Category: राज्य

  • यमुनानगर में 60 लाख से ज्यादा पेड़, पॉपुलर-सफेदा की 88% हिस्सेदारी; 507 बुजुर्ग पेड़ों को मिल रही पेंशन

    यमुनानगर में 60 लाख से ज्यादा पेड़, पॉपुलर-सफेदा की 88% हिस्सेदारी; 507 बुजुर्ग पेड़ों को मिल रही पेंशन

    यमुनानगर
    जिले की हरियाली का बोझ गांव उठा रहे हैं। राज्य में जंगलों से बाहर करीब 4.01 करोड़ पेड़ हैं। इनमें अकेले जिले के 60 लाख 94 हजार 153 पेड़ हैं। कुल पेड़ों में जिले की हिस्सेदारी करीब 14.86 प्रतिशत है।

    यानी राज्य के जंगलों से बाहर दर्ज करीब हर सातवां पेड़ यमुनानगर में है। लेकिन जिले की इस हरियाली का बड़ा हिस्सा गांवों में है। 490 पंचायतों में 59 लाख 97 हजार 412 पेड़ दर्ज हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में सिर्फ 96 हजार 474 पेड़ हैं।

    कुल पेड़ों में ग्रामीण हिस्सेदारी 98.41 प्रतिशत और शहरी हिस्सेदारी महज 1.58 प्रतिशत है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के पेड़ों की संख्या में करीब 62 गुना का अंतर है। आंकड़े शहरों में हरियाली बढ़ाने की बड़ी चुनौती सामने रखते हैं।

    आंकड़ों में यमुनानगर प्रदेश में सबसे अधिक पेड़ों वाला जिला है। प्रदेश के कुल पेड़ों में 14.86 प्रतिशत हिस्सेदारी इसे हरियाली के मामले में अलग स्थान देती है। इसके बावजूद शहरों में पेड़ों की कम संख्या चिंता और चितंन का विषय है।

    जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1756 वर्ग किलोमीटर यानी 4 लाख 33 हजार 916 एकड़ है। 25 हजार एकड़ क्षेत्र कलेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव प्राणी विहार का है। निजी क्षेत्र को शामिल करने पर जिले के 18.55 प्रतिशत क्षेत्र में वन क्षेत्र आता है। वन क्षेत्र के मामले में प्रदेश में पंचकूला के बाद यमुनानगर दूसरे स्थान पर है।/B

    पौधे लगाने से ज्यादा बड़ी चुनौती बचाना
    हर साल पौधारोपण अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद पौधों को बचाना चुनौती बना हुआ है। पौधों की बचत दर 65 से 70 प्रतिशत है। यानी 100 पौधे लगाने पर करीब 30 से 35 पौधे जीवित नहीं रह पाते। इस बार बचत दर 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मौजूदा अधिकतम बचत दर से 20 प्रतिशत अंक का सुधार करना होगा।

    कलेसर में आयोजित 74वें वन महोत्सव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को पौधों की बचत दर 90 प्रतिशत करने के निर्देश दिए थे। लोगों से पौधे लगाने के बाद पांच साल तक उनकी देखरेख करने की अपील भी की थी।

    15 नर्सरियों में तैयार हुए 16.40 लाख पौधे
    जिले में वन विभाग की 15 नर्सरियां हैं। वर्ष 2025-26 में करीब 16 लाख 40 हजार 767 पौधों की आपूर्ति की जा रही है। इनमें क्लोन यूके प्लांट के 10 लाख 23 हजार 115, सरकारी भूमि के लिए 2 लाख 62 हजार 652, किसानों को निशुल्क देने के लिए 75 हजार, जल शक्ति अभियान के लिए दो लाख और पौधागिरी के 80 हजार पौधे शामिल हैं। वर्ष 2024-25 में कुल 22 लाख 50 हजार 808 पौधों की आपूर्ति हुई थी। पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 27.10 प्रतिशत कम है।

    जिले में पापुलर और सफेदा की संख्या सबसे ज्यादा है। पापुलर के 42 लाख 56 हजार 654 पेड़ हैं। यह कुल पेड़ों का 69.86 प्रतिशत है। सफेदा के 11 लाख 39 हजार 557 पेड़ हैं। इनकी हिस्सेदारी 18.70 प्रतिशत है। दोनों प्रजातियों को मिलाकर 53 लाख 96 हजार 211 पेड़ हैं।

