Category: उत्तर प्रदेश

  • अवैध घरों को मिल सकता है अस्थायी प्रीपेड बिजली कनेक्शन, ध्वस्तीकरण तक रहेगी सुविधा

    अवैध घरों को मिल सकता है अस्थायी प्रीपेड बिजली कनेक्शन, ध्वस्तीकरण तक रहेगी सुविधा

     लखनऊ
    यमुना-हिंडन नदी के डूब क्षेत्र(फ्लड प्लेन जोन) में बिजली कनेक्शन देने पर रोक लगाने संबंधी 16 वर्ष पुराने तत्कालीन मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता के एक शासनादेश से पावर कारपोरेशन को प्रति वर्ष 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लग रहा है। डूब क्षेत्र के 20 हजार से अधिक घरों में 13 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन के जरिए बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी की जा रही है।

    चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अवैध कनेक्शन को सशर्त वैध करने के संबंध में पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने पिछले वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजा था। अब प्रस्ताव को उच्च स्तर से हरी झंडी मिलते ही अवैध कनेक्शन पर कड़ाई से अंकुश लगाने के साथ ही भवन स्वामियों को प्रीपेड मीटर के जरिए अस्थायी कनेक्शन दिया जाएगा।

    गौतमबुद्धनगर के नोएडा और गाजियाबाद के छिजारसी, चोटपुर, शिव विहार, कनावटी आदि यमुना-हिंडन नदी के डूब क्षेत्र हैं। वैसे तो इस क्षेत्र में किसी तरह का निर्माण ही नहीं हो सकता है लेकिन विकास प्राधिकरणों के जिम्मेदारों की हीला-हवाली से 20 हजार से ज्यादा घर अवैध तरीके से बन चुके हैं। नदियों के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर एनजीटी-हाईकोर्ट आदि के कड़े रुख पर 16 मार्च 2010 को तत्कालीन मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के साथ ही बिजली कनेक्शन देने पर भी रोक लगा थी।

    नोएडा के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव सरन व रमा रमण ने भी संबंधित क्षेत्र में बिजली कनेक्शन न देने की वकालत की। प्रतिबंध के चलते पश्चिमांचल डिस्काम व नोएडा पावर कंपनी तो अब तक कनेक्शन देने से मना करता रहा लेकिन स्थानीय बिजली अभियंताओं व ठेकेदारों की मिलीभगत से धड़ल्ले से अवैध तरीके से बिजली कनेक्शन दिए जाते रहे।

    ऐसे में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के मद्देनजर हाल ही में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष गोयल के निर्देश पर कराई गई जांच में पाया गया कि डूब क्षेत्र 18,650 बिजली कनेक्शन हैं। इनमें से 5500 ही वैध मिले जबकि 13,150 कनेक्शन अवैध पाए गए। इनके जरिए बिजली की चोरी होने से कारपोरेशन प्रबंधन का अनुमान से उसे प्रति वर्ष 16 हजार करोड़ रुपये के विद्युत राजस्व का नुकसान हो रहा है।

    इतने बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन की पिछले दिनों हुई बैठक में सीईओ मनोज कुमार सिंह द्वारा उठाए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए बिजली चोरी पर कड़ाई से अंकुश लगाने की हिदायत पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष व अपर मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. गोयल को दी। मुख्यमंत्री के कड़े रुख पर अध्यक्ष ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सभी अवैध कनेक्शन को तत्काल काटने के साथ ही विधिक कार्यवाही करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों-अभियंताओं को दिए हैं।

    डॉ. गोयल ने बताया कि अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। चूंकि बिजली मूलभूत आवश्यकता है इसलिए डूब क्षेत्र में अवैध तरीके से बने भवनों के स्वामियों को बिजली कनेक्शन देने पर पिछले वर्षों में बैठकें तो हुईं लेकिन निर्णय अब तक कोई नहीं हो सका। अब मुख्यमंत्री के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि कारपोरेशन के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पंकज कुमार द्वारा पिछले वर्ष आठ नवंबर को अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजे गए प्रस्ताव को जल्द ही हरी झंडी मिल सकती है।

    प्रस्ताव के मुताबिक अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण तक संपत्ति के स्वामियों को अंतरिम रूप से अस्थायी कनेक्शन प्रीपेड मीटर व आरमर्ड केबल के जरिए दिए जाएंगे। बिजली नेटवर्क व कनेक्शन का खर्च भवन स्वामियों से वसूला जाएगा। कनेक्शन देने से किसी तरह की पर्यावरणीय क्षति मुआवजे का भुगतान भी उपभोक्ता को करना होगा। प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ही कनेक्शन को काट दिया जाएगा। किसी भी दशा में कोई मुआवजे की मांग नहीं कर सकेगा।

  • वाराणसी में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, सरकारी अस्पतालों में अलग फ्लू ओपीडी और 125 बेड रिजर्व

    वाराणसी में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, सरकारी अस्पतालों में अलग फ्लू ओपीडी और 125 बेड रिजर्व

    वाराणसी 
     यूपी के वाराणसी में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा-एच1एन1) पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अब शासकीय अस्पतलों में सोमवार से फ्लू की अलग ओपीडी चलेगी। इसके साथ ही इन मरीजों के एंट्रेस भी अलग होंगे। इनके इलाज के लिए अस्पतालों में 125 बेड रिजर्व किए गए हैं। स्वाइन फ्लू मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर और उनकी देखरेख में लगे फ्रंट लाइनर को एच-1एन-1 का टीका भी लगेगा। जिससे उनकी सुरक्षा हो सके। इसके साथ ही सभी डॉक्टरों को अलर्ट किया गया है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण के मरीज मिले तो तत्काल उनकी जांच कराएं।

    बनारस में अप्रैल से अब तक स्वाइन फ्लू के सिर्फ चार मरीज मिले हैं। ये सभी स्वस्थ्य हो चुके हैं। जिले में इस समय सक्रिय केस कोई भी नहीं है। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। दूसरे जिले में स्वाइन फ्लू के मामले को देखते हुए यहां पर हमारी टीम अलर्ट है।

    उन्होंने बताया कि बीएचयू में 25, मंडलीय, जिला और एलबीएस अस्पताल में 15-15 बेड रिजर्व किए गए हैं। इसके साथ ही सीएचसी में भी तीन-तीन बेड रिजर्व हैं। उन्होंने कहा कि बीएचूय में स्वाइन फ्लू की आरटीपीसीआर जांच हो रही है। जिसमें भी लक्षण दिख रहा है, वे वहां पर जांच कराएं। उन्होंने कहा कि निजी पैथोलॉजी को भी सख्त निर्देश दिया गया है कि स्वाइन फ्लू जांच में मनमाना पैसा मरीजों से न लें। अगर शिकायत मिली तो सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की आवश्यक जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड की जाए।

    ऐसे करें बचाव
    – खांसते और छींकते समय नाक एवं मुंह को ढकें।

    – साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं अथवा हैंड सैनेटाइजर का प्रयोग करें।

    – बुखार, खांसी अथवा अन्य श्वसन संबंधी लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

    – संक्रमित या बीमार व्यक्ति के संपर्क में न आएं।

    – इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।

    – पर्याप्त आराम एवं तरल पदार्थ का सेवन करें।

    – चिकित्सकीय परामर्श के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।

    ये हैं लक्षण
    बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान एवं कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में उल्टी अथवा दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

    खांसने, छींकने से फैलता है
    सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा बोलने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों के संपर्क में आने से इसका संक्रमण फैल सकता है। इसलिए बीमारी के लक्षणों की समय से पहचान और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।

