Category: राजस्थान

  • वार्ड आरक्षण से बदली रणनीति, अलवर में पूर्व पार्षदों ने पत्नी-बहन को उतारा चुनावी मैदान में

    वार्ड आरक्षण से बदली रणनीति, अलवर में पूर्व पार्षदों ने पत्नी-बहन को उतारा चुनावी मैदान में

    अलवर
    नगर निगम चुनाव में नामांकन के साथ ही सियासी तस्वीर तेजी से साफ होने लगी है। वार्ड आरक्षण के कारण बदले समीकरण के चलते कई पूर्व और निवर्तमान पार्षदों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। किसी ने पत्नी, बहन, पुत्रवधू और किसी ने नजदीकी रिश्तेदारों को चुनाव मैदान में उतारा है। इस बार चुनावी मैदान में सिर्फ पार्टी और प्रत्याशियों की ताकत ही नहीं, बल्कि परिवार की राजनीतिक पकड़ और रिश्तों का समीकरण भी खासा नजर आ रहा है। कुछ पूर्व और निवर्तमान पार्षदों ने खुद के साथ-साथ अपनी पत्नी, बहन और अन्य परिजनों को चुनावी मैदान में उतारकर सियासी रणनीति को नया रंग दिया है।

    हालांकि इसका एक कारण यह भी है कि अलवर में मेयर सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है। ऐसे में परिवार की महिलाओं को मैदान में उतारा जा रहा है। किसी ने कांग्रेस, तो किसी ने भाजपा से टिकट की दावेदारी की है। हालांकि अभी राजनीतिक दलों ने टिकट फाइनल नहीं किए हैं।

    ‘परिवार की सियासत’ भी बड़ा चुनावी फैक्टर
    इस बार निकाय चुनाव में ‘परिवार की सियासत’ भी बड़ा चुनावी फैक्टर बनने जा रही है। कहीं पति-पत्नी आमने-सामने की बजाय अलग-अलग वार्डों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, तो कहीं वार्ड आरक्षण ने नेताओं को पत्नी या बहन के सहारे चुनावी मैदान में उतरने का मौका दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि परिवार के नाम और राजनीतिक अनुभव का यह दांव मतदाताओं के बीच कितना असर छोड़ता है और किन परिवारों की सियासी पकड़ चुनाव परिणाम में कायम रहती है।

    जानें किसने किसको चुनाव में उतारा
    पार्षद अजय पूनिया ने वार्ड 49 से नामांकन दाखिल किया है। अपनी बहन बिमला देवी को वार्ड 17 से चुनावी मैदान में उतारा है। अजय पूनिया तीन बार निर्दलीय व एक बार भाजपा के टिकट से पार्षद बने हैं। इस बार भी बहन-भाई ने भाजपा से टिकट मांगा है।

    कांग्रेस के शहर ब्लॉक अध्यक्ष रमन सैनी ने अपनी पत्नी और निवर्तमान पार्षद पिंकी सैनी का वार्ड 27 से कांग्रेस के टिकट पर नामांकन दाखिल किया है। पिंकी के सामने अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन बचाने की चुनौती होगी।

    पूर्व पार्षद धर्मेंद्र मीणा ने पत्नी शकुंतला मीणा को चुनावी मैदान में उतारा है। शकुंतला मीणा वार्ड 25 से चुनाव लड़ रही हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं। इस बार उन्होंने कांग्रेस से टिकट की मांग की है।

    पूर्व पार्षद सीताराम चौधरी और निवर्तमान पार्षद सुमन चौधरी भी अलग-अलग वार्डों से चुनावी मैदान में हैं। दोनों पति-पत्नी हैं। सीताराम चौधरी ने वार्ड 28, जबकि सुमन चौधरी ने वार्ड 23 से नामांकन कराया है। दोनों ने ही भाजपा से टिकट मांगा है। निवर्तमान पार्षद एवं भाजपा के श्री शिवाजी मंडल अध्यक्ष सतीश यादव का वार्ड 61 इस बार महिला के लिए आरक्षित हो गया। उन्होंने पत्नी सुनीता यादव का भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया है।

