Category: पंजाब

  • पंजाब को बड़ी एयर कनेक्टिविटी सौगात, अमृतसर-आबूधाबी के बीच 25 अक्टूबर से सीधी उड़ान

    पंजाब को बड़ी एयर कनेक्टिविटी सौगात, अमृतसर-आबूधाबी के बीच 25 अक्टूबर से सीधी उड़ान

    अमृतसर

    अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अब आबूधाबी का सफर सीधी उड़ान से महज 4 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस 25 अक्टूबर से अमृतसर-आबूधाबी सीधी उड़ान शुरू करने जा रही है। 
    सप्ताह में तीन दिन बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को अमृतसर से उड़ान रात 8:40 बजे रवाना होकर 11:50 बजे आबूधाबी पहुंचेगी। वापसी में शुक्रवार, रविवार और सोमवार को उड़ान आबूधाबी से रात 12:55 बजे उड़ान भरकर सुबह 6:15 बजे अमृतसर पहुंचेगी।  

    अमृतसर से आबूधाबी का सफर 4 घंटे 40 मिनट और वापसी का सफर 3 घंटे 50 मिनट का रहेगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू हो गई है।

    फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के ग्लोबल कन्वीनर समीप सिंह गुमटाला और भारत कन्वीनर योगेश कामरा ने बताया कि आबूधाबी के लिए सीधी उड़ान की काफी समय से मांग थी। कोरोना काल से पहले भी यह सेवा संचालित होती थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। इससे कारोबारियों, पर्यटकों और यूएई में काम करने वाले पंजाबियों को फायदा होगा। पहले यात्रियों को दिल्ली से उड़ान लेनी पड़ती थी या दुबई-शारजाह पहुंचकर सड़क मार्ग से आबूधाबी जाना पड़ता था। नई उड़ान से समय की बचत होगी। अमृतसर एयरपोर्ट से दुबई, शारजाह और आबूधाबी के लिए सप्ताह में एक तरफ 31 उड़ानें हो जाएंगी। 

    यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शनिवार और रविवार चलेगी। अमृतसर से फ्लाइट रात 8:40 बजे रवाना होकर उसी दिन रात 11:50 बजे अबू धाबी पहुंचेगी। वापसी की उड़ान अबू धाबी से शुक्रवार, रविवार और सोमवार को रात 12:55 बजे रवाना होगी और सुबह 6:15 बजे अमृतसर पहुंचेगी। अमृतसर से अबू धाबी तक उड़ान का समय करीब 4 घंटे 40 मिनट, जबकि वापसी में लगभग 3 घंटे 50 मिनट रहेगा।

    फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के ग्लोबल कन्वीनर समीप सिंह गुमटाला ने कहा कि नई सीधी सेवा से उन यात्रियों को विशेष लाभ होगा, जिन्हें अभी अबू धाबी पहुंचने के लिए दिल्ली से उड़ान लेनी पड़ती है या अमृतसर से दुबई अथवा शारजाह जाकर आगे सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ती है। सीधी उड़ान से समय और यात्रा खर्च दोनों कम हो सकते हैं।

    फ्लाई अमृतसर इनिशिएटिव के कन्वीनर योगेश कामरा ने कहा कि अबू धाबी सेवा शुरू होने से अमृतसर की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने दावा किया कि नई उड़ान जुड़ने के बाद दुबई, शारजाह और अबू धाबी के लिए अमृतसर से साप्ताहिक उड़ानों की संख्या करीब 31 तक पहुंच सकती है, हालांकि यह एयरलाइंस के शेड्यूल में बदलाव पर निर्भर करेगी। उन्होंने एयरलाइंस से मस्कट और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी अमृतसर से सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की।

  • चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग, सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च आज

    चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग, सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च आज

    चंडीगढ़
     पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट मंगलवार को पहली बार पंजाब पहुंच रहे हैं और उनके आगमन के साथ ही कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की है।

    पंजाब कांग्रेस भवन सेक्टर-15 से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर प्रस्तावित मार्च को देखते हुए चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

    पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और मार्च के संभावित मार्ग पर चार से पांच स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की है। पंजाब कांग्रेस भवन से करीब एक किलोमीटर पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद
    सुरक्षा व्यवस्था में चंडीगढ़ पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी लगाई गई हैं। प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन समेत अन्य इंतजाम भी किए गए हैं।
    बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने के कारण सेक्टर-15 और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होना शुरू हो गया है।

    करीब 11:30 बजे सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस भवन पहुंचने की उम्मीद है। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है।

    कांग्रेस गुलजार सिंह मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, उनकी गिरफ्तारी और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर यह प्रदर्शन कर रही है। पार्टी इसे कानून-व्यवस्था और सरकार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने के तौर पर भी देख रही है।

