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  • Ram Mandir को मिला पहला CEO, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे कमान; करगिल और ऑपरेशन सिंदूर का है अनुभव

    Ram Mandir को मिला पहला CEO, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे कमान; करगिल और ऑपरेशन सिंदूर का है अनुभव

    अयोध्या

    राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO का ऐलान हो गया है. भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिली है. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी। 

    कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र शर्मा?
    एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी हैं, उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया. इससे पहले, उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के तौर पर काम किया था. वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग के डिप्टी चीफ भी रह चुके हैं। 

    मिश्रा नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल के पूर्व छात्र हैं. वे एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के भी पूर्व छात्र हैं। 

    मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था. 38 साल से ज्यादा के करियर में, उन्हें 3000 घंटे से ज्यादा का फ्लाइट एक्सपीरियंस है. उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं। 

    स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, वे उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 एयरक्राफ्ट पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाया था. इन बमों का इस्तेमाल बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हुए मशहूर हमलों में किया गया था। 

    ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों को शामिल किया गया है. इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव का नाम शामिल है। 

    चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे और विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद ट्रस्ट के तीन पद खाली थे. जिसके बाद तीन लोगों को ट्रस्टी बनाया गया है. ट्रस्टी बने महेश भागचंदका अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वहीं, मदन मोहन पांडेय हाईकोर्ट में मंदिर पक्ष के वकील थे. तीनों ही राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ऑनलाइन जुड़े। 

    राम मंदिर के नए CEO को जानें

    वायुसेना से रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO होंगे. बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में उन्हें CEO चुना गया. रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा हाल ही में वायुसेना से रिटायर्ड हुए हैं. पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सफेद सागर' और 'ऑपरेशन सिंदूर' में उनकी अहम भूमिका रही है। 

    1999 में कारगिल युद्ध के समय 'ऑपरेशन सफेद सागर' के दौरान उन्होंने मिराज 2000 से पाकिस्तानी सेना पर बमबारी की थी. वहीं, पिछले साल पहलगाम अटैक के बाद हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की कमान इन्हीं के हाथों में थी। 

    'ऑपरेशन सिंदूर' में उनकी अहम भूमिका के लिए उन्हें पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था. इससे पहले 2024 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2013 में विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। 

    'ऑपरेशन सफेद सागर' में अहम भूमिका
    जीतेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया था. लगभग 40 साल के करियर में उन्होंने 3 हजार घंटे से ज्यादा उड़ान भरने का अनुभव है. उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं। 

    स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 एयरक्राफ्ट पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाया था. इन बमों का इस्तेमाल बाद में 'ऑपरेशन सफ़ेद सागर' के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हुए हमलों में किया गया था। 

    सीईओ के पास होंगी ये जिम्मेदारियां
    राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता के लिए एक सीईओ बेहद जरूरी है. नए नियमों के तहत सीईओ के अधिकार और शक्तियां तय की जाएंगी. सीईओ ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनके पास सभी प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक अधिकार होंगे। 

    5500 से ज्यादा आवेदन आए
    राम मंदिर के पहले CEO पद के लिए कुल 5585 आवेदन आए. ट्रस्ट ने इनमें से तीन उम्मीदवार चुने उसमें से जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिली है. इसके लिए बुधवार को ट्रस्ट की बैठक हुई. बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी कमलनयन दास, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, ट्रस्टी महंत दीनेंद्र दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 

    कैसे चुना गया नया CEO
    सीईओ के चयन की प्रक्रिया में AI आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल मूल्यांकन का इस्तेमाल किया गया. आवेदनों की जांच के लिए 600 अंकों का मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया था. प्रारंभिक मूल्यांकन में 3,577 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से 470 या उससे अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को चयनित किया गया. इसके बाद 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में 108 आवेदकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की गई और अंतिम रूप से 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू किया गया। 

    राम मंदिर CEO का ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब मंदिर को मिले चंदा में कथित चोरी का विवाद चल रहा है. इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और एक अन्य पदाधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है। 

     

  • अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने दिया आउटसोर्स सेवाकर्मियों को बड़ा उपहार

    उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया सीएम योगी ने, यूपीकॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और लोगो का अनावरण भी 

    सीएम ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक, पांच तारीख तक सीधे अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक

    घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार परिवार को मिलेगा 20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर 

    3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख लोगों को मिलेगा निगम का लाभ: सीएम योगी

    ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा, सरकार आउटसोर्स एजेंसी को देगी सर्विस चार्ज, कर्मचारी से नहीं होगी कटौती

    आउटसोर्स कर्मी को सीधे निकाल नहीं सकेगी कंपनी, पहले सरकार को बताना होगा, जांच के बाद होगा निर्णय

    ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के माध्यम से होने वाले आउटसोर्स कर्मियों के शोषण पर होगा प्रहार 

    किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप सुनिश्चित होगा पारिश्रमिक

    अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को बुधवार को बड़ा उपहार दिया। इन कर्मियों से जुड़ी सभी समस्याओं को सुनने व सुलझाने के लिए सीएम ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ करने के साथ ही यूपीकॉस के पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और इसके लोगो का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक सौंपे तथा 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम बनने से 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। 

    आउटसोर्स कर्मचारियों की गरिमा स्थापित करने का प्रयास  
    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूपी की साढ़े 9 वर्ष में विकास यात्रा का श्रेय नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालयों, चिकित्सालयों व शासन व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा व आउटसोर्स कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह शासन की जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति को गरिमा के अनुरूप सम्मान प्राप्त हो। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए हमारी सरकार का प्रयास इसी गरिमा व गौरव को स्थापित करना है।

    सरकार ने समझी पीड़ा, दूर की चिंता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की व्यवस्था तीन खेमों में बंटी थी। एक तरफ कार्मिक, दूसरी तरफ एजेंसी और तीसरी तरफ सरकारी विभाग होता था। कर्मचारी समस्या लेकर अलग-अलग दरवाजों पर जाता था, लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। वेतन की चिंता, सामाजिक व सेवा संबंधी सुरक्षा की गारंटी भी नहीं थी। तब इन कर्मियों का प्रश्न होता था कि आखिर मेरी पीड़ा कौन सुनेगा, मेरे परिवार की चिंता कौन करेगा। हमारा मानना है कि सरकार व कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन और कार्य का नहीं हो सकता, वह विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। कर्मचारी का जीवन कागजों व कार्यालयों के चक्कर में न बीते। उसे महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड और अधिकारों को सुरक्षित रखा जा रहा है। वह अकेला नहीं, उसकी समस्या को सुनने का भी तंत्र है। समय से वेतन, भविष्य निधि, बीमा अधिकार, मेहनत के अनुरूप मानदेय हर कार्मिक का अधिकार है और सरकार ने यही सुनिश्चित किया है।

    सामाजिक के साथ आर्थिक भेदभाव भी नहीं होना चाहिए
    सीएम ने कहा कि जब कर्मचारियों से मानदेय पूछते थे तो कोई 8 हजार, कोई  11 हजार बताता था। जो 9 हजार बताते थे, उन्हें भी 6 हजार ही मिलता था। हमारा मानना है कि सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव भी दूर किया जाना चाहिए। व्यक्ति को मेहनत का उचित मानदेय मिलना ही श्रम का सम्मान है। उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, बल्कि घटना-दुर्घटना पर बीमा कवर भी मिलना चाहिए। हमारी सरकार ने संवेदनशीलता को सुशासन की पहली शर्त मानते हुए आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया। इसके माध्यम से हर कार्मिक को संस्थागत सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अधिकार किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि मेहनत से प्राप्त होगा। व्यवस्था में बिचौलियों की जगह नहीं होगी। पोर्टल पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी। अब कर्मचारी अकेला नहीं है, निगम उसके साथ होगा। 

    20 लाख लोगों को मिल सकेगा सुरक्षा कवर 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी को समय पर अधिकार मिलता है तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति को नहीं मिलता। बच्चे की पढ़ाई, मां की दवाई, बेटी का भविष्य सुनिश्चित होता है। परिवार को भरोसा मिलता है कि मेहनत बेकार न जाएगी। सरकार निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर प्रदान करना चाहती है। अब सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसी व कर्मचारी आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित व्यवस्था से जुड़ जाएंगे। मैनपावर की आवश्यकता का आकलन, रिक्तियों का पूर्वानुमान व मानव संसाधन की योजना बनाई जा सकेगी। 