    अलवर
    नगर निगम चुनाव में नामांकन के साथ ही सियासी तस्वीर तेजी से साफ होने लगी है। वार्ड आरक्षण के कारण बदले समीकरण के चलते कई पूर्व और निवर्तमान पार्षदों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। किसी ने पत्नी, बहन, पुत्रवधू और किसी ने नजदीकी रिश्तेदारों को चुनाव मैदान में उतारा है। इस बार चुनावी मैदान में सिर्फ पार्टी और प्रत्याशियों की ताकत ही नहीं, बल्कि परिवार की राजनीतिक पकड़ और रिश्तों का समीकरण भी खासा नजर आ रहा है। कुछ पूर्व और निवर्तमान पार्षदों ने खुद के साथ-साथ अपनी पत्नी, बहन और अन्य परिजनों को चुनावी मैदान में उतारकर सियासी रणनीति को नया रंग दिया है।

    हालांकि इसका एक कारण यह भी है कि अलवर में मेयर सीट अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है। ऐसे में परिवार की महिलाओं को मैदान में उतारा जा रहा है। किसी ने कांग्रेस, तो किसी ने भाजपा से टिकट की दावेदारी की है। हालांकि अभी राजनीतिक दलों ने टिकट फाइनल नहीं किए हैं।

    ‘परिवार की सियासत’ भी बड़ा चुनावी फैक्टर
    इस बार निकाय चुनाव में ‘परिवार की सियासत’ भी बड़ा चुनावी फैक्टर बनने जा रही है। कहीं पति-पत्नी आमने-सामने की बजाय अलग-अलग वार्डों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, तो कहीं वार्ड आरक्षण ने नेताओं को पत्नी या बहन के सहारे चुनावी मैदान में उतरने का मौका दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि परिवार के नाम और राजनीतिक अनुभव का यह दांव मतदाताओं के बीच कितना असर छोड़ता है और किन परिवारों की सियासी पकड़ चुनाव परिणाम में कायम रहती है।

    जानें किसने किसको चुनाव में उतारा
    पार्षद अजय पूनिया ने वार्ड 49 से नामांकन दाखिल किया है। अपनी बहन बिमला देवी को वार्ड 17 से चुनावी मैदान में उतारा है। अजय पूनिया तीन बार निर्दलीय व एक बार भाजपा के टिकट से पार्षद बने हैं। इस बार भी बहन-भाई ने भाजपा से टिकट मांगा है।

    कांग्रेस के शहर ब्लॉक अध्यक्ष रमन सैनी ने अपनी पत्नी और निवर्तमान पार्षद पिंकी सैनी का वार्ड 27 से कांग्रेस के टिकट पर नामांकन दाखिल किया है। पिंकी के सामने अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन बचाने की चुनौती होगी।

    पूर्व पार्षद धर्मेंद्र मीणा ने पत्नी शकुंतला मीणा को चुनावी मैदान में उतारा है। शकुंतला मीणा वार्ड 25 से चुनाव लड़ रही हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं। इस बार उन्होंने कांग्रेस से टिकट की मांग की है।

    पूर्व पार्षद सीताराम चौधरी और निवर्तमान पार्षद सुमन चौधरी भी अलग-अलग वार्डों से चुनावी मैदान में हैं। दोनों पति-पत्नी हैं। सीताराम चौधरी ने वार्ड 28, जबकि सुमन चौधरी ने वार्ड 23 से नामांकन कराया है। दोनों ने ही भाजपा से टिकट मांगा है। निवर्तमान पार्षद एवं भाजपा के श्री शिवाजी मंडल अध्यक्ष सतीश यादव का वार्ड 61 इस बार महिला के लिए आरक्षित हो गया। उन्होंने पत्नी सुनीता यादव का भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया है।

  • 5 साल MBBS, एक साल तैयारी… फिर परीक्षा में बिजली ने बिगाड़ा खेल, जयपुर सेंटर पर अभ्यर्थियों का हंगामा

    5 साल MBBS, एक साल तैयारी… फिर परीक्षा में बिजली ने बिगाड़ा खेल, जयपुर सेंटर पर अभ्यर्थियों का हंगामा

    जयपुर 
    राजस्थान की राजधानी जयपुर में NEET-PG 2026 की परीक्षा के दौरान सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन (iDZ) सेंटर पर अचानक बिजली चली गई। परीक्षा चल रही थी, तभी लाइट चली जाने से सेंटर पर अफरा-तफरी मच गई। परीक्षा कंप्यूटर पर हो रही थी, इसलिए बिजली जाते ही परीक्षा का काम भी रुक गया। इससे वहां परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी परेशान हो गए और उनकी नाराजगी बढ़ने लगी। कुछ ही देर में अभ्यर्थियों ने सेंटर पर हंगामा शुरू कर दिया।

