Category: पंजाब

  • सोलर सिटी की राह पर चंडीगढ़, 8 हजार रूफटॉप पर लगेंगे प्लांट; सरकार देगी ₹78,000 की सब्सिडी

    सोलर सिटी की राह पर चंडीगढ़, 8 हजार रूफटॉप पर लगेंगे प्लांट; सरकार देगी ₹78,000 की सब्सिडी

    चंडीगढ़
     शहर को वर्ष 2030 तक मॉडल सोलर सिटी बनाने की दिशा में प्रशासन ने निजी घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का अभियान तेज कर दिया है।चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी, साइंस एंड टेक्नोलाजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) ने मार्च 2027 तक शहर के आठ हजार निजी घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य तय किया है।

    अभी तक प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत 1433 निजी घरों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जबकि करीब दो हजार लोगों ने अपने स्तर पर संयंत्र स्थापित किए हैं।

    लक्ष्य हासिल करने के लिए क्रेस्ट की ओर से शहरभर में जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। इनमें लोगों को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, बैंक ऋण और सोलर प्लांट लगाने की तकनीकी जानकारी दी जा रही है।

    12 सूचीबद्ध विक्रेता लोगों को संयंत्र की क्षमता और स्थापना संबंधी जानकारी दे रहे हैं। पंजाब एंड सिंध बैंक तथा पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि ऋण संबंधी सवालों का जवाब दे रहे हैं।

    सरकारी भवनों पर पहले ही पूरा हुआ लक्ष्य
    चंडीगढ़ देश के उन शुरुआती शहरों में शामिल है, जहां सभी पात्र सरकारी भवनों और मकानों पर सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। शहर के 6366 सरकारी भवनों पर सौर संयंत्र लगाए गए हैं।

    करीब 1400 सरकारी मकानों में बिजली खपत नेट-जीरो स्तर तक पहुंच गई है। इन संयंत्रों की कुल क्षमता 18.1 मेगावाट पीक है और इनसे सालाना करीब 2.35 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है।

    प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक 148 लाभार्थियों के बिजली बिल शून्य हो चुके हैं। योजना में तीन किलोवाट तक के घरेलू सोलर प्लांट के लिए केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। पात्र लोगों को छह प्रतिशत तक की ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।

    97 नगर निगम भवनों पर लगेगा सोलर प्लांट
    क्रेस्ट ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड से रेंट-ए-रूफ योजना के तहत छतों पर सोलर प्लांट लगाने का आग्रह किया है। वहीं नगर निगम के 97 भवनों, जिनमें सामुदायिक केंद्र भी शामिल हैं, पर सोलर प्लांट लगाने के लिए क्रेस्ट का समझौता हो चुका है।

    चंडीगढ़ फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। सेक्टर-39 वाटरवर्क्स में उत्तर भारत का सबसे बड़ा 2.5 मेगावाट पीक क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट पहले ही शुरू किया जा चुका है। अब तीन मेगावाट क्षमता का एक और फ्लोटिंग प्लांट तैयार है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा।

    सूर्य घर योजना में क्या मिलेगा

        तीन किलोवाट तक के सोलर प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी।
        छह प्रतिशत तक की ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा।
        क्रेस्ट की ओर से विक्रेता चयन और तकनीकी सहायता।
        सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में।
        शिकायतों के समाधान के लिए एकल खिड़की व्यवस्था।
        आवेदन के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

     

  • चंडीगढ़ में फिल्म शूटिंग होगी आसान, प्रशासन ने शुरू की सिंगल विंडो ऑनलाइन अनुमति; मेकर्स को आकर्षित करने की तैयारी

    चंडीगढ़ में फिल्म शूटिंग होगी आसान, प्रशासन ने शुरू की सिंगल विंडो ऑनलाइन अनुमति; मेकर्स को आकर्षित करने की तैयारी

    चंडीगढ़
     ‘सिटी ब्यूटीफुल’ अब सिर्फ फिल्मों के पर्दे पर नजर आने वाला शहर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग का पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में प्रशासन कदम बढ़ा रहा है। यहां कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।

    अब देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को चंडीगढ़ की ओर आकर्षित करने के लिए प्रशासन ने फिल्म शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया को एक जगह लाया गया और बाद में इसे पूरी तरह ऑनलाइन भी कर दिया गया।

