Category: राज्य

  • जस्टिस वी. कामेश्वर राव होंगे पटना हाईकोर्ट के नए CJ, 8 हाईकोर्ट में हुई नियुक्तियां

    जस्टिस वी. कामेश्वर राव होंगे पटना हाईकोर्ट के नए CJ, 8 हाईकोर्ट में हुई नियुक्तियां

    पटना
    सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर पटना समेत आठ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की शनिवार को नियुक्ति की गई। एक्स' पर एक पोस्ट में, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रमुख होंगे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट के जज संदीप मेहता द्वारा राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के प्रमुख होंगे। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, जस्टिस वी. कामेश्वर का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से 1987 में भूगोल में बीए आनर्स और 1990 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। मार्च 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की प्रधान पीठ में वकालत की।

    बताया जाता है कि जस्टिस वी. कामेश्वर ने वर्ष 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के तौर पर नामांकन करवाया था। उन्होंने श्रम, मध्यस्थता, संवैधानिक और प्रशासनिक कानूनों से जुड़े मामले में विशेषज्ञता हासिल की है।

  • योगी के नेतृत्व में 2027 जीत का दावा, यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने CM से की मुलाकात

    योगी के नेतृत्व में 2027 जीत का दावा, यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने CM से की मुलाकात

    लखनऊ
    भाजपा का यूपी प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। रविवार को योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास 5- कालिदास मार्ग, लखनऊ पर भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े एवं राष्ट्रीय मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी जगदीश ईश्वरभाई पटेल ने शिष्टाचार भेंट की। विनोद तावड़े शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर राजधानी लखनऊ पहुंचे थे। आज लखनऊ में भाजपा की कोर कमेटी की बैठक भी होनी है।

    कोर कमेटी की बैठक
    विनोद तावड़े के यूपी दौरे के दूसरे दिन भाजपा कोर कमेटी की बैठक होनी है। आज मुख्यमंत्री योगी के साथ विनोद तावड़े की मुलाकात हुई। इसमें बैठक में चुनाव की रणनीति और व्यापक बातचीत करके अहम फैसले लिए जाएंगे। इसके अलावा आज क्षेत्रीय प्रभारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और क्षेत्रीय महामंत्रियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में क्षेत्रवार राजनीतिक स्थितियों का जायजा लेकर उनके मुताबिक चुनावी रणनीति पर बातचीत होगी।
     

    केशव और ब्रजेश पाठक से मिले तावड़े
    यूपी भाजपा के नए प्रभारी विनोद तावड़े ने शनिवार देर शाम दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।सूत्रों के मुताबिक दोनों उप मुख्यमंत्रियों से प्रदेश सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पर चर्चा हुई। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन की भावी रणनीति को लेकर भी बातचीत हुई है।विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीप भाई पटेल का बेहद सादगी से उनका स्वागत हुआ।

    योगी की कप्तानी में फिर जीतेंगे यूपी: तावड़े
    भाजपा का यूपी प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने शनिवार को कहा कि योगी की अगुआई में भाजपा एक बार फिर 2027 में यूपी फतेह करेगी। दो दिवसीय दौरे पर आए तावड़े ने सपा के पीडीए पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि सपा के पीडीए का मतलब पराया धन अपना है। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी योगी के नेतृत्व में 2027 का विधानसभा चुनाव लड़े जाने की बात कह चुके हैं।

    नारी सुरक्षा को मुद्दा बनाएगी भाजपा
    तावड़े ने पीडीए पर तंज कसते हुए जिस तरह से पराया धन अपना कहा और उसकी व्याख्या करते हुए रुपया-पैसा और जमीन-जायदाद के साथ स्त्रीधन का जिक्र किया, उससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा सपा शासन काल में महिला सुरक्षा की स्थिति को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। तावड़े ने कहा कि सपा के पीडीए का मतलब पराया धन अपना है।

  • अवैध इमारत पर कार्रवाई के बाद राजभर का अखिलेश पर हमला- मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?

    अवैध इमारत पर कार्रवाई के बाद राजभर का अखिलेश पर हमला- मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?

