Category: उत्तर प्रदेश

  • अखिलेश यादव को लेकर SP MLC का अजीब बयान, ‘कुत्ते के गले में घंटी’ वाली टिप्पणी से सियासी घमासान

    अखिलेश यादव को लेकर SP MLC का अजीब बयान, ‘कुत्ते के गले में घंटी’ वाली टिप्पणी से सियासी घमासान

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं की तरफ से अजीबोगरीब बयान दिए जा रहे हैं. इसी बीच शिक्षकों की बैठक में सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने विवादित बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि “अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो उसी को वोट देना है”.  उनके इस बयान पर सियासत गरमा गई और लोग सवाल भी उठा रहे हैं. हालांकि इस बयान पर पार्टी बचाव में उतर आई है। 

    सपा बोली, ये उनका निजी बयान
    समाजवादी पार्टी (SP) एमएलसी लाल बिहारी यादव के बयान पर पार्टी बचाव में उतर आई है. सपा नेता दीपक रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास रिकॉर्ड है. किसने क्या कहा? क्या नहीं उस पर नहीं जाना है और यह उनके व्यक्तिगत बयान हो सकते हैं। 

    वहीं इस बयान पर बीजेपी ने सपा को घेरा है और सवाल उठाया है. बीजेपी नेता आलोक अवस्थी ने कहा कि शीघ्र ही सपा ऑफिस के बाहर तमाम कुत्ते पट्टा बांधकर खड़े होंगे. इससे बड़ा अपमान लोकतंत्र का कोई नहीं कर सकता है. अब चुनाव में जनता जवाब देगी। 

    सपा MLC ने क्या कहा?
    दरअसल, नेहरू हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि "अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में घंटी बांध दें तो हम सभी को वोट उसी को देना है।" उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

    एमएलसी चुनाव को लेकर हुई बैठक
    दरअसल, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से शिक्षकों के साथ बैठक और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी नेताओं ने शिक्षकों से संवाद करते हुए आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटाने की रणनीति पर चर्चा की। इसी कार्यक्रम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव का उक्त बयान सुनाई दे रहा है।

    2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षकों पर नजर
    भाजपा, सपा और बसपा समेत कई दल यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं। सपा के इस कार्यक्रम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी लगातार विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और संपर्क अभियान के जरिए अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं, लाल बिहारी यादव के बयान का वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, बयान को लेकर एमएलसी या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

    कांग्रेस भी बचाव में उतरी
    कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत भी सपा एमएलसी के बचाव में उतर आए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को बयान पर क्या दिक्कत? बीजेपी के नेता आपस में ही भिड़ रहे हैं. लेकिन इन्हें दिक्कत दूसरी पार्टी के नेताओं से है। 

    सपा ने तेज की विधानसभा चुनाव की तैयारियां
    उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ऐलान के बाद आज से पार्टी बूथ स्तर पर प्रचार अभियान शुरू करेगी. कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर जनता से संवाद करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे. पार्टी का फोकस बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और चुनावी रणनीति पर रहेगा। 

  • यूपी में बारिश से राहत के साथ आफत भी, कई जिलों में जलभराव; 1-2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

    यूपी में बारिश से राहत के साथ आफत भी, कई जिलों में जलभराव; 1-2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

    लखनऊ 
     यूपी में 5 सितंबर तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आईएमडी लखनऊ की मानें तो 1 सितंबर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बदरा बरसेंगे। इसे लेकर कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बारिश के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी यूपी में सोमवार को प्रयागराज के कोरांव में सबसे अधिक 132 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चित्रकूट के राजापुर में 67 और कर्वी में 66 मिलीमीटर, अंबेडकर नगर के अकबरपुर में 63.4, प्रतापगढ़ के पट्टी में 63, अकबरपुर में 60, सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में 60 और सुलतानपुर के लंभुआ में 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

    मौसम विभाग ने एक सितंबर को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, रायबरेली और अमेठी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुलतानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों अलर्ट जारी किया है।

    2 सितंबर को इन जिलों में झमाझम बारिश
    2 सितंबर को बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तीन और चार सितंबर को भी पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    सोमवार को कई इलाकों में जलभराव
    उधर, सोमवार सुबह से हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी। हालांकि, तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया और सड़क-मोहल्लों की सूरत बिगड़ गई। कई जगहों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव, नदियों-नालों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका जताई है। इसके आलावा वैज्ञानिकों ने निचले और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से दूर रहने और जलमग्न सड़कों और उफनते पुलों से बचने की सलाह दी है।

  • शिक्षकों का बढ़ा मान! राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 नामों का चयन

    शिक्षकों का बढ़ा मान! राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 नामों का चयन

