Category: राज्य

  • मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे

    मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे

    2017 के पहले बाढ़पीड़ितों को देते थे सूखी ब्रेड, अब मिलती है 26 सामानों वाली 50 किलो की किट : सीएम योगी

    वाराणसी में बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

    मुख्यमंत्री ने कहा – पहले यही सामग्री, यही पैसा सपाई खाकर डकार जाते थे

    जिन किसानों की फसल डूबी है, उनका सर्वे कर मुआवजा देने का आदेश

    10 वर्ष पहले 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे, दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे

    सीएम बोले, जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लाती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है, गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है

    मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर वितरित की राहत सामग्री

    लखनऊ/वाराणसी,
     वाराणसी के विद्या विहार इण्टर कॉलेज में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावितों के राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के 45 जिले बाढ़ से प्रभावित होते थे और दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, इतनी राहत सामग्री पहले नहीं मिलती थी। तब एक सूखी ब्रेड मिलती थी और हम देते हैं 50 किलो की किट, जिसमें 26 प्रकार के सामान होते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की डूबी फसलों का सर्वे किया जा रहा है। उन्हें भी मुआवजा देने के आदेश कर दिए गए हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि उस समय न बच्चों के लिए दूध था, न गर्म भोजन, न राशन और न डिग्निटी किट। यही सामग्री या यही पैसा 2017 के पहले ये सपाई सब खा जाते थे। गरीब का हक खाकर डकार जाते थे। जब अच्छी सरकार आती है, अच्छी स्कीम लेकर आती है, लूट-खसोट पर रोक लगाती है और गरीब को उसका हक उपलब्ध करवाती है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत वर्ष भी मुझे इस विद्यालय परिसर में आकर राहत कार्यों की समीक्षा करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने क्या व्यवस्थाएं की हैं, इनका निरीक्षण करने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत सामग्री का भी वितरण किया।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष वरुणा नदी में जब गंगा जी का जलस्तर बढ़ता है तो वरुणा नदी बैक फ्लो करती है और उसके कारण निचले क्षेत्र में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है। आज से 10 साल पहले इसी सीजन में भीषण जलजमाव से लोगों का आवागमन बाधित होता था, उन्हें परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि आज मेरे साथ बाढ़ नियंत्रण के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह साथ में हैं। पिछले नौ-साढ़े नौ वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रत्येक क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, उसके परिणाम वाराणसी में भी देखने को मिल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए नए कलेवर के रूप में एक नई काशी का हम सब दर्शन कर रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम हो, काशी के घाट हों, काशी के अंदर रेलवे स्टेशन हो, बस स्टेशन हो, एयरपोर्ट हो, सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य हो, रिंग रोड का कार्य हो, जनता को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने का कार्य हो या बाढ़ पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए किए गए उपाय हों, ये सभी आज काशी में देखने को मिल रहे हैं। जिस प्रदेश में आज से 10 वर्ष पहले दर्जनों जनपदों में मस्तिष्क ज्वर से बच्चे कालकवलित होते थे, आज इस बात को देखकर संतुष्टि होती है कि कुल मिलाकर 14 ऐसे जिले हैं, जहां आज पानी थोड़ा-बहुत आया है। उन क्षेत्रों का हम दौरा कर राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं।

    किट में 26 प्रकार के सामान हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे

    सीएम ने कहा कि व्यापक स्तर पर पूरा जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी युद्ध स्तर पर राहत कार्य के साथ जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पैसा भेजा है, आपदा राहत निधि से उसी पैसे से सारी व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं। इस किट में ढाई किलो लाई, कच्चा चना दो किलो, भुना चना दो किलो, चीनी एक किलो, 10 पैकेट बिस्किट, माचिस एक पैकेट, मोमबत्ती एक पैकेट, नहाने के दो साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो अरहर दाल, 10 किलो आलू। हल्दी, मिर्च, मसाले, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, एक किलो नमक, सैनिटरी पैड, कपड़ा धोने के दो साबुन, एक तौलिया, एक सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डिटॉल या सेवलॉन। यह 26 प्रकार के आइटम हर प्रभावित परिवार को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

    मौत पर 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवार को राहत की व्यवस्था

    सीएम योगी ने कहा कि पानी का फैलाव होता है तो सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों के द्वारा काटने की शिकायतें आती हैं। मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष के कारण भी बहुत सारी जगह जनहानि की शिकायतें आती हैं। मकान ढहने या बिजली गिरने से भी समस्याएं आती हैं। इन सबको भी आपदा राहत के रूप में शामिल किया गया है। किसी की डूबने से मौत हो गई, आकाशीय बिजली से असामयिक मौत हो गई, किसी किसान की खेत में काम करते समय, बटाईदार के खेत में काम करते समय या उनके परिवार के सदस्य की खेत में काम करते समय मौत हो गई, तो आपदा राहत निधि से अगले 24 घंटे के अंदर उस परिवार को चार लाख रुपये की सहायता हर हाल में मिल जाए, यह व्यवस्था कर दी गई है।