    ऑक्सीजन प्लांट चेक किए गए
    जिले में 22 ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह के निर्देश पर शनिवार दोपहर में इनकी जांच हुई। साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मास्क, सेनेटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।

  • माफिया का सफाया करने के साथ ही इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया : सीएम योगी

    माफिया का सफाया करने के साथ ही इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया : सीएम योगी

    कानून से खिलवाड़ करने वालों की धज्जियां उड़ा देंगे : सीएम योगी

    लोगों की सुरक्षा पर संकट पैदा करने वालों के लिए खुले हैं जेल और जहन्नुम के रास्ते : सीएम योगी

    माफिया का सफाया करने के साथ ही इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया : सीएम योगी

    गोरखपुर के बशारतपुर में कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया मुख्यमंत्री ने

    गोरखपुर नगर निगम और जीडीए की 130.73 करोड़ रुपये की 170 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

    गोरखपुर,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी ने कानून से खिलवाड़ करने की तनिक भी कोशिश की तो उसकी धज्जियां उड़ाने में देर नहीं लगेगी। प्रदेश में लोगों की सुरक्षा पर जो भी संकट पैदा करेगा, उसके लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हुए हैं। प्रदेश माफियामुक्त हो चुका है और कोई फिर सिर उठाएगा तो वह मिट्टी में मिला दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब तब संभव होता है जब खजाने में पैसा और अच्छी सरकार होती है। 

    सीएम योगी, शनिवार को वार्ड नंबर 80, राप्ती नगर के अंतर्गत बशारतपुर में नवनिर्मित कल्याण मंडपम सहित गोरखपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम की 130.73 करोड़ रुपये की लागत वाली 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में उपद्रव, अराजकता या गुंडागर्दी नहीं है, बल्कि सर्वत्र सुरक्षा का माहौल है। 

    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से सुरक्षा के माहौल में हो रहे प्रदेश के विकास का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा जिन्हें विकास, रोजगार और उत्सवपूर्ण माहौल पसंद नहीं है, वे अब समाज को जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर बांटने का काम करेंगे। जनता को ऐसे लोगों से सतर्क और सावधान रहना होगा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए, समाज को बांटने वाले लोगों को डकैतों का गिरोह करार दिया। सीएम ने कहा, ‘डकैतों के इस गिरोह को जब भी मौका मिला तो उन्होंने प्रदेश और देश को लूटने का काम किया। उत्सव से पहले उपद्रव करना, दंगे करना, कर्फ्यू लगवाना ही इनकी पहचान थी।’ उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार किसी भी गरीब, दलित, वंचित का उत्पीड़न या शोषण नहीं होने देगी। किसी ने शोषण या उत्पीड़न किया तो उससे सख्ती से निपटने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कानून की धज्जियां उड़ाने की तनिक भी कोशिश की तो उसकी धज्जियां उड़ाने में देर नहीं लगेगी। प्रदेश में सुरक्षा पर संकट पैदा करने वालों के लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हुए हैं।
     
    माफिया के साथ मच्छरजनित बीमारी का भी किया समाधान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते करीब दस वर्ष में उन्होंने माफिया का सफाया करने के साथ ही मच्छरजनित बीमारी इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया। सीएम योगी ने याद दिलाया कि 2017 के पूर्व इंसेफेलाइटिस की त्रासदी के कारण गोरखपुर सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल रहता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी 1977 से चली आ रही थी। पर इस दौरान दूसरे दलों की सरकारों ने समाधान पर ध्यान नहीं दिया। इंसेफेलाइटिस को लेकर उन सरकारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सांसद के रूप में इंसेफेलाइटिस के समाधान के लिए सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ी और जब मुख्यमंत्री बने तो समाधान करके दिखा भी दिया। उन्होंने कहा कि अब मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आकर दम नहीं तोड़ते। 

    अच्छी सरकार में होते हैं अच्छे कार्य
    सीएम योगी ने जब अच्छी सरकार होती है तभी अच्छे कार्य आगे बढ़ते हैं। अच्छी सरकार ही युवाओं, बेटियों और महिलाओं के बारे में अच्छा सोचती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। अगले एक साल में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा। युवाओं के रोजगार के लिए हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किलिंग जोन बनाया जा रहा है। यहां स्किल से जॉब की गारंटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बेटियों और महिलाओं के लिए सरकार की नई पहल का जिक्र करते हुए बताया कि अगले दो माह में स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी में न तो बेटियों की अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था थी और न ही गरीब बेटियों की शादी की। जब उन्होंने सामूहिक विवाह योजना शुरू की तो समाजवादी पार्टी ने विरोध किया। सीएम ने बताया कि अब तक पांच लाख बेटियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हो चुकी है। सरकार इसमें हर बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये का अनुदान दे रही है। मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा योजना की भी चर्चा की। कहा कि अब कोई भी माता निश्चिंत होकर जब चाहे अयोध्या, काशी, प्रयाग, विंध्याचल, देवीपाटन दर्शन करने जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर 60 लाख से अधिक महिलाओं के निशुल्क बस यात्रा करने की जानकारी देते हुए कहा कि यह सब तब संभव होता है जब खजाने में पैसा और अच्छी सरकार होती है।

    सीएम ने गोरखपुर के विकास की खूब की चर्चा
    लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद हुए गोरखपुर के विकास की खूब चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले यहां न बिजली आती थी और न ही अच्छी सड़कें थी। मरीजों के लिए इलाज और नौजवानों के लिए नौकरी का अभाव था। जबकि अब भरपूर बिजली आ रही है। सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित फोरलेन सड़कों का जाल बिछ चुका है। स्मार्ट सड़कों के साथ ऑटो मोड में ट्रैफिक, स्वच्छता आदि की निगरानी हो रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी सेवा मिल रही है, गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है। खाद कारखाना फिर से चल रहा है। चार विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। बाढ़ की समस्या का समाधान हुआ है। 2017 के पहले बदहाल रहा रामगढ़ताल अब फिल्मों की शूटिंग का केंद्र बन रहा है। गोरखपुर पर्यटन के एक नए हब के रूप में पहचान बना रहा है। सीएम योगी ने गोड़धोइया नाला परियोजना का भी उल्लेख किया। कहा कि इस नाला परियोजना से अब शहर के उत्तर में जलजमाव से मुक्ति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नौजवान को नौकरी भी मिल रही है तथा बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर भी संकट नहीं है।

    कल्याण मंडपम सकारात्मक परिवर्तन और जनसुविधा का प्रतीक 
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बशरतपुर कल्याण मंडपम को सकारात्मक परिवर्तन और जन सुविधा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह कल्याण मंडपम जहां बना है, वह जमीन काफी गहरी थी। अच्छी सोच से हुए कार्य के कारण अब यह शानदार उत्सव और सार्वजनिक आयोजन का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि इस कल्याण मंडपम के लिए उन्होंने ढाई करोड़ रुपये विधायक निधि से दिए हैं, बाकी पैसा जीडीए ने लगाया है। उन्होंने कहा कि कल्याण मंडपम, कम खर्च में होटल का शानदार विकल्प है। उन्होंने कहा कि तीन कल्याण मंडपम अभी निर्माणाधीन हैं और कुछ नए भी स्वीकृत होने वाले हैं। 

