Category: राज्य

  • Chandigarh में 36 दिन का रेलवे ब्लॉक, 12 ट्रेनें रद्द और कई के प्लेटफॉर्म बदले; 10 अक्टूबर से असर

    Chandigarh में 36 दिन का रेलवे ब्लॉक, 12 ट्रेनें रद्द और कई के प्लेटफॉर्म बदले; 10 अक्टूबर से असर

    चंडीगढ़
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे ने निर्माण कार्य के लिए 36 दिन का ब्लॉक मंजूर किया है। यह काम तीन चरणों में होगा। इस दौरान स्टेशन पर पिलर मजबूत करने और फुट ओवरब्रिज पर छत डालने का काम किया जाएगा।

    निर्माण कार्य के चलते चंडीगढ़ और कालका से चलने वाली 12 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को चंडीगढ़ के बजाय अंबाला और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़-अंबाला के बीच आंशिक रूप से रद्द कर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। इसके अलावा, कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदले गए हैं।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निर्माण एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स को एक महीने के भीतर दूसरी बार अंबाला मंडल से ब्लॉक की मंजूरी मिली है। इस बार 36 दिन का ब्लॉक तीन हिस्सों में लगाया जा रहा है। प्रत्येक चरण 12 दिन का होगा। रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहला ब्लॉक 10 से 21 सितंबर तक रहेगा।

    इसके बाद दूसरा चरण 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक और तीसरा चरण 4 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इन 36 दिनों के दौरान अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य किया जाएगा। काम की वजह से स्टेशन के प्लेटफार्म और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा।

    6 ट्रेनें अंबाला से चलेंगी
    ब्लॉक के दौरान रेलवे ने 6 ट्रेनों को अंबाला से संचालित करने का फैसला किया है। वहीं, 8 ट्रेनों को साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से चलाया जाएगा। इससे चंडीगढ़ से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए मोहाली या अंबाला तक पहुंचना पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के संचालन स्टेशन और समय की जानकारी रेलवे से जरूर जांच लें।

    20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले
    ब्लॉक के दौरान चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की साफ-सफाई और धुलाई के लिए भी प्लेटफार्म में बदलाव किया गया है। 10 से 21 सितंबर तक करीब 20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए हैं। रेलवे के अनुसार, प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 से चलने वाली कुछ ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा।

    प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी
    4 से 15 अक्टूबर तक इन ट्रेनों के लिए प्लेटफार्म नंबर 3, 4 और 6 का इस्तेमाल किया जाएगा। बदलाव के कारण यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन के प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी। ब्लॉक के अलग-अलग चरणों में अन्य ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़ की बजाय मोहाली या अंबाला से चलाया जाएगा।

    यात्रियों के लिए सितंबर-अक्टूबर रहेगा परेशानी वाला
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम लंबे समय से चल रहा है। स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य किया जा रहा है। अब पिलर की फिलिंग और कॉनकोर्स से जुड़े फुट ओवरब्रिज पर रूफ डालने के काम के कारण रेलवे को बड़े स्तर पर परिचालन में बदलाव करना पड़ रहा है।

    36 दिन के इस ब्लॉक के कारण सितंबर से अक्टूबर के बीच चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचना होगा। जिन यात्रियों की ट्रेन मोहाली या अंबाला से चलेगी, उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए भी अतिरिक्त समय रखना पड़ेगा।

  • बारिश से पटना बेहाल, सड़क-गलियां डूबीं; स्कूल और मंडी में भी भरा पानी

    बारिश से पटना बेहाल, सड़क-गलियां डूबीं; स्कूल और मंडी में भी भरा पानी

    पटना.

