Category: उत्तर प्रदेश

  • संवाद के जरिये योगी सरकार नारी सशक्तीकरण को दे रही नई दिशा

    संवाद के जरिये योगी सरकार नारी सशक्तीकरण को दे रही नई दिशा

    लखनऊ

    प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार की पहल को शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से भी गति मिल रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महिलाओं से जुड़े संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक सहभागिता और नारी वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना रहा। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने विषय पर अपने विचारों को निबंध के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। छात्राओं के उत्साह ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

    भाषा विभाग की पहल से विचार व जागरूकता को मिला मंच

    उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा महाविद्यालय के साथ मिलकर आयोजित यह कार्यक्रम भाषा, लेखन और सामाजिक जागरूकता को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को अपने विचारों को शब्दों में अभिव्यक्त करने के साथ ही महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे समसामयिक विषय पर चिंतन का अवसर मिला।

    विजेताओं को पुरस्कार व प्रतिभागियों को मिलेंगे प्रमाणपत्र

    भाषा विभाग के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र 1 सितंबर को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं को कॉपी और पेन वितरित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

  • चार दिन बारिश से सराबोर रहेगा यूपी, 132 MM तक बरसा पानी; कई जिलों में जलभराव का खतरा

    चार दिन बारिश से सराबोर रहेगा यूपी, 132 MM तक बरसा पानी; कई जिलों में जलभराव का खतरा

    लखनऊ 
     यूपी में अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), लखनऊ के अनुसार 31 अगस्त से चार सितंबर तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।

    आईएमडी के मुताबिक 31 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है। एक सितंबर को भी दोनों अंचलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दो से चार सितंबर के दौरान दोनों अंचलों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त को प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर और रायबरेली तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

    वाराणसी, जौनपुर, अमेठी में भारी बारिश
    वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, वाराणसी, जौनपुर और अमेठी में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है। एक सितंबर को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, रायबरेली और अमेठी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।

    132 किलोमीटर दर्ज की गई बारिश
    दो सितंबर को बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तीन और चार सितंबर को भी दोनों अंचलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। आईएमडी के बारिश के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोमवार को प्रयागराज के कोरांव में सबसे अधिक 132 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चित्रकूट के राजापुर में 67 और कर्वी में 66 मिलीमीटर, अंबेडकर नगर के अकबरपुर में 63.4, प्रतापगढ़ के पट्टी में 63, अकबरपुर में 60, सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में 60 और सुलतानपुर के लंभुआ में 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

    कहां-कितनी हुई बारिश
    प्रयागराज में 54.5, बांदा के बदुसा में 47.6, कौशाम्बी के चायल में 43.5 और प्रतापगढ़ के लालगंज आरा में 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा वाराणसी के राजघाट में 36.6, प्रयागराज के हंडिया में 36, बांदा के अतर्रा में 35, चित्रकूट के मानिकपुर में 35, फतेहपुर के बिंदकी में 34.7, बांदा में 34.6, गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में 34 और उन्नाव के पुरवा में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। अयोध्या में 33, जौनपुर के शाहगंज में 18.2, कानपुर में 18.2, गोरखपुर में 13.9 तथा मिर्जापुर में 11.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 149.4 मिलीमीटर बारिश मुरादाबाद में दर्ज हुई। मुरादाबाद वेधशाला में 47 और मुरादाबाद में 36.5 मिलीमीटर बारिश हुई। रामपुर में 32.5, मुरादाबाद के बिलारी में 31.2, हमीरपुर के मौदहा में 28, मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में 27 और बिजनौर के नजीबाबाद में 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

