Category: राज्य

  • जेलों में नशे की बढ़ती समस्या पर हाईकोर्ट का बड़ा कदम, हर हफ्ते होगी नशेड़ी कैदियों के मामलों की सुनवाई

    जेलों में नशे की बढ़ती समस्या पर हाईकोर्ट का बड़ा कदम, हर हफ्ते होगी नशेड़ी कैदियों के मामलों की सुनवाई

    चंडीगढ़ 
    पंजाब सरकार की ओर से दाखिल स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की जेलों में 35,449 कैदियों में से 15,768 नशे पर निर्भर हैं। यानी करीब 44 प्रतिशत कैदी नशे के आदी हैं। हाईकोर्ट ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे गंभीर स्थिति और क्या होगी। सरकार को कैदियों को नशे की निर्भरता से बाहर निकालने के लिए प्रभावी नीति को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

    अदालत ने कहा कि नशे पर निर्भर कैदियों में बड़ी संख्या युवाओं की है। ऐसे में सवाल है कि उन्हें इस निर्भरता से बाहर निकालने के लिए क्या नीति अपनाई जा सकती है। आंकड़ों के अनुसार अमृतसर जेल में 4,918 कैदियों में से 2,124 नशे पर निर्भर हैं। बठिंडा जेल में 1,978 कैदियों में 1,064 नशे के आदी हैं।

    एक जेल में 69% कैदी उपचार के तहत
    मामला हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद सुनवाई में आया। मानसा सत्र मंडल के प्रशासनिक न्यायाधीश की रिपोर्ट में जेलों में नशे की समस्या और उपचार की स्थिति सामने आई थी। एक जेल में 767 कैदियों में 530 बाह्य रोगी ओपिओइड उपचार केंद्र से जुड़े मिले। यह संख्या करीब 69 प्रतिशत है।
    अदालत ने कहा कि नशे पर निर्भर कैदियों को अचानक दवा नहीं मिलने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। हालांकि इसका समाधान तलाशना होगा। कैदियों को हमेशा इस स्थिति में नहीं छोड़ा जा सकता। 

    हर सप्ताह होगी सुनवाई
    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की हर सप्ताह सुनवाई होगी। हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से उनकी जेलों में नशे पर निर्भर कैदियों का ब्योरा मांगा गया है। केंद्र सरकार को भी सहयोग करने को कहा गया है। अदालत ने केंद्र को पीजीआईएमईआर निदेशक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर आवश्यक सहायता लेने के निर्देश दिए हैं। 

  • Chandigarh Border पर किसान आंदोलन तेज, आईसर-जगतपुरा रोड की एक लेन बंद; पुलिस अलर्ट

    Chandigarh Border पर किसान आंदोलन तेज, आईसर-जगतपुरा रोड की एक लेन बंद; पुलिस अलर्ट

     चंडीगढ़ 

    मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का आज दूसरा दिन है। पंजाब के 32 किसान संगठनों की ओर से सात दिन के पक्के मोर्चे के ऐलान के बाद किसानों की संख्या में और इजाफा हुआ। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोर्चे पर पहुंच रहे हैं। 

    आईसर इंस्टीट्यूट से जगतपुरा की तरफ आने वाले मार्ग पर पुलिस ने एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया है। सड़क के एक हिस्से से ही दोनों ओर का ट्रैफिक निकाला जा रहा है। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।

    संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसानों ने शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली व्यस्त सड़क के एक किनारे अपने ट्रैक्टर-ट्रेलर खड़े कर दिए और धरने के लिए टेंट लगा लिए, जो 7 सितंबर तक चलेगा. जानकारी के अनुसार जैसे-जैसे शाम होगी, भीड़ बढ़ने की आशंका है क्योंकि सैकड़ों किसानों को राशन के साथ विरोध स्थल तक पहुंचाया जा रहा है। 

    चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा एसकेएम को सेक्टर 48 में एक विरोध स्थल आवंटित किया गया है, जहां प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने के लिए एक विशाल मंच बनाया गया था. इस आंदोलन की वजह से हवाई अड्डे की ओर जाने वाले लोगों को सात दिवसीय आंदोलन की शुरुआत के साथ ही मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि प्रदर्शनकारियों को दो लेन वाले राजमार्ग के एक तरफ अपने वाहन पार्क करने की अनुमति दी गई है। 

    मोहाली के उपायुक्त कोमल मित्तल ने कहा कि वे सड़क पर दोतरफा यातायात के एक तरफ को खुला रखने की कोशिश करेंगे. एसकेएम में 32 किसान संगठन शामिल हैं, जिनमें भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) राजवाल, कीर्ति किसान यूनियन और पंजाब किसान यूनियन शामिल हैं. हालांकि, एसकेएम की सहयोगी सदस्य बीकेयू उगराहन इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है। 

    एसकेएम अन्य मांगों के साथ-साथ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर पंजाब की नदी के जल से संबंधित सभी पूर्व समझौतों को रद्द करने, भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में राज्य के प्रतिनिधित्व की बहाली, बांध सुरक्षा अधिनियम को निरस्त करने और 2024 के आपदा प्रबंधन अधिनियम को वापस लेने की मांग कर रहा है। 