    योगी सरकार शिक्षकों को देगी सम्मान, राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 का चयन

    – प्रदेश के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, पीएम एवं अन्य परिषदीय विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक शामिल

    – 61 जनपदों के शिक्षकों को मिला सम्मान का अवसर, उत्कृष्ट कार्य और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन

    लखनऊ
     जो शिक्षक कक्षा कक्ष में प्रदेश के भविष्य को गढ़ रहे हैं, योगी सरकार उनके उत्कृष्ट कार्य को राज्य स्तर पर पहचान और सम्मान दे रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों का चयन किया है। राज्य स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर चयनित शिक्षक प्रदेश के विभिन्न जनपदों के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की सीख और विद्यालयी व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं। 

    राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठकों में विभिन्न जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार के बाद इन 61 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के नाम अनुमोदित किए गए हैं। शासन द्वारा जारी सूची में प्रत्येक शिक्षक का नाम, पदनाम, विद्यालय और विकासखंड का विवरण दर्ज है। यह पहल विद्यालयों में बेहतर शिक्षण, नवाचार और विद्यार्थियों की सीख को केंद्र में रखकर कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

    गाजियाबाद से लेकर गाजीपुर तक के शिक्षकों का सम्मान
    चयनित शिक्षकों में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के शिक्षक शामिल हैं। आगरा से संगीता शर्मा, अलीगढ़ से अमर सिंह, अम्बेडकर नगर से राम मिलन गुप्ता, अमरोहा से गीता वर्मा, अयोध्या से पंकज कुमार द्विवेदी, आजमगढ़ से प्रदीप कुमार सिंह, बहराइच से प्रीति मिश्रा, बलिया से अजीत कुमार श्रीवास्तव, बलरामपुर से सलमा खान और बाराबंकी से राहुल कुमार शुक्ल चयनित हुए हैं। इसी क्रम में भदोही से ऊर्मिला देवी, बिजनौर से रचना कपूर, बदायूं से किरन देवी, बुलंदशहर से जूली मलिक, चंदौली से उषा सिंह, चित्रकूट से हरीशंकर त्रिपाठी, एटा से ओमबीर सिंह, इटावा से वीरेंद्र सिंह, फर्रुखाबाद से गीता वर्मा और फतेहपुर से आनंद कुमार मिश्र शामिल हैं। गौतमबुद्ध नगर से अर्चना पांडेय, गाजियाबाद से ज्योत्सना गोस्वामी, गाजीपुर से संतोष कुशवाहा, गोंडा से सुनीत मित्र पाण्डेय, गोरखपुर से नवीन कुमार त्रिपाठी, हमीरपुर से नीतिराज सिंह, हापुड़ से शुचि त्यागी, हरदोई से विजया अवस्थी, हाथरस से पल्लवी चतुर्वेदी और जौनपुर से संजय कुमार मिश्र का चयन किया गया है। झांसी से प्रीति श्रीवास्तव, कन्नौज से सुमन लता यादव, कानपुर देहात से विनीत कुमार मिश्र, कानपुर नगर से डॉ. कामायनी शर्मा, कासगंज से धनंजय प्रताप सिंह, कौशांबी से सुमन कुशवाहा, लखीमपुर खीरी से प्रमोद कुमार, ललितपुर से प्रीति गुप्ता, लखनऊ से विनीता और महाराजगंज से राजेश कुमार उपाध्याय को भी सूची में स्थान मिला है। 

    इसी तरह महोबा से ओमप्रकाश तिवारी, मैनपुरी से सीमा कुमारी, मऊ से अनिल कुमार मौर्य, मेरठ से प्रतिभा रानी भारती, मिर्जापुर से दयानन्द मिश्र, मुरादाबाद से सुनीता रानी, पीलीभीत से सय्यदा, मुजफ्फरनगर से आरती शर्मा, प्रतापगढ़ से डॉ. देवेन्द्र सिंह, प्रयागराज से राम लखन मौर्य, रामपुर से वैलेन्टीना विक्टर, संभल से बृजकिशोर, शाहजहांपुर से अरुण कुमार गुप्ता, शामली से दिनकर चौहान, श्रावस्ती से अमिता टंडन, सिद्धार्थनगर से महेश कुमार, सीतापुर से अतुल शर्मा, सोनभद्र से मीरा सिंह, सुलतानपुर से सत्येंद्र कुमार सिंह, उन्नाव से प्रीति भारती और वाराणसी से नीलम राय चयनित हुए हैं। 

    प्राथमिक से पीएम विद्यालयों तक उत्कृष्टता को सम्मान
    चयनित सूची में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक दोनों शामिल हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, पूर्व माध्यमिक और पीएम विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया है। इससे विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को राज्य स्तर पर पहचान मिली है। 

