Category: राजस्थान

  • RVT-7 ने जंगल में जमाया कब्जा, 6 शिकार किए और बाघिन से बढ़ाई नजदीकी

    RVT-7 ने जंगल में जमाया कब्जा, 6 शिकार किए और बाघिन से बढ़ाई नजदीकी

     बूंदी
    राजस्थान के चौथे और तेजी से उभरते रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण को लेकर उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रदेश में पहली बार वन विभाग को बिना मां के पले एक बाघ शावक को पूरी तरह से जंगल के अनुकूल ढालने (री-वाइल्डिंग) में सफलता मिली है। वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए तैयार किए गए इस युवा नर बाघ RVT-7 को 23 जून को टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक वन क्षेत्र में 'हार्ड रिलीज' किया गया था। महज दो महीनों के भीतर ही इस बाघ ने न केवल जंगल की कठिन परिस्थितियों से तालमेल बिठा लिया है, बल्कि अपनी टेरिटरी बनाने के स्पष्ट संकेत भी दिए हैं।

    वन विभाग की ओर से सेटेलाइट रेडियो कॉलर के जरिए बाघ की 24 घंटे निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। प्राप्त मूवमेंट मैप से पता चला है कि RVT-7 अब तक लगभग 41 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में घूम चुका है और उसने आधा दर्जन शिकार भी किए हैं।

    वन अधिकारियों के अनुसार, कुछ खास इलाकों में बाघ की गतिविधियां नियमित रूप से केंद्रित होने लगी हैं। इसके अलावा, बाघ द्वारा पेड़ों पर पंजों से खरोच बनाने और सेंट स्प्रे करने जैसे ठेठ टेरीटोरियल व्यवहार भी देखे जा रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि वह प्राकृतिक रूप से आत्मनिर्भर हो चुका है।

    RVT-1 के साथ आमना-सामना
    टाइगर रिजर्व के लिए सबसे राहत देने वाली बात यह रही कि RVT-7 का सामना इस जंगल में अब तक एकछत्र राज करने वाले वरिष्ठ नर बाघ RVT-1 से दो-तीन बार हुआ। इसके बावजूद, दोनों शक्तिशाली नर बाघों के बीच किसी भी प्रकार की हिंसा या आक्रामक संघर्ष नहीं देखने को मिला। RVT-7 अन्य बाघों के गतिविधि क्षेत्रों में आने-जाने के बाद भी बिना किसी टकराव के अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है।

    बाघिन RVT-6 के साथ देखा गया
    जंगल में RVT-7 की स्वीकार्यता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि इसे ज्यादातर टाइगर रिजर्व की युवा बाघिन RVT-6 के साथ घूमते हुए देखा गया है। इतना ही नहीं, दोनों के बीच मैटिंग (प्रजनन) व्यवहार भी रिकॉर्ड किया गया है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि री-वाइल्डिंग की प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही है और बाघ का प्राकृतिक व्यवहार वन्य परिस्थितियों के बिल्कुल अनुकूल हो चुका है।

    रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघ RVT-7 की यह वैज्ञानिक री-वाइल्डिंग बाघ संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक उपलब्धि है। बाघ की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
    -सुगनाराम जाट, वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व

  • कमजोर मानसून के बीच राजस्थान में फिर बरसेंगे बदरा, कोटा में भारी बारिश की चेतावनी; पश्चिमी हिस्से रहेंगे सूखे

    कमजोर मानसून के बीच राजस्थान में फिर बरसेंगे बदरा, कोटा में भारी बारिश की चेतावनी; पश्चिमी हिस्से रहेंगे सूखे

    जयपुर
    राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर मानसून के बीच मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान जारी किया है। 2 और 3 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसके बाद 4 से 7 सितंबर तक प्रदेश के पांच संभागों में बारिश का दायरा और व्यापक हो जाएगा। इस दौरान कोटा संभाग में भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 2 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ जिलों में मानसूनी गतिविधियां बढ़ना शुरू होंगी। 3 सितंबर को भी इन क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम में बदलाव के साथ कई स्थानों पर बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इससे पिछले दिनों से बनी गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिल सकती है।