    श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप होगा पारिश्रमिक 
    सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की आरक्षण नीतियों के अनुरूप योग्यता व मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होगी। भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, मानदेय, ग्रेच्युटी, बीमा व सेवा लाभ की डिजिटल मॉनिटरिंग भी होगी। कर्मचारी अब सेवा विवरण, अकाउंट, उपस्थिति, भुगतान व कटौती आदि एक ही जगह देख सकेगा। यहीं शिकायत दर्ज कराकर समय से निराकरण भी पा सकेगा। श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप प्रत्येक कर्मचारी का पारिश्रमिक भी सुनिश्चित होगा। 

    पांच तारीख तक अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 से 5 तारीख तक सीधे बैंक अकाउंट में पारिश्रमिक जाएगा। नियमित रूप से ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा। सरकार आउटसोर्स एजेंसी को सर्विस चार्ज देगी, वे कर्मचारी के पैसे से कटौती नहीं सकेंगे। कंपनी किसी आउटसोर्स कर्मी को निकाल नहीं सकेगी। वह पहले सरकार को बताएगी, जिसकी जांच होगी। कंपनी की रिपोर्ट गलत हुई तो कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं हो पाएगा।

    मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ईएसआई अंशदान का पैसा ईएसआई अस्पतालों में निशुल्क उपचार के लिए देंगे, यदि वहां किसी उपचार की सुविधा नहीं मिली तो आयुष्मान भारत से इसे जोड़ेंगे। इससे आउटसोर्स कर्मी व परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे। 

    20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर 
    सीएम ने आउटसोर्स सेवा निगम के साथ एसबीआई के एमओयू का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मानदेय सीधे बैंक में जाएगा और घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार 20 से 40 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर परिवार को मिलेगा। अग्निकांड का शिकार होने पर 10 लाख, आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख, आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए 10 लाख, बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख, बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक मिलेगा। दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8-10 लाख तक तथा किसी कर्मचारी की मृत्यु पर बैंक के माध्यम से निगम परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खुलेगा और इसके माध्यम से परिवार के चार सदस्यों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अब आउटसोर्स कर्मचारियों को ऑर्गनाइज्ड, स्किल्ड, सिक्योर व डिग्निफाइड वर्कफोर्स में बदलने वाला निगम प्रारंभ हो रहा है। 

    पहले सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं कंपनियां
    सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 के पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ मानती थीं। उस समय उन्होंने जो कंपनियां रखी थीं, उसमें अधिकतर सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं, जो भर्ती, यूनिफॉर्म व अन्य कार्यों के नाम पर शोषण करती थीं। भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को बोझ नहीं, बल्कि मानव संसाधन के रूप में संपत्ति माना है। 

    कभी नहीं बदलेगी मानव श्रम की गरिमा
    सीएम ने कहा कि ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ऑटोमेशन व नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन मानव के श्रम की गरिमा कभी नहीं बदलेगी। टेक्नोलॉजी जितना आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना अधिक मानवीय होना पड़ेगा। साढ़े 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार ने भय-अराजकता से मुक्ति दिलाई तो पारदर्शिता के साथ नई कार्य संस्कृति को भी बढ़ाया। व्यवस्था के किनारे खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाया गया। यूपी की अर्थव्यवस्था में किसान, नौजवान, महिलाएं, कारीगर, रेहड़ी-पटरी वाले, मेहनतकश नागरिक, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम से जुड़े उद्यमी, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा से लेकर सरकारी कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मचारी मजबूत भागीदारी निभा रहे हैं। 

    किसानों को उद्यमिता से जोड़ रही सरकार
    सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने किसानों को बाजार तक पहुंच दी। उसे तकनीक, सिंचाई, बीमा और सीधे भुगतान से जोड़ा। हमारी सोच है कि किसान सिर्फ खेती न करे, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत उद्यमी भी बने। 2017 से पहले कारीगरों में निराशा थी। पिछली सरकारों की अकर्मण्यता के कारण पीढ़ियों का धंधा चौपट हो चुका था। हमारी सरकार ने एक जनपद-एक उत्पाद योजना लागू की, उसे तकनीक, बाजार दिया। आज कारीगर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