    अनुमंडल क्षेत्र में मंगलवार की शाम से रात तक वर्षा हुई। उमस भरी असहनीय गर्मी झेल रहे लोगों को जहां राहत मिली वहीं जगह-जगह जल जमाव के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ी रही। अशोक राजपथ, कई महत्वपूर्ण सड़कें, स्कूल परिसर, गलियों से लेकर मंडी तक जलमग्न हो गया।

    बरसात में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न होने देने के लिए नगर निगम की तमाम प्रयासों पर पानी फिर गया। नाला उड़ाही और सफाई के नाम पर महीनों की मेहनत और करोड़ों रुपये बरसात की बारिश में बह गए। एक बार फिर जनता परेशानियों से घिर गई।

    श्री गुरु गोविंद सिंह पथ पर जल जमाव, गड्ढों में वाहन खा रहे हिचकोले
    श्री गुरु गोविंद सिंह पथ पर वर्षा के समय लगभग 6 इंच तक पानी जम गया। पथ के सटे दीरापर मोहल्ला का मार्ग जलमग्न हो गया । इसी पथ से पैदल व साइकिल से श्री गुरु गोविंद सिंह स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हुई। मोहल्ले के नागरिक घरों में कैद हो गए हैं । नगर निगम की गाड़ी मोहल्ले के नालों से पानी निकाल कर दूसरी जगह फेंक रहे हैं। छात्र-छात्राएं बुधवार की सुबह नाले के जमे पानी से होकर आते-जाते रहे।

    गायघाट से दीदारगंज जाने वाले मार्ग पर जमा हुआ दो फीट पानी
    गंगा किनारे निर्मित गायघाट से दीदारगंज सड़क पर कई स्थानों पर जल जमाव से वाहनों का परिचालन बाधित हो रहा है। भद्रघाट और महावीर घाट के पास घुटने भर से अधिक जल जमाव होने गुजरने वाले वाहन बंद हो जा रहे हैं। कंगन घाट की 30 सीढ़ियां डूब गई हैं और चबूतरा पर गंगा का पानी आने से सुबह में व्यायाम करने वाले लोगों को परेशानी हुई। इस मार्ग में सड़क पर पानी जम जाने के कारण रास्ता खतरनाक हो गया। रेलवे लाइन के दक्षिण के कई हिस्सों में भी रास्ते पर पानी भरा गया है।

    मंडियों पर भी वर्षा का असर
    पटना सिटी के मारूफगंज, मंसूरगंज, गुलजारबाग, मीनाबाजार, दलहट्टा, हाजीगंज, मुसल्लहपुर बाजार समिति क्षेत्र की मंडियों में भी जल जमाव से लोगों की परेशानी बढ़ी। चौकशिकारपुर स्थित पटना सिटी स्कूल के खेल मैदान में भी वर्षा का पानी जमा होने से मैदान में जलजमाव का स्तर बढ़ा है । नागरिकों ने बताया कि इस खेल मैदान में लगभग 100 दिनों से जल जमाव है। वहीं बेगमपुर स्थित रघुनाथ हिंदू विद्यालय परिसर में भी जलजमाव के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

  • DA-DR बकाया को लेकर पंजाब सरकार की SC में अपील, कर्मचारियों-पेंशनर्स के मामले में बढ़ी हलचल

    DA-DR बकाया को लेकर पंजाब सरकार की SC में अपील, कर्मचारियों-पेंशनर्स के मामले में बढ़ी हलचल

    चंडीगढ़.

    पंजाब के करीब 3.5 लाख स्थायी कर्मचारी और करीबन 4 लाख पेंशनर्स पिछले तीन वर्ष से महंगाई भत्ते के इंतजार में हैं। लंबित डीए और डीआर के भुगतान का मामला सड़क से हाई कोर्ट तक पहुंचने के बाद अब यह कर्मचारियों और सरकार के बीच सबसे बड़ा टकराव का कारण बन गया है।

    इससे सरकार के खजाने पर 25 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है। कर्मचारी इसे अपना हक मान रहे हैं लेकिन सरकार का तर्क है कि कर्मचारियों को पहले से ही ज्यादा वेतन मिल रहा है।

