Category: राज्य

  • GDP के 7.8% आंकड़े पर बिहार में वार-पलटवार, सम्राट बोले- मोदी की दूरदर्शी सोच का नतीजा, मनोज झा ने उठाए सवाल

    GDP के 7.8% आंकड़े पर बिहार में वार-पलटवार, सम्राट बोले- मोदी की दूरदर्शी सोच का नतीजा, मनोज झा ने उठाए सवाल

    पटना
     पहली तिमाही में देश की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज होने के बाद बिहार की सियासत में भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

    सत्ता पक्ष ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व, नीतियों और दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया है। वहीं, विपक्ष ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। 

    पीएम की दूरदर्शी सोच का नतीजा: सम्राट 
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर विकास का नया कीर्तिमान बनाया है।

    उन्होंने कहा कि 7.8 प्रतिशत की विकास दर केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है।

    उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी वृद्धि दर्ज की है।

    यह उपलब्धि प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। भारत हर चुनौती को अवसर में बदलते हुए नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    गजेंद्र सिंह शेखावत बोले- बड़े फैसलों का परिणाम
    पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी जीडीपी वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।

    उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिए गए बड़े और कठिन फैसलों का परिणाम अब दिखाई दे रहा है।

    शेखावत ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह माना जा रहा था कि चुनौतीपूर्ण दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दबाव पड़ेगा। इसके बावजूद भारत निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। उन्होंने इसे देश के लिए खुशी की बात बताया।

    विजय कुमार सिन्हा ने गिनाए आत्मनिर्भर भारत के प्रयास
    बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री ने देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर पर देशवासियों को बधाई दी है और इसका श्रेय 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, संकल्प और सामूहिक शक्ति को दिया है।

    उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन संकट के बीच भारत की तेज आर्थिक प्रगति उल्लेखनीय है।

    प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेड इन इंडिया' को अपनाने का आह्वान किया है। सही नीति, साफ नीयत और देशवासियों की एकजुटता से वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प साकार होगा।

    भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष संजय सरावगी ने जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद, प्रभावी नीतियों और बढ़ते वैश्विक विश्वास का प्रमाण बताया है।
    मनोज झा ने पूछा- आम आदमी की थाली में कितना दिख रहा विकास?

    वहीं, राजद सांसद मनोज कुमार झा ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों को संविधान के अनुच्छेद 39 (ए), (बी) और (सी) के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।

    उन्होंने दूध, प्याज और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चीनी की कीमत में एक महीने में उछाल आया है। सवाल यह है कि इन आंकड़ों का क्या किया जाए, अगर गरीब की थाली में इनका असर दिखाई नहीं दे रहा है।

    मनोज झा ने कहा कि निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग की स्थिति में अगर बदलाव नहीं हो रहा है तो केवल जीडीपी के आंकड़ों के आधार पर अपनी पीठ थपथपाने से पहले ठहरकर और संयम के साथ बात करनी चाहिए।

    उनके मुताबिक विकास का आकलन इस आधार पर भी होना चाहिए कि उसका लाभ समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग तक कितना पहुंच रहा है।

  • वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो घबराएं नहीं, 30 सितंबर तक भरें Form-6; गलती सुधारने के लिए Form-8

    वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो घबराएं नहीं, 30 सितंबर तक भरें Form-6; गलती सुधारने के लिए Form-8

    नई दिल्ली
     SIR के बाद दिल्ली में सोमवार को दिल्ली को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिसमें मौजूदा 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। 70 विधानसभा सीटों की मसौदा मतदाता सूची के अनुसार, बुराड़ी में सबसे अधिक 1.67 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा 47.85 प्रतिशत नाम तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में हटाए गए हैं। इसके बाद ओखला (45.33 प्रतिशत), कस्तूरबा नगर (44.03 प्रतिशत) और बदरपुर (42.67 प्रतिशत) हैं।

    अगर आपका नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं है या वोटर लिस्ट में किसी तरह की गलती है, तो उसे ठीक कराने के लिए चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है। मतदाता 30 सितंबर तक अपना दावा या आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। जानते हैं SIR से जुड़े अहम सवालों के जवाब…

    नाम नहीं है तो भरें फॉर्म-6
    अगर ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसमें नाम, रिश्तेदार की जानकारी, मोबाइल नंबर, ई-मेल, आधार, जन्मतिथि, जेंडर और पूरा एड्रेस जैसी जानकारी देनी होगी।

    आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाणपत्र, आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कक्षा 10/12 का प्रमाणपत्र या पासपोर्ट में से कोई दस्तावेज दिया जा सकता है। वहीं पते के प्रमाण के लिए यूटिलिटी बिल, आधार, बैंक/डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट, जमीन का रिकॉर्ड या किराया/बिक्री दस्तावेज लगाए जा सकते हैं।

    गलत या अपात्र नाम पर फॉर्म-7
    अगर वोटर लिस्ट में किसी मृत व्यक्ति, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, डुप्लीकेट या अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो उसके खिलाफ फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ संबंधित दावे के समर्थन में प्रमाण देना होगा।

    नाम या विवरण में गलती है तो फॉर्म-8
    मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार कराना है तो फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल पता बदलने या अनुमत अन्य संशोधनों के लिए भी किया जा सकता है।

    ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प
    दावा या आपत्ति Voters Service Portal/ECI पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दाखिल की जा सकती है। ऑफलाइन आवेदन के लिए ERO/AERO, वोटर सेंटर या BLO से संपर्क किया जा सकता है।

    मतदाताओं की मदद के लिए चुनाव आयोग की हेल्पलाइन 1950 भी उपलब्ध है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने का इंतजार न करें और 30 सितंबर तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा दें।

  • 7 दिन तक ट्रैफिक पर असर! मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसान कैंप, घर से निकलने से पहले जानें नया रूट

    7 दिन तक ट्रैफिक पर असर! मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसान कैंप, घर से निकलने से पहले जानें नया रूट

    मोहाली.

    पंजाब के किसानों के 32 संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आज से मोहाली-चंडीगढ़ बार्डर पर सात दिनों तक पक्का मोर्चा लगाया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर लगाए जाने वाले इस मोर्चे को लेकर किसानों की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है।

    मोर्चे में पंजाब के हर इलाकों से किसान धरना स्थल पर पहुंच रहे है। इस कारण फेज-11 , जगतपुरा, बाबा व्हाइट हाउस चौक सहित शहर के अंदरूनी भागों में किसान ट्रैक्टरों सहित होकर मोर्चे वाले स्थान पर पहुंचेंगे। इस कारण मोहाली प्रशासन की ओर से आयशर चौक से एयरपोर्ट रोड और आयशर चौक से फेज-9 की तरफ से चंडीगढ़ तरफ जाया जा सकता है। किसानों के पक्के मोर्चे को देखते हुए चंडीगढ़ तरफ जाने वालों को फेज 10 , फेज-11 की तरफ नहीं जाना चाहिए।

    किसानों की ओर से ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर आया जा रहा है इस कारण आयशर चौक से बेस्टेक माल तक की सड़क को सभी तरह के वाहनाें के लिए बंद किया गया है। पिछली बार किसानों ने इस स्थान पर प्रशासन से मीटिंग किए बगैर मोर्चा लगाया था तो कई रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई थी। इस बार किसान यूनियन के नेताओं की ओर से मोहाली-चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग होने के बाद ही मोर्चा लगाने की इजाजत मिली है। इसलिए पिछली बार लगाए मोर्चे की तरह स्थिति खराब नहीं होगी और लोगों को ज्यादा कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ सकता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने चंडीगढ़ जाने वाले वाहन चालकों के लिए तीन वैकल्पिक रास्ते सुझाए हैं। –
    पहला रूटः आयशर चौक से लांडरां रोड सेक्टर-82/83 रोड जगतपुरा चंडीगढ़।
    दूसरा रूटः आइआइएसईआर चौक से एयरपोर्ट रोड आईटी सिटी/एरोट्रोपोलिस जगतपुरा चंडीगढ़।
    तीसरा रूटः आइआइएसईआर चौक से फेज-9 रोड सेक्टर-66/68 रोड जगतपुरा चंडीगढ़।

  • कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री का कहर! 15 की मौत, बड़ी लापरवाही पर 9 पुलिसकर्मी निलंबित

    कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री का कहर! 15 की मौत, बड़ी लापरवाही पर 9 पुलिसकर्मी निलंबित

    कौशांबी 

    उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में आईजी रेंज प्रयागराज अजय मिश्र ने कार्रवाई की है. इस मामले में एक इंस्पेक्टर और 6 SI को सस्पेंड किया गया है. वहीं कौशांबी एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने थाना प्रभारी पिपरी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है. चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी चायल मनीष पाल पर भी कार्रवाई हुई है। 

    बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. पुलिसकर्मियों पर पटाखा फैक्ट्री संचालन की सूचना दर्ज नहीं कराने और लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है। 

    इस ब्लास्ट कांड के मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद से मुख्य आरोपी नौशाद फरार था. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नौशाद चरवा थाना क्षेत्र के तेरामिल के पास से भागने की फिराक में है. सूचना पर एसओजी और पुलिस टीम ने घेराबंदी की। 

    पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख नौशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके कब्जे से एक तमंचा और कारतूस बरामद किया गया है. घायल नौशाद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. नौशाद के अलावा उसके भाई शकील, पत्नी कहकशां बानो, शकील की पत्नी शबाना, नौशाद के बेटे आदिल और शकील की बेटी साइना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं। 

    ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत
    पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी में सोमवार सुबह करीब 11 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था. हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों का प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है. यहधमाका इतना भीषण था कि आसपास के करीब आधा दर्जन मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि दर्जनभर से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. घटनास्थल पर राहत और बचाव के साथ मलबे में तलाशी का काम भी किया गया। 

    अब तक इनकी हुई मौत

    – प्रियांजलि (पांच वर्ष) पुत्री मंजीत कुमार
    -प्रवीण सिंह (13 वर्ष) पुत्र मंजीत
    -जाह्नवी (12 वर्ष) पुत्री गया प्रसाद
    -आदित्य (12 वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
    -रवि (आठ वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
    -ज्ञान सिंह (40 वर्ष) पुत्र हरिमोहन
    -आदित्य (आठ वर्ष) पुत्र अज्ञात
    -अंजू (23 वर्ष) पत्नी विक्रम सरोज
    -विक्रम सरोज (35 वर्ष)
    -अंश (छह वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
    -नन्हा (04 वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
    – अन्य का नाम अभी ज्ञात नहीं।

    मानव अंग के अवशेष से सुनील की शिनाख्त

    अवैध पटाखा फैक्ट्री के ठीक बगल बूंदी का कारखाना था। सोमवार को घटना के वक्त कारखाने में रहे दो मजदूरों की मौत हो गई थी, एक शव की शिनाख्त हुई जबकि दूसरे का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। शव की शिनाख्त कराना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था लेकिन इन कयासों पर विराम लगाया उमा ने। दिव्यांग का कटा हुआ पैर देख बिलखी उमा ने उसकी पहचान अपने भाई सुनील मौर्य के रूप में की। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी।

    30 वर्षीय सुनील मौर्या पुत्र बब्बू निवासी पकसराई थाना चरवा बूंदी कारखाना में काम करता था। इसका हाथ मिला था। जिस पर पत्नी का नाम लिखा था, पत्नी रेखा देवी ने हाथ की पहचान किया है। उनके बेटे साक्षी 10 साल, प्रियांशु, आठ, शनि छह, सौरभ चार साल बच्चे हैं। कल रात में सुनील मौर्य की बहन शोभा देवी आई थी लेकिन पहचान नहीं हो पाई। आज दूसरी छोटी बहन उमा देवी आई है पैर की पहचान की है और बताया कि भाई का हाथ बोरी में भरा था उसमें गोदना से लिखा था लेकिन वह बोरी नहीं मिली है

    दरअसल, नौशाद की पटाखा फैक्ट्री आबादी में होने के कारण ही दो साल पहले फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था, लेकिन व्यवस्था आंखें मूंदे रही और नौशाद का बेटा आदिल कुछ दूरी पर बिना लाइसेंस के ही पिता के कारोबार को जानलेवा तरीके से बढ़ाता गया।

    नौशाद का परिवार और उसके करीबी रिश्तेदार भी बारूदी पटाखे बनाने का ही काम करते हैं। सुबह बचाव कार्य के दौरान एक ही परिवार के तीन शव मिले, इसमें विक्रम और उनके दो बेटे अंश और शिवम शामिल हैं। जबकि सुनील मौर्य का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। बहन उमा ने दिव्यांग भाई के पैर की पहचान की।उसके हाथ पर पत्नी का नाम देख सुनील मौर्य के रूप में पहचान की गई। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी ।

     सोमवार को प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो गया। इससे कई मकान जमींदोज तो छह घर क्षतिग्रस्त हो गए। उस समय तक हादसे में एक परिवार चार सदस्य समेत 11 की दर्दनाक मौत हो गई थी जबकि 20 से अधिक घायल हुए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ट्रेनों का संचालन करीब एक घंटे तक बाधित रहा।