    अब दौड़ रहा है उत्तर प्रदेश
    सीएम ने कहा कि पहले छोटे उद्यमी विभागों में चक्कर लगाते थे। हमने एमएसएमई के लिए पहले उद्योग लगाने और 1000 दिन में एनओसी की व्यवस्था बनाई। आज 96 लाख एमएसएमई यूनिट में 3.15 करोड़ से अधिक लोग काम कर रहे हैं। हमने सिंगल विंडो सिस्टम बनाया। अब उत्तर प्रदेश दौड़ रहा है। हमने केवल सुरक्षा नहीं दी, बल्कि प्रदेश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।

    महिला समृद्धि के लिए लगातार काम किए सरकार ने
    सीएम ने कई महिला सदस्यों वाले मिल्क प्रोड्यूसर समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि वे झांसी, आगरा, लखनऊ, काशी, गोरखपुर, रायबरेली आदि जनपदों में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। इससे 4 लाख बहनें जुड़कर आत्मनिर्भरता की कहानी कह रही हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर लगभग 1 करोड़ महिलाएं प्रदेश की प्रगति को गति दे रही हैं। 

    छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले भर्ती निकलती थी तो युवा को पेपर लीक समेत कई चुनौतियों से जूझना पड़ता था। हमने यूपी सरकार के सभी आयोग व बोर्ड में आवश्यक बदलाव किए। सुनिश्चित किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर जेल और संपत्ति जब्त होगी। अगले छह महीने में एक लाख नए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। यूपी पुलिस में 2.25 लाख भर्ती की गईं। 2017 से पहले यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, अब 44 हजार हैं और नई भर्ती के बाद 11-12 हजार और भर्ती हो जाएंगी। यूपी में 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। पहले बड़े उद्योग महज 14 हजार थे, अब यह संख्या 35 हजार होने जा रही है। 2017 के पहले 120 स्टार्टअप थे, आज 24 हजार से अधिक हैं।

    ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के शोषण पर प्रहार 
    सीएम ने कहा कि हम युवाओं को स्किल, इनोवेशन व टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट-इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स के रूप में तैयार कर रहे हैं। एआई, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के साथ थ्री-डी प्रिटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। यूपी के हर मंडल में एक विश्वविद्यालय है। अब यूनिवर्सिटी बनाने के लिए ‘रामपुर सिडिंकेट’ व अन्य लोगों के लिए अलग-अलग प्रावधान जैसा नहीं है। 2017 के पहले ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ व्यवस्था का खून चूसता था। एजेंसियों के माध्यम से शोषण होता था। आउटसोर्स निगम के माध्यम से अब तीसरे सिंडिकेट पर भी प्रहार होगा।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

  • उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय में जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार, कौशल विकास तथा औद्योगिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने की संभावनाओं पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण, बेहतर आधारभूत सुविधाओं तथा कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता से वैश्विक निवेशकों के लिए व्यापक संभावनाएं सृजित हुई हैं। उन्होंने जर्मनी के साथ आर्थिक एवं औद्योगिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर बल दिया।

    बैठक में दोनों पक्षों के बीच तकनीकी सहयोग, नवाचार, कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक निवेश के क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर भी विचार-विमर्श हुआ। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होने तथा प्रदेश में आधुनिक तकनीक और निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं।

    इस अवसर पर राउनहेम, जर्मनी के महापौर श्री डेविड रेंडल, इनोवेशन हब राइनमेन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्टीफन विट्टेकाइंड, जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निर्मल रमन, जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस के अध्यक्ष श्री सेल्वाकुमार पेरियासामी सहित अन्य प्रतिष्ठितजन उपस्थित रहे।

  • लोगों को भ्रमित कर रही एआई जनित खबरें

    लोगों को भ्रमित कर रही एआई जनित खबरें

    लोगों को भ्रमित कर रही एआई जनित खबरें

    एनएमसी से जुड़ी फेक न्यूज़ सोशल मीडिया पर वायरल 

    लखनऊ
     सोशल मीडिया लोगों की दिनचर्या का एक हिस्सा बन गया है। जहां दिन भर तरह-तरह की खबरें प्रसारित और प्रचारित होती रहती हैं। देखने और पढऩे में सामान्य सी लगने वाले कई समाचार सच से कोसों दूर होते हैं। यह खबरें केवल न्यूज पेपर कटिंग तक सीमित नहीं है घटना-दुर्घटना के वीडियो भी एआई से बनाकर व्यूज बटोरने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। खबरों से प्रभावित होने वाले जब उसकी पड़ताल करते हैं तो पता चलता है कि वह समाचार एआई यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बना है। 

