Category: उत्तर प्रदेश

  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र 2026-27 को मंजूरी, ईको टूरिज्म पर जोर

    पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र 2026-27 को मंजूरी, ईको टूरिज्म पर जोर

    लखनऊ
    यूपी में पयर्टकों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व में घूमने के लिए अब ज्यादा रुपए देने पड़ेंगे। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब सैलानियों को सप्ताह के अंत में यानी शनिवार और रविवार को घूमना महंगा पड़ेगा। अभी तक शनिवार और रविवार को 150 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट का देना होता था और अब इसे बढ़ाकर 200 रुपये प्रति व्यक्ति कर दिया है। अन्य दिनों में पहले की ही तरह 120 रुपये का टिकट लेना होगा। वहीं विदेशी सैलानियों को अब 800 रुपये की बजाए 1000 रुपये देने होंगे।

    वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई पीलीभीत बाघ संरक्षण फाउंडेशन के शासी निकाय की बैठक में फाउंडेशन के कार्यों की समीक्षा के साथ पर्यटन सत्र 2026-27 की इन प्रस्तावित दरों और विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति दे दी गई। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए 1.96 करोड़ का बजट मंजूर कर दिया गया है। बैठक में ईको टूरिज्म को विकसित करने पर सर्वाधिक जोर दिया गया। साथ ही नए पर्यटन सत्र को लेकर आवश्यक चर्चा की गई।

    घटनाओं की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा
    प्रमुख सचिव वन, प्रधान मुख्य संरक्षक समेत नामित कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी अहम मुद्दों पर अपने तर्क रखे। बैठक में वन मंत्री ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व व उसके आसपास के क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित ग्रामीणों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता बरतने के साथ ही सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। बाघ संरक्षण फाउंडेशन से होने वाले कार्यों की योजनाओं को रखा गया। जंगल में पर्यावरण के सरंक्षण से लेकर पर्यटन को बढ़ावा देने तक के लिए कई स्तर पर चर्चा की गई।

    वन व वन्यजीव संरक्षण के मानकों को सख्ती से लागू किया जाने पर जोर
    पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटकों को पर्यावरण मित्र की सुविधाएं अधिक से अधिक दी जाएंगी। यही नहीं पर्यटन के विस्तार के साथ वन व वन्यजीव संरक्षण के मानकों को सख्ती से लागू किया जाने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव, वन वी. हेकाली झिमोमी ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व फाउंडेशन की आय के साधन बढ़ाने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। स्वैच्छिक दानदाताओं को फाउंडेशन में योगदान को प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में वन राज्य मंत्री केपी मलिक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • जर्जर भवनों पर एलडीए का बड़ा अभियान, हादसे रोकने के लिए जोनवार सर्वे शुरू

    जर्जर भवनों पर एलडीए का बड़ा अभियान, हादसे रोकने के लिए जोनवार सर्वे शुरू

    जयपुर
    राजधानी लखनऊ में पुराने और खस्ताहाल भवनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। एलडीए अपनी विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में करीब 160 जर्जर इमारतों को चिह्नित कर उन्हें ध्वस्त करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सभी जोनों में सर्वे शुरू कर दिया गया है और प्रत्येक जोन से 20-20 भवनों की पहचान की जाएगी। ध्वस्तीकरण से पहले इनकी सेफ्टी आडिट करायी जाएगी। सेफ्टी आडिट में जो बिल्डिंग बेहद कमजोर मिलेंगी उन्हें गिराया जाएगा।

    30 वर्ष से अधिक पुराने भवनों की होगी जांच
    एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण की कॉलोनियों में स्थित 30 वर्ष से अधिक पुराने भवनों की विशेष रूप से जांच कराई जाएगी। इन भवनों में मकान, दुकानें, व्यावसायिक परिसर, बहुमंजिला इमारतें और अन्य निर्माण शामिल होंगे। सर्वेक्षण के दौरान भवनों की मौजूदा स्थिति, संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों का आकलन किया जाएगा।