    प्रशासन की कोशिश अब केवल फिल्मों में चंडीगढ़ को दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ को खुद एक ‘फिल्मिंग डेस्टिनेशन’ और सिनेमाई पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की है।

    इसी प्रयास के तहत चंडीगढ़ टूरिज्म ने पहली बार पिछले सप्ताह श्रीनगर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अाफ जम्मू एंड कश्मीर -2026 में हिस्सा लिया और देश-दुनिया के फिल्म निर्माताओं के सामने शहर की फिल्म शूटिंग क्षमता और खूबसूरती को पेश किया।

    चंडीगढ़ में इन फिल्मों की हो चुकी शूटिंग
    क्रम     फिल्म का नाम
    1     धुरंधर
    2     इंडियन-2
    3     जट्ट एन जूलियट
    4     कैरी ऑन जट्टा
    5     द डिप्लोमैट
    6     सैम बहादुर
    7     शेरशाह
    8     फ्लाइंग जट्ट
    9     बेशरम
    10     निक्का जैलदार
    11     जर्सी
    12     लाल सिंह चड्ढा
    13     पिल
    14     दोस्ताना
    15     जीरो डार्क थर्टी

    2004 से फिल्म निर्माताओं के लिए आसान रास्ता
    प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का भी विशेष फोकस है चंडीगढ़ ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में दिखाई दे। चंडीगढ़ में फिल्म और टेलीविजन शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग का फिल्म फैसिलिटेशन सेल वर्ष 2004 से काम कर रहा है।

    पहले फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों से एनओसी लेनी पड़ती थी। इसे आसान बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने सिंगल विंडो व्यवस्था शुरू की, जिसके माध्यम से जरूरी अनुमतियां एक ही व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जाने लगीं।

    इसके बाद शहर में हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों के साथ टीवी धारावाहिकों की शूटिंग में भी बढ़ोतरी हुई।1 अप्रैल 2022 से शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई।

    फिल्म निर्माता ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अनुमति प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ टूरिज्म की यह व्यवस्था शहर में ‘ईज ऑफ फिल्मिंग’ को मजबूत करने के साथ सिनेमाई पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश का अहम हिस्सा है।

    फिल्मों में चंडीगढ़ की अलग पहचान
    चंडीगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि एक ही शहर में आधुनिक वास्तुकला, सुनियोजित सेक्टर, चौड़ी सड़कें, हरियाली, विरासत स्थल, बाग और प्राकृतिक खूबसूरती के अलग-अलग दृश्य मिल जाते हैं।

    ली कार्बुजिए की वास्तुकला से लेकर सुखना झील, राॅक गार्डन, रोज गार्डन और कैपिटल कॉम्प्लेक्स तक शहर का हर हिस्सा कैमरे के लिए अलग पृष्ठभूमि उपलब्ध कराता है।

    चंडीगढ़ टूरिज्म ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जारी किए गए सिनेमैटिक टूरिज्म ब्रोशर में भी इन्हीं खूबियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। इसमें शहर की वास्तुकला, सुनियोजित शहरी ढांचे, सांस्कृतिक विरासत, बागों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को फिल्म शूटिंग के लिए संभावित लोकेशन के रूप में पेश किया गया है।

    पर्दे से पर्यटन तक का सफर
    प्रशासन अब फिल्मों में दिखाई देने वाली लोकेशनों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। जिस जगह को दर्शक फिल्म में देखते हैं, उसे वास्तविक जीवन में देखने के लिए पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इस तरह फिल्म शूटिंग से शहर को प्रचार मिलने के साथ होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहली बार चंडीगढ़ की दस्तक
    7 से 10 सितंबर तक श्रीनगर, जम्मू और गुलमर्ग में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चंडीगढ़ की पहली भागीदारी इसी रणनीति का हिस्सा है। महोत्सव में 41 देशों की 135 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

    चंडीगढ़ टूरिज्म ने यहां फिल्म निर्माताओं, प्रोडक्शन हाउस और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को शहर में शूटिंग के लिए आमंत्रित किया। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव सैयद आबिद रशीद शाह का कहना है कि चंडीगढ़ की अलग पहचान और खूबसूरती को वैश्विक फिल्म समुदाय तक ले जाना उद्देश्य है।