    कई जिलों में वज्रपात की संभावना
    मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान घर के भीतर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और संभव हो तो यात्रा से बचने की सलाह दी है। खुले स्थानों में पेड़ के नीचे आश्रय नहीं लेने तथा बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव, नदियों-नालों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा सड़कों पर जलभराव और फिसलन के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विभाग ने लोगों को निचले और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से दूर रहने तथा जलमग्न सड़कों और उफनते पुलों से बचने की सलाह दी है। आईएमडी ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। भारी बारिश से गन्ने में जलभराव के कारण जड़ों में सड़न और फसल गिरने, अरहर में उकठा एवं जड़ गलन, मक्का में पौधों के गिरने तथा धान में लंबे समय तक जलभराव से वृद्धि प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों की फसलों में भी अधिक नमी और जलभराव से रोग तथा फसल क्षति का खतरा बताया गया है।

  • योगी ने बहराइच को दी रेल कनेक्टिविटी की सौगात, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    योगी ने बहराइच को दी रेल कनेक्टिविटी की सौगात, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    बहराइच
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन नेपालगंज से वाराणसी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा चार नई ट्रेनों के संचालन का शुभारंभ किया। बहराइच सांसद आनंद गोंड ट्रेन में सवार होकर बहराइच के लिए रवाना हुए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों का लोकार्पण कार्यक्रम सपने साकार करने जैसा है। मित्र राष्ट्र नेपाल की वर्तमान त्रासदी के प्रति संवेदना व्यक्त करने का अवसर है। मित्र देश समेत कई देशों के लोगों को आपदा का शिकार होना पड़ा। सबसे पहले नेपाल के त्रासदी में अपनी परिवार के सदस्यों को खोया है, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। सुखदुख में हम सब साथ मिलकर चलेंगे।

    उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से मित्र राष्ट्र नहीं हैं। हमारी सांझी सांस्कृतिक विरासत है। उस भगवान पशुपति नाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से गोरखपुर तक, जनकपुर से लेकर अयोध्या तक आज ही देश के अंदर अस्मरण करते हैं। इस सांझी विरासत का आदर भी करते हैं। इलाके के लिए दशकों से सपने देखने के लिए लालायित थे, पीढ़ियां चली गईं। आज उस सपने को साकार करते हुए नई पीढ़ियां देख रही हैं।

    आजादी के बाद भी महाराजा सुहेलदेव याद नहीं आए
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहराइच-नानपारा-नेपालगंजरोड आजादी देश की सत्ता संचालन बहराइच करता था। सुहेलदेव एक हजार वर्ष पहले उन्होंने विदेशी आक्रांता को मिट्टी में मिलाने का काम किया था। विदेशी आकांताओं से धरती को मुक्त कराया था। आजादी के बाद भी महाराजा सुहेलदेव को स्मृति नहीं किया। सलार मसऊद के नाम पर मेले व उर्स लगवाकर अपमानित करने का काम किया जाता था। आज विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं हो रहा है, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का मेला लग रहा है। देश व दुनिया से श्रद्धालु आ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह क्षेत्र ही विकास से वंचित रह गया। मीटर गेज में विकास किया गया, नेपाल की कनेक्टविटी नहीं हो पाई गई। मीटरगेज लाइन पूर्व की सरकारों की देन है। बार्डर क्षेत्र उनके लिए भले ही अंतिम क्षोर रहा हो, हमारे लिए बहराइच का क्षेत्र का रुपईडीहा भारत का प्रवेश द्वार रहा है।
    बहराइच से नानपारा और नेपालगंजरोड ब्राड गेज लाइन को लोकार्पण कराया। रुपईडीहा को जोड़ने का काम कर रहा है। इन ट्रेन सेवा के कारण इलाके की कनेक्टिविटी होती है तो वह हमें गति देता है जब गति एक सकारात्मक दिशा अपने गंतव्य की ओर से बढृती है तो प्रगति का आधार बनती है। केवल रेलवे ही नहीं है बल्कि भारत व नेपाल के सांस्कृतिक संसाधनों को मजबूती प्रदान करेगी।