    किसी गरीब का मकान जल गया, किसी गरीब का मकान बाढ़ में बह गया या बाढ़ में टूट गया, तो उसको तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना में एक आवास उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है कोई भेदभाव किसी के साथ नहीं करती, सबको उसका अधिकार मिले और यही अधिकार देने के लिए और समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर आज वे यहां पर आए हैं।

    21 राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था 
    मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के 16 वार्डों में 567 परिवार प्रभावित हैं, जिनमें 2,486 नागरिक रह रहे हैं और 21 राहत शिविरों में इन सभी को रखने की व्यवस्था की गई है। सभी प्रकार की सुविधाएं वहां उपलब्ध करवाने के साथ ही यहां पर बचाव के लिए 48 नाव, एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीम भी 24 घंटे उन क्षेत्रों में सक्रिय की गई हैं। बाढ़ से बचाव के लिए मेडिकल शिविर लगाए जा रहे हैं। जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उन्हें आयुष्मान कार्ड और मुफ्त में दवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। 1,129 किसान ऐसे हैं, जिनकी 131 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई है। उसका सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे करवाने के बाद उनको भी हम राहत सामग्री उपलब्ध करवाने का काम करेंगे। ये सभी कार्य इसीलिए संभव हो पाया है, क्योंकि काशी ने देश की संसद में एक सुयोग्य प्रतिनिधि सांसद बनाकर भेजा है। यह हमारा सौभाग्य है कि काशी के सांसद पूरे देश को प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व दे रहे हैं।

    डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी  
    सीएम ने आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे हर नागरिक के जीवन में परिवर्तन लाया जा सके। 24 घंटे कंट्रोल रूम के माध्यम से एक-एक गतिविधि की जानकारी लेकर हर जरूरतमंद तक उसकी आवश्यकता के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य डबल इंजन की सरकार करेगी।

    इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक पिंडरा डॉ. अवधेश सिंह, विधायक कैंट सौरभ श्रीवास्तव, विधायक अजगरा त्रिभुवन राम आदि उपस्थित थे।

  • ‘उदयपुर में फिर भाजपा’ के नारों से गूंजा लेकसिटी, CM भजनलाल ने रोड शो कर मांगा समर्थन

    ‘उदयपुर में फिर भाजपा’ के नारों से गूंजा लेकसिटी, CM भजनलाल ने रोड शो कर मांगा समर्थन

    उदयपुर
    उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा ने चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को लेकसिटी में रोड शो कर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के साथ कार्यकर्ताओं में जोश भरा। सूरजपोल चौराहे से शुरू हुआ मुख्यमंत्री का रोड शो बापू बाजार होते हुए देहली गेट बैंक तिराहे तक पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं, विभिन्न समाजों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    रोड शो की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूरजपोल चौराहे पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे खुली गाड़ी में सवार होकर रोड शो के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री के साथ जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन और ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा मौजूद रहे।

    भाजपा ने रखा 60+ का लक्ष्य
    उदयपुर नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। पार्टी लंबे समय से यहां नगर निगम बोर्ड पर काबिज रही है। इस बार 80 वार्डों में भाजपा ने 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। नए परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण, बागी प्रत्याशियों और संभावित भितरघात के बीच मुख्यमंत्री का रोड शो पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

    मेयर पद इस बार सामान्य होने और वार्डों के नए परिसीमन के चलते चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोड शो के दौरान 'उदयपुर में फिर भाजपा' के नारे लगाए।

    कांग्रेस पर सीएम का हमला
    रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया, उनके मंत्री और अधिकारी जेल में हैं और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव के समय केवल मुद्दे उछालने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनका धरातल नहीं बचा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय तीन नगर निगमों को बढ़ाकर छह किया गया था, जिसे भाजपा सरकार ने समाप्त किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।

    सीएम भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले संकल्प पत्र में किए गए वादों में से 78 फीसदी पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने रामजल सेतु योजना, नर्मदा के पानी को आगे बढ़ाने और उदयपुर की देवास परियोजना को गति देने का जिक्र किया।

    उन्होंने रोडवेज को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग कहते थे कि रोडवेज कभी मुनाफे में नहीं आ सकती। भाजपा सरकार ने एक हजार नई रोडवेज बसें खरीदी हैं और एक हजार और बसें खरीदी जाएंगी।

    'ट्रिपल इंजन की सरकार जरूरी'
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय और पंचायतों के विकास के लिए ट्रिपल इंजन की सरकार जरूरी है। सीएम ने कार्यकर्ताओं से एक-एक वार्ड में मजबूती से जुटने और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का आह्वान किया।