    पंजाब में, बीकेयू (उग्राहन) ने राज्य और केंद्र सरकारों के किसान विरोधी निर्णयों और नीतियों के खिलाफ 30 अगस्त को 17 जिलों में उपायुक्तों के कार्यालयों के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया. बीकेयू (उग्राहन) भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने, पंजाब की भूमि पूलिंग नीति को समाप्त करने, किरायेदार किसानों के स्वामित्व अधिकारों को समाप्त करने और किसानों और मजदूरों के लिए कृषि ऋणों की पूर्ण माफी की मांग कर रहा है। 

    32 किसान संगठनों के किसान पहुंचे मोर्चे पर
    पंजाब के 32 किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सात दिन तक चंडीगढ़ बॉर्डर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है। मंगलवार बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पहुंचे थे। सेक्टर-48 के पास ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ने के बाद पार्किंग की जगह कम पड़ गई। किसानों के मुताबिक, वे अपने मुद्दों को लेकर पहुंचे हैं। वहीं, पुलिस ने सेक्टर-48 की तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही रोकने के लिए बैरियर लगाए हैं।

    20 हजार से ज्यादा किसानों के पहुंचने का दावा
    किसान नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने दावा किया कि मोर्चे में 20 हजार से ज्यादा किसान पहुंच चुके हैं। फेज-11 स्थित कैंडी होटल में किसान नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। फेज-11 से जगतपुरा तक सड़क के एक हिस्से पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हैं। इसके चलते मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है।

    कई बड़े किसान नेता करेंगे संबोधित
    पक्के मोर्चे के दौरान किसान संगठनों के कई बड़े नेता मंच से किसानों को संबोधित करेंगे। इनमें बीकेयू-राजेवाल के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल, बीकेयू-टोंग के अध्यक्ष हरविंदर सिंह रंधावा, बीकेयू-डकोंदा के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल, बीकेयू-कादियां के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियां, बीकेयू-मशहूर के अध्यक्ष रेशम सिंह और एसकेएम पंजाब के अध्यक्ष परमजीत सिंह समेत कई नेता शामिल हैं। इसके अलावा राजिंदर सिंह घुमान, कुलवंत सिंह राजेवाल और हरिंदर सिंह लखोवाल समेत अन्य किसान नेता भी मोर्चे में मौजूद हैं।

    सरकार से मांगों पर जवाब मांग रहे किसान
    किसान नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों पर अब एक-एक मीटर का हिसाब देना होगा। आंदोलन में भारत-अमेरिका कृषि समझौते का विरोध, पानी से जुड़े मुद्दों का समाधान, नए कानूनों को लेकर मांगें और 500 रुपए प्रति क्विंटल की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। किसान संगठनों का कहना है कि सात दिन के पक्के मोर्चे के दौरान सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा।

  • Punjab Election 2027: चुनावी तैयारी तेज, दलों ने कसी कमर; AAP ने एक दिन में 507 कार्यकर्ताओं को दी जिम्मेदारी

    Punjab Election 2027: चुनावी तैयारी तेज, दलों ने कसी कमर; AAP ने एक दिन में 507 कार्यकर्ताओं को दी जिम्मेदारी

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की ओर से धड़ाधड़ नियुक्तियों का दौर जारी है। प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का जोश बढ़ाने के लिए पार्टियां उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंप रही हैं। दलों को इस बात का भलीभांति आभास है कि चुनाव केवल बड़े नेताओं और रैलियों से नहीं बल्कि बूथ स्तर की मशीनरी से जीते जाते हैं। 

    प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ता और जिम्मेदार पदाधिकारी होने से मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनती है। समर्थकों, नए मतदाताओं और प्रभावशाली स्थानीय समूहों से लगातार संपर्क रखा जा सकता है। पार्टी के प्रदेश स्तर के मुद्दों को गांव, वॉर्ड और बूथ तक पहुंचाने में संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इतना ही नहीं मतदान के दिन कार्यकर्ताओं की तैनाती, मतदाताओं से संपर्क और बूथ प्रबंधन के लिए मजबूत कैडर बेहद जरूरी है।

    इसी के मद्देनजर इन दिनों सभी राजनीतिक दलों के संगठन महासचिव व प्रभारी पूरी तरह सक्रिय है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष और प्रदेश संगठन महामंत्री श्रीनिवासलु मंथरी भी पिछले दिनों पंजाब के कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए थे। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा भी रिक्त पदों पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व आप के प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा व प्रभारी मनीष सिसोदिया भी बूथ स्तर तक अपना कैडर मजबूती देने में जुटे हैं। 

    संगठन मजबूती में दलों की कसरत
    -आम आदमी पार्टी लगातार विभिन्न प्रकोष्ठों के तहत अपनी नियुक्तियां कर रही हैं। 31 अगस्त को पार्टी ने 14 ब्लॉक प्रधान व यूथ विंग के 493 ब्लॉक समन्वयकों की नियुक्ति की।

