Category: राजस्थान

  • राखी पर महिलाओं को डबल राहत: रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा के साथ महिला पुलिसकर्मियों को छुट्टी

    राखी पर महिलाओं को डबल राहत: रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा के साथ महिला पुलिसकर्मियों को छुट्टी

    जयपुर 
    राजस्थान से दूसरे राज्य में जाने वाली बसों में यह छूट केवल राजस्थान की सीमा तक लागू होगी। राज्य की सीमा पार करने के बाद की यात्रा के लिए निर्धारित किराया देना होगा। ऐसे यात्रियों को दूसरे राज्य में तय दूरी के अनुसार किराया चुकाना पड़ेगा।

    रक्षाबंधन के त्योहार पर राजस्थान की महिलाओं और बालिकाओं के लिए राजस्थान रोडवेज ने बड़ी राहत दी है। रक्षाबंधन के मौके पर महिलाएं और लड़कियां राजस्थान रोडवेज की सामान्य बसों में दो दिन तक मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यह सुविधा आज रात 12 बजे से शुरू होकर 29 अगस्त की रात 11:59 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान राजस्थान की सीमा के भीतर सफर करने वाली पात्र महिलाओं और बालिकाओं से बस किराया नहीं लिया जाएगा।

    रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए रोडवेज ने महिलाओं को पहले से सीट रिजर्वेशन कराने की सुविधा भी दी है। 28 और 29 अगस्त को यात्रा करने वाली महिलाएं अपनी सीट पहले से बुक करा सकेंगी। इससे त्योहार के दौरान बसों में बढ़ने वाली भीड़ के बीच सीट को लेकर होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिलेगी।

    राजस्थान की सीमा में ही मुफ्त यात्रा
    मुफ्त यात्रा की सुविधा राजस्थान की सीमा के अंदर ही मान्य होगी। यानी कोई महिला या बालिका राजस्थान के किसी शहर से दूसरे शहर तक रोडवेज बस से यात्रा करती है तो उसे राजस्थान की सीमा के भीतर यात्रा के लिए किराया नहीं देना होगा।

    वहीं, राजस्थान से दूसरे राज्य में जाने वाली बसों में यह छूट केवल राजस्थान की सीमा तक लागू होगी। राज्य की सीमा पार करने के बाद की यात्रा के लिए निर्धारित किराया देना होगा। ऐसे यात्रियों को दूसरे राज्य में तय दूरी के अनुसार किराया चुकाना पड़ेगा।

    रोडवेज की ओर से यह सुविधा रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाओं और बालिकाओं को दी जा रही है, ताकि वे अपने मायके या परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए आसानी से यात्रा कर सकें।

    AC वोल्वो और अखिल भारतीय परमिट बसों में किराया देना होगा
    मुफ्त यात्रा की सुविधा राजस्थान रोडवेज की सामान्य बसों में ही उपलब्ध रहेगी। एसी वोल्वो बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं और बालिकाओं को सामान्य किराया देना होगा। इसके अलावा अखिल भारतीय परमिट पर संचालित होने वाली बसों में भी यह छूट लागू नहीं होगी।

    इसलिए यात्रा से पहले महिलाओं को यह देखना होगा कि जिस बस से वे सफर कर रही हैं, वह मुफ्त यात्रा योजना के दायरे में आती है या नहीं। सामान्य रोडवेज बसों में राजस्थान की सीमा के भीतर यात्रा करने पर ही किराया माफ रहेगा।

    रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में बढ़ेगी भीड़
    रक्षाबंधन के कारण 28 और 29 अगस्त को बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए अपने गांव, कस्बे या दूसरे शहरों में जाएंगी। ऐसे में रोडवेज बस स्टैंड और प्रमुख रूटों पर भीड़ बढ़ सकती है।

    यात्रियों की इसी संभावित भीड़ को देखते हुए सीट रिजर्वेशन की सुविधा अहम मानी जा रही है। महिलाएं यात्रा की योजना पहले बनाकर अपनी सीट आरक्षित करा सकती हैं, जिससे आखिरी समय में बस में सीट नहीं मिलने की परेशानी से बचा जा सकेगा।

    महिला पुलिसकर्मियों को भी रक्षाबंधन पर छुट्टी
    इधर, रक्षाबंधन के मौके पर पुलिस विभाग में तैनात महिला कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर है। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने नॉर्थ इलाके में पदस्थापित सभी महिला पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को रक्षाबंधन पर अवकाश देने का निर्णय लिया है।

    डीसीपी नॉर्थ की ओर से महिला पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों का रक्षाबंधन के दिन अवकाश स्वीकृत किया गया है। इससे वे त्योहार के मौके पर अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगी और रक्षाबंधन का पर्व मना सकेंगी।