    एयरफोर्स स्टेशन मनौरी से करीब दो किमी दूर पटाखा फैक्ट्री में धमाका इतना तेज हुआ कि उसकी गूंज करीब ढाई किलोमीटर तक सुनाई दी। करीब 500 मीटर दूर तक सरिया, मकान के अवशेष बिखर गए। पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन की रेस्क्यू आपरेशन चला रही है। एयरफोर्स के 50 जवान भी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे। जेसीबी से मलबा हटाकर दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।

    चीख-पुकार के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर पहुंचकर इनपुट जुटाती रहीं। पिपरी थाने में गया प्रसाद की तहरीर पर छह के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। पुलिस ने अवैध फैक्ट्री संचालन से जुड़े कई लोगों को पकड़ा है, लेकिन मालिक गायब है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मृतक के परिवार को दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। जल्द ही कुछ कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की बात भी कही गई है।

    प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी बाजार से कुछ दूर चिल्ला शहबाजी (मीरपुर) गांव है। यहां एक नई कालोनी विकसित हो रही है। खेत के बीच में ही मनौरी निवासी आदिल की ओर से अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। दो साल पहले उसकी फैक्ट्री का लाइसेंस रद कर दिया गया था। फैक्ट्री के बगल ही धारा केसरवानी की बूंदी बनाने का कारखाना था। उसके बगल ही कई मकान हैं, जहां रेलकर्मी, बैंककर्मी समेत अन्य का परिवार रहता है।

    बताया गया है कि सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पटाखा बनाने के लिए बारुद सहित दूसरे ज्वलनशील पदार्थ का मिश्रण किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक धमाका हुआ तो चंद मिनट में ही पूरा मकान जमींदोज हो गया। आग लगने के साथ ही आसमान में धुएं का गुबार उठने लगा। चौतरफा बारुद की गंध छा गई। आसपास के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। पटाखा फैक्ट्री, बूंदी कारखाना में काम कर रहे कर्मचारी, मजदूर मलबे में दब गए। थोड़ी ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। अपनों की मौत का पता चला तो परिवार फूट-फूटकर रोने लगा।

    प्रयागराज के एडीजी जोन ज्योति नारायण, आइजी रेंज अजय मिश्रा, मंडलायुक्त, एडिशनल पुलिस कमिश्नर डा. अजय पाल शर्मा, कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा, एसपी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालात खराब होने के कारण एयरफोर्स पुलिस के जवानों को भी राहत और बचाव कार्य के लिए बुला लिया गया। पटाखे में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की तीव्रता इतनी अधिक थी कि हाईटेंशन लाइन के पिलर का ज्वाइंडर तक तक क्षतिग्रस्त हो गया।

    दूसरे मकान ढह और क्षतिग्रस्त हुए। रेस्क्यू आपरेशन के बीच ही फटाखा फूटता रहा, जिससे स्थिति बिगड़ती रही। धमाके से जान गवाने वाले बच्चे जान्हवी, आदित्य, रवि और अमित के पिता गया प्रसाद की तहरीर पर पिपरी पुलिस ने नौशाद, उसकी बीवी कहकसा बानो, भाई शकील, उसकी बीवी शबाना, बेटे आदिल, बेटी साइना के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। जिलाधिकारी कौशांबी अमित पाल शर्मा ने कहा कि हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है। रेस्क्यू आपरेशन जारी है। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2024 में निलंबित किया गया था।

    कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मनौरी के पास चिल्ला शहबाजी गांव की पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए विस्फोट और 15 लोगों की मौत होने पर नौ पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। आइजी अजय कुमार मिश्रा ने लापरवाही बरतने पर एक इंस्पेक्टर और छह दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद दो और पर कार्रवाई हुई। आइजी के निर्देश पर पिपरी थाना व चौकी में पिछले दो वर्ष में तैनात रहे यहां पुलिस कर्मियों को खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।

    निलंबित होने वालों में निरीक्षक शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल व अमित द्विवेदी शामिल हैं। इससे पहले सोमवार को रात कौशांबी एसपी ने दो बीट आरक्षी को निलंबित करते हुए थाना प्रभारी समेत तीन लोगों को लाइन हाजिर किया था।

    सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान
    कौशांबी हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं। 

    सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने उठाए सवाल
    वहीं घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले इलाके में प्रशासन की नाक के नीचे अवैध पटाखा फैक्ट्री कैसे चल रही थी, इसकी जांच होनी चाहिए. सपा सांसद ने कहा कि हादसे में कई घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और 11 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. उन्होंने लापता सुनील मौर्य का भी जिक्र किया और कहा कि उसके परिजन अब भी उसके शव की तलाश में हैं. पुष्पेंद्र सरोज ने यह भी सवाल उठाया कि फैक्ट्री को चलाने की इजाजत कौन दे रहा था और इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा. उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित मदद और भरोसा देने की मांग की। 

  • पटना में 56वां गणेश उत्सव: 6 फीट की गणपति प्रतिमा, महाराष्ट्र के पंडित कराएंगे पूजा; झांज पथक होगा आकर्षण

    पटना में 56वां गणेश उत्सव: 6 फीट की गणपति प्रतिमा, महाराष्ट्र के पंडित कराएंगे पूजा; झांज पथक होगा आकर्षण

    पटना
    मुंबई के लालबाग के राजा भगवान गणपति का दरबार 15 सितंबर से सज जाएगा। गणेश उत्सव को लेकर महाराष्ट्र मंडल की ओर से तैयारी आरंभ हो गई है। लालबाग के राजा भगवान गणेश की प्रतिमा मुंबई से सड़क के रास्ते 12 सितंबर को पटना पहुंच जाएगी।

    दारोगा राय पथ स्थित महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में इस बार मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल मे भगवान गणेश की प्रतिमा प्रतिष्ठित होगी। 15 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को विघ्नहर्ता गणेश का जन्मोत्सव धूमधाम से मनेगा।

    महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोंसले ने बताया कि इस बार मंडल की ओर से 56वां गणेश उत्सव मनेगा। सात दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र होगा।

    भगवान गणेश की प्रतिमा छह फीट की होगी। भगवान गणेश को हीरा, पन्ना, मानिक जड़ित 55 लाख रुपये के मुकुट पहनाया जाएगा। पूजन के लिए महाराष्ट्र के पांच पंडितों का ग्रुप प्रशांत जागीरदार आएंगे।

    शाडू मिट्टी से बनाई जाती है प्रतिमा:
    पटना में महाराष्ट्र मंडल पंडाल में विराजमान होने वाले भगवान गणेश की प्रतिमा मुंबई में शाडू मिट्टी से तैयार होती है। प्रतिमा का निर्माण मुंबई के बांद्रा इलाके के मूर्तिकार दीपक घोटकर करते आ रहे हैं।

    मिट्टी की खासियत है कि यह प्लास्टर आफ पेरिस की तरह मजबूत होता है। जिससे इसकी मजूबती बनी रहती है। पानी या मिट्टी के संपर्क में जाने पर सामान्य मिट्टी की तरह गल जाता है।

    झांज पथक की होगी प्रस्तुति:
    सुहागिनों के लिए हल्दी कुमकुम कार्यक्रम खास होगा। महाराष्ट्र के कलाकार झांज पथक की प्रस्तुति से सभी को आनंदित करेंगे। पूजा पंडाल को लेकर कारीगर कार्य को अंतिम रूप देने में लगे हैं। पंडाल को प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए कोलकाता से फूल मंगाए जाएंगे।

    बंगाल के चंदन नगर के कलाकारों की ओर से विशेष सजावट होगी। दर्शन को आने वाले विशिष्ट अतिथियों को पगड़ी पहनाने के लिए मुंबई के लोग पंडाल में मौजूद रहेंगे।

     

  • गेस्ट टीचर्स होंगे पक्के? CM नायब सैनी का सकारात्मक रुख, जल्द अधिकारियों संग होगी अहम बैठक

    गेस्ट टीचर्स होंगे पक्के? CM नायब सैनी का सकारात्मक रुख, जल्द अधिकारियों संग होगी अहम बैठक

    चंडीगढ़
     हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोमवार देर रात अतिथि अध्यापकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक हाई लेवल मीटिंग की। विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद विधानसभा सचिवालय के भीतर आधी रात तक चली इस बैठक के बाद से ही गेस्ट टीचर्स को पक्का किए जाने को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

    शिक्षा मंत्री भी थे शामिल
    इस बैठक में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अतिथि अध्यापकों के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष गेस्ट टीचर्स का पूरा मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

    मुख्यमंत्री ने मामले पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द ही अधिकारियों के साथ एक औपचारिक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस समस्या के अंतिम समाधान पर फैसला लिया जाएगा।

