Category: उत्तर प्रदेश

  • एमवीडी लॉ कॉलेज में गूंजा ‘रंग दे बसंती’, युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

    एमवीडी लॉ कॉलेज में गूंजा ‘रंग दे बसंती’, युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

    लखनऊ

     मां वैष्णो देवी एजुकेशनल लॉ कॉलेज में आगामी शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘रंग दे बसंती’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेन-जी के साथ संवाद स्थापित करने के साथ ही उन्हें राजनीतिक जागरूकता, लोकतांत्रिक भागीदारी, नेतृत्व की समझ और आत्म-अभिव्यक्ति के लिए एक संवादात्मक मंच उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आने वाले दिनों में प्रदेश के हर कैंपस में कंटेंट क्रिएटर्स के लिए ऐसे ही अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

    कार्यक्रम के दौरान छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया गया। राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर युवाओं की राय और धारणाओं को समझने का प्रयास किया गया। राजनीतिक क्विज और भाषण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही उन्हें मतदान करने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

    शिक्षा, युवा भागीदारी जैसे मुद्दों पर साझा किए विचार

    ‘रंग दे बसंती’ टीम की ओर से युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, आकांक्षाओं और समकालीन मुद्दों पर चर्चा की गई। चंद्रभूषण ने कॉलेज के प्राचार्य का साक्षात्कार लिया और जेन-जी से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं उनकी चिंताओं पर बातचीत की। इस दौरान शिक्षा, नेतृत्व, युवाओं की भागीदारी और बदलते सामाजिक परिवेश जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।

    कार्यक्रम में छात्र कंटेंट क्रिएटर्स को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। टीम की सदस्य अविका सिंह ने कॉलेज के कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद कर कंटेंट निर्माण के अवसरों, इसके लाभ और संभावित प्रोत्साहनों की जानकारी दी। आयोजन में विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता पहचानने और उसे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने का अवसर भी मिला।

    आगामी शिक्षक दिवस के संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम में शैक्षिक गतिविधियों में शिक्षकों के योगदान को भी विभिन्न प्रतियोगिताओं और संवाद के माध्यम से रेखांकित किया गया। इस दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विजय शंकर पांडे, अधिवक्ता प्रभात सिंह समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों में उत्साह बढ़ा और उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम के दौरान ‘रंग दे बसंती’ टीम ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया। 

    प्रदेश स्तर पर होगा विस्तार

    टीम के सदस्यों अविका सिंह, स्नेहा सिंह, चंद्रभूषण बारोड़ और विशाल तिवारी ने बताया कि ‘रंग दे बसंती’ के माध्यम से पहले भी प्रयागराज, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, मेरठ और अयोध्या समेत विभिन्न जनपदों में कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के मंच उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में टीम प्रदेश के सभी जनपदों तक पहुंचने और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को संवाद, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।

    रंग दे बसंती का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा और विचारों को कलात्मक रूप से सामने लाने के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और कैंपस में ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा, ताकि हर कैंपस से युवा कंटेट क्रिएटर्स और प्रतिभाएं सामने आ सकें।

  • जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का दर्शन करेंगे मुख्यमंत्री

    जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का दर्शन करेंगे मुख्यमंत्री

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी पर शुक्रवार की सुबह मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री शाम को लखनऊ पुलिस लाइन और देर रात्रि गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में होने वाले जन्माष्टमी आयोजनों में भी शामिल होंगे। 

    मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाएंगे। वह परिसर में गोपूजन करेंगे। इसके पश्चात दर्शन-पूजन कर लीलाधारी भगवान के चरणों में श्रद्धा निवेदित करेंगे। मुख्यमंत्री लखनऊ पुलिस लाइन में शाम को होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने बताया कि मुख्यमंत्री यहां मंदिर में झांकी दर्शन करेंगे। यहां भक्ति से ओतप्रोत अनेक कार्यक्रम भी होंगे। मुख्यमंत्री आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिये भक्ति सरिता का आनंद उठाएंगे। 

    इसके पश्चात देर रात्रि गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर में होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में भी गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित होंगे। गोरखनाथ मंदिर में भजनों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर उनके बालरूप को पालने में झुलाएंगे। 

    गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन में भजनों की प्रस्तुति रात 11:30 बजे तक अनवरत होगी। भजन संध्या के दौरान ही गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित होंगे। यहां भजन सुनने के साथ ही वह बच्चों को खिलौने और चॉकलेट भी भेंट करेंगे। इस अवसर पर श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता भी होगी। 