    प्रशासन चाहता है कि फिल्म निर्माता चंडीगढ़ को केवल कहानी की पृष्ठभूमि के तौर पर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण और सिनेमाई पर्यटन के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में देखें।यानी अब चंडीगढ़ की कहानी सिर्फ फिल्मों में नहीं होगी—प्रशासन चाहता है कि फिल्मों की अगली कहानी भी चंडीगढ़ में लिखी जाए।

  • नशा मुक्ति यात्रा की सुरक्षा पर BJP अलर्ट, DGP से पुख्ता इंतजाम करने की मांग

    नशा मुक्ति यात्रा की सुरक्षा पर BJP अलर्ट, DGP से पुख्ता इंतजाम करने की मांग

    पठानकोट.

    पंजाब में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता पैदा करने और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ भारतीय जनता पार्टी पंजाब द्वारा 18 से 30 सितंबर तक 4 ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं को लेकर आज पंजाब भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) से मुलाकात की।

    ढिल्लों के नेतृत्व में डीजीपी को एक मांग पत्र सौंपा और यात्राओं के पूरे रूट के दौरान आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि इन यात्राओं में केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व और पंजाब भाजपा के अन्य नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे। इसलिए यात्राओं के प्रारंभ एवं समापन स्थलों सहित पूरे रूट पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाना आवश्यक है।  उन्होंने बताया कि चारों यात्राएं सुजानपुर (पठानकोट), फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से रवाना होंगी। ढिल्लों ने कहा कि 18 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सुजानपुर, पठानकोट स्थित एकता स्थल से यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, अर्जुन राम मेघवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा अन्य वरिष्ठ नेता विभिन्न चरणों में यात्राओं में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को जालंधर में यात्राओं के समापन पर एक। बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने की संभावना है।

    पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि यात्राओं के दौरान किसी भी असामाजिक या शरारती तत्व को व्यवधान पैदा करने का अवसर न मिले। इसके साथ ही यात्रा के सुचारू संचालन के लिए जिला पुलिस अधिकारियों, एसएसपी, डीएसपी और एसएचओ के साथ समन्वय कर यातायात प्रबंध पहले से ही सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं और परिवारों को नशे से बचाने के लिए एक जन-लहर खड़ी करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आज की सबसे बड़ी समस्या नशा बन चुका है। इस कोढ़ को पंजाब से समाप्त करना बहुत जरूरी है, क्योंकि नशे से ही आगे अपराध, गैंगस्टरवाद और फिरौती के मामले बढ़ रहे हैं।

    केवल ढिल्लों ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार 3 महीने में नशा खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन नशा कम होने के बजाय आज घर-घर डिलीवर हो रहा है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए नशे के खिलाफ उठने वाली आवाज को भी दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस यात्रा के माध्यम से लोगों को साथ लेकर घर-घर से नशे के खात्मे का आह्वान करेगी। नशे के खिलाफ इस लड़ाई को जन-आंदोलन का रूप देकर भाजपा लोगों के साथ मिलकर इसे और मजबूत करेगी।

  • अनुसूचित विद्यार्थियों को पंजाब सरकार का बड़ा तोहफा, 1 लाख 17 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ

    अनुसूचित विद्यार्थियों को पंजाब सरकार का बड़ा तोहफा, 1 लाख 17 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ

    चंडीगढ़
     पंजाब के अनुसूचित जाति (एससी) विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की ओर से छात्रवृत्ति योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

    आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 94,092 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इन विद्यार्थियों के लिए पंजाब सरकार ने 13.30 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

    सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

    इसके तहत 1,17,142 एससी विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी बच्चे को स्कूल स्तर पर अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े।

    प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसे मिलेगा ?
    प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से स्कूल स्तर पर पढ़ने वाले पात्र एससी विद्यार्थियों के लिए है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एससी परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

    जानकारी अनुसार छात्रवृत्ति से बच्चों और उनके परिवारों पर पढ़ाई का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है।

    मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक बदलाव की सबसे मजबूत नींव है। सरकार का प्रयास है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे और सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी न हो।

    2026-27 में बढ़ेगा लाभ का दायरा, 40 करोड़ मंजूर
    सरकार की योजना के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में 1.17 लाख से अधिक विद्यार्थियों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

    विभाग पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर देगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने और युवाओं का भविष्य मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • जालंधर में कल बंद रहेगा बाजार, दुकान-होटल-ढाबों को लेकर प्रशासन का बड़ा आदेश

    जालंधर में कल बंद रहेगा बाजार, दुकान-होटल-ढाबों को लेकर प्रशासन का बड़ा आदेश

    जालंधर.