    इस तरह रक्षाबंधन पर एक ओर जहां रोडवेज की सामान्य बसों में महिलाओं और बालिकाओं को दो दिन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, वहीं पुलिस विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी छुट्टी का तोहफा मिला है। त्योहार के दौरान महिलाओं की यात्रा को आसान बनाने और उन्हें परिवार के साथ पर्व मनाने का मौका देने के लिहाज से दोनों फैसले महत्वपूर्ण हैं।

  • खाद की किल्लत और जमाखोरी रोकने की कवायद, यूरिया 5 तो DAP के 3 बैग प्रति हेक्टेयर का प्रस्ताव

    खाद की किल्लत और जमाखोरी रोकने की कवायद, यूरिया 5 तो DAP के 3 बैग प्रति हेक्टेयर का प्रस्ताव

    जयपुर
     यूरिया और डीएपी की उपलब्धता व वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कृषि आयुक्तालय राजस्थान ने उर्वरक बिक्री की सीमा तय करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। कृषि आयुक्तालय राजस्थान जयपुर की ओर से 25 अगस्त को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजे पत्र में उर्वरक बिक्री का एक फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया गया है।

    प्रस्ताव के अनुसार यूरिया के लिए प्रति हेक्टेयर 5 बैग व प्रति एकड़ 2 बैग की सीमा सुझाई गई है। वहीं, डीएपी के लिए प्रति हेक्टेयर 3 बैग प्रति फसल सीजन की सीमा प्रस्तावित है। प्रस्ताव लागू होने पर किसानों को निर्धारित मात्रा के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।

    जमाखोरी पर रोक और समान वितरण पर जोर
    प्रस्ताव का उद्देश्य किसानों के बीच उर्वरकों का समान वितरण करना और एक ही किसान की ओर से अधिक मात्रा में खरीद पर रोक लगाना है। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में यूरिया और डीएपी की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई स्थानों पर किसानों को लंबी कतारों में लगकर खाद लेना पड़ता है।

    वहीं, कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंकाएं भी सामने आती रही हैं । अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव मंजूर होने पर आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इससे वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पर नियंत्रण में भी मदद मिलने की उम्मीद है ।

    रबी सीजन में बढ़ेगी खाद की मांग
    खरीफ फसल की कटाई के बाद रबी की बुवाई के दौरान किसानों को पहले डीएपी और इसके बाद यूरिया की मांग बढ़ने की संभावना है। बस्सी, चाकसू, सांगानेर और जमवारामगढ़ क्षेत्रों में खेती का बड़ा दायरा है। रबी सीजन में इन क्षेत्रों में दोनों उर्वरकों की मांग बढ़ती है।

    मांग और आपूर्ति में असंतुलन के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रस्ताव लागू होने पर उर्वरक वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।

    इनका कहना है
    उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण को सुव्यवस्थित करने के लिए यह प्रस्ताव भेजा गया है। इससे किसानों को समय पर और उचित मात्रा में खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अब निर्णय केंद्र सरकार पर निर्भर है।
        विनोद कुमार रेगेरा, संयुक्त निदेशक कृषि (इनपुट)

  • निकाय चुनाव के नामांकन में दिखा सियासी रंग, कहीं सास-बहू तो कहीं थर्ड जेंडर प्रत्याशी ने भरा पर्चा

    निकाय चुनाव के नामांकन में दिखा सियासी रंग, कहीं सास-बहू तो कहीं थर्ड जेंडर प्रत्याशी ने भरा पर्चा

    जयपुर 
     प्रदेश में 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई। पहले दिन 967 उम्मीदवारों ने 1144 नामांकन पत्र दाखिल किए। अब 29 और 31 अगस्त को ही पर्चे भरे जा सकेंगे। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण इन दोनों दिन नामांकन नहीं होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने 31 अगस्त को नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की है।

    नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। हालांकि, प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट वितरण को लेकर मंथन जारी है। अन्य दल भी प्रत्याशियों के चयन में जुटे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की सूची जारी होने के बाद अंतिम दिन बड़ी संख्या में नामांकन होने की संभावना है। नामांकन दाखिल करने का समय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है।

    पहले दिन 150 वार्डों में से 9 में ही नामांकन, 11 प्रत्याशियों ने जताई दावेदारी
    जयपुर नगर निगम चुनाव में की नामांकन के पहले दिन गुरुवार को शहर के 15 केंद्रों पर सन्नाटा रहा। ढोल-नगाड़े, जुलूस और समर्थकों भीड़ नजर नहीं आई। 150 वार्डों में 11 प्रत्याशियों ने 13 नामांकन दाखिल किए। इनमें 8 ने निर्दलीय और 4 ने कांग्रेस के नाम से दावेदारी जताई। पार्टियों के अधिकृत सिंबल अभी जारी नहीं हुए हैं। इसलिए अंतिम रूप से पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति सिंबल आवंटन के बाद स्पष्ट होगी।