    2014 की नीति की सभी शर्तें पूरी करते हैं गेस्ट टीचर
    प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गेस्ट टीचर्स 2014 की नीति के तहत तय सभी नियमों और शर्तों को पूरा करते हैं। डॉ. लोहान के अनुसार, कॉलेज लेक्चरर और गेस्ट टीचर्स के नियम व शर्तें बिल्कुल एक समान थीं।

    कॉलेज लेक्चरर 2014 में ही पक्के किए जा चुके हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर आज भी अपने नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में बीजेपी ने सरकार बनने पर पहली कलम से गेस्ट टीचर्स को नियमित करने का वादा किया था।

    अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे लगातार उनकी मांगों को लेकर गंभीर हैं और मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सकारात्मक रुख के बाद अब हजारों गेस्ट टीचर्स में जल्द पक्के होने की उम्मीद जग गई है।

  • चंडीगढ़ में प्रशासन सख्त! BLO ड्यूटी में कोताही पर अमृत पाल कौर निलंबित

    चंडीगढ़ में प्रशासन सख्त! BLO ड्यूटी में कोताही पर अमृत पाल कौर निलंबित

    चंडीगढ़.

    विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बूथ लेवल अधिकारी की जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने जीएमएचएस-32 में तैनात टीजीटी (हिंदी) अध्यापिका अमृत पाल कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    वह सेक्टर-41डी के भाग संख्या 324 (पूर्व भाग संख्या 350) की बीएलओ थीं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अमृत पाल कौर पर मतदाताओं और चुनाव अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं करने तथा निर्वाचन कार्य से संबंधित गणना प्रपत्र एकत्र करने से जानबूझकर इन्कार करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से फॉर्म जमा कराने के बजाय सीधे चुनाव कार्यालय में जमा कराने के लिए कहा। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक अनधिकृत संचार समूह बनाकर अन्य बीएलओ के बीच भ्रामक जानकारी प्रसारित की, जिससे चल रहे एसआईआर कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इसके अलावा अपनी बीएलओ ड्यूटी से बचने के उद्देश्य से मतदाता सूची से अपना नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा करने की बात भी सामने आई है।

    लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई
    निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक बीएलओ चुनाव आयोग और मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में एस आई आर जैसे महत्वपूर्ण चुनावी कार्य के दौरान निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन नहीं करना गंभीर मामला माना गया। अधिकारियों ने उनके आचरण को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कर्तव्य में लापरवाही के रूप में माना है।

    शिक्षा विभाग को विभागीय जांच के निर्देश
    निलंबन आदेश की प्रतियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी, चंडीगढ़ प्रशासन, स्कूल शिक्षा निदेशक तथा संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को भेजी गई हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय को निलंबन अवधि के दौरान अमृत पाल कौर का मुख्यालय निर्धारित करने के साथ-साथ कथित अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के संबंध में विभागीय कार्रवाई शुरू करने को भी कहा गया है।

  • बिजली उपभोक्ताओं का E-KYC शुरू, CG में नई प्रक्रिया लागू

    बिजली उपभोक्ताओं का E-KYC शुरू, CG में नई प्रक्रिया लागू

    दुर्ग.

    छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों एवं उनके रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. विद्युत रीजन दुर्ग के अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 10 लाख 09 हजार 521 निम्नदाब उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराया जाएगा, जिसकी शुरुआत 1 सितंबर से होगी.

    यह प्रक्रिया उपभोक्ता डेटाबेस को सटीक बनाने और यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि कनेक्शन का उपयोग करने वाला व्यक्ति वास्तविक एवं वैध है. ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि विद्युत कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक एवं वैध उपभोक्ता है तथा वर्तमान में कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है. इस प्रक्रिया से विद्युत कंपनी को अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने के साथ वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी. उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं.

    उपभोक्ता “मोर बिजली मोबाइल ऐप” के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई केवाईसी कर सकते हैं. इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से ई-केवाईसी कराया जा सकता है, अथवा मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेगा. ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन से किया जा सकेगा.

    यदि किसी उपभोक्ता का नाम विद्युत कनेक्शन एवं आधार कार्ड में अलग है, तो पहले विद्युत कनेक्शन में नाम सुधार करना होगा, जिसके लिए केवल नाम में त्रुटि होने पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि मालिकाना हक में परिवर्तन होने पर नियमानुसार शुल्क और दस्तावेज देने होंगे. विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है और इसके लिए उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को राशि न दें. उपभोक्ता केवल अधिकृत माध्यमों से ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें और किसी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का उपयोग न करें.