    रात 11.30 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने पहुंचेंगे। रात 12 बजते ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वह मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। इसके बाद वह श्रीकृष्ण के बालरूप को पालने में झुलाएंगे।

  • ‘योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं’, विधायक श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य

    ‘योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं’, विधायक श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य

    मथुरा

     गुरुवार को विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत और अभिनंदन करते हुए 2017 के बाद ब्रज में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ब्रज के अंदाज में करते हुए कहा कि योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं। 

    मथुरा-वृंदावन में पुल और सड़कों का जिक्र

    भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ब्रज ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में यमुना और गंगा की तरह विकास का प्रवाह लगातार तेज गति से जारी है। वर्ष 2017 से पहले ब्रज की हालत बहुत खराब थी। जहां घुटनों तक कीचड़ होता था, वहां अब खड़ंजा बन गया है। जहां गड्ढे होते थे, वहां इंटरलॉकिंग हो गई है और जहां सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे थे, वहां मजबूत सड़कें बन गई हैं। पहले यमुना पार जाने के लिए ब्रजवासियों के पास एक ही पुल था, लेकिन अब तीन पुल उपलब्ध हैं। मथुरा में लक्ष्मी नगर के पास पुल और वृंदावन में दो पुल बनाए गए हैं।  

    भाजपा विधायक ने कहा कि पहले मथुरा से वृंदावन जब शाम को आते थे तो 9 बजे के बाद दूधियों से दूध की कैन और साइकिल तक छीन ली जाती थी। अब मथुरा के भूतेश्वर से रंगजी मंदिर तक चौड़ी सड़क बन गई है और रात में दूधिया रोशनी से पूरा मार्ग जगमगाता है। उन्होंने भूतेश्वर से गोवर्धन चौराहा और गोवर्धन होते हुए डींग बॉर्डर तक सड़क निर्माण का भी जिक्र किया। कहा कि 2017 से पहले इन मार्गों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे थे और मोटरसाइकिल-साइकिल सवार गिर जाते थे। आज बेहतर सड़कों के कारण आवागमन सुगम हुआ है।

    यमुना में गिर रहे 36 नालों में से 32 टैप किए जा चुके

    श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले मथुरा-वृंदावन के 36 नाले सीधे यमुना में गिरते थे, लेकिन अब इनमें से 32 नाले बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल चार नाले यमुना में गिर रहे हैं और ये चारों भी अक्टूबर तक पूरी तरह टैप कर दिए जाएंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 70 सालों में कुछ नहीं किया, जबकि 2017 से 2022 के बीच 36 में से 32 नालों को बंद किया गया।

    भाजपा विधायक ने जवाहर बाग का जिक्र करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जवाहर बाग पर कब्जे को लेकर हुई घटना कलंक है, जिसे लोगों को समय-समय पर याद दिलाते रहना चाहिए। आज जवाहर बाग को देखकर लोग खुद इसकी बदली तस्वीर देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे ब्रज 84 कोस क्षेत्र में यात्रा के पड़ाव स्थलों को विकसित करने का काम भी किया है।

  • 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, निवेश से 65 लाख रोजगार: सीएम योगी

    9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, निवेश से 65 लाख रोजगार: सीएम योगी

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में अपनी चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए विकास की नई दिशा तय की है। कभी बीमारू प्रदेश की छवि से देखा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, कृषि, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आस्था को अर्थव्यवस्था, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार, शिक्षा को रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश से जोड़ने का काम किया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को मथुरा में पंचायत आज तक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, रोजगार, भर्ती व्यवस्था, शिक्षा, कृषि, गन्ना भुगतान, ओडीओपी, एमएसएमई, महिला स्वयं सहायता समूह, धार्मिक पर्यटन, निवेश, निर्यात, इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, कांवड़ यात्रा और युवाओं के कौशल विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

    9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, निवेश से करीब 65 लाख रोजगार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी, उपजाऊ भूमि, विशाल बाजार, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और उद्यमशीलता है। सरकार ने इन संसाधनों को एक साथ जोड़कर विकास का ऐसा मॉडल तैयार करने का प्रयास किया है, जिसका सीधा लाभ गांव, किसान, कारीगर, महिला स्वयं सहायता समूह, युवा और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है इसलिए डबल इंजन सरकार ने यूपी में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और आरक्षण व्यवस्था का पालन किया गया है। पेपर लीक और नकल के खिलाफ सख्त कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