    1. विवाद क्या है?
    केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि पंजाब राज्य कर्मचारियों को 42 प्रतिशत मिल रहा है। मुलाजिम संगठनों का कहना है कि इससे भी बड़ी विसंगति ये है कि पंजाब सरकार में ही तैनात आइएएस, आइपीएस, आइएफएस व ज्यूडिशियल अधिकारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है और बाकी सभी कर्मचारियों को 42 प्रतिशत। इसे दोहरा मापदंड बताते हुए कर्मचारी अदालत में गए। कर्मचारी यूनियनों के मुताबिक आप सरकार मार्च 2022 में आई, लेकिन उसने तब से सिर्फ एक ही डीए किस्त जारी की है। जुलाई-दिसंबर 2022 की 4 प्रतिशत किस्त, जो दिसंबर 2023 में एक महीने से ज्यादा चली हड़ताल के बाद दी गई। जनवरी 2023 के बाद से सरकार ने कोई किस्त जारी नहीं की, इसलिए 1 जनवरी 2026 तक बकाया 18 प्रतिशत हो गया है।

    2. 8 अप्रैल 2026
    हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता निर्मल सिंह धनोआ व अन्य की याचिका पर पंजाब सरकार को आदेश दिया कि सभी बकाया डीए/डीआर को 30 जून 2026 तक जारी किया जाए और कर्मचारियों को आइएएस-आइपीएस के बराबर डीए दिया जाए। इससे करीब 7.5 लाख कर्मचारियों को फायदा होना था। पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल ने सिंगल बेंच के आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी, वित्तीय हालत खराब होने का हवाला दिया तो कोर्ट ने खारिज कर दिया।

    3. 3 अगस्त 2026
    चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने अपील खारिज कर दी। आदेश दिया कि 15 दिन के अंदर सारा बकाया चुकाओ। मुख्य सचिव को 31 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया था। यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा।

    4. डेडलाइन के बाद सरकार का स्टैंड
    डीए भुगतान की डेडलाइन 17 अगस्त को खत्म हो गई, लेकिन सरकार ने भुगतान नहीं किया। उल्टा 18 अगस्त को वित्त विभाग ने सभी विभागों को पत्र भेजकर कहा कि धनोआ केस के आधार पर तय हुए मामलों को वित्त विभाग की मंजूरी के बिना लागू न किया जाए। इसी पत्र को आधार बनाकर कर्मचारियों ने फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अवमानना की कार्रवाई करने का आग्रह किया। डेडलाइन खत्म होते ही 17 अगस्त को कर्मचारियों ने अवमानना याचिका दायर कर दी। 21 अगस्त को सुनवाई में सरकार ने समय मांगा, कोर्ट ने अगली तारीख 27 सितंबर 2026 तय की है।

    5. कर्मचारी फिर कर सकते हैं हड़ताल
    कर्मचारियों का सड़क पर आंदोलन तेज है। कर्मचारी संगठनों ने 27 अगस्त को महाहड़ताल की थी। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा है कि हड़ताल और बातचीत इकट्ठे नहीं हो सकती। सरकार ने नोटिस जारी किया तो कर्मचारी संगठनों ने लुधियाना में बैठक करके अगली रणनीति के तहत अब सात सितंबर तक समय दिया है। कहा है कि शो-कॉज नोटिस वापस न हुए तो 8 सितंबर को मास कैजुअल लीव लेकर हड़ताल की जाएगी और मंत्रियों के घरों के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे।

    अब आगे क्या
    पंजाब सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के निर्णय को चुनौती दी है। अब कर्मचारी संगठनों ने पहले से ही दायर की गई केविएट की वजह से दोनों पक्षों को सुनवाई का मौका मिलेगा और उसके बाद तय होगा सरकार की एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट किस तरह आगे बढ़ती है।

  • UP Rain Alert: भारी बारिश और बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट, 6 सितंबर तक सतर्क रहने के निर्देश

    UP Rain Alert: भारी बारिश और बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट, 6 सितंबर तक सतर्क रहने के निर्देश

