद और सतर्क संतरी तैनात रखने व संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की जांच के दौरान पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।

    ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के गैर-जरूरी इस्तेमाल और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की हिदायत दी गई है। कर्मचारियों को जहां तक संभव हो, अकेले आने-जाने से बचने और बडी पेयर सिस्टम के तहत आवाजाही करने को कहा गया है।

    संदिग्ध विदेशी संपर्क सामने आने पर उसकी गहन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा गैंगस्टर और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में एजीटीएफ और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में एएनटीएफ के साथ तुरंत सूचना शेयर करने और जरूरत के अनुसार इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    भाजपा बोली-क्या विडंबना है
    भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सड़कों पर या सार्वजनिक और निजी वाहनों में यात्रा करते समय पुलिस की वर्दी न पहनें। जिस वर्दी से अधिकार का भाव झलकता है और जो सुरक्षा का एहसास कराती है, अब उसे ही ऐसा माना जा रहा है जिससे पुलिस अधिकारी किसी हमले का निशाना बन सकते हैं। यह उन लोगों की सुरक्षा का मामला है, जिन पर पंजाब के नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। सम्मान तो है, लेकिन वर्दी पहनना भी खतरे से खाली नहीं है! 

    पुलिस ने ऑडियो को बताया फर्जी
    पंजाब पुलिस ने इस प्रसारित ऑडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यम से इस मामले में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पुलिस ने कहा कि मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी कार्यालय ने ऐसा कोई निर्देश या सलाह जारी नहीं की है। सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे संदेशों को फर्जी बताया गया है। नागरिकों और पुलिस कर्मियों को सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

     

  • मीनाक्षी हत्याकांड में नया खुलासा, आरोपी पवन 7 साल से भोपाल में रह रहा था

    मीनाक्षी हत्याकांड में नया खुलासा, आरोपी पवन 7 साल से भोपाल में रह रहा था

    भोपाल 
    भोपाल शहर में आरटीओ इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले मर्डर मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि मीनाक्षी का ब्वॉयफ्रेंड पवन मूलतः सीधी जिले के भनवारी गांव का रहने वाला था। पवन 4 बहनों 6 भाइयों में सबसे छोटा था। पिता दीनबंधुराम द्विवेदी का निधन पिछले साल फरवरी में हो गया था जबकि मां का देहांत नवंबर में हो गया था। घरवालों ने बताया कि उसकी शादी नहीं हुई थी। लंबे समय से भोपाल में ही शादी की बात चल रही थी। बड़े भाई विनय ने बताया कि उसने 15 साल दक्षिण अफ्रीका में नौकरी की थी। बाद में वापस लौट आया। पवन बीते 7 साल से भोपाल में रह रहा था।

    पुलिस के मुताबिक- इसी समय मीनाक्षी की दोस्त कृतिका ने मीनाक्षी और पवन को मकान के आंगन में तेज आवाज में बात करते देखा था। कुछ घंटे बाद मीनाक्षी का शव घर के हॉल में खून से लथपथ मिला। वहीं, मकान से करीब 20 मीटर दूर पवन का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला।

    कृतिका ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसने मीनाक्षी की हत्या होते हुए नहीं देखा। उसका कहना है कि घर में दो कूलर चल रहे थे, इसलिए बाद में अंदर से हो रही बहस की आवाज उसे सुनाई नहीं दी। ऐसे में रात 1:30 बजे के बाद दोनों के बीच क्या हुआ, यह अभी पुलिस जांच का विषय है।

    कृतिका ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे इंदौर के लिए निकलना पहले से तय था। सुबह अलार्म की आवाज से उसकी नींद खुली। उसे लगा कि मीनाक्षी सो रही होगी। उसने बिस्तर से ही मीनाक्षी के मोबाइल नंबर पर कॉल किया, लेकिन कॉल नहीं उठा। इसके बाद वह कमरे से बाहर आई तो हॉल में मीनाक्षी का खून से लथपथ शव देखा।

    कृतिका ने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के घर पहुंचने से पहले ही कॉलोनी के वॉचमैन ने पवन का शव फंदे पर लटका देखा और पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

    पवन से मिलने के बाद खुश थीं मीनाक्षी, खुद खाना बनाया; रात में साथ टहले
    कृतिका ने पुलिस को बताया कि मीनाक्षी पवन से मिलने के बाद खुश थीं। मीनाक्षी ने अपने हाथों से खाना बनाया और सभी को खिलाया। खाना खाने के बाद मीनाक्षी, पवन, कृतिका और तीन साल की बच्ची कॉलोनी में वॉक करने निकले।