    8 सितंबर को भी हुआ था प्रदर्शन
    इससे पहले आठ सितंबर को भी कांग्रेस ने चंडीगढ़ में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उस दौरान राजा वड़िंग समेत 150 से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।

    हालांकि, मंगलवार का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि नए प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं के एक मंच पर आने की संभावना है।

    यह प्रदर्शन आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है। इससे पार्टी के भीतर नेताओं की सक्रियता, गुटों की ताकत और चुनावी रणनीति की दिशा का संकेत मिलने की उम्मीद है।

     

  • पंजाब का बिजली संकट बना सियासी मुद्दा, किसान-उद्योगपति का प्रदर्शन; पावरकॉम CMD पर गिरी गाज

    पंजाब का बिजली संकट बना सियासी मुद्दा, किसान-उद्योगपति का प्रदर्शन; पावरकॉम CMD पर गिरी गाज

    जालंधर

    पंजाब में बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मच गया है। बिजली कटों से परेशान लोगों सड़कों पर उतर आए। वहीं राजनीतिक दलों ने भी सरकार का विरोध किया। लगातार बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने पीएसपीसीएल के सीएमडी आईएएस बसंत गर्ग को हटा दिया और उनकी जगह गुरकीरत किरपाल सिंह को नया सीएमडी नियुक्त कर दिया। 

    सरकार का दावा-संकट खत्म
    वहीं विरोध के बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दावा किया कि पंजाब ने बिजली संकट पर काबू पा लिया है। 13 सितंबर सुबह सात बजे से बिजली की कमी के कारण कोई कट नहीं लगाया गया और आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा कृषि क्षेत्र को 24 घंटे बिजली मिल रही है। 

    सौंद के अनुसार, दो निजी ताप विद्युत संयंत्रों की तकनीकी खराबियां दूर कर दी गई हैं और एक अन्य निजी प्लांट से करीब 100 मेगावाट बिजली मिलनी शुरू हो गई है। किसानों को सिंचाई के लिए आठ के बजाय 10 घंटे बिजली देने का भी दावा किया गया। उन्होंने बिजली संकट के लिए केंद्र से कोयले में कटौती और पंजाब के हिस्से की करीब 1,000 मेगावाट बिजली नहीं मिलने को भी कारण बताया। मंत्री ने कहा कि राज्य के पास करीब 17,000 मेगावाट तक की मांग पूरी करने की क्षमता है।

    जगह-जगह फूटा गुस्सा
    सोमवार को पटियाला में पावरकॉम मुख्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेसियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें मारीं और प्रदेश कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। जगरांव में किसानों ने चार घंटे धरना देने के बाद जगरांव-जालंधर मार्ग जाम कर दिया। फरीदकोट में भी किसानों ने पावरकॉम कार्यालय का घेराव किया। 
     
    लुधियाना में डाइंग उद्योगपतियों ने वर्धमान चौक पर लुधियाना-चंडीगढ़ रोड जाम किया। उन्होंने रोजाना करीब 14 घंटे बिजली कटौती का आरोप लगाया। उद्योगपतियों के अनुसार इससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है और श्रमिक फैक्टरियां छोड़ रहे हैं। उन्होंने बिजली की दर करीब आठ से बढ़कर 9.50 रुपये प्रति यूनिट होने और एक फैक्टरी का बिल 15 लाख से बढ़कर 18 लाख रुपये तक पहुंचने का दावा किया।

    रिकॉर्ड 17,405 मेगावाट मांग, 1,478 मेगावाट उत्पादन ठप
    पंजाब में सोमवार को बिजली की मांग 17,405 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 18 जुलाई को 17,452 मेगावाट की सर्वाधिक मांग दर्ज हुई थी। मांग के दबाव के बीच करीब 1,478 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित रही। रोपड़, लहरा मोहब्बत और तलवंडी साबो थर्मल की कुछ इकाइयां कम क्षमता पर चलीं, जबकि पानी की कमी से हाइडल की पांच इकाइयां बंद रहीं। पावरकॉम के मुताबिक इसके बावजूद उद्योग, शहर और गांव में कोई कट नहीं लगाया गया।   

     

  • गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर पंजाब पुलिस का शिकंजा, 60 हजार से ज्यादा FIR दर्ज

    गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर पंजाब पुलिस का शिकंजा, 60 हजार से ज्यादा FIR दर्ज

    चंडीगढ़ 
    पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए अब तक की गई पुलिस कार्रवाई के आंकड़े साझा किए हैं। सरकार की ओर से सोमवार को ‘गैंगस्टरों पर वार’ और ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस ने अब तक 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इसके साथ ही विदेशों में छिपे 10 भगोड़ों को डिपोर्ट करवाकर भारत लाया गया है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना और अपराध पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाना है।

