Category: पंजाब

  • अमृतसर में प्रकाश पर्व का भव्य आयोजन, फूलों से सजा Golden Temple; श्रद्धालुओं में उत्साह

    अमृतसर में प्रकाश पर्व का भव्य आयोजन, फूलों से सजा Golden Temple; श्रद्धालुओं में उत्साह

    अमृतसर 
    पंजाब के अमृतसर में मौजूद गोल्डन टेंपल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व को लेकर आज धार्मिक समागम करवाए जा रहे हैं। गोल्डन टेंपल को फूलों से सजाया गया है। यहां बड़ी संख्या में लग नतमस्तक होने के लिए पहुंचे रहे हैं।

    गोल्डन टेंपल और श्री अकाल तख्त साहिब व गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलौ सजाएं जाएंगे। हरमंदिर साहिब में तैयारियां किस तरह चल रही हैं। उसे इन तस्वीरों में देखा जा सकता है।अमृतसर, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश गुरु पर्व पर गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन हुआ शुरू।

    गोल्डन टेंपल को सुंदर फूलों से सजाया गया है, जो विदेश से लाए गए हैं। ये फूल थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से इंपोर्ट किए गए हैं। 100 कारीगर दिन-रात सजावट के काम में जुटे हैं। गोल्डन टेंपल को सजाने के लिए 60 टन से अधिक फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें 10 ट्रकों में लादकर अमृतसर लाया गया।

    सिखों के 5वें गुरु अर्जन देव जी ने सन् 1604 में दरबार साहिब में पहली बार 
    श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश गुरु पर्व के अवसर पर श्री हरिमंदिर साहिब में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।  गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन कुछ समय बाद आरंभ होगा। 

    गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े ये तथ्य, जानिए…

        बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की थी: सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी ने 1604 में दरबार साहिब में पहली बार गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया था। 1430 अंग (पन्ने) वाले इस ग्रंथ के पहले प्रकाश पर संगत ने कीर्तन दीवान सजाए और बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की।

        बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने: पहली पातशाही से छठी पातशाही तक अपना जीवन सिख धर्म की सेवा को समर्पित करने वाले बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने। आगे चलकर इसी के संबंध में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हुक्म जारी किया, "सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।"

        गुरु अर्जन देव बोलते गए, भाई गुरदास लिखते गए: 1603 में 5वें गुरु अर्जन देव ने भाई गुरदास से गुरु ग्रंथ साहिब को लिखवाना शुरू करवाया, जो 1604 में संपन्न हुआ। नाम दिया ‘आदि ग्रंथ’। 1705 में गुरु गोबिंद सिंह ने दमदमा साहिब में गुरु तेग बहादुर के 116 शबद जोड़कर इन्हें पूर्ण किया। 1708 में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हजूर साहिब में फरमान जारी किया था, “सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।”

        समूची मानवता को एक लड़ी में पिरोने का संदेश है गुरु ग्रंथ साहिब: सिखों में जीवंत गुरु के रूप में मान्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिख कौम ही नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए आदर्श व पथ प्रदर्शक हैं। दुनिया में यह इकलौते ऐसे पावन ग्रंथ हैं, जो तमाम तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव, भाईचारे, मानवता व समरसता का संदेश देते हैं।

    गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में गुरमत समागम आयोजित
    गुरुवार को गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किए गए, जिनके भोग 12 सितंबर को डाले जाएंगे। बता दें, आज (11 सितंबर) गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में गुरमत समागम आयोजित किया जाएगा। इसमें सिंह साहिबान और पंथ प्रसिद्ध रागी जत्थे संगत को गुरबाणी और गुर-इतिहास से जोड़ेंगे।

    श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन सजाया जाएगा
    वहीं, 12 सितंबर को पुरातन परंपरा के अनुसार गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब तक नगर कीर्तन सजाया जाएगा। नगर कीर्तन सुबह 7 बजे रामसर साहिब से निकलेगा और स्वर्ण मंदिर पहुंचेगा। इस दौरान शिरोमणि कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी समेत सिंह साहिबान और प्रमुख शख्सियतें हाजिरी भरेंगी।