    कानून का राज बना विकास की पहली शर्त, कैराना का दिया उदाहरण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। निवेश के माध्यम से करीब 65 लाख युवाओं को रोजगार मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि एमएसएमई और ओडीओपी से 3.25 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किलिंग एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की योजना का भी उन्होंने उल्लेख किया। विकास और निवेश के लिए सबसे जरूरी शर्त कानून का राज है। कैराना का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी पलायन की चर्चा होती थी, वहां अब परिस्थितियां बदली हैं। सुरक्षा का वातावरण बनने से लोगों में भरोसा बढ़ा है और प्रदेश निवेश के लिए अधिक अनुकूल हुआ है। 

    आस्था बनी स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत, ब्रज में करीब 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे

    मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को रोजगार और स्थानीय कारोबार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु जब किसी धार्मिक स्थल पर पहुंचता है तो वह फूल-माला, प्रसाद और स्थानीय उत्पाद खरीदता है, रिक्शा-टैक्सी का इस्तेमाल करता है, होटल और रेस्टोरेंट में ठहरता है। इससे एक व्यक्ति का धार्मिक भ्रमण कई परिवारों की आजीविका का आधार बनता है। ब्रज क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने जन्माष्टमी, बरसाना की होली, ब्रज राज महोत्सव, गोवर्धन की पंचकोसी और 84 कोसी परिक्रमा का जिक्र किया। पिछले वर्ष करीब 11 करोड़ श्रद्धालु ब्रज क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन और शुक्रतीर्थ के साथ बौद्ध व जैन स्थलों को भी पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की बात कही।

    ओडीओपी ने गांव-कस्बों के हुनर को दिया बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर

    सीएम ने एक जिला, एक उत्पाद को स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अहम पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहले बाजार और सुविधाओं के अभाव में बड़ी संख्या में कारीगर और छोटे उद्यमी पलायन कर रहे थे। ओडीओपी के माध्यम से जिलों के पारंपरिक उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार, तकनीक, पैकेजिंग, डिजाइन और कनेक्टिविटी से जोड़ा गया। फिरोजाबाद का कांच, मुरादाबाद का पीतल, अलीगढ़ का हार्डवेयर, लखनऊ की चिकनकारी, मेरठ के खेल उत्पाद, सहारनपुर का लकड़ी का काम, भदोही की कालीन, वाराणसी की साड़ी, गोरखपुर की टेराकोटा और सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पाद अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं। 

    गन्ना किसानों के भुगतान में तेजी, 122 चीनी मिलों का संचालन

    कृषि क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता देश के लिए महत्वपूर्ण है। प्रदेश की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और करीब 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद देश के खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत है। सीएम ने गन्ना किसानों के भुगतान का उल्लेख करते हुए कहा करीब 3.26 लाख करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य भुगतान किया। गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की बात कहते हुए कहा कि वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं साढ़े नौ साल में कोई चीनी मिल बंद नहीं हुई। 110 चीनी मिलों द्वारा चौथे दिन तक भुगतान किया जाता है।

    ड्रॉपआउट दर 19-20 से घटकर अब तीन प्रतिशत से भी कम

    शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के भविष्य से जोड़ा। 2017 से पहले स्कूलों में शौचालय, पेयजल, भवन, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.46 लाख बेसिक शिक्षा स्कूलों में से 1.36 लाख स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर किए जाने के बारे में बताया। करीब 1.60 करोड़ बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराने का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई है। ड्रॉपआउट दर 19-20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत से भी कम हुई। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा आठ के बजाय कक्षा 12 तक विस्तार देने, मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूलों और अटल आवासीय विद्यालयों जैसे मॉडल विकसित करने की बात भी उन्होंने कही।

    एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और जलमार्ग से निवेश को गति

    मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 16 प्रतिशत है। सात शहरों में मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तथा आरआरटीएस का जिक्र करते हुए उन्होंने कनेक्टिविटी में सुधार को बड़ी उपलब्धि बताया। वाराणसी से हल्दिया तक इनलैंड वाटरवे और प्रदेश में 17 घरेलू तथा पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क, रेल, एयर और जल कनेक्टिविटी बेहतर होने से निवेश और व्यापार को नई गति मिलती है। प्रदेश की विकास यात्रा अब केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। आस्था से पर्यटन, पर्यटन से कारोबार, कारोबार से रोजगार, रोजगार से स्थानीय अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश को जोड़कर उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक विकास यात्रा का प्रमुख केंद्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