    सुरक्षा के साथ सुविधा भी देती है डबल इंजन सरकार : रविकिशन
    कल्याण मंडपम और अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार सुरक्षा, विकास व रोजगार के साथ सुविधा भी देती है। पीएम मोदी और सीएम योगी की सोच बिना भेदभाव, समाज के हर पात्र व्यक्ति को शासन की योजना से लाभान्वित करने की है। रविकिशन ने कहा कि यूपी में तीसरी बार सीएम योगी के नेतृत्व में सरकार बननी तय है। 

    सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिणाम है कल्याण मंडपम : डॉ. मंगलेश
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिकों को एक बेहतरीन सौगात के रूप में कल्याण मंडपम, सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिणाम है। उनके मार्गदर्शन में महानगर में कल्याण मंडपम की श्रृंखला खड़ी हो रही है। महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। 
    इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, जिला पंचायत की प्रशासक साधना सिंह, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, श्रीराम चौहान, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, नगर निगम की उपसभापति पूनम सिंह, जीडीए बोर्ड के सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज, भाजपा के महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। 
     
    सीएम ने फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण
    मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण और निरीक्षण कर यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की जानकारी ली। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने उन्हें मंडपम की विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम के परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। 

    आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है कल्याण मंडपम
    बशारतपुर कल्याण मंडपम का निर्माण 2593 वर्गमीटर भूमि पर 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक वास्तुकला से सुसज्जित कल्याण मंडपम दो तल में निर्मित है। यहां 300 से 500 लोगों की क्षमता के आयोजन हो सकेंगे। भूतल पर हाल, किचन, स्टोर, ऑफिस, चेंज रूम और महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए गए हैं। प्रथम तल पर एक हाल, अटैच्ड टॉयलेट और ड्रेसिंग रूम सहित छह कमरों का निर्माण कराया गया है। परिसर में मुख्य भवन के सामने एक आकर्षक फव्वारा भी बनवाया गया है। कल्याण मंडपम आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर अलग से पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। परिसर में लॉन भी विकसित किया गया है और फूल वाले पौधे लगाकर सजाया गया है। कल्याण मंडपम बनाने का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को विवाह, तिलक, मुंडन और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    सीएम के हाथों इन विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण

    -बशारतपुर कल्याण मंडपम (जीडीए), लागत 3 करोड़ 10 लाख रुपये।
    -जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में पार्क निर्माण, सड़क व नाली निर्माण और लाइटिंग के 14 कार्य, लागत 7 करोड़ 74 लाख 33 हजार रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, नलकूप स्थापना और इंडिया मार्क-टू हैंडपंपों की रीबोरिंग के 29 कार्य, लागत 39 करोड़ 90 लाख रुपये। 
    -नगर निगम की तरफ से बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, लागत 30 करोड़ 9 लाख रुपये।

    इन विकास कार्यों का हुआ शिलान्यास
    -जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में कराए जाने वाले पार्क सुंदरीकरण, सीसीटीवी कैमरा स्थापना सहित कुल 15 कार्य, लागत 2 करोड़ 74 लाख 68 हजार रुपये। 
    -नगर निगम की तरफ से 11.92 करोड़ रुपये से 41 सड़कों और नालियों का निर्माण, लागत 11 करोड़ 92 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से 47 पार्कों का सुंदरीकरण, लागत 7 करोड़ 60 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन, लागत 5 करोड़ 7 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से पथ प्रकाश के 7 कार्य, लागत 5 करोड़ 57 लाख रुपये।
    -नगर निगम की तरफ से पेयजल व जलभराव की समस्या को दूर करने के 13 कार्य, लागत 16 करोड़ 99 लाख रुपये।

  • रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त सफर की सौगात, शनिवार शाम तक 80 लाख यात्रियों ने किया सफर

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त सफर की सौगात, शनिवार शाम तक 80 लाख यात्रियों ने किया सफर

    रक्षाबंधन निशुल्क बस यात्रा: शनिवार शाम तक 80 लाख महिलाओं व सहयात्रियों ने उठाया सेवा का लाभ

    आंकड़ों का बढ़ना जारी, रात्रि 12 बजे तक जारी रहेगी परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा

    रक्षाबंधन के दिन 49.96 लाख से अधिक महिलाओं और सहयात्रियों ने की निशुल्क बस यात्रा

    गुरुवार व शुक्रवार को दो दिन में 59.23 लाख से ज्यादा लोगों ने उठाया योगी सरकार की योजना का लाभ

    बुजुर्ग महिलाओं को भी यात्रा के दौरान जारी किए गए ‘शून्य शुल्क टिकट’, निगम कर रहा योजना का प्रचार

    लखनऊ, 
     रक्षाबंधन के पावन पर्व पर योगी सरकार की ओर से महिलाओं और उनके सहयात्रियों को दी गई निशुल्क बस यात्रा की सौगात का लाभ प्रदेशभर में बड़ी संख्या में यात्रियों को मिला। 28 अगस्त को ही 49.96 लाख से अधिक महिलाओं और उनके सहयात्रियों को बिना किराया दिए यात्रा का अवसर मिला। 29 अगस्त की शाम 5 बजे तक करीब 80 लाख महिलाएं व सहयात्री इस सुविधा का लाभ उठा चुके थे। आंकड़ों के बढ़ने का क्रम जारी है, निशुल्क यात्रा सुविधा शनिवार रात 12 बजे तक जारी रहेगी।

    परिवहन निगम के मुताबिक 27 अगस्त को 9.26 लाख से ज्यादा महिलाओं व सहयात्रियों ने योजना का लाभ उठाया। इनमें 6.03 लाख से अधिक महिलाएं और 3.22 लाख से ज्यादा सहयात्री शामिल रहे। पहले ही दिन प्रदेशभर में लोगों ने इसका भरपूर लाभ लिया और योगी सरकार की सराहना की। इसके बाद 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन को निशुल्क यात्रा का लाभ लेने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। इस दिन 49.96 लाख से ज्यादा निशुल्क टिकट जारी किए गए। इनमें 32.47 लाख से अधिक महिलाएं और 17.48 लाख से ज्यादा सहयात्री शामिल रहे। यानी रक्षाबंधन के दिन ही करीब 50 लाख महिलाओं व सहयात्रियों को बिना किराया दिए यात्रा की सुविधा मिली।

    दो दिन में 59.23 लाख से ज्यादा यात्रियों को राहत
    27 और 28 अगस्त के उपलब्ध आंकड़ों को मिलाकर दो दिन में 59.23 लाख से अधिक टिकट जारी किए जा चुके हैं। इनमें 38.51 लाख से अधिक महिलाएं और 20.71 से अधिक सहयात्री शामिल हैं। योगी सरकार की निशुल्क बस यात्रा योजना ने बड़ी संख्या में परिवारों को त्योहार पर आर्थिक राहत देने के साथ बहनों को भाईयों के पास पहुंचने का रास्ता आसान किया।

    बुजुर्ग महिलाओं को भी मिली विशेष सुविधा
    शुक्रवार से ही ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ के तहत बुजुर्ग महिलाओं को भी निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। योजना के तहत परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को भी शून्य शुल्क वाले टिकट जारी किए गए, जिससे बुजुर्ग महिलाओं को भी त्योहार पर आवागमन में आर्थिक राहत मिली। 28 अगस्त को यात्रा करने वाली 32.47 लाख महिलाओं में वे भी शामिल हैं। परिवहन निगम इस योजना का तेजी से प्रचार-प्रसार भी कर रहा है, ताकि सभी पात्र महिलाएं इसका लाभ पा सकें।