  • लखनऊ में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, 18,957 शिकायतें बिना समाधान बंद; हजारों उपभोक्ताओं ने कराईं री-ओपन

    लखनऊ में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, 18,957 शिकायतें बिना समाधान बंद; हजारों उपभोक्ताओं ने कराईं री-ओपन

    लखनऊ 
    लाखों घरों पर लगे बिजली के स्मार्ट मीटरों ने एक बार फिर लोगों को छकाया है। प्रीपेड से पोस्ट पेड हो चुके इन स्मार्ट मीटरों से राहत मिलने की जगह लोगों को आफत झेलनी हो रही है। एक बार फिर हजारों लोगों की बिजली अचानक कट गई। इस बिजली कट के पीछे बिल बकाया होना कारण बताया गया। राजधानी लखनऊ में लेसा ने करीब 5 हजार स्मार्ट मीटर वाले बिजली कनेक्शन काट दिए। इस दौरान लखनऊ सेंट्रल में करीब 3500 से अधिक परिवार प्रभावित हुए। बिजली कनेक्शन कटते ही अफरातफरी मच गई।

    हुसैनगंज, अमीनाबाद और चौक सहित कई बिलिंग केंद्रों पर बकाया बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। बिल का पूरा भुगतान करने के बावजूद तकनीकी खामियों के चलते ऑटोमैटिक प्रणाली से बिजली कनेक्शन चालू नहीं हो सके। घंटों तक बिजली न आने से परेशान उपभोक्ता बर्लिंगटन चौराहे स्थित ओल्ड 1912 उपकेंद्र और लेसा कार्यालय पहुंच गए। वहां बिजली आपूर्ति बहाल न होने से नाराज लोगों ने विरोध जताया।

    तुरंत काटने की सुविधा तो तुरंत जुड़ता क्यों नहीं
    इस दौरान उपभोक्ताओं और लेसा कर्मचारियों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। उपभोक्ताओं का कहना था कि जब स्मार्ट मीटर तकनीक के जरिए तुरंत कनेक्शन काटने की सुविधा है, तो बिल जमा होने के बाद तुरंत आपूर्ति चालू क्यों नहीं की जा रही है? इससे कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन देर रात तक नहीं जुड़ सके। उमस भरी गर्मी में बच्चे, बुजुर्ग और मरीज घंटों बिना बिजली के रहने को मजबूर रहे। वहीं इस मामले में लेसा अधिकारियों का कहना है कि ईईएसएल मीटर में तकनीकी कारणों से री-कनेक्शन प्रक्रिया में थोड़ा समय लगा।

    समस्याओं के निस्तारण में घोर लापरवाही
    राजधानी में बिजली समस्याओं के समाधान को लेकर लेसा का लचर रवैया एक बार फिर उजागर हुआ है। मध्यांचल विद्युत निगम के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर मिले उपभोक्ता फीडबैक की समीक्षा बैठक में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जनसमस्याओं के निस्तारण में घोर लापरवाही बरती जा रही है।

    विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों ने कुल 18,957 शिकायतों का बिना किसी जमीनी समाधान के ही फर्जी निस्तारण दर्ज कर दिया। कागजी खानापूरी के इस खेल में अमौसी जोन के उपभोक्ता सबसे अधिक परेशान और खफा नजर आए।

    ज्यादातर मामलों में विभागीय कर्मियों ने उपभोक्ताओं से बिना कोई संपर्क किए और बिना तकनीकी खराबी दूर किए ही शिकायतों को पोर्टल पर क्लोज (बंद) दिखा दिया। इस फर्जीवाड़े से नाराज उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मजबूरी में शिकायतें दोबारा ‘रि-ओपन’ करानी पड़ीं। आंकड़ों के मुताबिक, अमौसी जोन में सबसे ज्यादा 6,892 मामले रि-ओपन हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र में शिकायतों को लेकर लीपापोती की गई है। जानकीपुरम जोन में 6,014 और गोमतीनगर जोन में 5,927 मामले दोबारा दर्ज किए गए। लखनऊ सेंट्रल जोन की स्थिति बेहतर रही, 124 शिकायतें ही रि-ओपन हुई हैं।

    अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार के अनुसार अधिकारियों को निर्देश हैं कि शिकायतों का नियम संगत निस्तारण करें। फर्जी तरीके से निस्तारण किया है तो पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