     

  • भारत भूषण आशु की सचिन पायलट से मुलाकात, पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी के बीच बढ़ी सियासी हलचल

    भारत भूषण आशु की सचिन पायलट से मुलाकात, पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी के बीच बढ़ी सियासी हलचल

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) के महासचिव सचिन पायलट से नई दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भारत भूषण आशू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में सचिन पायलट से मुलाकात की।

    दोनों नेताओं के बीच पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठनात्मक मामलों और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनाए जाने के बाद पिछले कुछ दिनों में प्रदेश कांग्रेस के कई प्रमुख नेता उनसे मुलाकात कर चुके हैं।
    पंजाब कांग्रेस में समन्वय बढ़ाने की कोशिश पायलट से मुलाकात करने वालों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख हैं। इन मुलाकातों को पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। भारत भूषण ने पायलट के साथ मुलाकात के बाद कहा कि दोनों के बीच पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन से जुड़े विषयों और प्रदेश में कांग्रेस को और मजबूत करने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन को मजबूत करने के प्रयासों में सहयोग का संकेत दिया।

    चुनाव से पहले सभी धड़ों को एक करना चुनौती
    कांग्रेस हाईकमान ने पांच सितंबर को भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया था। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर लंबे समय से मतभेद सामने आते रहे हैं। पायलट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश कांग्रेस के विभिन्न धड़ों को साथ लेकर 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी आगे बढ़ाने की है। पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करने और सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। ऐसे में पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ पायलट की लगातार हो रही मुलाकातों को खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • हरियाणा में धान की खेती मुश्किल में, पहले मौसम की मार अब पिछैती फसल पर सूखे का असर

    हरियाणा में धान की खेती मुश्किल में, पहले मौसम की मार अब पिछैती फसल पर सूखे का असर

    बहादुरगढ़.

    धान उत्पादक किसान इस बार आशा और निराशा के बीच झूल रहे हैं। मानसून की बेरुखी ने खेती का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। समय पर रोपाई या बिजाई की गई धान की फसल फिलहाल संभली हुई है, लेकिन उसे बचाए रखने के लिए किसान दिन-रात ट्यूबवेल चला रहे हैं।

    दूसरी ओर, पिछैती रोपाई वाले खेतों में सूखे का असर पहले ही दिखाई दे चुका है। कहीं फसल की जुताई की जा चुकी है तो कहीं किसान उसे पशु चारे के लिए काटने को मजबूर हैं। बहादुरगढ़ क्षेत्र में इस बार करीब 20 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। मानसून कमजोर रहने और लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों के सामने खेतों में नमी बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

    समय पर रोपी गई फसल की स्थिति ठीक
    समय पर रोपी गई फसल की स्थिति अभी अपेक्षाकृत ठीक है, मगर इसके लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि धान को पानी की जरूरत के समय नहरों में भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। ऐसे में ट्यूबवेल ही एकमात्र सहारा है। इससे डीजल और बिजली के साथ सिंचाई का खर्च बढ़ रहा है। किसान आनंद के अनुसार, पिछले सप्ताह तीन-चार दिन बूंदाबांदी हुई, जिससे कुछ राहत मिली, लेकिन खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई। तापमान बढ़ने के साथ पानी की जरूरत और बढ़ गई है। यदि ट्यूबवेल से सिंचाई नहीं की जाए तो फसल पर असर पड़ने का डर है।

    क्या इस बार बचेगा मुनाफा?
    लगातार सिंचाई के बावजूद इस बात की चिंता है कि अंत में उत्पादन कितना होगा और बढ़ी हुई लागत के बाद हाथ में मुनाफा कितना बचेगा। पिछैती रोपाई वाली फसल पर संकट सूखे की सबसे ज्यादा मार पिछैती रोपाई वाली फसल पर पड़ी है। मौसम में अगले एक-दो दिन में बदलाव और बारिश की संभावना से किसानों को उम्मीद बंधी है। अब देखना यह है कि आसमान से कितनी राहत मिलती है और खेतों में खड़ी धान की फसल किसानों की उम्मीद को उत्पादन और मुनाफे में कितना बदल पाती है। इधर, कृ़षि विभाग के एसडीओ डा. सुनील कौशिक ने बताया कि अभी फसल की स्थिति ठीक है।