    एक घंटे में दो-तीन बार आई दिक्कतों से भड़के अभ्यर्थी
    अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर शुरू होने के एक घंटे के अंदर ही तीन से चार बार उनको दिक्कतों की सामना करना पड़ा। एक अभ्यर्थी ने बताया कि पहली बार लाइट गई तो समझ आता है। कुछ देर बाद सिस्टम दोबारा चालू हुआ। इसके बाद उन्होंने करीब दो सवाल ही किए थे कि फिर से बिजली चली गई। काफी देर इंतजार करने के बाद सिस्टम को दोबारा रीस्टार्ट किया गया, लेकिन वह फिर बंद हो गया। ऐसा उन्होंने कई बार किया। अभ्यर्थी के अनुसार, करीब एक घंटे में चार बार सिस्टम बंद हुआ। चौथी बार भी सिस्टम बंद होने के बाद अभ्यर्थियों को कोई साफ जवाब नहीं मिल रहा था।

    अभ्यर्थी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “क्या हम ये डिजर्व करते हैं? 5 साल MBBS करने के बाद एक साल PG की तैयारी की और ये देखने के लिए?”

    जानकारी के अनुसार एग्जाम सेंटर के दो ब्लॉकों में 2500 से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए आए थे।

    जयपुर में 8 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी
    NEET-PG 2026 के लिए जयपुर में बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। शहर में इसके लिए कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 8,370 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तय किया गया था। ऐसे में सीतापुरा सेंटर पर परीक्षा के बीच आई बाधा ने वहां मौजूद परीक्षार्थियों की परेशानी बढ़ा दी।

    पावर कट के बाद अब सीतापुरा सेंटर पर परीक्षा व्यवस्था को फिर से सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौके पर पैदा हुई स्थिति को संभालने की कोशिश जारी है। पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद है।

  • NEET-PG 2026 में बड़ी गड़बड़ी! राजस्थान में परीक्षा रद्द, 5 सितंबर को होगा री-एग्जाम

    NEET-PG 2026 में बड़ी गड़बड़ी! राजस्थान में परीक्षा रद्द, 5 सितंबर को होगा री-एग्जाम

    जयपुर
    राजस्थान के जयपुर में नीट पीजी परीक्षा के दौरान बड़ी अव्यवस्था सामने आई है. सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन (iDZ) परीक्षा केंद्र पर ऐन परीक्षा के वक्त बिजली गुल हो जाने से हड़कंप मच गया. जिसके चलते इस सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई है. अब इस केंद्र के परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा पांच सितंबर को होगी। 

    परीक्षा देने पहुंचे डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर बार-बार बंद हुए. जिससे परीक्षा प्रभावित हुई. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे निर्धारित था. उन्होंने आरोप लगाया कि दो घंटे की परीक्षा में करीब 10 बार बाधा पहुंची. इस दौरान सेंटर पर कोई अधिकारी नजर नहीं आया. छात्रों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पेपर लीक होने की आशंका भी जताई। 

    नौ बजे की परीक्षा 10 बजे शुरू होने का आरोप
    अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा सुबह नौ बजे की बजाए 10 बजे शुरू हो सकी. इसके बाद कंप्यूटर छह से सात बार बंद हुए. दैनिक भास्कर के अनुसार, छात्रों ने कहा कि कुछ कंप्यूटर्स पर दोबारा स्क्रीन शुरू होने के बाद तीन से चार सवाल दिखाई दिए. जबकि कुछ छात्रों के सिस्टम पर 5 से 6 सवाल आने के बाद फिर कंप्यूटर बंद हो गए। 

    पेपर लीक का जताया
    विरोध कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान बार-बार सिस्टम बंद होने और अलग-अलग कंप्यूटरों पर सवाल दिखाई देने के बाद उन्हें परीक्षा की गोपनीयता पर भी संदेह है। 

    AIAPGET के दौरान भी चली गई थी लाइट
    एनटीए की ओर से आयोजित किया जा रहा ‘ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट’ (AIAPGET) 2026 के दौरान भी जयपुर में लाइट गुल हो जाने का मामला हुआ था. जिसके चलते एनटीए ने इस केंद्र पर परीक्षा स्थगित कर दी थी. यह परीक्षा 1 सितंबर को आयोजित होगी। 