    सेफ्टी ऑडिट के बाद होगा अंतिम फैसला
    चिह्नित भवनों का तकनीकी विशेषज्ञों से सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि भवन सुरक्षित हैं या नहीं। जिन इमारतों को असुरक्षित और खतरनाक माना जाएगा, उनके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एलडीए का कहना है कि किसी भी भवन को बिना तकनीकी परीक्षण के नहीं गिराया जाएगा।

    नोटिस और सुनवाई के बाद चलेगा बुलडोजर
    प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई से पहले भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी की अदालत में सुनवाई होगी, जहां भवन मालिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। यदि सुनवाई के बाद भवन को जर्जर और खतरनाक माना जाता है तो उसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया जाएगा। आदेश मिलने के बाद संबंधित भवन को गिराने की कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम से भी मांगी जाएगी रिपोर्ट
    एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि पूरे शहर में जर्जर भवनों का सर्वे कराना प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। शहर के अन्य हिस्सों में स्थित जर्जर भवनों को लेकर नगर निगम से रिपोर्ट मांगी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम को ही अपने क्षेत्र में खतरनाक भवनों को चिन्हित करने और ध्वस्त करने का अधिकार प्राप्त है।

    हादसों की आशंका कम करने की तैयारी
    पिछले कुछ वर्षों में पुराने और कमजोर भवनों के हिस्से गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में एलडीए का यह अभियान लोगों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते खतरनाक भवनों की पहचान और ध्वस्तीकरण से बड़े हादसों को रोका जा सकेगा तथा प्राधिकरण की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

  • बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायर्ड सीरप बांटने का आरोप तथ्यहीन

    बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायर्ड सीरप बांटने का आरोप तथ्यहीन

    बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायर्ड सीरप बांटने का आरोप तथ्यहीन

    सीएमओ कानपुर नगर इन्द्रदेव सिंह ने जांच के बाद किया खबर का खंडन

    02 सितंबर के बाढ़ राहत कैंप में नहीं बांटा गया ट्राइमेथोप्रिम एंड सल्फामेथॉक्साज़ोल आईपी सीरप

    कानपुर

    बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायर्ड सीरप बांटे जाने के आरोपों को कानपुर नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी इन्द्रदेव सिंह ने तथ्यहीन बताया है। जांच के बाद सीएमओ ने स्पष्ट किया कि 02 सितंबर को आयोजित बाढ़ राहत कैम्प में ट्राइमेथोप्रिम एंड सल्फामेथॉक्साज़ोल आईपी सीरप का वितरण नहीं किया गया था। उन्होंने संबंधित खबर का खंडन करते हुए विभागीय रिकॉर्ड और दवा के स्टॉक की स्थिति को आरोपों के विपरीत बताया।

    रिकॉर्ड के मुताबिक उक्त सीरप वर्ष 2025 में ड्रग वेयरहाउस कानपुर नगर में प्राप्त हुआ था। इसके बाद मार्च 2025 तक सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सीरप वितरित किया जा चुका था। वर्तमान में किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उक्त बैच की दवा उपलब्ध नहीं है। जांच के दौरान बाढ़ राहत के लिए बनाए गए स्टॉक रजिस्टर को भी देखा गया। रजिस्टर में ट्राइमेथोप्रिम एंड सल्फामेथॉक्साज़ोल आईपी सीरप की एक भी प्रविष्टि नहीं मिली। ऐसे में 02 सितंबर को बाढ़ कैंप में उक्त सीरप बांटे जाने की बात विभागीय रिकॉर्ड से पुष्ट नहीं होती है।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी इन्द्रदेव सिंह ने जांच के आधार पर कहा कि बाढ़ कैंप में उक्त सीरप का वितरण नहीं हुआ था और एक्सपायर्ड दवा बांटे जाने के आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने संबंधित खबर का खंडन किया है। विभागीय रिकॉर्ड में दवा के वर्ष 2025 में प्राप्त होने और मार्च 2025 तक स्वास्थ्य केंद्रों को वितरित किए जाने का उल्लेख है।

  • पश्चिमी यूपी में अखिलेश की दो रैलियां रद्द, RLD बोली- ‘समझ में आ गया होगा कि चौधरी कौन है?’