    जिन चार अन्य रेल की घोषणा की है सुरक्षा और सुविधा के लिए ही नहीं पूरे क्षेत्र के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। व्यपार, पर्यटन, कृषि को नया आयाम मिलेगा। कतर्निया इको टूरिज्म तक की पहुंच को और आसान करेगा। अयोध्या, वाराणसी व गोरखपुर को जोड़ने का काम करेगा। सामाजिक और आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका होगी। बहराइच व खलीलाबाद के बीच नई रेल लाइन बिछ रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारं माफिया पालते थे, आज मेडिकल कालेज बन रहे हैं। इलाकों में जेई का कहर ढाता था और मासूम बच्चे जान गंवाते थे। अज्ञात बीमारी बताकर बीती सरकार उस फाइल बंद कर देती थी। हमने आंखें नहीं फेरी, धूल नहीं झोंका, बीमारी आज के समय में अज्ञात नहीं हो सकती है। यूपी माफिया समाप्त हुआ है तो जेई बीमारी समाप्त हो गई।

  • प्रभावितों को अब तक 3.02 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए, 55 हजार से ज्यादा खाद्यान्न पैकेट भी बांटे

    प्रभावितों को अब तक 3.02 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए, 55 हजार से ज्यादा खाद्यान्न पैकेट भी बांटे

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही उनके लिए भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था लगातार की जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक रविवार तक प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक प्रदेश में कोई जनहानि नहीं व पशुहानि नहीं होने पाई है। योगी सरकार की निगरानी में राहत कार्य प्रभावित क्षेत्रों में लगातार जारी हैं। 

    वर्तमान में बाढ़ से करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार का पूरा जोर प्रभावित आबादी को तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने और लोगों को सुरक्षित रखने पर है। इसके लिए प्रभावित इलाकों में अब तक कुल 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। इन चौकियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

    बाढ़ पीड़ितों तक भोजन पहुंचाने के लिए व्यापक इंतजाम

    बाढ़ जैसी आपदा में सबसे बड़ी जरूरत प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने की है। योगी सरकार ने इस मोर्चे पर भी व्यापक इंतजाम किए हैं। रविवार की स्थिति के मुताबिक 2,024 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 10,784 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। अब तक कुल 55,572 खाद्यान्न पैकेट और 3.02 लाख लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।

    इससे राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। प्रशासन द्वारा जरूरत के अनुसार राहत सामग्री का वितरण लगातार किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने के बावजूद लोगों को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े।

    स्वास्थ्य सेवाओं को भी रखा गया सक्रिय

    राहत कार्यों के साथ सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 200 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5,432 क्लोरीन टैबलेट तथा 5,441 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रमण से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मेडिकल टीमों की तैनाती और क्लोरीन टैबलेट तथा ओआरएस के वितरण से प्रभावित आबादी को तत्काल स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    525 नाव-मोटरबोट से राहत-बचाव अभियान

    बाढ़ के कारण जिन क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां राहत एवं बचाव कार्य के लिए 525 नाव एवं मोटरबोट लगाए गए हैं। इनके माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पहुंच बनाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

    254 बाढ़ शरणालय स्थापित

    प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं। इनमें से 46 शरणालय वर्तमान में संचालित हैं। संचालित शरणालयों में 1,151 लोग रह रहे हैं, जबकि अब तक लगभग इतनी ही संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

    बाढ़ से प्रभावित जिले

    30 अगस्त की स्थिति के अनुसार प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं। इन सभी जिलों में प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में लगातार जुटी हैं।

    पशुओं के लिए भी राहत इंतजाम

    योगी सरकार के राहत अभियान में प्रभावित पशुओं को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में प्रभावित 20,556 पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

    क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी सहायता

    बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों में अब तक 12 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 11 मामलों में क्षतिग्रस्त मकानों के सापेक्ष सहायता वितरित की जा चुकी है। वहीं राहत आंकड़ों में बाढ़ से अब तक जनहानि और पशुहानि शून्य दर्ज की गई है।

  • यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद, तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

    यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद, तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर वर्ष 2017 में इसकी स्थापना से अब तक ₹1 लाख करोड़ (₹1 ट्रिलियन) से अधिक की खरीद दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है। देश के सभी राज्यों द्वारा जेम के माध्यम से की गई कुल खरीद में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस, ट्रांसपेरेंसी, एफिशियंसी और इन्क्लूसिव पब्लिक प्रोक्योरमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

    तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान

    उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश को मिले पुरस्कारों में- जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड शामिल हैं। इन पुरस्कारों को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव शशिभूषण लाल सुशील ने प्राप्त किया।

    योगी सरकार के सुशासन मॉडल की बड़ी उपलब्धि

    उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल सरकारी खरीद के आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे योगी सरकार के गुड गवर्नेंस और डिजिटल गवर्नेंस मॉडल की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जेम के व्यापक उपयोग से सरकारी विभागों की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी, सरल और जवाबदेह बनाने में मदद मिली है। सरकारी खरीद में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक प्रक्रियाओं में होने वाली जटिलताओं को कम करने, अधिक विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा का अवसर देने और सरकारी संस्थानों को बेहतर कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

    ₹1 लाख करोड़ की खरीद ‘वैल्यू फॉर मनी’

    जेम पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों ने डिजिटल खरीद व्यवस्था को बड़े पैमाने पर अपनाया है। इसके माध्यम से खरीद प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी, कम्पीटीशन, एफिशियंसी और ‘वैल्यू फॉर मनी’ को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। योगी सरकार की नीति के अनुरूप सरकारी खरीद को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के साथ-साथ छोटे और स्थानीय कारोबारियों को भी सरकारी बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    एमएसएमई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिले अवसर

    जेम के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद को केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित रखने के बजाय एमएसएमई, महिला उद्यमियों, एससी/एसटी वर्ग द्वारा संचालित उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए भी अवसरों का विस्तार किया है। इस व्यवस्था से छोटे उद्यमों को देशभर के सरकारी खरीदारों तक पहुंच बनाने का डिजिटल मंच मिला है। इससे प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार का दायरा बढ़ा है और उन्हें राज्य के बाहर भी अपने उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिला है।

    क्षमता निर्माण पर भी जोर

    उत्तर प्रदेश की सफलता में ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में समय-समय पर अधिकारियों, विभागों और अन्य हितधारकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, ताकि जेम की सुविधाओं और प्रक्रियाओं का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। इसी दिशा में किए गए प्रयासों को ‘बेस्ट आउटरीच इनिशिएटिव फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ राष्ट्रीय पुरस्कार के माध्यम से मान्यता मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार और जेम के बीच लगातार बेहतर होते समन्वय ने प्रदेश में सार्वजनिक खरीद सुधारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समावेशी और परिणाम आधारित बनाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

  • श्रीकृष्ण के जीवन से लें कर्म और कर्तव्य की प्रेरणा, सीएम योगी ने विकसित यूपी का संकल्प लेने की अपील की

    श्रीकृष्ण के जीवन से लें कर्म और कर्तव्य की प्रेरणा, सीएम योगी ने विकसित यूपी का संकल्प लेने की अपील की

    लखनऊ 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। पाती के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। साथ ही विकसित, समृद्ध और गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की। सीएम ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन लोक कल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा देता है। इसी भावना के अनुरूप प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा देने, उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने, प्रतिभाशाली और निपुण युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, अन्नदाताओं को सहारा देने तथा बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए कार्य कर रही है।

    समरसता और समानता का संदेश
    सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, बल्कि समरसता के प्रतीक हैं। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़े होकर समानता और आत्मीयता का संदेश दिया। द्वारकाधीश होने के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण सुदामा के आत्मीय मित्र बने रहे। उनकी मित्रता बताती है कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं। उन्होंने कहा कि समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की भी आवश्यकता है।

    बाल लीलाओं में छिपा जीवन का संदेश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सत्य और धर्म का प्रकाश प्रकट हुआ। उनकी बाल लीलाएं केवल आनंद देने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि इनमें गहरे जीवन संदेश छिपे हैं। माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता, जबकि गोप-गोपियों के साथ आत्मीयता प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। कालिय नाग के दमन की लीला अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।