    केवल नौ वार्डों से नामांकन
    वार्ड 12, 14, 16, 25, 31, 40, 50, 99 और 148 से ही नामांकन आए। वार्ड 31, 50 और 99 में एक से अधिक नामांकन हुए। यानी 141 वार्डो में पहले दिन कोई नामांकन नहीं आया। अधिकांश दावेदार पार्टियों की टिकट सूची का इंतजार करते रहे।

    सूची जारी होते ही बदलेगा माहौल
    पार्टियों की सूची जारी होने के बाद नामांकन केंद्रों पर चुनावी रंग चढ़ने की उम्मीद है। 27 से 31 अगस्त तक नामांकन हैं, लेकिन 28 को रक्षाबंधन और 30 को रविवार के अवकाश के कारण अब 29 और 31 अगस्त को ही पर्चे भरे जाएंगे। दोनों दिन सुबह 10.30 से दोपहर 3 बजे तक समय रहेगा।

    सियासी हलचल तेज, कहीं सास-बहू ने भरा पर्चा, कहीं मंत्री पुत्र ने ठोकी दावेदारी
    नगर निकाय चुनाव के लिए गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही प्रदेशभर में सियासी हलचल तेज हो गई। भरतपुर में पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी विचित्रा सिंह और बहू रुद्राणी सिंह ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में उतरने का एलान किया। पूर्व मेयर भोंट ने भी दूसरे वार्ड से निर्दलीय पर्चा भरा है। वहीं, उदयपुर में बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने नामांकन दाखिल किया।

    दौसा जिले की लालसोट नगर परिषद से थर्ड जेंडर मीनू किन्नर ने पर्चा भरकर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी। कोटा जिले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुत्र दीपक दिलावर ने बीजेपी टिकट के लिए आवेदन किया है। इधर, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बयान जारी कर कहा कि उनके दोनों पुत्र कहीं से कोई चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

  • खजूर, गोंदा और सब्जियों की एकीकृत खेती से बदली किस्मत, हर साल लाखों की शुद्ध आय

    खजूर, गोंदा और सब्जियों की एकीकृत खेती से बदली किस्मत, हर साल लाखों की शुद्ध आय

     समदड़ी (बाड़मेर)
     खेती को सिर्फ एक पारंपरिक जीवनयापन का जरिया मानने के बजाय यदि आधुनिक सोच, सही तकनीक और पूरी तरह जैविक पद्धतियों के साथ अपनाया जाए, तो यह बंजर जमीन पर भी बंपर आमदनी का मजबूत जरिया बन सकती है। राजस्थान के बाड़मेर जिले के समदड़ी क्षेत्र स्थित भूरानी गांव के निवासी एवं पूर्व सरपंच बाबूलाल माली इसका एक प्रत्यक्ष और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरे हैं।

    जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के बाद, अब उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से वैज्ञानिक जैविक खेती पर केंद्रित है। वे अपने निजी फार्म हाउस पर आधुनिक और प्राकृतिक तरीकों से एकीकृत खेती कर न केवल कृषि क्षेत्र में शानदार मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि बाड़मेर और आसपास के जिलों के अन्य किसानों के लिए भी एक मार्गदर्शक और रोल मॉडल बने हुए हैं।

    खजूर, गोंदा और करौंदे के साथ सब्जियों का शानदार कॉम्बिनेशन
    बाबूलाल माली ने अपने फार्म हाउस में फसलों और फलों का एक बहुत ही सटीक कॉम्बिनेशन तैयार किया है। उनके खेत में वर्तमान में करीब 80 खजूर, 65 गोंदा और 10 करौंदे के उन्नत पेड़ लगे हुए हैं। इन पेड़ों के बीच उपलब्ध खाली जगह का बुद्धिमत्ता से उपयोग करते हुए वे विभिन्न मौसमी सब्जियों की भरपूर पैदावार लेते हैं।

    बाबूलाल माली बताते हैं कि इस एकीकृत जैविक मॉडल की बदौलत वे हर साल 20 से 25 लाख रुपए की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से पूरी दूरी बनाकर केवल प्राकृतिक खादों का उपयोग करना ही उनकी इस निरंतर सफलता का मुख्य आधार है।