  • शिक्षक दिवस पर शिक्षा मंत्री की बड़ी पहल, राज्य के सभी 5.80 लाख शिक्षकों को भेजा पत्र

    शिक्षक दिवस पर शिक्षा मंत्री की बड़ी पहल, राज्य के सभी 5.80 लाख शिक्षकों को भेजा पत्र

    पटना
    शिक्षक दिवस के दिन राज्य के सभी पांच लाख 80 हजार शिक्षकों को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पत्र भेजा। तीन पेज के इस पत्र में मंत्री ने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका, उनके योगदान और समाज एवं राज्य के भविष्य निर्माण में उनकी जिम्मेदारी का उल्लेख किया है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि बिहार का उज्ज्वल भविष्य आज के विद्यालयों और वहां पढ़ने वाले बच्चों से जुड़ा है। ऐसे में शिक्षक राज्य के भविष्य को संवारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षकों ने इस पहल के लिए शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित गोपालगंज और बांका की दोनों महिला शिक्षकों बधाई दी है।

    डाक विभाग: इंस्पेक्टर पदोन्नति परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि 15 तक बढ़ी
    डाक विभाग ने इंस्पेक्टर पदोन्नति के लिए आयोजित होने वाली विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) के लिए अब उम्मीदवार 15 सितंबर शाम 5:30 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितंबर निर्धारित थी। इस संबंध में डाक विभाग संचार मंत्रालय भारत सरकार के विभागीय परीक्षा अनुभाव ने अधिसूचना जारी की है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि जो योग्य कर्मचारी किसी कारणवश समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें एक और मौका मिल सके और कोई भी पात्र व्यक्ति इस पदोन्नति के अवसर से वंचित न रहे। यह परीक्षा 26 और 27 सितंबर 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से इंस्पेक्टर पदों पर 66.66 प्रतिशत विभागीय कोटे के तहत पदोन्नति दी जानी है। जो केवल डाक विभाग में पहले से ही कार्यरत कर्मचारियों के लिए है।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति वर्ष 2026 की उन रिक्तियों के लिए होगी जो एक जनवरी 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 के बीच खाली होंगी या हो सकती हैं। आवेदनों के सत्यापन का काम 16 सितंबर तक करना होगा। अगर किसी आवेदन में कोई गलती या कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए उम्मीदवारों को 17 सितंबर तक का समय दिया गया है, जबकि पहले यह तारीख 11 सितंबर थी। इसके बाद जब उम्मीदवार अपने सुधरे हुए आवेदन दोबारा जमा करेंगे, तो नियंत्रण अधिकारी उन्हें 18 सितंबर तक जांचकर पास करेंगे। आवेदनों को अंतिम रूप देने और परीक्षा केंद्र आवंटित करने का काम नोडल अधिकारी अब 19 सितंबर तक करेंगे। प्रवेश पत्र 22 सितंबर शाम 5:30 बजे से डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस परीक्षा का लाभ देश के सभी डाक सर्किलों के कर्मचारियों को मिलेगा। बिहार के सभी जिलों में तैनात पात्र डाक कर्मचारी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं और अगर वे सफल होते हैं तो इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत हो सकते हैं।

  • पाकिस्तानी संगठन को लाइव फीड देने का आरोप, दिल्ली कैंट-सोनीपत स्टेशनों पर लगाए थे कैमरे

    पाकिस्तानी संगठन को लाइव फीड देने का आरोप, दिल्ली कैंट-सोनीपत स्टेशनों पर लगाए थे कैमरे

      लखनऊ
    देश के संवेदनशील स्टेशनों, महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर पैनल कैमरा लगाकर पाक स्थित संदिग्ध संगठन को जानकारी भेजने के मामले में एनआईए ने शनिवार को 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपपत्र में खुलासा हुआ कि जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी सरदार जोरा सिंह ने अन्य आरोपियों की मदद से 15 फरवरी को दिल्ली कैंट स्टेशन का दौरा किया। इसके बाद स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव प्रसारण उपलब्ध कराई।

    कैमरे का उपयोग करके सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो भी ली गई। आरोपियों ने कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया। आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ व्हाटसऐप इंस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। राज और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के कोरियर से जूते में छिपाकर 12 भारतीय सिम दुबई भेजे थे। एनआईए ने विशेष न्यायाधीश ने आरोपी प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शाने इरम सहित 13 आरोपियों के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरू कर दी है।

    पाक की सोलर कैमरे तक पहुंच: एनआईए
    एनआईए की ओर से अदालत को बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर आरोपी प्रवीण व शिवराज ने दो जेसीएल के साथ 25 फरवरी को सोनीपत रेलवे स्टेशन का दौरा किया इन आरोपियों ने रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल कैमरा लगाया और पाकिस्तानी संगठन को लाइव कैमरे की पहुंच प्रदान की। यह भी बताया गया कि आरोपियों ने दिल्ली कैंट के कैमरों को चलाने के लिए शिवा बाल्मीकि के नाम से पंजीकृत सिम का प्रयोग किया जबकि आरोपी साने इरम ने भारतीय सिम के साथ वॉट्सएप इनस्टॉल करने के लिए सरदार जोरा सिंह को दो ओटीपी भेजी थी। इसके साथ ही साथ शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार और सुहैल मलिक ने छह कंप्यूटर माउस भेजे थे।