    सामूहिक एकजुटता से मिलती है शक्ति
    सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन बताता है कि समाज की वास्तविक शक्ति सामूहिक सहकारिता और एकजुटता में निहित है। गोवर्धन पर्वत धारण कर उन्होंने प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा सामूहिक एकजुटता के जरिए बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने की प्रेरणा देती है।

    कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग दिखाया
    उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मानवता को कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका संदेश हर युग में व्यक्ति और समाज को सही दिशा प्रदान करता है। उत्तर प्रदेश की धरती श्रीकृष्ण की लीलाओं की पावन भूमि है। मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव आज भी सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं।

  • सीएम योगी और बच्ची के बीच संवाद से खिलखिला उठे हॉल में मौजूद लोग, सभी ने सीएम के वात्सल्य की प्रशंसा की

    सीएम योगी और बच्ची के बीच संवाद से खिलखिला उठे हॉल में मौजूद लोग, सभी ने सीएम के वात्सल्य की प्रशंसा की

    लखनऊ
    ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अति मानवीय रूप देख अन्य आगंतुक अपनी पीड़ा भूल गए। सीएम योगी का यह रूप देख किसी की भावनाएं आंसुओं के जरिए निकल पड़ीं तो किसी ने अपनी कुर्सी से ही हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के प्रति आभार जताया। दरअसल अयोध्या से आए एक भाई-बहन जनता दर्शन में पहुंचे। भाई ने मुख्यमंत्री से बताया कि उनकी बहन गंभीर रूप से बीमार हैं। वह बहन को लेकर लखनऊ आए हैं, उन्हें जल्द से जल्द इलाज की आवश्यकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने पीड़िता को तत्काल लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज भी शुरू हो गया है। 

    मुख्यमंत्री आवास से तत्काल अस्पताल भेजी गईं पीड़िता, इलाज हुआ शुरू
    अयोध्या से आए श्याम सोनकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी बहन बबिता कुछ दिनों से अयोध्या में भर्ती थीं, डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया है। परिवार अत्यंत गरीब है, इसलिए इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने आवास से तत्काल पीड़िता को एंबुलेंस से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान गोमती नगर भिजवाया। मुख्यमंत्री का निर्देश मिलने के बाद डॉक्टरों की देख-रेख में मरीज का इलाज प्रारंभ हो गया। मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिजनों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। 

    *बहन के एडमिट होते ही भाई की आंखों में आ गए आंसू, फोन करके दिया धन्यवाद*
    बहन बबिता के एडमिट होते ही उनके भाई श्याम ने चैन की सांस ली। डॉक्टरों को उन्होंने पूरी बीमारी आदि के बारे में विस्तृत रूप से बताया। इलाज की प्रक्रिया प्रारंभ होते ही श्याम की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने फोन करके मुख्यमंत्री आवास को इसकी जानकारी भी दी और धन्यवाद भी ज्ञापित किया। 

    धन की कमी के कारण नहीं रुकेगा किसी का इलाज
    ‘जनता दर्शन’ में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण कराकर शासन में उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि धन की कमी के कारण किसी का इलाज नहीं रुकेगा।  

    चॉकलेट पाकर खिलखिला उठी मासूम
    ‘जनता दर्शन’ में एक मासूम अपनी मां के साथ आई थी। सीएम ने उनकी मां की समस्या सुनी, फिर बच्ची से मुखातिब हुए और दुलारा-पुचकारा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चॉकलेट मंगाई और उसके सामने रैपर खोलना शुरू कर दिया। सीएम के हाथ में चॉकलेट देखकर बच्ची खिलखिला उठी। बाबा और बच्ची के संवाद को देख अपना दर्द भूल सभी पीड़ित व अनय लोग मुस्कुरा उठे। सभी ने बच्चों के प्रति मुख्यमंत्री योगी के वात्सल्य की खूब प्रशंसा की।