    फॉर्म हाउस पर ही खुद तैयार कर रहे हैं प्राकृतिक जैविक खाद
    बाबूलाल माली के अनुसार, वे बाजार की महंगी खाद पर निर्भर रहने के बजाय अपने फार्म हाउस पर ही देसी गाय के गोबर, गोमूत्र और अन्य प्राकृतिक घटकों को मिलाकर उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार करते हैं। उनका अनुभव बताता है कि जैविक खाद के निरंतर प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता और जल-धारण क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है। साथ ही, इससे पैदा होने वाले फलों और सब्जियों का स्वाद, आकार और गुणवत्ता रासायनिक फसलों की तुलना में काफी बेहतर होती है।

    क्षेत्रीय किसानों को दे रहे हैं लाभदायक खेती का संदेश
    पूर्व सरपंच बाबूलाल माली केवल खुद की प्रगति तक सीमित नहीं हैं, वे आसपास के क्षेत्र के अन्य किसानों को भी रसायन-मुक्त और टिकाऊ जैविक खेती अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि किसान सही तकनीक, लगन और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग करें, तो खेती को बेहद टिकाऊ और अत्यधिक लाभप्रद बनाया जा सकता है। वर्तमान में पूर्व सरपंच के इस सफल जैविक मॉडल को देखने, समझने और खेती की नई-नई तकनीकों की जानकारी लेने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से किसान रोजाना उनके खेत पर पहुंच रहे हैं।

  • 17 सवालों पर विवाद के बाद 5 हजार शिक्षक पदों की भर्ती अटकी, हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तक रोक

    17 सवालों पर विवाद के बाद 5 हजार शिक्षक पदों की भर्ती अटकी, हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तक रोक

    जयपुर
    राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-1 पदों की नियुक्ति पर लगी अंतरिम रोक अगली सुनवाई तक बढ़ा दी है। न्यायाधीश समीर जैन की एकलपीठ में सुनवाई के दौरान राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।

    परिणाम में बदलाव करना मुश्किल
    याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने कहा कि इस चरण में नियुक्तियां देने से तीसरे पक्ष के अधिकार बन जाएंगे और बाद में भर्ती प्रक्रिया या परिणाम में बदलाव करना मुश्किल होगा। अदालत ने याचिकाकर्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए चयन बोर्ड को जवाब के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए नियुक्तियों पर रोक अगली सुनवाई तक जारी रखी।

    याचिका में कहा गया कि परीक्षा में 17 प्रश्नों के उत्तरों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। विशेषज्ञों की राय के बाद बोर्ड ने इनमें से 11 प्रश्न डिलीट कर दिए, लेकिन शेष विवादित प्रश्नों के उत्तरों को सही माना। इससे कई अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। चयन बोर्ड ने 6 नवंबर 2025 को लेवल-1 के करीब 5,000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। लिखित परीक्षा 17 जनवरी 2026 को हुई थी।

    करीब 5 हजार पदों पर निकली थी भर्ती
    कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले साल 6 नवंबर 2025 को ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती लेवल-1 के करीब 5 हजार पदों पर भर्ती निकाली थी। इसकी लिखित परीक्षा 17 जनवरी को आयोजित हुई थी। इसकी फाइनल आंसर-की 15 जून को जारी हुई थी। इसी के आधार पर बोर्ड ने 11 जून 2026 को भर्ती का परिणाम घोषित किया था। अब सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।

  • नेपाल में लापता भारतीयों के बीच राजस्थान सरकार सतर्क, परिजन इन नंबरों पर ले सकते हैं मदद

    नेपाल में लापता भारतीयों के बीच राजस्थान सरकार सतर्क, परिजन इन नंबरों पर ले सकते हैं मदद

    जयपुर 
    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा को देखते हुए राजस्थान सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पर्यटन, धार्मिक यात्रा और व्यापार के सिलसिले में नेपाल गए राजस्थान के नागरिकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सहायता तथा त्वरित जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि राजस्थान का कोई भी नागरिक नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा के बीच फंसा हुआ है, तो उनके परिजन जयपुर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से तुरंत संपर्क साध सकते हैं।

    इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे प्रदेशवासियों की जल्द से जल्द पहचान करना और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन के समन्वय से तत्काल मदद पहुंचाना है।

    कई भारतीय लापता
    जानकारी के मुताबिक़ नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इस आपदा में अब तक 163 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और करीब 750 से अधिक लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें से 133 भारतीय नागरिक (ज्यादातर कैलाश मानसरोवर के तीर्थयात्री और पर्यटक) लापता हैं।

    हालांकि लापता होने वाले भारतीय लोगों में राजस्थान के कितने लोग हैं, इसका सटीक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, क्योंकि नेपाल में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। हालांकि, राजस्थान के कई लोगों के वहां फंसे या लापता होने की आशंका को देखते हुए राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत कदम उठाए हैं।

    राजस्थान के यात्रियों के लिए सरकार चिंतित
    नेपाल का रासुवा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है, जहां हर साल राजस्थान से भी बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। हाल ही में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण वहां संपर्क मार्ग और स्थानीय ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