  • पंजाब में स्वास्थ्य योजना को मिलेगी रफ्तार, 33 लाख हेल्थ कार्ड का होगा घर-घर वितरण

    पंजाब में स्वास्थ्य योजना को मिलेगी रफ्तार, 33 लाख हेल्थ कार्ड का होगा घर-घर वितरण

    चंडीगढ़.

    पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्डों के वितरण में अब तेजी आने वाली है, करीब 33 लाख कार्ड जल्द ही जिलों में उपलब्ध होने की उम्मीद है। राज्य सरकार सभी पात्र लाभार्थियों को योजना के दायरे में लाने के लिए कार्य कर रही है।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि करीब 31 लाख मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड पहले ही जिलों में उपलब्ध हो चुके हैं, जबकि लगभग 2 लाख और कार्ड जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। सरकार ने करीब 2,008 गांवों और वार्डों की पहचान की है, जहां 400 या उससे अधिक लाभार्थी कार्ड के लिए पात्र हैं। इन स्थानों पर विशेष वितरण शिविर लगाए जाएंगे, ताकि कार्ड वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और लाभार्थियों को अपने क्षेत्र में ही कार्ड प्राप्त करने की सुविधा मिल सके।

    लाभार्थियों को शिविरों के बारे में दी गई सूचना
    लाभार्थियों को शिविरों के बारे में पहले से सूचित किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलिटेटरों, सेहत मित्रों और अन्य फील्ड स्टाफ को लाभार्थियों को शिविरों तक लाने तथा अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्ड वितरण कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के बाद शिविर आधारित वितरण शुरू होगा। सरकार ने कार्यक्रम शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर इन शिविरों में कार्ड वितरण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिन गांवों और वार्डों में 400 से कम लाभार्थी हैं, वहां पहले से चल रही घर-घर कार्ड वितरण व्यवस्था जारी रहेगी।

    शिविरों के बाद भी जो कार्ड वितरित नहीं हो पाएँगे, उन्हें भी आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों के माध्यम से लाभार्थियों के घरों तक पहुंचाया जाएगा। अंतिम स्तर तक कार्ड पहुंचाने को प्रोत्साहित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक सफलतापूर्वक वितरित कार्ड के लिए 10 रुपये, जबकि आशा फैसिलिटेटरों को प्रति कार्ड ₹2 दिए जाएंगे। घर-घर कार्ड वितरण का रिकॉर्ड रखा जाएगा और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा प्रोत्साहन राशि के दावों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    दो सप्ताह के भीतर घरों तक पहुंचाए जाएंगे कार्ड
    शिविर आधारित वितरण अभियान पूरा होने के बाद शेष कार्डों को अगले दो सप्ताह के भीतर घर-घर वितरण व्यवस्था के माध्यम से वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा जिलों को कार्ड तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री पहले ही उपलब्ध करवाई जा चुकी है, इसमें कार्ड जैकेट, लिफाफे और ब्रोशर भी शामिल हैं। अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की करीबी निगरानी करने तथा निर्धारित समयसीमा और मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना कार्डों का वितरण पूरा करना है, सरकार का विशेष जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।

  • चंडीगढ़ निगम चुनाव में सात वार्डों का आरक्षण तय, SC वर्ग को मिली हिस्सेदारी

    चंडीगढ़ निगम चुनाव में सात वार्डों का आरक्षण तय, SC वर्ग को मिली हिस्सेदारी

    चंडीगढ़.