    नशा तस्करी के रूट पर भाजपा को घेरा
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने नशे की तस्करी को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट पर ध्यान दिया जाए तो पंजाब में नशे की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने मुंद्रा पोर्ट से नशे की बड़ी खेप बरामद की है और करीब 3,000 किलो नशा वहां जब्त किया गया था। मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से तस्करी रोकना मुख्य रूप से केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब सरकार ने अपने फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 532 किलोमीटर लंबी सीमा के पार से पंजाब में नशा भेजने की कोशिशें जारी हैं। उनके मुताबिक सरकार ने केवल गिरफ्तारियों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि नशा और गैंगस्टर नेटवर्क की पहचान, सप्लाई चेन को तोड़ने, वित्तीय माध्यमों को रोकने और अपराधियों को कानून के कठघरे में लाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के कार्रवाई कर रही है।

    विपक्ष पर 'गिद्धों वाली राजनीति' का आरोप
    मान ने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर पंजाब को लेकर सकारात्मक एजेंडा पेश करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए घटनाओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष की राजनीति को 'गिद्धों वाली राजनीति' बताते हुए कहा कि लोग विवाद नहीं, समाधान चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल पर पहले गैंगस्टरों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को कुछ घटनाओं के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य देश का प्रवेश द्वार और भारत का गौरव है। सरकार पंजाब को सुरक्षित, नशामुक्त और खुशहाल बनाने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेगी तथा किसी भी शरारती तत्व को राज्य की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

    मान ने बताया कि 2022 से एजीटीएफ ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उनके अनुसार 1,170 हथियार, 15 हथगोले, 858.26 किलो हेरोइन, 480.26 किलो अफीम, 3,056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पंजाब पुलिस ने दूसरे देशों से 18 गैंगस्टरों को डिपोर्ट कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार का रोडमैप स्पष्ट है और नशों, गैंगस्टरों तथा संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

    वहीं, नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ वित्तीय कार्रवाई करते हुए करीब 366 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।सरकार ने दावा किया कि पंजाब में फिलहाल अमन-शांति पूरी तरह कायम है और राज्य की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  

    पंजाब की शांति और कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और पंजाब की धरती पर अपराध तथा नशे के नेटवर्क को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।

  • 26 साल पुराने संपत्ति विवाद पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का फैसला, दो वसीयतों का मामला हुआ खारिज

    26 साल पुराने संपत्ति विवाद पर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का फैसला, दो वसीयतों का मामला हुआ खारिज

    चंडीगढ़
     पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने संपत्ति विवाद से जुड़े करीब 26 साल पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मृत्यु से कुछ दिन पहले बनाई गई दोनों वसीयतों को संदिग्ध माना है।

    अदालत ने कहा कि जब वसीयतकर्ता गंभीर रूप से बीमार हो और वसीयत बनाने के कुछ ही दिन बाद उसकी मृत्यु हो जाए, तो यह साबित करना जरूरी है कि वह वसीयत के समय स्वस्थ मानसिक स्थिति में था और उसने स्वतंत्र इच्छा से दस्तावेज तैयार किया था।

    इस मामले में ऐसा कोई विश्वसनीय प्रमाण सामने नहीं आया। जस्टिस परमोद गोयल ने मोहन सिंह की ओर से दायर नियमित दूसरी अपील खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। विवाद सलविंदर सिंह की संपत्ति को लेकर था जोकि अविवाहित और नि:संतान थे।

    अदालत ने खारिज किया दावा

    उनके भाइयों ने दावा किया कि सलविंदर ने एक अक्टूबर, 1991 को वसीयत बनाकर सभी भाइयों को संपत्ति में बराबर हिस्सा दिया था। वहीं, सलविंदर की देखभाल करने वाले मोहन सिंह ने दावा किया कि सलविंदर सिंह ने 25 सितंबर, 1991 को पूरी संपत्ति उनके नाम वसीयत कर दी थी।

    निचली अदालत ने 25 सितंबर की वसीयत को सही मानते हुए भाइयों का दावा खारिज कर दिया था। हालांकि प्रथम अपीलीय अदालत ने दोनों वसीयतों को संदिग्ध मानते हुए कहा कि संपत्ति का उत्तराधिकार वसीयत के बजाय कानून के अनुसार होगा।

    एक वसीयत आठ तो दूसरी मृत्यु से महज दो दिन पहले बनी थी

    हाई कोर्ट ने पाया कि सलविंदर सिंह की मृत्यु तीन अक्टूबर, 1991 को हुई थी। यानी मोहन सिंह के पक्ष में बताई गई वसीयत उनकी मृत्यु से महज आठ दिन पहले और दूसरे पक्ष की वसीयत मृत्यु से सिर्फ दो दिन पहले तैयार हुई थी। दोनों वसीयतें मूल रूप से अपंजीकृत थीं और 25 सितंबर की वसीयत को उनकी मृत्यु के बाद छह दिसंबर, 1991 को पंजीकृत कराया गया।