    नेपाल के बिगड़ते हालात को देखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक वहां बिना सहायता के न रहे और उनके चिंतित परिजनों को सही व सटीक जानकारी समय पर मिल सके।

    इन हेल्पलाइन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क
    आपदा प्रबंधन विभाग के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (State Emergency Operation Center) ने टोल-फ्री नंबरों के साथ-साथ कई लैंडलाइन लाइनें और डिजिटल माध्यम सक्रिय कर दिए हैं। नेपाल गए यात्रियों के परिजन निम्नलिखित नंबरों पर कॉल कर सहायता मांग सकते हैं-

    टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर: 1070 एवं 112
    जयपुर ऑफिस दूरभाष नंबर: 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392 एवं 0141-2227603

    आपातकालीन IP नंबर: 28888

    ई-मेल आईडी: relief-rj@nic.in

    भारतीय दूतावास के संपर्क में राजस्थान कंट्रोल रूम
    राज्य आपदा प्रबंधन विभाग का जयपुर स्थित कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है। कंट्रोल रूम के अधिकारी नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में हैं।

    जैसे ही किसी राजस्थानी नागरिक के नेपाल में फंसे होने या लापता होने की सूचना मिलती है, उसकी जानकारी तुरंत काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास को भेजी जा रही है, ताकि ग्राउंड लेवल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

    परिजनों से अपील: तुरंत दें जानकारी

    राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका कोई पारिवारिक सदस्य, रिश्तेदार या परिचित इस समय नेपाल यात्रा पर है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो वे बिना परेशान हुए तुरंत कंट्रोल रूम के नंबरों पर पूरी जानकारी (जैसे नाम, स्थान, पासपोर्ट या आईडी डिटेल और अंतिम लोकेशन) साझा करें।

    आधिकारिक आपातकालीन पोर्टल्स पर करें विजिट

    आपदा प्रबंधन, राहत अपडेट्स और आधिकारिक दिशा-निर्देशों की प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिक राज्य सरकार के पोर्टल्स का उपयोग कर सकते हैं:

  • सितंबर में जोधपुर बनेगा एयर कॉम्बैट का केंद्र, जापान के F-2A और भारत की वायुसेना करेंगी युद्धाभ्यास

    सितंबर में जोधपुर बनेगा एयर कॉम्बैट का केंद्र, जापान के F-2A और भारत की वायुसेना करेंगी युद्धाभ्यास

    जोधपुर
     देश के आसमान में अगले महीने जापान के लड़ाकू विमानों की पहली दस्तक होगी। जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के तीन एफ-2-ए लड़ाकू विमान पहली बार भारत आएंगे और जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन और आसपास के हवाई क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास करेंगे। ‘वीर गार्जियन 26‘ युद्धाभ्यास में जापान के करीब 110 सैन्यकर्मी भी हिस्सा लेंगे। 9 से 21 सितंबर तक होने वाले इस अभ्यास के लिए जापानी विमान करीब 5600 किलोमीटर की दूरी तय कर जोधपुर पहुंचेंगे।

    खास बात यह होगी कि ये विमान जापान के सुइकी एयरबेस से उड़ान भरने के बाद ओकिनावा के नाहा एयरबेस और थाइलैंड होते हुए जोधपुर पहुंचेंगे। लंबी दूरी की इस तैनाती में अमेरिकी वायुसेना भी हवा में ईंधन भरने सहित अन्य सहायता देगी। जापान के लिए यह सिर्फ भारत में पहला लड़ाकू विमान अभ्यास नहीं, बल्कि इतनी दूर अपनी फाइटर यूनिट को तैनात करने की परिचालन क्षमता को परखने का भी बड़ा मौका होगा। जोधपुर में होने वाला यह अभ्यास भारत-जापान के बढ़ते सामरिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों की वायु सेनाएं मुख्य रूप से लड़ाकू विमानों के खिलाफ हवाई युद्ध की रणनीति और ऑपरेशनल तालमेल का अभ्यास करेंगी।

    तीन एफ-2-ए, 110 जापानी सैन्यकर्मी
    जापान की 8वीं एयर विंग के तीन एफ-2-ए विमान और करीब 110 सैन्यकर्मी जोधपुर आएंगे। यह यूनिट फुकुओका प्रांत के सुइकी एयरबेस पर तैनात है। जापानी वायुसेना के अनुसार भारत आने-जाने सहित पूरी तैनाती एक से 30 सितंबर तक रहेगी, जबकि वास्तविक युद्धाभ्यास 9 से 21 सितंबर तक होगा।

