Category: उत्तर प्रदेश

  • चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला संभव, आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने की तैयारी

    चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला संभव, आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने की तैयारी

    लखनऊ 

    चुनावी साल में आधी आबादी को साधने के लिए प्रदेश सरकार एक और बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 50 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

    इस फैसले से प्रदेश की करीब 1.89 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 1.67 लाख सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल में ही उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने की घोषणा की थी। इसी के क्रम में विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर वित्त, कार्मिक और न्याय विभाग के स्तर पर सहमति मिल चुकी है।

    मानदेय वृद्धि से प्रदेश सरकार के खजाने पर सालाना 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। खास बात यह है कि प्रस्तावित बढ़ोतरी का पूरा अतिरिक्त भार राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी और इसके लिए केंद्र सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।

    इतना हो जाएगा मानदेय
    वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 8 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 4500 रुपये और राज्य सरकार की 3500 रुपये है। प्रस्ताव के अनुसार राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी 3500 से बढ़ाकर 5500 रुपये कर देगी, जिससे कुल मानदेय 12 हजार रुपये हो जाएगा। इसी तरह सहायिकाओं के मानदेय में राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी में 2 हजार रुपये की वृद्धि करेगी और उन्हें कुल 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

    महिला मतदाताओं पर बढ़ा फोकस
    सरकार के इस संभावित फैसले को केवल आर्थिक राहत के रूप में नहीं, बल्कि चुनावी साल में महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का नेटवर्क गांवों से लेकर शहरी मोहल्लों तक फैला है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे इस बड़े महिला वर्ग को राहत देने के साथ सरकार को अपने महिला सशक्तीकरण और कल्याणकारी कार्यों को प्रमुखता से रेखांकित करने का अवसर मिलेगा।

  • योगी का दावा- लखनऊ बना ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र, यूपी देश के विकास का ग्रोथ इंजन

    योगी का दावा- लखनऊ बना ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र, यूपी देश के विकास का ग्रोथ इंजन

    लखनऊ
     रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ को सौ करोड़ से अधिक रुपयों की सौगात दी। राजनाथ सिंह के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने योजनाओं का शिलान्यास किया।

    दिलकुशा ग्राउंड पर आयोजित समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज लखनऊ की ऐतिहासिक धरती पर एक साथ अनेक योजनाओं का शिलान्यास हुआ है। लखनऊ की गति और प्रगति को पूरे यूपी से जोड़कर देखता हूं। यदि यहां के किसी प्रतिनिधि ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ये काम होना चाहिए, उन्होंने दिल खोलकर काम किया है। केंद्र और राज्य सरकार की सोच एक दिशा में चलती है तो विकास की गति कई गुणा बढ़ जाती है।

    उन्होंने कहा कि यह 12 परियोजनाएं एक संकल्प हैं। आज भारत विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आज से दस से 12 वर्षों पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को इतनी गंभीरता से नहीं लेते थे, आज विश्व कान खोलकर सुनता है। विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों से शुरू होकर हर मुहल्ले तक पहुंचना चाहिए। समय बदलता है, शहर बदलते है और जरूरत बदलते हैं इसलिए नियम बदलते रहते हैं।

    लखनऊ सहित देश भर में बिल्डिंग बाइलाज बदल दिया है। अब ज्यादा ऊंचाई के मकान बन सकते हैं। बदलाव केवल इमारतों से नहीं हमारी पहचान में भी होता है।लखनऊ छांवनी परिषद ने पांच बाजार के नाम बदल दिया है। नाम बदलना केवल बोर्ड बदलना मात्र नहीं है। यह स्मृति को बदलना जैसा होता है। कोई ऊदा देवी बाजार का नाम सुनेगा तो उनके बलिदान को याद करेगा।

    आधुनिक मिसाइल ब्रह्मोस का केंद्र भी लखनऊ : योगी आदित्यनाथ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों के अंदर प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने अपनी एक नई यात्रा सुरक्षा और सुशासन की तय की है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज से 20 वर्ष पहले रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लगा होता था मुस्कुराइये आप लखनऊ में हैं। शंकरी गलियां, जाम और गंदगी को देखकर रोने का मन करता था। लखनऊ में आज सकरी गलियां भी हैं तो आउटर रिंग रोड भी है। ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइल का केंद्र भी लखनऊ बना है।