    अवैध इमारत के मलबे पर फातिहा पढ़ेंगे अखिलेश? सहारनपुर मुद्दे पर ओपी राजभर का तीखा सवाल

    सहारनपुर में अवैध मस्जिद पर कार्रवाई, राजभर ने अखिलेश से पूछा-मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे?

    अवैध इमारत पर कार्रवाई के बाद राजभर का अखिलेश पर हमला- मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?
    सहारनपुर 

    सहारनपुर में अवैध इमारत हटाए जाने के मुद्दे पर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। राजभर ने रविवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव से सीधे सवाल पूछा है कि क्या वह सहारनपुर जाकर उस अवैध इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे? राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा, 'अखिलेश जी, सहारनपुर जाकर अवैध इमारत के मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे?'

    मसूद भाई की बातों का समर्थन करेंगे?

    ओपी राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने अखिलेश यादव से यह भी पूछा कि क्या वह 'मसूद भाई' की बातों का समर्थन करेंगे। पोस्ट के आखिर में राजभर ने सवाल को और धार देते हुए लिखा, 'यूपी पूछ रहा है, बताइए ना?'

    दरअसल, सहारनपुर का यह मामला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित उस मस्जिद से जुड़ा है, जिसे प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और अनधिकृत निर्माण बताते हुए शनिवार को हटाया। प्रशासन ने ये एक्शन कोर्ट के आदेश के बाद लिया है। लेकिन सपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

  • मिजोरम से जुड़ेगा गोरखपुर, आनंद विहार-सायरंग ट्रेन के प्रस्ताव पर जल्द लगेगी मुहर

    मिजोरम से जुड़ेगा गोरखपुर, आनंद विहार-सायरंग ट्रेन के प्रस्ताव पर जल्द लगेगी मुहर

    गोरखपुर
    पूर्वोत्तर रेलवे (NER) जल्द ही पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम से जुड़ने वाला है। रेलवे बोर्ड ने सेवाओं में विस्तार करते हुए मिजोरम तक ट्रेन चलाने की कवायद शुरू की है। प्रस्ताव के अनुसार ट्रेन आनंद विहार से चलकर गोरखपुर होते हुए सायरंग (मिजोरम) तक जाएगी। बाद में इसी ट्रेन को राजधानी के रूप में भी बदलने की योजना है। दरअसल सायरंग स्टेशन मिजोरम की राजधानी आइजोल जिले का स्टेशन है। ऐसे में आनंदविहार से सायरंग वाया गोरखपुर ट्रेन को राजधानी के रूप में चलाया जा सकता है। यह गोरखपुर से गुजरने वाली पहली राजधानी एक्सप्रेस होगी।

    इस नई सेवा से मिजोरम भी अब उत्तर प्रदेश (यूपी) और बिहार से सीधे जुड़ जाएगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद अब पूर्वोत्तर रेलवे में इसकी तैयारी तेज हो गई है। बोर्ड के दिशा-निर्देश पर रेलवे प्रशासन ने रूट, ठहराव और समय सारिणी का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसको लेकर बोर्ड में बैठक प्रस्तावित है और वहीं इस पर प्रस्ताव पर मुहर लगने की उम्मीद है। इसके चल जाने से यात्रियों को एक नई ट्रेन की सेवा तो मिलेगी ही साथ ही गोरखपुर से आनंद विहार की दूरी महज 10 से 11 घंटे में पूरी हो सकेगी। अभी यह दूरी 13 घंटे में पूरी होती है।

    सांसद ने उठाई थी मांग
    सदर सांसद रवि किशन ने गोरखपुर होते हुए राजधानी चलाने की मांग की थी। ऐसे में इस नई ट्रेन के प्रस्ताव से ये साफ है कि उसी दिशा में कवायद चल रही है। सांसद ने कई बार मुद्दे पर रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की थी।

    सात अक्तूबर से बदले रूट से जाएंगी 10 ट्रेनें
    उत्तर मध्य रेलवे के आगासोद स्टेशन पर यातायात ब्लॉक लिए जाने के चलते कुछ ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। यह जानकारी सीपीआरओ सुमित कुमार ने दी है। ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन इस प्रकार है।