    -शिरोमणि अकाली दल ने व्यापार व एससी सैल के हलका प्रधानों, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष, यूथ अकाली दल की कोर कमेटी, जिला प्रधान, आठ जिलों की जनरल काउंसिल के सदस्य, यूथ अकाली दल कार्यकारी अध्यक्ष, लोकसभा हलका प्रभारी व संगठन सचिव समेत अन्य पदों पर 188 नियुक्तियां की हैं।

    -पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की तैनाती के बाद पार्टी भी अपनी संगठनात्मक नियुक्तियों में इन दिनों व्यस्त है। विभिन्न मोर्चों के तहत पिछले कुछ दिनों में 94 संगठनात्मक नियुक्तियां हो चुकी हैं। इसके अलावा पंजाब में भाजपा ने 25,332 बूथों पर बूथ कमेटियां सक्रिय करनी हैं। हर बूथ पर 11 सक्रिय सदस्यों की टीम बनाने का लक्ष्य है। अभी 11 हजार से ज्यादा बूथों पर टीमें नहीं हैं। 6425 सब सर्किल और 622 सर्किल बनाए जाएंगे। 117 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक में पांच सर्किल होंगे। एक सर्किल के अधीन करीब 40 बूथ होंगे। 30 सितंबर तक संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने और 31 अक्तूबर तक बूथ कमेटियों को सक्रिय करने का लक्ष्य रखा गया है। हर बूथ पर करीब 250 लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की योजना है।

    -पंजाब कांग्रेस भी संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है। हालांकि पार्टी ने पिछले दिनों पांच ही नियुक्तियां की हैं। कांग्रेस भी पहली बार पंजाब में बूथ स्तर पर अपनी 11 सदस्यीय कमेटियां बना रही है। इस पर अभी काम जारी है। 

  • Punjab Police में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 अफसर इधर-उधर; जानें नई पोस्टिंग की पूरी लिस्ट

    Punjab Police में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 अफसर इधर-उधर; जानें नई पोस्टिंग की पूरी लिस्ट

    जालंधर
    पंजाब सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 8 आईपीएस और 12 पीपीएस अधिकारियों के तबादले व नई तैनातियां की हैं। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    आईपीएस अधिकारियों में गुरप्रीत सिंह भुल्लर को आईजी बॉर्डर रेंज, अमृतसर नियुक्त किया गया है। वह हरमनबीर सिंह की जगह लेंगे। हरमनबीर सिंह को अमृतसर का पुलिस आयुक्त बनाया गया है। वहीं भागीरथ सिंह मीणा को एआईजी पर्सनेल-1, सीपीओ पंजाब नियुक्त किया गया है।
    वरुण शर्मा को एसएसपी एसएएस नगर की जिम्मेदारी दी गई है जबकि वहां तैनात हरमनदीप सिंह हंस को एसएसपी पटियाला लगाया गया है। सूहैल कासिम मीर को एसएसपी बठिंडा नियुक्त किया गया है। बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव को 82वीं बटालियन पीएपी, चंडीगढ़ का कमांडेंट बनाया गया है। वैभव चौधरी को एसएसपी मानसा और हरमनबीर सिंह को अमृतसर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।

    पीपीएस अधिकारियों में हरकमलप्रीत सिंह खाख को एसएसपी मालेरकोटला नियुक्त किया गया है। गुरमीत सिंह को आईएसटीसी कपूरथला का कमांडेंट बनाया गया है। बलविंदर सिंह को एआईजी लॉ एंड ऑर्डर पंजाब, चंडीगढ़ नियुक्त किया गया है।

    दलजिंदर सिंह ढिल्लों को जालंधर का जोनल एआईजी सीआईडी बनाया गया है जबकि राजेश्वर सिंह को 7वीं बटालियन पीएपी जालंधर का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। मनप्रीत सिंह को एसएसपी पठानकोट लगाया गया है।

    इसके अलावा हरपाल सिंह डीसीपी इन्वेस्टिगेशन लुधियाना के पद पर बने रहेंगे। सर्विंदर कौर को एडीसीपी स्पेशल ब्रांच अमृतसर, हरपाल सिंह को एआईजी सीआईडी अमृतसर, तलविंदर सिंह गिल को एसपी इंटेलिजेंस विंग पंजाब और रमनदीप सिंह को एसपी ट्रैफिक एसएएस नगर नियुक्त किया गया है। नवनीत कौर गिल को एसपी स्पेशल ब्रांच होशियारपुर लगाया गया है।
    गुरप्रीत सिंह भुल्लर को आईजी बॉर्डर रेंज, अमृतसर नियुक्त किया गया है। वह हरमनबीर सिंह की जगह लेंगे। हरमनबीर सिंह को अमृतसर का पुलिस आयुक्त बनाया गया है।  

  • संत समिति ने अखिलेश यादव को घेरा, CM योगी के वीडियो को लेकर लगाए सनातन विरोधी मानसिकता के आरोप