    पश्चिमी यूपी में अखिलेश की दो रैलियां रद्द, RLD बोली- ‘समझ में आ गया होगा कि चौधरी कौन है?’

    सहारनपुर के बाद बुलंदशहर में भी सपा को रद्द करनी पड़ी रैली, रालोद का दावा – 36 कौम के विरोध का असर

    'AC में बैठकर वोट नहीं मिलेंगे, जमीन पर आइए, किसान लट्ठ लेकर तैयार है': अखिलेश पर रालोद का हमला

    पश्चिमी यूपी में अखिलेश की दो रैलियां रद्द, RLD बोली- 'समझ में आ गया होगा कि चौधरी कौन है?'

    लखनऊ
     समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा के साथ चल रही जुबानी जंग के बीच अब राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने अखिलेश यादव के प्रस्तावित बुलंदशहर दौरे के रद्द होने पर निशाना साधा है। रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिम यूपी में 36 बिरादरी के विरोध के चलते सपा को पहले सहारनपुर और अब बुलंदशहर की रैली रद्द करनी पड़ी। दरअसल अखिलेश यादव का 11 सितंबर को बुलंदशहर दौरा प्रस्तावित था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इससे पहले उनका सहारनपुर दौरा भी रद्द हुआ था। इन दोनों घटनाओं को लेकर रालोद ने सपा पर हमला तेज कर दिया है।

    रोहित अग्रवाल ने वीडियो जारी कर कहा कि अब अखिलेश यादव को समझ में आ गया होगा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘चौधरी’ कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने उस चौधरी परिवार का अपमान करने का प्रयास किया, जिसने उनके (अखिलेश के) परिवार को राजनीति की ‘ABCD’ सिखाने का काम किया।

    रालोद प्रवक्ता ने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एसी कमरों में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है, लेकिन चुनाव के समय जनता के बीच जाना पड़ता है। अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिमी यूपी का किसान लट्ठ लेकर अपने मान-सम्मान का हिसाब मांगने के लिए तैयार है।

    2027 के चुनाव में जनता देगी जवाब
    रोहित अग्रवाल ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सपा को वोट मांगने के लिए जमीन पर उतरना पड़ेगा। ऑडिटोरियम में बैठकर चुनाव नहीं जीता जा सकता। रालोद प्रवक्ता ने दावा किया कि जाट समाज और चौधरी परिवार के अपमान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता अखिलेश यादव को चुनाव में जवाब देगी। अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक-एक सीट के लिए तरस जाएगी और उसका खाता तक नहीं खुलेगा।

    अखिलेश यादव के किस बयान पर मचा है बवाल?
    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते 17 अगस्त को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) प्रमुख जयंत चौधरी पर तंज कसा था। इसमें उन्होंने कहा था कि गठबंधन में न जाने कहां-कहां से लोग आ गए थे, जिन्हें उन्होंने "चवन्नी से रुपया बना दिया था", लेकिन वे फिर भी साथ छोड़कर चले गए।

    सपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान से भी बढ़ी तल्खी
    अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भी मुजफ्फरनगर में बयान दिया कि सपा ने चवन्नी को रुपया बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी, उन्हें समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक मंच दिया और आगे बढ़ाने का काम किया।

    इस बयानबाजी पर राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा रही है।

  • 1937 में यूपी के प्रीमियर बने पंत जी, प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश में रखी सुशासन की नींव- सीएम योगी

    1937 में यूपी के प्रीमियर बने पंत जी, प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश में रखी सुशासन की नींव- सीएम योगी

    पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर सीएम योगी ने दी श्रद्धाजंलि, उनके योगदान को किया नमन

    पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, काकोरी के क्रांतिकारियों की मजबूती से की थी पैरवी: मुख्यमंत्री

    1937 में यूपी के प्रीमियर बने पंत जी, प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश में रखी सुशासन की नींव- सीएम योगी

    सीएम ने कहा- गृहमंत्री के रूप में पंत जी ने भाषाई संघर्ष का समाधान कर हिंदी को दिलाया सम्मान