    जबकि राज बाल्मिक और शिवा वाल्मीकि ने कौशांबी के ब्लू डॉट कोरियर से दुबई में स्पोर्ट्स शूज की एक जोड़ी भेजी थी और दोनों मौके पर शिवा वाल्मीकि के मोबाइल नंबर का उपयोग खेप बुक की गई थी। चार्जशीट में आगे कहा गया कि सरदार जोरा सिंह और विक्की जद्दू के निर्देश पर गाजियाबाद के ब्लू डार्ट कोरियर के ज़रिए जूते में छुपा कर 12 भारतीय सिम कार्ड दुबई भेजे गए थे। बताया गया कि संदिग्ध पाकिस्तानी संगठन के निर्देश पर उनके द्वारा जीपीएस मैप कैमरे का उपयोग करके विभिन्न सैन्य प्रातिष्ठानों की वीडियो तस्वीर ली गई।

    अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल
    कोर्ट में बताया गया कि इस मामले में अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें से 5 नाबालिग आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने इसी साल 18 मई को गाज़ियाबाद के किशोर न्याय बोर्ड में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ आपराधिक साजिश रची। वे प्रतिबंधित व अति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से घुसे, वहां जासूसी कैमरे लगाए, और फोटो-वीडियो को जियो-टैगिंग के साथ दुश्मन देश में बैठे हैंडलरों को भेजा। साथ ही आरोपियों ने दुश्मन देश से जुड़े लोगों को भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराए और उन्हें संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सटीक जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो-वीडियो जुटाने में मदद की। इससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ।

  • पंजाब के वन कर्मचारियों को राहत, नौकरी से नहीं निकाले जाने का मंत्री लाल चंद कटारू ने दिया भरोसा

    पंजाब के वन कर्मचारियों को राहत, नौकरी से नहीं निकाले जाने का मंत्री लाल चंद कटारू ने दिया भरोसा

    चंडीगढ़
     मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए नीतियां बनाने के दृढ़ इरादे को दोहराते हुए वन एवं वन्य जीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं में वन कर्मचारियों का महत्वपूर्ण स्थान है।

    आज डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन, पंजाब के साथ एक बैठक के दौरान वन मंत्री ने यूनियन की सभी मांगों को धैर्यपूर्वक सुना और जायज़ मांगों को उच्च स्तर पर उठाने का विश्वास दिलाया।डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन, पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मंत्री ने कर्मचारियों की मांगें सुनीं और जायज मांगों को उच्च स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।

    फील्ड वर्करों के कार्य को खतरनाक कार्यों की श्रेणी में शामिल करने की मांग पर उन्होंने इसे सरकार के समक्ष उठाने की बात कही। कटारूचक्क ने स्पष्ट किया कि कोई भी चल रहा कार्य ठेके पर नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग में अब तक 1,458 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। इनमें इस वर्ष 516 और पिछले वर्ष 942 कर्मचारी शामिल हैं।

    मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार अब तक 70 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दे चुकी है और सभी नियुक्तियां मेरिट के आधार पर की गई हैं। बैठक में पीसीसीएफ धर्मिंदर शर्मा, एपीसीसीएफ प्रतिमा श्रीवास्तव और एपीसीसीएफ चर्चिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    इस मामले को सरकार के उच्च स्तर पर उठाएंगे
    फील्ड वर्करों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को खतरनाक कार्यों की श्रेणी में शामिल करने की मांग के संबंध में कटारूचक्क ने कहा कि वे इस मामले को सरकार के उच्च स्तर पर उठाएंगे।

    बैठक के दौरान मंत्री ने विश्वास दिलाया कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा क्योंकि राज्य सरकार कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, कोई भी चल रहा कार्य ठेके पर नहीं दिया जाएगा।

    ये रहे उपस्थित
    कटारूचक्क ने आ
    गे कहा कि पंजाब सरकार ने वन विभाग में 1,458 कर्मचारियों को नियमित किया है, जिसमें इस वर्ष 516 कर्मचारी और पिछले वर्ष 942 कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 70,000 से अधिक नौकरियां दी गई हैं और हर एक नौकरी मेरिट के आधार पर दी गई है, जो राज्य सरकार के कर्मचारी-हितैषी रवैये को दर्शाता है।

    इस अवसर पर अन्य के अलावा पी.सी.सी.एफ. (वन बल प्रमुख) धर्मिंदर शर्मा, ए.पी.सी.सी.एफ. (प्रशासन) प्रतिमा श्रीवास्तव और ए.पी.सी.सी.एफ. (पनकैम्पा) चर्चिल कुमार भी उपस्थित थे।