    शिक्षक सम्मान से मजबूत होगी उत्कृष्ट कार्य संस्कृति
    योगी सरकार की शिक्षा नीति में शिक्षक के योगदान को सम्मान देने और उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों को पहचान मिलने से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नवाचार और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को केंद्र में रखकर कार्य करने की संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।

    कोट : 
    शिक्षक हमारे बच्चों के भविष्य और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। योगी सरकार उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान देकर न केवल उनके समर्पण और नवाचार को पहचान दे रही है, बल्कि प्रदेशभर के शिक्षक समुदाय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा भी दे रही है।
    -संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश

  • समय रहते तैयारी और बेहतर प्रबंधन, चित्रकूट को बड़े बाढ़ संकट से बचाया

    समय रहते तैयारी और बेहतर प्रबंधन, चित्रकूट को बड़े बाढ़ संकट से बचाया

    योगी सरकार ने कुशल प्रबंधन से चित्रकूट में टाला बड़ा बाढ़ संकट

    नहीं होने पाई जनहानि, मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन पटरी पर लौटा

    सीएम योगी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावितों के लिए भोजन व पेयजल की निरंतर व्यवस्था 

    22 घंटे में हाईवे चालू, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी 

    चित्रकूट
     धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से उपजा बड़ा बाढ़ संकट योगी सरकार के कुशल प्रबंधन से टाल दिया गया। यही कारण है कि चित्रकूट में किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने पाई। उत्तर प्रदेश सरकार प्रभावितों के लिए 'देवदूत' बनकर सामने आई, जिसने न केवल रिकॉर्ड समय में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया बल्कि बाढ़ का पानी उतरते ही मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन को पटरी पर लौटा दिया।

    वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाई

    सीएम योगी के सख्त आदेश पर जिला प्रशासन के आला अफसर पानी में उतरकर मोर्चा संभालते नजर आए। आपदा से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ  और पीएसी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाई। हेलीकॉप्टर, मोटरबोट और अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए जलमग्न हो चुके रामघाट समेत तमाम संवेदनशील इलाकों से अब तक रिकॉर्ड 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    विभागीय आंकड़ों के अनुसार सुरक्षित निकाले गए नागरिकों का विवरण: 
    रामघाट: 234 लोग, अमानपुर: 87 लोग, गोबरिया: 84 लोग, तरीहा: 82 लोग, पंडरी एवं मालिकाना: 77 लोग, पासी तिराहा: 55 लोग।
    अन्य प्रभावित क्षेत्र: 50 लोग (राजापुर के अरछा बरेठी गांव से शेल्टर होम भेजे गए)।

    राहत कार्य में युद्धस्तर पर जुटी सरकार, हजारों पैकेट भोजन वितरित

    मुख्यमंत्री योगी के स्पष्ट निर्देश हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक भी नागरिक भूखा नहीं सोना चाहिए। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए भोजन व स्वच्छ पेयजल की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को जहां 2,700 लंच पैकेट बांटे गए, वहीं 30 अगस्त को यह संख्या बढ़ाकर 5,200 लंच पैकेट की गई। 31 अगस्त को भी इतने ही लंच पैकेट बांटे गए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद पहुंचाने के लिए 4000 विशेष बाढ़ राहत किट मंगाई गई हैं।

    22 घंटे में हाईवे चालू, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी

    योगी सरकार की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाढ़ का पानी कम होते ही मात्र 22 घंटों में कर्वी में मंदाकिनी नदी के पास धंसे 'झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे' को दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन फिर से शुरू करा दिया गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक लगातार तरौहा और अमानपुर जैसे अति प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बहाल की जा रही है और आज शहर की पेयजल सप्लाई भी पूरी तरह सुचारु हो जाएगी। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी टीमें हाई अलर्ट पर हैं।

  • योगी सरकार की नीति स्पष्ट: अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई होगी अपराध के अनुसार

    योगी सरकार की नीति स्पष्ट: अपराधी कोई भी हो, कार्रवाई होगी अपराध के अनुसार

    योगी सरकार अपराधी की जाति नहीं देखती, अपराध के अनुसार करती है कार्रवाई

    अंकित बालियान हत्याकांड पर अखिलेश के आरोपों का भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं ने दिया करारा जवाब
     

    लखनऊ,
     शामली के अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा और सहयोगी नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश सरकार के मंत्री से लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने अखिलेश यादव के बयान को गलत नैरेटिव करार देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। योगी सरकार अपराधियों की जाति देखकर कार्रवाई नहीं करती बल्कि उसके द्वारा किए गए अपराध के अनुसार एक्शन लेती है।

    केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा विपक्ष
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्ष और खासकर अखिलेश यादव को अब किसी भी संस्था पर विश्वास नहीं रह गया है। उन्होंने कहाकि विपक्ष केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रहा है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जाति की राजनीति कर रहे हैं।

    अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा 
    मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी अपराधी की पहचान कर उसे पकड़ने, जांच करने और उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाने में समय लगता है, लेकिन कुछ लोग इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास करते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और पीड़ित को न्याय मिले। 

    अखिलेश यादव के कार्यकाल में नहीं था कानून का राज

    परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिन अपराधियों को पहले राजनीतिक संरक्षण मिलता था, उनमें कई प्रदेश छोड़कर भाग गए, कई जेल में हैं और कई मुठभेड़ में मारे गए हैं। यही कारण है कि अखिलेश यादव बौखलाहट में इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। अखिलेश के कार्यकाल में कानून का राज नहीं था। उस समय समाजवादी पार्टी के संरक्षण में गुंडे खुलेआम गुंडागर्दी करते थे। उन्होंने कहा कि आज वही पुलिस, वही एसएसपी और वही डीजीपी हैं, लेकिन व्यवस्था बदल गई है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। 

    अपराधियों को दंड मिलने पर सवाल क्यों

    भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंकित बालियान की हत्या करने वाले अपराधियों को दंड देने के लिए पुलिस अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रही थी। ऐसे में पुलिस की आलोचना करना दुखद है। अंकित बालियान लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे और उनकी जघन्य हत्या की गई थी। अपराधी सीसीटीवी में भी कैद हुए थे। ऐसे अपराधियों को विधिक प्रक्रिया के तहत दंड मिला तो इसमें गलत क्या है। अगर कोई पुलिस के साथ छेड़छाड़ करेगा तो पुलिस उसका जवाब देगी।

    अखिलेश की सरकार ने आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की

    भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अखिलेश यादव के आरोपों को फर्जी नैरेटिव बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की सरकार में आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी, जिनमें रामपुर हमले से जुड़े दो पाकिस्तानी आरोपियों के मामले भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि एसटीएफ और एटीएस पर सवाल उठाने के बजाय उनके काम को देखा जाना चाहिए।

    पीड़ित परिवारों को मिला न्याय

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव शायद भूल जाते हैं कि उनकी और उनके पिता की सरकारों में प्रदेश में किस तरह की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अपराध की घटनाएं होने पर भी अपराधियों को सजा मिल रही है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जिस तरह कार्रवाई हो रही है, वह पिछली सरकारों में देखने को नहीं मिली।

    कानून व्यवस्था से समझौता नहीं

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव लगातार गलत नैरेटिव गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर रखा है कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि माफिया और शूटरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

    अपराधी की कोई जाति नहीं होती
    भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने सपा पर जाति की राजनीति करने का आरोप लगाया। सपा सरकारों में जाति चिन्हित करके भर्ती, जमीन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निष्पक्षता के साथ काम कर रही है। अपराधी की कोई जाति नहीं होती।

  • गन्ना ढुलाई में अब GPS ट्रैकिंग, वाहनों की हर गतिविधि पर रहेगी नजर

    गन्ना ढुलाई में अब GPS ट्रैकिंग, वाहनों की हर गतिविधि पर रहेगी नजर

    जीपीएस से होगी ढुलाई वाहनों की ट्रैकिंग, चीनी मिलों तक समय पर पहुंचेगा गन्ना

    क्रय केंद्रों से लेकर मिल गेट तक वाहनों पर गन्ना विभाग के कंट्रोल रूम की रहेगी नजर

    चीनी उद्योग में बड़ा डिजिटल बदलाव, लाइव ट्रैकिंग से गन्ना ढुलाई में आएगी पारदर्शिता

    कटाई के बाद 24 घंटे के भीतर मिल तक सुनिश्चित की जाएगी गन्ना आपूर्ति, सूखने से होने वाले नुकसान से होगा बचाव 

    लखनऊ
    योगी सरकार गन्ना किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गन्ना किसानों के हितों की रक्षा और चीनी उद्योग की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से गन्ना विकास विभाग ने प्रभावी पहल की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के लागू होने से गन्ना ढुलाई की प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी।

    गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत गन्ना क्रय केंद्रों से लेकर चीनी मिल गेट तक गन्ने का परिवहन करने वाले सभी वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जायेगी। इसके लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जायेगा, जहाँ से अधिकारी गन्ने से लदे वाहनों की आवाजाही पर 24 घंटे नजर रखेंगे। इस रियल-टाइम निगरानी से वाहनों के रास्ते में अनावश्यक रुकावट, अनधिकृत ठहराव या किसी भी प्रकार की हेराफेरी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। यह कदम चीनी उद्योग में गन्ना आपूर्ति में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है। इस पूरी प्रणाली का प्रत्यक्ष लाभ गन्ना किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि गन्ना आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए विभाग ने वाहनों की लाइव ट्रैकिंग के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम पर विचार कर रहा है। 