    यानी जिले के कुल पेड़ों में करीब 88.54 प्रतिशत हिस्सेदारी पापुलर और सफेदा की है। प्लाईवुड उद्योग के कारण किसान इन दोनों प्रजातियों की खेती बड़े स्तर पर करते हैं। यमुना नदी के आसपास की परिस्थितियां भी इनके लिए अनुकूल हैं। ये पेड़ करीब तीन से चार साल में तैयार हो जाते हैं।

    75 वर्ष पुराने 507 पेड़ों को पेंशन
    नए पौधे लगाने के साथ पुराने पेड़ों के संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। प्राण वायु देवता योजना के तहत जिले में 75 वर्ष पुराने 507 पेड़ों का चयन किया गया है। इनके संरक्षण के लिए प्रति पेड़ तीन हजार रुपये सालाना पेंशन दी जा रही है। इस हिसाब पेड़ों के संरक्षण पर सालाना 15 लाख 21 हजार रुपये की पेंशन दी जा रही है। योजना में पेड़ों के चयन के मामले में यमुनानगर प्रदेश में रेवाड़ी के बाद दूसरे स्थान पर है।

    शहरों की हरियाली बढ़ाने पर विशेष जोर
    प्रदेश सरकार ने इस बार पौधारोपण के साथ शहरी वानिकी पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कलेसर में आयोजित वन महोत्सव में शहरों में हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष योजनाओं का उल्लेख किया था। 

    वन रक्षा दल के महासचिव चौधरी बलबीर सिंह व सदस्य रविंद्र गुर्जर का कहना है कि पौधा लगाना शुरुआत है, लेकिन असली काम उसे बचाना है। नियमित देखरेख और सुरक्षा की व्यवस्था हो तो बचत दर बढ़ाई जा सकती है। 

    आंकड़ों में यमुनानगर की हरियाली
    आंकड़ा श्रेणी                                                                      विवरण / संख्या
    कुल पेड़                                                                              60,94,153
    हरियाणा में जंगलों से बाहर कुल पेड़                                           करीब 4.01 करोड़
    प्रदेश के कुल पेड़ों में यमुनानगर की हिस्सेदारी                              करीब 14.86%
    ग्रामीण क्षेत्र के पेड़                                                                   59,97,412 (98.41%)
    शहरी क्षेत्र के पेड़                                                                     96,474 (1.58%)
    ग्रामीण-शहरी पेड़ों का अनुपात                                               करीब 62 गुना
    कुल भौगोलिक क्षेत्रफल                                                        4,33,916 एकड़
    कलेसर राष्ट्रीय उद्यान व वन्यजीव प्राणी विहार                           25,000 एकड़
    वन क्षेत्र                                                                            18.55%
    वन विभाग की नर्सरियां                                                        15
    पौधा आपूर्ति में एक साल में कमी                                     6,10,041 पौधे (27.10% की कमी)
    वर्तमान पौधा बचत दर                                                 65% से 70%
    इस बार पौधा बचत का लक्ष्य                                         90%
    प्रदेश में पौधारोपण का कुल लक्ष्य                                    2.10 करोड़ से अधिक
    प्राण वायु देवता योजना (वृद्ध पेड़)                                     507 पेड़ (₹3,000/वर्ष प्रति पेड़, कुल ₹15.21 लाख सालाना)

    प्रमुख प्रजातियों के पेड़ों की हिस्सेदारी
    पेड़ की प्रजाति     संख्या     हिस्सेदारी (%)
    पापुलर     42,56,654     69.86%
    सफेदा     11,39,557     18.70%
    मिक्स     4,59,228     7.53%
    आम     81,507     1.34%
    शीशम     71,476     1.17%
    जामुन     31,707     0.52%
    पापड़ी     14,664     0.24%
    नीम     12,609     0.21%
    अमरूद     11,112     0.18%
    आंवला     5,901     0.10%
    किकर     4,619     0.08%
    पीपल     2,957     0.05%
    पिलखन     1,890     0.03%
    बरगद     272     0.004%