    जोधपुर से जापान की दूरी 5600 किलोमीटर
    एफ-2-ए विमान सुइकी से ओकिनावा के नाहा एयरबेस और फिर थाइलैंड होते हुए जोधपुर पहुंचेंगे। जापान से जोधपुर की सीधी दूरी करीब 5600 किलोमीटर है। लंबी दूरी की तैनाती में विमान के साथ रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और सैन्यकर्मियों की आवाजाही भी बड़ी चुनौती होगी। अमरीकी वायुसेना हवा में ईंधन भरने में मदद करेगी।

    2023 में जापान गया था भारत
    ‘वीर गार्जियन’ का पहला संस्करण जनवरी 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर हुआ था। तब भारत ने चार सुखोई-30 एमकेआई, दो सी-17, एक आईएल-78 और करीब 150 सैन्यकर्मी भेजे थे। जापान की ओर से चार एफ-2 और चार एफ-15 शामिल हुए थे। अब तीन साल बाद अभ्यास की दिशा उलट गई है और जापानी लड़ाकू विमान भारत आ रहे हैं।

    जोधपुर बनेगा अंतरराष्ट्रीय एयर कॉम्बैट अभ्यास का केंद्र
    सितंबर में जोधपुर एयरबेस पर लगातार बड़े हवाई अभ्यास होंगे। ‘वीर गार्जियन 26’ के बाद बहुराष्ट्रीय ‘तरंग शक्ति 2.0’ का भी आयोजन प्रस्तावित है। ऐसे में जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर भारतीय और विदेशी लड़ाकू विमानों की गतिविधियां बढ़ेंगी।

    तीनों सेनाओं के अलग-अलग अभ्यास
    भारत और जापान के बीच वायुसेना का ‘वीर गार्जियन’, थलसेना का ‘धर्म गार्जियन’ और नौसेना का ‘जीमेक्स’ प्रमुख संयुक्त अभ्यास हैं। धर्म गार्जियन इस साल मार्च महीने में उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के चौबेटिया हिस्से में हुआ था। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने हाल में इन अभ्यासों को और जटिल बनाने, मानव रहित प्रणालियों को शामिल करने और जरूरत पड़ने पर कम समय की सूचना पर संयुक्त अभ्यास करने पर सहमति जताई है।

  • जयपुर में मेट्रो नेटवर्क होगा मजबूत, फेज-2 में एयरपोर्ट से कलेक्ट्रेट तक 36 स्टेशन जुड़ेंगे

    जयपुर में मेट्रो नेटवर्क होगा मजबूत, फेज-2 में एयरपोर्ट से कलेक्ट्रेट तक 36 स्टेशन जुड़ेंगे

    जयपुर

    जयपुर मेट्रो के फेज-2 में 41 किमी के कॉरिडोर का काम तेज हो गया है. इस कॉरिडोर में कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे. पहले जोन में पृथ्वीराजपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किमी के हिस्से पर काम शुरू हो चुका है, जिसकी लागत 918 करोड़ है. दूसरे चरण में पिंजरापोल गौशाला से जवाहर सर्कल रोड एयरपोर्ट तक 3  किमी का अंडरग्राउंड सेक्शन बनेगा. इस पर करीब 1160 करोड़ खर्च होगा. इसका टेंडर जारी हो गया है. बाकी चरणों के लिए भी वर्क ऑर्डर जारी होने वाले हैं। 

    जयपुर मेट्रो फेज 2 का अपडेट
    जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण का निर्माण कार्य 5 साल में पूरा होगा, इसका हिस्सा 3 किमी अंडरग्राउंड होगा. यह मेट्रो कॉरिडोर पृथ्वीराजपुरा से सीकर रोड पर टोडी तक जाएगा. इस पर 13 हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा. फेज-2 को पांच जोन में बांटा गया है. मेट्रो परियोजना फेज-2 के पहले चरण में बड़े बदलाव किए गए हैं. मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक की मौजूदा मेट्रो लाइन पर खासाकोठी में नया स्टेशन बनाया जाएगा. इससे फेज-1 में स्टेशनों की संख्या 11 से बढ़कर 12 हो गई है. मेट्रो के दूसरे चरण में भी खासाकोठी एक स्टेशन होगा. इन दोनों चरणों के स्टेशनों को 150 मीटर लंबे फुट ओवरब्रिज से जोड़ा जा रहा है। 

        41 किलोमीटर लंबाई
        36 स्टेशन, 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड
        13037 करोड़ रुपये लागत
        2031 तक पूरा होगा काम