    अदालत ने कहा कि 25 सितंबर की वसीयत के समय सलविंदर सिंह अस्वस्थ थे और इलाज करा रहे थे। इसके बावजूद वसीयत के लेखक और गवाहों ने यह नहीं बताया कि वह तब स्वस्थ मानसिक स्थिति में थे और दस्तावेज को समझकर अपनी स्वतंत्र इच्छा से बना रहे थे।

    अदालत ने इसे गंभीर कमी माना। हाई कोर्ट ने वसीयत की तारीख अलग स्याही से लिखे जाने के साथ ही मृत्यु के बाद वसीयत पंजीकृत कराने का कारण स्पष्ट नहीं होने और गवाहों के स्टांप पेपर पर वसीयत तैयार किए जाने के दावे के विपरीत दस्तावेज का सादे कागज पर होने जैसी परिस्थितियों को भी महत्वपूर्ण माना।

    अदालत ने खारिज की दोनों वसीयत

    किसी को भी वैध वसीयत स्वीकार नहीं किया जा सकता हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मृतक का मोहन सिंह के साथ रहना और उनके द्वारा देखभाल किया जाना उनके पक्ष में एक सकारात्मक तथ्य जरूर था, लेकिन अकेले यह तथ्य वसीयत पर उठे संदेह को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं था।

    अदालत ने दोनों वसीयतों को संदिग्ध परिस्थितियों से घिरा मानते हुए कहा कि इनमें से किसी को भी सलविंदर सिंह की वैध वसीयत स्वीकार नहीं किया जा सकता।

  • ‘विधायक की गाड़ी पीछे से आ रही थी, पता नहीं चला’, ट्रक ड्राइवर ने AAP विधायक पर लगाए पिटाई के आरोप

    ‘विधायक की गाड़ी पीछे से आ रही थी, पता नहीं चला’, ट्रक ड्राइवर ने AAP विधायक पर लगाए पिटाई के आरोप

    लुधियाना
    लुधियाना में आम आदमी पार्टी की हलका दक्षिणी से विधायक रजिंदरपाल कौर छीना ने ट्रक ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। ट्रक ड्राइवर का दोष इतना था कि उसने एमएलए की गाड़ी को साइड नहीं दी। एमएलए इसी बात से गुस्से में आई और उन्होंने ट्रक रूकवाकर ड्राइवर को थप्पड़ जड़ा। 

    ड्राइवर को थप्पड़ मारने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि एमएलए आई और उन्होंने ट्रक का दरवाजा खोला और ड्राइवर को नीचे बुलाया।

    ड्राइवर जैसे ही नीचे उतरा तो एमएलए ने उसे थप्पड़ मार दिया। ड्राइवर व उसके साथियों ने देर शाम विधायक के खिलाफ धरना लगाया। ड्राइवर का कहना है कि उसे पता ही नहीं चला कि पीछे से विधायक आ रही हैं। विधायक ने आते ही उसे धमकाना शुरू कर दिया है। ड्राइवर ने इस मामले की शिकायत थाना डाबा में दे दी है।

    घटना सोमवार दोपहर बाद की है जब एक ट्रक डाबा रोड से निकल रहा था और उसके पीछे से एमएलए की कार आ रही थी। ट्रक सड़क पर खड़ा हो गया। विधायक का ड्राइवर पीछे से हूटर मारता रहा लेकिन ट्रक आगे नहीं निकला। इसी बीच विधायक कार के साथ उतरी और गनमैन के साथ आगे आ गई।

    हूटर बजाने पर भी नहीं मिली जगह तो खुद उतरीं विधायक
    यह पूरा मामला सोमवार दोपहर बाद डाबा रोड इलाके का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संकरे रास्ते से एक ट्रक गुजर रहा था और उसके ठीक पीछे महिला विधायक की गाड़ी चल रही थी। ट्रैफिक और संकरी सड़क के चलते ट्रक बीच रास्ते में रुक गया। विधायक की गाड़ी का चालक लगातार हूटर और हॉर्न बजाकर साइड मांगता रहा, लेकिन ट्रक आगे नहीं बढ़ सका। इससे नाराज होकर विधायक रजिंदरपाल कौर छीना अपनी गाड़ी से नीचे उतर आईं और गनमैन के साथ सीधे ट्रक की ओर बढ़ गईं।