    -दादर से 10, 11 एवं 13 अक्तूबर को 01027 दादर-गोरखपुर स्पेशल परिवर्तित मार्ग इटारसी-जबलपुर-कटनी-सतना-मानिकपुर के रास्ते चलाई जाएगी।

    -गोरखपुर से 10, 12 एवं 13 अक्तूबर को 01028 गोरखपुर-दादर स्पेशल परिवर्तित मार्ग मानिकपुर-सतना-कटनी-जबलपुर-इटारसी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -गोरखपुर से 24 सितम्बर से 15 अक्तूबर तक 15045 गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोविन्दपुरी-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलाई जाएगी।

    -ओखा से 20 सितम्बर से 11 अक्तूबर तक 15046 ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गुना-ग्वालियर-इटावा-गोविन्दपुरी के रास्ते चलाई जायेगी।

    -सूरत से 18 सितम्बर से 9 अक्तूबर तक 19053 सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गुना-ग्वालियर-इटावा-गोविन्दपुरी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -मुजफ्फरपुर से 20 सितम्बर से 11 अक्तूबर तक 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोविन्दपुरी-इटावा-ग्वालियर-गुना के रास्ते चलाई जाएगी।

    -बांद्रा टर्मिनस से 12 अक्तूबर को चलने वाली 19091 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मक्सी-रूठिया-गुना-महादेव खेड़ी-मलखेड़ी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -अहमदाबाद से 9 से 15 अक्तूबर तक चलने वाली 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मक्सी-रूठिया-गुना-महादेव खेड़ी-मलखेड़ी के रास्ते चलाई जाएगी।

    -गोरखपुर से 7 से 14 अक्तूबर तक चलने वाली 19490 गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मलखेड़ी-महादेव खेड़ी-गुना-रूठिया-मक्सी के रास्ते चलाई जाएगी।

  • स्वाइन फ्लू से पंजाब में मचा हड़कंप, 220 मरीज सामने आए; जालंधर में बुजुर्ग की संदिग्ध मौत

    स्वाइन फ्लू से पंजाब में मचा हड़कंप, 220 मरीज सामने आए; जालंधर में बुजुर्ग की संदिग्ध मौत

     जालंधर

    पंजाब में इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच जालंधर में सीजन की पहली संदिग्ध स्वाइन फ्लू मौत दर्ज की गई है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि 85 वर्षीय मरीज की मौत का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है. विभाग के अनुसार, अंतिम निष्कर्ष औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही सामने आएगा। 

    राज्य में अब तक 220 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. इनमें सबसे अधिक मामले लुधियाना और एसएएस नगर (मोहाली) में सामने आए हैं. अगस्त से मामलों में तेजी देखी जा रही है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट स्थापित किए हैं। 

    जालंधर के जमशेर खास के ताजपुर निवासी मूल राज (85) को सांस लेने में तकलीफ के बाद सिविल अस्पताल, जालंधर में भर्ती कराया गया था. उन्हें पहले से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) की समस्या थी। 

    इलाज के दौरान मौत
    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मूल राज का 2 सितंबर को GMC अमृतसर में H1N1 टेस्ट पॉजिटिव आया था. बाद में इलाज के दौरान शुक्रवार को सिविल अस्पताल, जालंधर में उनकी मौत हो गई. हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मरीज पहले से COPD समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर थी. ऐसे में केवल H1N1 इंफेक्शन को मौत का कारण मानना फिलहाल उचित नहीं होगा। 

    स्वास्थ्य विभाग ने कहा- ऑडिट के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीज इम्यूनो-कम्प्रोमाइज्ड थे और उन्हें पहले से कई सह-रुग्णताएं (co-morbidities) थीं. इसलिए उनकी मौत का वास्तविक कारण H1N1 था या पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं, इसका निष्कर्ष औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही निकाला जाएगा। 

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने भी शुक्रवार को कहा कि H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष सामने आया स्ट्रेन अभी तक नया या म्यूटेटेड स्ट्रेन नहीं पाया गया है. मंत्री के मुताबिक, जालंधर में 85 वर्षीय मरीज की मौत की वजह स्वाइन फ्लू होने की संभावना कम है। 