    योगी सरकार सतर्क, कई जिलों में 6 सितंबर तक भारी बारिश-बाढ़ का पूर्वानुमान

    आईएमडी के पूर्वानुमान पर योगी सरकार ने कसी कमर, हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने के निर्देश

    भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की आशंका पर तैयारियां तेज, राहत आयुक्त कार्यालय ने जारी किए निर्देश

    मंत्री नंद गोपाल नंदी ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, वितरित की राहत किट

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार हर स्तर पर सक्रिय है। इसी क्रम में भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के 1 से 6 सितंबर तक के मौसम पूर्वानुमान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकस्मिक बाढ़, मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताई है। सरकार ने लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां मजबूत रखने और जरूरतमंदों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    6 सितंबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
    6 सितंबर तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भारी बारिश यानी मूसलाधार बारिश की आशंका है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में मेघगर्जन और वज्रपात भी हो सकता है। इसे देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा है।

    इन जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
    भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, एटा, कासगंज, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

    इन जिलों में आकस्मिक बाढ़ की आशंका
    सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी,
    प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी में आकस्मिक बाढ़ की आशंका भी जताई है। ऐसे में इन जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने और नदियों, नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    वज्रपात को लेकर भी व्यापक अलर्ट
    प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना व्यक्त की है। इसमें पूर्वांचल से लेकर मध्य यूपी, बुंदेलखंड, पश्चिमी यूपी और एनसीआर से जुड़े जिले भी शामिल हैं। प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, लखनऊ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, झांसी, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर समेत अनेक जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।

    बाढ़ राहत के साथ आपदा से पहले तैयारी पर जोर
    योगी सरकार का फोकस केवल बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित आपदा से पहले ही प्रशासन को तैयार रखने पर भी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर जिलों को समय रहते अलर्ट जारी कर दिया गया है, ताकि बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति बनने पर लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने और लोगों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
    राहत आयुक्त कार्यालय ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से तेज बारिश, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और वज्रपात की स्थिति में सावधानी बरतने व प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है।

    राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश
    प्रदेश में पहले से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा जा रहा है। अब मौसम विभाग के नए पूर्वानुमान के बाद संबंधित जिलों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    बॉक्स
    मंत्री नंद गोपाल नंदी ने चित्रकूट में वितरित की राहत किट 
    चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए राहत किट वितरण का कार्य तेजी से जारी है। तहसील कर्वी में प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी ने राहत किट वितरित की। साथ ही उन्होंने जिले की अन्य हिस्सों में भी प्रभावित लोगों को हाल-चाल लिया। सभी तक मदद प्रशासन द्वारा पहुंच रही मदद का भी जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को लोगों की हर स्तर पर मदद करने के लिए भी कहा।

  • हरियाणा में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन हुआ हिंसक, ठेकेदार से मारपीट के बाद सरकारी जीप में तोड़फोड़

    हरियाणा में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन हुआ हिंसक, ठेकेदार से मारपीट के बाद सरकारी जीप में तोड़फोड़

    हिसार/पानीपत.

    हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 28वें दिन भी जारी है। 27वें दिन मंगलवार को वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के विरोध में टकराव के मामले सामने आए। कैथल के सीवन में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर लौट रहे नगर पालिका अधिकारियों की सरकारी जीप पर सफाई कर्मचारियों व उनके स्वजन द्वारा कस्सी से कथित हमला किया गया।