    गन्ना आयुक्त ने बताया कि अक्सर खेत से गन्ने की कटाई के बाद मिल तक पहुँचने में काफी समय लग जाता था, जिससे धूप और हवा के कारण गन्ना सूखने लगता था। अब व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से गन्ने की कटाई के बाद 24 घंटे के भीतर चीनी मिलों तक आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। समयबद्ध परिवहन से गन्ने की ताज़गी और प्राकृतिक वजन बरकरार रहेगा, जिससे किसानों को वजन में होने वाली कटौती और वित्तीय नुकसान से पूरी सुरक्षा मिलेगी।

  • शामली एनकाउंटर में गोगी गैंग के दो शूटर मारे गए, DGP बोले- यूपी किसी गैंग की शरणस्थली नहीं बनेगा

    शामली एनकाउंटर में गोगी गैंग के दो शूटर मारे गए, DGP बोले- यूपी किसी गैंग की शरणस्थली नहीं बनेगा

    योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, गायक अंकित बालियान हत्याकांड के दो आरोपी शूटर ढेर

    यूपी की धरती किसी भी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दी जाएगी, डीजीपी ने अपराधियों को दी चेतावनी

    शामली में हुए हत्याकांड में सामने आई गोगी-टिल्लू गैंग की रंजिश, कई पहलुओं पर जांच जारी

    गाने से गैंगवार तक, कई वजहों का डीजीपी ने किया खुलासा, दोनों शूटरों पर पूर्व में भी दर्ज थे मुकदमे

    ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ गाने से जुड़ा था विवाद, 11 अधिकारियों की विशेष टीम ने किया खुलासा

    लखनऊ 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यूपी पुलिस ने हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के दो आरोपी शूटरों को शामली कोतवाली क्षेत्र में मुठभेड़ में ढेर कर दिया। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस संबंध में यूपी पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेसवार्ता में कहा कि प्रदेश की धरती को किसी भी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। प्रदेश की सीमा से बाहर व विदेशों से साजिश रचने वाले अपराधी भी किसी गलतफहमी में न रहें।   

    थाना कोतवाली शामली क्षेत्रान्तर्गत पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान 02 संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया, जिस पर दोनों संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा परीक्षण के उपरान्त दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

    डीजीपी के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की पहचान मोहित निवासी सोनीपत और सुमित निवासी कुंडली, सोनीपत के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की फायरिंग में शामली स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और हेड कांस्टेबल प्रदीप भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका शामली के जिला संयुक्त चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। मृत आरोपी मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे और सुमित के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    डीजीपी ने पुलिस टीम को 2 लाख का पुरस्कार देने की घोषणा की
    यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं और साजिशों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी।

    प्रदेश के बाहर और विदेशों से साजिश रचने वालों को चेतावनी
    डीजीपी ने प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर, जेलों व विदेशों से साजिश रचने, शूटर भेजने वाले अपराधियों को भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी किसी गलतफहमी में न रहें और प्रदेश की जमीन को किसी भी गैंग की रंजिश या शरणस्थली नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और सहयोग को इस घटना के कम समय में सफल अनावरण का महत्वपूर्ण कारण बताया। उन्होंने कहा कि कानून के लंबे हाथ उन सभी अपराधियों तक जरूर पहुंचेंगे, जो कहीं भी छिपने की कोशिश कर रहे हैं।

    26 अगस्त को हुई थी सिंगर अंकित बालियान की हत्या 
    हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान निवासी बनतीखेड़ा थाना बाबरी, जिला शामली की 26 अगस्त को शाम करीब 6:45 बजे हत्या की गई थी। अंकित शामली कोतवाली क्षेत्र के नालापिरी स्थित फिटनेस जिम से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैग रख रहे थे। इसी दौरान चार अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उन पर गोलीबारी कर दी। वारदात के बाद अंकित के पिता की तहरीर पर शामली कोतवाली में चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 

    हत्या के खुलासे के लिए 11 अधिकारियों की विशेष टीम बनी
    घटना की गंभीरता को देखते हुए इसके अनावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। एडीजी कानून-व्यवस्था और एडीजी मेरठ जोन के स्तर से शामली पुलिस के सहयोग के लिए एसटीएफ मेरठ, गौतमबुद्धनगर और मेरठ जोन के विभिन्न जिलों के 11 पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। इसमें चार अपर पुलिस अधीक्षक और सात पुलिस उपाधीक्षक शामिल थे। इस टीम में चार आईपीएस अधिकारी भी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल गतिविधियों, आरोपियों की आवाजाही, ठहरने के स्थान, भुगतान और आपसी संपर्क से जुड़े तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस ने हत्याकांड में शामिल शूटरों की पहचान की। इसी जांच के आधार पर मोहित और सुमित की पहचान वारदात में शामिल शूटरों के रूप में हुई। 