    रात करीब 10:30 बजे तक टहलने के बाद कृतिका सोने चली गई। वह मीनाक्षी की बेटी को भी अपने साथ सुलाने ले गई थी। कृतिका के मुताबिक, मीनाक्षी ने ही उसे बच्ची को अपने साथ सुलाने की बात कही थी।

    कृतिका ने पुलिस को बताया कि वह सफर के कारण काफी थकी हुई थी और कुछ ही देर में उसे नींद आ गई। हालांकि, देर रात उसकी नींद खुली तो उसने मीनाक्षी और पवन को आंगन में तेज आवाज में बातचीत करते आखिरी बार देखा।

    कृतिका का कहना है कि उसने दोनों के बीच पहले भी विवाद होते देखे थे। इसलिए उसने उस समय उनकी बातचीत में हस्तक्षेप नहीं किया और बच्ची के साथ वापस सो गई।

    रिश्ता खत्म हुआ तो बढ़ा झगड़ा
    पुलिस के अनुसार, मीनाक्षी और पवन की पहचान इंदौर में पढ़ाई के दौरान हुई थी। तब पवन कोचिंग क्लास चलाता था और मीनाक्षी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग जाति के कारण मीनाक्षी के परिवार की सहमति नहीं थी। बाद में मीनाक्षी ने दूसरे युवक से शादी की, लेकिन डेढ़ साल पहले उनका तलाक हो गया। इसके बाद भी पवन उससे शादी करना चाहता था। बताते हैं किराए का मकान छोड़कर इंदौर शिफ्ट होने की बात से वह नाराज था।

    सहेली और बेटी अंदर कमरे में सोई थी
    डीसीपी आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मीनाक्षी रविवार शाम 7 बजे दतिया से सहेली कृतिका और तीन साल की बेटी के साथ भोपाल पहुंची थीं। रात में कृतिका और बच्ची घर के अंदर वाले कमरे में सो गए। मीनाक्षी बाहर वाले कमरे में थीं। सुबह 7 बजे कृतिका की नींद खुली तो मीनाक्षी को मृत हालत में देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।

    सोशल मीडिया पर एक्टिव थी मीनाक्षी
     सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव थी। वो अपनी 3 साल की बेटी के साथ लगातार रील और फोटो डालती रहती थी। सोशल मीडिया पर उसने वर्दी के साथ कई रील डाल रखी है। कुछ रीलों से समझ आता है कि मीनाक्षी कई चीजों के लेकर परेशान रहती थी। पति से तलाक के बाद बेटी को पूरी तरह से वहीं देखती थी।

    इंदौर में हुई थी दोस्ती
    मीनाक्षी से आरोपी पवन की दोस्ती इंदौर में हुई थी। वह पर कोचिंग क्लास चलाता था। साथ ही उससे शादी करना चाहता था। लेकिन मीनाक्षी इसके लिए तैयार नहीं थी। आशंका व्यक्त की जा रही है। इसी विवाद में उसकी हत्या हुई होगी।

    पति से हो चुका है तलाक
    वहीं, मृतक मीनाक्षी का दो साल पहले पति से तलाक हो चुका है। उसकी तीन साल की बेटी है। घटना के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • चंडीगढ़ में SIR के बाद बदलेगी वोटर लिस्ट, 56 हजार से अधिक नामों पर सवाल

    चंडीगढ़ में SIR के बाद बदलेगी वोटर लिस्ट, 56 हजार से अधिक नामों पर सवाल

    चंडीगढ़
     विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी मंगलवार को प्रेस वार्ता करेंगी।दोपहर 1:15 बजे सेक्टर-18 स्थित निर्वाचन विभाग के नगर योजना भवन के सी-विंग के भूतल पर होने वाली प्रेस वार्ता में SIR की पूरी प्रक्रिया, अब तक हुए सत्यापन और मतदाता सूची में हुए बदलाव की जानकारी दी जाएगी।

    चंडीगढ़ में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। पुनरीक्षण से पहले शहर में 5,16,427 मतदाता दर्ज थे, जबकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब यह संख्या करीब 4,60,109 रह गई है। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

    किस वार्ड में कितने नाम घटे, आज मिल सकती है जानकारी
    प्रेस वार्ता में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि SIR के दौरान किस वार्ड में कितने नाम हटे, कितने नाम बरकरार रहे और कितने नए मतदाता जोड़े गए। डुप्लीकेट, मृत और दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नामों के सत्यापन के साथ दावे और आपत्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी सामने आ सकती है।

    निगम चुनाव से पहले अहम सूची
    दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची महत्वपूर्ण होगी। चंडीगढ़ में 35 वार्डों में चुनाव होना है। ऐसे में वार्डवार मतदाता संख्या में हुए बदलाव से चुनावी समीकरण पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