    दिसंबर में होने वाले चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर आज यानी शुक्रवार को वार्ड रिजर्वेशन का ड्रॉ निकाला गया। सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस में स्टेट इलेक्शन कमिश्नर की निगरानी में ड्रॉ हुआ।
    वार्ड आरक्षण ड्राॅ में सात वार्ड अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड-29, वार्ड-4, वार्ड-9, वार्ड-15, वार्ड-1, वार्ड-3 और वार्ड-32 शामिल हैं।

    इन सात एससी वार्डों में से वार्ड-29, वार्ड-3 और वार्ड-32 एससी महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि बाकी चार वार्ड एससी महिला और पुरुष दोनों के लिए खुले रहेंगे। आरक्षण की इस तस्वीर से कई मौजूदा पार्षदों की चुनावी तैयारी और राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। इस बार आरक्षण ड्राॅ की प्रक्रिया में नगर निगम के कुल 35 वार्डों में से पहले से आरक्षित 16 वार्डों को शामिल नहीं किया गया। इन 16 वार्डों को बाहर करने के बाद बचे 19 वार्डों में ही नया ड्राॅ हुआ। इसी ड्राॅ में सात वार्ड एससी और नौ वार्ड सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए। यानी बचे 19 वार्डों में से कुल 16 वार्ड आरक्षित हो गए, जबकि सिर्फ तीन वार्ड सामान्य श्रेणी के लिए बचे।

    वर्ष 2021 के चुनाव में एससी के लिए वार्ड-7, 16, 19, 24, 26, 28 और 31 आरक्षित थे। इनमें वार्ड-16, 19 और 28 एससी महिला के लिए आरक्षित किए गए थे। इस बार एससी आरक्षण पूरी तरह नए वार्डों में चला गया है। वार्ड-29, 4, 9, 15, 1, 3 और 32 को एससी के लिए आरक्षित किए जाने से इन वार्डों में अब एससी वर्ग के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। आरक्षण का सबसे बड़ा असर मौजूदा पार्षदों पर दिखाई देगा। वार्ड-3 से भाजपा के पार्षद दलिप शर्मा लगातार तीसरी जीत की तैयारी में थे, लेकिन वार्ड एससी के लिए आरक्षित होने से अब उन्हें दूसरे वार्ड से चुनावी जमीन तलाशनी पड़ सकती है। वार्ड-4 की पार्षद और डिप्टी मेयर सुमन शर्मा के सामने भी यही चुनौती खड़ी हो गई है।
    वार्ड-9 की भाजपा पार्षद बिमला दुबे भी अब अपने मौजूदा वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। वार्ड-15 के रामचंद्र यादव के लिए भी आरक्षण बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। यादव हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। अब वार्ड एससी के लिए आरक्षित होने के बाद उन्हें भी नई सीट तलाशनी होगी।

    वार्ड-29 में आप के टिकट पर जीतकर बाद में कांग्रेस में शामिल हुए मुन्नवर के लिए भी मौजूदा वार्ड की सीट बदल गई है। वहीं वार्ड-32 के भाजपा पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर जसमानप्रीत सिंह के सामने भी अब नई राजनीतिक जमीन तलाशने की चुनौती होगी। एससी महिला के लिए आरक्षित तीन वार्डों में वार्ड-29, वार्ड-3 और वार्ड-32 शामिल होने से इन सीटों पर अब एससी महिला उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकेंगी। वहीं नौ सामान्य महिला वार्डों के आरक्षण से भी कई मौजूदा पुरुष पार्षदों को अपनी सीट छोड़कर नए वार्ड में जाना पड़ सकता है। ऐसे में आरक्षण ड्राॅ ने चुनाव से पहले ही नगर निगम की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं।

  • Chandigarh Weather: मानसून विदा होते ही बदलेगा मौसम, घूमने-फिरने का बनेगा शानदार प्लान

    Chandigarh Weather: मानसून विदा होते ही बदलेगा मौसम, घूमने-फिरने का बनेगा शानदार प्लान

    चंडीगढ़.