    गेट खोलकर ड्राइवर को नीचे उतारा और मार दिया जोरदार तमाचा
    वायरल हो रही सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि महिला विधायक भारी गुस्से में ट्रक के पास पहुंचती हैं। उन्होंने खुद ट्रक का दरवाजा खोला। ड्राइवर अपनी सीट पर बैठकर ही स्थिति समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन विधायक ने उसे नीचे उतरने का फरमान सुना दिया। पीड़ित चालक जैसे ही केबिन से नीचे उतरा, विधायक ने बिना कुछ सोचे-समझे उसके मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। उस दौरान विधायक का सुरक्षाकर्मी भी पीछे खड़ा नजर आ रहा था। पीड़ित ड्राइवर का कहना है कि थप्पड़ पड़ते ही वह बुरी तरह सहम गया और हाथ जोड़कर अपनी गलती पूछता रहा।

    ड्राइवर ने डाबा थाने में दी शिकायत, देर शाम साथियों संग दिया धरना
    पीड़ित ट्रक चालक ने बताया कि संकरे रास्ते और शोर के कारण उसे यह अहसास ही नहीं हुआ कि पीछे वीआईपी गाड़ी आ रही है और उसमें विधायक मौजूद हैं। उसने आरोप लगाया कि विधायक ने गाड़ी से उतरते ही बदसलूकी और धमकियां देनी शुरू कर दी थीं। इस घटना के विरोध में देर शाम ड्राइवर और उसके साथी चालकों ने एकजुट होकर विधायक के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पीड़ित ने थाना डाबा में लिखित शिकायत देकर इंसाफ और विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।

    सीसीटीवी में गुससे में दिखी एमएलए
    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सीसीटीवी फुटेज है। महिला विधायक कार से उतरकर गुस्से में अपने गनमैन के साथ आई और गुस्से में ट्रक का दरवाजा खोला। ड्राइवर अपनी सीट पर बैठकर ही बात कर रहा था तो विधायक ने उसे नीचे उतार दिया। जैसे वह नीचे उतरा विधायक ने उसे जोर से एक थप्पड़ मार दिया। उस समय उसके पीछे गनमैन भी खड़ा था। ड्राइवर का कहना है कि जैसे ही विधायक ने उसे थप्पड़ मारा वो सहम गया और अपनी गलती पूछने लगा।

     

  • अमित शाह की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर CM मान का निशाना, मुंद्रा पोर्ट को लेकर उठाए सवाल

    अमित शाह की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर CM मान का निशाना, मुंद्रा पोर्ट को लेकर उठाए सवाल

    चंडीगढ़
     भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के मुद्दे पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब को बदनाम करने से पहले गृह मंत्री अमित शाह को अपने गृह राज्य गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर ध्यान देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पंजाब में पाकिस्तान सीमा से हेरोइन की एक-दो, पांच या 10 किलो की खेप पकड़ी जाती है, जबकि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से तीन-तीन हजार किलो की खेप पकड़ी जा रही है।

    मुख्यमंत्री मान ने कहा कि एक ओर पंजाब को नशे के लिए बदनाम किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर अन्य राज्यों से बड़ी खेपें आ रही हैं। भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर आरोप लगाया कि वह पंजाब में नशे फैला रही है और दूसरी तरफ नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रही है, यह दोहरा चरित्र है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पंजाब को बदनाम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। मान ने बताया कि कि देश में एनडीपीएस मामलों में होने वाली हेरोइन की बरामदगी में पंजाब का योगदान करीब 60% है, लेकिन नशे की सप्लाई के स्रोतों पर भी कार्रवाई जरूरी है।

    उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी रोकना केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब ने नशीले पदार्थों को रोकने के लिए अपने फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं।

    विपक्ष की सियासत पर सीएम मान ने गिद्धों वाला तंज क्यों कसा?

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्ष के आचरण पर बेहद कड़े शब्दों में आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, ‘जब आपके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं होता, तो आप हर दुखद घटना पर राजनीति करने लग जाते हैं.’ यह जनता की सेवा की राजनीति नहीं है. यह पूरी तरह से गिद्धों वाली राजनीति है. पंजाब की जनता इस घटिया राजनीति से कहीं बेहतर की हकदार है।

    मान ने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई की तारीफ करने के बजाय विरोधी दल डर का माहौल बना रहे हैं. वे केवल सियासी फायदे के लिए पंजाब को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं. पंजाब कोई साधारण सीमावर्ती राज्य नहीं है. यह देश का मुख्य प्रवेश द्वार और भारत का अनमोल गहना है।

    कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं को आधार बनाकर पूरे सूबे की गलत छवि पेश की जा रही है. मान ने कहा कि यह पंजाब और यहां के मेहनती लोगों को बदनाम करने की सोची-समझी चाल है. सूबे की जनता ऐसे नकारात्मक अभियानों को कभी स्वीकार नहीं करेगी. सरकार अपराधियों के आगे कभी नहीं झुकेगी।

    पाकिस्तान का नशा कैसे रुका और अब नया सप्लाई रूट कौन सा बन गया?