    2024 के लोकसभा चुनाव में शहर में 6,59,696 मतदाता थे। इसके मुकाबले मौजूदा आंकड़ा करीब दो लाख कम है। मंगलवार को जारी होने वाली अंतिम सूची से ही यह साफ होगा कि वास्तविक कटौती कितनी हुई है।

    3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु : विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान ये भी सामने आया कि 3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 43,878 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं. इसके अलावा 12,886 मतदाता ऐसे मिले, जो सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए और उनके एन्यूमरेशन फॉर्म निर्वाचन विभाग को प्राप्त नहीं हुए। 

    मतदाता सूची को सटीक बनाना लक्ष्य : निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में केवल पात्र और सत्यापित मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल हों। 

  • सड़क निर्माण में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, जांच में फेल हुए NHAI-PWD के नमूने

    सड़क निर्माण में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, जांच में फेल हुए NHAI-PWD के नमूने

     ग्वालियर
    खराब सड़कों के लिए कुख्यात नगर निगम की सड़कों की गुणवत्ता फेल सामने आई लेकिन अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जैसी एजेंसियों की सड़कें भी मानकों पर खरी नहीं उतर पाईं।

    नगर निगम के बाद अब एनएचएआई की मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा तक और पीडब्ल्यूडी की एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री की सड़क के अधिकांश नमूने फेल सामने आए।

    शहर की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका में सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।

    सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए गठित आयोग की रिपोर्ट में एनएचएआई के अधीन मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा मार्ग के अधिकांश नमूने फेल पाए गए हैं।

    आयोग की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नेटवर्क सर्वे व्हीकल (एनएसवी) की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार भी सड़क निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं मिली।

    इसी तरह पीडब्ल्यूडी के अधीन एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री मार्ग से लिए गए अधिकांश नमूनों का भी यही हाल मिला।

    मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने की। कोर्ट ने दोनों रिपोर्ट संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और जवाब के लिए समय दिया है।

    कोर्ट ने आयोग के पूरे कार्य को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि अब संबंधित अधिकारियों और विभागों को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ग्वालियर शहर के हित में काम करना चाहिए।

    कोर्ट ने उम्मीद जताई कि अलग-अलग विभागों में पदस्थ अधिकारी भी शहर के हित में काम करने के लिए आगे आएंगे।

    छह माह में होना था सर्वे, दस्तावेज ही नहीं मिला
    एनएचएआई के अधीन सड़क की रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से बताया गया कि एनएचएआई को प्रत्येक छह माह में सड़क का असंयोजित सर्वे कराना आवश्यक है। हालांकि, जांच के दौरान ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित सड़क का एनएसवी सर्वे कभी कराया गया था।

    रिपोर्ट में वार्षिकी भुगतान से संबंधित विभिन्न खामियां भी सामने आने की बात कही गई। हाई कोर्ट ने आयोग को रिपोर्ट की प्रति एनएचएआई के अधिवक्ता आशीष सरस्वत को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सरस्वत ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

    सीलबंद लिफाफे में आई मूल जांच रिपोर्ट
    18 सितंबर के आदेश के पालन में सोमवार को राजनंदिनी एंटरप्राइज एंड कंसल्टेंसी की मूल जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की गई।

    अधिवक्ता गौरव मिश्रा ने सीलबंद लिफाफे में बिटुमिन टेस्ट रिपोर्ट, आरईसी क्रमांक 202409/07/13, दिनांक 11 जुलाई 2024 तथा डिजाइन मिक्स (डीबीएम) टेस्ट रिपोर्ट, आरईसी क्रमांक 202409/16/45, दिनांक 16 सितंबर 2024 पेश की।

    कोर्ट में सीलबंद लिफाफा खोला गया। इसके बाद कार्यालय को निर्देश दिया गया कि दोनों दस्तावेजों की छायाप्रति सड़क जांच आयोग को उपलब्ध कराई जाए और मूल दस्तावेजों को दोबारा सीलबंद कर सुरक्षित रखा जाए। आयोग को इन रिपोर्टों पर अपनी टिप्पणी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    निगम को पैचवर्क पूरा करने के लिए 24 घंटे
    नगर निगम की ओर से अधिवक्ता ने बताया कि सड़कों पर किए गए पैचवर्क को सही ठहराने का प्रयास किया गया है, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा कि आयोग द्वारा नमूने लेने के लिए सड़क खोदे जाने के कारण जहां पैचवर्क किया गया है, वह निर्धारित मापदंडों के अनुसार हो।

    कोर्ट ने निगम को 24 घंटे का समय देते हुए निर्देश दिया कि आयोग द्वारा नमूने लेने के लिए खोदी गई सड़क के सभी हिस्सों का पैचवर्क निर्धारित विनिर्देशों के अनुसार किया जाए।