    उन्होंने कहा कि यूनेस्को ने लखनऊ के कुजीन को मान्यता दी है। अटल जी के सपनों को साकार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन से हो रहा है। हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह से स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। बदलते विश्व परिवेश में लखनऊ में जिन सुविधाओं की आवश्यकता थी, वो आज निरंतर प्राप्त हो रही है। पिछले नौ वर्ष के अंदर हमने उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है, 2017 से उत्तर प्रदेश की पहचान का संकट था, पहले अराजकता थी, उपद्रव था, अभाव था, आज उत्तर प्रदेश इकोनामी का ग्रोथ रेट का इंजन बन गया है।

    यूपी के पास 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे का नेटवर्क 
    देश की 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे का नेटवर्क यूपी के पास है, सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और मेट्रो यूपी में है। देश की पहली रैपिड रेल और वाटर वे यूपी में प्रारंभ हुआ है।हमारे पास 17 घरेलू और पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। देश में सैनिक स्कूल की शुरुआत यूपी से प्रारंभ हुई थी, आज यूपी के अंदर कई सैनिक स्कूल भावी अधिकारी तैयार कर रही है। अब छावनी परिषद को किसी तरह के फंड की कमी नहीं होगी। लखनऊ की छावनी परिषद आदर्श बनेगी, इज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त करेगी।

    बाहर से आने वाले देखते हैं लखनऊ का विकास : ब्रजेश पाठक
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अटल जी का लखनऊ को संवारने का सपना राजनाथ सिंह जी पूरा कर रहे हैं। लखनऊ का विकास बाहर से आने वाले लोग देखते हैं। छावनी में आयोजित 100.92 करोड़ रूपये की योजनाओं का शिलान्यास करते हुए समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार का पहला दायित्व अपने नागरिकों की रक्षा करना। जब दुश्मन की गोली आती है और उसका जवाब गोले से देने का आदेश हमारे चीफ ने दिया होता है, तो आंतरिक सुरक्षा और मजबूत होती है। बागपत में आर्म्ड फोर्स में चयन की तैयारी का प्रयोग सफल हुआ है, 65 प्रतिशत बच्चों का चयन हुआ है। इसे लखनऊ में भी शुरू करेंगे।

  • केंद्र-राज्य की सोच एक दिशा में हो तो कई गुना बढ़ती है विकास की गति: रक्षा मंत्री

    केंद्र-राज्य की सोच एक दिशा में हो तो कई गुना बढ़ती है विकास की गति: रक्षा मंत्री

    लखनऊ के विकास में सीएम योगी का सबसे बड़ा सहयोग: राजनाथ सिंह

    रक्षामंत्री ने कहा- विकास व सुशासन के नए मानदंड स्थापित करता रहेगा उत्तर प्रदेश

    केंद्र-राज्य की सोच एक दिशा में हो तो कई गुना बढ़ती है विकास की गति: रक्षा मंत्री

    लखनऊ,
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में जो विकास कार्य हुए हैं, उसमें सबसे बड़ा सहयोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है। उन्होंने वह सब किया, जो कहा था। लखनऊ के हर कार्य में उन्होंने दिल खोलकर सहयोग किया और समय-समय पर समीक्षा भी की। केंद्र व राज्य सरकार की सोच एक दिशा में होने पर विकास की गति स्वाभाविक रूप से कई गुना बढ़ जाती है। रक्षा मंत्री रविवार को मुख्यमंत्री के साथ लखनऊ छावनी के लिए करीब 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं भूमि पूजन अवसर पर जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत मिलकर विकास के कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करता रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित भारत के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज से 10-12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज भारत जब बोलता है तो पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी परियोजनाएं और आधुनिक इमारतें नहीं, बल्कि इसका मतलब है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, हर परिवार तक स्वच्छ पानी पहुंचे, युवाओं को खेलने और प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और दिव्यांग बच्चों को यह महसूस न हो कि वे समाज से पीछे हैं। विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों से शुरू होकर हर मोहल्ले, बस्ती और परिवार तक पहुंचनी चाहिए।