    4 से 7 सितंबर तक पांच संभागों में बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक 4 से 7 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश का दायरा काफी बढ़ जाएगा। जयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान मानसून की गतिविधियां पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावी रहने के आसार हैं।

    कोटा संभाग में भारी बारिश की चेतावनी
    बारिश के नए दौर में कोटा संभाग पर मौसम विभाग की विशेष नजर रहेगी। विभाग के अनुसार कोटा और आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जबकि कहीं-कहीं भारी बारिश भी होने की संभावना है। भारी बारिश की स्थिति में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बनने की आशंका है।

    पश्चिमी राजस्थान में मानसून रहेगा कमजोर
    पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बारिश नहीं होने से इन क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    शेखावाटी में छिटपुट बौछारों के आसार
    पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों को हालांकि बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है। 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर संभाग और उससे सटे शेखावाटी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। सीकर, झुंझुनूं और चूरू में छिटपुट मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं।

  • सितंबर की शुरुआत में बढ़ा खर्च, दूध ₹102 लीटर तो ऑटो-टैक्सी का किराया भी महंगा; LPG में भी इजाफा

    सितंबर की शुरुआत में बढ़ा खर्च, दूध ₹102 लीटर तो ऑटो-टैक्सी का किराया भी महंगा; LPG में भी इजाफा

    जयपुर 
    सितंबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगाई का झटका लेकर आई है। 1 सितंबर 2026 से देश और खासकर मुंबई में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। मुंबई में दूध के दाम बढ़ गए हैं, वहीं ऑटो और टैक्सी का सफर भी महंगा हो गया है। इसके अलावा 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, घरेलू LPG सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    मुंबई में दूध हुआ महंगा, 93 से बढ़कर 102 रुपये लीटर
    मुंबईकरों के लिए सितंबर की शुरुआत दूध की बढ़ी कीमतों के साथ हुई है। डेयरी में मिलने वाले दूध की कीमत 9 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है। अब तक 93 रुपये लीटर मिलने वाला दूध 102 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस बढ़ोतरी का असर खुदरा बाजार में भी होगा। ग्राहकों को कुछ जगहों पर दूध के लिए करीब 110 रुपये प्रति लीटर तक चुकाने पड़ सकता है।

    मुंबई में ऑटो-टैक्सी का सफर भी महंगा
    मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में ऑटो और टैक्सी के नए किराये भी 1 सितंबर से लागू हो गए हैं। नए टैरिफ के मुताबिक, ऑटो के किराये में 1 रुपये प्रति किलोमीटर और टैक्सी के किराये में 2 रुपये प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है।

    पहले 1.5 किलोमीटर के सफर के लिए अब नए न्यूनतम किराये लागू होंगे। आज से शुरुआती 1.5 किमी की न्यूनतम दूरी के लिए ऑटो का भाड़ा 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये और टैक्सी का न्यूनतम भाड़ा 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो गया है।

    ऑटो और टैक्सी चालकों को मीटर में नए किराये के अनुसार बदलाव करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। तब तक यात्रियों के लिए संशोधित टैरिफ कार्ड के आधार पर किराया लेने की व्यवस्था रहेगी।

    सितंबर की शुरुआत में एलपीजी की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। मुंबई में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत 9.50 रुपये बढ़कर 2,701 रुपये हो गई है। इसके अलावा 5 किलो के नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी रिफिल की कीमत में भी 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 762 रुपये से बढ़कर 764 रुपये प्रति सिलिंडर हो गई है।

    हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुंबई में घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत फिलहाल 941.50 रुपये बनी हुई है।

    त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई, बजट पर पड़ेगा असर
    सितंबर से लागू इन बदलावों का असर सीधे आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ेगा। दूध की कीमत बढ़ने से घर का बजट प्रभावित होगा, जबकि ऑटो-टैक्सी किराये में बढ़ोतरी का असर रोजाना सफर करने वाले मुंबईकरों पर पड़ेगा। कमर्शियल एलपीजी महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे कारोबारी प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ेगी, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव ग्राहकों पर देखने को मिल सकता है।