    पौधों की आपूर्ति (वर्षवार तुलना)
    श्रेणी                           2024-25     2025-26
    क्लोन यूके प्लांट            13,37,050     10,23,115
    सरकारी भूमि के लिए     3,58,758     2,62,652
    किसानों को निशुल्क      75,000     75,000
    जल शक्ति अभियान      4,00,000     2,00,0

     

  • पंजाब यूनिवर्सिटी में भगवा लहराया, युवाओं के रुझान ने विधानसभा चुनाव के लिए दिए नए संकेत

    पंजाब यूनिवर्सिटी में भगवा लहराया, युवाओं के रुझान ने विधानसभा चुनाव के लिए दिए नए संकेत

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधान सभा चुनाव से पहले पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ के हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने लगातार दूसरी बार अपनी जीत का परचम लहराया है।

    चुनाव भले ही छात्र संघ के हो लेकिन भाजपा ने विरोधी पार्टी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। क्योंकि पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव से पंजाब के युवा मतदाताओं के मूड का अंदाजा लगता है। यूनिवर्सिटी में करीब 65 फीसदी छात्र पंजाब के विभिन्न जिलों व विभिन्न वर्गों से जुड़े हुए हैं। एबीवीपी के अंकित बिढान ने अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी आप के छात्र संघ एएसएपी के आदिल बराड़ को 506 वोटों से हराया। अंकित को 3149 तो आदिल को 2637 वोट मिले। जबकि एनएसयूआई के प्रत्याशी गुरमन सिद्धू को 2263 वोट मिले।

    छात्र संघ चुनाव में भाजपा की जीत से पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की चिंताएं इसलिए भी बढ़ी हैं क्योंकि 31 अगस्त को मतदान से ठीक एक दिन पहले एबीवीपी और शिरोमणि अकाली दल की इकाई सोई का गठबंधन हो गया था। पंजाब में भले ही भाजपा अपने दम पर 117 विधान सभा सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रही हो लेकिन विपक्षी पार्टियां हमेशा ही इस आशंका में रहती हैं की चुनाव से पहले दोनों पार्टियों का गठबंधन संभव है।

    युवा शक्ति पर अटूट विश्वास का प्रमाण –
    ""पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में @ABVPVoice की शानदार जीत पर परिषद् के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। लगातार दूसरी बार मिली यह जीत युवा शक्ति के राष्ट्र प्रथम की विचारधारा पर अटूट विश्वास का प्रमाण है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि परिषद् के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद जी के…""
    — Amit Shah (@AmitShah)

  • बारिश को तरसा पंजाब! अगस्त में 39 फीसदी कम बरसात, जल्द राहत मिलने की संभावना

    बारिश को तरसा पंजाब! अगस्त में 39 फीसदी कम बरसात, जल्द राहत मिलने की संभावना

    अमृतसर
     पंजाब में मानसून का प्रदर्शन अगस्त में भी निराशाजनक रहा। पूरे महीने प्रदेश में सामान्य से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। अगस्त में सामान्य बारिश 146.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 88.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले जून से अगस्त तक भी पंजाब में बारिश की कमी बनी हुई है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 31 अगस्त तक पंजाब में सामान्य 362.1 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 230.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस तरह इस अवधि में बारिश करीब 36 प्रतिशत कम रही। लगातार कम बारिश से कृषि और भूजल को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

    उधर, 31 अगस्त के जारी आंकड़ों के अनुसार को प्रदेश में मौसम अधिकांश हिस्सों में शुष्क रहा। केवल पठानकोट में 3.5 मिलीमीटर और थीन बांध क्षेत्र में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा, लेकिन यह सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे अधिक 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    आज राहत नहीं, लेकिन जल्द बरसेंगे बादल
    1 सितंबर: मौसम विभाग के अनुसार एक सितंबर को प्रदेश में किसी तरह की चेतावनी नहीं है। हिमाचल से सटे कुछ जिलों में हल्की-फुल्की बारिश होने की संभावनाएं हैं।

    2 सितंबर: मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इस दिन पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और साहिबजादा अजीत सिंह नगर में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    3 सितंबर: इन जिलों के साथ पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश की चेतावनी रहेगी। अन्य जिलों के लिए इन दिनों कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। जबकि अन्य जिलों में हल्की फुल्की बारिश होने के आसार हैं।