    त्योहारों के आयोजन से लेकर विरासत संरक्षण तक, नए यूपी का मॉडल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए धार्मिक आयोजनों को सुविधाजनक बनाने का काम किया है। जन्माष्टमी और कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले धार्मिक आयोजनों पर अनेक तरह के प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि अब सुरक्षा और कानून के दायरे में उत्सवों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। सीएम ने कहा इस वर्ष कांवड़ यात्रा में गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल हुए। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का आधार उसकी पहचान और क्षमता दोनों हैं। धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, कृषि, स्थानीय उत्पाद, युवा शक्ति, उद्योग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को साथ लेकर चलने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है। यही बदलाव उत्तर प्रदेश को पुरानी बीमारू छवि से बाहर निकालकर एक ऐसे प्रदेश की ओर ले जा रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

    विज्ञापन से पोस्टिंग तक युवा रहते थे चिंतित

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कोई भी नौकरी निकलती थी और उसका विज्ञापन जारी होते ही खेल शुरू हो जाता था। उन्होंने इस व्यवस्था को एक सिंडिकेट बताते हुए कहा कि इसमें महाभारत के सभी पात्र मिल जाएंगे। कोई शकुनि था, कोई दुर्योधन और कोई दुशासन। ये सभी मिलकर उत्तर प्रदेश के युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करते थे। हर युवा पहले परीक्षा के विज्ञापन को लेकर चिंतित रहता था। इसके बाद परीक्षा, फिर परिणाम और फिर पोस्टिंग को लेकर उसकी चिंता बनी रहती थी। इसके बाद भी उत्तर प्रदेश में आगे जो खेल होता था, उसे सभी ने देखा है। यदि 2017 से पहले इन लोगों ने ईमानदारी के साथ उत्तर प्रदेश के नौजवानों को उस प्रकार के अवसर दिए होते तो प्रदेश के अंदर ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियां कभी नहीं आतीं।

  • मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

    मथुरा

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज की धरा से प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में स्वामी  हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इसमें 540 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण, 437 करोड़ से अधिक लागत की 167 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही आवास योजना के लाभार्थियों के खाते में 72 करोड़ से अधिक की धनराशि स्थानांतरित की गई। सीएम ने ब्रज, अयोध्या, काशी आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भले ही मंदिरों को तोड़ा, लेकिन वे हमारी भक्ति को कभी नहीं डिगा पाए। 

    हरिदास जी ने साधना को समाज की चेतना से जोड़ा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने भक्ति को संगीत का स्वरूप दिया। संगीत को साधना बनाया और इसे समाज की चेतना से जोड़ा। उनकी साधना ने एक सम्राट को भी भक्ति रस के साथ जोड़ने का अद्भुत कार्य किया। महान संगीतज्ञ तानसेन स्वामी हरिदास जी के शिष्य थे।

    विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी के चश्मे से देखा गया

    सीएम ने कहा कि हम लोगों ने लंबे समय तक विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी, भवन और उद्योग के चश्मे से देखने की कोशिश की। विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा। इतिहास के नायकों को भारतीय स्मृति से मिटाने की कोशिश हुई। पहले विदेशी आक्रांताओं, फिर अंग्रेजों ने हमारे इतिहास और ऐतिहासिक चिन्हों को नष्ट किया, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने तो हमारी विरासत की उपेक्षा व अपमान की हद पार कर दी। 

    2017 से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव होता था

    सीएम ने कहा कि अब मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, बलदेव क्षेत्र जिस विरासत और उत्सव के लिए जाना जा रहा है, वह 2017 के पहले संभव नहीं था। सीएम ने जून 2016 के जवाहर बांग कांड के उपद्रव और इसमें 29 लोगों के मारे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें हमारे दो पुलिस अधिकारी भी बलिदान हुए थे। ऐसे उपद्रव प्रदेश में उत्सव, विकास, सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण की कल्पना कौन कर सकता था। एक राष्ट्र अपनी स्मृति, संस्कृति, जड़ों को ढूंढने से महान बनता है। जिस समाज को विरासत का बोध होता है, वह दुनिया से सीखता और दुनिया को सिखाता भी है।

    संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण, सनातन की निरंतरता का इतिहास
    सीएम ने कहा कि भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण, सनातन की निरंतरता का इतिहास है। मथुरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कृष्ण जन्मभूमि स्थित केशव देव मंदिर ने कई आक्रमण सहे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, लेकिन वे कृष्ण, राधारानी की स्मृति को नहीं मिटा पाए। न जन्माष्टमी का आयोजन रुका और न ही वृंदावन की भक्ति। न बरसाना की होली थमी और न गोवर्धन की परिक्रमा। यही है सनातन और ब्रज की शक्ति। 