    पंजाब में 220 पॉजिटिव मामले, लुधियाना सबसे आगे
    स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक 1,513 संदिग्ध मरीजों की स्वाइन फ्लू के लिए जांच की गई है. इनमें से 220 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अकेले शुक्रवार को 14 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। 

    जिलेवार आंकड़ों में-

    लुधियाना — 72 मामले
    एसएएस नगर (मोहाली) — 36 मामले
    पटियाला — 16 मामले
    मोगा — 11 मामले
    जालंधर — 10 मामले
    रोपड़ — 9 मामले

    फाजिल्का — 1 मामला

    बाकी जिलों में संक्रमित मरीजों की संख्या 2 से 8 के बीच है.

    अगस्त से बढ़ने लगे मामले
    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पंजाब में स्वाइन फ्लू के मामलों में हालिया बढ़ोतरी अगस्त से देखने को मिल रही है. मामलों में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत किया है। 

    प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट स्थापित किए गए हैं, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा सके। 

    चार जिलों में सबसे ज्यादा असर
    आंकड़ों के मुताबिक, लुधियाना और एसएएस नगर राज्य में सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं. इनके बाद पटियाला, मोगा और जालंधर में भी मामले सामने आए हैं. हालांकि, राज्य के कई अन्य जिलों में संक्रमण के मामले अभी एकल अंक में हैं. स्वास्थ्य विभाग H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और लोगों से लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सा सहायता लेने की अपील की जा रही है। 

    स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ी, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं
    स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, फिलहाल इस साल सामने आए H1N1 स्ट्रेन में किसी नए या म्यूटेटेड स्वरूप की पुष्टि नहीं हुई है. जालंधर में हुई मौत को भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी “संदिग्ध स्वाइन फ्लू मृत्यु” के तौर पर दर्ज किया है. ऐसे में राज्य में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों की तैयारी महत्वपूर्ण हो गई है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मृतक की मौत को सीधे स्वाइन फ्लू से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। 

  • CM योगी ने बाढ़ पीड़ितों को दिया भरोसा, बोले- संकट में हर कदम पर साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार

    CM योगी ने बाढ़ पीड़ितों को दिया भरोसा, बोले- संकट में हर कदम पर साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार

    बाढ़ पीड़ितों को CM योगी का भरोसा- आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं, डबल इंजन सरकार आपके साथ

    CM योगी ने बाढ़ प्रभावित चित्रकूट दौरे से पहले सेल्फी वीडियो जारी कर दिया बाढ़ राहत का संदेश

    बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं CM योगी

     हर जीवन की सुरक्षा और हर परिवार तक राहत हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। सीएम योगी ने रविवार को चित्रकूट के दौरे से पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सेल्फी वीडियो शेयर कर बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी।

    सीएम योगी ने कहा कि ज्यादा बारिश के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सरकार पूरी तेजी के साथ लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी है। वह खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर हालात देख रहे हैं और राहत-बचाव के कामों का जायजा ले रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के मंत्री भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और राहत सामग्री बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए भी सरकार काम कर रही है।

    सीएम योगी ने बताया कि वह बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं और आज चित्रकूट जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए लोगों की सेवा सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहना भी है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि संकट की इस घड़ी में वे खुद को अकेला न समझें, सरकार पूरी तरह उनके साथ है।

    सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति की जान की सुरक्षा, हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाना और जरूरतमंदों की मदद करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

  • AI, स्मार्ट पैकेजिंग और कोल्ड चेन से बदलेगा खाद्य उद्योग, ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगी भारत की धाक

    AI, स्मार्ट पैकेजिंग और कोल्ड चेन से बदलेगा खाद्य उद्योग, ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगी भारत की धाक

     नई दिल्ली
     वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के नक्शे पर भारत एक बड़ी शक्ति बनकर उभरने की राह पर है। मूल्य-संवर्धन (वैल्यू एडिशन), अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के बूते भारतीय खाद्य व पेय उद्योग दुनिया भर में अपनी धक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    दिल्ली में एक कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के उप कृषि विपणन सलाहकार डॉ. जेपी डोंगरे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 500 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) के विशाल अनुमानित मूल्य के साथ यह क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में भारत का दबदबा भी कायम कर रहा है।