    तकनीक के हमेशा से ही दो पहलू रहे हैं। एक वह जो मानव सभ्यता के लिए लाभदायक होता है तो दूसरा आम आदमी का जीवन खतरे में डाल सकता है। इसी तकनीक का ताजा उदाहरण है एआई। आज के समय में हर कोई एआई का मास्टर बनना चाहता है। एआई आपकी तस्वीर को सुन्दर बनाने से लेकर कपड़े और लोकेशन तक बदल सकता है। इतना ही नहीं आप एआई की मदद से कोई भी वीडियो बना सकते हैं। आज इसी तकनीक का सहारा लेकर कई लोग फेक न्यूज़ और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर व्यूज बढ़ा रहे हैं। यही लोग समाचार पत्र की कटिंग सी लगने वाली खबर भी एआई से बनाकर सोशल मीडिया में पोस्ट कर रहे हैं। कई समाचार पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों के फैक्ट जांचे बगैर ही उन्हें अखबार में जगह दे देते हैं। जो लोगों की परेशानी का सबब बन जाता ह है। फर्जी खबरों की कड़ी में एक न्यूज सोशल मीडिया पर वायरल हुई जो राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से जुड़ी थी । जिसमें NMC द्वारा डमी फैकल्टी की लिस्ट तैयार किये जाने की जानकारी दी गयी थी। लिस्ट उन डॉक्टरों की जो तैनात तो हैं पर कॉलेज नहीं जाते। अब प्रभावित लोगों ने इसकी पड़ताल की हकीकत सामने आई कि समाचार फर्जी और एआई जनित है। लोगों का कहना है कि इससे होने वाली परेशानी से मानसिक दबाव बनाता है।
    कभी किसी दुर्घटना की फर्जी खबर आ जाती है तो कभी किसी प्रतियोगी परीक्षा का रिजल्ट आ जाता है। यहां तक की एआई से लोग अफसरों के नियुक्ति और आदेश पत्र बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। और ऐसे लोगों की भी संख्या कम नहीं है जो बगैर सच को जाने समझे उस पत्र को शेयर करते चले जाते हैं। आए दिन ऐसी दर्जनों पोस्ट वायरल होती हैं जिनका सच से कोई लेना देना नहीं। किसी कोई भी जागरूक नागरिक इसकी पड़ताल करता है तब यह पता चला है कि समाचार पत्र या वीडियो एआई से जेनरेट किया गया है।

  • मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    अंकित बालियान हत्याकांड पर सीएम योगी का सख्त रुख, मंत्री ने परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

    मंत्री कपिल देव अग्रवाल बोले- अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता
     
    मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश 

    लखनऊ/शामली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शामली के अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई तेज हुई है। मुख्यमंत्री ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शामली के बंतीखेड़ा गांव पहुंचकर दिवंगत अंकित बालियान के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

    मंत्री ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अंकित बालियान की हत्या की घटना बेहद कष्टदायी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और सरकार की स्पष्ट नीति है कि प्रदेश में अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलेगा।

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई
    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि करीब पांच दिन पूर्व हरियाणा से आए शार्प शूटर द्वारा अंकित बालियान की सरेआम हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश में अपराध करके कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस कार्रवाई में घायल हुए दोनों आरोपी
    मंत्री ने बताया कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हुए। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपियों और किसी भी संभावित साजिशकर्ता के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में हत्याकांड के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया’
    मंत्री अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अंकित बालियान के पिता से भी बातचीत की। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और शार्प शूटरों की पहचान भी की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खोया है। दीपावली, होली, रक्षाबंधन समेत हर त्योहार पर परिजनों को अंकित की कमी महसूस होगी। जिस मां की कोख सूनी हुई है, उसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

    एनकाउंटर पर सवाल उठाने पर विपक्ष पर निशाना
    अखिलेश यादव द्वारा पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाए जाने को लेकर मंत्री ने कहा कि पहले विपक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग करता है और जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करती है तो उसी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुख और शोक की इस घड़ी को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। यदि पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई तथ्यात्मक सवाल है तो उसकी जांच की मांग की जा सकती है, लेकिन बिना आधार के सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

    ‘योगी सरकार में अपराधियों को संरक्षण नहीं’
    कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।” सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी और अंकित बालियान हत्याकांड में भी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

    परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

    परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

    अनियमितता पर परिवहन कार्यालय के दो लिपिक सहित 15 व्यक्तियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज 

    वरिष्ठ सहायक मधुर मिश्रा एवं विपिन कुमार के विरूद्ध खुली सतर्कता जांच

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन नेे परिवहन विभाग के 02 एआरटीओ और 01 आरटीओ को कार्मिकों द्वारा बरती गयी अनियमितताओं में संलिप्तता, कार्यालय में विफल पर्यवेक्षण, अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण, शासनादेशों/उच्चादेशों की अवहेलना किये जाने पर प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सख्त कार्यवाही की है। इसमें कानपुर नगर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) तृतीय दल, श्रीमती सोमलता यादव एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और कानपुर नगर के ही संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), राकेन्द्र सिंह को 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। 
    संबंधित प्रकरण में प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी कानपुर ने अपर पुलिस उपायुक्त एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी कानपुर नगर द्वारा संभागीय/सहायक परिवहन कार्यालय कानपुर नगर का औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान वहां पर उपस्थित लगभग 50 व्यक्तियों से पूछताछ की गयी, जिसमें 11 संदिग्ध व्यक्ति चिन्हित हुए जो कि आवेदकों से गाड़ियों का पंजीकरण कराने एवं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी करके अवैध धन उगाही कर रहे थे। इन व्यक्तियों के पास से 43,485 रूपये नगद भी बरामद किया गया था। इस मामले में परिवहन कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा एवं विपिन कुमार की भी संलिप्तता पाई गयी। इस प्रकार मौके पर कुल 15 व्यक्तियों के विरूद्ध जिला प्रशासन द्वारा थाना काकादेव कानपुर नगर में प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गयी। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया वाहन संख्या यूपी 91 एटी 4251 (ट्रक) के चालक द्वारा अवगत कराया गया कि संभागीय परिवहन कार्यालय कानपुर नगर के कार्मिक द्वारा 26,750 रूपये की धनराशि उससे ली गयी और उसे मात्र 21,750 रूपये की जमा पर्ची उपलब्ध कराई गयी। जांच में उपलब्ध कैश के मिलान में भी उक्त अनियमितता पायी गई। संबंधित प्रकरण की निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी द्वारा परिवहन आयुक्त कार्यालय को भी प्रेषित की गयी थी।
    परिवहन मंत्री ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में अधिकृत व्यक्तियों द्वारा कार्य न लिये जाने के संबंध में शासन एवं मुख्यालय स्तर से समय-समय पर दिशा निर्देश दिये जाने के बावजूद संभागीय/सहायक परिवहन कार्यालय कानपुर नगर में अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्य किया जाना, उनके साथ पैसों का अवैध लेन देन किया जाना, इस बात का दोतक है कि उक्त कार्यालय में कार्यों का निस्तारण अवैध तरीके से किया जा रहा है जो कि उक्त पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की शिथिलता का परिचायक है। उन्हांेने सख्त निर्देश दिये हैं कि परिवहन विभाग में किसी भी स्तर पर कार्यों में शिथिलता एवं लोगों के साथ धोखाधड़ी होना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
    निलम्बन की अवधि में श्रीमती सोमलता यादव एवं आलोक कुमार मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इस मामले में शासन द्वारा उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
    परिवहन मंत्री के निर्देश पर परिवहन आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी कानपुर द्वारा प्रेषित पत्र के आधार पर उक्त प्रकरण में संलिप्त कार्मिकों विपिन कुमार एवं मधुर मिश्रा वरिष्ठ सहायक को उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से 27 अगस्त को ही निलंबित कर दिया गया। साथ ही उक्त कार्मिकों के विरूद्ध खुली सतर्कता जांच भी विभाग द्वारा कराया जा रहा है। जांच प्रकरण में पाया गया कि विपिन कुमार द्वारा एवं मधुर मिश्रा द्वारा चालान रसीद में अंकित धनराशि के सापेक्ष क्रमशः 7000 रूपये तथा 15,000 रूपये कम पाये गये।
    सम्पर्क सूत्र- आशीष सिंह

  • ड्रोन सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत, CISF-DFI 370 प्रतिष्ठानों की करेगी निगरानी; बहरोड़ बनेगा हब

    ड्रोन सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत, CISF-DFI 370 प्रतिष्ठानों की करेगी निगरानी; बहरोड़ बनेगा हब

    रांची.