    इसमें 150 मिलीमीटर तक की गहराई में पैचवर्क करने संबंधी तकनीकी विनिर्देश का पालन करने को कहा गया। इस निर्देश के साथ संबंधित आवेदन का निराकरण कर दिया गया।

    स्मार्ट सिटी की सड़कों पर भी उठे सवाल
    याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने स्मार्ट सिटी की सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए स्मार्ट सिटी ग्वालियर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मामले में पक्षकार बनाए जाने की मांग की। इस संबंध में अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

    सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि स्मार्ट सिटी के अधीन सड़कों की स्थिति भी खराब होने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अभी तक स्मार्ट सिटी के स्वामित्व और नियंत्रण वाली सड़कों से नमूने नहीं लिए गए हैं।

    इस बिंदु का उल्लेख आवेदन में नहीं होने पर कोर्ट ने तोमर को आवेदन में संशोधन के लिए एक सप्ताह का समय दिया।

    हर सड़क की जांच के लिए जनहित याचिका का दायरा नहीं बढ़ाएंगे
    सचिन तेंदुलकर मार्ग से भगवान सिंह माथुर सिटी एन्क्लेव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क की खराब स्थिति को लेकर हस्तक्षेप आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था।

    इसमें सड़क की स्थिति पूरी तरह खराब होने का आरोप लगाया गया, कोर्ट ने कहा कि नगर निगम को ग्वालियर शहर की सभी सड़कों के निर्माण और मरम्मत की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है।

    कोर्ट प्रत्येक सड़क को लेकर अलग-अलग जांच कराकर उसका निर्माण कराने की स्थिति में नहीं है। कोर्ट ने हस्तक्षेप आवेदन को खारिज कर दिया।

    आयोग के काम की कोर्ट ने की सराहना
    सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सड़क जांच आयोग के काम की विशेष रूप से सराहना की। बता दें कि इस आयोग में अध्यक्ष गौरव समाधिया, सदस्य पवन रघुवंशी और हिमांशु शर्मा हैं।

    कोर्ट ने कहा कि पहले एक सड़क से नमूने लेने में आयोग को 12 से 13 घंटे तक सड़क पर काम करना पड़ा था।
    बाद में आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों से स्पष्ट हुआ कि सदस्यों ने केवल मौके पर जाकर निर्धारित मानकों के अनुसार नमूने ही नहीं लिए, बल्कि तकनीकी पहलुओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को समझने के लिए भी काफी मेहनत की। कोर्ट ने कहा कि शहर के हित में आयोग ने जिस स्तर पर मेहनत की है, वह सराहनीय है।

    सिकरौदा में हाईवे से सटी शराब दुकान पर भी सवाल
    सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष गौरव समाधिया ने सिकरौदा चौराहा स्थित शराब दुकान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि नियमानुसार शराब दुकान हाईवे से कम से कम 500 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए, लेकिन सिकरौदा चौराहे पर शराब दुकान हाईवे के बिल्कुल पास संचालित हो रही है।

    दुकान पर ‘हर सेलिब्रेशन हमारा है’ टैगलाइन भी प्रदर्शित होने की बात कोर्ट को बताई गई। इस पर शासकीय अधिवक्ता जीके अग्रवाल ने जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।

    कोर्ट ने उन्हें यह स्पष्ट करने के लिए समय दिया कि हाईवे से 500 मीटर से कम दूरी पर शराब दुकान का लाइसेंस किन परिस्थितियों में जारी किया गया। वहीं स्थानांतरित करने का समय भी पूछा गया।

    एनएसवी की अंतिम रिपोर्ट पर आज सुनवाई
    आयोग के अध्यक्ष ने कोर्ट को बताया कि एनएसवी की अंतिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत किया जाना बाकी है। इस पर कोर्ट ने एनएसवी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए मामले को 22 सितंबर के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। विभिन्न रिपोर्टों पर विचार के लिए मामले की अगली सुनवाई आठ अक्टूबर के लिए निर्धारित की गई है।

     

     

  • AI कंपनियों की वैल्यूएशन पर भी ओबामा ने उठाए सवाल, बोले- हाइप हो सकता है

    AI कंपनियों की वैल्यूएशन पर भी ओबामा ने उठाए सवाल, बोले- हाइप हो सकता है

    वाशिंगटन
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर में बहस चल रही है. कोई इसे फ्यूचर की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी बता रहा है, तो कोई इससे जॉब्स और इंसानों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित है. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama ने AI को लेकर अपनी चिंता बताई है. ओबामा का कहना है कि एआई कंपनियों के मार्केट वैल्यूएशन में हाइप हो सकता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एआई की टेक्नोलॉजी भी ओवरहाइप्ड है. आइए जानते हैं इसके बारे में. उन्होंने AI से ह्यूमैनिटी खत्म होने की बात से भी इनकार नहीं किया है और ये बेहद डरावना है। 