    तीन से पांच मंजिल तक निर्माण की राह खुली
    राजनाथ सिंह ने कहा कि समय के साथ शहरों और लोगों की जरूरतें बदलती हैं, इसलिए नियमों में बदलाव भी जरूरी है। लखनऊ सहित छावनी क्षेत्रों में नई व्यवस्था लागू की गई है। पहले जहां तीन मंजिल तक निर्माण का प्रावधान था, अब पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति दी गई है। लखनऊ छावनी क्षेत्र अपनी विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ तेजी से आगे बढ़ेगा।

    ब्रिटिश काल के बाजारों को मिली नई पहचान
    रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलाव केवल इमारतों में नहीं, पहचान में भी होना चाहिए। लखनऊ छावनी में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम बदलकर स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े व्यक्तित्वों के नाम पर किए गए हैं। 

    12 परियोजनाएं नहीं, 12 संकल्प
    राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ
    छावनी के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली ये 12 परियोजनाएं लखनऊ कैंट के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता हैं। इन परियोजनाओं के जरिए स्वच्छ छावनी, बेहतर जलापूर्ति, बच्चों के बेहतर भविष्य, युवाओं को खेल और प्रतिभा दिखाने के अवसर, सम्मानजनक नागरिक सुविधाएं तथा आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ती छावनी का संकल्प पूरा किया जाएगा।

  • 223 SC छात्रावासों की होगी मरम्मत और सुविधाओं का विस्तार, योगी सरकार ने मंजूर किए 12.45 करोड़

    223 SC छात्रावासों की होगी मरम्मत और सुविधाओं का विस्तार, योगी सरकार ने मंजूर किए 12.45 करोड़

    अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के 223 छात्रावासों का होगा कायाकल्प, योगी सरकार ने मंजूर किए 12.45 करोड़

    रखरखाव व मरम्मत के लिए स्वीकृत की धनराशि, विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर आवासीय वातावरण: राज्यमंत्री असीम अरुण
        
    पेयजल, बिजली, शौचालय, रंग-रोगन, सुरक्षा व सफाई आदि सुविधाओं पर होगा फोकस

    गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे होंगे कार्य, पढ़ाई के अनुकूल बनेगा छात्रावासों का माहौल

    लखनऊ, 
     अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी 223 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों के रखरखाव, मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 12.45 करोड़ रुपये की बजट स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार की इस पहल से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और अध्ययन के अनुकूल वातावरण मिलने की उम्मीद है।

    क्षमता के अनुसार होगा धनराशि का आवंटन

    छात्रावासों में विद्यार्थियों की क्षमता के आधार पर रखरखाव और मरम्मत के लिए धनराशि जारी की जाएगी। इसके तहत 50 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावासों को प्रति छात्रावास पांच लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्रावासों की जरूरत के अनुसार आवश्यक सुधार कार्य कराए जा सकेंगे।

    बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

    स्वीकृत बजट से छात्रावासों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने, विद्युत उपकरणों की मरम्मत एवं सुधार, शौचालयों की मरम्मत, रंग-रोगन तथा सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े जरूरी कार्य कराए जाएंगे। इन सुविधाओं के मजबूत होने से विद्यार्थियों को बेहतर दैनिक सुविधाएं मिलेंगी और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा। योगी सरकार की प्राथमिकता अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सम्मानजनक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। छात्रावासों में सुविधाओं का सुधार इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 

    रखरखाव और मरम्मत के कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता पर जोर

    समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि छात्रावासों में रखरखाव और मरम्मत के सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं। बजट स्वीकृति से सभी 223 छात्रावासों की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार होगा।

  • 2027 की तैयारी में JDU ने कसी कमर, मेरठ में दिखा पार्टी का शक्ति प्रदर्शन

    2027 की तैयारी में JDU ने कसी कमर, मेरठ में दिखा पार्टी का शक्ति प्रदर्शन

    मेरठ

     जनता दल यूनाइटेड (JDU) उत्तर प्रदेश के संगठनात्मक विस्तार एवं आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर आज मेरठ जनपद के खंडोली गांव में मेरठ मंडल सम्मेलन एवं स्वागत-अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री, JDU विधायक दल के नेता एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी  श्रवण कुमार जी तथा जनता दल यूनाइटेड उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष  अनूप सिंह पटेल जी का पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