    देश के महत्वपूर्ण और अति-संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को ड्रोन खतरों से मजबूत करने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने बड़ा कदम उठाया है। सीआईएसएफ और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) के बीच सीआईएसएफ मुख्यालय में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

    इसके तहत ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान और परिचालन क्षमता को बढ़ाया जाएगा। समझौते पर सीआईएसएफ की ओर से डीआइजी एवं एमपीआरटीसी बहरोड़ के प्रिंसिपल डाॅ. सीडी नायक और डीएफआई के अध्यक्ष स्मित शाह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन समेत बल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    बहरोड़ में बनेगा उत्कृष्ट केंद्र
    समझौते के तहत सीआईएसएफ के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर (आरटीसी), बहरोड़ को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणाली के लिए उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह केंद्र गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत काम करेगा। यहां ड्रोन से उत्पन्न संभावित खतरों से निपटने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।

    भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप के साथ होगा अनुसंधान
    डीएफआई भारतीय ड्रोन स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों के सहयोग से सीआईएसएफ की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। इसके तहत व्यावहारिक अनुसंधान, नई तकनीकों के परीक्षण और परिचालन तैयारियों को मजबूत किया जाएगा। सुरक्षा प्रतिष्ठानों की जरूरत के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और प्रायोगिक परियोजनाएं भी तैयार की जाएंगी।

    संदिग्ध ड्रोन की जांच के लिए स्वदेशी तकनीक
    समझौते के तहत संदिग्ध ड्रोन की पहचान और जांच के लिए स्वदेशी फोरेंसिक उपकरण विकसित करने पर भी काम होगा। इसके साथ ही रेड-टीमिंग अभ्यास और संयुक्त ड्रिल आयोजित की जाएंगी, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की तैयारियों को परखा जा सके।

    370 से अधिक अति-संवेदनशील प्रतिष्ठान
    सीआईएसएफ देश के 370 से अधिक अति-संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। इनमें परमाणु संयंत्र, हवाई अड्डे, अंतरिक्ष केंद्र समेत अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे शामिल हैं। बल के 3,000 से अधिक जवानों को ड्रोन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 80 सीआईएसएफ इकाइयां निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही हैं।

    बदलती हवाई चुनौतियों से निपटने में मिलेगी मदद
    सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि यह समझौता गृह मंत्रालय के लक्ष्यों को पूरा करने के साथ बदलती हवाई चुनौतियों के खिलाफ बल की तैयारियों को परखने और मजबूत करने में मदद करेगा। वहीं, डीएफआई के अध्यक्ष स्मित शाह ने कहा कि भारतीय ड्रोन उद्योग देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। स्वदेशी नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर सुरक्षा ढांचा तैयार करने में उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • लुधियाना में स्कूल के अंदर हेड टीचर की मौत, सीने में दर्द के बाद अचानक हुए बेहोश

    लुधियाना में स्कूल के अंदर हेड टीचर की मौत, सीने में दर्द के बाद अचानक हुए बेहोश

    लुधियाना.

    सरकारी प्राइमरी स्कूल हैबोवाल खुर्द में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल के हेड टीचर हरजीत ग्रेवाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद वह पानी पीते समय अचानक नीचे गिर पड़े।

    स्कूल के अध्यापक उन्हें तुरंत नजदीकी क्लीनिक लेकर गए, जहां से उन्हें दयानंद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
    जानकारी के अनुसार, हरजीत ग्रेवाल मंगलवार को रोजाना की तरह स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने सुबह प्रार्थना सभा में भी हिस्सा लिया। इसके बाद कुछ दफ्तरी काम निपटाया और कक्षाएं भी लीं। स्कूल के अध्यापकों के मुताबिक, वह सामान्य नजर आ रहे थे और किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हो रही थी। बाद में वह स्कूल में राउंड पर निकले। इस दौरान वह विद्यार्थियों से बातचीत कर रहे थे। अचानक उन्होंने सीने में दर्द होने की शिकायत की। 

