Category: पंजाब

  • Ludhiana बंद के कारण जाम में फंसे हजारों वाहन, जालंधर-पानीपत हाईवे पर लंबी कतारें

    Ludhiana बंद के कारण जाम में फंसे हजारों वाहन, जालंधर-पानीपत हाईवे पर लंबी कतारें

    लुधियाना.

    लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति की कथित छेड़छाड़ की घटना को लेकर आज शहर बंद का ऐलान किया गया है। दलित भाईचारे द्वारा जालंधर बाईपास चौक में जालंधर-पानीपत नेशनल हाईवे जाम कर दिया गया है।

    चौक को चारों तरफ से जाम करके विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, इस दौरान ट्रैफिक जाम लग गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। आम लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है। जालंधर से आने और जालंधर जाने वाली गाड़ियों को गुजरने नहीं दिया जा रहा है। समुदाय ने बेअदबी के विरोध में लुधियाना बंद का आह्वान किया है, जिसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने जालंधर बाईपास चौक पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी है, ताकि बंद के दौरान कोई अनहोनी न हो।

    मौके पर मौजूद SP नॉर्थ किक्कर सिंह भुल्लर ने कहा कि पूरी स्थिति शांतिपूर्ण और कंट्रोल में है। गौरतलब है कि दलित समुदाय ने आज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूरे शहर की सड़कें और बाजार बंद रखने की अपील की है। समुदाय बाबा साहेब की मूर्ति और उसके आस-पास की सफाई कर रहा है। बंद के आह्वान को लेकर प्रशासन शहर में सुरक्षा और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रख रहा है।

  • संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी सुविधा, 10-25 सितंबर तक लगेगा CHB का जन सुविधा शिविर

    संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी सुविधा, 10-25 सितंबर तक लगेगा CHB का जन सुविधा शिविर

     चंडीगढ़
     लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के इच्छुक चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के आवंटियों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत की खबर है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से कन्वर्जन प्रक्रिया को आसान बनाने और लोगों को एक ही जगह पर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जन सुविधा शिविर लगाया जा रहा है।

    शिविर में आवासीय इकाइयों के साथ व्यावसायिक संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने के मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर तक सभी कार्य दिवसों में आयोजित किया जाएगा। अवकाश के दिनों में कैंप नहीं लगेगा।

    आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक सेक्टर-9 डी स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं। बोर्ड का प्रयास है कि शिविर के माध्यम से कन्वर्जन से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को सरल और जल्द पूरा किया जा सके।

    यह शिविर 10 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक सभी कार्य दिवसों में लगेगा। छुट्टी वाले दिन कैंप नहीं लगाया जाएगा। आवंटी और संपत्ति मालिक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की छठी मंजिल के बहुउद्देशीय हॉल में पहुंच सकते हैं।

    ये दस्तावेज साथ लेकर आएं
    कैंप में आने वाले आवंटियों और संपत्ति मालिकों को अपने साथ आवंटन पत्र या ट्रांसफर डीड की कॉपी, नवीनतम भुगतान रसीद, पहचान और पते का प्रमाण सहित कन्वर्जन से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज लाने होंगे। दस्तावेज पूरे होने पर आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकेगी।

    पहले ऑनलाइन चेक कर लें शुल्क और बकाया
    CHB ने लोगों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और किसी भी बकाया राशि की जानकारी बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे उन्हें पहले से पता रहेगा कि कितनी राशि जमा करनी है और कैंप में प्रक्रिया पूरी करने में कम समय लगेगा।

    एक ही जगह मिलेगी सुविधा
    जन सुविधा शिविर का मकसद लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कन्वर्जन से जुड़े काम को आसान बनाना है। CHB ने पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।

    दस्तावेज साथ लाना जरूरी
    सीएचबी ने आवंटियों और मालिकों से कहा है कि वे शिविर में आते समय अपने आवंटन पत्र या हस्तांतरण विलेख की प्रति, नवीनतम भुगतान रसीदें, पहचान और पते का प्रमाण तथा कन्वर्जन से संबंधित अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आएं। दस्तावेज पूरे होने से आवेदन की जांच और आगे की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

