Category: उत्तर प्रदेश

  • Fatehpur Rain: बारिश बनी आफत, फतेहपुर में 67 मकान तहस-नहस; 3 की मौत

    Fatehpur Rain: बारिश बनी आफत, फतेहपुर में 67 मकान तहस-नहस; 3 की मौत

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में करीब 15 दिनों से हो रही लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लगातार बारिश के चलते जिले में अब तक 67 मकान तबाह हो चुके हैं, जबकि बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की जान गई है. सबसे ज्यादा नुकसान खागा तहसील में हुआ है, जहां 50 मकान तहस-नहस हो गए हैं। 

    ये परेशानी सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है. फतेहपुर शहर के कई हिस्सों में जलभराव से लोगों के जीवन की रफ्तार थम गई है. सड़कें और गलियां पानी से लबालब हैं और लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

    प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, जहां खागा में 50 मकान बर्बाद हुए हैं, तो कहीं बिंदकी में 15 और सदर तहसील में 2 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. इतना ही नहीं, बारिश के कारण जिले में अब तक तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है. इनमें से एक मृतक बिंदकी और 2 सदर के बताए जा रहे हैं। 

    दो मृतकों के परिजनों को नियम के तहत मुआवजा दिया जा चुका है. वहीं सदर तहसील में हाल में हुई जनहानि के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

    30 लाभार्थियों की फाइल पहुंची, 11 को मिल चुका मुआवजा
    फिलहाल प्रशासन बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर रही है. प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजे देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. बता दें कि प्रशासन को अब तक ऐसे 30 मामलों की फाइलें मिल चुकी हैं. वहीं 26 मामलों में लाभार्थियों से जुड़े दस्तावेज और फाइलें आना बाकी हैं. राहत की बात ये है कि अब तक 11 परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है। 

    शहर में जलभराव, पंप से निकाला जा रहा पानी
    लगातार बारिश से फतेहपुर शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. सड़कें और गलियां पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रशासन और नगर पालिका की टीमें लगातार काम कर रही हैं। 

    शहर के अलग-अलग हिस्सों में पंप लगाए गए हैं और पानी की निकासी का काम जारी है. फिलहाल प्रशासन की कोशिश यही है कि जलभराव वाले इलाकों से जल्द से जल्द पानी निकाला जाए और लोगों को राहत मिल सके। 

  • बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटी योगी सरकार, राहत अभियानों के तहत बांटे 3.36 लाख लंच पैकेट

    बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटी योगी सरकार, राहत अभियानों के तहत बांटे 3.36 लाख लंच पैकेट

    बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी योगी सरकार, राहत अभियानों के तहत 3.36 लाख लंच पैकेट वितरित

    16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, 23 जिलों में लगातार चला राहत-बचाव कार्य

    लगभग 1500 नावों/मोटरबोट्स से दिन-रात जारी है बचाव अभियान, भोजन से स्वास्थ्य तक राहत का पूरा इंतजाम

    5.02 लाख क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए

    इंसान से लेकर पशुधन तक मदद के सभी इंतजाम, क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता राशि जारी

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान को पूरी ताकत के साथ जारी रखा है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के साथ बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 1,499 नाव एवं मोटरबोट राहत-बचाव में लगाई गई हैं और अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं।

    23 जिलों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
    उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त के मुताबिक 35 जिले अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 23 जिलों में अब भी इसका असर है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी में युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चल रहा है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी और तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

    हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
    बचाव अभियान के तहत अब तक बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बुधवार को ही 3,042 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जलमग्न क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए नावों और मोटरबोट्स का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने के बावजूद राहत टीमों की पहुंच सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,499 नावों एवं मोटरबोट्स का प्रयोग किया जा चुका है। इससे बचाव दलों को प्रभावित गांवों और जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने तथा जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में मदद मिल रही है।

    प्राथमिकता पर भोजन व्यवस्था कर रही सरकार
    बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों को आपदा के बीच तत्काल खाद्य सहायता मिल रही है। सभी क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण जरूरत के मुताबिक लगातार जारी है।

