Category: पंजाब

  • CM चेहरे पर नहीं खुलेगा पत्ता! पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने के लिए नया फॉर्मूला

    CM चेहरे पर नहीं खुलेगा पत्ता! पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने के लिए नया फॉर्मूला

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति काफी हद तक स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस पंजाब में चुनाव से पहले किसी नेता को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर घोषित नहीं करेगी।

    पायलट के मुताबिक पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और चुनाव अभियान की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे। चुनाव में बहुमत मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला किया जाएगा। पंजाब के प्रभारी बनने के बाद पायलट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच राजनीतिक दूरी लगातार चर्चा में है।

    पायलट के बयान से बहस पर रोक
    चन्नी खेमे की ओर से वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने और चुनाव में चन्नी को प्रमुख चेहरा बनाने की मांग भी सामने आती रही है। ऐसे में पायलट का मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिया गया बयान पार्टी के भीतर चल रही इस बहस को फिलहाल विराम देता दिखाई दे रहा है। पायलट ने संकेत दिया कि कांग्रेस के लिए किसी एक व्यक्ति का चेहरा महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि पूरी पार्टी का एकजुट होकर चुनाव लड़ना अहम है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस एक टीम के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी और राहुल गांधी अभियान का प्रमुख चेहरा होंगे। उनका जोर संगठन को मजबूत करने और सभी नेताओं को साथ लेकर चलने पर है। पायलट ने इससे पहले भी पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपेक्षा जताई है।

    सामूहिक मेहनत से सत्ता वापसी
    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने सामूहिक मेहनत और मजबूत संगठन के दम पर पंजाब में कांग्रेस की सत्ता में वापसी का भरोसा जताया था। कांग्रेस के लिए यह रणनीति इसलिए भी अहम है क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और सत्ता हासिल की थी।

    गुटबाजी थामना पायलट की बड़ी चुनौती
    वहीं 2022 में आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव मैदान में उतरकर सरकार बनाई थी। अब कांग्रेस बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव में उतरने की रणनीति अपना रही है। पायलट जल्द पंजाब दौरे पर आने वाले हैं। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश कांग्रेस के अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाने की होगी। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके दौरे और आगे राहुल गांधी के संभावित पंजाब अभियान के दौरान चन्नी, रंधावा और वड़िंग किस तरह साथ दिखाई देते हैं।

  • चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 36 दिन ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित, 12 ट्रेनें रद्द; यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर 36 दिन ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित, 12 ट्रेनें रद्द; यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    अबोहर.

    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्य के चलते रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। रेलवे ने स्टेशन पर 36 दिनों के लिए पावर और ट्रैफिक ब्लॉक को मंजूरी दी है। यह ब्लॉक तीन चरणों में 10 सितंबर से 15 अक्टूबर तक रहेगा।

    इस दौरान फुट ओवरब्रिज के निर्माण और उसे स्थापित करने के साथ स्टेशन के मौजूदा ढांचे को हटाने सहित कई जरूरी कार्य किए जाएंगे। रेलवे के आदेश के अनुसार पहला ब्लॉक 10 से 21 सितंबर, दूसरा 22 सितंबर से तीन अक्टूबर और तीसरा चार से 15 अक्टूबर तक रहेगा। इस अवधि में स्टेशन की विभिन्न रेल लाइनों पर यातायात और बिजली से जुड़े कार्य किए जाएंगे।

    12 ट्रेन सेवाएं रहेंगी रद्द
    ब्लॉक के कारण रेलवे ने 12 ट्रेन सेवाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें फिरोजपुर-चंडीगढ़ ट्रेन संख्या 14630 भी शामिल है। यह ट्रेन नौ सितंबर से 15 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। वहीं चंडीगढ़-फिरोजपुर ट्रेन संख्या 14629 को 10 सितंबर से 16 अक्टूबर तक रद्द किया गया है। इसके अलावा चंडीगढ़-अमृतसर ट्रेन संख्या 14541 और अमृतसर-चंडीगढ़ ट्रेन संख्या 14542 समेत अन्य ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी। रेलवे के अनुसार ब्लॉक के कारण कुल 442 फेरे रद्द किए गए हैं।