  • खिलाड़ियों को अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, लखनऊ में तैयार हो रहा स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर

    खिलाड़ियों को अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, लखनऊ में तैयार हो रहा स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर

    खिलाड़ियों की चोट का इलाज अब लखनऊ में, तैयार हो रहा अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर

    योगी सरकार का खेल प्रतिभाओं को बड़ा तोहफा, लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज में बन रहा सेंटर

    अब दूसरे राज्यों का नहीं करना पड़ेगा रुख, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होगा सेंटर

    सेंटर में होंगी क्रायोथेरेपी से लेकर शॉकवेव थेरेपी तक सात अत्याधुनिक मशीनों की सुविधा

    सिविल कार्य प्रगति पर, उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी

    करीब 7.17 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सेंटर को एक साल की समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य

    लखनऊ,
     उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रही है। राजधानी लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर की स्थापना की जा रही है। यह प्रदेश का पहला ऐसा सेंटर होगा, जहां खिलाड़ियों की फिटनेस, खेल संबंधी चोटों के उपचार, फिजियोथेरेपी, पुनर्वास, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और खेल प्रदर्शन में सुधार के लिए वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

    सेंटर के निर्माण के बाद प्रदेश के खिलाड़ियों को खेल संबंधी चोटों के इलाज और आधुनिक पुनर्वास के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा एवं खेल विज्ञान सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे खिलाड़ियों को समय पर उपचार मिलने के साथ उनकी रिकवरी और खेल में वापसी की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

    फिटनेस से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक एकीकृत व्यवस्था

    स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर का उद्देश्य केवल घायल खिलाड़ियों का उपचार करना नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक क्षमता का नियमित वैज्ञानिक मूल्यांकन और प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना भी है। सेंटर में खिलाड़ियों को फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स साइंस आधारित प्रशिक्षण, पोषण संबंधी परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मार्गदर्शन की सुविधा मिलेगी। इसके माध्यम से खिलाड़ियों की फिटनेस का वैज्ञानिक आकलन कर उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण और रिकवरी की रणनीति तैयार की जा सकेगी। चोट के बाद पुनर्वास से लेकर मैदान पर वापसी तक खिलाड़ियों को विशेषज्ञों की निगरानी में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।

    करीब 7.17 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा तैयार

    स्पोर्ट्स सांइस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर की स्थापना के लिए शासन द्वारा 716.77 लाख रुपये (7.17 करोड़ रुपये) की स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना के माध्यम से खिलाड़ियों के लिए आधुनिक चिकित्सा, पुनर्वास और खेल विज्ञान से जुड़ा मजबूत सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अभी तक ऐसा सेंटर नहीं था। इसमें बाहर के लोगों को भी इलाज की सुविधा दिए जाने का प्रस्ताव है। फीस देकर आमजन भी अपनी चोटों का इलाज और पुनर्वास करा सकेंगे।

    सात अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा सेंटर

    खिलाड़ियों के उपचार और रिकवरी के लिए सेंटर में सात प्रमुख अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें हॉल बॉडी क्रायोथेरेपी चैबर, रेडियल शॉकवेव थेरेपी डिवाइस, टीईसीएआर चिकित्सा उपकरण, वायवीय संपीडन चिकित्सा इकाई, कॉम्बो पेन मैनेजमेट इलेक्ट्रोथेरेपी यूनिट, क्लास-4 चिकित्सीय लेजर प्रणासी, फोकस्ड शॉकवेव थेरेपी यूनिट शामिल हैं। 

    हॉल बॉडी क्रायोथेरेपी चैबर सुविधा में तरल नाइट्रोजन के स्थान पर बिजली से संचालित क्रायोथेरेपी कक्ष की सुविधा होगी। इसमें -120°C से -140°C तक तापमान सीमा उपलब्ध होगी। जबकि रेडियल शॉकवेव थेरेपी डिवाइस दो एकीकृत कंप्रेसर के माध्यम से उच्च आवृत्ति, 20 Hz तक के इम्पल्स देने में सक्षम होगा। इसका डिजाइन आधुनिक और उपयोग में आसान बताया गया है। वहीं टीईसीएआर चिकित्सा उपकरण उच्च आवृत्ति इलेक्ट्रोथेरेपी के जरिए गहरे ऊतकों के उपचार की सुविधा मिलेगी। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार की उपचार प्रणालियां उपलब्ध होंगी, जिनमें धाव, टैडन, लिगामेंट, जोड़ तथा मांसपेशियों के उपचार जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    वायवीय संपीड़न चिकित्सा इकाई (प्न्यूमैटिक कंप्रेशन थेरेपी यूनिट) के माध्यम से दोनों पैरों, भुजाओं, कमर एवं शरीर के विभिन्न हिस्सों का एक साथ उपचार किया जा सकेगा। खिलाड़ियों के रिकवरी और पुनर्वास में यह उपयोगी होगा। कॉम्बो पेन मैनेजमेंट इलेक्ट्रोथेरेपी यूनिट में समकालिक, वैकल्पिक, पृथक एवं क्रमिक चैनल मोड में इलेक्ट्रोस्टिमुलेशन की सुविधा होगी। इसके जरिए गैल्वैनिक, फैराडिक, ट्रेबर्ट, अल्ट्रा राइज, हाई वोल्ट, माइक्रो करंट तथा टीईएनएस जैसी विभिन्न करंट थेरेपी उपलब्ध होगी।