        मुख्यमंत्री ने सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी की जमीनी हकीकत जनता के सामने रखी. 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से पंजाब में नशा भेजने की लगातार कोशिशें होती रही हैं. पंजाब सरकार की सख्त निगरानी की वजह से पाकिस्तान से आने वाला 80 फीसदी नशा अब खत्म हो चुका है. सीमा पार से आने वाली छोटी खेपों को भी लगातार पकड़ा जा रहा है।

        पाकिस्तान का रूट टूटने के बाद अब नशा तस्करों ने नए रास्ते चुन लिए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब 80 प्रतिशत नशा गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से पंजाब आ रहा है. नशा तस्करी के इन नए रास्तों को भी पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा।

        अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी रोकना प्राथमिक तौर पर केंद्र सरकार की सीधी जिम्मेदारी है. इसके बावजूद पंजाब सरकार ने अपने सरकारी फंड से कई एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं. इन आधुनिक तकनीकों से सीमा पार से आने वाले ड्रोनों को गिराया जा रहा है. पंजाब अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा।

        मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा तस्करी के मुद्दे पर भाजपा को सीधे कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में टनों के हिसाब से नशीले पदार्थों की खेपें मौजूद हैं. केंद्रीय गृह मंत्री को इस बात का स्पष्ट जवाब पूरे देश को देना चाहिए।
        गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3000 किलो नशा पकड़ा गया था. इस मामले में जिम्मेदार बड़े लोगों के खिलाफ कोई ठोस और सार्थक कार्रवाई नहीं की गई. पंजाब पुलिस ने खुद मुंद्रा पोर्ट से जुड़े बड़े नशा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने वहां से आने वाली नशीले पदार्थों की भारी खेप बरामद की थी।

        केंद्रीय गृह मंत्री अपने गृह राज्य गुजरात में नशे की आमद रोकने में पूरी तरह असमर्थ रहे हैं. इसके विपरीत भाजपा के नेता पंजाब में आकर नशा विरोधी यात्रा निकालने का ढोंग कर रहे हैं. गुजरात में लाखों टन नशा पकड़ा जा रहा है, लेकिन वहां सख्त कदम नहीं उठाए जाते. दूसरी तरफ पंजाब ने देश की सबसे बड़ी नशा विरोधी मुहिम चला रखी है।

    एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने साल 2022 से अब तक क्या बड़ा एक्शन लिया?

    मुख्यमंत्री ने राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के आधिकारिक आंकड़े साझा किए. पंजाब सरकार ने संगठित अपराध के खात्मे के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) का गठन किया था. साल 2022 से लेकर अब तक इस टास्क फोर्स ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की है।

    पंजाब पुलिस ने इस अवधि के दौरान अपराधियों से 1170 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं. इसके अलावा 15 खतरनाक हथगोले भी जब्त किए गए हैं. ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने 858.26 किलो हेरोइन और 480.26 किलो अफीम पकड़ी है।

    टास्क फोर्स ने छापेमारी के दौरान 3056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए हैं. विदेशों में छिपकर बैठे अपराधियों पर भी शिकंजा कसा गया है. पंजाब पुलिस ने दूसरे देशों की मदद से अब तक 18 बड़े गैंगस्टरों को डिपोर्ट करवाकर पंजाब वापस लाया है. इनमें से 10 गैंगस्टरों को इसी साल जनवरी से अब तक वापस लाया गया है।

    ‘विपक्ष बंद करे गिद्धों वाली गंदी राजनीति’, मान बोले- विदेशों से 10 गैंगस्टर वापस लाए.

    गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गुजरात जेल को लेकर क्या सनसनीखेज दावा किया?

    मुख्यमंत्री ने गैंगस्टरवाद को केवल एक राज्य की समस्या मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि गैंगस्टरवाद एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है. यह देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए सीधा खतरा है. केंद्र सरकार इस राष्ट्रीय संकट को सुलझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

    मान ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की जेल में भाजपा सरकार ने सुरक्षित पनाह दे रखी है. उस कुख्यात गैंगस्टर को पंजाब पुलिस की कस्टडी में लाने की इजाजत तक नहीं दी जा रही है।

    अगर केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर सख्त रवैया अपनाए, तो ऐसे सिंडिकेट कभी नहीं पनप सकते. मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार किसी भी अपराधी को बख्शने के मूड में नहीं है. राज्य की पुलिस हर गिरोह की जड़ों पर वार कर रही है. किसी भी अपराधी को पंजाब की शांति भंग करने की छूट नहीं दी जाएगी।

    अकाली दल और कांग्रेस के पुराने सियासी रिकॉर्ड पर मान ने क्या आईना दिखाया?