  • गुलाबी तालाब ने फिर बदला रंग, लवणता और प्रदूषण समेत तीन कारणों पर जांच जारी

    गुलाबी तालाब ने फिर बदला रंग, लवणता और प्रदूषण समेत तीन कारणों पर जांच जारी

    जोधपुर 
    जोधपुर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर तनावड़ा गांव का रहस्यमयी 'गुलाबी तालाब' एक बार फिर अपने शुरुआती रंग में लौट आया है। तेज बारिश के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में गुलाबी से सामान्य या सफेद दिखाई देने लगा तालाब अब फिर गुलाबी हो गया है। रंग में इस बार फिर आए बदलाव ने तालाब के रहस्य को और गहरा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पानी का रंग बार-बार क्यों बदल रहा है।

    राजस्थान पत्रिका ने 17 जुलाई को 'तनावड़ा में तालाब का पानी हुआ गुलाबी, जोजरी किनारे प्रदूषण का नया अलार्म' शीर्षक से मामला उजागर किया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई। 24 जुलाई की तेज बारिश के बाद पानी का गुलाबी रंग खत्म हो गया था। आरएसपीसीबी ने तब पानी की लवणता में कमी को इसका प्रमुख कारण बताया था। अब तालाब के फिर गुलाबी होने से पहले की व्याख्या पर भी नए सवाल उठ गए है।

    अंतिम रिपोर्ट में स्पष्ट हो पाएगा कारण
    तालाब के रंग बदलने के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच आइआइटी जोधपुर को सौंपी गई है। संस्थान की अंतरिम रिपोर्ट में मूर्ति विसर्जन से रासायनिक प्रभाव, क्षेत्र की अत्यधिक लवणता और समीप बहने वाली जोजरी नदी से संभावित सीपेज को तीन संभावित कारण बताया गया था। अंतिम रिपोर्ट से ही असली वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    जेडीए ने लगाए सीसीटीवी कैमरे
    इधर प्रशासन तालाब को संवेदनशील मानकर निगरानी जारी रखे हुए है। जेडीए ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, परिवहन विभाग के दस्ते संदिग्ध टैंकरों पर नजर रख रहे हैं और कैचमेंट एरिया की सफाई के साथ तालाब के पुनरुद्धार का काम भी किया गया है। लेकिन रंग के फिर गुलाबी होने ने अब वैज्ञानिकों और प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

    तालाब का रंग 27 अगस्त के बाद बदलना हुआ शुरू
    आइआइटी जोधपुर ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में जो तीन कारण बताए थे, उसमें से एक हो सकता है। हम लोग सीसीटीवी कैमरों से पूरी नजर रख रहे हैं। तालाब का रंग 27 अगस्त के बाद बदलना शुरू हुआ है। इसके अलावा प्रशासन, जिला परिषद सहित अन्य विभागों की टीम भी संयुक्त मॉनिटरिंग कर रही है। मुख्यालय स्तर पर तालाब के पुनरुथान को लेकर कार्रवाई जारी है।
    दीपेन्द्र झारवाल, क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जोधपुर

     

  • कोटा में सामान्य से 38.54% कम बारिश, सितंबर के पहले सप्ताह में राहत की उम्मीद

    कोटा में सामान्य से 38.54% कम बारिश, सितंबर के पहले सप्ताह में राहत की उम्मीद

    कोटा 
    कोटा शहर में बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। रविवार को दिनभर धूप खिली और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 33.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश की कमी का असर इस बार मानसून के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कोटा जिले में 30 अगस्त तक सामान्यत: 615 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस मानसून सीजन में अब तक केवल 378.3 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य से 38.54 प्रतिशत कम है। पिछले साल अगस्त माह में 269.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

    अगस्त में हुई 190.2 मिमी बारिश
    कोटा शहर में अगस्त माह के दौरान 190.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। जुलाई तक शहर में 188.1 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस तरह वर्तमान मानसून सीजन में अब तक कुल 378.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कोटा शहर में सामान्य औसत वार्षिक बारिश करीब 732 मिमी मानी जाती है।

    बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में तीव्र होकर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया बनने की प्रबल संभावना है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी चार से पांच दिन मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 3 सितम्बर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं 4 से 7 सितम्बर के दौरान कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

  • निकाय चुनाव में टिकट को लेकर BJP में बढ़ी खींचतान, प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    निकाय चुनाव में टिकट को लेकर BJP में बढ़ी खींचतान, प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    जयपुर
    नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा का मंथन रविवार को चौथे दिन भी आधी रात के बाद तक जारी रहा। करीब 4 से 5% सीटों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका। पार्टी इन सीटों पर आज फैसला करेगी। प्रदेश कार्यालय में प्रत्याशी चयन में गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्याशी चयन को लेकर हुई बैठक में मोबाइल को लेकर सख्ती रही। कक्ष में नेताओं और पदाधिकारियों के मोबाइल रखने पर रोक थी।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का टेबल पर चार्जिंग में लगा मोबाइल भी सुरक्षाकर्मी (पीएसओ) के जरिए बैठक कक्ष से बाहर भिजवा दिया गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले रविवार को प्रदेश कार्यालय में पहले भरतपुर संभाग के शेष निकायों के वार्डों पर प्रत्याशियों के नाम तय किए गए।

    इसके बाद जयपुर संभाग के 2,970 वार्डों पर मंथन शुरू हुआ। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के कारण कई वार्डों पर नाम तय करने में पेच फंसा रहा। सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन पार्टी के अधिकृत जिला या निकाय प्रभारी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को प्रत्याशियों के सिंबल सौपेंगे। सूत्रों के अनुसार पार्टी सिंबल वितरण के बाद ही प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी में है, ताकि बगावत की आशंका को कम किया जा सके। भाजपा की तरफ से प्रत्याशियों को नामांकन भरने के लिए फोन भी किए गए।

    'चर्चा में बैठते है तो वाद-विवाद होते ही है'
    भरतपुर संभाग के चुनाव संचालन समिति के प्रभारी अशोक परनामी ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में मीडिया के सामने कहा कि मेरे घर पर हुई बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ। न तो पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव ने कोई चप्पल दिखाई और न ही करौली जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने कोई गला दबाने का काम किया। जब हम चर्चा में बैठते हैं तो वाद-विवाद होते ही है। बाद में हमने मिलकर एक नाम तय कर दिया।

    अलवर निगम में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में बगावत शुरू हो गई है। शहर के चार में से दो मंडल अध्यक्षों ने अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा दे दिया है। ये इस्तीफे भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे गए हैं। वरिष्ठ भाजपाई सुरेश मेहता ने सोशल मीडिया पर लिखा- पार्टी को अनुभवी और पुराने नेताओं की जरूरत नहीं है। हमें घर बैठना चाहिए ताकि स्वार्थी और चापलूस लोगों को जगह मिल सके।

    प्रदेश कार्यालय के कार्यकर्ताओं बाहर ने की नारेबाजी
    जयपुर शहर के 150 वार्डों में प्रत्याशी चयन को लेकर रविवार देर रात तक माथापच्ची चलती रही। रात करीब 9 बजे के बाद चर्चा शुरू हो सकी। सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े वार्डों में संभावित नामों को लेकर गहमागहमी रही। कुछ कार्यकर्ताओं के प्रदेश कार्यालय पहुंचने और गेट के बाहर नारेबाजी करने से टिकट वितरण का मुद्दा और गरमा गया।

  • नामांकन के आखिरी दिन BJP ने जारी की जयपुर की सूची, बगावत रोकने के लिए अपनाई खास रणनीति

    नामांकन के आखिरी दिन BJP ने जारी की जयपुर की सूची, बगावत रोकने के लिए अपनाई खास रणनीति

    जयपुर 
    राजस्थान में जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। शहर के 150 से अधिक वार्डों में टिकट पाने की होड़ और आंतरिक बगावत की आशंका के चलते भाजपा संगठन के सामने कड़ी चुनौती खड़ी थी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और जयपुर के वरिष्ठ प्रभारियों की मौजूदगी में देर रात तक बैठकों का दौर चला। लंबी मंत्रणा और राजनीतिक समीकरणों को साधने के बाद नामांकन के अंतिम समय में उम्मीदवारों को पार्टी के अधिकृत सिंबल और सूची सौंपी गई।