    सुरक्षित यात्रा के लिए परिवहन निगम की खास तैयारी
    यूपीएसआरटीसी प्रधान प्रबंधक (संचालन) अनिल कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन पर यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। अधिक से अधिक बसों का संचालन, प्रमुख बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और यात्रियों की सुविधा पर विशेष निगरानी रखी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भीड़ को व्यवस्थित करने, बसों के संचालन और यात्रियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है।

    आंकड़े अभी और बढ़ने की उम्मीद
    तीन दिवसीय इस निशुल्क यात्रा के समग्र आंकड़े शनिवार रात 12 बजे तक काटे गए शून्य शुल्क टिकटों के इनपुट्स अपडेट होने के बाद सामने आएंगे। यह प्रक्रिया लगातार जारी है। ऐसे में लाभार्थियों की संख्या आगे और बढ़ने की पूरी संभावना है।

  • सीएम ने कहा- सपाई गुंडों ने यूपी को बनाया था अराजकता और लूट का माध्यम, हड़पते थे गरीब का हक

    सीएम ने कहा- सपाई गुंडों ने यूपी को बनाया था अराजकता और लूट का माध्यम, हड़पते थे गरीब का हक

    50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री

    सीएम योगी ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण, 1500 परिवारों को वितरित की राहत सामग्री व चिकित्सकीय किट

    सीएम ने कहा- सपाई गुंडों ने यूपी को बनाया था अराजकता और लूट का माध्यम, हड़पते थे गरीब का हक

    864 करोड़ खर्च के बाद भी अधूरा जेपीएनआईसी, इसे लूट-खसोट और अय्याशी का अड्डा बनाया गया था: सीएम योगी

    26 जिलों में 1.71 लाख से अधिक लोग और 251 गांव बाढ़ से प्रभावित, एक हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित शरणालयों में पहुंचाया: सीएम योगी

    घाघरा की ड्रेजिंग कर सिल्ट से मजबूत होंगे तटबंध, बाढ़ का होगा स्थायी समाधान, सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी: योगी

    सीएम बोले- पहले 36 से 40 जिलों में आती थी बाढ़, इस बार 26 जिले प्रभावित, जन-धन की क्षति न्यूनतम

    बलिया,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों को करीब 50-50 किलो राहत सामग्री के पैकेट उपलब्ध करा रही है, जबकि सपा सरकार में 500 ग्राम राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाती थी। गरीबों के हक की राहत सपा से जुड़े लोग हड़प लेते थे। आज हर आपदा में आवास समेत तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार गरीब, नौजवान, माता-बहनों और अन्नदाता किसानों के हक में संवेदनशीलता व ईमानदारी से काम कर रही है। अतिवृष्टि के कारण पिछले कुछ दिनों में करीब 26 जनपद बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सरकार लगातार व तेजी से राहत व बचाव कार्य में जुटी है। बाढ़ से 1.71 लाख से अधिक लोग और 251 गांव प्रभावित हुए हैं। एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित शरणालयों में पहुंचाया गया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बलिया में तीन विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई निरीक्षण करने के उपरांत 1500 बाढ़ पीड़ित परिवारो को राहत सामग्री और चिकित्सकीय किट वितरित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने आयोजन स्थल पर मौजूद बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की, उनका दुख साझा किया और सबको आश्वस्त किया कि किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं, सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है।

    जेपीएनआईसी को लूट-खसोट का अड्डा बनाने की कोशिश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था, सपा उसी की पिछलग्गू बन गई। जिन लोगों ने जयप्रकाश नारायण के सपनों को तार-तार किया,  सपा उन्हीं के साथ खड़ी है। इन्होंने जयप्रकाश जी के नाम को किस तरह लूट-खसोट का माध्यम बनाया था, लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएआईसी) उसका उदाहरण है। इस केंद्र की लागत मात्र 200 करोड़ थी। लेकिन, लुटेरी सपा सरकार ने उस पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए, और तब भी यह अधूरा रहा। उनकी मंशा जनता-जनार्दन के पैसे से बने इस केंद्र को लूट-खसोट व अय्याशी का अड्डा बनाना थी। ऐसी कोशिश भी की गई।

    जेपीएनआईसी सेंटर के लिए बनाई परिवार की कमेटी
    सीएम ने कहा कि जेपीएआईसी के संचालन से जुड़ी कमेटी में अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव और राजेंद्र चौधरी समेत कई लोगों को शामिल किया गया था। इस तरह केंद्र को व्यक्तिगत संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश हुई। अखिलेश को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। यूपी में संसाधनों व प्रतिभा की कमी कभी नहीं थी। प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जावान था, किसान मेहनती था तथा व्यापारी और उद्यमी बनने की क्षमता रखता था। इसके बावजूद पिछली सरकारों की नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश पिछड़ गया।

    सीएम ने किया बाढ़ग्रस्त गांवों का हवाई निरीक्षण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करते हुए आए हैं। बांसडीह, बलिया और बैरिया विधानसभा क्षेत्रों में कटान और जलप्लावन से प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने के बाद वह लोगों के बीच पहुंचे हैं। राहत कार्यों को लेकर वह लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संपर्क में रहे तथा कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी स्थिति की समीक्षा की। उद्देश्य यही रहा कि बाढ़ से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो।

    राहत किट में आटा-चावल से लेकर टॉर्च और छतरी तक
    सीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर की दाल, दो किलो चना, दो किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, दो नहाने के साबुन और एक तिरपाल शामिल है। इसके अलावा हल्दी, मिर्च, सब्जी मसाला, एक किलो रिफाइंड तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़े धोने के दो साबुन, तौलिया, सूती कपड़ा, डिस्पोजल बैग, डेटॉल और 10 किलो आलू भी दिया जा रहा है। राहत किट में ढाई किलो लाई, एक बाल्टी, एक मग, एक टॉर्च और एक छतरी भी उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावितों के लिए मेडिसिन किट में ओआरएस पाउडर और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि दूषित पानी से होने वाली समस्याओं से बचाव हो सके।

    सांप-बिच्छू के काटने से लेकर रेबीज तक की दवाओं का इंतजाम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य विषैले कीड़ों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कुत्ते के काटने और जंगली जानवरों के हमले की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसे देखते हुए सभी सीएचसी और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक और एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सरकार का प्रयास केवल लोगों को सुरक्षित बचाना ही नहीं, बल्कि उनके पशुधन को भी नुकसान से बचाना है। पशुओं के टीकाकरण, दवाओं और उनके लिए जरूरी खाद्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।

    गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था
    सीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का चिह्नीकरण किया जा रहा है। बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा उनकी विशेष देखभाल की व्यवस्था की जा रही है। यह कार्य इसलिए तेजी से हो पा रहा है, क्योंकि जनता ने अच्छे विधायक चुने हैं। राहत किट वितरण के दौरान हर व्यक्ति को करीब 50 किलो तक सामग्री दी गई है। यह सामग्री वाहनों के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाई जाएगी।

    दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत व्यवस्थाएं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आपदा और दुर्घटनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत व्यवस्थाएं लागू की हैं। सर्पदंश से मृत्यु पर तत्काल चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है। 2017 से पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु होने पर भी सरकार सहायता देती है। पागल कुत्ते के काटने से होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर भी राहत का प्रावधान है। ऐसे मामलों में परिवार को 24 घंटे के अंदर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