    जयपुर एयरपोर्ट, स्टेशन और कलेक्ट्रेट होंगे कनेक्ट
    सेकेंड फेज में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास लगभग 3 किमी का हिस्सा भूमिगत होगा. टोंक रोड, सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र (SEZ), जेईसीसी, बी-2 बाईपास, सवाई मानसिंह अस्पताल और क्रिकेट स्टेडियम मिलाकर मेडिकल और स्पोर्ट्स सेंटर्स को जोड़ा जाएगा. जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, सिविल लाइंस जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके भी मेट्रो से जुड़ जाएंगे.अंबाबाड़ी, विद्याधर नगर, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र और टोडी मोड़ जैसे रिहायशी इलाकों को भी फायदा होगा. खासाकोठी, चांदपोल पर फुट ओवरब्रिज के जरिये यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा होगी। 

    जयपुर मेट्रो फेज 2 में 4 लाख तक यात्री
    जयपुर मेट्रो के फेज 1 में रोजाना 50 से 60 हजार यात्री सफर करते हैं. फेज-2 बनने के बाद रोजाना 2.5 लाख से 4 लाख यात्री होंगे. टोंक रोड, जेएलएन रोड और अजमेर-सीकर रोड कॉरिडोर पर वाहनों का दबाव कम होगा. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट में कनेक्टिविटी से चाकसू और चौमूं जैसे इलाकों के यात्रियों को बसों के जरिये लास्ट माइल कनेक्टिविटी भी मिलेगी. प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक का लगभग 12 किलोमीटर लंबा हिस्सा है. इसमें 10 एलिवेटेड स्टेशन और डिपो के लिए लाइन बनाई जा रही है. पिंजरापोल गोशाला से जवाहर सर्किल, एयरपोर्ट तक का 3 किमी का अंडरग्राउंड कॉरिडोर शामिल है। 

    जयपुर मेट्रो के सेकेंड फेज (ऑरेंज लाइन) के 36 प्रस्तावित स्टेशन 

    1. प्रहलादपुरा 
    2. सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया 
    3. रीको
    4. जेईसीसी / सीतापुरा 
    5. महात्मा गांधी हॉस्पिटल 
    6. कुम्भा मार्ग 
    7. हल्दीघाटी मार्ग 
    8. सांगानेर सेक्टर-3 
    9. पिंजरापोल गोशाला 
    10. सांगानेर थाना 
    11. जयपुर एयरपोर्ट-अंडरग्राउंड
    12. जवाहर सर्किल -अंडरग्राउंड
    13. बी-2 बाईपास
    14. दुर्गापुरा 
    15. महावीर नगर 
    16. गोपालपुरा 
    17. टोंक फाटक 
    18. नेहरू नगर
    19. एसएमएस स्टेडियम 
    20. एसएमएस अस्पताल 
    21. अजमेरी गेट 
    22. सरकारी छात्रावास, मिर्जा इस्माइल रोड 
    23. चांदपोल पिंक लाइन के साथ इंटरचेंज
    24. कलेक्ट्रेट, बनी पार्क 
    25. जयपुर जंक्शन
    26. खासाकोठी
    27. पावर हाउस 
    28. पानीपेच 
    29. अंबाबाड़ी
    30. नेशनल हैंडलूम 
    31. विद्याधर नगर 
    32. सेंट्रल स्पाइन 
    33. सेक्टर-2 विद्याधर नगर 
    34. रोड नंबर-14 वीकेआईए
    35. विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया 
    36. टोडी मोड़ / सीकर रोड 

  • कार्यवाहक CJ शर्मा को हटाने की मांग, जस्टिस संदीप मेहता का CJI को पत्र

    कार्यवाहक CJ शर्मा को हटाने की मांग, जस्टिस संदीप मेहता का CJI को पत्र

    जयपुर 

     सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता ने कई पत्रों के जरिये भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से तुरंत राजस्थान से बाहर का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का आग्रह किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा अपने प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। 

    जस्टिस मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को तीन पत्र लिखे. पता चला है कि जस्टिस मेहता ने जस्टिस शर्मा पर कुप्रशासन का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जस्टिस शर्मा मामलों को चुनिंदा तरीके से अपनी पीठ में भेजने के लिए 'रोस्टर के मास्टर' (मामलों का आवंटन करने वाले प्राधिकारी) के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग कर रहे हैं। 

    जस्टिस मेहता ने 2 अगस्त के अपने पत्र में कहा कि उन्होंने पहले भी CJI को ऐसे ही मामलों के बारे में बताया था, जिसमें में उन मामलों का जिक्र किया गया था जिन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के अन्य पीठों से अचानक वापस लेकर जस्टिस शर्मा की अदालत में भेज दिया गया था। 

    जस्टिस मेहता ने बताया कि राजस्थान के उनके दौरे के दौरान, उच्च न्यायालय के कई जजों ने जस्टिस शर्मा के व्यवहार पर अपनी पीड़ा साझा की थी। 