    क्लास-4 चिकित्सीय लेजर प्रणाली में 2 इंच या उससे अधिक बैकलिट टच स्क्रीन डिस्प्ले और क्लास-4 जीएएआईएएस डायोड लेजर स्रोत होगा। इसकी न्यूनतम 10 वाट या उससे अधिक आउटपुट क्षमता होगी। फोकस्ड शॉकवेव थेरेपी यूनिट में मायोफेशियल ट्रिगर प्वाइंट, पीठ दर्द और गर्दन दर्द आदि के उपचार में उपयोगी होगा। इसके जरिए कैल्सिफिक टेंडिनोपैथी जैसी समस्याओं के उपचार में भी सहायता मिलेगी।

    निर्माण कार्य प्रगति पर, उपकरणों की खरीद जल्द

    स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर का सिविल निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। वहीं अत्याधुनिक चिकित्सा एवं खेल विज्ञान उपकरणों की खरीद के लिए कार्यदायी संस्था द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। टेंडर प्रक्रिया के बाद उपकरणों की खरीद की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
    परियोजना को कार्य प्रारंभ होने की तिथि से एक वर्ष की समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सेंटर के तैयार होने के बाद खिलाड़ियों को उपचार, रिकवरी और प्रदर्शन सुधार के लिए एकीकृत सुविधा उपलब्ध होगी।

    प्रशिक्षकों और खेल विशेषज्ञों की भी बढ़ेगी क्षमता

    इस सेंटर को खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशिक्षकों, खेल अधिकारियों और खेल विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों के लिए भी क्षमता विकास के मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे खेल से जुड़े मानव संसाधन को भी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और चोट प्रबंधन की बेहतर जानकारी मिल सकेगी।

    स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर महत्वपूर्ण पहल 
    प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ-साथ अ
    त्याधुनिक चिकित्सा एवं खेल विज्ञान सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रदेश का पहला ऐसा सेंटर होगा, जहां खिलाड़ियों की फिटनेस, चोटों के उपचार, फिजियोथेरेपी, पुनर्वास, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और खेल प्रदर्शन से जुड़ी सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगी।
    -कुमार विनीत, विशेष सचिव, खेल विभाग

  • भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब की कमान, चन्नी-वड़िंग गुट में संतुलन बनाना होगी चुनौती

    भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब की कमान, चन्नी-वड़िंग गुट में संतुलन बनाना होगी चुनौती

    चंडीगढ़
     पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की अटकलों के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस मामलों का प्रभारी नियुक्त किया है। उन्हें भूपेश बघेल की जगह यह जिम्मेदारी दी गई है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद को साधने की हाईकमान की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    सचिन पायलट का पंजाब से कोई सीधा राजनीतिक आधार नहीं रहा है। उनकी राजनीति मुख्य रूप से राजस्थान तक केंद्रित रही है। वह टोंक से कांग्रेस विधायक हैं और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। इससे पहले वह दौसा और अजमेर से लोकसभा सांसद भी रहे हैं। फिलहाल वह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं और दिसंबर 2023 में उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रभारी महासचिव बनाया गया था।

    पंजाब के पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और उनका गुट बघेल और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से नाराज था। उनका आरोप था कि बघेल ने प्रदेश प्रभारी होने के बावजूद हाईकमान को जमीनी हकीकत नहीं बताई।

    उनका कहना था कि चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के लिए किसी मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। हाईकमान ने यह मांग मान ली।

    पायलट को दोनों गुटों को करना होगा एकजुट
    पंजाब में उनकी सबसे बड़ी परीक्षा पार्टी की गुटबाजी को नियंत्रित करना होगी। प्रदेश कांग्रेस में एक तरफ प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का खेमा है, जबकि दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों की अलग राजनीतिक सक्रियता दिखाई देती रही है। ऐसे में पायलट को दोनों पक्षों के बीच समन्वय कायम कर संगठन को एकजुट करना होगा।