    संत समिति ने अखिलेश यादव को घेरा, CM योगी के वीडियो को लेकर लगाए सनातन विरोधी मानसिकता के आरोप

    संत समिति का अखिलेश यादव पर तीखा हमला : CM योगी के वीडियो को बताया सनातन पर कुठाराघात

    – स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा- चुनाव प्रचार करें लेकिन सनातन संस्कृति और परंपराओं पर प्रहार स्वीकार नहीं

    वाराणसी
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से जारी AI वीडियो पर संत समाज की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने इस वीडियो की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे सनातन धर्म, संत परंपरा और संस्कृति पर कुठाराघात बताते हुए कहा कि इस तरह का प्रचार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकता है।

    स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि AI तकनीक का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और राजनीतिक विरोध के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसकी आड़ में सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक प्रतीकों का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

    उन्होंने वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिखाधारी ब्राह्मण के रूप में नोट गिनते और कथित तौर पर गांजा-चिलम का सेवन करते दिखाए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि संत परंपरा से भी जुड़े हैं। ऐसे में उनकी छवि को इस तरह प्रस्तुत करना राजनीतिक आलोचना की सीमा से आगे जाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

    'सनातन पर प्रहार का परिणाम भुगतना पड़ेगा'
    स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि समाजवादी पार्टी को राजनीतिक और चुनावी प्रचार करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सनातन परंपरा और संस्कृति पर प्रहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रचार का राजनीतिक नुकसान अखिलेश यादव को उठाना पड़ सकता है।

    उन्होंने अखिलेश यादव पर अपने पिता के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि उसका हिसाब भी अभी बाकी है। अब यदि देश की सनातन परंपरा पर प्रहार किया जाता है तो इसका परिणाम समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस को भी भुगतना पड़ सकता है।

    संत समिति ने की माफी की मांग
    अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव ने मांग की कि विवादित AI वीडियो को वापस लिया जाए और इसके लिए माफी मांगी जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन इसके लिए धर्म, संस्कृति और संत परंपरा को निशाना बनाना उचित नहीं है।

  • ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 13 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए जन-जन तक पहुंचेगी प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा और विकास की यात्रा

    उपलब्धियों को आंकड़ों तक सीमित न रखें, लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक कहानियां सामने लाएं: मुख्यमंत्री

    ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ, लाभार्थी परिवारों के घर जलेंगे दीप, दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण भी दिए जाएंगे

    25 लाख लाभार्थियों की कहानी से लेकर डिजिटल इन्फ्लुएंसर और 400-500 सांस्कृतिक टोलियों तक, गांव से राज्य स्तर तक चलेगा जनसंपर्क अभियान

    सभी 75 जिलों में ‘सेवा ज्योति’ के लिए स्थान चिन्हित करें, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री 

    17 अक्टूबर को 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के साथ होगा ‘जनसेवा महाकुंभ’, पंचायत से पार्लियामेंट तक लिया जाएगा ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प

    लखनऊ, 
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस व्यापक अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, विकास और जनभागीदारी की कहानी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ इसके प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इनके साथ प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, प्रमुख तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान तथा ग्राम चौपाल और सीधा संवाद भी अभियान का हिस्सा होंगे।  