    4 सितंबर: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश की चेतावनी रहेगी। अन्य जिलों में मौसम सामान्य बना रहने का अनुमान है।

    38 के पार पहुंचा तापमान
    भारत मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ द्वारा जारी 31 अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब का औसत अधिकतम तापमान बीते दिन की तुलना में 0.6°C कम रहा है, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 1.8°C अधिक बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फरीदकोट में 38.8°C दर्ज किया गया, जबकि प्रमुख शहरों में पटियाला में 35.7°C (सामान्य से 2.2°C अधिक), अमृतसर में 35.5°C, चंडीगढ़ व लुधियाना में 35.0°C, मोहाली में 34.1°C और जालंधर में 32.6°C तापमान रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर और पूर्वी पंजाब के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे क्षेत्रों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, प्रदेश में मानसून की कुल कमी को देखते हुए कुछ दिनों की बारिश से स्थिति में बड़ा बदलाव आने की संभावना सीमित है।

  • अखिलेश यादव को लेकर SP MLC का अजीब बयान, ‘कुत्ते के गले में घंटी’ वाली टिप्पणी से सियासी घमासान

    अखिलेश यादव को लेकर SP MLC का अजीब बयान, ‘कुत्ते के गले में घंटी’ वाली टिप्पणी से सियासी घमासान

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं की तरफ से अजीबोगरीब बयान दिए जा रहे हैं. इसी बीच शिक्षकों की बैठक में सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने विवादित बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि “अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो उसी को वोट देना है”.  उनके इस बयान पर सियासत गरमा गई और लोग सवाल भी उठा रहे हैं. हालांकि इस बयान पर पार्टी बचाव में उतर आई है। 

    सपा बोली, ये उनका निजी बयान
    समाजवादी पार्टी (SP) एमएलसी लाल बिहारी यादव के बयान पर पार्टी बचाव में उतर आई है. सपा नेता दीपक रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास रिकॉर्ड है. किसने क्या कहा? क्या नहीं उस पर नहीं जाना है और यह उनके व्यक्तिगत बयान हो सकते हैं। 

    वहीं इस बयान पर बीजेपी ने सपा को घेरा है और सवाल उठाया है. बीजेपी नेता आलोक अवस्थी ने कहा कि शीघ्र ही सपा ऑफिस के बाहर तमाम कुत्ते पट्टा बांधकर खड़े होंगे. इससे बड़ा अपमान लोकतंत्र का कोई नहीं कर सकता है. अब चुनाव में जनता जवाब देगी। 

    सपा MLC ने क्या कहा?
    दरअसल, नेहरू हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि "अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में घंटी बांध दें तो हम सभी को वोट उसी को देना है।" उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

    एमएलसी चुनाव को लेकर हुई बैठक
    दरअसल, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से शिक्षकों के साथ बैठक और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी नेताओं ने शिक्षकों से संवाद करते हुए आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटाने की रणनीति पर चर्चा की। इसी कार्यक्रम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव का उक्त बयान सुनाई दे रहा है।

    2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षकों पर नजर
    भाजपा, सपा और बसपा समेत कई दल यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं। सपा के इस कार्यक्रम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी लगातार विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और संपर्क अभियान के जरिए अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं, लाल बिहारी यादव के बयान का वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, बयान को लेकर एमएलसी या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

    कांग्रेस भी बचाव में उतरी
    कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत भी सपा एमएलसी के बचाव में उतर आए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को बयान पर क्या दिक्कत? बीजेपी के नेता आपस में ही भिड़ रहे हैं. लेकिन इन्हें दिक्कत दूसरी पार्टी के नेताओं से है। 

    सपा ने तेज की विधानसभा चुनाव की तैयारियां
    उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ऐलान के बाद आज से पार्टी बूथ स्तर पर प्रचार अभियान शुरू करेगी. कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर जनता से संवाद करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे. पार्टी का फोकस बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और चुनावी रणनीति पर रहेगा। 

  • थर्मल प्लांटों का कोयला भंडार घटा, पंजाब में बिजली कटौती ने उद्योगों की बढ़ाई चिंता

    थर्मल प्लांटों का कोयला भंडार घटा, पंजाब में बिजली कटौती ने उद्योगों की बढ़ाई चिंता

