पंजाबराज्य

गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर पंजाब पुलिस का शिकंजा, 60 हजार से ज्यादा FIR दर्ज

चंडीगढ़ 
पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए अब तक की गई पुलिस कार्रवाई के आंकड़े साझा किए हैं। सरकार की ओर से सोमवार को ‘गैंगस्टरों पर वार’ और ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस ने अब तक 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इसके साथ ही विदेशों में छिपे 10 भगोड़ों को डिपोर्ट करवाकर भारत लाया गया है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना और अपराध पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाना है।

नशा तस्करी के रूट पर भाजपा को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने नशे की तस्करी को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट पर ध्यान दिया जाए तो पंजाब में नशे की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने मुंद्रा पोर्ट से नशे की बड़ी खेप बरामद की है और करीब 3,000 किलो नशा वहां जब्त किया गया था। मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से तस्करी रोकना मुख्य रूप से केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब सरकार ने अपने फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 532 किलोमीटर लंबी सीमा के पार से पंजाब में नशा भेजने की कोशिशें जारी हैं। उनके मुताबिक सरकार ने केवल गिरफ्तारियों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि नशा और गैंगस्टर नेटवर्क की पहचान, सप्लाई चेन को तोड़ने, वित्तीय माध्यमों को रोकने और अपराधियों को कानून के कठघरे में लाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के कार्रवाई कर रही है।

विपक्ष पर 'गिद्धों वाली राजनीति' का आरोप
मान ने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर पंजाब को लेकर सकारात्मक एजेंडा पेश करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए घटनाओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष की राजनीति को 'गिद्धों वाली राजनीति' बताते हुए कहा कि लोग विवाद नहीं, समाधान चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल पर पहले गैंगस्टरों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को कुछ घटनाओं के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य देश का प्रवेश द्वार और भारत का गौरव है। सरकार पंजाब को सुरक्षित, नशामुक्त और खुशहाल बनाने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेगी तथा किसी भी शरारती तत्व को राज्य की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

मान ने बताया कि 2022 से एजीटीएफ ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उनके अनुसार 1,170 हथियार, 15 हथगोले, 858.26 किलो हेरोइन, 480.26 किलो अफीम, 3,056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पंजाब पुलिस ने दूसरे देशों से 18 गैंगस्टरों को डिपोर्ट कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार का रोडमैप स्पष्ट है और नशों, गैंगस्टरों तथा संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं, नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ वित्तीय कार्रवाई करते हुए करीब 366 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।सरकार ने दावा किया कि पंजाब में फिलहाल अमन-शांति पूरी तरह कायम है और राज्य की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  

पंजाब की शांति और कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और पंजाब की धरती पर अपराध तथा नशे के नेटवर्क को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।

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