    मंगलवार को अभियान की कार्ययोजना पर उच्चस्तरीय चर्चा के के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की निरंतर यात्रा है। इस अवधि में देश में हुए नीतिगत सुधारों, जनकल्याणकारी कार्यों और ऐतिहासिक बदलावों को जनता के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों और प्रदेश सरकार के 10 वर्षों में हुए विकास कार्यों से आम नागरिक के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, उसकी वास्तविक तस्वीर सामने आए। अभियान का उद्देश्य केवल उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग समेत प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना भी है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की पहुंच जिला मुख्यालयों और विकासखंडों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक अभियान को पहुंचाने का विशेष प्रयास किया जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को यह जानकारी मिले कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं तथा विकास परियोजनाओं से उनके गांव, क्षेत्र और परिवार के जीवन में क्या बदलाव आया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को वास्तविक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्धियों को केवल योजनाओं की सूची अथवा आंकड़ों के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी के रूप में सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों के अनुभवों का संकलन भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान तैयार होने वाली सामग्री प्रमाणिक और तथ्यपरक हो तथा उसका स्थायी डेटा-बैंक तैयार किया जाए। इसमें विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों तथा राज्य सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण तथा लाभार्थियों की अद्यतन सूची शामिल हो। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, महत्वपूर्ण अवस्थापना एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं खेल, पंचायती राज एवं सुशासन तथा ओडीओपी से जुड़े कार्यों को भी डेटा-बैंक में शामिल किया जाए। काशी विश्वनाथ धाम, राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास, एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल नेटवर्क, नए एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, एम्स, खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक स्टेडियम, ग्राम सचिवालय, पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, अमृत सरोवर तथा ओडीओपी से जुड़े उद्यमियों और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों का भी संकलन किया जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनपद स्तर पर समन्वय की स्पष्ट व्यवस्था हो।  मुख्यमंत्री कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और प्रतिदिन की प्रगति मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई जाएगी। सभी जिलों में मुख्य विकास अधिकारी पूरे अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रमों को न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। अभियान की प्रदेश और जनपद स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा होगी। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से अभियान की शुरुआत हो। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित परिवार अपने घरों में दीप प्रज्वलित करें। इसके लिए लाभार्थियों की सूची न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, ब्लॉक, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक तैयार कर लगातार अपडेट रखी जाए। उन्होंने कहा कि नगर विकास, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग इस कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाएं और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करें। प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, नदी घाटों, मंदिरों, पार्कों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सालयों में भी विशेष दीप प्रज्वलन कराया जाए। इसी अवसर पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित करने की व्यवस्था की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल प्रतीकात्मक आयोजन न बनाकर सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधे जुड़ाव का अवसर बनाया जाए। ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियान की गतिविधियां गांव के अंतिम छोर तक पहुंचें। 
    इसके साथ ही 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को बच्चों के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाए। प्रतियोगिताओं का आयोजन पहले विद्यालय स्तर, फिर ब्लॉक स्तर, जिला स्तर और अंत में प्रदेश स्तर पर किया जाए। कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता के साथ ‘स्कूल, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर डिबेट प्रतियोगिता भी कराई जाए। विद्यालय स्तर की प्रदर्शनी में अभिभावकों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा श्रेष्ठ प्रतिभागियों को अगले स्तर के लिए चयनित किया जाए। उत्कृष्ट प्रविष्टियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से 25 वर्षों की सेवा, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में आए बदलाव की कहानी गांव-गांव और शहरों तक पहुंचाई जाए। प्रस्तुतियों को प्रभावी बनाने के लिए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का सहयोग लिया जाए। 

    25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वस्थ बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कृत किया जाए, कुपोषण से सुपोषण की स्थिति तक पहुंची माताओं को सम्मानित किया जाए तथा अच्छा कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में माताओं तक पहुंचाई जाए। बच्चों को कॉमिक बुक्स, पौष्टिक फल और मिठाई देने के साथ अतिरिक्त पोषाहार एवं सामग्री वितरण की व्यवस्था भी की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कहानी बदलाव की’ को ऐसा माध्यम बनाया जाए, जिसमें गांव से लेकर राज्य स्तर तक डबल इंजन सरकार के प्रयासों से हुए बदलाव और नवाचारी मॉडलों की वास्तविक कहानी सामने आए। ग्राम सचिवालय, अटल आवासीय विद्यालय, इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, रैपिड रेल, मेडिकल कॉलेज, फोरेंसिक लैब, राष्ट्र प्रेरणा स्थल, नेवल म्यूजियम सहित बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं और जनोपयोगी योजनाओं से हुए बदलाव को रील और वीडियो के माध्यम से दिखाया जाए। इसी क्रम में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत डिजिटल इन्फ्लुएंसर, पॉडकास्टर और व्लॉगर प्रदेश के उन स्थानों का प्रत्यक्ष भ्रमण करेंगे, जहां विकास के बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उन्हें वास्तविक ‘पहले और बाद’ की स्थिति दिखाई जाए, ताकि वे स्वयं देखकर प्रामाणिक कंटेंट तैयार कर सकें। प्रेरणा स्थल, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, बीआईडीए झांसी, राम मंदिर, काशी कॉरिडोर, खेल विश्वविद्यालय मेरठ, महिला पुलिस अकादमी, डिफेंस कॉरिडोर और उत्तर प्रदेश राज्य फोरेंसिक विज्ञान संस्थान जैसे स्थलों को यात्रा में शामिल किया जाए। अन्य राज्यों से आने वाले इन्फ्लुएंसरों को भी प्रदेश की सफलता की कहानियां और प्रमुख विकास परियोजनाएं दिखाई जाएं। 

    मुख्यमंत्री ने 7 अक्टूबर को होने वाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के लिए निर्देश दिए कि सभी 75 जिलों में प्रमुख स्थानों को पहले से चिन्हित कर लिया जाए, जहां स्थायी अथवा अखंड ‘सेवा ज्योति’ स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। जनपद के विभिन्न हिस्सों से पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां इन स्थानों तक पहुंचेंगी। बड़ी एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री जी के संबोधन का प्रसारण होगा और ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री जी की जन्मभूमि और कर्मभूमि को पवित्र जल के आदान-प्रदान से जोड़ा जाएगा। तय कार्ययोजना के अनुसार वाराणसी से 250 बाइक और 500यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। यात्रा के दौरान प्रतिदिन 60 से 80 ग्रामीण और शहरी पड़ावों पर जनसंवाद तथा योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। 