    पहले ऑनलाइन जांच लें शुल्क और बकाया
    बोर्ड ने आवेदकों को सलाह दी है कि कैंप में आने से पहले अपने मामले में लागू कन्वर्जन शुल्क और यदि कोई बकाया राशि है तो उसकी जानकारी सीएचबी के ऑनलाइन पोर्टल पर जांच लें। इससे आवेदकों को पहले से देय राशि की जानकारी मिल जाएगी और शिविर के दौरान आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा।

    सीएचबी ने सभी पात्र आवंटियों और संपत्ति मालिकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। बोर्ड के अनुसार, शिविर लोगों को लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड में बदलवाने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

  • पंजाब में नियमित DGP नहीं होने पर हाईकोर्ट का रुख, ‘कार्यवाहक पद का प्रावधान नहीं’

    पंजाब में नियमित DGP नहीं होने पर हाईकोर्ट का रुख, ‘कार्यवाहक पद का प्रावधान नहीं’

    चंडीगढ़.

    पंजाब पुलिस के मुखिया के पद पर पिछले चार साल से नियमित नियुक्ति नहीं होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।

    अतिरिक्त प्रभार पर डीजीपी की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल
    अधिवक्ता निखिल थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पंजाब में पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल के प्रमुख) का सर्वोच्च पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रहा है। याचिका में इसे संस्थागत दृष्टि से गंभीर विषय बताते हुए नियमित डीजीपी की नियुक्ति की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी अधिकारी को लंबे समय तक केवल अतिरिक्त प्रभार देकर पुलिस बल का मुखिया बनाए रखना उसकी स्वतंत्रता और संस्थागत सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करता है। नियमित नियुक्ति के साथ मिलने वाला निश्चित कार्यकाल और संस्थागत स्थिरता पुलिस नेतृत्व के लिए आवश्यक है। इससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत होता है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला
    याचिका में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2006 के महत्वपूर्ण प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले के फैसले और 13 मार्च 2019 के बाद के आदेश का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग के पैनल के आधार पर चयन की प्रक्रिया निर्धारित की थी। याचिका में विशेष रूप से दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पुलिस महानिदेशक के पद पर ‘कार्यवाहक’ या ‘अस्थायी’ डीजीपी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकती। ऐसे में पंजाब में लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर चल रही व्यवस्था को लेकर कानूनी सवाल उठाया गया है।

    सरकार को पहले ही भेजा गया था कानूनी नोटिस
    याचिका के मुताबिक, संघ लोक सेवा आयोग की ओर से तैयार पैनल कथित तौर पर पंजाब सरकार को पहले ही प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने 24 अगस्त 2026 को संबंधित अधिकारियों को विस्तृत कानूनी नोटिस भेजकर नियमित नियुक्ति करने की मांग की थी।

    एक अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
    मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने की। खंडपीठ ने पंजाब सरकार को मामले में अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर को करेगी।

  • संसद रत्न सम्मान लेने दिल्ली आए चन्नी, वेणुगोपाल से पंजाब कांग्रेस के सियासी हालात पर बातचीत!

    संसद रत्न सम्मान लेने दिल्ली आए चन्नी, वेणुगोपाल से पंजाब कांग्रेस के सियासी हालात पर बातचीत!

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे। चन्नी को आज संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाना है। वह कृषि संबंधी संसदीय समिति के चेयरमैन भी हैं।

    दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से उनकी मुलाकात होने की संभावना है। माना जा रहा है कि मुलाकात होती है तो पंजाब कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों पर चर्चा हो सकती है। चन्नी की वेणुगोपाल से संभावित मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब पंजाब कांग्रेस में संगठन को लेकर अंदरूनी खींचतान लगातार सामने आ रही है। एक जुलाई को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से चुनाव समितियों के गठन के बाद चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की ओर से असहमति जताई गई थी। इसके बाद से चन्नी की हाईकमान के साथ सक्रिय स्तर पर मुलाकात नहीं हो सकी है। चन्नी समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन संसद सत्र के दौरान भी उनकी राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो पाई।