    वार से जीप का पिछला शीशा टूट गया और कनिष्ठ अभियंता व लिपिक बाल-बाल बच गए। जींद में चार दिन बाद कूड़ा उठाने पहुंचे ठेकेदार के कर्मचारियों का हड़तालियों ने विरोध किया और हाथापाई हुई। हिसार में कचरा उठान के दौरान पुलिस से टकराव में पांच पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं। फतेहाबाद में पुलिस सुरक्षा में उठान कराया गया। बढ़ती अव्यवस्था के बीच कई सामाजिक संगठन अब हड़ताल के तौर-तरीकों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि मांगों को लेकर आंदोलन के अधिकार के साथ आमजन की सुविधाओं और सार्वजनिक व्यवस्था का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    बारिश और बाजारों में कचरे से बढ़ी परेशानी
    यमुनानगर में हड़ताल के 27वें दिन बारिश के कारण डंपिंग प्वाइंटों का कचरा बहकर गलियों और मोहल्लों तक पहुंचा। पानीपत के पालिका बाजार में कचरा डाले जाने से दुकानदार परेशान रहे, हालांकि निजी एजेंसियों ने करीब 300 टन कचरा उठाया। भिवानी में घर-घर कचरा उठान प्रभावित है। अंबाला कैंट में 250 कर्मचारी हड़ताल पर हैं और वैकल्पिक व्यवस्था भी कमजोर पड़ गई है। कैथल में पुलिस की मौजूदगी में डंपिंग प्वाइंटों से कचरा उठाया गया, जबकि रोहतक में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका।

    हिसार में उठान के दौरान पुलिस से टकराव
    हिसार में नगर निगम के 667 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। मंगलवार को सेक्टर 9-11 और अर्बन एस्टेट में कचरा संग्रहण कराया गया। अर्बन एस्टेट में हड़ताली कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। उन्हें पकड़ने के दौरान करीब पांच पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें लगीं और कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। फतेहाबाद में नगर परिषद ने पुलिस सुरक्षा में डोर-टू-डोर कचरा उठवाया। 15 वाहनों के साथ पुलिस बल तैनात रहा और करीब 50 कर्मचारियों ने लगभग 150 टन कचरा उठाया। कार्यालय में कूड़ा डालने के मामले में 15 कर्मियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। झज्जर में छह दिन बाद फिर लगे कूड़े के ढेर झज्जर में 125 टन कचरा उठाए जाने के छह दिन बाद फिर ढेर लग गए हैं। कर्मचारियों ने दिन में सरकार का पुतला फूंका और शवयात्रा निकाली।

  • पंजाब के रूपनगर में नहर टूटने से बाढ़ का खतरा, गांवों में घुसा पानी; प्रशासन सतर्क

    पंजाब के रूपनगर में नहर टूटने से बाढ़ का खतरा, गांवों में घुसा पानी; प्रशासन सतर्क

    रूप नगर.

    श्री चमकौर साहिब के नजदीकी गांव भैरों माजरा के पास बुधवार सुबह सरहिंद नहर अचानक एक किनारे से टूट गई। इससे आसपास के कई गांवों में पानी घुसने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। नहर फटने के कारण तीन मोटरसाइकिलें पानी के तेज बहाव में बह जाने की भी सूचना है।

    हालांकि, इस घटना में जानी नुकसान होने से बचाव हो गया। जानकारी के अनुसार, क्षेत्रवासियों ने कुछ दिन पहले नहर के किनारे छोटी-सी खड्ड से पानी रिसता हुआ देखा था। इसकी सूचना संबंधित विभाग को भी दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि विभाग ने समय रहते मौके पर पहुंचकर रिसाव को बंद करने के लिए कार्रवाई की होती तो नहर का किनारा टूटने से रोका जा सकता था। बताया जा रहा है कि बाद में लोगों की मदद से मोटरसाइकिल बचा ली गईं। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक किनारा टूटा और पानी तेजी से आसपास के क्षेत्र में फैलने लगा। इसी दौरान गांव भैरों माजरा के कुछ युवक जिम जाने के लिए मोटरसाइकिलों पर निकले थे।

    अचानक पानी के तेज बहाव और जमीन धंसने के कारण वे गिर पड़े और उनकी मोटर साइकिलें हाथ से छूटकर पानी में बह गईं। युवकों ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बचा लिया। घटना के बाद इलाके में संबंधित विभाग के प्रति लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने समय रहते विभाग को स्थिति से अवगत करवा दिया था, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। उधर, घटना की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज जसवीर सिंह गढ़ी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर नहर के किनारे को भरने तथा पानी के बहाव को रोकने के प्रयासों में जुट गए। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

  • सुनटेक सिटी मामले में अनुराग वर्मा को दोबारा ED का समन, जांच में बढ़ी हलचल

    सुनटेक सिटी मामले में अनुराग वर्मा को दोबारा ED का समन, जांच में बढ़ी हलचल

    जालंधर.

    पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व विभाग) को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने जमीन घोटाले से जुड़े एक मनी लांन्ड्रिंग मामले में फिर समन जारी कर सात सितंबर को जालंधर स्थित जोनल कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं।

    इससे पहले ईडी ने अनुराग वर्मा को 31 अगस्त को जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा था। हालांकि, वह उस दिन ईडी के सामने पेश नहीं हो सके थे। उन्होंने जांच एजेंसी से समय बढ़ाने की मांग करते हुए अनुरोध किया था कि मांगे गए जरूरी दस्तावेज और रिकार्ड इकट्ठा करने के लिए उन्हें कुछ और समय दिया जाए। उनकी इस मांग के बाद अब ईडी ने उन्हें 7 सितंबर के लिए नई तारीख दी है। यह मामला मोहाली स्थित ‘सनटेक सिटी’ और ‘एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में हुई कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। ईडी द्वारा लगभग 348 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। अनुराग वर्मा वर्तमान में राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं, लेकिन जिस समय ये कथित गड़बड़ियां हुई थीं, उस समय वह मकान निर्माण और शहरी विकास विभाग के प्रमुख के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

    जांच के दायरे में अधिकारियों की भूमिका
    जांच एजेंसी मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल कर रही है कि निजी बिल्डरों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए जमीन के उपयोग में बदलाव की मंजूरी कैसे दी गई। प्रोजेक्ट्स के स्वीकृत लेआउट में गैर-कानूनी बदलाव करने की अनुमति देते समय किन सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया। क्या नियमों को दरकिनार करके बिल्डरों को लाभ पहुंचाया गया और इस प्रक्रिया में विभागीय अधिकारियों की क्या भूमिका थी।

  • Khedan Watan Punjab Diyan 2026: खिलाड़ियों के लिए नई व्यवस्था, QR कोड से रजिस्ट्रेशन; 10 लाख के भाग लेने का लक्ष्य

    Khedan Watan Punjab Diyan 2026: खिलाड़ियों के लिए नई व्यवस्था, QR कोड से रजिस्ट्रेशन; 10 लाख के भाग लेने का लक्ष्य

    पटियाला
    पंजाब सरकार ने ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। खेलों का चौथा सत्र पांच सितंबर को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम से शुरू होगा। इसमें करीब 10 लाख खिलाड़ी 38 खेलों में हिस्सा लेंगे। पहली बार चार पैरा खेल भी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क और आसान बनाई गई है। खेल विभाग ने पहली बार क्यूआर कोड आधारित पंजीकरण की सुविधा शुरू की है। खिलाड़ी किसी भी समय और कहीं से भी महज 15 सेकंड में पंजीकरण कर सकेंगे। पंजीकरण खेल विभाग की वेबसाइट के माध्यम से भी किया जा सकता है।

    इस सत्र में 14 वर्ष से 70 वर्ष से अधिक आयु तक के नौ आयु वर्गों में मुकाबले होंगे। पैरा खेलों में एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं। राज्य स्तरीय पदक विजेताओं को स्वर्ण के लिए 10 हजार रुपये, रजत के लिए सात हजार और कांस्य के लिए पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रतियोगिताओं का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा। 