  • अगस्त में सूखा-सूखा रहा उदयपुर, दशक की सबसे कम बारिश; अब सितंबर से उम्मीद

    अगस्त में सूखा-सूखा रहा उदयपुर, दशक की सबसे कम बारिश; अब सितंबर से उम्मीद

    जयपुर 
    मानसून सीजन में जून तक सामान्य शुरुआत के बाद अगस्त में उदयपुर में बारिश का सिलसिला थम गया। इस साल जून तक 258 मिमी बारिश दर्ज होने के बाद अगस्त तक कुल बारिश का आंकड़ा 304 मिमी पहुंचा है। यानी अगस्त में अब तक सिर्फ 46 मिमी बारिश हुई। पिछले 10 साल के अगस्त के आंकड़ों से तुलना करें तो यह बारिश सामान्य से करीब 80.6 फीसदी कम है।

    मौसम केंद्र की ओर से जारी 2016 से 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में कुल बारिश का औसत 237.7 मिमी रहा है। इसके मुकाबले इस साल अगस्त में 46 मिमी बारिश ही हुई, यानी औसत से 191.7 मिमी कम। इतना ही नहीं, पिछले दस वर्षों में अगस्त में दर्ज बारिश की तुलना में इस साल का आंकड़ा सबसे कम है। अमूमन उदयपुर में अगस्त के दरमियान लगातार बरसात होती है। ऐसे में झीलों सहित सारे जलस्रोत लबालब हो जाते हैं। लेकिन, इस बार की स्थिति पिछले कई साल से अलग है।

    2021 में भी कम थी बारिश, इस बार उससे भी नीचे
    एक दशक में अगस्त की सबसे कम बारिश वर्ष 2021 में 50.2 मिमी दर्ज हुई थी। इस साल का 46 मिमी आंकड़ा उससे भी 4.2 मिमी कम है। वहीं, वर्ष 2019 में अगस्त में सर्वाधिक 452.8 मिमी बारिश हुई थी। यानी पिछले वर्षों में अगस्त के दौरान बारिश में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन इस बार का आंकड़ा दशक के न्यूनतम स्तर पर है।

    हर ओर मानसूनी गतिविधियां कमजोर
    जून तक 258 मिमी बारिश होने के बाद जुलाई-अगस्त में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से कुल बारिश भी सीमित रही। अगस्त में कम बारिश का असर जलस्रोतों, खेती और मानसून आधारित गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। हालांकि मानसून सीजन में आगे होने वाली बारिश से स्थिति बदल सकती है। ऐसे में सितम्बर से उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    आंकड़े: एक नजर में
        237.7 MM अगस्त की औसत बारिश
        46 MM इस साल के अगस्त में बारिश
        191.7 MM लगभग कमी है औसत से
        80.6% कम है औसत से बरसात

    साल दर साल अगस्त की स्थिति
    वर्ष     कुल औसत बरसात
    2016    407.5 MM
    2017    118.5 MM
    2018    159.4 MM
    2019    452.8 MM
    2020    295.3 MM
    2021    50.2 MM
    2022    333.6 MM
    2023    144.8 MM
    2024    199.6 MM
    2025    215 MM
    2026    46 MM

  • आईआईएएस प्रतिनिधिमंडल ने पोप लियो XIV से की मुलाकात, मानव हित में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

    आईआईएएस प्रतिनिधिमंडल ने पोप लियो XIV से की मुलाकात, मानव हित में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

    जयपुर,
    मुख्य सचिव एवं इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (आईआईएएस) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV से मुलाकात की। इस अवसर पर आईआईएएस के 520 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पोप लियो XIV के ‘स्पेशल ब्लेसिंग’ में भाग लिया। पोप ने राजस्थान और भारत के विकास एवं प्रगति के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। श्रीनिवास ने इस मुलाकात को अत्यंत गौरवपूर्ण अनुभव बताते हुए मानवता की सेवा के पोप के वैश्विक प्रयास ‘मैग्निफिका ह्यूमैनिटास’ में आईआईएएस की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

    पोप लियो XIV ने आईआईएएस के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक को आमजन की सेवा का माध्यम बनाने के लिए इसका मानवीकरण आवश्यक है। उन्होंने मानव कल्याण को शासन और तकनीकी विकास के केंद्र में रखने का आह्वान करते हुए कहा कि मानव परिवार की भलाई को निजी हितों के लिए बलिदान नहीं किया जाना चाहिए।