    पटियाला 
    पंजाब में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच थर्मल प्लांटों में कोयले का स्टॉक घट गया है। प्रदेश के पांच थर्मल प्लांटों में से चार में सिर्फ 8 से 15 दिन का कोयला बचा है। इनमें तलवंडी साबो में आठ, राजपुरा में 10, गोइंदवाल में 11 और लहरा मुहब्बत में 15 दिन का स्टॉक है। रोपड़ में 29 दिन का कोयला उपलब्ध है।

    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के नियमों के मुताबिक 1000 किलोमीटर से अधिक दूरी की कोयला खदानों से आपूर्ति पाने वाले थर्मल प्लांटों में 30 दिन का कोयला स्टॉक होना चाहिए। मानसून से पहले ऐसे प्लांटों में 21 दिन का स्टॉक होना चाहिए। पंजाब को कोयला 1300 से 1900 किलोमीटर दूर स्थित खदानों से मिलता है। ऐसे में मौजूदा स्टॉक तय मानक से काफी कम है।

    कोयला उत्पादक राज्यों ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी मानसूनी बारिश के कारण खनन प्रभावित होने और कोयले का परिवहन धीमा होने को सप्लाई में कमी की वजह बताया जा रहा है। पावरकाम के डायरेक्टर (उत्पादन) पुन्नरदीप सिंह बराड़ ने बताया कि कोयले की सप्लाई तेज कराने के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।

    इधर, सोमवार को पंजाब में बिजली की मांग 16,467 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 2025 में इसी दिन मांग 8,090 मेगावाट थी, यानी इस बार 8,377 मेगावाट ज्यादा मांग रही। 2024 में इसी दिन मांग 12,093 मेगावाट दर्ज की गई थी।

    रिकॉर्ड मांग के मुकाबले पावरकाम के अपने सभी स्रोतों से सिर्फ 4,833 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मलों से 839, हाइडल प्रोजेक्टों से 720 और निजी थर्मलों से 2,941 मेगावाट बिजली मिली। मांग पूरी करने के लिए पावरकाम ने पावर ग्रिड से 11,623 मेगावाट बिजली ली।

    अभी तक पांच यूनिट बंद, 1130 मेगावाट उत्पादन ठप
    रोपड़ के यूनिट नंबर 4 और 5 तथा लहरा मुहब्बत के यूनिट नंबर 1, 3 और 4 तकनीकी समस्या के कारण बंद हैं। इनसे कुल 1130 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित है। इसके अलावा रणजीत सागर बांध के दो और यूबीडीसी प्रोजेक्ट के तीन यूनिट बंद हैं, जिससे करीब 345 मेगावाट उत्पादन ठप है। भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांधों में पिछले साल के मुकाबले पानी का स्तर भी कम है, जिससे हाइडल उत्पादन प्रभावित हुआ है। 

    बिजली की कमी के चलते पावरकाम ने उद्योगों में रोटेशन के आधार पर साढ़े चार घंटे तक के कट लगाए। यदि कोयले की सप्लाई और बंद यूनिटों की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो बिजली उपलब्धता पर दबाव बना रहेगा।

    किस थर्मल में कितना कोयला
    तलवंडी साबो (1980 मेगावाट)  – 8 दिन
    राजपुरा (1400 मेगावाट) – 10 दिन
    गोइंदवाल (540 मेगावाट) – 11 दिन
    लहरा मुहब्बत (920 मेगावाट) – 15 दिन
    रोपड़ (840 मेगावाट) – 29 दिन 

  • NEP-2020 के अनुरूप बदलेगा बिहार का PG सिलेबस, हर सेमेस्टर में 22 क्रेडिट की समान व्यवस्था

    NEP-2020 के अनुरूप बदलेगा बिहार का PG सिलेबस, हर सेमेस्टर में 22 क्रेडिट की समान व्यवस्था

     पटना
    प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए अब एकसमान पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। इसके लिए बिहार लोक भवन में मंगलवार से छह दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें दो वर्षीय पीजी के तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर तथा एक वर्षीय पीजी के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर का पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। 

    यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 और यूजीसी के दिशा-निर्देश के अनुरूप की जा रही है। इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्य के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों से 150 से अधिक विषय विशेषज्ञों और शिक्षकों को लोक भवन में बुलाया गया है। 