    लखनऊ
     महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देश के पूर्व गृहमंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र निर्माण और उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान का उल्लेख करते हुए उनकी स्मृतियों को नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी की पावन जयंती है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से वह पंत जी की स्मृतियों को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

    काकोरी के क्रांतिकारियों की मजबूती से की पैरवी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान अधिवक्ता होने के साथ-साथ प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वर्ष 1925 में काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश हुकूमत ने क्रांतिकारियों के खिलाफ जो अभियोग दर्ज किया था, उसके खिलाफ क्रांतिकारियों की पैरवी मजबूती के साथ करने वाले महान नेताओं में पंडित गोविंद बल्लभ पंत प्रमुख थे। उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

    सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1937 में पंत जी को यूपी के प्रीमियर के रूप में चुना गया, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने पद से इस्तीफा देकर स्वाधीनता आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखी। भारत छोड़ो आंदोलन समेत समय-समय पर हुए स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न बड़े आंदोलनों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में सुशासन की नींव रखी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश की आजादी के साथ पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। ऐसे में इतने बड़े राज्य की व्यवस्था को सुशासन के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के साथ ही आर्थिक उन्नयन और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए उन्होंने काम किया। पंत जी ने अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए। उनके द्वारा प्रस्तुत लैंड रिफॉर्म मॉडल भी महत्वपूर्ण रहा। 

    गृहमंत्री के रूप में निभाई अहम भूमिका
    सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1954 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत देश के गृह मंत्री बने। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने देश के भीतर चल रहे भाषाई संघर्ष और समाज में नए विभाजन की नींव डालने के प्रयासों का सूझ-बूझ के साथ समाधान निकाला। हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • यूपी टेक्स-2026 का हुआ शानदार समापन, वस्त्र उद्योग के विस्तार और निवेश पर योगी सरकार का जोर

    यूपी टेक्स-2026 का हुआ शानदार समापन, वस्त्र उद्योग के विस्तार और निवेश पर योगी सरकार का जोर

    यूपी टेक्स-2026 का भव्य समापन, योगी सरकार का वस्त्र उद्योग को नई रफ्तार देने पर जोर

    उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए अपार संभावनाएं : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

    तकनीकी एवं रक्षा वस्त्रों के लिए उत्तर प्रदेश बन रहा प्रमुख गंतव्यः राकेश सचान

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख वस्त्र एवं परिधान विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों को यूपी टेक्स-2026 के जरिए नई मजबूती मिली है। लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय आयोजन का बुधवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि रहे, जबकि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान लेटर ऑफ कम्फर्ट, वित्तीय प्रोत्साहन राशि के चेक और औद्योगिक इकाइयों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। दूसरे दिन स्पोर्ट्स टेक्सटाइल्स, स्पोर्ट्स गुड्स, प्रोटेक्टिव एवं डिफेंस टेक्सटाइल्स, हस्तशिल्प निर्यात और टेक्सटाइल पॉलिसी-2027 पर महत्वपूर्ण सत्र हुए। 

    यूपी अपार संभावनाओं वाला प्रदेशः उपमुख्यमंत्री पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है और योगी सरकार के नेतृत्व में क्षेत्र आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने हथकरघा क्षेत्र को बाजार, संसाधन, सब्सिडी, प्रोत्साहन और सिंगल विंडो व्यवस्था के जरिए नई ताकत दी है।
     
    तकनीकी और रक्षा वस्त्र उद्योग में यूपी बनेगा अग्रणी गंतव्यः मंत्री राकेश सचान
    हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि राज्य तकनीकी वस्त्र और रक्षा वस्त्र उद्योग के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनकर उभर रहा है। उन्होंने पूंजीगत अनुदान, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, प्रशिक्षण सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास सहयोग जैसी योजनाओं की जानकारी दी।

    स्पोर्ट्स टेक्सटाइल और स्पोर्ट्स गुड्स के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की क्षमता पर मंथन