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में प्रत्येक नागरिक को 25 निर्धारित सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़कर समाज के लिए अपना योगदान देने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, नदी घाटों की सफाई, सघन वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, अंगदान संकल्प, नशामुक्त भारत, मतदाता जागरूकता, ‘वोकल फॉर लोकल’, गोसेवा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी कराई जाए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थलों का कायाकल्प कराया जाए। नागरिक कम से कम 25 मिनट श्रमदान कर विशेष पोर्टल पर फोटो या वीडियो अपलोड कर डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। 

    इसके बाद ‘सेवा सेतु अभियान, सरकार आपके द्वार’ के तहत सभी विकासखंडों में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मूल उद्देश्य पात्र नागरिक को उसके अधिकार का लाभ उसके द्वार तक पहुंचाना होना चाहिए। तय कार्ययोजना के अनुसार लोककल्याणकारी योजनाओं के ऐसे पात्र व्यक्ति, जो किसी कारण से अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाए। शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ मौके पर आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की व्यवस्था हो। इन्हीं शिविरों में आरोग्य शिविर भी लगाए जाएं, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर मिल सके। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ते हुए 100 प्रतिशत सैचुरेशन का लक्ष्य रखा जाए। 

    ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’ कार्यक्रम के तहत चयनित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसमें प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाए। फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कलाकारों को विशेष रूप से जोड़ा जाए, ताकि युवाओं और महिलाओं की रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित हो। फूल, प्राकृतिक रंग, अनाज और मिट्टी जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जाएगा तथा ड्रोन और एरियल कवरेज की व्यवस्था की जाएगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, महाराष्ट्र और गुजरात में पांच प्रमुख केंद्रों पर होने वाले आयोजनों में प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में व्यापक स्तर पर छात्रों का ओरिएंटेशन और मोटिवेशन कराया जाए। स्टार्टअप नेटवर्क, इनक्यूबेशन सेंटर, निजी कंपनियों और शिक्षा संस्थानों की भागीदारी से ऑनलाइन आवेदन, विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुति, लाइव डेमो, युवा संवाद और पुरस्कार की व्यवस्था होगी। प्रत्येक केंद्र से श्रेष्ठ इनोवेशन राष्ट्रीय अंतिम चरण के लिए चुने जाएंगे। 17 अक्टूबर को ‘पंचायत से पार्लियामेंट’ थीम पर होने वाले ‘जनसेवा महाकुंभ’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश की मजबूत और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ग्राम प्रधान और सरपंच से लेकर सांसदों तक के जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय समागम सेवा और सुशासन के 25 वर्षों की यात्रा को जनप्रतिनिधियों के अनुभव से जोड़ने का अवसर होगा। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रमुख कार्यक्रमों के साथ प्रदेश के ऐतिहासिक एवं लोकप्रिय स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर ‘नमो सेवा’ की थीम पर लेजर शो आयोजित किए जाएं। प्रमुख तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में राष्ट्रकल्याण, शांति और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान हों। ग्राम चौपालों के माध्यम से योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीणों से सीधे फीडबैक और सुझाव लिए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय कार्ययोजना के अनुसार अभियान की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। 10 सितंबर तक कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की बैठक तथा डेटा-बैंक और लाभार्थी सूचियों की तैयारी पूरी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल एक महीने के कार्यक्रम के रूप में न देखा जाए। यह 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अभियान में सरकार की उपलब्धियों के साथ उन लोगों की आवाज भी सामने आनी चाहिए, जिनके जीवन में योजनाओं और विकास कार्यों से बदलाव आया है। बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • Defence Hub बनेगा कानपुर! निवेश बढ़ाने और नीतियों को लेकर होगी अहम चर्चा

    Defence Hub बनेगा कानपुर! निवेश बढ़ाने और नीतियों को लेकर होगी अहम चर्चा

    कानपुर को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी, निवेश और नीतियों पर होगा मंथन

    – ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और यूपी सरकार की साझा पहल, शहर के उद्योग जगत को मिलेगी नई रफ्तार

    'स्ट्रेटेजिक उत्तर प्रदेश: कानपुर रीजनल डिफेंस वर्कशॉप' का आयोजन बुधवार को 

    – डिफेंस कॉरिडोर में निवेश बढ़ाने और स्थानीय उद्योगों को रक्षा निर्माण से जोड़ने पर रहेगा विशेष जोर 

    कानपुर
    कानपुर शहर के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। 'उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर' के अंतर्गत शहर को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से 2 सितंबर (बुधवार) को क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। 'स्ट्रेटेजिक उत्तर प्रदेश: कानपुर रीजनल डिफेंस वर्कशॉप' का आयोजन एटरनिटी होटल में होगा। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कानपुर के स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को राष्ट्रीय रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना तथा क्षेत्र में बड़े निवेश को बढ़ाना है।
    सुबह 8:30 बजे पंजीयन के साथ शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में ओआरएफ के उपाध्यक्ष प्रोफेसर हर्ष वी पंत, कानपुर नगर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह एवं कानपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमेश अवस्थी अपने विचार रखेंगे तथा अतिथियों का अभिनंदन करेंगे।