    जालंधर वासियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संवत्सरी महापर्व को ध्यान में रखते हुए जालंधर में 15 सितंबर 2026, मंगलवार को मीट और मछली की बिक्री पर रोक रहेगी। इसे लेकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं।

    जारी आदेश के अनुसार 15 सितंबर को जिले में मीट-मछली की दुकानों के साथ-साथ बूचड़खानों को भी बंद रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा होटल, ढाबे और अहातों में मांस या किसी भी तरह का नॉन-वेज भोजन परोसने पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    इन्हें दी पालन की जिम्मेदारी
    निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे।

    होटलों पर भी रहेगी नजर
    महापौर के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

  • पंजाब में बिजली कटौती से मिलेगी राहत? CM मान बोले- 5 थर्मल प्लांटों को पर्याप्त कोयला मिलेगा

    पंजाब में बिजली कटौती से मिलेगी राहत? CM मान बोले- 5 थर्मल प्लांटों को पर्याप्त कोयला मिलेगा

     चंडीगढ़
    पंजाब में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि प्रदेश में बिजली की समस्या अब खत्म होने वाली है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कोयला खदानों में बाढ़ का पानी भरने के कारण कोयले की शॉर्टेज हुई थी, जिसका असर पूरे देश में बिजली उत्पादन पर पड़ा।

    पंजाब भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन अब कोयले की उपलब्धता को लेकर रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। वह खुद भी दो-चार दिन बाद रांची जाकर हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका धन्यवाद करेंगे।

    उन्होंने कहा कि झारखंड की पचवाड़ा कोयला खदान से मिलने वाला कोयला केवल सरकारी थर्मल प्लांटों में इस्तेमाल किया जा सकता है। पंजाब के दो निजी थर्मल प्लांटों को इस व्यवस्था के तहत कोयला उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।

    मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने कोल इंडिया से अनुरोध किया था कि निजी थर्मल प्लांटों को भी कोयला उपलब्ध करवाया जाए। कोल इंडिया ने इस पर सहमति दे दी है। अब झारखंड सरकार की स्थानीय स्तर पर जरूरी मंजूरी भी मिल गई है। इससे पंजाब के पांचों थर्मल प्लांटों को आने वाले दिनों में पर्याप्त कोयला मिल सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उपलब्धता बढ़ने के साथ बंद पड़ी बिजली उत्पादन इकाइयों को भी चलाने में मदद मिलेगी और प्रदेश में बिजली की स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट किसी एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड की खदानों में बाढ़ के कारण पूरे देश में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई थी।

    मनप्रीत बादल पर भी साधा निशाना
    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल को किसी एक पार्टी में रहना चाहिए, क्योंकि आज बहुत ज्यादा पार्टियां हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मनप्रीत बादल आजकल किस पार्टी में हैं।

    पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग
    सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है।

    हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है।

    उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी
    बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। 

    किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।

     

  • पंजाब में बिजली संकट पर एक्शन, PSPCL चेयरमैन बदले; सरकार ने किया तबादला

    पंजाब में बिजली संकट पर एक्शन, PSPCL चेयरमैन बदले; सरकार ने किया तबादला

    पटियाला.