    इस सूची में पार्टी ने पुराने समर्पित नेताओं, महिला मोर्चा की पदाधिकारियों के साथ-साथ हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व पार्षदों पर भी दांव लगाया है।

    पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को टिकट
    जयपुर की पूर्व महापौर (मेयर) और पूर्व कांग्रेस सांसद प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल के राजनीतिक सफर में एक बेहद दिलचस्प मोड़ आया है। कांग्रेस में रहते हुए एक समय जयपुर की पहली महिला महापौर बनने वाली और लोकसभा चुनाव लड़ने वाली ज्योति खंडेलवाल को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में केवल एक वार्ड पार्षद का टिकट थमाया है।

    उल्लेखनीय है कि ज्योति खंडेलवाल ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। कभी पूरे शहर की कमान संभालने वाली नेता को अब वार्ड स्तर पर उतारने के भाजपा के इस फैसले ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा छेड़ दी है।

    पार्षद से पार्षद तक का यह राजनीतिक चक्र ज्योति खंडेलवाल के करियर की एक अनोखी कहानी बयां करता है। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भी एक वार्ड पार्षद के रूप में ही की थी, जिसके बाद वे मेयर के पद और बाद में जयपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनने की ऊंचाइयों तक पहुंचीं। अब भाजपा में शामिल होने के बाद, वे अपनी नई पारी का आगाज एक बार फिर से पार्षद के चुनाव के साथ ही करने जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उन्हें जमीनी स्तर से संगठन में अपनी पैठ साबित करने की चुनौती दी है, जबकि ज्योति खंडेलवाल के समर्थक इसे पार्टी की सेवा में समर्पित एक नए पड़ाव के रूप में देख रहे हैं।

    प्रमुख वार्डों में किसे मिला मौका?
    भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र और जयपुर के अन्य प्रमुख हिस्सों में प्रत्याशियों के नाम ध्यान खींचते हैं। वार्ड 121 से नीरज अग्रवाल को फिर से उम्मीदवार बनाया गया है; वे पहले भी पार्षद रह चुके हैं और हाल ही में कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके अलावा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराधा माहेश्वरी को वार्ड 107 से चुनावी मैदान में उतारा गया है।

    नामांकन के आखिरी दिन तक खींचतान
    जयपुर नगर निगम के वार्डों में टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा के भीतर जबरदस्त खींचतान देखने को मिली। कई वार्डों में एक ही सीट पर 10 से 15 मजबूत दावेदार अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे।

    पार्टी नेतृत्व का मुख्य ध्यान इस बात पर था कि टिकट कटने की स्थिति में कोई भी दावेदार निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल न करे या किसी अन्य दल में शामिल होकर बगावत न करे। इसी रणनीति के तहत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने के बजाय सीधे चयनित उम्मीदवारों को फॉर्म-बी और सिंबल सौंपे गए ताकि नामांकन की समय सीमा खत्म होने तक बगावत के असर को कम से कम किया जा सके।

    अब नामांकन वापसी और प्रचार पर रहेगा फोकस
    नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भाजपा संगठन की चुनावी टीम अब असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने के काम में जुट गई है। पार्टी की प्राथमिकता है कि 2 सितंबर 2026 तक नाम वापसी की समय सीमा के भीतर सभी बागी उम्मीदवारों के पर्चे वापस करवाए जाएं, ताकि चुनाव में मतों का विभाजन रोका जा सके।

    आधिकारिक चुनाव पोर्टल और दिशा-निर्देश
    जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 की अधिकृत प्रत्याशी सूचियों, चुनाव तिथियों और वार्ड वार मतदाता सूचियों के लिए राजस्थान सरकार के अधिकृत पोर्टल्स का अवलोकन किया जा सकता है

  • पशुपालन महंगा होने पर बढ़े दूध के दाम, उल्लंघन करने पर लगेगा 2100 रुपये जुर्माना