    गोगी गैंग से जुड़ी साजिश के संकेत
    पुलिस टीम को गोगी गैंग के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के साक्ष्य मिले है। जांच में यह भी सामने आया कि 26-27 अगस्त को सोशल मीडिया पर राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट से अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने से जुड़ा पोस्ट सामना आया था। पुलिस ने इस सोशल मीडिया पोस्ट को भी विवेचना का हिस्सा बनाया। 

    एक गाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
    अंकित बालियान ने ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ नाम के एक गाने में अभिनय किया था, जिसे यूट्यूब पर 5.4 करोड़ व्यूज मिले थे। अंकित ने यह गाना राहुल पुट्ठी से 55 हजार रुपये में खरीदा था और इसे वत्स कंपनी को 1.50 लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस के अनुसार गोगी गैंग ने इस गाने को जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या के घटनाक्रम से जोड़कर अपने अपमान के रूप में लिया। 

    इसी गाने को लेकर वर्ष 2022-23 में अंकित को धमकी भी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद अंकित ने गोगी गैंग को सफाई दी थी कि गाने में उन्होंने केवल अभिनय किया है और गाना व उसकी धुन उनकी नहीं है। इसके बावजूद गैंग की ओर से अंकित पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने विरोधी टिल्लू ताजपुरिया के साथ मिलकर गाना रिलीज किया था। पुलिस के मुताबिक धमकी के संबंध में अंकित ने अपने परिजनों या शामली पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी।

    गोगी-टिल्लू गैंगवार की पुरानी कहानी भी सामने आई
    पुलिस के अनुसार 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान टिल्लू गैंग के शूटरों ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या कर दी थी। इसके बाद गोगी गैंग ने बदले की तैयारी शुरू की। करीब डेढ़ वर्ष बाद 2 मई 2023 को तिहाड़ जेल में गोगी गैंग के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा और उसके साथियों ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी थी। पुलिस ने अंकित हत्याकांड की पृष्ठभूमि में इस गैंगवार और गीत से जुड़े विवाद को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

    फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज
    हत्याकांड में शामिल अन्य शूटरों, शरणदाताओं और साजिश में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।

  • सीएम योगी व रेलमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर वाराणसी के लिए स्पेशल ट्रेन को किया रवाना

    सीएम योगी व रेलमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर वाराणसी के लिए स्पेशल ट्रेन को किया रवाना

    बहराइच

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीएम ने कहा कि बहराइच कभी भारत की सत्ता का संचालन भी करता था, लेकिन आजादी के बाद भी यह क्षेत्र विकास से वंचित रहा। एक हजार वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच में ही सालार मसूद को मिट्टी में मिलाया था और भारत को विदेशी आक्रांताओं से मुक्त किया था, लेकिन आजादी के बाद भी दशकों तक महाराजा सुहेलदेव को विस्मृत किया गया। सालार मसूद के नाम पर उर्स व मेले लगवाकर देश को अपमानित किया जाता रहा। किंतु आज यहां विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं होता, बल्कि महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बनकर तैयार हो गया है।

    मुख्यमंत्री ने सोमवार को बहराइच में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ नेपालगंज रोड (रुपईडीहा)-नानपारा-बहराइच रेल खंड और इस पर ट्रेन सेवा की शुरुआत की। दोनों ने हरी झंडी दिखाकर स्पेशल ट्रेन को वाराणसी के लिए रवाना किया। रेलमंत्री ने बहराइच नानपारा-नेपालगंज रोड के रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने की घोषणा की। सीएम ने चार अन्य ट्रेनों की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री व रेलमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि रेलमंत्री ने बहराइच से नानपारा और नेपालगंज रोड के रेलवे ब्रॉडगेज कार्य (56 किमी का रेलखंड) को 730 करोड़ से समय-सीमा के अंदर पूरा कराया। पहली ट्रेन रूपईडीहा से बाबा विश्वनाथ के धाम वाराणसी सिटी तक जाएगी। 