    सड़कों के किनारे पेड़ों की वजह से हरियाली, चौक-चौराहे एक जैसे और स्मूथली ट्रैफिक मैनेजमेंट। चंडीगढ़ यानी स्मार्टसिटी में प्रवेश करते ही एक अलग तरह का अहसास होता है। सितंबर महीने में इस शहर में काफी कुछ बदला-बदला सा नजर आता है।

    शहर के मुख्य पर्यटन स्थल अपने सबसे खूबसूरत रूप में होते हैं। यह महीना मानसून की विदाई का होता है। वर्षा की वजह से इस समय पूरा शहर बारिश के बाद हरी-भरी चादर ओढ़ लेता है, जिससे आउटडोर एक्टिविटीज और घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। टेम्प्रेचर 23 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की वजह से मौसम सुहावना होता है। मौसम अच्छा होने के कारण सेक्टर 17 की ओपन-एयर मार्केट में शाम बिताना, स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाना और लाइव म्यूजिकल फाउंटेन देखना बेहद सुखद होता है। इनडोर शॉपिंग के लिए आप एलांते मॉल भी जा सकते हैं। इस महीने ट्राईसिटी का एंटरटेनमेंट कैलेंडर भी लाइव म्यूजिक, कॉमेडी और लाइफस्टाइल प्रदर्शनियों से भरा हुआ है। यदि आपको होम डेकोर और आर्किटेक्चर में रुचि है, तो 25 सितंबर से सेक्टर-15 के परेड ग्राउंड में सबसे बड़ा इंटीरियर शो शुरू हो रहा है। त्योहारों और शादियों के सीजन की खरीदारी के लिए 12 से 14 सितंबर तक सेक्टर-35 स्थित किसान भवन में वेडिंग लाइफस्टाइल और होम डेकोर एग्जीबिशन का आयोजन किया जा रहा है।

    सुखना लेक: मानसून के बाद झील पानी से पूरी तरह भरी होती है। सुबह और शाम के समय सुहावनी हवाओं के बीच बोटिंग (शिकारा राइड) करना और शिवालिक की पहाड़ियों का नजारा देखना इस महीने सबसे खास अनुभव है।

    रॉक गार्डन: वेस्ट मटेरियल से बनी नेकचंद की जादुई दुनिया सितंबर की हल्की धूप और खिले मौसम में फोटोग्राफी के लिए बिल्कुल सटीक है। यहां के मानव निर्मित झरने इस समय पूरे वेग से बहते हैं।

    रोज गार्डन और लेजर वैली: एशिया का सबसे बड़ा जाकिर हुसैन रोज़ गार्डन और लेजर वैली बारिश के बाद पूरी तरह हरे-भरे हो जाते हैं, जो शांतिपूर्ण वॉक और पिकनिक के लिए बेहतरीन हैं।

  • चंडीगढ़ में किरायेदार-मकान मालिकों के लिए नया नियम, 2 महीने में देनी होगी किराये के एग्रीमेंट की जानकारी

    चंडीगढ़ में किरायेदार-मकान मालिकों के लिए नया नियम, 2 महीने में देनी होगी किराये के एग्रीमेंट की जानकारी

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ में मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों के निपटारे को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी पूरी हो गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के संपदा विभाग ने यूटी चंडीगढ़ टेनेंसी रूल्स, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियम 10 सितंबर से पूरे चंडीगढ़ में प्रभावी हो गए हैं।

    नए नियमों में किरायेदारी एग्रीमेंट की ऑनलाइन जानकारी देना जरूरी किया गया है। एग्रीमेंट होने के दो महीने के भीतर रेंट अथॉरिटी को जानकारी देनी होगी। नई व्यवस्था में किरायेदारी समझौते से लेकर किराये में बदलाव, सुरक्षा राशि, परिसर खाली कराने और विवादों के निपटारे तक की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। इसके लिए किराया प्राधिकरण, किराया न्यायालय और किराया अधिकरण की त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। उपायुक्त-सह-संपदा अधिकारी निशांत कुमार यादव, आईएएस ने कहा कि नए नियम मकान मालिकों और किरायेदारों के संबंधों में सुगमता, पारदर्शिता और निश्चितता लाएंगे तथा विवादों के समाधान के लिए सुव्यवस्थित तंत्र सुनिश्चित करेंगे।