    अगले सप्ताह पायलट आ सकते हैं पंजाब
    इधर, कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट अगले सप्ताह पंजाब दौरे पर आएंगे। उनके दौरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों को दूर कर सभी नेताओं को एक मंच पर लाने की होगी। सूत्रों के मुताबिक पायलट पंजाब दौरे के दौरान पार्टी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे। वह नेताओं के साथ संगठन की स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आपसी मतभेदों को लेकर चर्चा कर सकते हैं।

    संगठन में समन्वय बढ़ाने की कोशिश
    माना जा रहा है कि सभी प्रमुख नेताओं को एक साथ बैठाकर संगठन में समन्वय बढ़ाने की कोशिश भी की जाएगी। मंगलवार को चंडीगढ़ में हुए पंजाब कांग्रेस के रोष प्रदर्शन में भी पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की सक्रियता दिखाई दी थी। ऐसे में पायलट का पहला पंजाब दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत किया है। अब हाईकमान की कोशिश यह है कि नए प्रभारी की अगुवाई में सभी नेताओं को साथ लेकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां आगे बढ़ाई जाएं।

  • पंजाब में कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत, 13 दिन चली हड़ताल के बाद सरकार से सहमति

    पंजाब में कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत, 13 दिन चली हड़ताल के बाद सरकार से सहमति

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार के कर्मचारियों और सरकार के बीच पिछले कई दिनों से चल रहा टकराव बुधवार को खत्म हो गया। मुख्य सचिव के साथ कर्मचारी संगठनों की बैठक के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का औपचारिक एलान कर दिया।

    बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर भी लगभग सहमति बन गई है। सरकार की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए दोनों पत्र वापस लेने पर भी सहमति बनी है। कर्मचारी संगठनों ने लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन शुरू किया था और बाद में हड़ताल को 11 सितंबर तक बढ़ाने की घोषणा की थी। इससे पंजाब सिविल सचिवालय समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ था। सरकार की ओर से भी सख्त रुख अपनाते हुए ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का नियम लागू करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

    मुख्य सचिव के साथ हुई बातचीत
    बुधवार को मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। कर्मचारियों की मांगों पर भी सरकार के साथ लगभग सहमति बनने की बात कही गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से जारी दोनों पत्रों को वापस लेने का फैसला हुआ है। इस घटनाक्रम से सरकार और कर्मचारियों के बीच बढ़ा तनाव फिलहाल खत्म हो गया है। कर्मचारियों के हड़ताल वापस लेने के बाद अब सरकारी कार्यालयों में सामान्य कामकाज बहाल होने की उम्मीद है। कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया जल्द स्पष्ट की जाएगी।

    क्या थी मांगें?
    कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ता और एरियर जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, अस्थायी कर्मियों को नियमित और वेतन से जुड़ी विसंगतियां दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

  • मंजीत कौर मर्डर केस में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी, ‘पिंदा’ गिरफ्तार; मुख्य आरोपित फरार

    मंजीत कौर मर्डर केस में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी, ‘पिंदा’ गिरफ्तार; मुख्य आरोपित फरार

    चंडीगढ़.

    पंजाबी इंफ्लुएंसर मंजीत कौर की किडनैपिंग के बाद हत्या के मामले में सेक्टर-34 थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित रिंकू के साथी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा (25) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित को वारदात में इस्तेमाल रिंकू की फॉर्च्यूनर कार के साथ सेक्टर-48 की मोटर मार्केट से गिरफ्तार किया।

    परमिंदर सिंह पंजाब के कपूरथला जिले के खानोवाल का रहने वाला है। उसका खरड़ में इमिग्रेशन का काम था, लेकिन वारदात से कुछ दिन पहले से वह रिंकू के लिए ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। दोनों के बीच दोस्ती भी है। मंजीत कौर को सेक्टर-34 से बुलाने और अगवा करने के दौरान परमिंदर भी रिंकू के साथ था। पुलिस आरोपित को बुधवार को अदालत में पेश करेगी। पुलिस की ओर से उससे पूछताछ के लिए रिमांड मांगा जाएगा। वहीं, मामले के मुख्य आरोपित रिंकू की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