    निरंतर बढ़ती रही सनातन की आभा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में मंदिरों पर प्रहार के प्रसंग मिलते हैं, किंतु उसी कालखंड में ब्रज की धरती पर स्वामी हरिदास जैसे संत साधना से संगीत की ऐसी धारा विकसित करते हैं, जिसकी गूंज सदियों से चली आ रही है। यह अनंत काल तक हर संगीतज्ञ को आकर्षित करती रहेगी। काशी विश्वनाथ का मंदिर औरंगजेब ने तोड़ा, लेकिन परंपरा कभी समाप्त नहीं हुई। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज काशी विश्वनाथ धाम भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जा रहा है। अयोध्या में बाबर ने 1528 में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर को तोड़ कर गुलामी का ढांचा बनवा दिया, लेकिन इससे रामनवमी, पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा, सावन का झूला मेला नहीं रुका। सनातन की आभा निरंतर बढ़ती रही और संघर्ष का जज्बा पैदा करती रही। इसी का परिणाम है कि अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर बन गया है। 

    लोक कल्याण के लिए संतों ने समर्पित किया जीवन 

    सीएम ने कहा कि भारत को समझने के लिए संतों और कलाकारों की लोक विधा की कला को समझना पड़ेगा। क्रांतिकारियों और उन करोड़ों भारतीयों को पढ़ना होगा, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी इस सभ्यता को जीवित रखा। महाराज सुहेलदेव, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, जगद्गुरु आदि शंकराचार्य से लेकर एक लंबी परंपरा चली आई है। पूज्य संतों ने लोक कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। 

    मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला समेत हर क्षेत्र में है विरासत 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत केवल किसी भौतिक वस्तु में नहीं होती। यह हमारे मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, खगोल ज्ञान, लोक व ज्ञान परंपराओं में भी है। डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसमें नए आयाम (विरासत, विकास, आस्था, आर्थिकी, परंपरा और परिवर्तन भी) और आधुनिकता को भी जोड़ा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य, सारनाथ, कुशीनगर जैसे तीर्थ स्थलों का विकास कर हम वर्तमान और भावी पीढ़ी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नयन को बढ़ा रहे हैं। बदलते उत्तर प्रदेश, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत कानून व्यवस्था और विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश आए।

    विरासत से जुड़कर ही विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र बनेगा भारत

    सीएम ने ब्रज की धरा से स्पष्ट संदेश दिया कि भारत विरासत से जुड़कर ही विकसित व आत्मनिर्भर राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करेगा। इसके लिए महिला, युवा, किसान, उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी समेत हर तबके का उन्नयन होना चाहिए। कानून का राज इसकी पहली शर्त है। श्रद्धालु, पर्यटक, निवेशक तभी आएंगे, जब उन्हें सुरक्षा पर भरोसा होगा। मां-बेटी तभी निर्भय होकर बाहर निकलेंगी, जब उसका शासन पर विश्वास होगा। सावन में गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच 5 करोड़ कांवड़ यात्री निकले। अन्य मार्गों पर भी यह संख्या करोड़ों में रही। 

    2017 से पहले उपद्रव होता था, अब उत्सव से पहले तैयारियां

    सीएम ने कहा कि बरेली में महीनों दंगे होते थे। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ में दंगे होते थे, लेकिन साढ़े 9 वर्ष में यूपी कर्फ्यू व दंगा मुक्त है। अब उत्सव हमारी पहचान है। अब मथुरा-वृंदावन में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं। रंगोत्सव, वैष्णव कुंभ, दुर्गा पूजा, रामनवमी, दीपोत्सव, शोभायात्राएं व महाकुंभ जैसे भव्य आयोजन हो रहे हैं। पहले उत्सव से पहले उपद्रव की आशंका रहती थी, अब उत्सव के पहले तैयारी होती है। भारत अब आस्था के सबसे बड़े आयोजनों को आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ आयोजित कर रहा है। 

    पर्यटन विकास से जोड़े जा रहे ब्रज के क्षेत्र

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 वर्ष में 1000 करोड़ रुपये से ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने अनेक परियोजनाओं को पूरा किया। सुरक्षा, स्वच्छता, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रद्धालुओं का सम्मान हो रहा है। वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधा कुंड, गोकुल, बलदेव, मथुरा आदि को पर्यटन विकास से जोड़ा जा रहा है। 84 कोसी, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, कुंडों का पुनरुद्धार हो रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय का संरक्षण प्राप्त हुआ तो  बांके बिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का भव्य विकास भी होगा। वृंदावन में रोपवे, मेगा पार्किंग और मथुरा में राया अर्बन नोड जैसी परियोजनाओं के जरिए ब्रज के आधुनिक भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास प्रारंभ हुआ है।

    सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना भी हुई

    सीएम ने कहा कि ब्रज संस्कृति के संरक्षण और ब्रजभाषा के संवर्धन के उद्देश्य से सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना हुई। डबल इंजन सरकार देश-विदेश के ख्यातिलब्ध कलाकारों को एक मंच पर लाकर ब्रज की समृद्ध संगीत एवं साहित्यिक विरासत को भी संरक्षित, संवर्धित और विश्व पटल पर प्रतिष्ठित कर रही है। वृंदावन के नगरीय सीमा के भीतर ही 400 एकड़ क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा सिटी वन (सौरभी वन) विकसित किया जा रहा है।

    इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, सांसद हेमामालिनी, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, विधायक कांत शर्मा, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी, विधान परिषद सदस्य ओमप्रकाश सिंह, योगेश चौधरी, जिला पंचायत प्रशासक किशन चौधरी आदि उपस्थित रहे।

  • मरीजों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन, 26 डॉक्टर बर्खास्त

    लखनऊ 

    सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी और ड्यूटी में लापरवाही भारी पड़ी। लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और चिकित्सीय दायित्वों का पालन नहीं करने वाले 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामले में नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 
    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित और लापरवाही के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। ड्यूटी से गायब रहने या चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    उन्होंने अधिकारियों को अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी-आईपीडी सेवाओं और मरीजों को मिल रहे उपचार की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    इन डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई

    बर्खास्त किए गए 26 डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात थे। इनमें फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मीरजापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं इटावा, रामपुर, मेरठ, बदायूं, भदोही, बलरामपुर और गौतमबुद्ध नगर में तैनात नौ डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फिरोजाबाद के कायमगंज सीएचीस के डॉ. स्वदेश कुमार, अलीगढ़ डॉ. वीरेंद्र सिंह, गाजीपुर में स्त्री रोग विभाग डॉ. स्वाती विश्वकर्मा, हरदोई में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बृजेश यादव, महोबा में ईएनटी सर्जन डॉ. ईशान दीक्षित, बुलंदशहर की डॉ. स्वाती आनंद, लखनऊ सिविल हॉस्पिटल डॉ. मनोज कुमार चौरसिया, हरदोई बावन पीएचसी के डॉ. मो. उताउर रहमान, भटपुर पीएचसी डॉ. मनीष खन्ना, बलरामपुर डॉ. अक्षय लेले, मथुरा गोवर्धन सीएचसी जनरल सर्जन डॉ. राकेश फौजदार, मीरजापुर  जरनल सर्जन डॉ. नरेंद्र कुमार जायसवाल, झांसी बबीना सीएचसी की डॉ. निशा बुंदेला, गाजीपुर डॉ. अचल सिंह, बरेली के डॉ.शशांक वर्मा, गोरखपुर ब्रहम्हपुर पीएचसी डॉ. विशाल कुमार सिंह, सहारनपुर गंगोह सीएचसी डॉ. इन्द्रजीत सिंह, मुरादाबाद डॉ. मोहम्मद शबाब खान, चन्दौली से डॉ. राजेश कुमार सिंह, मुरादाबाद के डॉ. मुजफर अली, मैनपुरी डॉ. कृष्ण मुरारी द्विवेदी, मुरादाबाद डॉ. फरयाद हुसैन, मऊ डॉ. तनवीर फरीदी, सुलतानपुर लोकनाथपुर पीएचसी के डॉ. आशुतोष शुक्ला, अमनाईकपुर पीएचसी डॉ. सुशील कुमार खरवार, मुजफ्फरनगर डॉ. कुंवर विक्रांत को बर्खास्त किया गया है।

    विभागीय कार्रवाई के निर्देश

    उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही नौ डॉक्टरों पर भारी पड़ी। डिप्टी सीएम ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें इटावा के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास यादव, रामपुर के डॉ. केक चहल,  मेरठ की डॉ. संगीता चोपड़ा, बदायूं के कादरचौक सीएचसी के डॉ. अवधेश राठौर, भदोही के डॉ. संतोष चक, बलरामपुर के डॉ. सुमित कुमार, भदोही के डॉ.धीरज प्रकाश, गौतमबुद्ध नगर के अरविन्द मलिक और डॉ. असद शामिल हैं।

  • प्रसव के लिए छह हजार रुपये मांगने के आरोप पर डॉक्टर हटाई, ओटी अटेंडेंट बर्खास्त

    प्रसव के लिए छह हजार रुपये मांगने के आरोप पर डॉक्टर हटाई, ओटी अटेंडेंट बर्खास्त

    लखनऊ

    बीकेटी के राम सागर मिश्र हॉस्पिटल में ऑपरेशन से प्रसव के नाम पर छह हजार रुपये मांगने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा सिंह को अस्पताल से हटाकर माल सीएचसी भेज दिया गया, जबकि ओटी अटेंडेंट देवेंद्र कुमार सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। 