    Obama के समय में ही बनी थी AI पर रिपोर्ट
    ओबामा ने बताया कि उनके राष्ट्रपति रहते 2015-16 के आसपास उनकी एडमिनिस्ट्रेशन ने एआई के सोशल, इकोनॉमिक और एथिकल इम्पैक्ट को समझने के लिए एक कमीशन बनाया था. इस कमीशन ने AI को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट भी तैयार की थी। 

    ओबामा के मुताबिक इसके बाद आई एडमिनिस्ट्रेशन ने इस रिपोर्ट को ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया. यानी AI को लेकर जिन सवालों पर उस समय चर्चा शुरू हुई थी, वो अब और ज्यादा बड़े हो चुके हैं। 

    अब AI खुद सीख रहा है
    एआई के तेजी से आगे बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक रिसर्सिव लर्निंग है. आसान भाषा में समझें तो AI अब सिर्फ इंसानों से ट्रेनिंग लेकर आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि खुद भी सीखने लगा है। 

    ओबामा के मुताबिक कुछ समय पहले तक एआई मॉडल्स की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा इंसानों के इनपुट का था. लेकिन कुछ ही महीनों में तस्वीर बदल गई और यह बैलेंस करीब 50-50 तक पहुंच गया. यानी अब AI को आगे बढ़ाने में ह्यूमन ट्रेनिंग के साथ उसका खुद से सीखना भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। 

    आने वाले समय में 90% खुद सीखेगा AI?
    ओबामा का अनुमान है कि आने वाले समय में एआई की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा सेल्फ-लर्निंग का हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो AI डेवलपमेंट की स्पीड आज के मुकाबले काफी ज्यादा तेज हो सकती है। 

    उन्होंने एआई की इस ग्रोथ को हॉकी स्टिक जैसी ग्रोथ बताया. इसका मतलब है कि शुरुआत में ग्रोथ धीरे होती है, लेकिन एक पॉइंट के बाद इसकी स्पीड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ने लगती है। 

    किलर रोबोट नहीं, ये है असली डर
    एआई के खतरे की बात होते ही किलर रोबोट्स और इंसानों को खत्म करने वाली मशीनों की चर्चा शुरू हो जाती है. ओबामा के मुताबिक ऐसा खतरा पूरी तरह जीरो नहीं है, लेकिन इसकी संभावना कम है.उनकी असली चिंता AI मिसअलाइनमेंट को लेकर है. यानी एआई सिस्टम ऐसा गोल तय कर ले जो इंसानों के इरादों से अलग हो। 

    इसके लिए AI का कॉन्शियस होना या इंसानों से नफरत करना जरूरी नहीं है. अगर एआई खुद से फैसले लेने लगे और उसके गोल्स इंसानों के गोल्स से अलग हो जाएं, तो बड़ी समस्या पैदा हो सकती है. यही वजह है कि एआई के तेज विकास के साथ यह सवाल भी जरूरी होता जा रहा है कि आखिर इसे इंसानों के कंट्रोल और गोल्स के साथ कैसे जोड़ा जाए। 

  • भोपाल में 190 व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद, 8084 को नोटिस; SC में आज सुनवाई

    भोपाल में 190 व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद, 8084 को नोटिस; SC में आज सुनवाई

    भोपाल
     आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दोपहर दो बजे से सुनवाई होगी। 15 सितंबर को प्रस्तावित सुनवाई टलने के बाद अब 22 सितंबर को सुनवाई हो रही है। इसके लिए नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में 34 पेज का नया एफिडेविट पेश किया है। इसमें शहरभर में 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करने और 190 के खिलाफ कार्रवाई कर कारोबार बंद कराने की जानकारी दी गई है।

    62,500 प्रतिष्ठान चिह्नित, 8084 को नोटिस
    सुप्रीम कोर्ट के पांच अगस्त के निर्देश के बाद नगर निगम ने दावा किया था कि उसने शहर के आवासीय क्षेत्रों में संचालित 62,500 से अधिक प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया है। निगम ने 8269 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करने की भी जानकारी दी थी। सूत्रों के अनुसार, अब नए शपथ पत्र में नोटिस का आंकड़ा 8084 बताया गया है। साथ ही 190 प्रतिष्ठानों को बंद कराने की कार्रवाई की जानकारी भी दी गई है।

    आंकड़ों में आए इस बदलाव को लेकर भी सुनवाई के दौरान सवाल उठ सकते हैं। नगर निगम ने कोर्ट को बताया है कि चिह्नित प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई जारी है।