    स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी विशेष जोर
    बाढ़ के बाद दूषित पानी से संक्रमण और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी राहत अभियान का अहम हिस्सा बनाया है। अब तक 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 1,067 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए अब तक 1,311 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 201 वर्तमान में संचालित हैं।

    पशुधन और मकानों की क्षति पर सहायता
    योगी सरकार का राहत अभियान केवल लोगों तक सीमित नहीं है। बाढ़ से अब तक 36,287 पशु प्रभावित हुए हैं और उनके लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने के 442 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। राहत-बचाव के साथ क्षति का आकलन और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम लगातार जारी है।

  • श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे उद्घाटन, पीएम और सीएम आवास के लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी

    श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे उद्घाटन, पीएम और सीएम आवास के लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज क्षेत्र को मुख्यमंत्री योगी देंगे 1051 करोड़ रुपये की 229 योजनाओं की सौगात

    – 540 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण और 437 करोड़ से अधिक की 167 नई योजनाओं का होगा शिलान्यास

    -आवास योजना के लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण करेंगे मुख्यमंत्री

    श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे उद्घाटन, पीएम और सीएम आवास के लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी

     दो दिवसीय मथुरा प्रवास के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन करेंगे मुख्यमंत्री

    मथुरा
     श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रज क्षेत्र को विकास की नई सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री 3 सितंबर को दो दिवसीय प्रवास पर मथुरा आ रहे हैं, जहां वे ब्रजवासियों को करीब 1051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का बड़ा उपहार देंगे। इस भव्य समारोह के दौरान 540 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही 437 करोड़ रुपये की लागत वाली 167 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री पीएम आवास (शहरी) और सीएम आवास (ग्रामीण) योजना के लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण करेंगे। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबी, चेक और प्रमाण पत्र भी सौंपेंगे।

    श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे लोकार्पण
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दो दिवसीय मथुरा प्रवास विकास और धर्म के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार 3 सितंबर को दोपहर में सीएम योगी का राजकीय हेलीकॉप्टर वृंदावन स्थित पवनहंस हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से वे गीता शोध संस्थान पहुंचेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री नवनिर्मित और अत्याधुनिक 'श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह' का भव्य लोकार्पण करेंगे। जहां एक हजार लोगों के बैठने की उत्कृष्ट व्यवस्था है।

    संतों से मिलेंगे और बच्चों को कराएंगे अन्नप्राशन संस्कार
    इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी प्रो-पुअर प्रदर्शनी का अवलोकन, वृक्षारोपण, संतों से मुलाकात करेंगे और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराएंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व चेक वितरित कर जनसभा को संबोधित करेंगे।  इसके बाद मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की प्रगति जानने के लिए अहम समीक्षा बैठक करेंगे।

    'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन
    समीक्षा बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री वृंदावन के होटल विवान्ता में 'आज तक' न्यूज चैनल के 'पंचायत आज तक' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इसके बाद वे वृंदावन में विकसित किए गए भव्य 'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन करेंगे। इन कार्यक्रमों के बाद शाम को वे पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा पहुंचेंगे और परिसर स्थित अशोका अतिथि गृह में रात्रि विश्राम करेंगे।

    जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन करेंगे सीएम योगी
    अगले दिन शुक्रवार 4 सितंबर को सुबह सीएम योगी श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। यहां वे सबसे पहले गो पूजन करेंगे और उसके बाद मुख्य मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन व विशेष पूजन अर्चना करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री प्रस्थान कर जाएंगे।

  • चंदौली में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, तीन बड़े डैम हुए ओवरफ्लो; पानी छोड़े जाने से बाढ़ का अलर्ट

    चंदौली में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, तीन बड़े डैम हुए ओवरफ्लो; पानी छोड़े जाने से बाढ़ का अलर्ट