    पंजाब में बिजली संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। पंजाब में लंबे समय से चल रहे बिजली कट के बीच राज्य सरकार ने PSPCL के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग का ट्रांसफर कर दिया है।

    डॉ. बसंत गर्ग को पद से हटा दिया गया है और प्रिंसिपल सेक्रेटरी गुरकीरत कृपाल सिंह को नया हेड बनाया गया है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के सभी चार्ज जो पहले गुरकीरत कृपाल सिंह के पास थे, अब डॉ. बसंत गर्ग को सौंप दिए गए हैं। हालांकि गुरकीरत कृपाल सिंह अलग-अलग डिपार्टमेंट के अच्छे मैनेजमेंट के लिए जाने जाते हैं, लेकिन राज्य के थर्मल प्लांट में कोयले की भारी कमी को देखते हुए पावर डिपार्टमेंट को पटरी पर लाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि इस समय थर्मल पावर प्लांट कोयले की भारी कमी का सामना कर रहा है।

    अगर साल 2025 की बात करें, तो इस बार पिछले साल के मुकाबले बिजली की डिमांड में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो 3,500 MW तक पहुंच गई है। इसलिए बिजली की डिमांड 16,000 MW तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ, कोयले की अनियमित सप्लाई के कारण राज्य में केवल 6,000 MW बिजली ही बन पा रही थी। इसलिए, PSPCL को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सेंट्रल पूल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके कारण पंजाब में लंबे समय तक बिजली कटौती होती रहती है।

  • पंजाब पुलिस की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, नशे की गिरफ्त में फंस रहे युवा

    पंजाब पुलिस की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, नशे की गिरफ्त में फंस रहे युवा

    चंडीगढ़.

    पंजाब में भले ही हेरोइन की सप्लाई पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन अब मेडिकल नशे ने युवाओं को बुरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह राज्य के लोगों के लिए चिंता का बड़ा विषय बना हुआ है।

    इन नशीली दवाओं की सप्लाई हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों से की जा रही है। पंजाब पुलिस के सूत्रों के अनुसार, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए BSF और पंजाब पुलिस की सख्ती के चलते राज्य में जमीनी स्तर पर हेरोइन की सप्लाई में तेजी से गिरावट आई है। अब पंजाब पुलिस ने मेडिकल नशे के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने 2025 से अब तक उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खेपों से 11.54 लाख नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं।

    इसके साथ ही 1 मार्च 2025 से अब तक करीब 80 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 486 ड्रोन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने नशा तस्करों की 336 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की है। 

  • कुल्लू घाटी के ‘अमरफल’ को मिला नया बाजार, लुधियाना से देशभर के लिए पहली खेप रवाना

    कुल्लू घाटी के ‘अमरफल’ को मिला नया बाजार, लुधियाना से देशभर के लिए पहली खेप रवाना

    जैतो/फिरोजपुर.

    उत्तर रेलवे के फिरोजपुर रेल के मंडल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन में फिरोजपुर मंडल के बिजनेस डिवैल्पमैंट यूनिट के विशेष प्रयासों से पर्सिमोन फलों की रेल मार्ग से ढुलाई के लिए नया यातायात प्राप्त किया गया है।

    लुधियाना से 98 पैकेटों में 2,600 किलोग्राम पर्सिमोन हावड़ा के लिए लोड किए गए। हिमाचल के कुल्लू सहित ठंडे बागवानी क्षेत्रों में किसान पर्सिमोन की खेती अपना रहे हैं, क्योंकि इसमें कम लागत, बेहतर मूल्य और बढ़ती घरेलू मांग की संभावना हैं। पर्सिमोन जिसे ‘जापानी फल’ या ‘अमरफल’ के नाम से भी जाना जाता है, इसमें विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडैंट से भरपूर, कम कैलोरी वाला पौष्टिक फल है और बदलती जलवायु में सेब की तुलना में अधिक अनुकूल माना जाता है। फिरोजपुर मंडल के बिजनेस डिवैल्पमैंट यूनिट द्वारा किए गए प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल प्रदेश से आने वाले पर्सिमोन फलों का यातायात लुधियाना से रेल के माध्यम से प्राप्त किया गया है।

    वर्तमान में हावड़ा, कोलकाता और सियालदह के लिए पर्सिमोन भेजे जा रहे हैं, जबकि आने वाले दिनों में पटना और गुवाहाटी जैसे अन्य प्रमुख गंतव्यों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/फ्रेट परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि फिरोजपुर मंडल की विश्वसनीय एवं समयबद्ध माल परिवहन व्यवस्था व्यापारियों को बेहतर सुविधा प्रदान कर रही है। मंडल माल यातायात बढ़ाने तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। 