    पोप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से विकसित होती डिजिटल तकनीकों के दौर में मानव हितों की रक्षा तथा तकनीक के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एआई जिस गति से विकसित हो रही है, उसमें यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि तकनीक मानवता की सेवा करे और मनुष्य अपने ही आविष्कारों का शिकार न बने। उन्होंने मानव जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय मशीनों को सौंपे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए मानव बुद्धिमत्ता की अपरिहार्यता को रेखांकित किया।

    उन्होंने डिजिटल तकनीकों के मानवीय उपयोग के लिए प्रभावी नैतिक ढांचा विकसित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही, आईआईएएस को इस दिशा में शोध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सार्वजनिक प्रशासन में डिजिटल तकनीकों का उपयोग इस प्रकार किया जाए कि वे जीवन और शांति की सेवा करें। उन्होंने आईआईएएस के प्रयासों की सराहना करते हुए सदस्यों को इस महत्वपूर्ण दायित्व को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    उल्लेखनीय है कि श्रीनिवास जून 2025 में आईआईएएस के पहले भारतीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उन्होंने रोम की सैपिएंजा यूनिवर्सिटी में आयोजित 51वें यूरोपियन ग्रुप फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (ईजीपीए) वार्षिक सम्मेलन में आईआईएएस अध्यक्षीय संबोधन दिया। सम्मेलन के अंतिम दिन वेटिकन सिटी में पोप से मुलाकात के साथ उनकी रोम यात्रा का एक विशेष और यादगार अध्याय जुड़ा।

  • सितंबर में बदलेगा राजस्थान का मौसम! बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम, 4-5 सितंबर से बारिश के आसार

    सितंबर में बदलेगा राजस्थान का मौसम! बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम, 4-5 सितंबर से बारिश के आसार

    जयपुर 
    राजस्थान में मानसून फिलहाल ब्रेक पर है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद शुक्रवार पहला ऐसा दिन रहा, जब प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। बारिश थमने और दिनभर तेज धूप रहने से कई शहरों में गर्मी और उमस बढ़ गई। जयपुर, टोंक, अलवर समेत 15 शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं, श्रीगंगानगर में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच गया।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में मानसून का यह कमजोर दौर सितंबर के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम बनने की संभावना है। इसके असर से 4-5 सितंबर से राजस्थान में मानसून के दोबारा एक्टिव होने की उम्मीद है।
    प्रदेश में अब तक सामान्य से 21% कम बारिश

    कम बारिश के कारण राजस्थान के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। मानसून सीजन में सबसे कम बारिश पाली जिले में हुई है। इसके अलावा जालोर, बांसवाड़ा, जैसलमेर और उदयपुर भी कम बारिश वाले प्रमुख जिलों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सामान्य के मुकाबले बारिश की कमी बनी हुई है।

    बारिश की कमी का असर खेतों से लेकर जलस्रोतों तक दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने से किसानों को बारिश का इंतजार है। प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 21 फीसदी कम दर्ज की गई है।

    4 सितंबर से बदल सकता है मौसम
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र विकसित होने की संभावना है। इसके राजस्थान की ओर बढ़ने पर 4-5 सितंबर से प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। इससे कई जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

    फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर शिफ्ट है। यह अमृतसर, देहरादून और लखीमपुर खीरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। आने वाले दिनों में ट्रफ के अपनी सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना है। इसके बाद राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    जयपुर में तेज धूप, 35.4 डिग्री पहुंचा तापमान
    जयपुर में शुक्रवार को दिनभर तेज धूप रही। बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। शहर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिन जयपुर में मौसम इसी तरह रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान स्थानीय स्तर पर बादल बनने की स्थिति से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है।

    अजमेर में दो दिन से बारिश नहीं
    अजमेर में पिछले दो दिन से बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार सुबह बादलों की आवाजाही रही और हवा भी चली, लेकिन बारिश नहीं हुई। बीच-बीच में धूप निकलने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। शहर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    अलवर में बढ़ी गर्मी और उमस
    अलवर में शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप रही। आसमान साफ रहने के कारण दिन में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। यहां अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बादल छाने और बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन दिनभर मौसम मुख्य रूप से साफ रहा।