    डॉ. जेपी डोंगरे के अनुसार, एक दशक पहले देश में खाद्य प्रसंस्करण का स्तर महज तीन से चार प्रतिशत था, जो आज बढ़कर 16–17 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। जबकि, सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से 2047 तक खाद्य प्रसंस्करण स्तर को बढ़ाकर 25–30 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

    फसल कटाई के बाद के नुकसान पर लग रहा लगाम
    देश में हर साल होने वाले लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के फसल कटाई के बाद नुकसान को आधुनिक भंडारण और कोल्ड-चेन अवसंरचना के माध्यम से आर्थिक मूल्य में बदलने की योजना है। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना' (पीएमएफएमई) के तहत पिछले पांच वर्षों में करीब दो लाख सूक्ष्म उद्यमियों को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ा गया है।

    आर्गेनिक निर्यात में तेजी
    वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का आर्गेनिक निर्यात 665.97 मिलियन डालर (लगभग 5,500 करोड़ रुपये) के स्तर को पार कर गया है।

    उत्तर भारत खाद्य व उद्योग के लिए विकास का महत्वपूर्ण केंद्र
    कार्यक्रम के आयोजक व कोइलमेस्से प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक मिलिंद दीक्षित ने कहा कि उत्तर भारत खाद्य एवं उद्योग के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। मजबूत कृषि आधार और विविध प्रसंस्करण क्षमता के कारण यह क्षेत्र घरेलू के साथ-साथ वैश्विक बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है।

    मुंबई में सजेगा वैश्विक महाकुंभ: 'अनुगा 2026'
    भारतीय खाद्य क्षेत्र की इस बढ़ती हनक के बीच 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक मुंबई के बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में 'अनुगा सिलेक्ट इंडिया' और 'अनुगा फूडटेक इंडिया 2026' का 19वां संस्करण आयोजित होने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित इसके कर्टेन-रेजर कार्यक्रम में डा. जे.पी. डोंगरे ने कहा कि सरकार आधुनिक मशीनरी, पैकेजिंग और कोल्ड-चेन नेटवर्क के लिए वित्तीय सहायता देकर निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है।

    विदेशी ब्रांड्स की पहली पसंद बना मेड इन इंडिया
    भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते मिजाज और खाद्य आयात पर बात करते हुए फोरम ऑफ इंडियन फूड इंपोर्टर्स के संस्थापक अमित लोहानी ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत सदस्य कंपनियां अब ज्वाइंट वेंचर के जरिए भारत में ही इतालवी पास्ता, फ्रेंच बटर और बेल्जियन बिस्कुट जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्पाद तैयार कर निर्यात कर रही हैं।

    ब्राजीलियाई कॉफी और इक्वाडोरियन क्विनोआ की बढ़ती मांग भारत में 100 से 500 मिलियन डालर तक के वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के संकेत दे रही है। आगामी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से आयात-निर्यात को और गति मिलेगी।

    एआई और स्मार्ट पैकेजिंग से मिलेगी वैश्विक बढ़त
    ऑल इंडिया फूड प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राघव जाडली के अनुसार, कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी उत्पादन लागत भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आटोमेशन और स्मार्ट पैकेजिंग तकनीक से भारतीय खाद्य निर्माता उत्पादन लागत घटाकर वैश्विक बाजार में सीधी चुनौती दे सकेंगे।

     

  • राजस्थान में 10 नगर निगम फतह का लक्ष्य, BJP ने महाराष्ट्र के नेताओं की टीम मैदान में उतारी

    राजस्थान में 10 नगर निगम फतह का लक्ष्य, BJP ने महाराष्ट्र के नेताओं की टीम मैदान में उतारी