    श्रीगंगानगर, अबोहर और फाजिल्का के यात्रियों पर असर
    फिरोजपुर-चंडीगढ़ ट्रेन सेवा रद्द होने का सीधा असर श्रीगंगानगर, अबोहर और फाजिल्का क्षेत्र के यात्रियों पर पड़ेगा। श्रीगंगानगर से चलकर फिरोजपुर पहुंचने वाली संबंधित रेल सेवा आगे चंडीगढ़ के लिए रवाना होती है। ऐसे में इसके रद्द रहने से इस क्षेत्र के यात्रियों को चंडीगढ़ आने-जाने में परेशानी होगी। इसके अलावा अमृतसर रूट भी इससे प्रभावित रहने वाला है। लंबे समय तक ट्रेनें रद्द रहने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक रेल सेवाओं या दूसरे परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से सफर शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जांचने की अपील की है।

  • पंजाब के 3 पवित्र शहरों में मांस पर सख्ती, बिक्री से लेकर इस्तेमाल तक पर लगी रोक

    पंजाब के 3 पवित्र शहरों में मांस पर सख्ती, बिक्री से लेकर इस्तेमाल तक पर लगी रोक

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने राज्य के तीन पवित्र शहरों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक से संबंधित नोटिफिकेशन अब असाधारण गजट में प्रकाशित कर दिया है। पंजाब सरकार के 9 सितंबर 2026 के असाधारण गजट में पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश को प्रकाशित किया गया है।

    खास बात यह है कि गजट में प्रकाशित आदेश पर 23 दिसंबर 2025 की तारीख दर्ज है। यानी प्रतिबंध का आदेश करीब साढ़े आठ महीने पहले जारी किया गया था, लेकिन अब इसे सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया है। सरकार का यह आदेश अमृतसर की चारदीवारी वाले क्षेत्र, रूपनगर जिले के श्री आनंदपुर साहिब और बठिंडा जिले के तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) में लागू होगा। आदेश में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू की जाएगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य में लागू संबंधित कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    गृह विभाग के निर्देश पर जारी हुआ आदेश
    पशुपालन विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई गृह मामले विभाग की 15 दिसंबर 2025 की अधिसूचना में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई है। इसके बाद पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास विभाग ने 23 दिसंबर 2025 को प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किया। अब इसे 9 सितंबर 2026 को पंजाब सरकार के असाधारण गजट में प्रकाशित किया गया है।

    अमृतसर में पूरे शहर पर नहीं, चारदीवारी क्षेत्र में रोक
    नोटिफिकेशन में अमृतसर के लिए पूरे शहर को प्रतिबंधित क्षेत्र नहीं बनाया गया है। इसमें विशेष तौर पर अमृतसर के चारदीवारी वाले शहर का उल्लेख है। वहीं श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो (श्री दमदमा साहिब) की संबंधित नगर पालिका सीमाओं में यह आदेश लागू होगा।

    पवित्र शहर घोषित करने के फैसले की पृष्ठभूमि
    राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों को धार्मिक महत्व को देखते हुए पवित्र शहर घोषित करने का फैसला किया था। अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब और तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। इन क्षेत्रों की धार्मिक मर्यादा और गरिमा को बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंध का फैसला लिया गया था। हालांकि, वर्तमान गजट में मांस की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख है। शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों पर रोक संबंधी व्यापक घोषणा को अलग सरकारी आदेश के बिना इसी नोटिफिकेशन का हिस्सा नहीं माना जा सकता।

  • अंबेडकर प्रतिमा की बेअदबी पर आक्रोश, विरोध में आज बंद रहेगा जालंधर

    अंबेडकर प्रतिमा की बेअदबी पर आक्रोश, विरोध में आज बंद रहेगा जालंधर

    जालंधर.

    मंगलवार को लुधियाना में डाक्टर बीआर अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी के विरोध में जिले के वाल्मीकि संगठनों ने दस सितंबर वीरवार को जालंधर बंड का ऐलान किया है। संगठनों ने सुबह नौ से लेकर शाम पांच बजे तक शहर के सभी बाजारों, मार्केटें व माल्स सहित व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का एलान किया हुआ है।

    हालांकि कुछ वाल्मीकि संगठनों ने बुधवार रात को बैठक कर 10 दिसंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक बंद करने की घोषणा भी की है। इस दौरान रेलवे ट्रैक या फिर नेशनल हाईवे को बंद नहीं किया जाएगा। कई शिक्षण संस्थानों में इन दोनों परीक्षाएं चल रही है, ऐसे में शिक्षण संस्थान भी बंद नहीं करवाए जाएंगे।