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को उनके पुराने शासनकाल की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों ने अपने दौर में गैंगस्टर कल्चर और नशा नेटवर्क को खूब फलने-फूलने दिया. जो लोग खुद अपराधियों को पालते रहे हैं, उन्हें कानून-व्यवस्था पर उपदेश देने का कोई नैतिक हक नहीं है।

    विपक्षी नेताओं को पंजाब की मौजूदा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. पंजाब की जनता उन काले दिनों को कभी नहीं भूल सकती. उस दौर में बड़े गैंगस्टरों को खुला सियासी संरक्षण हासिल था. अपराधी बेखौफ होकर समाज में घूमा करते थे।

    मान ने कहा, ‘हर दुखद घटना पर राजनीति करके इतना नीचे मत गिरिए.’ पंजाब ऐसी घटिया सियासत के कारण पहले ही बहुत गहरा संताप भोग चुका है. जनता अब खोखले भाषणों के बजाय ठोस समाधान चाहती है. विपक्षी दल पंजाब के भले के लिए अपनी गंदी राजनीति बंद करें।

    पंजाब की अस्मिता और केंद्र के साथ अधिकारों की जंग का क्या है सच?

    मुख्यमंत्री ने पंजाब के साथ जुड़े कई ऐतिहासिक और बुनियादी मुद्दों पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि दरियाई पानी का विवाद हो या राजधानी चंडीगढ़ का मसला, पंजाब कभी अपने हक से पीछे नहीं हटेगा. पंजाब यूनिवर्सिटी के सिलेबस में दखलंदाजी और काले कृषि कानूनों जैसी ज्यादतियों को कभी सहन नहीं किया जाएगा।

    भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब के अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश के लिए हमेशा कुर्बानियां देता आया है. इसलिए यह राज्य हर लिहाज से एक विशेष आर्थिक पैकेज का हकदार है।

    पंजाब ने देश की रक्षा और अन्न सुरक्षा में हमेशा सबसे बड़ा योगदान दिया है. देश को जब भी साहस, बलिदान और सेवा की जरूरत पड़ी, पंजाबी सबसे आगे खड़े रहे. यह योद्धाओं, किसानों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों की महान धरती है. किसी को भी अपने तुच्छ सियासी फायदे के लिए इस पवित्र धरती को बदनाम नहीं करने दिया जाएगा।

    पंजाब के नौजवानों को बचाने का रोडमैप क्या है?

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा और अपराध मुक्त पंजाब के लिए अपनी सरकार का विजन स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि सरकार की लड़ाई सिर्फ कुछ छोटे तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. सरकार पूरे आपराधिक नेटवर्क की पहचान कर रही है।

    नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ा जा रहा है. तस्करों और गैंगस्टरों के अवैध वित्तीय साधनों को जब्त किया जा रहा है. पुलिस अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर सीधे प्रहार कर रही है. किसी भी अपराधी को सूबे का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    मान ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे अवसरवादिता की राजनीति छोड़कर पंजाब के विकास में सहयोग करें. लोकतंत्र में सियासी मतभेद होना स्वाभाविक बात है. जब बात पंजाब की शान, नौजवानों और भविष्य की हो, तब सभी को संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठना चाहिए. सरकार पंजाब को अधिक सुरक्षित, नशा मुक्त और खुशहाल बनाने के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से अडिग रहेगी।

  • जालंधर सराफा बाजार में GST की कार्रवाई, दुकानों में खरीद-बिक्री और बैंक खातों का रिकॉर्ड जांचा

    जालंधर सराफा बाजार में GST की कार्रवाई, दुकानों में खरीद-बिक्री और बैंक खातों का रिकॉर्ड जांचा

    जालंधर 

    जालंधर में सराफा बाजार स्थित हनुमान चौक पर जीएसटी विभाग ने आभूषण की दुकान पर छापेमारी की। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दुकान की बिक्री, खरीद, कंप्यूटर डेटा और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

    वी.के. ज्वैलर्स पर सोमवार को की गई इस कार्रवाई में क्या खामियां मिली हैं या कितनी टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। रेड करीब दो घंटे तक चली। जांच अधिकारी दस्तावेजों और खाते के आंकड़ों का मिलान कर रहे हैं, जिसके बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।

    ग्राहकों और व्यापारियों के लिए जरूरी नियम टैक्स चोरी पर लगाम लगाने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जीएसटी विभाग ने आम ग्राहकों से विशेष अपील की है। विभाग के अनुसार, ग्राहक जब भी सोने-चांदी या हीरे के आभूषणों की खरीदारी करें तो दुकानदार से हमेशा पक्का जीएसटी इनवॉइस अनिवार्य रूप से लें।