    इस दौरान राज्य के विश्वविद्यालयों में संचालित हो रहे सभी 46 स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे।

    प्रत्येक सेमेस्टर में होगी 22 क्रेडिट की समान व्यवस्था
    नए पाठ्यक्रम में प्रत्येक सेमेस्टर के लिए 22 क्रेडिट की समान व्यवस्था होगी तथा विद्यार्थियों को अपनी रुचि और भविष्य की जरूरत के अनुसार विषय चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे। तृतीय सेमेस्टर में विषय से जुड़े वैकल्पिक और कौशल विकास के पाठ्यक्रम के साथ शोध का विकल्प भी होगा। 

    चतुर्थ सेमेस्टर में विद्यार्थी विशेष विषयों की पढ़ाई, शोध परियोजना या शोध आधारित पाठ्यक्रम में से विकल्प चुन सकेंगे। दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्नातकोत्तर पीजी शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करना और सभी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम में एकरूपता लाना है। 

    नए पाठ्यक्रम में विषय की गहरी जानकारी के साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी जोर दिया जाएगा। इसे बिहार में लागू चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि स्नातक के बाद स्नातकोत्तर की पढ़ाई में बेहतर तालमेल बना रहे।

  • रांची समेत झारखंड में झमाझम बारिश, पलामू-गढ़वा समेत 7 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी

    रांची समेत झारखंड में झमाझम बारिश, पलामू-गढ़वा समेत 7 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी

    रांची
    राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में एक बार फिर सक्रिय मानसून का असर देखने को मिल रहा है। सोमवार से शुरू शुरू हुई फुहारें मंगलवार तक जारी हैं। इस वर्षा ने जहां शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या खड़ी कर दी है तो वहीं किसानी को नया जीवन दिया है। किसान खेतों की ओर जाने लगे हैं। 

    विशेषकर राज्य के उत्तर पश्चिमी हिस्से यानी पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा समेत आसपास के जिलों में तो निराश हो चुके किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। 

    बता दें कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में वर्षा का दौर जारी है। मौसम विभाग ने एक सितंबर को रांची समेत राज्य के लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा की संभावना जताई है।

    इन जिलों में भारी वर्षा की है संभावना 
    मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, दो, तीन और चार सितंबर को भी राज्य के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है। 

    इधर, सोमवार को राजधानी रांची में दिनभर रुक-रुककर वर्षा होती रही। देर शाम भी वर्षा का सिलसिला जारी रहा। रांची में करीब 13 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    महुआडांड में 171 मिमी वर्षा
    पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा हुई। सबसे अधिक 171 मिमी वर्षा लातेहार के महुआडांड में दर्ज की गई। इसके अलावा डुमरिया में 112.2 मिमी, मझगांव में 95.4 मिमी, चाकुलिया में 92.4 मिमी और मुसाबनी में 80.2 मिमी वर्षा हुई। वहीं, लोहरदगा में 41 मिमी, जमशेदपुर में 49 मिमी और चाईबासा में 29.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

     

  • हरियाणा के गेस्ट टीचर्स के लिए बड़ी खबर! CM सैनी संग हाई-लेवल मीटिंग के बाद जगी उम्मीद

    हरियाणा के गेस्ट टीचर्स के लिए बड़ी खबर! CM सैनी संग हाई-लेवल मीटिंग के बाद जगी उम्मीद

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोमवार देर रात अतिथि अध्यापकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक हाई लेवल मीटिंग की।

    विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद विधानसभा सचिवालय के भीतर आधी रात तक चली इस बैठक के बाद से ही गेस्ट टीचर्स को पक्का किए जाने को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

    शिक्षा मंत्री भी थे शामिल
    इस बैठक में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अतिथि अध्यापकों के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष गेस्ट टीचर्स का पूरा मुद्दा प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने मामले पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया है कि जल्द ही अधिकारियों के साथ एक औपचारिक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस समस्या के अंतिम समाधान पर फैसला लिया जाएगा।