    कोटा में पारा 2 डिग्री चढ़ा
    कोटा में बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस बढ़ गई। सुबह बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में धूप निकलने के बाद तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    वहीं, नवनेरा बांध से पानी की निकासी कम कर दी गई है। फिलहाल चार गेट 12 मीटर तक खोलकर करीब 52 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

    उदयपुर में मौसम सुहावना, बारिश नहीं
    उदयपुर में शुक्रवार को मौसम सुहावना बना रहा। कुछ समय हल्के बादल छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। यहां अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री और न्यूनतम 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बने रहने का अनुमान है।

    जोधपुर में सामान्य से अधिक रहा तापमान
    जोधपुर में शुक्रवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। दोपहर बाद धूप निकलने से उमस बढ़ गई। अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।

    सीकर में 38 डिग्री पहुंचा पारा
    सीकर में शुक्रवार को ज्यादातर समय मौसम साफ रहा। तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ा। यहां न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    फिलहाल राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर हैं, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में बनने वाला संभावित सिस्टम प्रदेश के लिए राहत लेकर आ सकता है। यदि सिस्टम मजबूत रहा तो 4-5 सितंबर के बाद बारिश का दौर फिर शुरू होने और बारिश की कमी वाले जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है।

  • नारायण सिंह सर्कल बस स्टैंड बंद करने पर हाईकोर्ट सख्त, रोडवेज के फैसले पर मांगा जवाब

    नारायण सिंह सर्कल बस स्टैंड बंद करने पर हाईकोर्ट सख्त, रोडवेज के फैसले पर मांगा जवाब

    जयपुर
     राजस्थान हाईकोर्ट ने नारायण सिंह सर्कल पर राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) के टिकट काउंटर व बसों के स्टॉपेज को बंद करने के फैसले तथा उससे हो रही जन-असुविधा पर सुनवाई की। न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह एवं न्यायाधीश संदीप तनेजा की खंडपीठ ने परिवहन सचिव से रोडवेज के रुख पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर तय की गई है।

    न्यायमित्र विमल चौधरी ने 26 मार्च 2025 की अधिसूचना और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जयपुर-प्रथम के रोडवेज प्रबंध निदेशक को 24 जनवरी 2025 को जारी पत्र प्रस्तुत किया, जिसके तहत नारायण सिंह सर्कल पर टिकट विंडो और बसों के स्टॉपेज को बंद कर दिया गया था। न्यायमित्र ने कहा कि यह स्टॉपेज शहर के मध्य में स्थित है, जो राजस्थान हाईकोर्ट, सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर परकोटा, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और एस.एम.एस. स्टेडियम के पास है। इसे बंद किए जाने से आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    राज्य सरकार और आरटीओ के इस फैसले के कारण रोडवेज निगम को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है। न्यायमित्र ने 23 मार्च 2025 की बैठक में बोर्डिंग स्टेशन और टिकट विंडो को स्थानांतरित करने के लिए गए फैसले पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया।

    निगम उपायुक्त तलब
    सुनवाई के दौरान न्यायमित्र ने मोती डूंगरी, म्यूजियम रोड स्थित डंपिंग यार्ड का मुद्दा भी उठाया, जहां मृत मवेशियों/पशुओं के अवशेष डंप किए जा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने जयपुर नगर निगम के संबंधित उपायुक्त को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया है। उपायुक्त को अदालत में यह स्पष्ट करना होगा कि म्यूजियम के पास यह डंपिंग यार्ड क्यों जारी रखा गया है।

    पिछले साल एक अप्रेल से बसों का संचालन बंद
    बता दें कि जयपुर के नारायण सिंह सर्कल बस स्टैंड पर पिछले साल एक अप्रेल से बसों का संचालन बंद किया गया था। इसके बाद नारायण सिंह सर्कल बस स्टैंड की जगह आगरा और दिल्ली जाने वाली बसों का संचालन ट्रांसपोर्ट नगर से शुरू हुआ था। अभी ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रोटरी सर्कल के पास भूमि से आगरा जाने वाली बसों का आवागमन हो रहा है। वहीं, बजरी मंडी से दिल्ली की ओर जाने वाली बसों का संचालन हो रहा है।

  • सीकर में आग का तांडव: दो EV शोरूम और ऑटो पार्ट्स स्टोर चपेट में, करोड़ों का नुकसान

    सीकर में आग का तांडव: दो EV शोरूम और ऑटो पार्ट्स स्टोर चपेट में, करोड़ों का नुकसान