    आज क्या रहेगा बंद
    वीरवार को शहर की मार्केट, दुकानें, माल्स, शोरूम, बेकरी, स्वीट शाप सहित तमाम तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

    किसे मिलेगी राहत
    वाल्मीाकि संगठनों के प्रतिनिधियों ने बंद के दौरान राहत की भी घोषणा की है। जिसके तहत वीरवार को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल की दुकानें, एंबुलेंस का संचालन, विदेश की फ्लाइट वाले यात्रियों, मृत्यु पर जाने वालों तथा शिक्षण संस्थानों को राहत रहेगी।

  • पंजाब में बिल्डिंग निर्माण के नए नियम लागू, पार्किंग-टॉयलेट से लेकर ऊंचाई और फायर सेफ्टी तक बदले रूल्स

    पंजाब में बिल्डिंग निर्माण के नए नियम लागू, पार्किंग-टॉयलेट से लेकर ऊंचाई और फायर सेफ्टी तक बदले रूल्स

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में सरकार ने बिल्डिंग बनाने के नियम बदल दिए हैं। इनमें घर-दुकान भी शामिल हैं। जिनमें फायर एग्जिट से लेकर पार्किंग और छत तक बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा हाईटेंशन तारों के नीचे या दूरी को लेकर भी अब नए नियम निर्धारित किए गए हैं।

    सोसाइटीज में पार्किंग के लिए भी अब तय नियम फॉलो करने होंगे। इसके लिए सरकार ने पंजाब शहरी नियोजन और बिल्डिंग (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं।

    1. 21 मीटर से ऊंची बिल्डिंग में सभी सीढ़ियां फायर एग्जिट यदि इमारत की ऊंचाई 21 मीटर (लगभग 6-7 मंजिल) से अधिक है, तो उसमें चढ़ने-उतरने के लिए बनी सभी सीढ़ियों को अनिवार्य रूप से 'फायर एग्जिट' यानी आपातकालीन निकास की तरह बनाया जाएगा। आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में लोग बिना किसी रुकावट के सुरक्षित और तेजी से बाहर निकल सकें, इसके लिए यह व्यवस्था जरूरी होगी।

    2. बिजली की ओवरहेड लाइन के नीचे निर्माण नहीं बिजली की ओवरहेड लाइन के आसपास इमारत बनाते समय निर्धारित दूरी रखना जरूरी होगा।

    3. दुकान, बूथ और SCO की ऊंचाई 5 मीटर तक बूथ, सामान्य दुकानों और SCO में फर्श से छत तक की ऊंचाई अधिकतम 5 मीटर रखी जा सकेगी।

    4. मेजेनाइन में सिर्फ सामान रख सकेंगे बूथ में मुख्य मंजिल और छत के बीच बनाई जाने वाली मेजेनाइन यानी अतिरिक्त छोटी मंजिल का इस्तेमाल सिर्फ सामान रखने के लिए किया जा सकेगा। यहां दुकान का कारोबार या ग्राहकों के बैठने की व्यवस्था नहीं की जा सकेगी। मेजेनाइन का क्षेत्रफल बूथ के कुल एरिया के दो-तिहाई (2/3) से अधिक नहीं होगा। इसमें कॉरिडोर का क्षेत्रफल शामिल नहीं होगा। खास बात यह है कि मेजेनाइन का यह क्षेत्र FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।

    5. छत पर सोलर पैनल के लिए राहत अब छत पर सोलर पैनल लगाते समय पैनल के नीचे 2.4 मीटर (लगभग 8 फीट) तक की खाली जगह रखी जा सकेगी। सोलर पैनल और उन्हें लगाने के लिए बनाए गए ढांचे को इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में भी नहीं गिना जाएगा। यानी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए इस अतिरिक्त ढांचे को FAR की गणना में नहीं जोड़ा जाएगा।

    6. छत पर 6 वर्गमीटर तक टॉयलेट अब छत पर अधिकतम 6 वर्ग मीटर (लगभग 64.5 वर्ग फीट) जगह में टॉयलेट बनाया जा सकेगा। इसकी अधिकतम ऊंचाई 2.75 मीटर (लगभग 9 फीट) होगी। टॉयलेट को भी इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।