    इस अवसर पर दोनों वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा प्रदेश अध्यक्ष  प्रशांत कुमार सिंह जी का भी स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट किए गए तथा भगवान राम के साथ बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान मुद्रा में विराजमान भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम का संचालन जनता दल यूनाइटेड उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला अध्यक्ष चौधरी रियाजुद्दीन एडवोकेट जी ने किया। सम्मेलन में मेरठ मंडल प्रभारी  कुशवाहा जी, प्रदेश सचिव एवं सहारनपुर मंडल प्रभारी  कपिल देव जैन जी, युवा प्रदेश अध्यक्ष  प्रशांत कुमार सिंह जी, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी जयवीर सिंह जी सहित विभिन्न जनपदों के जिला अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    “जिला अध्यक्षों के हाथ मजबूत करें और संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाएं” — श्रवण कुमार

    कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए JDU के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री  श्रवण कुमार जी ने कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की सक्रियता और समर्पण से होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अपने-अपने जिलों के जिला अध्यक्षों के साथ मजबूती से खड़े हों तथा पार्टी की नीतियों, विचारधारा एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाएं।

    उन्होंने कहा कि बिहार में माननीय मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय, सुशासन, विकास एवं सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। बिहार सरकार द्वारा लिए गए जनहितकारी एवं सामाजिक सुधार से जुड़े निर्णयों को जनता तक पहुंचाना JDU कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

     श्रवण कुमार जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड लगातार अपने संगठन का विस्तार कर रही है। यदि पार्टी नेतृत्व द्वारा निर्णय लिया जाता है तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की विभिन्न विधानसभा सीटों पर JDU अपने प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव की घोषणा का इंतजार किए बिना अभी से संगठन निर्माण में पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया।

    “एक बूथ–10 यूथ” से मजबूत होगा संगठन — अनूप सिंह पटेल

    JDU उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष  अनूप सिंह पटेल जी ने जिला अध्यक्षों एवं प्रदेश पदाधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां अभी से प्रारंभ करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक शक्ति उसका बूथ स्तर का कार्यकर्ता होता है। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में “एक बूथ–10 यूथ” अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए और प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार की जाए।

    प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिला अध्यक्ष अपने-अपने जनपदों में संगठन का विस्तार करते हुए विधानसभा, मंडल, सेक्टर एवं बूथ स्तर तक सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां प्रदान करें। संगठन को मजबूत, अनुशासित एवं सक्रिय बनाकर JDU को उत्तर प्रदेश में एक प्रभावी राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।

    मेरठ में संगठन विस्तार का जिला अध्यक्ष ने दिया भरोसा

    मेरठ जिला अध्यक्ष चौधरी रियाजुद्दीन एडवोकेट जी ने प्रदेश नेतृत्व को आश्वस्त किया कि मेरठ जनपद में JDU के संगठन को गांव-गांव एवं बूथ-बूथ तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज किया जाएगा तथा संभावित विधानसभा क्षेत्रों, सक्रिय कार्यकर्ताओं एवं संगठनात्मक तैयारियों का विस्तृत विवरण प्रदेश नेतृत्व को उपलब्ध कराया जाएगा।

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय, अनुशासन एवं एकजुटता के साथ पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की अपील की।

    सहारनपुर टीम की भी रही सक्रिय सहभागिता

    मेरठ के खंडोली में आयोजित सम्मेलन में JDU जिला सहारनपुर के जिला अध्यक्ष  अहसान अली जी के नेतृत्व में सहारनपुर की टीम ने भी सक्रिय सहभागिता की।

    इस अवसर पर अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, जिला सहारनपुर के अध्यक्ष चौधरी मेहरबान जी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सहारनपुर टीम की सक्रिय भागीदारी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक समन्वय एवं विस्तार की दिशा में पार्टी की बढ़ती सक्रियता का संदेश दिया।

    2027 के लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प

    सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के समर्थन में उत्साहपूर्वक नारे लगाए तथा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत एवं सक्रिय बनाने का संकल्प लिया।