    सीकर 
    राजस्थान के सीकर शहर में शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। सर्किट हाउस के सामने स्थित दो इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे दोनों शोरूम में रखे लगभग 40 इलेक्ट्रिक वाहन जल गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसने पास ही स्थित एक अन्य ऑटो पार्ट्स के शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में कुल करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है।

    सुबह 4 बजे हुआ हादसा
    मामले की जानकारी देते हुए थाना अधिकारी राजाराम लेघा ने बताया, घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की है। सर्किट हाउस के सामने भैरों सिंह शेखावत के दो इलेक्ट्रिक व्हीकल शोरूम 'बीएस ऑटोमोबाइल' और 'बच्चन मोटर्स' स्थित हैं। सबसे पहले आग बीएस ऑटोमोबाइल शोरूम में लगी थी। शोरूम के भीतर गाड़ियों में अत्यधिक प्लास्टिक, रबर और बैटरी मैटेरियल होने के कारण आग तेजी से भड़क गई। कुछ ही देर में लपटें पास में स्थित बच्चन मोटर्स तक फैल गईं।

    पास के ऑटो पार्ट्स शोरूम तक पहुंचीं लपटें
    दोनों ईवी शोरूम में आग की लपटें पास ही स्थित हुंडई के ऑटो पार्ट्स शोरूम तक जा पहुंची। वहां रखे स्पेयर पार्ट्स, एयर कंडीशनर और अन्य कीमती सामान भी जल गए।

    पांच दमकलों ने ढाई घंटे में पाया काबू
    आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने सबसे पहले इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई और सड़क के एक तरफ वाहनों की आवाजाही को रोक दिया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग ढाई घंटे में आग पर पूरी तरह से काबू पाया।

    SHO राजाराम लेघा ने बताया, बीएस ऑटोमोबाइल में इलेक्ट्रिक स्कूटी और बाइक बेची जाती थीं, जबकि बच्चन मोटर्स में ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक ऑटो रखे थे। हादसे के वक्त दोनों शोरूम में मिलाकर करीब 40 वाहन मौजूद थे, जो पूरी तरह जल गए।

    शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आग के वास्तविक कारणों का सटीक पता जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी है।

  • सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का मौका, गणित-अंग्रेजी समेत 638 पदों पर गेस्ट फैकल्टी भर्ती

    सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का मौका, गणित-अंग्रेजी समेत 638 पदों पर गेस्ट फैकल्टी भर्ती

    जयपुर
     सरकारी विद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए शिक्षा विभाग ने विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के प्रथम चरण में माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।

    बता दें कि जयपुर जिले के सभी ब्लॉक में कुल 638 पद रिक्त है। इनमें गणित, अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत विषयों के पद शामिल हैं। सबसे अधिक 186 पद गणित, 138 अंग्रेजी, 126 हिंदी और 112 पद विज्ञान विषय के हैं।

    विराटनगर में सबसे कम पद
    जयपुर जिले में सबसे अधिक 57 पद फागी, 53 शाहपुरा, 49 सांभरलेक, 47 मौजमाबाद और 40 पद दूदू ब्लॉक में रिक्त है। वहीं, विराटनगर में सबसे कम 3 और गोविंदगढ़ में 8 पद रिक्त हैं। चयनित गेस्ट फैकल्टी को प्राध्यापक सहित विभिन्न शिक्षक पदों के लिए प्रति घंटा 400 रुपए मानदेय मिलेगा।

    सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्राथमिकता
    विद्या संबल योजना के तहत सेवानिवृत्त शिक्षक और निजी अभ्यर्थी दोनों आवेदन कर सकेंगे। सेवानिवृत्त शिक्षक की अधिकतम आयु 65 वर्ष और संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होना आवश्यक है। चयन में शैक्षणिक योग्यता को 75 प्रतिशत और प्रशैक्षणिक योग्यता को 25 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाएगी। सेवानिवृत्त कार्मिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन में किसी तरह का साक्षात्कार नहीं होगा।

    यह रहेगी भर्ती प्रक्रिया
    विभाग की जारी गाइडलाइन के अनुसार, पात्र अभ्यर्थी 1 से 7 सितंबर 2026 दोपहर 12 बजे तक रिक्त पदों वाले विद्यालय के प्राचार्य/पीईईओ को आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों की सूची 8 सितंबर को जारी होगी। 9 से 10 सितंबर तक आवेदनों की जांच और अस्थायी वरीयता सूची जारी की जाएगी।