    ‘गेम प्लान यूपी : भारत के स्पोर्ट्स टेक्सटाइल एवं स्पोर्ट्स गुड्स पावरहाउस का निर्माण’ विषय पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुआ। वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भास्कर कालरा ने तकनीकी वस्त्रों को तेजी से बढ़ता और उच्च मूल्य-वर्धित क्षेत्र बताया। विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश को स्पोर्ट्स, प्रोटेक्टिव और डिफेंस टेक्सटाइल्स का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए समर्पित क्लस्टर, उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाएं, आरएंडडी केंद्र और पूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत बताई।

  • योगी सरकार की बाढ़ पर पैनी नजर, 21,333 लोगों को सुरक्षित निकाला; अब तक जनहानि शून्य

    योगी सरकार की बाढ़ पर पैनी नजर, 21,333 लोगों को सुरक्षित निकाला; अब तक जनहानि शून्य

    योगी सरकार का बाढ़ राहत अभियान जारी, 21,333 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, अब तक जनहानि शून्य

    बाढ़ प्रभावितों को 8.58 लाख लंच पैकेट वितरित किए गए, स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 1,139 मेडिकल टीमें तैनात

    2,304 नाव-मोटरबोट से जारी चलाया गया बचाव अभियान, राहत शरणालयों में मिला प्रभावितों को ठिकाना

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान को और तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रशासन की सक्रियता और लगातार निगरानी के बीच अब तक 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। वहीं अब तक पशुहानि और जनहानि शून्य दर्ज की गई है।

    वर्तमान में 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान के तहत बुधवार को ही 7,903 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अब तक कुल 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत दी गई है। जलभराव और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए 2,304 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा चुका है।

    8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित
    बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक अभियान जारी है। अब तक 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बुधवार को भी 83,545 लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए। इसके साथ ही अब तक 1.38 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट वितरित किए गए हैं।

    राहत शरणालयों में 7,581 लोग ले रहे आश्रय
    प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 1,343 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 7,581 लोग रह रहे हैं।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,139 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 7.09 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट व 2.88 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों को संक्रमण और जलजनित बीमारियों से बचाने में मदद मिल रही है।

    प्रभावित जिले
    अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

  • बरेली टंकी हादसे की बड़ी वजह नदी का कटान, जांच में निर्माण कार्य में खामी नहीं मिली

    बरेली टंकी हादसे की बड़ी वजह नदी का कटान, जांच में निर्माण कार्य में खामी नहीं मिली

    बरेली में टंकी गिरने का प्रमुख कारण नदी का तेज कटान, निर्माण में नहीं हुई कोई लापरवाही

    ओवरहेड टैंक गिरने पर सामने आई जल निगम ग्रामीण की रिपोर्ट

    निर्माण के वक्त 150 मीटर दूर थी किच्छा नदी, बाद में बदली धारा से पहुंचा नुकसान

    तीन मीटर गहरी नींव के आस-पास बह गई थी मिट्टी, तेज कटान से गिरी निर्माणाधीन टंकी

    जल निगम की रिपोर्ट में खुलासा, गुणवत्ता नहीं प्राकृतिक परिस्थितियां बनीं टंकी गिरने की वजह

    लखनऊ/बरेली
    शेरगढ़ विकासखंड के ग्राम बैरमनगर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक गिरने की घटना के पीछे जल निगम (ग्रामीण) की रिपोर्ट में निर्माण गुणवत्ता की कमी नहीं, बल्कि अत्यधिक जलप्रवाह और किच्छा नदी के तेज कटान को प्रमुख कारण बताया गया है। विभाग की गहन रिपोर्ट के मुताबिक निर्माण के समय टैंक स्थल नदी से करीब 150 मीटर दूर था। साथ ही यह फ्लड जोन में भी शामिल नहीं था। मिट्टी का परीक्षण कराकर स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कराया जा रहा था।

    रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह अत्यधिक बारिश और संभवतः गौला बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ा। इसके चलते नदी की धारा बदली और महज 3-4 दिनों में तेजी से कटान करते हुए पानी टैंक परिसर के किनारे तक पहुंच गया। जल निगम ने सुरक्षा के लिए सैंड बैग और पिचिंग की व्यवस्था की, लेकिन पानी का बहाव अधिक और गहरा होने के कारण कटान रोकने की स्थायी व्यवस्था तत्काल संभव नहीं हो सकी।