    चंदौली 
    उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते लतीफ शाह, चंद्रप्रभा और मूसाखांड डैम पूरी तरह से लबालब भरकर ओवरफ्लो हो गए हैं. जलाशयों के तटबंधों को सुरक्षित रखने और पानी के स्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा नियमित रूप से जल डिस्चार्ज किया जा रहा है. लतीफ शाह डैम से करीब 7 से 8 फीट पानी नीचे गिर रहा है, जिसे देखने और सेल्फी लेने के लिए स्थानीय लोग जुट रहे हैं. इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। 

    डैमों से ओवरफ्लो और निचले इलाकों में खतरा
    लतीफ शाह और चंद्रप्रभा डैम में क्षमता से अधिक पानी भरने के कारण छोटी-छोटी नदियों के माध्यम से पानी निचले इलाकों की ओर बह रहा है. इससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ जैसी स्थिति और समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा बन गया है। 

    स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
    चकिया के लतीफ शाह और नौगढ़ के चंद्रप्रभा डैम पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार जलाशयों में अधिक पानी भरा है. पिछले दो दिनों से हो रहे ओवरफ्लो के कारण पानी नीचे जाकर लोगों की परेशानियां बढ़ा रहा है। 

    जिला प्रशासन और डीएम की निगरानी
    चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग खुद पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. आपदा प्रबंधन की टीमों को एक्टिवेट कर दिया गया है. डीएम ने बताया कि जलाशयों से थोड़ा-थोड़ा करके पानी इसलिए छोड़ा जा रहा है ताकि निचले इलाकों में अचानक बाढ़ न आए। 

  • फर्रुखाबाद में बाढ़ पीड़ितों का दर्द जानेंगे मुख्यमंत्री

    फर्रुखाबाद में बाढ़ पीड़ितों का दर्द जानेंगे मुख्यमंत्री

    फर्रुखाबाद

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फर्रुखाबाद पहुंचेंगे। वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर वास्तुस्थिति का जायजा लेंगे। इसके बाद बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों को भी जानेंगे। मुख्यमंत्री यहां राहत व आवश्यक सामग्री भी वितरित करेंगे। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ से फर्रुखाबाद पहुंचेंगे। इस दौरान वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हाल से अवगत होंगे। सुबह 11:30 बजे उनका हेलीकॉप्टर फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउंड उतरेगा।

    मुख्यमंत्री सुबह 11:40 बजे पुलिस लाइन में बने बाढ़ राहत शिविर पहुंचेंगे। वहां राहत सामग्री वितरित करेंगे। यहां जनपद के बाढ़ पीड़ित एक हजार परिवारों को आवश्यक सामग्री और राशन समेत राहत किट प्रदान करेंगे। साथ ही बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को नए मकान बनाने के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपेंगे। 

    यहां आमजन से संवाद के उपरांत मुख्यमंत्री मथुरा रवाना हो जाएंगे।

  • केयर टेकर्स के हितों और सम्मान के प्रति सरकार संवेदनशील: ब्रजेश पाठक

    केयर टेकर्स के हितों और सम्मान के प्रति सरकार संवेदनशील: ब्रजेश पाठक

    लखनऊ

    विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में संचालित सामुदायिक शौचालयों की सफाई एवं बेहतर प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले केयर टेकर्स से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित किया।
    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार केयर टेकर्स के हितों, सम्मान एवं सुविधाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में केयर टेकर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके योगदान से स्वच्छ, स्वस्थ एवं सशक्त ग्रामीण उत्तर प्रदेश के संकल्प को निरंतर गति मिल रही है।
    उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालयों के बेहतर संचालन और स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए केयर टेकर्स पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। सरकार उनके कार्यों को सम्मान देते हुए उनकी समस्याओं के समाधान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
    बैठक में केयर टेकर्स से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके हितों से संबंधित आवश्यक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
    इस अवसर पर मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ओम प्रकाश राजभर, सदस्य, विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, जन कल्याण केयर टेकर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार, प्रदेश अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) सविता सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