    मेरठ मंडल सम्मेलन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड की संगठनात्मक सक्रियता, विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी की गंभीरता एवं रणनीतिक दिशा को स्पष्ट रूप से सामने रखा।

     

     

  • सीएम ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत

    सीएम ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत

    सपा के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है जेपीएनआईसी: सीएम योगी

    जयप्रकाश नारायण के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता, जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं: मुख्यमंत्री

    रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ सीएम योगी ने किया वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण, पुष्पांजलि भी अर्पित की

    जाति के नाम पर समाज को बांट रही सपा, हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं: सीएम योगी

    सीएम ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत

    लखनऊ, गोरखपुर व बदायूं में वीरांगनाओं के नाम पर गठित की गईं तीन महिला पीएसी बटालियन

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अड्डा जैसा बना दिया था। एक महापुरुष के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। 

    मुख्यमंत्री रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले जयप्रकाश नारायण के नाम पर सपा शासनकाल में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ खर्च करने के बावजूद यह अधूरा रहा। जिस काम को 18 महीने में पूरा होना था, वह दो साल बाद भी अधूरा था। सेंटर पर सपा का कब्जा रखने के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

    जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं
    सीएम योगी ने कहा कि जेपीएनआईसी पर खर्च हुए 864 करोड़ रुपये सैफई सिंडिकेट के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हैं। जनता के पैसे पर किसी राजनीतिक दल को डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती। सरकार ने कमेटी भंग कर इस सेंटर को वापस लिया है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के मार्गदर्शन में इसे संचालित कर जयप्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के खजाने से खर्च धनराशि की वसूली का प्रयास किया जाएगा। सरकार ने जिन लोगों के हाथ से खजाना छीन लिया, वे अब अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

    दंगा-कर्फ्यू, जातीय राजनीति सपा की पहचान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडीए के नाम पर समाज को बांटने वाली सपा के लोगों ने कभी महापुरुषों का सम्मान तक नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर सपा नेताओं के मुंह से श्रद्धांजलि का एक शब्द नहीं निकला, एक ट्वीट तक नहीं किया। सपा दंगों की बादशाह है। कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत रही है। खाली जमीनों पर सपाई गुंडों का कब्जा और महिलाओं- बेटियों में भय का माहौल पिछली सरकार की सबसे बड़ी पहचान रहा है।

    मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डबल इंजन की भाजपा सरकार मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन से जुड़ा अभियान है। जब बेटी को सुरक्षा मिलती है तो उसमें संरक्षण का भाव पैदा होता है। सम्मान मिलने पर वह अपने जीवन की दिशा स्वयं तय करती है और जब उसे स्वावलंबन के अवसर मिलते हैं तो वह अपनी गति को प्रगति में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ती। आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दिखाई दे रहा बदलाव इसी सशक्तीकरण का परिणाम है। हम बीमारू छवि से निकल कर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बने हैं।

    प्रेरित करेगी वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा
    सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को समर्पित है, जिसका लोकार्पण मोदी जी ने किया। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं देश की अखंडता, अंत्योदय और सुशासन की प्रेरणा देती हैं। इसी तरह वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा भारतीय नारी की गरिमा, शौर्य और तेजस्विता का प्रतीक बनकर देशवासियों को प्रेरित करेगी। 

    पीएसी में तीन महिला बटालियन गठित
    सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा कार्य करती है। सपा सरकार के समय दंगाइयों की काल बनी पीएसी को समाप्त करने की चेष्टा की गई। भाजपा सरकार ने पीएसी की सभी 54 कंपनियों को पुनर्गठित किया। साथ ही तय किया कि पीएसी में बेटियां भी नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। इसी क्रम में प्रदेश में वीरांगनाओं ऊदा देवी, झलकारी बाई व अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं। इनमें एक लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में निर्माण के अंतिम चरण में है।

    50 हजार बेटियों को मिलेगी स्कूटी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी प्रदान की जाएंगी। 27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन व माता को परिवहन निगम व सिटी बस सेवा में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। अब 60 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू कर दी गई है।