    कार्यक्रम के प्रथम सत्र में 'यूपी डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत कानपुर का औद्योगिक इकोसिस्टम' विषय पर विचार-विमर्श होगा। इस सत्र का संचालन ओआरएफ के डॉक्टर विवेक मिश्रा करेंगे। इसमें जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह सहित रक्षा एवं तकनीक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। इनमें डीएमएसआरडीई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आशीष दुबे, डेटम एडवांस्ड कंपोजिट्स के उप प्रबंध निदेशक तनय तिवारी, एयरोस्पेस एवं एविएशन सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ संघरक्षका वी पी, गोविंद नारायण एंड ब्रदर्स के सीईओ देवांश गर्ग और यूएसआईबीसी के निदेशक उदय अरुण प्रमुख हैं।

    सुबह 11:30 बजे आयोजित द्वितीय सत्र का विषय 'रक्षा निर्माण को मजबूत करने के लिए नीतिगत एवं संस्थागत सुधार' रहेगा। डॉक्टर समीर पाटिल के संचालन में होने वाले इस सत्र में टीकेएमएस इंडिया के उपाध्यक्ष कमोडोर अनिल जय सिंह, रक्षा मंत्रालय के पूर्व वित्तीय सलाहकार अमित कौशिश, डेल्टा कॉम्बैट सिस्टम्स लि. के चेयरमैन संतोष कुमार, ईवाई के मैनेजर बलप्रीत सिंह और कार्नेगी इंडिया के फेलो दिनकर पेरी चर्चा करेंगे। दोपहर 1:00 बजे डॉक्टर अतुल कुमार एवं कुमकुम मोहता कार्यशाला के प्रमुख निष्कर्षों का सार प्रस्तुत करेंगे। सभी विशेषज्ञ एमकेयू लिमिटेड के औद्योगिक परिसर का दौरा करेंगे।

  • बारिश के दौरान जर्जर हुए तार और क्षतिग्रस्त उपकरण बदले जाएंगे

    बारिश के दौरान जर्जर हुए तार और क्षतिग्रस्त उपकरण बदले जाएंगे

    अनुरक्षण माहः त्योहारों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए आंधी-बारिश से आई कमियों को किया जाएगा दूर

    योगी सरकार 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चलाएगी अनुरक्षण माह 

    बारिश के दौरान जर्जर हुए तार और क्षतिग्रस्त उपकरण बदले जाएंगे 

    बिजली लाइनों के आसपास के पेड़ों की डालियों की युद्धस्तर पर होगी छंटाई

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और मजबूत, भरोसेमंद एवं चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए योगी सरकार ने आगामी नवरात्र, दशहरा और दीपावली को देखते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की ओर से 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक अनुरक्षण माह मनाया जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उप्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं।

    डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु के दौरान अधिक तापमान, बढ़े हुऐ विद्युत भार, वर्षा, आंधी- तूफान तथा अन्य कारणों से वितरण तंत्र के विभिन्न उपकरणों पर अधिक दबाव पड़ा है। इसके कारण कई क्षेत्रों में वितरण परिवर्तकों, फीडरों, 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों, एलटी लाइनों तथा अन्य उपकरणों में खराबियां हुई हैं और विद्युत आपूर्ति में बार-बार व्यवधान की स्थिति उत्पन्न हुई है। 

    15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक अनुरक्षण माह

    आगामी नवरात्र, दशहरा, दीपावली एवं अन्य पर्वों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इस उद्देश्य से ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु के दौरान वितरण तंत्र में उत्पन्न कमियों को दूर करने, बार-बार होने वाली खराबियों एवं फीडर ट्रिपिंग को खत्म करने तथा वितरण तंत्र को आगामी पर्वों के लिए तैयार करने के लिए 15 सितम्बर से 14 अक्टूबर तक की अवधि को अनुरक्षण माह के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है।

    खराबियों का होगा स्थायी समाधान, ट्रिपिंग पर लगेगी रोक

    अनुरक्षण माह का उद्देश्य वितरण तंत्र में मौजूद वास्तवित कमियों को दूर करना है तथा विद्युत व्यवधान, फीडर ट्रिपिंग एवं परिवर्तक क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं में वास्तविक कमी लायी जा सके। अनुरक्षण माह के दौरान सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों, शक्ति परिवर्तकों और वितरण परिवर्तकों की गहन जांच, साफ सफाई और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। साथ ही जहां-जहां बार-बार खराबी आ रही है, वहां उसके मूल कारण को खोजकर उसका स्थायी समाधान किया जाएगा। जर्जर तारों, ढीले संयोजनों और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदला जाएगा। प्रत्येक परिवर्तक पर उसकी क्षमता के अनुसार उचित मानक के सुरक्षा तार लगाए जाएंगे और जुगाड़ से लगाए गए तारों को हटाया जाएगा।