    इसके अलावा प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाना भी उनके लिए अहम होगा। खास बात यह है कि रंधावा इस समय राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी हैं। ऐसे में पायलट और रंधावा का संगठनात्मक तालमेल दोनों राज्यों में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। पंजाब में बदलाव के पीछे भूपेश बघेल की कार्यशैली को लेकर पार्टी के भीतर उठ रहे सवाल भी अहम माने जा रहे हैं।

    पायलट को नया प्रभारी क्यों बनाया..3 पॉइंट

        पंजाब कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी और मतभेदों से जूझ रही है। हाईकमान का मानना है कि पायलट संगठन को एकजुट कर सकते हैं।

        राजस्थान में 2013 के चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पायलट प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए। उन्होंने पांच साल ग्राउंड पर काम किया और अलग-अलग गुटों से तालमेल बैठाते हुए 2018 के चुनाव में कांग्रेस को बहुमत दिला दिया। हाईकमान को उम्मीद है कि इसका फायदा पंजाब में मिलेगा।

        पायलट का यूथ में बड़ा क्रेज है। पायलट ने जैसे 2018 में राजस्थान में कांग्रेस को जीत दिलाई थी, हाईकमान को उनसे पंजाब में वैसा ही करने उम्मीद है।

    पंजाब को लेकर लगातार मंथन
    उन पर राजा वड़िंग के पक्ष में अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहने के आरोप लगाए जाते रहे हैं, जिससे पार्टी के दूसरे धड़ों में असंतोष की धारणा बनी। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ नेताओं के बीच पंजाब को लेकर लगातार मंथन हुआ।

    इसके बाद बदलाव का फैसला सामने आया। अब पायलट के सामने 2027 के लिए कांग्रेस की नई चुनावी रणनीति तैयार करने, नेताओं को एक मंच पर लाने और जमीनी संगठन को मजबूत करने की चुनौती है। युवा चेहरे के तौर पर उनकी स्वीकार्यता और राजस्थान में संगठन चलाने का अनुभव पंजाब कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • दिल्ली में शिक्षक दिवस की धूम, 118 टीचर्स सम्मानित; MCD बनाएगी 24 निगम श्री स्कूल

    दिल्ली में शिक्षक दिवस की धूम, 118 टीचर्स सम्मानित; MCD बनाएगी 24 निगम श्री स्कूल

    नई दिल्ली
    शिक्षक दिवस पर 118 टीचर्स को 'दिल्ली स्टेट टीचर अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में खास योगदान देने वाले इन टीचर्स को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को त्यागराज स्टेडियम मैं अवॉर्ड दिए। इन 118 टीचर्स में 20 स्कूल हेड, शिक्षा निदेशालय और एमसीडी स्कूलों के 69 शिक्षक, 3 सीएम श्री स्कूलों समेत लाइब्रेरियन, स्पेशल एजुकेटर, स्पोर्ट्स टीचर सहित शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले टीचर्स भी हैं।

    कार्यक्रम में क्या बोलीं सीएम रेखा गुप्ता
    कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों की उपलब्धियों का ही सम्मान नहीं, बल्कि उस समर्पण, धैर्य और विश्वास का सम्मान है, जिसके माध्यम से वे हमारे बच्चों के भविष्य को आकार देते है। वहीं, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 10,417 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। 613 विशेष शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।

    VSPK इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल को मिला अवॉर्ड
    रोहिणी के VSPK इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. संचिता गुप्ता को भी राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला। प्रिंसिपल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशें लागू होने के बाद स्कूलों पर सकारात्मक असर पड़ा है। स्कूल के चेयरमैन एसके गुप्ता ने प्रिंसिपल संचिता गुप्ता को बधाई देते हुए कहा है कि उनके नेतृत्व में स्कूल ने अकैडमिक, स्पोर्ट्स समेत हर क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है।

    MCD शुरू करेगी 24 निगम श्री स्कूल
    शिक्षक दिवस पर केंद्रीय मंत्री और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने MCD स्कूलों के 4 प्रिसिपल और 83 टीचर्स को सम्मानित किया। इस दौरान मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि निगम में 24 निगम श्री स्कूल तैयार किए जा रहे है। दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर डॉ मोनिका पंत्, नेता सदन जय भगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा और एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार मौके पर मौजूद रहे।

  • रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला, SC-ST कर्मियों को पदोन्नति में मिलेगी अंकों की छूट

    रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला, SC-ST कर्मियों को पदोन्नति में मिलेगी अंकों की छूट

     अंबाला
     रेलवे में पदोन्नति का इंतजार कर रहे अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के रेलकर्मियों के लिए राहत है।

    आरक्षित पदों को खाली रहने से रोकने और पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से बनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए रेलवे बोर्ड ने अर्हता अंकों में छूट और ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’ योजना को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है।

    इसका लाभ गैर-सुरक्षा श्रेणी के पदों पर होने वाली पदोन्नति में मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों, आरडीएसओ और अन्य संबंधित कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    बोर्ड ने कहा है कि समय-समय पर निर्देश जारी होने के बावजूद रेलवे और उत्पादन इकाइयों में नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इसे दूर करने के लिए मौजूदा प्रविधानों को दोहराते हुए उनकी स्थिति स्पष्ट की है।