    नींव के आस-पास की मिट्टी बही
    तेज कटान से टैंक की करीब तीन मीटर गहरी नींव के आस-पास की मिट्टी बह गई, जिससे नींव का धरातलीय सहारा कमजोर हुआ और एक तरफ झुक गया। इसी वजह से 8 सितंबर को आंशिक रूप से निर्मित टैंक अस्थिर होकर नदी में गिर गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि निर्माण सामग्री व गुणवत्ता में कोई कमी नहीं थी। निर्माण के बाद नदी की धारा और तटरेखा में आया असामान्य बदलाव व प्राकृतिक परिस्थितियों से उत्पन्न तेज कटान इस घटना की प्रमुख वजह रही।

  • CM योगी ने पं. गोविंद बल्लभ पंत को किया नमन, राष्ट्र निर्माण में योगदान को बताया अविस्मरणीय

    CM योगी ने पं. गोविंद बल्लभ पंत को किया नमन, राष्ट्र निर्माण में योगदान को बताया अविस्मरणीय

    राष्ट्र निर्माण में पं. गोविंद बल्लभ पंत का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि
     
    काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारियों की पैरवी करने वालों में प्रमुख थे पं. पंत
     
    स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री तक निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकभवन प्रांगण में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पं. पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रख्यात अधिवक्ता और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए समर्पित किया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन में पं. पंत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वर्ष 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश सरकार ने क्रांतिकारियों के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया तो उनकी पैरवी करने वाले प्रमुख अधिवक्ताओं में पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी शामिल थे। उन्होंने अधिवक्ता के रूप में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1937 में पं. पंत को संयुक्त प्रांत का प्रीमियर चुना गया। देश की स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1947 में वह उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय वर्तमान उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
     
    उन्होंने कहा कि बाद में पं. गोविंद बल्लभ पंत ने राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1954 में वह देश के गृह मंत्री बने और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के भीतर विभाजन की नींव डालने के प्रयासों का समाधान निकालने और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का व्यक्तित्व और कृतित्व वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उनकी जयंती पर प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

  • उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को मिली नई रफ्तार, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोले- बुनकरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाएंगे

    उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को मिली नई रफ्तार, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक बोले- बुनकरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाएंगे

    बहुत तेजी से तरक्की कर रहा उत्तर प्रदेश का वस्त्र उद्योग: ब्रजेश पाठक 

    डिप्टी सीएम ने यूपी टेक्स-2026 के समापन समारोह को किया संबोधित 

    लखनऊ
    आज का उत्तर प्रदेश बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है। वस्त्र उद्योग भी पीछे नहीं है। एक व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा और मकान होता है। आज वस्त्र उद्योग ने भी बहुत तरक्की की है। नई तकनीक के आधार पर वस्त्रो का उत्पादन हो रहा है। 
    यह कहना है प्रदेश की डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। वे बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय “यूपी टेक्स-2026” के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    हमारी सरकार ने दिया वस्त्र उद्योग को मार्केट
    डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में वस्त्र पहले से स्थापित है लेकिन उसे मार्केट नहीं मिल पाता था। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने वस्त्र को मार्केट दिया और आज उत्तर प्रदेश का वस्त्र देश और दुनिया में जा रहा है। उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग को लेकर काफी निवेश भी आ रहा है। 
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

    समृद्ध हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत 
    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ लाखों कारीगरों, बुनकरों एवं उद्यमियों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। यह आयोजन प्रदेश की पारंपरिक कला, आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य है।हमारी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाते हुए उनके हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाए, ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को और मजबूती मिले।
    इस अवसर पर मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार राकेश सचान, प्रमुख सचिव, हथकरघा अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा के. विजेंद्र पांडियन, विशेष सचिव, हथकरघा शेषमणि पांडेय, महासचिव, सी०आई०टी०आई चंद्रिमा चटर्जी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।