    फोन कर सेक्टर-34 बुलाने का आरोप
    मंजीत कौर की मां कांता देवी ने सेक्टर-34 थाना पुलिस को बयान दिया था कि उनकी बेटी को उसके दो जानकार रिंकू और पिंदा ने फोन कर सेक्टर-34 बुलाया था। 3 और 4 जुलाई की रात दोनों आरोपितों ने मंजीत कौर के साथ कथित तौर पर मारपीट की और उसे कार में अगवा कर मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में ले गए। आरोपित मंजीत कौर को मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में ले गए और वहां एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी। इसके बाद दोनों आरोपित मौके से फरार हो गए। इसी दौरान मंजीत कौर का एक जानकार वहां पहुंचा और कंबल डालकर आग बुझाई।

    गंभीर रूप से झुलसे मंजीत कौर को उपचार के लिए मोरिंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे पीजीआई रेफर किया गया। मंजीत कौर को बाद में मोहाली स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया। वहां कुछ दिनों तक उसका इलाज चला। इसके बाद उसे दोबारा पीजीआई रेफर किया गया। उपचार के दौरान मंजीत कौर की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने अब परमिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वारदात में उसकी क्या भूमिका थी और मुख्य आरोपित रिंकू की घटना के बाद कहां-कहां मौजूदगी रही। पुलिस रिंकू की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार दबिश दे रही है।

  • सरकार-कर्मचारियों में बढ़ा टकराव, पंजाब में हड़ताल जारी; लुधियाना में सड़कें जाम, ‘नो वर्क नो पे’ का आदेश

    सरकार-कर्मचारियों में बढ़ा टकराव, पंजाब में हड़ताल जारी; लुधियाना में सड़कें जाम, ‘नो वर्क नो पे’ का आदेश

    चंडीगढ़
     लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सामूहिक अवकाश के बाद कर्मचारी संगठनों ने अब 11 सितंबर तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया है।

    पंजाब सिविल सचिवालय, निदेशालयों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के इस फैसले से आने वाले दिनों में सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। दूसरी ओर, सरकार ने भी सख्त रुख अपनाते हुए नो वर्क नो पे (काम नहीं तो वेतन नहीं) का आदेश जारी कर दिया।

    कार्यालयों में होगी जनता को परेशानी
    साथ ही, ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि कई कर्मचारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद काम के दौरान कार्यालयों से अनुपस्थित हो जाते हैं। इससे आम जनता को परेशानी होती है।

    बसों के चक्का जाम की चेतावनी 
    पंजाब रोडवेज, पनबस और पी. आर. टी. से. काट्रैक्ट वर्क
    र्स यूनियन ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। यूनियन के राज्य अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर परिवहन मंत्री के साथ 8 सितम्बर को बैठक तय की गई थी, लेकिन मंत्री ने निजी कारणों का हवाला देते हुए बैठक को 9 सितम्बर तक टाल दिया है।

    रेशम सिंह गिल ने स्पष्ट किया कि यूनियन सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों को लगातार लंबित रखने को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 9 सितम्बर को दोपहर 12 बजे तक परिवहन मंत्री के साथ बैठक का समय तय नहीं किया गया तो यूनियन पंजाब में बसों का चक्का जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देगी।

    क्यों हो रहा आंदोलन?
    इसे "अनधिकृत अनुपस्थिति" मान उन्हें वेतन नहीं दिया जाएगा। कर्मचारी आंदोलन के पिछले चरण में सरकार ने 2,500 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए थे।

    कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ता और एरियर जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, अस्थायी कर्मियों को नियमित और वेतन से जुड़ी विसंगतियां दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

  • अंबेडकर प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ पर आक्रोश, जालंधर बाईपास चौक पर धरना; 22 सड़कों पर असर