    पशुपालन महंगा होने पर बढ़े दूध के दाम, उल्लंघन करने पर लगेगा 2100 रुपये जुर्माना

    सवाई माधोपुर
     पशुपालन महंगा होने के चलते दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया गया है। चौथ का बरवाड़ा में दूध देने वाले किसानों और दूध विक्रेताओं की बैठक में एक सितंबर से दूध 80 रुपए प्रति लीटर और भैंस का घी 1500 रुपए प्रति किलो बेचने पर सहमति बनी। वहीं 1 से 3 सितंबर तक दूध की सप्लाई बंद रखने का निर्णय लिया गया है। तय निर्णय का उल्लंघन करने पर 2100 रुपए जुर्माना लगाने पर भी सहमति बनी।

    चौथ का बरवाड़ा कस्बे के शिव मंदिर पार्क में रविवार को दूध देने वाले किसानों एवं दूध विक्रेताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पशुपालन की बढ़ती लागत, पशु आहार, चारा और अन्य जरूरी सामग्री के लगातार बढ़ते दामों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बढ़ती लागत के कारण पशुपालकों को हो रहे आर्थिक नुकसान को देखते हुए दूध और घी के नए भाव निर्धारित करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।

    बैठक में तय किया गया कि एक सितंबर से दूध का नया भाव 80 रुपए प्रति लीटर रहेगा। इसके अलावा भैंस के घी का भाव 1500 रुपए प्रति किलो निर्धारित करने पर सहमति बनी। नए भाव लागू करने से पहले 1 से 3 सितंबर तक दूध की सप्लाई बंद रखने का फैसला भी लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि निर्धारित निर्णय का उल्लंघन करने वाले पर 2100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

    पशुपालन की बढ़ती लागत बनी वजह
    दूध विक्रेताओं ने बताया कि पशु आहार, चारा-दाना और पशुपालन से जुड़े अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए दूध के भाव में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। बैठक में दूध की गुणवत्ता बनाए रखने और दूध विक्रेताओं के बीच आपसी समन्वय मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

    सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी गठित
    बैठक में दूध विक्रेताओं की नवीन कार्यकारिणी का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया। रामजीलाल गुर्जर को अध्यक्ष, मुरारी को उपाध्यक्ष, मैनेजर नागर को कोषाध्यक्ष और पनुलाल सैनी को सचिव बनाया गया। भरतलाल और रामप्रसाद को सदस्य, गिर्राज को महासचिव, बीरबल और विजय को सहसचिव, बुधराज को मीडिया प्रभारी तथा हनुमान को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया। हेवराज गुर्जर को विधि सलाहकार और कालूराम गुर्जर को सलाहकार मनोनीत किया गया।

  • राजस्थान की 27 हजार राशन दुकानों पर मंडराया संकट, POS मशीनों का रखरखाव टेंडर फंसा

    राजस्थान की 27 हजार राशन दुकानों पर मंडराया संकट, POS मशीनों का रखरखाव टेंडर फंसा

    जयपुर
    प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत करोड़ों लाभार्थियों को मिलने वाले गेहूं के वितरण पर आने वाले दिनों में संकट खड़ा हो सकता है। प्रदेश की करीब 27 हजार राशन दुकानों पर गेहूं वितरण और लाभार्थियों के सत्यापन में इस्तेमाल होने वाली पोस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों के रखरखाव का टेंडर चुनाव आचार संहिता में फंस गया है। मौजूदा रखरखाव फर्म की अवधि 4 सितंबर को समाप्त हो रही है। ऐसे में यदि समय रहते नई व्यवस्था नहीं हुई तो मशीन खराब होने की स्थिति में राशन वितरण प्रभावित हो सकता है।

    रोजाना आती हैं करीब 600 शिकायतें
    विभागीय स्तर पर पोस मशीनों में तकनीकी खराबी की रोजाना करीब 600 शिकायतें सामने आती हैं। मौजूदा फर्म द्वारा इन मशीनों को ठीक किया जाता है। पोस मशीन के साथ आईरिस स्कैनर और वेइंग मशीन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान भी इसी व्यवस्था के तहत किया जाता है।