    सुप्रीम कोर्ट के 5 अगस्त के आदेश के बाद नगर निगम ने रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां चलाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। निगम की सूची में ऐसे करीब 62,500 प्रतिष्ठान हैं। इनमें से 8,084 को नोटिस दिए गए। इसके बाद तीन दिन तक कार्रवाई चली। व्यापारियों के विरोध के बाद निगम ने अभियान रोक दिया। अब ये प्रतिष्ठान खुल चुके हैं।

    रिकॉर्ड में 62,500, नोटिस सिर्फ 8,084 प्रतिष्ठान को निगम के रिकॉर्ड में 62,500 कमर्शियल प्रतिष्ठान होने के बावजूद करीब 13% यानी 8,084 को ही नोटिस दिए गए। इनमें भी कार्रवाई 190 तक पहुंची। इसके बाद न नोटिस की कार्रवाई आगे बढ़ी न बंद प्रतिष्ठानों की दोबारा जांच हुई।

    निगम खुद बोला – दोबारा खोलना आपराधिक कृत्य
    निगम की टीमों ने सभी संस्थानों को नियमानुसार बंद क
    राया है। कहीं भी संस्थान दोबारा खुल गए हैं तो यह आपराधिक कृत्य है। कोर्ट में पूछने पर वकील के माध्यम से स्थिति स्पष्ट कर जवाब देंगे।' -भुवन गुप्ता, उपायुक्त (भवन अनुज्ञा)

    रहवासी इलाकों में चल रहे 190 कमर्शियल प्रतिष्ठान बंद कराए थे, सभी फिर खुले; 15 दिन से देखने तक नहीं पहुंचा नगर निगम

    भोपाल के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने तीन दिन कार्रवाई कर 190 प्रतिष्ठान बंद कराए थे। अब सभी दोबारा खुल चुके हैं, लेकिन करीब 15 दिन से निगम की टीमें इनकी स्थिति देखने तक नहीं पहुंचीं। न दोबारा खुले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई, न कोई नया प्रतिष्ठान बंद कराया गया।

    10 नंबर मार्केट में सीलिंग के दौरान व्यापारियों ने निगम के पंचनामे के आधार पर प्रतिष्ठान खुद बंद किए थे। अब यहां कई प्रतिष्ठान दिन में बंद रहते हैं और शाम होते ही खुल जाते हैं।

    सीलिंग और पंचनामे के बाद फिर शुरू हुआ कारोबार
    बता दें कि निगम ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक करने वाले सात प्रतिष्ठानों को सील किया, जबकि 183 ने स्वेच्छा से कारोबार बंद करने के पंचनामे बनाए गए। निगम की कार्रवाई के दौरान पंचनामा बनाकर बंद कराए गए कई प्रतिष्ठानों में दोबारा कारोबार शुरू होने की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे में मंगलवार की सुनवाई में निगम की कार्रवाई के साथ उसके जमीनी अनुपालन की स्थिति भी अहम रहेगी। कोर्ट जमीनी स्तर पर कार्रवाई की मॉनिटरिंग पर जोर दे सकता है।

  • होलकर स्टेडियम में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबला, पिच और आउटफील्ड तैयार

    होलकर स्टेडियम में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबला, पिच और आउटफील्ड तैयार

    इंदौर 

     इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए 11 अक्टूबर का दिन बेहद रोमांचक होने वाला है, क्योंकि इस दिन स्थानीय होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला जाएगा। मैच को लेकर तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं।

    दर्शकों और टीवी स्क्रीन पर मैच देखने वालों को एक नया अनुभव देने के लिए इस बार मैदान की आउटफील्ड पर घास को एक खास 'चेक्स' (चौकड़ी) पैटर्न में काटा जा रहा है। इस रोमांचक मुकाबले के लिए दोनों देशों की टीमें 10 अक्टूबर को चार्टर्ड प्लेन के जरिए इंदौर पहुंचेंगी।

    28 सितंबर से शुरू होगी पिच पर रोलिंग
        किसी भी क्रिकेट मैच का सबसे अहम हिस्सा उसकी पिच होती है, जिसे लेकर मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। रविवार के दिन बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर तापोष चटर्जी ने स्टेडियम का दौरा किया और मैदान तथा पिच की स्थिति का जायजा लिया।

        के दौरान एमपीसीए के पिच क्यूरेटर मनोहर जामले ने उन्हें बताया कि बारिश के बावजूद पिच का शुरुआती बेस पहले ही तैयार कर लिया गया है। फिलहाल ग्राउंड स्टाफ का पूरा ध्यान काली मिट्टी वाली इस पिच की घास को और अधिक स्वस्थ बनाने पर है। तैयारी को पुख्ता करने के लिए 28 सितंबर से पिच पर रोलिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।