    आजादी के बाद भी विकास से वंचित था बहराइच 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बहराइच ने भारत की गौरव-गाथा को बढ़ाया था, वह विकास से वंचित हो गया। रेल कनेक्टिविटी न के बराबर थी, जो थी वह मीटरगेज (छोटी लाइन) के रूप में थी। मित्र राष्ट्र नेपाल से भी कनेक्टिविटी नहीं हो पाई। आजादी के बाद कई स्थानों पर रेल लाइन को मीटरगेज से ब्रॉडगेज किया गया। शताब्दी समेत अनेक नई ट्रेनें चलीं, फिर भी यह खंड मीटरगेज के रूप में उन सरकारों की संकीर्ण सोच का प्रतीक बनी रही, जिन्होंने इसे बॉर्डर का क्षेत्र मानकर पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया था। उनके लिए भले ही यह अंतिम क्षेत्र रहा हो, लेकिन हमारे लिए रूपईडीहा बहराइच-नानपारा का यह क्षेत्र भारत के प्रवेश द्वार के रूप में रहा। इस क्षेत्र के लोग दशकों से यह दिन देखने को लालायित थे। पीढ़ियां चली गईं, लेकिन यह सपना और संकल्प आज साकार हो रहा है।

    रेल सेवाओं से बढ़ेगी क्षेत्र की कनेक्टिविटी

    सीएम ने कहा कि रेल सेवाओं से यहां की कनेक्टिविटी मजबूत होने जा रही हैं। कनेक्टिविटी गति देती है। जब गति सकारात्मक दिशा में गंतव्य की ओर बढ़ती है तो वह प्रगति का आधार बनती है। यह भारत-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करेगी। यह कनेक्टिविटी बॉर्डर क्षेत्र की सुरक्षा व सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की प्रॉस्पैरिटी के लिए भी महत्वपूर्ण है। इससे व्यापार बढ़ेगा, उद्योग लगेंगे, पर्यटन व कृषि को नया आयाम मिलेगा। ईको टूरिज्म के बेहतरीन केंद्र कतर्निया तक पहुंच होगी। अयोध्या, वाराणसी व गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों को जोड़ने में भी मदद मिलेगी। नेपालगंज रोड, नानपारा, बाबागंज, मटेरा, रिसिया, बहराइच समेत पूरे क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक प्रगति में इसकी बड़ी भूमिका होगी। बहराइच से खलीलाबाद के लिए नई रेललाइन बिछाई जा रही है। नई रेल सेवा के तहत गोरखपुर से सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़, बलरामपुर होते हुए बहराइच तक की कनेक्टिविटी के जरिए नेपालगंज रोड को जोड़ने की गतिविधि भी प्रारंभ हो रही है। इससे क्षेत्र की नई संभावनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। 

    हमने न आंखें फेरीं और न ही धूल झोंकी

    सीएम ने कहा कि पिछली सरकार हर जनपद में माफिया पालती थी। अब बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, सुल्तानपुर, सिद्धार्थनगर समेत हर जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं। बालार्क ऋषि के नाम पर हॉस्पिटल है। श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है। कभी यह सीजन इस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी की कहर लेकर आता था, जिसमें मासूम दम तोड़ते थे। पिछली सरकार उसे अज्ञात बीमारी बताते हुए मासूमों की मौत पर पर्दा डालकर आंखों में धूल झोंकती थी। लेकिन, सरकार बनने के बाद हमने न आंखें फेरीं और न ही धूल झोंकी। हमने बीमारी का उन्मूलन किया। यूपी से माफिया व इंसेफेलाइटिस, दोनों समाप्त हो गए। अब यह सीजन किसी माता-पिता के लिए चिंता लेकर नहीं आता।

    जमीन पर दिखते हैं डबल इंजन सरकार के कार्य

    सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्य जमीन पर दिखाई देते हैं। अब यूपी में किसी बेटी-व्यापारी को माफिया से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं। पीएम मोदी जी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने लखनऊ से बहराइच की रोड कनेक्टिविटी को फोरलेन से जोड़ने की स्वीकृति दी है। नए भारत में चारों ओर रोड व रेल कनेक्टिविटी हो रही है। रैपिड रेल, नमो भारत, अमृत भारत, वंदे भारत के रूप में नई रेल सेवाएं विकसित व आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करती दिखाई दे रही हैं। 

    लगभग सभी रेल लाइनों का इलेक्ट्रिफिकेशन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी हम तरसते थे कि हमारे क्षेत्र में रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाता, लेकिन आज भारत में रेलवे की जितनी भी लाइनें हैं, लगभग सभी का इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है। सभी ब्रॉडगेज की हो गई हैं। जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते भी बड़े होते हैं, बाजार भी बड़े होते हैं, अवसर भी बड़े होते हैं और तब संकल्पों की पूर्ति होने में देर नहीं लगती है। आज से शुरू होने वाली कनेक्टिविटी यह डबल इंजन सरकार की विकास-गाथा के रूप में जानी जाएगी। सीएम ने देश व उत्तर प्रदेश में रेलवे में कायाकल्प के लिए प्रधानमंत्री व रेलमंत्री का आभार जताया।