    बिजली सप्लाई से लेकर स्मार्ट मीटर की शिकायत
    उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों में मुख्य रूप से अनियोजित बिजली कटौती, सप्लाई में खराबी, गलत और बढ़े हुए बिजली बिल, मीटर से जुड़ी तकनीकी कमियां तथा नए स्मार्ट मीटरों से उत्पन्न आ रही परेशानियां शामिल हैं। निगम स्तर पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों की इस कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया गया है। शिकायत दर्ज होने के बाद जब उपभोक्ता से फीडबैक लिया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना निस्तारण के ही केस क्लोज दिखाया जा रहा है। उच्चाधिकारियों ने लापरवाही बरतने वाले अफसरों और कर्मियों को चेतावनी देते हुए सभी रि-ओपन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर पारदर्शी समाधान करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

  • खनन कानून से झारखंड को बड़ा राजस्व झटका, मंईयां सम्मान समेत कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर

    खनन कानून से झारखंड को बड़ा राजस्व झटका, मंईयां सम्मान समेत कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर

    रांची
    झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में एक साथ पूरे राज्य की महिलाओं के खाते में पैसा डालने की योजना फिलहाल अधर में है। सितंबर-अक्टूबर से हर महीने एक विशेष दिन को ‘मंईयां सम्मान दिवस’ घोषित कर एक साथ राशि भेजने का विचार था, लेकिन अब यह संभव नहीं दिख रहा।

    फिलहाल पैसा पहले की तरह अलग-अलग जिलों में महिलाओं के खातों में जाएगा। योजना में कोई अन्य परिवर्तन नहीं होगा और झारखंड सरकार का प्रयास है कि पूर्व की भांति महिलाओं को नियमित रूप से सम्मान राशि मिलती रहे।

    वरिष्ठ पत्रकार राकेश परिहार बताते हैं कि राज्य सरकार का सबसे बड़ा पैसा इस योजना में जा रहा है। यह महिलाओं की जिंदगी में सकारातमक बदलाव रहा है। झामुमो सरकार की यह सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। मगर इस बजट पर गंभीर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

    केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में संसद से पारित खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill, 2026) के कारण राज्य सरकार को खनन से होने वाले अतिरिक्त राजस्व में भारी कमी का अनुमान है। इससे महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली सम्मान राशि प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

    योजना के तहत राज्य की करीब 51 लाख पात्र महिलाओं (18 से 50 वर्ष आयु वर्ग) को हर महीने 2,500 रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जा रहे हैं। यह राशि मुख्य रूप से झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड सेस एक्ट, 2024 के तहत खनिज-युक्त भूमि पर लगाए गए सेस से जुटाई जा रही थी।

    राज्य सरकार के अनुसार, इस सेस से सालाना करीब 11,000 से 14,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान था, जिसका बड़ा हिस्सा मंईयां सम्मान योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में इस्तेमाल होता था।

    नए संशोधन के बाद राज्य सरकारें खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर अपनी ओर से अतिरिक्त कर, उपकर या सेस नहीं लगा सकेंगी। राज्य सरकार का दावा है कि इससे हर साल 13,000-15,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।

    वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे राज्य के राजस्व पर बड़ा झटका बताया है और कहा है कि इससे मंईयां सम्मान योजना समेत अन्य कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में इस कानून को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 14,065 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इससे पहले भी अनुपूरक बजट में बड़ी राशि आवंटित की जा चुकी है।

    सत्ता पक्ष का आंदोलन और आर्थिक नाकेबंदी की तैयारी
    सत्ताधारी झामुमो-कांग्रेस गठबंधन केंद्र के खिलाफ जोरदार आंदोलन चला रहा है। झामुमो ने चेतावनी दी है कि अगर बिल वापस नहीं लिया गया तो चरणबद्ध तरीके से जन जागरण, बंद और अंत में खनिजों की आर्थिक नाकेबंदी की जा सकती है।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि खनन राजस्व राज्य के अपने गैर-कर राजस्व का करीब 85 प्रतिशत है और इसमें कटौती से विकास तथा कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होंगी।

    केंद्र सरकार का पक्ष है कि खनन से होने वाले कुल राजस्व का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा अब भी राज्यों को ही मिलता रहेगा और नए कानून से राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में स्थिरता और पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है।

    राज्य सरकार कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से अपना अधिकार बचाने पर जोर दे रही है। योजना की निरंतरता और महिलाओं को समय पर राशि मिलने पर नजर बनी हुई है।