  • मुख्यमंत्री ने पाती लिखकर प्रदेशवासियों को दीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने पाती लिखकर प्रदेशवासियों को दीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाती लिखकर प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को जीवन में उतारते हुए विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन लोक कल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा देता है। इसी भावना के अनुरूप सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और सुरक्षा देने के साथ गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने, प्रतिभासंपन्न व निपुण युवाओं को काम, अन्नदाताओं को सहारा और बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए कार्य कर रही है।

    समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की आवश्यकता
    सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, समरसता के प्रतीक हैं। वह समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़े रहे। द्वारकाधीश होते हुए भी सुदामा के आत्मीय मित्र बने रहे। सुदामा से उनकी मित्रता यह संदेश देती है कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता से नहीं, बल्कि आत्मीयता से बनते हैं। समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की भी आवश्यकता है।

    बाल लीलाओं में छिपे हैं जीवन के गहरे संदेश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के रूप में सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्फुटित हुआ। उनकी बाल लीलाएं केवल आनंदित करने वाली कथाएं नहीं हैं, बल्कि उनमें गहन आध्यात्मिक संदेश निहित हैं। माखन चोरी की लीला सहजता और निश्छलता का संदेश देती है तो गोप-गोपियों के साथ उनकी आत्मीयता प्रेम और सामाजिक समरसता की सीख देती है। कालिय नाग के दमन की लीला अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देती है।

    सामूहिक सहकारिता में निहित है समाज की शक्ति
    सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन बताता है कि समाज की वास्तविक शक्ति सामूहिक सहकारिता में निहित है। गोवर्धन पर्वत धारण कर उन्होंने प्रकृति, पशुधन और कृषि आधारित जीवन के संरक्षण का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा के माध्यम से उन्होंने यह भी बताया कि सामूहिक एकजुटता बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने की शक्ति देती है।

    कर्म और कर्तव्य का संदेश हर युग के लिए
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मानवता को कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका यह संदेश किसी एक काल या युग तक सीमित नहीं है, बल्कि हर समय समाज और व्यक्ति को सही दिशा दिखाने वाला है।

    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेशों की पावन भूमि है। मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव आज भी सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं।

  • अंकित बालियान के हत्यारों के एनकाउंटर के बाद राजभर का अखिलेश पर वार, बोले- जाट लिखकर बेटे की लाश पर राजनीति करना सौदागरी

    अंकित बालियान के हत्यारों के एनकाउंटर के बाद राजभर का अखिलेश पर वार, बोले- जाट लिखकर बेटे की लाश पर राजनीति करना सौदागरी

    लखनऊ
    अंकित बालियान हत्याकांड के दो आरोपियों के एनकाउंटर के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश पर हत्या के मामले को जातीय रंग देकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

    सोशल मीडिया पर लिखी एक पोस्ट में ओपी राजभर ने कहा, 'अखिलेश जी, खबर पता चल गई ना? जिस अंकित बालियान की हत्या पर आप राजनीति करना चाहते थे, उसके हत्यारे वहीं पहुंच गए, जहां उनकी जगह थी।' राजभर ने आगे कहा कि किसी बेटे की लाश पर जाट लिखकर राजनीति करना संवेदना नहीं, बल्कि सौदागरी है।

    उन्होंने कहा कि हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है और उसे किसी जाति या गोत्र से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। राजभर ने अखिलेश यादव पर चुनाव को देखते हुए जाट समाज की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जाट तब याद आया, जब चुनाव नजदीक आने लगे।

    राजभर ने कहा कि जनता एक तरफ विपक्ष की जातीय राजनीति को देख रही है तो दूसरी तरफ पुलिस और सरकार की कार्रवाई को भी देख रही है।

    अंकित बालियान की हत्या के बाद गरमाई थी राजनीति
    बता दें कि यूपी के शामली में 26 अगस्त को अंकित बालियान की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया था। अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे और अंकित बालियान की जाति को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। अब आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लिया है।