    7. लिफ्ट सीधे छत तक जा सकेगी अब आवासीय और कमर्शियल समेत सभी तरह की इमारतों में लिफ्ट को सीधे छत तक ले जाने की अनुमति होगी। लिफ्ट का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) 2016 और संबंधित लिफ्ट कानून के अनुसार करना होगा। लिफ्ट की जांच और सर्टिफिकेशन पंजाब के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से क्षमता प्रमाण पत्र प्राप्त व्यक्ति ही कर सकेगा। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान लेकर छत तक जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी।

    8. कार पार्किंग को लेकर भी नए नियम कार पार्किंग के लिए भी लिफ्ट, क्लब हाउस और स्टिल्ट को लेकर भी नियम तय कर दिए गए हैं।

    9. जिम और इंडोर गेम्स में FAR की राहत पोडियम पर बने कॉमन जिम या इंडोर गेम्स एरिया का सिर्फ आधा हिस्सा (50%) FAR में गिना जाएगा। इससे ऐसे कॉमन एरिया के निर्माण में FAR के लिहाज से राहत मिलेगी।

  • राहुल गांधी पर केजरीवाल का तीखा हमला, ‘पंजाब में नशे के खिलाफ जंग जारी है’

    राहुल गांधी पर केजरीवाल का तीखा हमला, ‘पंजाब में नशे के खिलाफ जंग जारी है’

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नशे के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। राहुल गांधी के आरोपों और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट के बाद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

    केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार देश में कोई राज्य नशे के खिलाफ इस तरह अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या फैली और अब उनकी सरकार इसे खत्म करने का प्रयास कर रही है।

    केजरीवाल ने कहा- 
    पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है। मुझे बेहद दुख है कि आप जैसा नेता लाशों के ऊपर गंदी राजनीति कर रहा है।

    निर्णायक युद्ध लड़ रही सरकार –
    राहुल जी, पंजाब सरकार नशे के विरुध्द निर्णायक युद्ध लड़ रही है।
    पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी।
    पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये…

    – Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)

    गुलजार सिंह की मौत राजनीति न करें
    गुलजार सिंह की मौत को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि राहुल गांधी जैसे नेता एक व्यक्ति की मौत पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने के लिए कल आपके विधायक भी जब उस गांव में गये तो गांव वालों ने उन्हें निकाल दिया। केजरीवाल ने अपने पेज पर एक वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने राहुल गांधी से निवेदन किया कि वे भी एक चक्कर इस गांव का लगाकर आएं। पंजाब सरकार के किसी मंत्री, किसी विधायक का इस व्यक्ति की मौत से कोई लेना देना नहीं और वे इस तरह की गंदी राजनीति मत कीजिए।

    गुलजार सिंह मौत पर सियासत तेज –
    इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में सरकारी नाकामी पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री से नशे के कारोबार पर सवाल किया था, जिसके बाद उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और प्रताड़ित किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने जहर खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। अब केजरीवाल के जवाब के बाद इस मुद्दे पर पंजाब की राजनीति और गरमा गई है।

  • पावरकॉम पर आर्थिक संकट गहराया, ₹9,650 करोड़ बकाया; खर्च चलाने के लिए ₹10 हजार करोड़ जुटाएगा

    पावरकॉम पर आर्थिक संकट गहराया, ₹9,650 करोड़ बकाया; खर्च चलाने के लिए ₹10 हजार करोड़ जुटाएगा

    पटियाला 

    पंजाब में उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली की सुविधा जारी है लेकिन इसकी कीमत पावरकाम की आर्थिक सेहत पर भारी पड़ रही है। पंजाब सरकार से बिजली सब्सिडी के 7550 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जबकि विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के करीब 2100 करोड़ रुपये और बकाया हैं। यानी सरकार और उसके विभागों पर पावरकाम का कुल बकाया करीब 9650 करोड़ रुपये पहुंच गया है। 

    नकदी संकट के बीच पावरकाम को अपने जरूरी खर्च चलाने के लिए बाजार से कर्ज लेने की तैयारी करनी पड़ रही है। 7550 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी में करीब 4000 करोड़ रुपये पिछले दो वित्तीय वर्षों का बकाया ब्याज समेत है। 

    इसके अलावा करीब 3550 करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की सब्सिडी के हैं। सरकारी विभागों में जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग पर करीब 1000 करोड़, स्थानीय निकाय विभाग पर 850 करोड़, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग पर 380 करोड़ और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पर करीब 125 करोड़ रुपये के बिजली बिल लंबित हैं।