    2014 की नीति की सभी शर्तें पूरी करते हैं गेस्ट टीचर
    प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गेस्ट टीचर्स 2014 की नीति के तहत तय सभी नियमों और शर्तों को पूरा करते हैं। डॉ. लोहान के अनुसार, कॉलेज लेक्चरर और गेस्ट टीचर्स के नियम व शर्तें बिल्कुल एक समान थीं। कॉलेज लेक्चरर 2014 में ही पक्के किए जा चुके हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर आज भी अपने नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं।

    उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में बीजेपी ने सरकार बनने पर पहली कलम से गेस्ट टीचर्स को नियमित करने का वादा किया था। अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे लगातार उनकी मांगों को लेकर गंभीर हैं और मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सकारात्मक रुख के बाद अब हजारों गेस्ट टीचर्स में जल्द पक्के होने की उम्मीद जग गई है।

  • FIR के विरोध में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस ने खोला मोर्चा

    FIR के विरोध में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस ने खोला मोर्चा

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के अनुसूचित जाति विंग ने मंगलवार को राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका और राज्यपाल से मिलने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गवर्नर हाउस जाने से रोका, जिससे टकराव की स्थिति बन गई।

    कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कांग्रेसी सड़क पर ही बैठ गए। वे राज्यपाल से मिलने के लिए लोक भवन जाने की जिद पर अड़े रहे। पंजाब कांग्रेस के कार्यवाहक प्रधान राजकुमार वेरका ने कहा कि वे शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल से मिलना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया।

    पुलिस से टकराव और हिरासत
    प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर हाउस की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करने पर पुलिस ने कांग्रेसियों को खदेड़ा। आगे बढ़ने की कोशिश के चलते पुलिस ने कुछ कांग्रेसियों को हिरासत में लिया और उन्हें थाना 11 ले जाया गया।

    राहुल गांधी के खिलाफ मामले का विरोध
    यह प्रदर्शन राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले के विरोध में आयोजित किया गया था। राजकुमार वेरका ने कहा कि राहुल गांधी ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मुद्दे को उठाने वाले के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। कांग्रेस का कहना है कि वे इस कार्रवाई का विरोध जारी रखेंगे। 

  • अमृतसर में तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा, 1.54 किलो नशे के साथ जाली नोट भी मिले

    अमृतसर में तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा, 1.54 किलो नशे के साथ जाली नोट भी मिले

    अमृतसर 

    भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे अमृतसर के इलाकों में BSF और पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। अलग-अलग मामलों में कुल 1 किलो 54 ग्राम ड्रग्स और करीब एक लाख 98 हजार रुपए की जाली भारतीय करंसी बरामद की गई। इस दौरान एक नशा तस्कर को भी गिरफ्तार किया। 

    BSF की 181 बटालियन के जवानों ने सोमवार देर रात बीओपी काहनगढ़ इलाके में तलाशी के दौरान एक पैकेट बरामद किया। जांच करने पर पैकेट से 577 ग्राम आइस ड्रग यानी क्रिस्टल मेथ बरामद हुई। BSF के कंपनी कमांडर राकेश नेगी की शिकायत पर घरिंडा पुलिस ने अज्ञात तस्कर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दाओके से 1.98 लाख की जाली करंसी मिली
    इसी क्षेत्र में BSF ने एक अन्य कार्रवाई के दौरान बीओपी दाओके के पास से 1 लाख 98 हजार रुपए की जाली भारतीय करंसी बरामद की। कंपनी कमांडर रमेश चंद्र शाह की शिकायत पर घरिंडा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली करंसी सीमा पार से किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई।

    बुर्ज में 766 ग्राम अफीम बरामद
    वहीं, भिंडीसैदा थाना क्षेत्र में BSF की 45 बटालियन ने गांव बुर्ज के बाहर एक संदिग्ध लावारिस पैकेट बरामद किया। तलाशी लेने पर उसमें से 766 ग्राम अफीम मिली। कंपनी कमांडर विकास शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात तस्कर के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    लोपोके में 205 ग्राम हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार
    इसके अलावा, लोपोके पुलिस ने लिंक रोड हेतमपुरा के पास गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली। आरोपी की पहचान लोधी गुज्जर निवासी गुरमेज सिंह के रूप में हुई। उसके कब्जे से 205 ग्राम हेरोइन और 1,200 रुपए की ड्रग मनी बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।