    9 आयु वर्ग, 16 जिलों में राज्य स्तरीय आयोजन
    इस सीजन में 14 साल से लेकर 70 साल से अधिक उम्र तक के नौ आयु वर्गों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खेल पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों में कराए जाएंगे, जिला स्तरीय मुकाबले 23 जिलों में होंगे और राज्य स्तरीय खेल 16 जिलों में आयोजित होंगे। खेलों का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा। खास बात यह है कि पहली बार लड़कों और लड़कियों, दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल किया गया है, ताकि उभरते खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिल सके।

    विजेताओं के लिए आकर्षक इनाम
    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने वालों को 10,000 रुपये, रजत के लिए 7,000 रुपये और कांस्य के लिए 5,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सीएम मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे आयोजन को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

    पहली बार लड़के-लड़कियों का क्रिकेट
    पहली बार लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल किया गया है। प्रतियोगिताएं पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों और 23 जिलों में होंगी। राज्य स्तरीय मुकाबले 16 जिलों में आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों का उद्देश्य गांवों, कस्बों और शहरों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। 

    अमृतसर जिले में ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के ब्लॉक स्तरीय मुकाबले 8 सितंबर से 17 सितंबर तक दो चरणों में करवाए जाएंगे। इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी नेशनल स्टाइल, कबड्डी सर्कल स्टाइल, वॉलीबॉल स्मैशिंग, वॉलीबॉल शूटिंग और खो-खो के मुकाबले शामिल होंगे। इस वर्ष टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के तौर पर भी शामिल किया गया है।

    पहले चरण में पांच ब्लॉकों में मुकाबले
    पहले चरण में 8 से 11 सितंबर तक चौगावां, तरसिक्का, अटारी, वेरका और अजनाला ब्लॉक में मुकाबले होंगे। वहीं दूसरे चरण में 14 से 17 सितंबर तक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, रईया, मजीठा, जंडियाला गुरु और हरशा छीना ब्लॉक में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन खेल मुकाबलों में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी पंजाब खेल विभाग की वेबसाइट (https://sports.punjab.gov.in) पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। खिलाड़ियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना पंजीकरण करवाकर अधिक से अधिक संख्या में खेलों में हिस्सा लें और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

  • Canada में बसे भारतीयों को बड़ी राहत, UPI से सस्ते और तेज होंगे मनी ट्रांसफर; परिवारों को फायदा

    Canada में बसे भारतीयों को बड़ी राहत, UPI से सस्ते और तेज होंगे मनी ट्रांसफर; परिवारों को फायदा

    जालंधर 

    .कनाडा में बसे पंजाबियों और भारत के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं। शिक्षा, कारोबार, निवेश और धन भेजने से यह रिश्ता और गहरा हुआ है। भारत और कनाडा यूपीआई के माध्यम से सीमा पार धन भेजने पर बात कर रहे हैं। दुकानदारों को सीधे भुगतान की संभावनाओं पर भी चर्चा जारी है।

    कनाडा में भारतीय समुदाय की आर्थिक और सामाजिक मौजूदगी काफी बड़ी है। वर्ष 2024 में 5 लाख 10 हजार 235 भारतीय नागरिक अध्ययन-अनुमति धारक थे। कनाडा की 2025 की आव्रजन रिपोर्ट के अनुसार, भारत से कुल 1,25,530 लोगों को स्थायी निवास मिला। इनमें 94,105 आर्थिक श्रेणी में और 31,425 परिवार पुनर्मिलन श्रेणी में थे। 

    भारत-कनाडा की पहली आर्थिक एवं वित्तीय वार्ता में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन ने वित्तीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने सीमा पार धन भेजने और दुकानदारों को सीधे भुगतान के अवसर तलाशने पर जोर दिया। कनाडा में भागीदार भुगतान सेवा प्रदाताओं के माध्यम से यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी बात हुई। यह व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है। दोनों देशों को तकनीकी, नियम-कायदों, सुरक्षा और विदेशी मुद्रा पहलुओं पर काम करना होगा। 