    जस्टिस मेहता ने याद दिलाया कि CJI ने शुरुआत में उन्हें ऐसे मामलों की सूची सौंपने के लिए कहा था, लेकिन बाद में आरोपों को लिखित रूप में न देने की सलाह दी और इसके बजाय आश्वासन दिया कि उचित कार्रवाई की जाएगी. फिर भी, उन्होंने कहा कि राजस्थान के बाहर से किसी मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करने के उनके अनुरोध पर अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। 

    दूसरे पत्र में, जस्टिस मेहता ने 26 सितंबर को अपने रिटायरमेंट से ठीक पहले जस्टिस शर्मा द्वारा लंबे छक्के लगाने के प्रयास के जीते-जागते प्रमाण के रूप में दो विशिष्ट उदाहरणों का हवाला दिया। 

    10 अगस्त के पत्र में, उन्होंने जस्टिस शर्मा द्वारा कुछ वकीलों के साथ कथित पक्षपात और रोस्टर शक्तियों के दुरुपयोग के और अधिक विशिष्ट उदाहरणों का जिक्र किया। 

    17 अगस्त के अपने पत्र में, जस्टिस मेहता ने कहा कि उन्होंने अपने पहले के पत्रों में जस्टिस शर्मा के भारी कुप्रशासन और गंभीर रूप से संदेहास्पद गतिविधियों को पहले ही उजागर कर दिया था. जस्टिस मेहता ने पूछा कि उन्हें काम जारी रखने की अनुमति क्यों दी जा रही है। 17 अगस्त के पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश ने साथी न्यायाधीशों से जस्टिस शर्मा के उस आचरण की शिकायत की जो उनकी पत्नी (जो एक वरिष्ठ जिला न्यायपालिका अधिकारी) के प्रति प्रतिशोध की भावना से प्रेरित था. इस पत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय के प्रशासन और अधीनस्थ न्यायपालिका के सदस्यों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर भी अन्य आरोप जोड़े गए थे। 

    नवंबर 2016 में जस्टिस शर्मा को राजस्थान उच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया था. उन्हें जनवरी 2022 में पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया. स्वास्थ्य के आधार पर राजस्थान वापस लौटने के उनके अनुरोध को मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नामंजूर कर दिया था, और उन्हें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय भेज दिया गया था. कॉलेजियम ने बाद में अपने फैसले में बदलाव किया और मई 2025 में उनके राजस्थान लौटने की सिफारिश की। 

  • 76,000 शिक्षकों की बंपर भर्ती का ऐलान! राजस्थान में गेस्ट फैकल्टी को मिलेगा ₹21 हजार से ₹30 हजार तक मानदेय

    76,000 शिक्षकों की बंपर भर्ती का ऐलान! राजस्थान में गेस्ट फैकल्टी को मिलेगा ₹21 हजार से ₹30 हजार तक मानदेय

    जयपुर
    राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की किल्लत को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में शिक्षकों की कमी को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के बीच सरकार ने 'विद्या संबल योजना' के तहत बड़े पैमाने पर भर्ती का फैसला लिया है. इस योजना के जरिए प्रदेश के सभी स्कूलों में कुल 76,000 गेस्ट फैकल्टी (शिक्षकों) की तैनाती की जाएगी। 

    शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए गाइडलाइन तय की है. योजना के मुताबिक, विभाग हर एक खाली पद के लिए तीन आवेदनों को शॉर्टलिस्ट करेगा. इसके बाद आवेदकों की योग्यता और मेरिट के आधार पर सबसे योग्य उम्मीदवार को शिक्षक के रूप में स्कूल में नियुक्त किया जाएगा। 

    कक्षा के हिसाब से तय हुआ मानदेय 
    विद्या संबल योजना के तहत नियुक्त होने वाले शिक्षकों को प्रति घंटे (Hourly Basis) के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम मासिक सीमा भी तय की गई है:

    कक्षा 1 से 8वीं (प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक): ₹300 प्रति घंटा (अधिकतम ₹21,000 प्रति माह)

    कक्षा 9वीं और 10वीं (माध्यमिक): ₹350 प्रति घंटा (अधिकतम ₹25,000 प्रति माह)
    कक्षा 11वीं और 12वीं (उच्च माध्यमिक): ₹400 प्रति घंटा (अधिकतम ₹30,000 प्रति माह)

    आंदोलनों के बीच सरकार का बड़ा फैसला
    गौरतलब है कि राजस्थान के कई इलाकों में सरकारी स्कूलों में विषय अध्यापकों के पद खाली होने के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. इसे लेकर स्थानीय स्तर पर अभिभावक और छात्र लगातार विरोध-प्रदर्शन और तालाबंदी कर रहे थे. सरकार के इस फैसले से जहां एक तरफ स्कूलों में शिक्षकों की कमी तुरंत पूरी होगी, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को रोजगार का मौका भी मिलेगा।