    विद्यार्थियों ने पिलाया पानी
    वहां मौजूद विद्यार्थियों और अध्यापकों ने उन्हें पानी दिया। पानी पीने के दौरान ही वह अचानक नीचे गिर पड़े। इसके बाद स्कूल में मौजूद अध्यापकों ने उन्हें संभाला और तत्काल नजदीकी क्लीनिक पहुंचाया। क्लीनिक में प्राथमिक जांच के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दयानंद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। अध्यापक उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    ड्रग जनगणना ड्यूटी के दौरान हुआ था हमला
    बताया जा रहा है कि हरजीत ग्रेवाल पहले ड्रग जनगणना ड्यूटी के दौरान हमले का भी शिकार हुए थे। ड्यूटी के दौरान उन पर चाकू से हमला किया गया था, जिसमें उन्हें चोटें आई थीं। हालांकि मंगलवार को हुई मौत का संबंध उस घटना से था या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि हरजीत ग्रेवाल नियमित रूप से स्कूल में सक्रिय रहते थे। वह राउंड के दौरान बच्चों से बातचीत करते और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते थे। मंगलवार को भी वह सामान्य तरीके से अपने काम में लगे हुए थे। अचानक हुई उनकी मौत से स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों में शोक का माहौल है।

  • UPCOS लॉन्च: यूपी के 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सुरक्षा कवच, सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

    UPCOS लॉन्च: यूपी के 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सुरक्षा कवच, सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी UPCOS की शुरुआत की. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में आउटसोर्स कर्मचारियों से लेकर स्थायी कर्मचारियों और नगर निकायों के सफाईकर्मियों तक, हर वर्ग के श्रमिकों का योगदान रहा है. अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके श्रम को सम्मान मिले और उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप अधिकार और सुरक्षा उपलब्ध हो। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास और प्रगति की जो यात्रा तय की है, उसके पीछे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और श्रमिकों का योगदान है, उन्होंने कहा कि चाहे नगर निकायों में काम करने वाले सफाईकर्मी हों या शासन की अलग-अलग व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले कर्मचारी, सभी ने प्रदेश को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। 

    उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों में स्थायी और आउटसोर्स, दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं. ऐसे में शासन की जिम्मेदारी बनती है कि हर कर्मचारी को उसकी गरिमा के अनुरूप सम्मान मिले। 

    'सरकार और कर्मचारी का रिश्ता सिर्फ वेतन का नहीं'
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की स्थापना का उद्देश्य केवल कर्मचारियों के प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सम्मान और गरिमा को स्थापित करना भी है. उन्होंने कहा, सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं, बल्कि विश्वास का होता है, इस विश्वास को मजबूत करने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें कर्मचारी को यह महसूस हो कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उसकी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने का प्रभावी तंत्र मौजूद है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी को यह महसूस होना चाहिए कि वह व्यवस्था में अकेला नहीं है और उसकी मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। 

    सीएम ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए और हर कर्मचारी को उसकी मेहनत के अनुरूप मानदेय प्राप्त होना चाहिए, उन्होंने श्रम के सम्मान को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए आर्थिक भेदभाव को भी दूर करना जरूरी है। 

    बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म, पोर्टल से मिलेगी जानकारी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में अब बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी. कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल की व्यवस्था की जाएगी. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारी सीधे अपनी सेवाओं तथा सुविधाओं से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। 

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से सरकार करीब 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर देने जा रही है. इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध कराना है। 

    पेपर लीक पर बोले सीएम
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जब भी कोई भर्ती निकलती थी, तो युवाओं को सबसे पहले पेपर लीक होने की चिंता सताती थी. परीक्षा देने के बाद परिणाम की चिंता होती थी और परिणाम आने पर चयन प्रक्रिया पर कोर्ट की रोक लगने का डर रहता था. चयन होने के बाद नियुक्ति और नौकरी मिलने के बाद अपनी सेवा को लेकर चिंता बनी रहती थी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस पूरी मानसिकता को बदलने का काम किया है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति की जगह जेल होगी और उसकी पूरी संपत्ति जब्त की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। 

  • भाजपा विधायक के निधन पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक

    भाजपा विधायक के निधन पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक 

    काफी समय से बीमार थे बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल शर्मा 

    लखनऊ
     भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल शर्मा का बुधवार को निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया। 

    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री एवं जनपद बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक अनिल शर्मा का निधन अत्यंत दु:खद है। विनम्र श्रद्धांजलि।

    सीएम योगी ने लिखा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।