    एक व्यक्ति अधिकतम चार टिकट ले सकेगा
    आम दर्शकों के लिए सबसे सस्ता टिकट ₹1,000, जबकि सबसे महंगा पैवेलियन टिकट ₹12,500 का होगा। मैच के सभी टिकट सिर्फ ऑनलाइन मिलेंगे। अन्य कैटेगरी के टिकटों के रेट भी जारी किए जाएंगे।

    जोमैटो होगा आधिकारिक टिकटिंग पार्टनर
    MPCA ने मैच के लिए जोमैटो को आधिकारिक ऑनलाइन टिकटिंग पार्टनर बनाया है। टिकटों की बिक्री सिर्फ ऑनलाइन होगी। स्टेडियम के काउंटर से ऑफलाइन टिकट नहीं मिलेंगे।

    टिकटों की खरीद की सीमा भी तय की गई है। एक व्यक्ति अधिकतम 4 टिकट खरीद सकेगा। ये टिकट एक ही कैटेगरी के या अलग-अलग कैटेगरी के हो सकते हैं।

    होलकर स्टेडियम में आखिरी इंटरनेशनल मैच 18 जनवरी 2026 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे खेला गया था। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराया था। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत में वनडे सीरीज अपने नाम की थी।

    होलकर स्टेडियम में आखिरी इंटरनेशनल मैच 18 जनवरी 2026 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे खेला गया था। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराया था। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत में वनडे सीरीज अपने नाम की थी।

    सबसे सस्ता टिकट एक हजार रुपये का है

    क्रिकेट मैच का आनंद लेने के लिए दर्शकों को इस बार एक हजार रुपये से लेकर 12 हजार 500 रुपये तक खर्च करना होंगे। मैच का सबसे सस्ता टिकट एक हजार रुपये का है, वहीं टिकट की अधिकतम दर 12,500 रुपये की है। मैच के टिकटों की बिक्री ऑनलाइन की जाएगी। एमपीसीए शीघ्र ही टिकट बुकिंग की दिनांक और समय घोषित करेगा।

    टिकट दर
        साउथ पवैलियन लोअर – 6,500
        साउथ पवैलियन लोअर (लाइव हास्पिटैलिटी)- 12,500
        साउथ पवैलियन पहली मंजिल – 8,500
        साउथ पवैलियन पहली मंजिल (फूड बाक्स हास्पिटैलिटी) – 11,000
        साउथ पवैलियन दूसरी मंजिल – 7,500
        साउथ पवैलियन तीसरी मंजिल – 5,500
        ईस्ट गैलरी ग्राउंड फ्लोर – 1,000
        ईस्ट गैलरी पहली मंजिल (प्रीमियम) – 1,700
        ईस्ट गैलरी पहली मंजिल (रेगुलर) – 1,400
        ईस्ट गैलरी दूसरी मंजिल – 1,250
        वेस्ट गैलरी ग्राउंड प्लोर – 1,100
        वेस्ट गैलरी पहली मंजिल (प्रीमियम) – 1,800
        वेस्ट गैलरी पहली मंजिल (रेगुलर) – 1,500
        वेस्ट गैलरी दूसरी मंजिल – 1,350

    टिकट बिक्री की तारीख का ऐलान बाकी
    MPCA ने टिकटों की कीमतें घोषित कर दी हैं, लेकिन ऑनलाइन बिक्री किस तारीख और किस समय शुरू होगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। एसोसिएशन की ओर से टिकटिंग प्लेटफॉर्म की तैयारियां पूरी होने के बाद बिक्री की तारीख घोषित की जाएगी।

    5 मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की T20 सीरीज खेली जाएगी। सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में होगा। यह होलकर स्टेडियम में खेला जाने वाला 5वां T20 इंटरनेशनल मैच होगा।

     

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार यानी 22 सितंबर को 3,567 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को योग्य शिक्षक और कुशल प्रशासक मिलेंगे। चयनित अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) तथा 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं।

    उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित इन अभ्यर्थियों को जुपिटर हॉल में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी समेत अन्य नेता एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे। 

     

  • यूपी बना एक्सपोर्ट इंजन, आबकारी निर्यात नीति से खेत से विदेशी बाजार तक जुड़ी पूरी चेन

    यूपी बना एक्सपोर्ट इंजन, आबकारी निर्यात नीति से खेत से विदेशी बाजार तक जुड़ी पूरी चेन

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 का असर अब प्रदेश की पूरी एक्सपोर्ट चेन में दिखाई दे रहा है। खेतों में तैयार होने वाले गन्ने, शीरे और अनाज से लेकर फैक्ट्री, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन तक आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में यूपी के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 प्रतिशत रही।