    बाढ़ या आकाशीय बिजली से किसान की मौत पर 5 लाख रुपये 
    सीएम ने कहा कि किसान, बटाईदार किसान या उनके परिवार के किसी सदस्य की बाढ़ अथवा आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाती है। बाढ़ के कारण मकान या झोपड़ी नष्ट होने पर सरकार तत्काल परिवार को नया मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी स्वीकृत किया जाता है। 

    घाघरा नदी की ड्रेजिंग पर विशेष जोर
    मुख्यमंत्री ने बलिया में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्री को इस संबंध में व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मैंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है और कई स्थानों पर घाघरा नदी को ड्रेजिंग के माध्यम से चैनलाइज करने की आवश्यकता दिखाई देती है। ड्रेजिंग से निकलने वाली सिल्ट को तटबंध के सामने उपयोग किया जाए। जरूरत वाले स्थानों पर बोल्डर से ठोकर बनाए जाएं, जिससे नदी के कटान को रोका जा सके और बाढ़ का खतरा कम हो।

    पहले 36-40 जिलों में आती थी बाढ़
    सीएम ने कहा कि पहले बारिश के दौरान 36-40 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनती थी, जबकि इस बार 26 जनपद प्रभावित हुए हैं। इस बार भी जन-धन की क्षति न्यूनतम रही है और जनहानि लगभग न के बराबर हुई है। सरकार का प्रयास है कि राहत और बचाव के साथ-साथ बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। बलिया के लोगों की प्रतिभा और ऊर्जा को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान और विकास कार्यों को गति देना जरूरी है।

    बलिया में बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया में बाबा भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी है। बलिया में बाबा भृगु धाम कॉरिडोर का निर्माण भी कराया जा रहा है। यह मंगल पांडे, चित्तू पांडे व जयप्रकाश नारायण की भूमि है। ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक विरासत को देखते हुए यहां विकास के साथ विरासत संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बलिया के सिताब दियारा को जेपी की पावन भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि मुझे वहां जाने के कई अवसर मिले हैं और जल्द ही वहां फिर कार्यक्रम बनाने की तैयारी है।

    बुजुर्ग महिलाओं को अब निशुल्क बस यात्रा सुविधा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर परिवहन निगम की बसों में माता-बहनों को तीन दिन तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। दो दिन में ही लाखों महिलाओं ने सहयात्रियों के साथ इस सेवा का लाभ उठाया। आज भी निशुल्क बस यात्रा की सुविधा जारी है। अगले दिन से 60 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। वे प्रदेश में कहीं भी यात्रा कर सकेंगी। जब जनता अच्छी सरकार चुनती है तो उसका लाभ राहत, सुरक्षा, जनकल्याण और विकास के रूप में दिखाई देता है।

    बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं
    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जिन लोगों के शासन में अराजकता फैली, युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ और बेटियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा प्रभावित हुई, वे किस मुंह से नौजवानों की बात करते हैं। डबल इंजन सरकार में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी ने बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया तो उसके लिए जेल या जहन्नुम ही जगह होगी। सपा शासन में हर जिले में माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिला दिया। अब प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया नहीं, बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज का दौर है।

    इस अवसर पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, दयाशंकर मिश्र दयालु, दयाशंकर सिंह, राज्य मंत्री दानिश आजाद, राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर, विधायक केतकी सिंह, विधायक हंसुराम, विधान परिषद सदस्य रवि शंकर (पप्पू सिंह) भाजपा जिला अध्यक्ष संजय मिश्र, राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

  • प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल और धर्मेंद्र यादव

    प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल और धर्मेंद्र यादव

    पत्रकारों के सवालों पर गाली-गलौच व हाथापाई पर उतारू हो जाते हैं अखिलेश: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री ने सलेमपुर व भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

    सुना है कि एक बार सच्चाई बताने पर पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी अखिलेश यादव ने: मुख्यमंत्री 

    नौकरियों की कमी नहीं, यूपीटीईटी की भर्ती का अधियाचन जा चुका, जल्द जारी होने वाला है विज्ञापन 

    पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 साल में 50 हजार बच्चों की मौत हुई, पर सपा का मुख्यमंत्री या कांग्रेस का प्रधानमंत्री झांकने नहीं आया 

    जनता का पैसा पानी की तरफ बहाता था ‘सैफई सिंडिकेट’, लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह है सपा

    प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर सरकारी खजाने पर डकैती डाल रहे थे अखिलेश-डिंपल और धर्मेंद्र यादव

    देवरिया
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सपा के ‘बबुआ’ 12 बजे सोकर उठते हैं। इससे उनका दिमाग भारी रहता है और वह झुंझलाते हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह गाली-गलौच व हाथापाई करने पर उतारू हो जाते हैं। मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने एक बार पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी। मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम करता है। यदि कोई सरकार-प्रशासन गलत करता है तो मीडिया उस ओर ध्यानाकर्षण कराती है, लेकिन जब मीडिया ने बबुआ की सच्चाई उजागर की तो उन्होंने पत्रकार के गले पर तलवार रख दी!

    मुख्यमंत्री शनिवार को सलेमपुर व भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बाबा दुग्धेश्वर नाथ की धरा पर उमड़े जनसमुद्र का अभिनंदन किया और 2017 के पहले की दुर्दशा और इसके बाद आए सकारात्मक बदलावों को भी बताया। सीएम ने कहा कि तब स्कूलों की जर्जर हालत तत्कालीन सरकारों की जर्जरता का प्रमाण ही प्रस्तुत करती थी।

    जो हाल जनता दल का हुआ था, वही सपा का होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी दरअसल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जिसमें एक ही परिवार के सब लोग मिलेंगे। सपा मुखिया कहते हैं कि एक ही परिवार के पांच सांसद हैं, इसीलिए पार्टी बची है। उन्हें खैर मनानी चाहिए कि सपा बची है,  वर्ना वही हाल होगा जो जनता दल का हुआ था। 

    जनता का पैसा पानी की तरफ बहाता था ‘सैफई सिंडिकेट’
    सीएम ने सपा के भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि लखनऊ में बने जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) की प्रारंभिक लागत मात्र 200 करोड़ थी। सपा ने इस पर 864 करोड़ खर्च कर दिए, तब भी यह अधूरा रहा। यह पैसा ‘सैफई सिंडिकेट’ का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का पैसा था। ये लोग जनता का पैसा पानी की तरफ बहाते थे। यदि अब सरकार उस पर पैसा लगाएगी तो कम से कम 150-200 करोड़ रुपये और खर्च होंगे। ये लोग सरकार के खजाने से 900-1000 करोड़ खर्च करके इसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को देना चाहते थे। 

    पाप करने वाले सपा मुखिया जनता से मांगें माफी 
    सीएम ने कहा कि सपा की मंशा थी कि सरकार के पैसे से बने जेपीएनआईसी को प्राइवेट कंपनी चलाएगी। इसमें होटल, क्लब, जिम आदि रहेगा और कमाई भी घर में ही जाएगी। अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव व इनके शागिर्द प्राइवेट कंपनी बनाकर प्रदेश के खजाने पर डकैती डाल रहे थे। 2017 में हमारी सरकार आई तो हमने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण को दे दिया, उसने जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद विज्ञापन निकाला। हम इस प्रोजेक्ट पर और पैसा खर्च करने को तैयार नहीं थे, बल्कि जो पैसा खर्च हुआ है वह भी सरकारी खजाने में आए, इसके लिए सरकार ने व्यवस्था प्रारंभ की है। जिस पैसे से युवाओं को रोजगार मिलता, फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर, विश्वविद्यालय आदि बनते, अपनी अय्याशी के लिए प्रदेश के खजाने में डकैती डालने का पाप करने वाले सपा मुखिया को जनता से माफी मांगनी चाहिए।