    पक्का बिल टैक्स चोरी रोकने में मदद करता है पक्का बिल न केवल टैक्स चोरी रोकने में मदद करता है, बल्कि आभूषणों की शुद्धता और भविष्य में री-सेल या एक्सचेंज के समय ग्राहक के कानूनी अधिकारों की रक्षा भी करता है। व्यापारियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने सभी लेन-देन का सही रिकॉर्ड रखें और नियमानुसार बिल जारी करें।

     

  • लुधियाना में आज नॉनवेज पर पाबंदी, मांस-मछली की दुकानें और होटल रहेंगे बंद; जानें वजह

    लुधियाना में आज नॉनवेज पर पाबंदी, मांस-मछली की दुकानें और होटल रहेंगे बंद; जानें वजह

    लुधियाना

    लुधियाना में जैन समाज की ओर से आज धार्मिक पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन को अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। जैन धर्म के अनुसार आज किसी भी जीव की हत्या करना धार्मिक रीति-रिवाजों के विपरीत माना जाता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में मांस-मछली की दुकान बंद रहेगी। 

    जिला मजिस्ट्रेट लुधियाना ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, 15 सितंबर को लुधियाना जिले में मीट/मछली और अंडों की दुकानें, नॉन-वेजीटेरियन होटल-ढाबे और अहाते बंद रहेंगे। इसके साथ ही मीट-मछली की कटाई भी पूरी तरह बंद रहेगी।

    उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिला लोक संपर्क अधिकारी को भी आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने के लिए कहा गया है।

    जिला मजिस्ट्रेट की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां पंजाब सरकार के संबंधित अधिकारियों, पुलिस कमिश्नर लुधियाना, नगर निगम और अन्य विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।

     

  • नशे के मुद्दे पर पंजाब में चुनावी संग्राम तेज, BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से AAP-कांग्रेस पर दबाव

    नशे के मुद्दे पर पंजाब में चुनावी संग्राम तेज, BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से AAP-कांग्रेस पर दबाव

     चंडीगढ़
    पंजाब में विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज हो गई है। 17 सितंबर को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने में मात्र छह माह का समय रह जाएगा और सितंबर माह का यही वह पखवाड़ा है, जब न सिर्फ दोनों राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख पार्टियां, बल्कि पंजाब आधारित शिरोमणि अकाली दल भी अपनी राजनीतिक गतिविधियों को और रफ्तार देने की योजनाएं घोषित कर चुके हैं।

    सत्तासीन आम आदमी पार्टी भी चुनावी मोड में शिफ्ट हो चुकी है और न सिर्फ पार्टी में संगठनात्मक नियुक्तियां की जा रही हैं, बल्कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के चेहरे मुख्यमंत्री भगवंत मान विभिन्न विधानसभा हलकों में कार्यक्रमों का आगाज कर चुके हैं।

    'नशा' रहेगा सभी चुनावी पार्टियों का मुद्दा
    चुनावी तैयारियों के दौरान ही करीब सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रचार का केंद्र बिंदु नशे का मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। आम आदमी पार्टी पंजाब की सत्ता में आने के बाद से ही लगातार पंजाब में युद्ध नशे के विरुद्ध नाम से अभियान चला रही है और समय-समय पर इसके आंकड़े पेश करके अपने द्वारा किए जा रहे काम का क्रेडिट ले रही है।

    18 सितंबर को BJP करेगी चुनावी शंखनाद
    राष्ट्रीय फलक पर बात करें तो बीते दिनों गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि नक्सलवाद का खात्मा करने के बाद अब उनका मिशन देश में नशे की समस्या को खत्म करना है और भाजपा द्वारा पंजाब में अपने चुनावी शंखनाद के लिए 18 सितंबर से राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरने वाली चार हजार किलोमीटर लंबी नशा विरोधी जागरूकता के लिए यात्राओं व रैलियों का आयोजन करने की घोषणा की जा चुकी है।

    सचिन पायलट ने भी खोला मोर्चा
    वहीं, कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सचिन पायलट अपना पहला पंजाब दौरा 15 सितंबर को शुरू करने जा रहे हैं और दौरे के पहले ही दिन नशे के मामले में आत्महत्या करने वाले तूरबंजारा निवासी गुलजार सिंह को मुद्दा बनाकर न सिर्फ रोष मार्च व प्रदर्शन का एलान किया है, बल्कि कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा की रिहायश का घेराव करने का भी प्रोग्राम दिया गया है।

    कांग्रेस नेता सचिन पायलट अपने पहले ही दिन से सभी नेताओं को एक मंच पर दिखाकर कांग्रेस की एकजुटता का भी प्रदर्शन कराएंगे। खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी खुद व अपने सभी समर्थकों के साथ इस प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा करके एकजुटता का संकेत दे दिया है।