    जयपुर
     राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने इस बार ऐसा चुनावी प्रयोग किया है, जिसकी झलक अब तक मुख्य रूप से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ही देखने को मिलती रही है। पार्टी ने प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों को एक साथ जीतने के लक्ष्य के साथ 'महाराष्ट्र मॉडल' की तर्ज पर चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट तैयार किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के करीब 20 विधायक-विधान परिषद सदस्य और बड़े नेताओं को अलग-अलग निगमों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि इनके साथ करीब 25-25 विशेषज्ञों की टीमें भी मैदान में उतारी गई हैं। इस पूरी रणनीति की कमान महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को दी गई है।

    क्र. सं.    नगर निगम    कुल वार्ड
    1            जयपुर          150
    2            जोधपुर        100
    3              कोटा          100
    4            अजमेर         80
    5           बीकानेर         80
    6           उदयपुर         80
    7          भीलवाड़ा        70
    8          भरतपुर          65
    9           अलवर            65
    10          पाली               65
    कुल       10 नगर निगम    855

    60 लाख से ज्यादा मतदाताओं पर रहेगी नजर
    भाजपा ने राजस्थान के जिन दस नगर निगमों को इस बार अपने सबसे बड़े चुनावी टारगेट में शामिल किया है, उनमें कुल 855 वार्ड आते हैं। इन दसों नगर निगम क्षेत्रों में 60 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। खास बात यह है कि इन निगमों के 855 वार्ड प्रदेश में मौजूद कुल वार्डों का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा हैं।

    यही आंकड़ा भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का आकलन है कि अगर इन दस नगर निगमों में मजबूत प्रदर्शन कर जीत हासिल की जाती है, तो इसका राजनीतिक असर और संदेश छोटे निकायों में जीत की तुलना में कई गुना बड़ा होगा। इसी वजह से भाजपा ने इन निगमों को अपने प्रमुख चुनावी लक्ष्य के तौर पर रखा है।

    यह महाराष्ट्र मॉडल
    इस मॉडल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मतदाता तक बार-बार पहुंच बनाना है। हर निगम के लिए अलग मिशन और अलग कमांड सिस्टम तैयार किया गया है। स्थानीय संगठन की रिपोर्ट के साथ बाहर से आई टीम का स्वतंत्र जमीनी फीडबैक सिस्टम तैयार किया गया। सभाओं से ज्यादा घर-घर पहुंच का टारगेट, मतदाताओं का फीडबैक और मौके की स्थिति के आधार पर तत्काल रणनीति बदलने की प्लानिंग।

  • पटना में बाढ़ का विकराल रूप, गंगा रिकॉर्ड स्तर के पार और पुनपुन भी खतरे के करीब

    पटना में बाढ़ का विकराल रूप, गंगा रिकॉर्ड स्तर के पार और पुनपुन भी खतरे के करीब

    पटना
     गंगा व पुनपुन ने शनिवार को बाढ़ की विभीषिका और विकराल कर दी। गांधी घाट पर गंगा ने 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) का रिकार्ड तोड़ दिया। शाम पांच बजे तक यहां जलस्तर 50.57 मीटर हो गया, जो एचएफएल 50.52 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है।

    केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार सुबह आठ बजे तक यह पांच सेंटीमीटर बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। पुनपुन-श्रीपालपुर में अपने उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से 52 सेंटीमीटर नीचे 53.39 मीटर है।

    इसमें 24 घंटे में 11 सेमी की वृद्धि हुई और यह खतरे के निशान से 2.79 मीटर ऊपर बह रही है। शुक्रवार रात पुनपुन नदी पर बना रिंग बांध टूटने से फुलवारी प्रखंड के कुरा नवादा गांव में पानी घुस गया।

    रिसाव की सूचना पर मरम्मत नहीं करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई को बंधक बना जमकर हंगामा व नारेबाजी की।

    पांच दिन में 1.62 मीटर चढ़ी गंगा
    एक से पांच सितंबर शाम तक के आंकड़े देखें तो गंगा का उफान सामान्य वृद्धि नहीं है। इन पांच दिनों में बड़ा जलस्तर उछाल दर्ज किया गया। मनेर में 52.15 मीटर से 53.77 मीटर यानी 162 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।

    दीघा घाट पर 50.44 से 51.92 मीटर यानी 148 सेंटीमीटर और हाथीदह में 42.24 से 43.42 मीटर यानी 118 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।