    नई इकाइयों और पुराने प्लांट को मिला संबल
    निर्यात की संभावनाओं के साथ प्रदेश में नई औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। उन्नाव में यूनाइटेड ब्रुअरीज और हरदोई में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज नई इकाइयां स्थापित कर रही हैं। फर्रुखाबाद में वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने इकाई स्थापित की है। वहीं एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद इकाई को दोबारा शुरू किया है। गोरखपुर की कियान डिस्टिलरी ने एथेनॉल उत्पादन के साथ पेय आसवनी और ब्रुअरी के लिए आवेदन किया है। रैडिको खेतान भी अन्य राज्यों से सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रही है।

    10.2 से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई हिस्सेदारी
    अप्रैल-जून 2026 में देश से करीब 10.17 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आबकारी निर्यात हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 127.8 लाख डॉलर रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 87.9 लाख डॉलर थी। इस तरह प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि हासिल की। राष्ट्रीय निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी भी 10.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई। प्रदेश इस अवधि में महाराष्ट्र और पंजाब के बाद तीसरे स्थान पर रहा।

    बस्ती का शीरा पहुंचा वैश्विक बाजार
    आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि यूपी की बढ़ती एक्सपोर्ट चेन में कृषि आधारित उत्पाद भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। बस्ती से 25 हजार कुंतल शीरे का विदेश निर्यात किया गया, जिससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई। शीरा अलग शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए यह राशि उपरोक्त आंकड़ों से अतिरिक्त है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश के कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के बाद वैश्विक बाजार की आपूर्ति श्रृंखला में शामिल हो रहे हैं।

    बोतलों की सप्लाई में भी आया बड़ा उछाल
    अप्रैल-जुलाई 2026 के बीच यूपी की इकाइयों ने अन्य राज्यों को पिछले वर्ष की समान अवधि से 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं। यह करीब 45.7 प्रतिशत की वृद्धि है। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि निर्यात बढ़ने का असर गन्ना, शीरा और अनाज से लेकर कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन तक पड़ता है। इस तरह त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति ने प्रदेश में खेत से फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक जुड़ी व्यापक एक्सपोर्ट चेन को गति दी है।

  • MP में टेलीकॉम सेक्टर को बढ़ावा, ग्वालियर जोन में निवेश जुटाने की तैयारी

    MP में टेलीकॉम सेक्टर को बढ़ावा, ग्वालियर जोन में निवेश जुटाने की तैयारी

    बेंगलुरु में टेलीकॉम उद्योग के प्रमुख निवेशकों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को निवेश का नया केंद्र बनाने की तैयारी
    22 सितंबर को इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर टीएमजेड की संभावनाओं और नीतिगत सहयोग पर होगी चर्चा

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को गति देने के लिए राज्य सरकार अब देश के प्रमुख तकनीकी केंद्र बेंगलुरु के उद्योग जगत से सीधे संवाद करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 22 सितंबर को बेंगलुरु में टेलीकॉम क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

    ताज बेंगलुरु में होने वाले इस संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में उपलब्ध निवेश अवसरों, राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे सहयोग की जानकारी देंगे। टेलीकॉम उपकरणों के विनिर्माण के साथ इस क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और इससे जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।

    ग्वालियर में टेलीकॉम उद्योग के लिए तैयार हो रहा नया आधार

    इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की प्रमुख विशेषताओं और निवेशकों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहनों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई तथा दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निवेशकों के सामने टीएमजेड से जुड़े अवसरों और नीति समर्थन की जानकारी रखेंगे।

    कार्यक्रम में टेलीकॉम उद्योग की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेश के इच्छुक उद्योगों के साथ उनके प्रस्तावों और अपेक्षाओं पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के प्रश्नों और सुझावों पर संवाद करते हुए मध्यप्रदेश में निवेश के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और उपलब्ध सहयोग की जानकारी देंगे।

    केंद्र और राज्य के समन्वय से टेलीकॉम विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा

    इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में भारत सरकार के संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया भी शामिल होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा उद्योग जगत की सहभागिता से होने वाला यह संवाद ग्वालियर टीएमजेड के विकास और टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

    बेंगलुरु के तकनीकी केंद्रों को भी देखेंगे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेंगलुरु प्रवास के दौरान टेलीकॉम और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख संस्थानों का अवलोकन भी करेंगे। वे क्वालकॉम के आरएंडडी सेंटर तथा सिग्नलचिप इनोवेशन और सिग्नलट्रॉन सिस्टम का दौरा करेंगे। इन केंद्रों पर अनुसंधान, नवाचार और टेलीकॉम तकनीक के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी ली जाएगी। इसके माध्यम से बेंगलुरु के तकनीकी इकोसिस्टम और मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के बीच संभावित सहयोग के अवसरों को समझने का प्रयास होगा।