    आपत्तियों के निस्तारण के बाद 11 सितंबर को अंतिम वरीयता सूची एवं चयन सूची तैयार होगी। जिला स्तरीय समिति 15 सितंबर को चयन सूची का अनुमोदन कर नियुक्ति आदेश जारी करेगी। यह प्रक्रिया फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के लिए शुरू की गई है।

    जयपुर जिले में ब्लॉकवार कुल रिक्त पद
    क्रम    ब्लॉक    रिक्त पद     क्रम    ब्लॉक         रिक्त पद
    1    आमेर            25        11          रेनवाल        39
    2    आंधी              23       12        कोटखावदा      27
    3    बस्सी              37      13         माधोराजपुरा     23
    4    चाकसू            38         14        मौजमाबाद       47
    5    दूदू                40         15         फागी            57
    6    गोविंदगढ़         8          16        सांभर लेक       49
    7    जालसू              33       17          सांगानेर        29
    8    जमवारामगढ़     39        18        शाहपुरा          53
    9    जोबनेर             34       19         विराटनगर       3
    कुल        638        

  • भाई की कलाई पर राखी, आंखों में आंसू: राजस्थान की जेलों में रक्षाबंधन पर खास मुलाकात

    भाई की कलाई पर राखी, आंखों में आंसू: राजस्थान की जेलों में रक्षाबंधन पर खास मुलाकात

    जयपुर 
     रक्षाबंधन के त्योहार पर शुक्रवार को राजस्थान की जेलों में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीर देखने को मिली। जयपुर, अजमेर, कोटा समेत राजस्थान की अलग-अलग जेलों में सुबह से ही बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी, किसी ने मिठाई खिलाई तो किसी ने कुछ देर बात कर अपना मन हल्का किया। लंबे समय बाद भाई से मिलने की खुशी के साथ कई बहनों की आंखों में आंसू भी छलक पड़े।

    जेल प्रशासन की ओर से रक्षाबंधन को देखते हुए बंदियों से मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के बीच बहनों को जेल परिसर में एंट्री दी गई और बंदी भाइयों से मुलाकात कराई। सुबह से ही कई जेलों के बाहर परिजनों की भीड़ नजर आई। बहनों के हाथों में राखियां और मिठाई थी तो दिल में भाई से मिलने की खुशी और उसके जल्द घर लौटने की उम्मीद थी।
    कोटा जेल में भाई को राखी बांधने के लिए पहुंचीं बहनें (फोटो: पत्रिका नीरज गौतम)

    जयपुर में बड़ी संख्या में पहुंचीं बहनें
    जयपुर सेंट्रल जेल में सुबह से ही बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जेल के मुख्य गेट के पास मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई थी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद बहनों को भाइयों से मिलने दिया गया। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाई।

    भाई के सामने आते ही कई बहनें भावुक हो गईं। कुछ देर की मुलाकात में किसी ने भाई का हाल जाना तो किसी ने उसे जल्द घर लौटने की बात कही। भाइयों के चेहरे पर भी बहनों से मिलने की खुशी साफ दिखाई दी।

    अजमेर में भी सलाखों के बीच बंधी राखी
    अजमेर सेंट्रल जेल में भी रक्षाबंधन पर खास मुलाकात की व्यवस्था की गई। सुबह से बहनें भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। जेल के मुख्य गेट पर ही परिजनों के डॉक्यूमेंट ले लिए, जिसके बाद मुलाकात के लिए व्यवस्था करवाई। राखी बांधने के दौरान कई बहनों और भाइयों की आंखें नम हो गईं। भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाई और उनकी सलामती की कामना की।

    कोटा में भी दिखा भाई-बहन का प्यार
    कोटा में भी रक्षाबंधन के मौके पर जेल में बंद भाइयों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए। एंट्री से पहले परिजनों के नाम-पते दर्ज किए गए और पहचान पत्र की जांच के बाद अंदर जाने की अनुमति दी। मुलाकात के दौरान भाइयों और बहनों को सीमित समय दिया। कुछ पलों की इस मुलाकात में कई भाई-बहन भावुक हो गए। राजस्थान की जेलों में रक्षाबंधन को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात के लिए अलग व्यवस्था की गई।