     

  • UP में IAS अधिकारियों के इस्तीफे और VRS ने बढ़ाई चिंता, दिव्या मित्तल समेत कई नाम चर्चा में

    UP में IAS अधिकारियों के इस्तीफे और VRS ने बढ़ाई चिंता, दिव्या मित्तल समेत कई नाम चर्चा में

    लखनऊ 
    देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से भी मोहभंग हो रहा है? ऐसा मानना पूरी तरह ठीक तो नहीं होगा लेकिन आंकड़े बताते हैं कि कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद मिलने वाली सर्वोच्च सेवा को भी अधिकारी बनने के बाद यूं ही छोड़ा जा रहा है। पिछले कुछ सालों में आईएएस की नौकरी छोड़ने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। सिर्फ यूपी की बात करें तो स्वैच्छित सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने और इस्तीफा देने वालों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। नौ अधिकारियों ने वीआरएस लिया है और पांच ने इस्तीफा दिया है।

    मनमुताबिक काम नहीं मिलना बड़ा कारण?
    पिछले कुछ दिनों के दो इस्तीफों को देखें तो ऐसा लगता है कि उन्हें अपने मनमुताबिक काम नहीं मिला इसलिए इस्तीफा दे दिया। हालांकि अभी दोनों इस्तीफे स्वीकार नहीं हुए हैं। वर्ष 2023 बैच के रिंकू सिंह राही ने राजस्व परिषद में रहते हुए इसलिए इस्तीफ दे दिया कि उन्हें मनमुताबिक काम नहीं मिला। इसके कुछ समय बाद उन्होंने इस्तीफा वापस लिया तो उन्हें जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनाती दी गई। हालांकि, वे वहां भी काम को लेकर चर्चाओं में हैं।

    सोशल मीडिया पर छाया आईएएस दिव्या मित्तल का इस्तीफा
    अब पिछले 24 घंटों से आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा चर्चा में छाया हुआ है। दिव्या का इस्तीफा अभी अफसरों को तो नहीं मिला है लेकिन सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो चुका है। इनके इस्तीफे के पीछे भी मनमुताबिक काम यानी फिल्ड की जगह राजस्व विभाग में तैनाती मानी जा रही है। दिव्या मित्तल मई तक देवरिया की डीएम थीं। इससे पहले भी संतकबीरनगर और मिर्जापुर की डीएम रह चुकी थीं। इस दौरान अपने कार्यों के कारण लगातार चर्चा में रहीं।

    दिव्या जब देवरिया डीएम पद से हटाकर राजस्व परिषद में भेजी गईं तो सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट लिखी, जिससे साफ हो गया कि वह खुश नहीं हैं। उन्होंने लिखा कि स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में खुश रहना क्यों नहीं सिखाया जाता। तब उनकी पोस्ट को ज्यादा सीरियस किसी ने नहीं लिया। अब उनका इस्तीफा आया तो पुरानी पोस्ट के निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। इसी तरह पीसीएस से आईएएस बनने वाले राकेश वर्मा ने पीसीएस सेवा में वापस होकर वीआरएस ले लिया था।

    वीआरएस लेने वाले अफसर
    नाम और बैच

    आरपी सिंह 1983

    मोहम्मद मुस्तफा 1995

    अमोद कुमार 1995

    रेणुका कुमार 1987

    जूथिका पाटणकर 1988

    राजीव अग्रवाल 1993

    विकास गोठलवाल 2003

    रिग्जियान सैंफिल 2003

    अनामिका सिंह 2004

    रजनीश चंद्र 2014 (स्वीकार नहीं हुआ)

    इस्तीफा देने वाले अफसर और बैच
    विद्या भूषण 2008

    अभिषेक सिंह 2011

    रिंकू सिंह रही 2023 (बाद में वापस लिया)

    दिव्या मित्तल 2013

    एस मुथु शालिनी 2007