    आम उपभोक्ता का बिल बकाया होने पर पावरकाम कनेक्शन काट सकता है, लेकिन सरकारी विभागों और आवश्यक सेवाओं के कनेक्शनों पर ऐसी कार्रवाई व्यावहारिक रूप से आसान नहीं है। इसका सीधा असर निगम के कैश फ्लो पर पड़ रहा है। बिजली की बढ़ती मांग के बीच पावरकाम को बाहर से बिजली और कोयला खरीदने, मरम्मत के लिए स्पेयर पार्ट्स व अन्य सामग्री जुटाने तथा वेतन समेत नियमित खर्चों का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत है।

    बिना सरकारी गारंटी 10 हजार करोड़ जुटाएगा पावरकाम
    आर्थिक दबाव के चलते पावरकाम अब बिना सरकारी गारंटी करीब 10 हजार करोड़ रुपये का बाजार ऋण लेने की तैयारी में है। इसके लिए गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) और बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई गई है। प्रक्रिया के लिए मर्चेंट बैंकरों से ऑनलाइन बोलियां भी आमंत्रित की गई हैं। पावरकाम पर पहले से करीब 18 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। ऐसे में नया कर्ज उसके ब्याज बोझ को और बढ़ाएगा।

    दरें घटाने से 7800 करोड़ के राजस्व घाटे का खतरा
    पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल के मुताबिक, हाल के एआरआर में खर्च का वास्तविक आकलन कम करके बिजली दरें घटाई गईं। उनका दावा है कि इससे पावरकाम पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा है और चालू वित्तीय वर्ष में वास्तविक खर्च की जरूरतों के मुकाबले करीब 7800 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, बिजली दरों में कटौती के बाद सरकार का सालाना सब्सिडी बिल करीब 5300 करोड़ रुपये घटकर लगभग 15,200 करोड़ रुपये रह गया है, लेकिन मौजूदा सब्सिडी का भुगतान समय पर नहीं हो रहा।

    बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच 1584 मेगावाट उत्पादन ठप
    पंजाब में बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच मंगलवार को 1584 मेगावाट उत्पादन क्षमता ठप रही। राज्य में बिजली की मांग 16,505 मेगावाट तक पहुंच गई, जबकि पावरकाम के अपने स्रोतों से महज 4605 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। सरकारी क्षेत्र के गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट का एक यूनिट मंगलवार को बंद हो गया। 

    रोपड़ और लहरा मुहब्बत थर्मल का एक-एक यूनिट पहले से बंद है। कोयले की कमी के कारण निजी क्षेत्र के तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल भी पूरी क्षमता से नहीं चल सके। दोनों से 894 मेगावाट कम उत्पादन हुआ। 3380 मेगावाट क्षमता वाले इन दोनों प्लांटों से कुल 2486 मेगावाट बिजली ही मिली। 

    तलवंडी साबो में करीब पांच और राजपुरा में छह दिन का कोयला ही बचा है। रणजीत सागर बांध और यूबीडीसी के चार यूनिट बंद रहने से भी 195 मेगावाट उत्पादन प्रभावित रहा। मंगलवार की मांग पिछले साल के इसी दिन के मुकाबले 7344 मेगावाट अधिक रही। सुबह नौ बजे 16,505 मेगावाट की मांग के मुकाबले पावरकाम ने नार्दर्न ग्रिड से 11,171 मेगावाट बिजली ली, जबकि उसका शेड्यूल 11,150 मेगावाट का था। 

     

  • डल्लेवाल नजरबंद, किसान नेताओं पर एक्शन से गरमाया माहौल; पंचायत से पहले बढ़ी सियासी हलचल

    डल्लेवाल नजरबंद, किसान नेताओं पर एक्शन से गरमाया माहौल; पंचायत से पहले बढ़ी सियासी हलचल

    फरीदकोट.

    भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की ओर से बुधवार को फरीदकोट में होने वाली किसान पंचायत से पहले पुलिस ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल को हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके अलावा फरीदकोट समेत आसपास के जिलों में संगठन के कई पदाधिकारियों को भी उनके घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है।

    पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। किसान मांगों को लेकर हर हाल में संघर्ष जारी रखेंगे। जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल से लेकर आमरण अनशन तक का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

    पांच माह से 12 जिलों में चल रहे धरने
    किसानों की ओर से पिछले करीब पांच माह से फरीदकोट समेत पंजाब के 12 जिलों में लैंड मोरगेज बैंकों के बाहर धरने दिए जा रहे हैं। किसानों की प्रमुख मांग है कि कमर्शियल बैंकों की तर्ज पर लैंड मोरगेज बैंकों में भी ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना लागू की जाए। इसके साथ ही किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करने और शंभू-कनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों के सामान की हुई चोरी की भरपाई करने की मांग की जा रही है।

    29 अगस्त के प्रदर्शन से पहले भी हुई थी कार्रवाई
    इन मांगों को लेकर 29 अगस्त को फरीदकोट में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन से पहले भी पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। इसके विरोध में संगठन ने जेल भरो आंदोलन शुरू किया गया था। इसी कड़ी में बुधवार, 9 सितंबर को फरीदकोट में किसान पंचायत आयोजित की जानी थी। पंचायत में किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष की अगली रणनीति तैयार की जानी थी। पंचायत से पहले हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर किसान संगठन और सरकार के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

  • पंजाब जेल में सख्ती के बावजूद नशे-मोबाइल का खेल जारी, 10 हवालाती नामजद

    पंजाब जेल में सख्ती के बावजूद नशे-मोबाइल का खेल जारी, 10 हवालाती नामजद

    फिरोजपुर.

    केंद्रीय जेल फिरोजपुर में जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान 9 मोबाइल फोन , नशीले कैप्सूल और डाटा केबल बरामद हुए हैं।

    यह जानकारी देते हुए थाना सिटी फिरोजपुर के सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि इस बरामदगी को लेकर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा जेल अधिकारियों की ओर से भेजी गई लिखित जानकारी के आधार पर थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस द्वारा 10 हवालातियों के खिलाफ पंजाब प्रिजन करेक्शनल सर्विस एक्ट 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल फिरोजपुर के सुपरीटेंडेंट ने थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस को भेजे लिखती पत्र में बताया है कि हवालाती संदीप सिंह, हवालाती आकाश उर्फ छोटू, हवालाती गुरदीप सिंह, हवालाती करण कुमार, हवालाती सुमित, हवालाती अरुण उर्फ सरबजीत सिंह, हवालाती दीपक उर्फ दीपा, भवनेश पुत्र हरमेश वासी जम्मू, हवालाती दीपक वासी गुरदासपुर और हवालाती राजीव कुमार 6 टच स्क्रीन और 3 कीपैड मोबाइल फोन तथा 7 लाल रंग के नशीले कैप्सूल और एक सफेद रंग की डाटा केबल बरामद हुई है। सब इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा नामजद हवालातियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • मोहाली के सनटेक सिटी केस में ED एक्टिव, SSP को तलब कर मांगी जानकारी

    मोहाली के सनटेक सिटी केस में ED एक्टिव, SSP को तलब कर मांगी जानकारी

    चंडीगढ़.

    एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने सनटेक सिटी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट मामले में जानकारी मुहैया करवाने के लिए मोहाली के SSP को समन भेजा है। सूत्रों के मुताबिक न्हें 10 सितंबर को पेश होकर जरूरी डिटेल्स देने को कहा गया है।

    यह समन डायरेक्टरेट की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के सेक्शन 54 के तहत जांच रिकॉर्ड शेयर करने की बार-बार रिक्वेस्ट के बाद जारी किया गया है। ED ने पहले 27, 29 और 31 अगस्त को पुलिस जांच की डिटेल्स मांगी थीं। हांलाकि SSP ऑफिस ने कोई जानकारी शेयर नहीं की गई। ED ने इससे पहले 1 जुलाई, 21 जुलाई, 14 अगस्त, 24 अगस्त और 25 अगस्त को पत्र और ईमेल के जरिए मोहाली पुलिस को अपनी जांच के नतीजे भेजे थे। इस बीच नए केस रजिस्टर करने की मांग की गई थी। नए अपराध रजिस्टर करने की रिक्वेस्ट पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।

    शिकायत में आरोप है कि न्यू चंडीगढ़ में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए जमीन की तबदीली की मंजूरी लेने के लिए फर्जी सहमति पत्रों के जरिए किसानों से उनकी जमीन की असली कीमत ठगी गई। यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी उठाया गया था। 2022 की FIR के आधार पर सहगल को ED पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान गिरफ्तार कर चुका है और लगभग 348 करोड़ रुपये के कथित जुर्म का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा से भी रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। अब इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई के लिए SSP को तलब किया गया है।