    अंबेडकर प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ पर आक्रोश, जालंधर बाईपास चौक पर धरना; 22 सड़कों पर असर

     लुधियाना
    जालंधर बाईपास चौक पर बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हुई बेअदबी के विरोध में बुधवार को वाल्मीकि समाज, रविदास समाज समेत विभिन्न जत्थेबंदियां सड़क पर उतरेंगी।

    संगठनों की ओर से सुबह 10 बजे जालंधर बाईपास चौक में धरना दिया जाएगा। इसके चलते जालंधर-पानीपत हाईवे समेत आसपास की करीब 22 सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है।

    धरने को लेकर पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस की ओर से फिलहाल जगराओं पुल से समराला चौक फ्लाईओवर की तरफ जाने वाले ट्रैफिक तथा सदर्न बाईपास की ओर जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है।

    हालांकि पुलिस ने इसे फिलहाल अस्थायी व्यवस्था बताया है। धरने के दौरान ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर जरूरत के मुताबिक अन्य रास्तों पर भी यातायात को मोड़ा जा सकता है।

    22 सड़कों पर पड़ सकता है असर
    जालंधर बाईपास चौक पर धरना होने के कारण चौक से जुड़ी करीब 22 सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। जालंधर-पानीपत हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के अलावा आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे बुधवार को इस रूट पर जाने से पहले वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

    जरूरी सेवाओं को रहेगी छूट
    पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि धरने के दौरान एम्बुलेंस, डॉक्टरों, स्कूलों और मेडिकल सेवाओं से जुड़े वाहनों को जरूरी छूट दी जाएगी। आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित न होने देने के लिए पुलिस कर्मियों को विशेष तौर पर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    पुलिस का प्रयास है कि प्रदर्शनकारियों के धरने के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। वहीं, विभिन्न संगठनों के धरने को देखते हुए जालंधर बाईपास चौक और इसके आसपास पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

  • कनाडा में एमी विर्क पर हमले की कोशिश? रोल्स रॉयस पर हुई फायरिंग, गाड़ी में 4 लोग थे सवार

    कनाडा में एमी विर्क पर हमले की कोशिश? रोल्स रॉयस पर हुई फायरिंग, गाड़ी में 4 लोग थे सवार

    चंडीगढ़ 
    कनाडा के एबट्सफोर्ड में पंजाबी गायक एमी विर्क के कार्यक्रम के बाद उनके काफिले पर कथित तौर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाए जाने का मामला सामने आया है। एबट्सफोर्ड पुलिस ने मैक्कलम रोड के 2500-ब्लॉक में हुई गोलीबारी की पुष्टि की है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि गोलीबारी में निशाना कौन था और एमी विर्क उस वाहन में सवार थे या नहीं।

    पुलिस के मुताबिक बीती रात करीब 11 बजे के बाद एक गहरे रंग की एसयूवी में सवार लोगों ने दूसरी गाड़ी पर कई गोलियां चलाईं। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। गोलीबारी के कुछ ही देर बाद सनीसाइड प्लेस के 2400-ब्लॉक में एक एसयूवी को आग के हवाले किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को पूरी तरह जला हुआ पाया। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि जले हुए वाहन का गोलीबारी की घटना से कोई संबंध है या नहीं।

    पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इतना जरूर कहा है कि जिस वाहन को निशाना बनाया गया, उस पर गोलीबारी जानबूझकर की गई थी।

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक 5 सितंबर की रात एबट्सफोर्ड के रोजर्स फोरम हॉल में एमी विर्क का कार्यक्रम था। दावा है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रात करीब 11 बजे एमी विर्क वाहनों के काफिले के साथ शहर की ओर रवाना हुए। इसी दौरान काफिले में शामिल एक रॉल्स रॉयस पर दूसरे वाहन में सवार लोगों ने गोलियां चला दीं।

    सूत्रों का दावा है कि संबंधित रॉल्स रॉयस बुलेटप्रूफ थी, जिसके कारण वाहन में सवार किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि एमी विर्क उसी वाहन में सवार थे। यह भी स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी के समय गायक के साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे।