  • ड्रग्स फ्री डेडलाइन के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई, घोड़ों से पेट्रोलिंग-रात में छापेमारी; 82 पहुंचे जेल

    ड्रग्स फ्री डेडलाइन के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई, घोड़ों से पेट्रोलिंग-रात में छापेमारी; 82 पहुंचे जेल

    चंडीगढ़ 

    चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। शहर में घोड़ों से गश्त के साथ थाना प्रभारी और एरिया डीएसपी रात को भी फील्ड में उतर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के वीडियो बनाकर मीडिया तक पहुंचाए जा रहे हैं। जंगल एरिया, खंडहरों और श्मशान घाट के पास बनाए गए नशेड़ियों के अड्डों पर माउंटेड पुलिस की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जंगल क्षेत्र से लोगों को पकड़ा गया, जिनके पास से 10 रुपए के नोट, फॉइल पर लगा चिट्टा, लाइटर और गर्म करने वाले चम्मच बरामद हुए। पुलिस ने छापेमारी के दौरान सरकारी कैमरामैन और पुलिसकर्मियों के मोबाइल से हर गतिविधि की वीडियोग्राफी की, ताकि कोर्ट में केस साबित हो सके।

    82 लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन चंडीगढ़ पुलिस ने 82 लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लेते हुए उन्हें जेल भेजा है। वहीं, NDPS एक्ट के तहत 16 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें ड्रग्स की रिकवरी भी हुई है। पुलिस ने ग्राउंड लेवल पर आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। इस मुहिम में केवल थाना प्रभारी और एरिया DSP ही नहीं, बल्कि CRPF की टीम भी साथ है।

    ड्रग सप्लायरों और पैडलरों की सूची तैयार CID विंग को भी पूरी तरह एक्टिव किया गया है। CID की टीम कॉलोनियों में अपने मुखबिरों के जरिए ड्रग सप्लायरों और पैडलरों की सूची तैयार कर रही है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के साथ-साथ अब स्थानीय पुलिस CRPF के हथियारबंद जवानों को साथ लेकर अलसुबह और देर रात सरप्राइज चेकिंग व रेड कर रही है। शहर में सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए दो या उससे अधिक NDPS केस वाले अपराधियों को PIT-NDPS के तहत एक साल के लिए डिटेन करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

    प्रशासक बोले- पुलिस एक्शन ले तो नशा खत्म होगा चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया बीते वीरवार को नगर निगम के कार्यक्रम नशा मुक्त चंडीगढ़ में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था कि पुलिस एक्शन ले तो नशा खत्म हो सकता है। उन्होंने एरिया पार्षदों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे को रोकने के लिए आगे आने को कहा था।

    पार्षद ने पुलिस के सामने खोली नशे की पोल इसके बाद सिर्फ एक पार्षद जो नगर निगम की डिप्टी मेयर भी हैं, सुमन देवी ने पुलिस को पब्लिक मीटिंग में बताया था कि उनके एरिया में नशा बिक रहा है। उस दौरान डीएसपी और आईटी पार्क थाना प्रभारी मीनी भारद्वाज भी वहीं मौजूद थीं। सुमन देवी ने तीन अलग-अलग वीडियो भी दिखाए थे, जिनमें तीन युवक नशे की हालत में झूम रहे थे।

    समीर को 5 युवकों ने चाकू मारे दो दिन पहले ही न्यू इंदिरा कॉलोनी निवासी समीर को पार्क में पांच युवकों ने चाकू मारे थे। समीर के पिता ने आरोप लगाया कि सभी युवक नशा करते हैं। उन्होंने पुलिस को कई बार बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई पवन, जिसकी थार से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी, उसकी मौत भी नशे के मुद्दे से जुड़ी थी। उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी, ताकि युवा पीढ़ी को बचाया जा सके।

    ऑटो ड्राइवर राजकुमार पर फायरिंग सेक्टर-49 में ऑटो ड्राइवर राजकुमार पर फायरिंग मामले में भी राजकुमार ने आरोप लगाया था कि उनके एरिया में नशा बिकता है। उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बाद उन पर फायरिंग कर दी गई।