    अब 4 सितंबर के बाद यदि नया टेंडर नहीं होता है और किसी राशन दुकान की पोस मशीन खराब हो जाती है तो लाभार्थी का अनिवार्य सत्यापन नहीं हो पाएगा। ऐसी स्थिति में डीलर गेहूं का वितरण नहीं कर सकेगा। इससे राशन की दुकानों पर लाभार्थियों और डीलरों के बीच विवाद की स्थिति भी बन सकती है।

    बिना पोस के गेहूं बांटा तो गबन माना जाएगा
    विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार खाद्य सुरक्षा योजना में गेहूं वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पोस मशीन का इस्तेमाल अनिवार्य है। ऐसे में यदि कहीं बिना पोस मशीन के गेहूं का वितरण किया जाता है तो उसे गंभीर अनियमितता मानते हुए गबन की श्रेणी में माना जा सकता है। इससे डीलरों के सामने भी स्थिति पेचीदा हो सकती है।

    निजी कंपनी के निशुल्क रखरखाव ऑफर से चर्चा
    इसी बीच करीब चार दिन पहले जिला रसद अधिकारियों के मोबाइल पर एक पोस्टर मैसेज पहुंचा। इसमें एक निजी कंपनी की ओर से राशन डीलरों को पोस मशीन, आईरिस स्कैनर और वेइंग मशीन खराब होने पर निशुल्क रिपेयरिंग और तकनीकी सपोर्ट देने की पेशकश की गई है। इसके बाद विभाग में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि बिना किसी टेंडर के निजी कंपनी राशन डीलरों को मशीनों के रखरखाव की सुविधा देने का ऑफर किस आधार पर दे रही है।

    खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश में करीब 4.34 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। प्रत्येक लाभार्थी को हर माह 5 किलो गेहूं दिया जाता है। इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 2.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं का वितरण किया जाता है। इसके लिए पूरे राजस्थान में करीब 27 हजार राशन दुकानें संचालित हैं, जबकि अकेले जयपुर जिले में करीब 1200 राशन दुकानें हैं। ऐसे में पोस मशीनों की तकनीकी व्यवस्था प्रभावित होने का सीधा असर करोड़ों लाभार्थियों के गेहूं वितरण पर पड़ सकता है।

    फैक्ट फाइल:
        4.34 करोड़ लाभार्थी
        5 किलो प्रति लाभार्थी गेहूं
        2.20 लाख मीट्रिक टन मासिक गेहूं वितरण
        27 हजार राशन दुकानें
        1200 राशन दुकानें जयपुर जिले में

  • जयपुर में NEET-PG परीक्षा प्रभावित, बिजली संकट के बाद NBEMS ने री-एग्जाम का किया ऐलान

    जयपुर में NEET-PG परीक्षा प्रभावित, बिजली संकट के बाद NBEMS ने री-एग्जाम का किया ऐलान

    जयपुर
    सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन (iON Digital Zone) सेंटर पर नीट-पीजी 2026 की परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बिजली गुल होने की समस्या के चलते दो परीक्षा केंद्रों पर प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) के मुताबिक, इस सेंटर पर परीक्षा के लिए आवंटित सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा अब 5 सितंबर 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी।

    अव्यवस्थाओं के चलते भड़के अभ्यर्थी
    दरअसल, सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन सेंटर पर नीट-पीजी की परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होनी थी और दोपहर 12:30 बजे तक चलनी थी। इसके लिए अभ्यर्थी तय समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। सभी जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने का इंतजार था। लेकिन परीक्षा शुरू होने के दौरान ही बिजली से जुड़ी परेशानी सामने आ गई। बिजली जाने के बाद कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए और परीक्षा आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद सिस्टम को दोबारा शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार आ रही दिक्कत के चलते परीक्षा ठीक से शुरू ही नहीं हो पाई। काफी देर तक जब स्थिति साफ नहीं हुई तो बाहर बड़ी संख्या में छात्र जमा हो गए और अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा।