    वरिष्ठता आधारित चयन में 10 प्रतिशत अंकों की छूट
    गैर-सुरक्षा श्रेणी में ग्रुप-सी के भीतर वरिष्ठता के आधार पर पैनल तैयार होने पर एससी-एसटी कर्मचारियों को सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित अर्हता अंकों में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

    यह रियायत व्यावसायिक योग्यता और कुल अंकों दोनों में लागू होगी। यदि निर्धारित छूट और अन्य रियायतों के बावजूद आरक्षित रिक्तियों के अनुरूप पर्याप्त एससी-एसटी कर्मचारी पैनल में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’ योजना के तहत सामान्य अर्हता मानक पूरा नहीं कर पाने वाले कर्मचारियों पर विचार किया जा सकेगा।

    इसके लिए लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा, सेवा अभिलेख आदि प्रत्येक मद में और कुल मिलाकर कम से कम 20 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा।

    ऐसे कर्मचारियों को आरक्षित रिक्तियों की संख्या के अनुरूप पैनल में शामिल किया जा सकेगा। इस योजना के तहत पदोन्नति तदर्थ आधार पर होगी। छह महीने बाद प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी और संतोषजनक प्रदर्शन होने पर सक्षम पैनल अनुमोदन प्राधिकारी द्वारा पदोन्नति नियमित की जा सकेगी।

    एलडीसीई में भी एससी-एसटी कर्मियों को राहत
    30 प्रतिशत सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) में भी एससी-एसटी कर्मचारियों के लिए अर्हता मानकों में छूट जारी रहेगी। लिखित परीक्षा में उनके लिए अर्हता अंक सामान्य वर्ग के निर्धारित अंकों के तीन-पांचवें होंगे।

    मौखिक व सेवा अभिलेख के अंक मिलाकर एससी-एसटी उम्मीदवारों को कम से कम 18 अंक लेने होंगे, जबकि सामान्य वर्ग के लिए यह सीमा 30 अंक है। सेवा अभिलेख में न्यूनतम 15 अंक हासिल करना अनिवार्य रहेगा। एलडीसीई में पैनल योग्यता के आधार पर तैयार होता है, इसलिए इसमें ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’ योजना लागू नहीं होगी।

     

  • SIR नोटिस वाले मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, वंशावली से दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

    SIR नोटिस वाले मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, वंशावली से दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

     रांची
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस पाने वाले वैसे मतदाता, जिनके पास निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। वैसे मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था हैं। ऐसे मतदाता अपने, प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से सहायता ले सकते हैं।

    वे परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन ने कहा कि वे अपने संबंधित प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में संपर्क कर सीओ से निर्गत वंशावली, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी, आवासीय प्रमाण पत्र, व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

    ऐसे मतदाता आनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने को देखते हुए कार्मिक, प्रशासनिक विभाग की ओर से जाति, स्थानीय निवासी व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने की ऑफलाइन व्यवस्था तीन माह तक रखी गई है। इससे खासकर ग्रामीण, गरीब और तकनीकी जानकारी नहीं रखने वाले मतदाताओं को सुविधा मिलेगी।

    2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं मिल रहा तो क्या करें
    एसआईआर में प्रारंभिक स्तर पर नाम हटाए गए मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आधार, दसवीं का प्रमाण पत्र, माता-पिता से संबंधित प्रमाण पत्र, पासपोर्ट समेत 13 प्रकार के दस्तावेजों में से निर्धारित प्रमाण प्रस्तुत करने और नोटिस में दी गई तारीख व समय पर अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर कर सकते है।

    लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जो कम पढ़े-लिखे हैं, मजदूरी करते हैं, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, व दूसरे राज्य से आकर यहां बसे हैं। ऐसे मतदाता अपने , प्रखंड या अंचल कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मदद ले सकते हैं।

    सहायता ले सकते हैं। परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता अथवा अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर सीओ से प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त किया जा सकता है।

    10 दिनों में अब तक 30 हजार मतदाताओं सुनवाई हो चुकी
    एसआईआर के तहत 24 अगस्त से प्रखंड व अंचल कार्यालयों में मतदाताओं की सुनवाई जारी है। 24 अगस्त से 5 सितंबर तक अंचल कार्यालयों में 30 हजार से अधिक मतदाताओं की सुनवाई हो चुकी है। रोजाना करीब 200 मतदाताओं को सुनवाई के लिए तारीख दी जा रही है, लेकिन करीबन 70 से 80 मतदाता ही पहुंच रहे हैं।

    बता दे कि पांच अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद रांची जिले की सात विधानसभा सीटों के करीब 6.44 लाख मतदाताओं को अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किया गया था।