    वीरांगना ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की चूलें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन देश की स्वतंत्रता और नारी शक्ति के अदम्य साहस का प्रतीक है। मात्र 26 वर्ष की उम्र में अवंतीबाई लोधी ने प्रथम स्वातंत्र्य समर में नेतृत्व करते हुए अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। बैरकपुर में मंगल पांडे ने जो चिंगारी प्रज्वलित की, उसे झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने आगे बढ़ाया। मेरठ में धनसिंह गुर्जर कोतवाल के नेतृत्व में यह संघर्ष और विस्तृत हुआ। झांसी व ग्वालियर के बीच वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने इसी संघर्ष का नेतृत्व किया। उनका जीवन हमें एकजुट रहने की प्रेरणा देता है। अगर हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं।

    अवंतीबाई से कल्याण सिंह तक महापुरुषों का सम्मान
    सीएम योगी ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी के सम्मान में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ ने विधान भवन के सामने उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित कराई थी। अलीगढ़ में उनके नाम पर स्टेडियम का निर्माण भी कराया जा रहा है। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लखनऊ में तिरंगा फहराने वाले अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के सम्मान में उन्नाव के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया गया है। बुलंदशहर में कल्याण सिंह की स्मृति में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया है। लखनऊ के कैंसर संस्थान का नाम भी बाबूजी के नाम पर रखा गया और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कराई गई है।

    महापुरुषों के प्रति श्रद्धा-सम्मान की भावना जीवंत रहे
    मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय लोधी महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के आयोजकों का आभार जताते हुए समाज की एकता और महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी और श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह ने समाज की एकता को मजबूती देने के साथ राष्ट्र को भी सशक्त बनाने का कार्य किया। इन महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व सम्मान की भावना आने वाली पीढ़ियों में भी जीवंत रहे, इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित भाजपा पदाधिकारी, लोधी महासभा के प्रतिनिधि, विधायक और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

  • CM योगी बोले- यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन, लखनऊ में विकास परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

    CM योगी बोले- यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन, लखनऊ में विकास परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

    लखनऊ 
    यूपी की राजधानी लखनऊ में आज सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ छावनी को 'मॉडल छावनी' के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं के भूमिपूजन एवं शिलान्यास किए। इसको लेकर लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के सपनों को साकार कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि यूपी में विकास तेजी से हो रहा है और देश में ग्रोथ इंजन यूपी है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों के अंदर पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में यूपी ने अपनी एक नई यात्रा- सुरक्षा, सुशासन की तय की है। जब हम प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देखते हैं, आज से 20 वर्ष पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड पर लिखा होता था मुस्कुराईए आप लखनऊ में हैं। तब लखनऊ के जाम, लखनऊ की संकरी गलियां और लखनऊ के अंदर गंदगी को देखकर लोगों को मुस्कुराने की बजाय रोने के लिए मजबूर होना पड़ता था। आज मैं कह सकता हूं लखनऊ ने अपनी पुरानी विरासत के साथ ही आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी एक पहचान को बनाया है। वे गलियां है लेकिन साथ में स्मार्ट रोड, सीएम ग्रिड की रोड भी लखनऊ के अंदर मौजूद हैं। लखनऊ की संकरी गलियां भी हैं तो किसान पथ जैसा लखनऊ का एक आउटर रिंग रोड भी है।

    सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ के अंदर उदादेवी पासी और महाराजा बिजली पासी की स्मारक की धरोहर है तो दूसरी ओर भारत की रक्षा और आत्मनिर्भरता के दृश्य से बरह्मोस मिसाइलों का भी केंद्र लखनऊ बना है। छावनी परिषद में वेस्ट मैनेजमेंट की एआई बेस्ड तैयार हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि इस साल के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह से स्वच्छ बनाया जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के बाद यूपी में तेजी से विकास हुआ है। लखनऊ स्मार्ट सिटी के रूप में उभरा है और अब यूपी देश का ग्रोथ इंजन है। भाजपा सरकार में तेजी से विकास हो रहा है। लखनऊ आधुनिक मिसाइलों का केंद्र बन चुका है। गोमती नदी को साफ कराएंगे, लखनऊ अब पूरी तरह बदल गया।

    सीएम योगी ने लखनऊ छावनी को आदर्श छावनी परिषद के रूप में विकसित करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम करने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में 24 घंटे जुटे सैनिकों और उनके परिवारों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है। छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