    दुख की घड़ी में हम सभी नेपाल के साथ

    कार्यक्रम से पहले सभी ने नेपाल की भीषण आपदा में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम ने कहा कि हाल में नेपाल, भारत समेत दुनिया के कई देशों के सैकड़ों लोगों को प्राकृतिक आपदा का शिकार होना पड़ा। सीएम ने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेपालवासियों को आश्वस्त किया कि सुख-दुख में हम सभी एकसाथ मिलकर चलेंगे। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए मित्र राष्ट्र नेपाल के सहयोग के लिए कदम उठाया है। हमारा सिर्फ राजनीतिक रिश्ता नहीं है, बल्कि साझी सांस्कृतिक विरासत भी है। भगवान पशुपतिनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ, गोरखा से गोरखपुर, जनकपुर से अयोध्या को श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। हम एक-दूसरे के धाम में जाकर साझी विरासत का आदर भी करते हैं।

    इस अवसर पर बहराइच के सांसद डॉ. आनंद गोंड, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, विधायक रामनिवास वर्मा, सुभाष त्रिपाठी, अनुपमा जायसवाल, सुरेश्वर सिंह, सरोज सोनकर, विधान परिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी,  पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड आदि मौजूद रहे।

  • योगी सरकार में शहरी स्वच्छता को मिली रफ्तार, अब तक बनाए गए 9 लाख से अधिक घरेलू शौचालय

    योगी सरकार में शहरी स्वच्छता को मिली रफ्तार, अब तक बनाए गए 9 लाख से अधिक घरेलू शौचालय

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से शहरी स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत सरकार ने स्वच्छता अवसंरचना के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण को तेज किया है। इसका असर आंकड़ों में भी साफ दिखाई देता है। जहां 2017-18 तक प्रदेश में योजना के तहत नगरों में सिर्फ 3.10 लाख के करीब व्यक्तिगत घरेलू शौचालय ही निर्मित थे, वहीं योगी सरकार में अभियान को मिली रफ्तार से यह संख्या 9 लाख के पार पहुंच गई है।  

    आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 तक प्रदेश में 3,09,924 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) बने थे। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। वर्ष 2018-19 तक शौचालयों की संख्या बढ़कर 7,58,949 हो गई थी। प्रदेश में अब तक 9,00,113 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बन चुके हैं। इस तरह वर्ष 2017-18 के बाद करीब 5.90 लाख अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण किया गया है। इससे बड़ी संख्या में शहरी परिवारों को घर में ही सुरक्षित और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध हुई है।

    सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं का भी विस्तार

    सरकार ने घरेलू शौचालयों के साथ सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं को भी मजबूत किया है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय 1.0 के तहत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय तथा यूरिनल ब्लॉक्स का भी निर्माण कराया गया है। इनके जरिए 70 हजार से अधिक शौचालय सीटें तैयार की गई हैं। इस तरह बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, व्यावसायिक क्षेत्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इन सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों को आसानी से स्वच्छता सुविधाएं मिल रही हैं।

    स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के अगले चरण में भी सार्वजनिक स्वच्छता अवसंरचना के विस्तार पर जोर जारी है। वर्ष 2024-25 से अबतक 2623 सार्वजनिक शौचालय सीटों तथा 1104 यूरिनल सीटों का निर्माण किया गया है। इस प्रकार इस अवधि में कुल 3727 अतिरिक्त सार्वजनिक स्वच्छता जोड़ी गई है। 

    घरेलू शौचालयों से मजबूत हुआ शहरी स्वच्छता ढांचा

    घरेलू शौचालयों से लेकर सार्वजनिक स्वच्छता ढांचे तक हुए इस विस्तार को प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने बताया कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के माध्यम से व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराना है।

  • संवाद के जरिये योगी सरकार नारी सशक्तीकरण को दे रही नई दिशा

    संवाद के जरिये योगी सरकार नारी सशक्तीकरण को दे रही नई दिशा

    लखनऊ

    प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार की पहल को शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से भी गति मिल रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महिलाओं से जुड़े संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक सहभागिता और नारी वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना रहा। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने विषय पर अपने विचारों को निबंध के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। छात्राओं के उत्साह ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

    भाषा विभाग की पहल से विचार व जागरूकता को मिला मंच

    उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा महाविद्यालय के साथ मिलकर आयोजित यह कार्यक्रम भाषा, लेखन और सामाजिक जागरूकता को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को अपने विचारों को शब्दों में अभिव्यक्त करने के साथ ही महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे समसामयिक विषय पर चिंतन का अवसर मिला।

    विजेताओं को पुरस्कार व प्रतिभागियों को मिलेंगे प्रमाणपत्र

    भाषा विभाग के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र 1 सितंबर को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं को कॉपी और पेन वितरित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।