    इन मुद्दों पर हुई चर्चा
    बैठक में मुख्य रूप से केयर टेकर्स का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों के माध्यम से भुगतान, रुके मानदेय का शीघ्र भुगतान एवं मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। डिप्टी सीएम ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही सरकार द्वारा आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

  • इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराएं, निजी संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक न लें: मुख्यमंत्री योगी

    इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराएं, निजी संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक न लें: मुख्यमंत्री योगी

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी, मेडिकल कॉलेजों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा अस्पतालों में दवा, जांच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित रहे। गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री ने एच1एन1 की रोकथाम और उपचार के संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए।

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की उपस्थिति में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहां भी मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, वहां निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं की जाएं। निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जांच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क न लिया जाए, यह भी सुनिश्चित किया जाए।

    बैठक में विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1), इन्फ्लुएंजा-ए वायरस की एक प्रजाति है और यह सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में आता है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से खांसी और छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से फैलता है। बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हैं। बताया गया कि 2 सितंबर तक प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान करने तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने को कहा। अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के भी निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गंभीर मरीजों को समय से उपचार मिल सके, इसके लिए मरीजों की स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था की जाए। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को ही अस्पताल भेजने के साथ ऐसे मरीजों के लिए समुचित उपचार और आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञों ने बताया कि सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम अथवा नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, भोजन लेने में असमर्थता, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई तथा पहले से मौजूद बीमारी की स्थिति बिगड़ना भी गंभीर संकेत हैं। 

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप तथा एच1एन1 वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपदीय चिकित्सालयों में हेल्प डेस्क, जांच के लिए नमूना संग्रह और पृथक फ्लू ओपीडी की व्यवस्था है। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, आवश्यक जांच, दवाओं और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था उपलब्ध है।  

    निदेशक एसजीपीजीआई डॉ. आरके धीमान, कुलपति केजीएमयू डॉ. सोनिया नित्यानंद और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने-अपने संस्थानों में उपलब्ध उपचार, टेस्टिंग और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों में फ्लू ओपीडी और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था है तथा जांच के लिए पर्याप्त आरटीपीसीआर किट उपलब्ध हैं।  

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाए। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी सरल, सही और तथ्यपरक जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अनावश्यक पैनिक की स्थिति न बने। अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसी और छींक के दौरान सावधानी तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एच1एन1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी जिले में मामलों में बढ़ोतरी दिखाई देने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान, जरूरतमंद मरीज को त्वरित उपचार, पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना संक्रमण से निपटने की प्रभावी रणनीति है।

  • बॉन्डेड डॉक्टर्स का लागू होगा समान वेतनमान: ब्रजेश पाठक

    बॉन्डेड डॉक्टर्स का लागू होगा समान वेतनमान: ब्रजेश पाठक

    लखनऊ

    प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत बॉन्डेड डॉक्टर्स की वेतन संबंधी मांगों को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बुधवार को हजरतगंज स्थित अटल चौक पहुंचे। बारिश के बीच धरना स्थल पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से भेंट कर उनकी समस्याओं और मांगों को आत्मीयता से सुना एवं समान वेतनमान लागू करने हेतु आश्वस्त किया।  

    बॉन्डेड डॉक्टर्स द्वारा वेतन में असमानता और वेतन विसंगति का मुद्दा उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने समान वेतनमान लागू करने की घोषणा की। उन्होंने चिकित्सकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग के संबंध में कल तक शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने इस संबंध में मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दिए। 

    डिप्टी सीएम के इस कथन से बॉन्डेड चिकित्सकों के चेहरे खिल गए। इस दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा कि “आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। आपका सम्मान, अधिकार और हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। हर परिस्थिति में प्रदेश सरकार और व्यक्तिगत रूप से मैं आपके साथ मजबूती से खड़ा हूं।” उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बॉन्डेड डॉक्टर्स ने अपनी मांगों के समाधान की दिशा में उनकी पहल का स्वागत किया।

  • प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर, 16 हजार से अधिक लंच पैकेट वितरित किए