    एक लाख युवाओं को जल्द सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि नौकरियों की कमी नहीं है। जल्द ही एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी मिलेगी। इसमें 45 हजार होमगार्ड, 36 हजार पुलिस कार्मिकों (4 हजार सब इंस्पेक्टर भी) की भर्ती होगी। उप्र पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत अलग-अलग विभागों में 30 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। जल्द ही शिक्षकों की भर्ती भी करेंगे। यूपीटीईटी की परीक्षा में 13 लाख नौजवान उत्तीर्ण हुए हैं। इस भर्ती का अधियाचन जा चुका है, विज्ञापन जारी होने वाला है। इन नौजवानों के लिए भी जल्द ही नौकरी का खजाना निकलने वाला है। सरकार दो करोड़ नौजवानों को टैबलेट देगी। 50 लाख से अधिक नौजवान यह पा चुके हैं, 25 लाख का फिर से ऑर्डर दिया गया है। स्नातक अंतिम वर्ष के बच्चों को टैबलेट देंगे। अब कोई नौकरी में सेंध नहीं लगा पाता, सपा मुखिया को इसी बात की चिढ़ है। अब हर जनपद के नौजवानों को नौकरी मिलती है। नौजवान के लिए हर जगह नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। हर न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल एंटरप्रेन्योर के रूप में नौजवान को कार्य दिया जाएगा। 

    40 वर्ष में 50 हजार मासूमों की जान गई
    सीएम ने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती व सिद्धार्थनगर के लिए भय व दहशत का माहौल लेकर आता था कि इंसेफेलाइटिस न जाने किस बच्चे को निगल ले। माता-पिता भय के साये में जीने को मजबूर थे। यह सपा व कांग्रेस सरकारों की बीमार मानसिकता थी, जो मासूमों को निगलती थी, लेकिन इनकी संवेदना मर चुकी थी। 40 वर्ष में 50 हजार मासूमों की जान गई, लेकिन सपा का मुख्यमंत्री या कांग्रेस का मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री एक बार भी देखने या गरीब का हालचाल लेने नहीं आया। 2017 से पहले बच्चा नंगे पैर स्कूल जाता था, भवन जर्जर थे, बेटी स्कूल छोड़ देती थी, शिक्षक नहीं थे, गरीबों का राशन हड़प लिया जाता था। मुसहर, गरीब, वंचित, दलित भूख से दम तोड़ता था, लेकिन तत्कालीन सरकारें उसका हाल नहीं लेती थीं, बल्कि गरीबों का राशन बेचकर अपनी पार्टी को माफिया के हवाले कर चुकी थीं। माफिया समानांतर सत्ता चलाते थे।

    अब किसी माता-पिता को मासूम की चिंता नहीं करनी
    सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार हर बच्चे की फिक्र करती है। जुलाई हो या नवंबर, अब किसी माता-पिता को मासूम की चिंता नहीं करनी है। हमने इंसेफेलाइटिस (नवकी बीमारी) को सदैव के लिए समाप्त कर दिया है। सुशासन का परिणाम है कि गरीब को बिना मांगे राशन, बिजली, आवास, शौचालय और नौजवान को रोजगार व सरकारी नौकरी मिल रही है। हमने साढ़े 9 साल में साढ़े 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। लगभग तीन करोड़ युवा रोजगार प्राप्त कर रहा है। अब यहां उत्सव से पहले उपद्रव, दंगा-फसाद भी नहीं हो सकता।

    तुष्टिकरण नीति का विरोध करते थे कांग्रेस विधायक राघव बाबा
    सीएम ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार आने के बाद देवरिया में विकास कार्य नए प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। महर्षि देवरहा बाबा के नाम पर अब देवरिया में मेडिकल कॉलेज है। स्वाधीनता संग्राम सेनानी राघव बाबा कांग्रेस के विधायक थे, लेकिन कांग्रेस सरकार के विरोध के बावजूद उन्होंने दो-टूक कहा था कि राम आन-बान-शान के प्रतीक हैं। यदि कांग्रेस सरकार राम मंदिर के मार्ग में बाधा बनेगी तो वह स्वीकार नहीं करेंगे। वह रामजन्मभूमि आंदोलन में कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का खुलकर विरोध करते थे। 

    देश-दुनिया वाले कहते हैं- काश, मेरा भी जन्म यूपी में हुआ होता
    सीएम ने कहा कि अब यूपी को कोई बीमारू नहीं कहता। अब देश-दुनिया वालों के चेहरे की चमक बताती है कि वे यूपी के नाम पर खुश हैं। वे कहते हैं कि काश, मेरा भी जन्म यूपी में हुआ होता, हम भी रामराज्य का अनुभव करते। माफिया मिट्टी में मिल गए। व्यापारी व बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की एकमात्र जगह जेल है या जहन्नुम।

    लाखों महिलाओं ने की निःशुल्क बस यात्रा
    सीएम ने कहा कि परिवहन निगम की बसों में तीन दिन (27 से 29 अगस्त) तक सहयात्री के साथ निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई। पिछले दो दिनों में लाखों महिलाओं ने निशुल्क यात्रा का लाभ उठाया। आज भी निशुल्क बस सेवा जारी है। कल से 60 वर्ष से ऊपर की माताओं को निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार जनता के टैक्स का पैसा रिटर्न कर रही है। 16 करोड़ गरीबों को निशुल्क राशन मिल रहा है। अब कोई इनके राशन पर डाका नहीं डाल सकता।

    मंदिरों का पैसा कब्रिस्तान पर बहाती थी सपा
    सीएम ने जिनकी इच्छाशक्ति मर चुकी है, उनसे क्या ही उम्मीद रखना। जब कोई मुख्यमंत्री 16-18 घंटे मेहनत करेगा, तब सुरक्षा और परिवर्तन ला पाएगा। विधायकों से मांगे गए प्रस्तावों को हम तत्काल स्वीकृति देते हैं। सभाकुंवर जी के प्रस्ताव पर फ्लाईओवर को स्वीकृति दी। दुग्धेश्वर नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई है। सपा मंदिरों के सौंदर्यीकरण का पैसा कब्रिस्तानों पर बहाती थी। 

    लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह है सपा
    सीएम ने सपा को लूटखसोट का पर्याय और डकैतों का गिरोह बताया, कहा कि 2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा चलता था। बेटी की सुरक्षा को लेकर माता-पिता और भाइयों को चिंता रहती थी। जब हम 26 अगस्त को निशुल्क बस सेवा का शुभारंभ करने जा रहे थे, तब सपा के बबुआ की नींद टूटी और उन्होंने जल्दी-जल्दी ने प्रेसवार्ता बुलाई। उनको पता ही नहीं था कि क्या बोलना है, उन्होंने कहा कि लोगों से 40 हजार रुपये लेंगे। उन्हें पता ही नहीं था कि यह लेने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए कार्यक्रम है।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, विधायक सभाकुंवर कुशवाहा, डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, सुरेंद्र चौरसिया, दीपक कुमार मिश्र ‘शाका’, जिला पंचायत प्रशासक गिरीश चंद्र तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद, पूर्व सांसद रविंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

  • वृंदावन में बनेगा नया पुलिस सर्किल, मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश

    वृंदावन में बनेगा नया पुलिस सर्किल, मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश

    हर हाल में बदलनी होगी ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति, 05 वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों का प्राथमिकता से हो निस्तारण: मुख्यमंत्री