    आरोप है कि भवानीपुर निवासी लल्ला बुधवार सुबह अपनी गर्भवती पत्नी धर्मी को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी और ओटी में ले जाने के बाद परिजनों से छह हजार रुपये मांगे गए। रुपये देने में असमर्थता जताने पर ऑपरेशन टालने और मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आया।

    इस पूरे प्रकरण की जांच मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. उमेश सचान करेंगे। डिप्टी सीएम ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राम सागर मिश्र हॉस्पिटल का अतिरिक्त कार्यभार इटौंजा सीएचसी की डॉ. शबा आफरीन को सौंपा गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को परेशान करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • गांव-गांव पहुंचेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, योगी सरकार महीनेभर चलाएगी जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यक्रम

    गांव-गांव पहुंचेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, योगी सरकार महीनेभर चलाएगी जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यक्रम

    योगी सरकार प्रदेशभर में चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’, गांव से महानगर तक होंगे जनसेवा के कार्यक्रम

    पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

    जनसेवा से राष्ट्र निर्माण तक व्यापक जनभागीदारी पर योगी सरकार का जोर, ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक होंगे आयोजन

    उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय बनाए गए प्रदेश प्रभारी, विभागवार तय होंगे दायित्व 

    लखनऊ, 
     योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने के अवसर को प्रदेशभर में जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ेगी। इसके लिए सरकार 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। ग्राम और न्याय पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तथा महानगरों तक एक महीने चलने वाले अभियान में जनसेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का जोर अभियान को सरकारी आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय इसमें व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

    योगी सरकार की मंशा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से नागरिकों को परिचित कराने के साथ उन्हें ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने की है। इसके लिए कार्यक्रमों को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखकर न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है।

    ‘आशीर्वाद का दीया’ से योगी सरकार करेगी अभियान का आगाज
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर को योगी सरकार ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत करेगी। ग्राम पंचायतों से लेकर शहरों तक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। अभियान के दौरान ‘करोड़ों बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली’, ‘इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    स्वच्छता से रक्तदान तक, जनसेवा पर रहेगा फोकस
    ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत योगी सरकार प्रदेशभर में स्वच्छता और वृक्षारोपण के साथ घाटों, पार्कों और गोशालाओं की सफाई एवं सौंदर्यीकरण के कार्यक्रम आयोजित करेगी। रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। वहीं ‘आरोग्य मेलों’ के जरिए लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं के वितरण की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों, युवाओं और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। ‘नमो सेवा गाथा’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं और इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में आए बदलाव को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

    7 अक्टूबर को हर जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’
    अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में 7 अक्टूबर को प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके माध्यम से नागरिकों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का प्रसारण भी किया जाएगा।

    विभागों को जिम्मेदारी सौंपेगी योगी सरकार
    अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सेवा संकल्प अभियान के प्रदेश प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय जल्द संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें विभागवार जिम्मेदारियां तय करने के साथ कार्यक्रमों के प्रभावी और व्यापक आयोजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। योगी सरकार का प्रयास है कि महीनेभर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल आयोजनों की श्रृंखला न बनकर जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प को प्रदेश के गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने का माध्यम बने।

  • सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन, पुस्तक का किया विमोचन

    सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन, पुस्तक का किया विमोचन

    जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी’ 

    मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया

    सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन, पुस्तक का किया विमोचन

    योजनाओं के लाभार्थियों को दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी और चेक 

    सीएम ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, महिलाओं को दिए उपहार

    मंच पर उतरी भारतीय संस्कृति, भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत 

    मथुरा
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी से एक दिन पहले विकास परियोजनाओं के उपहारों के माखन से ब्रजवासियों की ‘मटकी’ भर दी, जो स्थानीय नागरिकों के जीवन में खुशियों की बहार लेकर आई। मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां संतों को सम्मानित भी किया। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन से पहले एक लाभार्थी को ट्रैक्टर की चाबी भी प्रदान की। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पाने वाले सपेरा संवर्ग के लाभार्थियों समेत जनप्रतिनिधियों, संतों, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं आदि ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने 1980 बैच की आईएएस (सेवानिवृत्त) आराधना जौहरी की पुस्तक का विमोचन किया। सीएम ने उन्हें भी बधाई दी।  

    मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन 
    मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को गोद में लेकर दुलारा-पुचकारा। चंदन लगाया, गुड़िया व खिलौने दिए। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन करते हुए उन्हें खीर भी खिलाई। सीएम ने मातृशक्ति को उपहार व फलों की टोकरी भी दी।  

    मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया
    मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद/फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी आदि ने फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान प्रेक्षागृह के निर्माण, विकास से जुड़ी लघु फिल्म भी दिखाई गई। इससे पहले उन्होंने मंत्रोच्चार करने वाले बटुकों से भी परिचय प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने संतों को माल्यार्पण, फल, अंगवस्त्र आदि देकर सम्मानित भी किया। 

    भगवान के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत 
    मंच पर हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय, वृंदावन की छात्राओं ने राष्ट्रगीत भी प्रस्तुत किया। 51 कलाकारों ने शिवोअहं प्रोडक्शन की ओर से भारत के विभिन्न राज्यों की नृत्य शैली के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को प्रस्तुत किया। इसकी कोरियोग्राफर बीएचयू वाराणसी की कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा थीं। 

    सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन 
    मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। योजनाओं की प्रगति के साथ ही महिलाओं समेत विभिन्न सामग्रियों, वस्त्रों, उत्पादों को तैयार करने वालों से कार्यों आदि के बारे में जानकारी ली। महिला स्वयंसेवी समूहों की महिलाओं ने भी अपने कार्यों से सीएम को अवगत कराया। 

    सीएम ने दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी/चेक 
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) व मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 7240 लाभार्थियों में सहायता राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, चेक-चाबी आदि प्रदान किया। 

    सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान 

    मनोज कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
    अर्चना- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दर्जी ट्रेड का टूल किट
    तोरन सिंह- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना क तहत 3.20 लाख का स्वीकृति पत्र 
    शैलेंद्र सिंह- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11.80 लाख का स्वीकृति प्रमाण पत्र 
    पुष्पेंद्र सिंह- मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत 80 हजार का स्वीकृति प्रमाण पत्र 
    डॉ. प्रिंसेज चक्रवर्ती- नियुक्ति पत्र 
    डॉ. रजत द्विवेदी- नियुक्ति पत्र 
    मुरारी लाल- कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 65 हजार का चेक 
    राजवीर सिंह- दुग्ध प्रसंस्करण के लिए 8.75 लाख का चेक 
    सौरभ कुमार वर्मा- मसाला प्रसंस्करण के लिए 4.12 लाख से अधिक का चेक 
    अजय- डिजिटल लाइब्रेरी व पुलिस विभाग में उप निरीक्षक पद पर चयनित होने के लिए प्रशस्ति पत्र  
    पायल- लाड़ली वन व वृहद पौधरोपण के लिए प्रशस्ति पत्र 
    श्यामवती- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी 
    ममता- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी
    सुखदेई- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक।

  • UP में सिंचाई व्यवस्था को मिली रफ्तार, आधुनिक नलकूपों से किसानों के खेतों तक पहुंचेगा पानी

    UP में सिंचाई व्यवस्था को मिली रफ्तार, आधुनिक नलकूपों से किसानों के खेतों तक पहुंचेगा पानी

    योगी सरकार में आधुनिक हो रहे राजकीय नलकूप, किसानों के खेतों तक पहुंच रहा पानी

    6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता

    नलकूपों के आधुनिकीकरण से किसानों को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाई सिंचाई सुविधाएं

    3.15 लाख कृषक परिवारों को मिला लाभ, योगी सरकार का किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

    पुराने नलकूपों का कायाकल्प, नए निर्माण से बढ़ी यूपी की सिंचाई क्षमता

    लखनऊ,
    किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल सिंचाई संसाधनों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध व्यवस्था को आधुनिक, सुचारु और अधिक उपयोगी बनाना भी है। इसी क्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के साथ खेती की लागत और जोखिम कम करने में भी मदद मिल रही है।

    विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण, 1,769 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 6,600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ खेतों तक पानी की उपलब्धता को अधिक भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

    इन कार्यों के परिणामस्वरूप 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापना हुई, जबकि 3.15 लाख कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। यानी नलकूपों के आधुनिकीकरण का असर केवल सरकारी परिसंपत्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा फायदा खेत और किसान तक पहुंचा है। इसके अलावा पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नए पंप नहरों के निर्माण से भी 0.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापन हुआ।

    5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
    योगी सरकार ने आने वाले समय के लिए भी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। वर्ष 2026-27 में 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण और 8,717 नलकूपों के आधुनिकीकरण समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं। इनके पूरा होने पर 4.21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के सृजन या पुनर्स्थापना और 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।