    प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर, 16 हजार से अधिक लंच पैकेट वितरित किए

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य लगातार पूरी तत्परता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में अचानक आई बाढ़ के बीच योगी सरकार का मजबूत राहत तंत्र एक बार फिर लोगों के लिए सहारा बना। प्रशासन और पीएसी के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाढ़ के पानी में फंसे करीब 150 लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    चित्रकूट के थाना पहाड़ी क्षेत्र के ग्राम चौरा में मंगलवार को मंदाकिनी नदी में अचानक बाढ़ आने से कई लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। सूचना मिलते ही बाढ़ राहत दल ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। 42वीं वाहिनी पीएसी नैनी प्रयागराज के बी दल की बाढ़ राहत ड्यूटी में तैनात प्लाटून ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मोटरबोट के जरिए प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, संबंधित लेखपाल और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत सामग्री और भोजन उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद लोगों का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

    1528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

    राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश के 32 जिले अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए, जबकि 22 जिलों में फिलहाल बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया है। राहत एवं बचाव अभियान के तहत 1,528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत नेटवर्क तैयार किया है। प्रदेश में मंलगवार को 742 बाढ़ चौकियां, 452 नाव एवं मोटरबोट व 225 मेडिकल टीमें सक्रिय रहीं। वहीं 105 शरणालय में 2,460 लोगों ने शरण ली है।

    16 हजार से अधिक लंच पैकेट बांटे

    प्रभावित परिवारों तक भोजन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने का अभियान भी लगातार जारी है। मंगलवार को 1,640 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए। साथ ही 16,190 लंच पैकेट भी बांटे गए। 18 हजार से अधिक क्लोरिन पैकेट, 7 हजार से अधिक ओआरएस पैकेट का भी वितरण किया गया। इसके अलावा 310 क्विंटल भूसा वितरित किया गया।

    बाढ़ प्रभावित जिले

    अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी।

  • गोरक्षपीठ में परंपरा, भव्यता और उल्लास से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

    गोरक्षपीठ में परंपरा, भव्यता और उल्लास से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

    गोरखपुर

     गोरक्षपीठ में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) 4 सितंबर, शुक्रवार को परंपरा, भव्यता और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित होंगे। गोरखनाथ मंदिर में भजनों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद, गोरक्षपीठाधीश्वर उनके बालरूप को पालने में झुलाएंगे। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में गोरखनाथ मंदिर में भजन संध्या के साथ बच्चों के लिए श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।

    गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह के कार्यक्रम शाम 5 बजे से ही प्रारंभ हो जाएंगे। बच्चों के लिए श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता के बाद भजन संध्या का आयोजन होगा। गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि स्मृति भवन में भजनों की प्रस्तुति रात 11:30 बजे तक अनवरत जारी रहेगी। भजन संध्या के दौरान ही गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित होंगे। यहां भजन सुनने के साथ ही वह वह बच्चों को खिलौना और चॉकलेट भी देंगे। 

    रात 11.30 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने पहुंचेंगे। रात 12 बजते ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वह मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। इसके बाद वह श्रीकृष्ण के बालरूप को पालने में झुलाएंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जुटने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

    दो वर्गों में होगी श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता

    शुक्रवार (4 सितंबर) को गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में सायंकाल 5 बजे से 7 बजे तक श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी। कान्हा वर्ग में 1 से 5 वर्ष तक तथा गोपाल वर्ग में 6 से 8 वर्ष तक के बच्चे प्रतिभाग कर सकेंगे। प्रतिभागियों का पंजीकरण कार्यक्रम स्थल पर ही किया जाएगा। प्रतियोगिता में न सिर्फ विजेताओं बल्कि इसमें शामिल सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के बाद रात्रि 8 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा। स्मृति भवन में सुपरिचित लोक गायक राकेश श्रीवास्तव की टीम भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देगी। जबकि मुख्य मंदिर में हनुमंत सांस्कृतिक संस्थान द्वारा भजनों की प्रस्तुति की जाएगी।