    इस बीच सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे चर्ण दत्त चार्ली नाम के व्यक्ति की एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें उसने गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया कि हमला एमी विर्क के कार्यक्रम के प्रमोटर को निशाना बनाकर किया गया था।

    सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी अब तक गोलीबारी को किसी गिरोह से जोड़कर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। 

    एबट्सफोर्ड पुलिस के प्रवक्ता सार्जेंट पॉल वॉकर ने लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक घटना की रात 10:45 से 11:30 बजे के बीच मैक्कलम रोड के 2500-ब्लॉक या रात करीब 11 बजे सनीसाइड प्लेस के 2400-ब्लॉक के आसपास मौजूद लोगों के पास यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी या डैशकैम फुटेज है, तो वे पुलिस से संपर्क करें। 
    फिलहाल पुलिस गोलीबारी, जले हुए वाहन और दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है। 

  • पंजाब में चुनावी मिशन पर BJP, PM मोदी से अमित शाह तक एक्टिव; नितिन नवीन भी मैदान में

    पंजाब में चुनावी मिशन पर BJP, PM मोदी से अमित शाह तक एक्टिव; नितिन नवीन भी मैदान में

     चंडीगढ़
     पंजाब विधानसभा चुनाव में अब करीब छह महीने का समय शेष है और भाजपा ने प्रदेश में अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने सितंबर और अक्टूबर में अपने शीर्ष नेतृत्व के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित कार्यक्रमों को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अक्टूबर में तीन दिन पंजाब में रह सकते हैं। हालांकि, अभी दौरे की तारीख तय नहीं हुई है। पार्टी का प्रयास है कि उनके कार्यक्रम को अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला के आसपास केंद्रित किया जाए।

    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री पहले दिन माझा क्षेत्र के कई विधानसभा क्षेत्रों से रोड शो के माध्यम से गुजर सकते हैं। उनके रात्रि विश्राम के लिए राधा स्वामी सत्संग ब्यास के मुख्यालय पर विचार किया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री की जनसभा को लेकर भी पार्टी में मंथन चल रहा है। भाजपा के कुछ नेता बठिंडा अथवा पटियाला में जनसभा कराने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क में हैं। बठिंडा से पटियाला तक रोड शो की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री कार्यालय और भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व मिलकर दौरे की अंतिम रूपरेखा तैयार करेगा।

    केंद्र की घोषणाओं पर भी मंथन
    प्रधानमंत्री के दौरे को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी स्तर पर यह आकलन किया जा रहा है कि केंद्र सरकार पंजाब के लिए किन योजनाओं, परियोजनाओं या घोषणाओं की घोषणा कर सकती है।

    इसके साथ ही जनता के समक्ष रखे जाने वाले संभावित वादों पर भी मंथन शुरू हो गया है।
    18 सितंबर से नशे और कानून-व्यवस्था के खिलाफ यात्रा

    इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट से पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर यात्रा की शुरुआत करेंगे। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में नशे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

    19 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं की संभावित शुरुआत श्री केसगढ़ साहिब, तलवंडी साबो और फाजिल्का से किए जाने पर विचार चल रहा है।

    यात्रा के दौरान बाइक रैली भी निकाली जाएगी। पार्टी की योजना इन यात्राओं को प्रदेश के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने की है।

    यात्राओं का समापन जालंधर में प्रस्तावित है। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बड़ी रैली को संबोधित कर सकते हैं। उनकी रैली 29 या 30 सितंबर को होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि तारीख अभी अंतिम नहीं है।

    यात्राओं के नेतृत्व के लिए एक दर्जन से अधिक केंद्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में यात्रा के कार्यक्रम, तीन अन्य शहरों से निकलने वाली यात्राओं और अमित शाह की रैली की तारीख पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

    बैठक में प्रदेश प्रभारी डा सतीश पूनिया, प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और प्रदेश संगठन मंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु के शामिल होने की संभावना है। अमित शाह के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।