    इन दो केंद्रों पर होगी दोबारा परीक्षा
    जयपुर के आईओएन डिजिटल जोन आईडीजी सीतापुर के टीसी नंबर 41682 एवं 41683 पर केंद्र में केंद्र में आंतरिक बिजली आपूर्ति में समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। एनबीईएमएस ने इस असुविधा के लिए प्रभावित अभ्यर्थियों के प्रति खेद व्यक्त किया है।

    बोर्ड ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को दोपहर 3 बजे जयपुर में पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। पुनः परीक्षा के केंद्र सहित अन्य विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी। संबंधित अभ्यर्थियों को संशोधित एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे।

    कांग्रेस ने किया बीजेपी पर वार
    जयपुर में NEET-PG परीक्षा के दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा, “जयपुर में सुबह 9 बजे से होने वाली NEET-PG की परीक्षा 12 बजे तक शुरू ही नहीं हो पाई। छात्र और उनके परिजन मोदी के घटिया सिस्टम के कारण परेशान होते रहे और पूरी सरकार चादर ताने सोती रही। एक बार फिर साबित हो गया कि मोदी सरकार एक परीक्षा ठीक से नहीं करवा सकती। धिक्कार है।”

    देशभर में 2.73 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
    एनबीईएमएस के अनुसार 30 अगस्त को देशभर में 2,73,096 पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए 1111 केंद्रों पर नीट -पीजी 2026 परीक्षा आयोजित की गई। इनमें से 2,65,980 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए और लगभग 2,63,535 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी हुई।

    जयपुर
    सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन (iON Digital Zone) सेंटर पर नीट-पीजी 2026 की परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बिजली गुल होने की समस्या के चलते दो परीक्षा केंद्रों पर प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) के मुताबिक, इस सेंटर पर परीक्षा के लिए आवंटित सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा अब 5 सितंबर 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी।

    अव्यवस्थाओं के चलते भड़के अभ्यर्थी
    दरअसल, सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन सेंटर पर नीट-पीजी की परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होनी थी और दोपहर 12:30 बजे तक चलनी थी। इसके लिए अभ्यर्थी तय समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। सभी जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने का इंतजार था। लेकिन परीक्षा शुरू होने के दौरान ही बिजली से जुड़ी परेशानी सामने आ गई। बिजली जाने के बाद कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए और परीक्षा आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद सिस्टम को दोबारा शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार आ रही दिक्कत के चलते परीक्षा ठीक से शुरू ही नहीं हो पाई। काफी देर तक जब स्थिति साफ नहीं हुई तो बाहर बड़ी संख्या में छात्र जमा हो गए और अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा।

    इन दो केंद्रों पर होगी दोबारा परीक्षा
    जयपुर के आईओएन डिजिटल जोन आईडीजी सीतापुर के टीसी नंबर 41682 एवं 41683 पर केंद्र में केंद्र में आंतरिक बिजली आपूर्ति में समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। एनबीईएमएस ने इस असुविधा के लिए प्रभावित अभ्यर्थियों के प्रति खेद व्यक्त किया है।

    बोर्ड ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को दोपहर 3 बजे जयपुर में पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। पुनः परीक्षा के केंद्र सहित अन्य विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी। संबंधित अभ्यर्थियों को संशोधित एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे।

    कांग्रेस ने किया बीजेपी पर वार
    जयपुर में NEET-PG परीक्षा के दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा, “जयपुर में सुबह 9 बजे से होने वाली NEET-PG की परीक्षा 12 बजे तक शुरू ही नहीं हो पाई। छात्र और उनके परिजन मोदी के घटिया सिस्टम के कारण परेशान होते रहे और पूरी सरकार चादर ताने सोती रही। एक बार फिर साबित हो गया कि मोदी सरकार एक परीक्षा ठीक से नहीं करवा सकती। धिक्कार है।”

    देशभर में 2.73 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
    एनबीईएमएस के अनुसार 30 अगस्त को देशभर में 2,73,096 पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए 1111 केंद्रों पर नीट -पीजी 2026 परीक्षा आयोजित की गई। इनमें से 2,65,980 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए और लगभग 2,63,535 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी हुई।