  • जनता को मुख्यमंत्री का आश्वासन, बोले- परेशान होने की जरूरत नहीं, हर समस्या सुलझेगी

    जनता को मुख्यमंत्री का आश्वासन, बोले- परेशान होने की जरूरत नहीं, हर समस्या सुलझेगी

    परेशान मत हों, हर समस्या का कराएंगे प्रभावी समाधान : मुख्यमंत्री

    गोरखपुर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

    अधिकारियों से बोले सीएम योगी, शीघ्रता और पारदर्शिता से हो जनता की शिकायतों का निस्तारण

    गोरखपुर
    गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित अनुष्ठान ‘जनता दर्शन’ का क्रम जारी रखा। रविवार को भी उन्होंने करीब दो सौ लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आत्मीय भरोसा दिया। उन्होंने लोगों से कहा कि परेशान मत हों, हर शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। इस दौरान सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं का समाधान शीघ्रता और पारदर्शिता से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    रविवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। 

    जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दिया। 

    भोलू को दुलारकर बोले सीएम, कैसा हमेशा गुस्से में रहता है
    गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान रविवार सुबह जनता दर्शन लगाकर जनसेवा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। मंदिर की गोशाला में रूठे से नजर आ रहे भोलू नाम के एक नंदी को सीएम योगी ने स्नेहिल भाव से खास तौर पर दुलारा। उन्होंने हाथ मे गुड़-रोटी लेकर भोलू को पुकारा और बोले, कैसा हमेशा गुस्से में रहता है। गोसेवा के दौरान मुख्यमंत्री ने भोलू सहित अन्य गोवंश और गायों को रोटी-गुड़ खिलाया।

  • ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषदः सीएम योगी

    ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषदः सीएम योगी

    इस वर्ष के अंत तक स्वच्छ हो जाएगी गोमती नदी: मुख्यमंत्री 

    रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास व भूमि पूजन

    उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में तय की सुरक्षा, सुशासन की नई यात्राः मुख्यमंत्री

    सीएम ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी, कहा- सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में साकार हुए अटल जी के सपने 

    ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषदः सीएम योगी 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। सेना की मध्य कमान ने गोमती नदी की अविरलता व स्वच्छता के लिए प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग दिया है, जिससे यह कार्यक्रम युद्ध स्तर पर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा तय की है। 20 वर्ष पहले राजधानी में रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लिखा होता था कि ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों व गंदगी को देखकर मुस्कुराने के बजाय लोग रोने को मजबूर होते थे। किंतु अब लखनऊ ने पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।

    मुख्यमंत्री ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करना है। एआई बेस्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा यहां स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी प्रारंभ होने जा रही है। सीएम ने विश्वास जताया कि लखनऊ की छावनी परिषद ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रसर होगी। सीएम ने कहा कि यह छावनी परिषद अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी, जिससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों व सिविलियन को यहां हर महत्वपूर्ण सेवा मिलेगी। बदलते हुए परिवेश में लखनऊ में इन सुविधाओं की आवश्यकता थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी व रक्षा मंत्रालय की तरफ से ये प्राप्त हो रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह जी के नेतृत्व में अटल जी के सपनों को साकार किया गया है। लखनऊ में संकरी गलियां हैं तो सीएम ग्रिड की स्मार्ट रोड भी है। किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है। यहां ऊदा देवी पासी व महाराजा बिजली पासी के स्मारकों की धरोहर है तो दूसरी ओर लखनऊ भारत की रक्षा आवश्यकता व आत्मनिर्भरता की दृष्टि से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी बना है। यहां हस्तशिल्पियों की चिकनकारी की अद्भुत कला है तो यूनेस्को ने ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता देकर लखनऊ को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है। 

    9 वर्ष में यूपी को नई दिशा देने का प्रयास 
    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले जिस प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता, अव्यवस्था, उपद्रव था, आज वह प्रदेश इन सबसे उबर चुका है। हमने 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। अब यूपी भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। भारत की आत्मनिर्भरता के लिए यूपी में छह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी स्थापित हो रहे हैं। 

    इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बना यूपी की पहचान
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जा रहा है। देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं, इनमें 60 फीसदी यूपी के पास हैं। यहां रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो भी हैं। सीएम ने भारत सरकार से मेट्रो के द्वितीय चरण की स्वीकृति दिलाने के लिए रक्षा मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कार्य भी बहुत जल्द आगे बढ़ने जा रहा है। देश की पहली रैपिड रेल, पहला वाटर-वे और सबसे बड़ा एयरकनेक्टिविटी नेटवर्क यूपी के पास है। यहां 17 घरेलू व 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। यूपी से देश-दुनिया के सभी क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है। 

    सैन्य बलों में यूपी की लीडिंग पोजिशन
    सीएम ने कहा कि सैन्य बलों की सेवाओं में यूपी हमेशा लीडिंग पोजिशन में रहा है। देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत डॉ. संपूर्णानंद ने यूपी से की थी। यूपी में बने कई सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान देंगे। हमारी सेना के अधिकारी व जवान 24 घंटे अनवरत भारत की रक्षा करते हैं। पहले उनकी सुविधा के लिए फंड की कमी आड़े आती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

    इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मध्य कमान) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, भारतीय रक्षा संपदा सेवा की महानिदेशक शोभा गुप्ता आदि की मौजूदगी रही।

  • IIT-IIM से IAS तक का सफर खत्म, दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा; वजह पर साधी चुप्पी

    IIT-IIM से IAS तक का सफर खत्म, दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा; वजह पर साधी चुप्पी

     लखनऊ
    यूपी के तीन जिलों में डीएम के पद पर सेवा दे चुकी आईएएस दिव्या मित्तल ने आईएएस से रिजाइन कर दिया है। रविवार को उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से इसकी जानकारी हुई तो पूरे यूपी में हलचल मच गई। दिव्या मित्तल ने त्यागपत्र देने की जानकारी के साथ एक अंतिम चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं। हालांकि, इसमें कहीं यह जिक्र नहीं किया है कि उन्होंने रिजाइन क्यों किया।

    कौन हैं आईएएस दिव्या मित्तल?
    यूपी की चर्चित आईएएस अधिकारियों में गिनी जाने वाली दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस हैं, जिन्हें 2015 में कंफर्मेशन मिला और मेरठ में ज्वांइट मजिस्ट्रेट के पद नियुक्त किया गया। मूलरूप से दिल्ली की रहने वाली 42 वर्षीय दिव्या मित्तल यूपी में तीन जिलों संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम से पीजीडीएम किया है।

    कहां-कहां मिली पोस्टिंग?
    पद / स्थान                                           अवधि
    मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट                        नवंबर 2015 से मई 2017
    गोंडा में सीडीओ                                 मई 2017 से अप्रैल 2018
    कानपुर नगर में संयुक्त प्रबंध निदेशक (UPSIDC)     अप्रैल 2018 से फरवरी 2019
    बरेली में उपाध्यक्ष (बरेली विकास प्राधिकरण)     फरवरी 2019 से सितंबर 2020
    संत कबीर नगर में डीएम एवं कलेक्टर     सितंबर 2020 से सितंबर 2022
    मिर्जापुर में डीएम एवं कलेक्टर     सितंबर 2022 से सितंबर 2023
    लखनऊ में प्रतीक्षा सूची में     सितंबर 2023 से फरवरी 2024
    लखनऊ में सीईओ (UPRRDA)     फरवरी 2024 से जुलाई 2024
    देवरिया में डीएम एवं कलेक्टर     जुलाई 2024 से मई 2026
    लखनऊ में विशेष सचिव (राजस्व विभाग)     मई 2026 से अब तक
    दिव्या मित्तल ने चिट्‌ठी वाली पोस्ट का पूरा वर्जन

    आईएएस दिव्या मित्तल ने लिखा,
        ‘आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।

        साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।

        बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है।

        मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूँ। सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज़ और भी बढ़ता गया। लोग मेरी ख़ुशी में मुझसे ज़्यादा ख़ुश हुए। उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी। और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी। और इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे।

        आज आभार से आँखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध माँ, जो अपने गाँव में पहली बार पानी पहुँचता देख कुछ नहीं बोली, बस काँपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।