    कनाडा में भारतीय समुदाय की उपस्थिति
    कनाडा में वर्ष 2025 के अंत में करीब 6 लाख 91 हजार 215 अध्ययन-अनुमति धारक मौजूद थे। भारत विदेशी विद्यार्थियों के प्रमुख स्रोत देशों में बना रहा। स्थायी निवास के मामले में भी भारत कनाडा के महत्वपूर्ण स्रोत देशों में शामिल है।

    पंजाबी समुदाय की कारोबारी मौजूदगी भी कनाडा में मजबूत है। पंजाबी वाणिज्य मंडल के नेटवर्क में 2,500 से अधिक सदस्य और 200 से अधिक कारोबार जुड़े हैं। कनाडा सरकार पंजाबी कारोबारियों की अलग अधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं कराती है।

    यूपीआई से परिवारों और विद्यार्थियों को लाभ
    इस पहल का सीधा लाभ कनाडा में रहने वाले भारतीयों को मिलेगा। वे नियमित रूप से भारत में अपने परिवारों को पैसा भेजते हैं। यूपीआई आधारित भुगतान व्यवस्था से धन भेजने की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और कम खर्चीली हो सकती है।

    वर्तमान में बैंकिंग माध्यमों और धन हस्तांतरण सेवाओं में शुल्क लगता है। कनाडा में पढ़ रहे भारतीय विद्यार्थियों के परिवारों के लिए यह बड़ी राहत होगी। फीस, किराया या आपात स्थिति में धन भेजना आसान और तेज हो सकता है।

    कारोबारियों और भारत के लिए अवसर
    यूपीआई का फायदा केवल परिवारों को धन भेजने तक सीमित नहीं रहेगा। भारत से कनाडा जाने वाले विद्यार्थी, पर्यटक और कारोबारी भारतीय बैंक खाते से भुगतान कर सकेंगे। पंजाबी कारोबारियों के लिए भी यह पहल महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है। भारत से सामान खरीदने, सेवाओं का भुगतान करने या कारोबार से जुड़े भुगतान आसान होंगे। सीए दिनेश सरना ने कहा कि यूपीआई से पंजाबियों के परिवार और कारोबार दोनों को फायदा होगा। यह भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था के वैश्विक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। 

  • पंजाब में DA-DR भुगतान पर कानूनी जंग तेज, मान सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को SC में चुनौती दी

    पंजाब में DA-DR भुगतान पर कानूनी जंग तेज, मान सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को SC में चुनौती दी

    चंडीगढ़ 

    पंजाब सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के तीन अगस्त के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सरकार ने अपनी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) में कहा है कि वह राज्य कर्मचारियों को समान श्रेणी के केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर टेक-होम (हाथ में आने वाला) वेतन देने के लिए आवश्यक सीमा तक डीए बढ़ाने को तैयार है।

    हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों के समान डीए प्रतिशत को यांत्रिक रूप से लागू करने का विरोध किया है। राज्य का तर्क है कि पंजाब में कई पदों पर मूल वेतन केंद्रीय कर्मचारियों से अधिक है। ऐसे में केवल डीए प्रतिशत की तुलना से वास्तविक समानता नहीं हो सकती। सरकार ने सात प्रतिनिधि श्रेणियों के आंकड़े सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखे हैं। इनमें से पांच में 42 फीसदी डीए के बावजूद पंजाब कर्मचारियों की कुल परिलब्धियां संबंधित केंद्रीय कर्मचारियों से अधिक बताई गई हैं। 

    सरकार का कहना है कि उसने बकाया राशि से इन्कार नहीं किया है और 13 फरवरी 2025 को मंजूर लिक्विडेशन प्लान के तहत चरणबद्ध भुगतान किया जा रहा है। राज्य ने कहा कि केंद्रीय दर के अनुरूप डीए करने पर सालाना करीब 6,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पंजाब का वेतन-पेंशन खर्च राजस्व प्राप्तियों का करीब 51 फीसदी है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने और मौजूदा भुगतान योजना जारी रखने की अनुमति मांगी है।