    एग्रीमेंट के 2 महीने में देनी होगी जानकारी: नए नियमों के अनुसार मकान मालिक और किरायेदार को किरायेदारी समझौता होने के दो माह के भीतर संयुक्त रूप से या अलग-अलग ऑनलाइन माध्यम से किराया प्राधिकरण को इसकी सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के सात दिन के भीतर प्राधिकरण पक्षकारों को ई-रसीद के रूप में विशिष्ट पहचान संख्या जारी करेगा। यह पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पर भेजी जाएगी। मकान मालिक किराये से मना करे तो भी रास्ता : यदि मकान मालिक किराया या अन्य देय राशि लेने से इनकार करता है अथवा रसीद जारी नहीं करता, तो किरायेदार लगातार दो माह तक आरटीजीएस, एनईएफटी, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान का प्रयास कर सकेगा। इसके बाद भी भुगतान स्वीकार नहीं होने पर किरायेदार राशि किराया प्राधिकरण के पास जमा करा सकेगा।

    किराया, बिजली-पानी और मेंटेनेंस विवाद भी अथॉरिटी में: किराया, बिजली, पानी या मेंटेनेंस चार्ज के विवाद पर रेंट अथॉरिटी में आवेदन कर सकेंगे। फैसला लेते समय आसपास के क्षेत्र में चल रहे प्रचलित किराये को भी ध्यान में रखा जाएगा।  तीन महीने में बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म: किराया प्राधिकरण के गठन के तीन माह के भीतर स्थानीय भाषा और प्रशासन द्वारा निर्धारित अन्य भाषाओं में डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इस पर किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन होगा। किरायेदारी संबंधी रिकॉर्ड गोपनीय रखे जाएंगे और इन्हें केवल संबंधित पक्षकारों तथा अधिकृत अधिकारियों को ही उपलब्ध कराया जाएगा।

    अपील पर 60 दिन में फैसला :
    पक्षकार किराया, बिजली, पानी, रखरखाव और सुरक्षा शुल्क के निर्धारण या संशोधन के लिए किराया प्राधिकरण में आवेदन कर सकेंगे। निर्णय से असंतुष्ट होने पर मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता से परिसर का मूल्यांकन कराया जा सकता है, जिसका खर्च आवेदक को उठाना होगा। दूसरे पक्ष को किराया प्राधिकरण में आवेदन पर 15 दिन में जवाब देना होगा, जिसे कारण दर्ज कर अधिकतम 30 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। किराया अधिकरण को नोटिस की तामील के 60 दिन के भीतर अपील का फैसला करना होगा और सामान्यतः केवल एक स्थगन की अनुमति होगी। किराया न्यायालय के आदेश का निष्पादन नोटिस की तामील के 30 दिन में पूरा करना होगा।

  • पंजाब में गैंगस्टर कनेक्शन पर सियासी घमासान, रंधावा ने बॉर्डर रेंज के अधिकारियों की कॉल डिटेल खंगालने को कहा

    पंजाब में गैंगस्टर कनेक्शन पर सियासी घमासान, रंधावा ने बॉर्डर रेंज के अधिकारियों की कॉल डिटेल खंगालने को कहा

    चंडीगढ़.

    पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बॉर्डर रेंज के पुलिस अधिकारियों पर गैंगस्टरों से सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    उन्होंने कहा कि डेरा बाबा नानक और बटाला से स्थानांतरित किए गए डीएसपी समेत संबंधित पुलिस अधिकारियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की गहन जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे पता चल सकेगा कि उनके किन लोगों से संपर्क रहे हैं। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में रंधावा ने कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ ये आरोप लगा रहे हैं। यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो पंजाब के डीजीपी उनके खिलाफ भी मामला दर्ज करवा सकते हैं।

    ये राजनीतिक बयानबाजी नहीं
    उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि पंजाब की कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। आरोप सही पाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। रंधावा ने डीजीपी गौरव यादव पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के परिवारों को सुरक्षा दे रही है, जबकि धमकियां और फिरौती की कॉल झेल रहे लोगों को सुरक्षा नहीं मिल रही।

    पंजाब को स्थायी डीजीपी की जरूरत
    उन्होंने कहा कि पंजाब को स्थायी डीजीपी की जरूरत है। गुरदासपुर नगर कौंसिल चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों ने फोन के जरिये मतदाताओं को धमकाया, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका। संगरूर के गुलजार सिंह मामले में रंधावा ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह ने मृत्यु से पहले सरपंच और चीमा का नाम लिया था। इसलिए दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए और चीमा को मंत्री पद से हटाया जाए।

  • Bank Strike: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी मुश्किलें, ठप रहा कामकाज

    Bank Strike: बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी मुश्किलें, ठप रहा कामकाज

    बठिंडा.

    विभिन्न बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की गई। हड़ताल का असर बठिंडा में भी सरकारी बैंकों की कई शाखाओं के कामकाज पर देखने को मिल रहा है।

    बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शाखाओं में पहुंचने वाले ग्राहकों को कई बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण नियमित बैंकिंग से जुड़े कुछ काम इन माध्यमों से किए जा सकेंगे।

    पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग
    हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के समक्ष लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करना सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज नहीं हो सकेगा। शाखाओं में नकदी लेन-देन, चेक जमा और भुगतान, विभिन्न दस्तावेज जमा करवाने, खातों से जुड़े कार्य तथा अन्य शाखा स्तर की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर ही काम करवाना जरूरी था, उन्हें हड़ताल समाप्त होने तक इंतजार करना पड़ेगा।

    ग्राहकों को हो रही परेशानी
    शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सरकारी बैंकों की शाखाओं के बाहर कुछ ग्राहकों को हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा रहा है ।विशेषकर चेक संबंधी कार्य और दस्तावेज जमा करवाने जैसे कार्यों के लिए शाखा में पहुंचे लोगों को परेशानी हो रही है ।बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल को जरूरी बताते हुए कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा। बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर हालांकि शाखा स्तर पर अधिक रहा। ऑनलाइन ट्रांसफर, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से किए जाने वाले काम सामान्य रूप से जारी रहेगे।

  • बहबल कलां गोलीकांड में बढ़ी हलचल, सुखबीर बादल आज SIT के सामने फिर होंगे पेश

    बहबल कलां गोलीकांड में बढ़ी हलचल, सुखबीर बादल आज SIT के सामने फिर होंगे पेश

    चंडीगढ़.

    बहबल कलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल आज चंडीगढ़ में विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। वर्ष 2015 में बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बहबल कलां में पुलिस फायरिंग हुई थी।

    कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की इस घटना के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में काफी विवाद हुआ और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे। मामले की जांच अलग-अलग समय पर विभिन्न जांच दलों और आयोगों ने की। बाद में पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल ने भी इसकी जांच शुरू की।

    सुखबीर बादल की भूमिका पर सवाल
    जांच में उस समय के पुलिस प्रशासन से जुड़े फैसलों और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं गृह विभाग संभाल रहे सुखबीर बादल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साबित होना अलग कानूनी प्रक्रिया है।

    20 जुलाई को हुई थी पूछताछ
    इससे पहले 20 जुलाई 2026 को सुखबीर बादल चंडीगढ़ में एसआइटी के सामने पेश हुए थे। उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद सुखबीर बादल ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया था। इसके बाद एसआइटी ने उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए 11 सितंबर को पेश होने का समन भेजा। जानकारी अनुसार एसआइटी के सामने उनकी पांचवीं पेशी होगी। इस दौरान उनसे वर्ष 2015 की घटनाओं, पुलिस कार्रवाई और उस समय लिए गए फैसलों से जुड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है।