    पेड़ों की डालियों की सघन छंटाई युद्ध स्तर पर

    बिजली लाइनों के आस-पास उगी पेड़ों की डालियों की सघन छंटाई युद्ध स्तर पर कराई जाएगी, क्योंकि अक्सर यही डालियां आंधी में लाइनों से टकराकर आपूर्ति बाधित करती हैं। इसके साथ ही पोषकों के मापक यंत्रों की जांच भी की जाएगी। ताकि आपूर्ति की विश्वसनीयता को सही ढंग से परखा जा सके। इसको लेकर यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि सभी खंड दस सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्र की कार्य योजना तैयार कर लें और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से कर ली जाए ताकि कार्य में कोई रुकावट न आए। त्योहारों के दिनों में बिजली बंद करने से बचा जाएगा और बंदी इस प्रकार नियोजित की जाएगी कि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो।
         
    वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में जाकर उपकेंद्रों का अचानक करेंगे निरीक्षण 

    अभियान की गंभीरता को देखते हुए निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में जाकर उपकेंद्रों का अचानक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण वाले उपकेंद्रों की सूची पहले से जारी नहीं की जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। कार्यों का सत्यापन 21 से 27 अक्टूबर के बीच निगम और मुख्यालय स्तर से कराया जाएगा। अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान को पूरी निष्ठा एवं परीश्रम के साथ सफल बनाने का आह्वान किया है।

  • बेटियों के हुनर को बढ़ावा, योगी सरकार के प्रयासों से सपनों को मिल रही नई उड़ान

    बेटियों के हुनर को बढ़ावा, योगी सरकार के प्रयासों से सपनों को मिल रही नई उड़ान

    बेटियों की प्रतिभा को मंच, सपनों को पंख दे रही योगी सरकार

    हौसलों की उड़ान-2026 में छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना, शिक्षा के साथ खेल और संस्कृति में आगे बढ़ने का आह्वान

    मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिल रही नई ताकत

    अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब से मिलेगा डिजिटल संसाधनों का लाभ: मंत्री असीम अरुण

    लखनऊ
    प्रदेश की बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को लखनऊ के खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव हौसलों की उड़ान-2026 का आयोजन किया गया। 

    बेटियों के आत्मविश्वास को मिल रहा सरकार का संबल

    इस दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने छात्राओं से संवाद कर उनकी प्रतिभा एवं उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियों में प्रतिभा के साथ आत्मविश्वास भी भरपूर है। शिक्षा के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है। बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार हैं। 

    अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की राह हुई आसान

    योगी सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत माध्यम बन रही है। खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में संचालित अभ्युदय योजना के तहत अब तक 80 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो चुका है। यह उपलब्धि योजना के प्रभाव और छात्राओं की मेहनत दोनों को दर्शाती है।

    अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब से मिलेगा डिजिटल संसाधनों का लाभ

    मंत्री असीम अरुण ने घोषणा की कि अभ्युदय कोचिंग को और प्रभावी बनाने के लिए कॉलेज में जल्द ही अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं छात्राओं को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट और डिजिटल रिसर्च जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी संसाधन भी उपलब्ध हों, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर आत्मनिर्भर बन सकें।

  • योगी सरकार का नारी शक्ति पर फोकस, राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा

    योगी सरकार का नारी शक्ति पर फोकस, राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा

    नारी शक्ति को राजनीतिक नेतृत्व में आगे बढ़ा रही योगी सरकार, लोकतंत्र में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

    नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संगोष्ठी में महिला सशक्तीकरण पर मंथन

    योगी सरकार की नीतियों से महिला सशक्तीकरण को मिला नया आधार

    निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्राओं को प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न और नकद पुरस्कार से सम्मानित

    लखनऊ
     प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों के बीच उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान और पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम के संयुक्त तत्वावधान में ‘नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विषय पर द्विदिवसीय संगोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

    महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर देने पर जोर

    उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, सृजन और संवेदना का प्रतीक रही है। अब आवश्यकता है कि महिलाओं को केवल सम्मान देने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने, नेतृत्व करने और अपनी बात स्वतंत्र रूप से रखने का समान अवसर मिले। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ को लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के 106वें संशोधन के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 

    योगी सरकार की नीतियों से महिला सशक्तीकरण को मिला नया आधार

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार लगातार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वावलंबन और सम्मान के साथ उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे में महिला राजनीतिक भागीदारी पर केंद्रित इस तरह के शैक्षणिक आयोजन बेटियों में संवैधानिक चेतना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    निबंध प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

    द्विदिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन आयोजित निबंध प्रतियोगिता में करीब 75 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। एमए प्रथम वर्ष की शिवानी रावत ने प्रथम, बीए तृतीय वर्ष की वसुधा यादव ने द्वितीय और बीए तृतीय वर्ष की संजू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान के साथ संवैधानिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता का विकास करना भी है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. रश्मिशील, प्रो. डॉ. संजीव कुमार अग्रवाल और डॉ. साधना सिंह यादव ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक निर्णय-प्रक्रिया में प्रभावी सहभागिता पर जोर दिया।