    जनशिकायतों के गलत निस्तारण पर मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश, 05 दिन में संबंधित जिले स्पष्टीकरण दें, असंतुष्ट मामलों का दोबारा परीक्षण होगा

    13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1% और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9% की कमी

    जोन और रेंज स्तर पर हर सप्ताह हो क्राइम एनालिसिस, महिला-बाल अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश

    मुख्यमंत्री का निर्देश, जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में बनाएं व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान, बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग कार्ययोजना जरूरी

    वृंदावन में बनेगा नया पुलिस सर्किल, मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश

    गणेश प्रतिमा विसर्जन में हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों को लेकर विशेष सतर्कता, संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल

    माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रखें, गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं पर 24×7 अलर्ट

    लखनऊ 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नायब तहसीलदार कोर्ट से लेकर राजस्व परिषद के न्यायालयों तक 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित कर नियोजित प्रयासों के साथ निस्तारित कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से धारा 33 के अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित कराने को कहा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार देर शाम शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तथा फील्ड में तैनात पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनहित से जुड़े विषयों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जनता दर्शन तथा आईजीआरएस में प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण करने से पहले संबंधित तथ्यों और अभिलेखों की विधिवत जांच की जाए तथा आवश्यक स्तर से रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए। 

    समीक्षा में ऐसे प्रकरण सामने आए, जहां मूल शिकायत के बजाय दूसरी जानकारी के आधार पर निस्तारण कर दिया गया अथवा आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही प्रकरण बंद कर दिया गया। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर तथ्यपरक आख्या प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में निस्तारण संतोषजनक नहीं है अथवा गलत आख्या के आधार पर प्रकरण बंद किया गया है, उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संबंधित जिलाधिकारी अथवा पुलिस कप्तान को भेजकर 05 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा जाए। प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला समाधान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है।

    बैठक में राजस्व परिषद की ओर से नायब तहसीलदार के न्यायालय से लेकर उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और राजस्व परिषद स्तर तक नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से संबंधित मामलों के निस्तारण की जिलावार स्थिति प्रस्तुत की गई। 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के लिहाज से शीर्ष 05 जिलों की स्थिति तथा प्रदेश में सबसे लंबे समय से लंबित शीर्ष 10 प्रकरणों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई।

    मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा स्वयं करने और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें वर्षों तक अधिकारियों तथा न्यायालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण में स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा।

    बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जनपदवार स्थिति का भी विश्लेषण किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था ने बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में कुल एफआईआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

    मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन हो और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और क्षेत्र में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर बिना किसी संकोच के कठोरतम कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई प्रभावी होने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी नजीर बननी चाहिए।

    आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए क्राउड कंट्रोल की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए। बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यकता के अनुसार होल्डिंग एरिया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित कर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती तथा मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थानों और पुलिस लाइनों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आस्था और श्रद्धा के भाव से मनाई जाए। थानों में आकर्षक झांकियां सजाई जाएं और इसमें आमजन को भी सहभागी बनाया जाए।

    गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए। वर्तमान में कई नदियों के उफान पर होने के दृष्टिगत विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सभी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की पहले से समीक्षा करने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा शरारती और अराजक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। मुख्यमंत्री ने स्लाटर हाउस की नियमित औचक जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ हों और राहत सामग्री की गुणवत्ता जिलाधिकारी स्वयं सुनिश्चित करें। राहत शिविरों में लोगों को भरपेट और गरम भोजन मिले। जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज की उपलब्धता सभी अस्पतालों में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए पशुपालन विभाग को तत्काल आवश्यक कार्य शुरू करने तथा बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाने के निर्देश दिए।

  • रक्षाबंधन के पर्व पर यूपी पुलिस की मुस्तैदी, कानून-व्यवस्था रही चाक-चौबंद

    रक्षाबंधन के पर्व पर यूपी पुलिस की मुस्तैदी, कानून-व्यवस्था रही चाक-चौबंद

    रक्षाबंधन पर दिखी यूपी में कानून-व्यवस्था की ताकत

    प्रो. सोनाली सिंह, राजनीति विज्ञान विभाग, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
    वाराणसी

    (भाई-बहन का पर्व मनाने के लिए आभूषणों से सज्जित महिलाएं, लेकिन सड़क हो या बस अड्डा, किसी बदमाश या शोहदे की हिम्मत नहीं कि उनके साथ चेन-स्नेचिंग, झपटमारी या छेड़खानी जैसी वारदात करने का दुस्साहस कर सके। रक्षापर्व पर योगी सरकार की तीन दिवसीय निशुल्क बस यात्रा के पहले दो दिन में करीब 60 लाख महिलाओं ने इसका लाभ उठाया, लेकिन कहीं कोई आपराधिक घटना नहीं। यही है योगी सरकार में क्राइम के प्रति जीरो टॉलरेंस मॉडल की सफलता का बेमिसाल उदाहरण।)

    उत्तर प्रदेश की पावन धरा पर रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, स्नेह और सुरक्षा का उत्सव है। इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को एक बड़ा उपहार देते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की सभी श्रेणी की बसों में तीन दिनों के लिए निशुल्क बस यात्रा की ऐतिहासिक घोषणा की। सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए न केवल महिलाओं को, बल्कि उनके साथ यात्रा कर रहे एक सहयात्री (चाहे वे उनके छोटे बच्चे हों या अन्य संबंधी) को भी तीन दिनों तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी। इस जनहितैषी निर्णय का प्रभाव पूरे प्रदेश में व्यापक और अभूतपूर्व रूप से देखने को मिला।

    सुरक्षा, सेवा व सम्मान का संगम
    इस महापर्व पर सुरक्षा, सेवा और सम्मान के संगम की एक अनोखी तस्वीर उभरकर सामने आई। आंकड़ों के अनुसार, निशुल्क यात्रा के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही लगभग 60 लाख महिलाओं और उनके सहयात्रियों ने परिवहन निगम की बसों में सफर कर इस राज्यव्यापी सुविधा का भरपूर लाभ उठाया। बस अड्डों और मुख्य मार्गों पर यात्रियों का भारी जमावड़ा रहा, लेकिन उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस महकमे की पूर्व-तैयारियों के कारण यह विशाल यातायात सुचारु और अत्यंत व्यवस्थित ढंग से संचालित हुआ। हर जिले, कस्बे और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बहनें बिना किसी आर्थिक या व्यावहारिक चिंता के अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने आसानी से आ-जा सकीं।

    महिलाओं को मिली संपूर्ण सुरक्षा
    इस पूरे अभियान और उत्सव की सबसे अभूतपूर्व और खास बात जो सामने आई, वह थी यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की संपूर्ण सुरक्षा। अक्सर त्योहारों के मौके पर जब सार्वजनिक परिवहन में लाखों की भारी भीड़ उमड़ती है, तब झपटमारी,  चेन स्नेचिंग, चोरी, पॉकेटमारी, सामान गायब होने या महिलाओं के साथ छेड़खानी और अभद्रता जैसी घटनाएं आम हो जाती हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश की परिवहन बसों और बस अड्डों से इन दो-तीन दिनों के दौरान अपराध की एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। इतने विशाल जनसैलाब के बीच एक भी आपराधिक वारदात का न होना न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह आम जनता के मन में व्यवस्था के प्रति गहरे विश्वास को भी उजागर करता है।