    गांधीघाट पर 49.40 मीटर से बढ़कर 50.57 मीटर यानी 117 सेंटीमीटर पानी बढ़ा। चार प्रमुख केंद्रों में से तीन पर जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर के एक मीटर के भीतर पहुंच गया है। मनेर में पुराने उच्चतम स्तर से केवल दो सेंटीमीटर, हाथीदह में 10 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं दीघा में 60 सेंटीमीटर नीचे हैं।

    गंगा-पुनपुन के दोहरे दबाव का खतरा
    गंगा और पुनपुन दोनों के उफनाने का दुष्प्रभाव अब ग्रामीणा आबादी, खेतों से होते हुए शहरी क्षेत्र व तटबंधों तक पहुंच गया है। 2019 में इन्हीं दोनों नदियों के कारण पाश कालोनियों ने नावें चली थीं। दोनों नदियों के ऊंचे जलस्तर का असर अब नदी के किनारे तक सीमित नहीं है।

     

    पुनपुन का पानी रिंग बांधों में रिसाव और टूटने के बाद गांवों, खेतों और सड़कों तक पहुंच रहा है, जबकि गंगा का पानी निचले इलाकों और संपर्क मार्गों पर दबाव बढ़ा रहा है।

    खतरा इसलिए ज्यादा गंभीर है कि दोनों तरफ से पानी का दबाव बना हुआ है। गंगा रिकार्ड स्तर पार कर चुकी है तो पुनपुन अपने उच्चतम बाढ़ स्तर के बेहद करीब है।

  • पंजाब में मौसम ने ली करवट, पठानकोट में बारिश का अलर्ट जारी; जानें आज कैसा रहेगा मौसम

    पंजाब में मौसम ने ली करवट, पठानकोट में बारिश का अलर्ट जारी; जानें आज कैसा रहेगा मौसम

    अमृतसर
     पंजाब में शनिवार को कई हिस्सों में बारिश के बाद अब मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को केवल पठानकोट में यलो अलर्ट है। हालांकि पठानकोट और होशियारपुर में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।

    इसके बाद बारिश का दायरा लगातार घटेगा और ज्यादातर जिलों में मौसम सामान्य या शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि शनिवार कुछ जिलों में बारिश के बाद भी औसत तापमान में हल्की बढ़ौतरी देखने को मिली, लेकिन तापमान सामान्य के करीब बना रहा है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के आसार बन रहे हैं।

    शनिवार को 0.7 डिग्री बढ़ा औसत तापमान
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ के अनुसार शनिवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में शुक्रवार के मुकाबले 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद तापमान सामान्य के आसपास बना रहा।

    बठिंडा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरीदकोट में 35.5, रूपनगर में 34.3, लुधियाना और चंडीगढ़ में 34, मोहाली में 33.9, अमृतसर में 32.9 और पटियाला में 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    आनंदपुर साहिब में सबसे ज्यादा बारिश
    शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक कई क्षेत्रों में बारिश हुई। श्री आनंदपुर साहिब में 24 मिलीमीटर बारिश हुई, जो राज्य में सबसे अधिक रही। चंडीगढ़ में 15.2, पटियाला में 9, रोपड़ में 7.5 और लुधियाना में 3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

    पठानकोट के थीन बांध और गुरदासपुर में 0.5 से 1 मिलीमीटर बारिश हुई। अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर, होशियारपुर और संगरूर में बारिश नहीं हुई।

    सिर्फ पठानकोट में यलो अलर्ट जारी
    6 सितंबर: पठानकोट में कई स्थानों पर अच्छी बारिश और यलो अलर्ट रहेगा। होशियारपुर में भी कई स्थानों पर बारिश होगी। गुरदासपुर, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर, मानसा, बठिंडा, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, फिरोजपुर और मोगा में छिटपुट बारिश हो सकती है।

    7 सितंबर: पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर बारिश होगी। अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मानसा में छिटपुट बारिश संभव है। बाकी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।

    8 सितंबर: गुरदासपुर और होशियारपुर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। पठानकोट, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में छिटपुट बारिश हो सकती है। बाकी राज्य में मौसम शुष्क रहेगा।

    9 सितंबर: पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। पंजाब के बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।