    अराजक तत्वों में शासन-प्रशासन का खौफ
    बसों और बस अड्डों में शून्य अपराध की यह उपलब्धि किसी संजोग का परिणाम नहीं है, बल्कि यह पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में स्थापित हुए योगी सरकार के 'क्राइम पर जीरो टॉलरेंस मॉडल' की एक बहुत भारी और प्रत्यक्ष सफलता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून व्यवस्था के क्षेत्र में जो नए मानक तय किए हैं, यह घटनाक्रम उसी का जीवंत प्रमाण है। राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश की बेटियों, महिलाओं और नागरिक की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इसी नीति का खौफ असामाजिक तत्वों और अपराधियों के मन में इस कदर बैठा हुआ है कि भीड़भाड़ वाले संवेदनशील मौकों पर भी कोई अपराध करने का दुस्साहस नहीं कर पाता।

    तैनात रहा अभेद्य सुरक्षा चक्र
    इस दौरान प्रदेश भर के प्रमुख बस टर्मिनलों, डिपो और महत्वपूर्ण चौराहों पर पुलिस प्रशासन, महिला पुलिस बल (पिंक पैंथर्स/मिशन शक्ति की टीमें) और परिवहन विभाग के अधिकारियों का एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैनात रहा। तकनीक का आधुनिक इस्तेमाल, सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे निगरानी, इंटेलिजेंस इनपुट और बस अड्डों से लेकर यात्रा के रास्तों पर निरंतर गश्त ने अपराधियों के मन में डर और आम यात्रियों के मन में सुरक्षा की भावना पैदा की। महिला यात्रियों ने बिना किसी भय के देर रात तक सुरक्षित यात्रा की और सरकार की इस सशक्त व्यवस्था पर संतोष जताया। यह भी एक तथ्य है कि अनगिनत महिलाओं ने भयमुक्त होकर बिना किसी सहयात्री के बस सेवा का लाभ उठाया।

    अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय
    रक्षाबंधन के इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और प्रशासनिक तंत्र चुस्त-दुरुस्त हो, तो किसी भी विशाल आयोजन को बिना किसी विघ्न और अपराध के सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकता है। करीब 60 लाख से अधिक महिलाओं का सुगम, सम्मानजनक और पूरी तरह से भयमुक्त सफर उत्तर प्रदेश के सुशासन का नया प्रतीक बन चुका है। योगी सरकार का यह सुरक्षा और सेवा मॉडल आज न केवल प्रदेश के नागरिकों के मन में अपनी सरकार के प्रति गहरा विश्वास पैदा कर रहा है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी जनसेवा, नारी सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

  • फ्लू की आशंका पर योगी सरकार सतर्क, अस्पतालों में दवाओं-ऑक्सीजन का स्टॉक भरपूर

    फ्लू की आशंका पर योगी सरकार सतर्क, अस्पतालों में दवाओं-ऑक्सीजन का स्टॉक भरपूर

    फ्लू को लेकर यूपी में अलर्ट, अस्पतालों में दवा-ऑक्सीजन का पर्याप्त स्टॉक

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की तैयारियों की समीक्षा

    स्वास्थ्य निदेशालय में वर्चुअल माध्यम से प्रदेश भर के चिकित्साधिकारियों के साथ की बैठक 

    कहा- स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में, घबराएं नहीं, अस्पताल में संपर्क करें

    लखनऊ,
    प्रदेश में मौसमी फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में इलाज और जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने  प्रदेशभर के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थिति की समीक्षा की और अस्पतालों में ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू), ऑक्सीजन, नेबुलाइजर, ऑक्सीजन मास्क और ब्रोंकोडायलेटर्स का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए।
    प्रदेश में मरीजों की संख्या को देखते हुए संबंधित जिलों में अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रखने और संसाधनों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ भर्ती सभी गंभीर मरीजों की फ्लू जांच सुनिश्चित की जाए। इन्फ्लुएंजा-लाइक इलनेस और सांस संबंधी संक्रमण वाले मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों में लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय से एंटीवायरल दवाएं शुरू की जाएं।

    ज्यादा मामले वाले जिलों में अलग ओपीडी
    जिन जिलों में फ्लू के मामले अधिक हैं, वहां श्वसन संबंधी शिकायत वाले मरीजों के लिए अलग ओपीडी संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मरीजों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार को सुगम बनाने के साथ अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गंभीर मरीजों के उपचार के लिए प्रत्येक जिले में जिला एवं संयुक्त अस्पताल स्तर पर चार से छह आइसोलेशन बेड तैयार रखने को कहा है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर मरीजों के इलाज में दवा, ऑक्सीजन या अन्य आवश्यक उपकरणों की कमी न हो।

    फ्लू-बुखार मरीजों के लिए अलग रजिस्ट्रेशन काउंटर
    उपमुख्यमंत्री ने अस्पतालों में बुखार और फ्लू से संबंधित मरीजों के लिए अलग रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य मरीजों का पंजीकरण जल्द कराकर उन्हें बिना अनावश्यक इंतजार के चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराना है।

    डिप्टी सीएम ने की होप सेंटर से ऑनलाइन मॉनिटरिंग
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के कैसरबाग स्थित स्वास्थ्य भवन में स्थापित केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर होप (हेल्थ ऑनलाइन पैरामीटर इवैल्यूएशन) पहुंचकर प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की। उन्होंने चिकित्साधिकारियों से अस्पतालों में दवा, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी ली तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।

    नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष सतर्कता
    नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को इन क्षेत्रों में फ्लू एवं बुखार के मामलों की प्रभावी निगरानी करने को कहा गया है। साथ ही नेपाल अथवा उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रत्येक मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को अस्पतालों में मास्क, हाथों की स्वच्छता और खांसी के शिष्टाचार के प्रति मरीजों एवं तीमारदारों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और फ्लू की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 
    समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. पवन कुमार अरुण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, शीघ्रता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव, हर व्यक्ति की समस्या का समाधान कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता और शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने हर पात्र व्यक्ति को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने और जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 200 लोगों से मिले। कुर्सियों पर बैठे लोगों तक वह खुद गए। उनकी समस्याओं व शिकायतों को ध्यान से सुना। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि हर पीड़ित की समस्या का पारदर्शी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। 

    जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। इन लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का एस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए, सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ लोग पारिवारिक विवादों के मामले भी लेकर आए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पारिवारिक विवादों में सर्वप्रथम सबंधित पक्षों के बीच संवाद कराने की पहल की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़
    गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से पूड़ी-गुड़ खिलाया।

    मुख्यमंत्री ने योजनाओं के लाभार्थियों को दिया चेक, चाबी, प्रमाणपत्र व सहायता राशि
    देवरिया, 29 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र-सहायता राशि, किट व चेक आदि प्रदान किया। इस दौरान लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। 

    सीएम के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…

    सुशील कुशवाहा- कृषि यंत्र के लिए 4 लाख रुपये का अनुदान
    जिज्ञासा सिंह- नियुक्ति पत्र 
    लकी कुमार- नियुक्ति पत्र 
    प्रियंका गुप्ता- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
    उमा देवी- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
    चंदा देवी- आशा वर्कर को भी उपहार 
    शांति देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 
    गुड़िया देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 

    मुख्यमंत्री ने किया स्टॉलों का निरीक्षण, योजनाओं के बारे में ली जानकारी 
    मुख्यमंत्री ने मझौलीराज में जनसभा स्थल पर लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल पर जाकर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्टॉल पर भी पर एक उद्यमी को पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया।