Category: राज्य

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को मिलेगा नया बाजार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को मिलेगा नया बाजार

    लखनऊ
     योगी सरकार के निर्देश पर स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को नया बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन मॉल का उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित और विपणन करने के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है, जिससे कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के ओडीओपी और जीआई-टैग उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

    परंपरागत उद्योगों को मिलेगी संजीवनी
    ग्रामीण क्षेत्रों में दम तोड़ रहे परंपरागत उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए सरकार की ओर से बढ़ाया गया यह कदम न सिर्फ शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत कर रहा है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को “स्वदेशी की नई ताकत” के रूप में स्थापित भी कर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पीएम यूनिटी मॉल राज्यों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री, प्रदर्शन और ब्रांडिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है।

    आगरा में 128 करोड़ से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल
    आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर करीब 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम एवं रिटेनिंग बाल की आरसीसी का कार्य 100% तक पूर्ण हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 135 दुकानें होगी। यह मॉल नवंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।

    वाराणसी में काशी की विरासत को मिलेगा नया मंच
    वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 154.71 करोड़ रुपये की लागत से 1.46 एकड़ क्षेत्र में यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। डी-वाल और छत की स्लैब की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए विशेष स्थान मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 111 दुकानें होगी। यह मॉल दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।

    लखनऊ में अवध शिल्पग्राम में बनेगा मॉल
    लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। अभी यहां दुकानों में फिनिशिंग एवं एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य प्रगति पर है। यहां चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 139 दुकानें होगी। इस मॉल के आगामी अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है।

    कारीगरों और स्थानीय उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
    यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के 75 जिलों के उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।

  • प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

    प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

     लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ न कोई वंश परंपरा थी और न ही उन्हें कोई विरासत वंशानुगत रूप से मिली थी। उनके पास तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उनकी साधना और तप का लाभ पूरे देश को योग्य नेतृत्व के रूप में मिल रहा है। सात अक्तूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में शासन प्रमुख के तौर पर नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस यात्रा के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएंगे।
     
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन प्रदेशभर में ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन हर ग्राम पंचायत, नगर निकाय और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके जरिये प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेगी। अस्पतालों में फल वितरण के साथ रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी सेवा कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की बड़नगर से काशी तक की यात्रा को भी अभियान से जोड़ा गया है। बड़नगर से काशी के लिए 10 और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकाली जाएंगी। बड़नगर का जल लेकर यात्राएं काशी आएंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का पवित्र जल लेकर यात्राएं बड़नगर जाएंगी। सभी यात्राएं 17 सितंबर को शुरू होंगी और सात अक्तूबर को अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। यात्रा मार्ग पर हर दिन चार स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे।
     
    वंचित पात्रों तक योजनाएं पहुंचाएगा ‘सेवा सेतु’
    अभियान के तहत सरकारी योजनाओं से अब तक वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 29-30 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच प्रत्येक विकासखंड और जिला मुख्यालय के नगर निकाय में छह से सात दिन तक शिविर लगाने की योजना है। इनमें स्वास्थ्य योजनाओं के साथ पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा।
     
    योगी ने कहा कि पंजीकरण के बाद दो-तीन दिन के भीतर सत्यापन कर संबंधित कार्ड अथवा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 826 विकासखंड और 762 नगर निकाय हैं। जरूरत पड़ी तो अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। प्रयास यह रहेगा कि पात्र व्यक्ति केवल आवेदन देकर वापस न जाए, बल्कि शिविर के दौरान ही उसे संबंधित योजना से जोड़ दिया जाए। जनप्रतिनिधि भी इन शिविरों में मौजूद रहेंगे।
     
    बच्चों और युवाओं के बीच होंगी तीन प्रतियोगिताएं
    सेवा संकल्प अभियान में बच्चों और युवाओं की भागीदारी के लिए तीन स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और नौवीं से 12वीं तक के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता होगी। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
     
    इन प्रतियोगिताओं की थीम ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश’ होगी। गांव, विकासखंड और जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। सात अक्तूबर को प्रदेश स्तर पर होने वाले आयोजन में चयनित बच्चों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे।
     
    मलिन बस्ती से देवालय तक ‘सेवा मेरा योगदान’
    मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर के बीच ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम भी चलेगा। मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम लोग इनमें भाग लेंगे।
     
    अभियान के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, गोसेवा और युवाओं की करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर लोग इन कार्यक्रमों में अपना सेवा योगदान देंगे।
     
    स्टार्टअप और तकनीकी छात्रों के लिए इनोवेशन चैलेंज
    आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप को जोड़कर ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप कार्यरत थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। अटल टिंकरिंग लैब, इनक्यूबेटर सेंटर के साथ ड्रोन, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े विद्यार्थियों और युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
     
    प्रदेश में ‘राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं भी होंगी। अलग-अलग स्थानों पर रंगोली के माध्यम से देश की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत और नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों के साथ ‘सुशासन सेवा संवाद’ का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
     
    राजीव गांधी के बयान का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली से भेजे गए सौ रुपये में केवल 15 रुपये गरीब तक पहुंचने की बात कही गई थी। योगी ने कहा कि यह उस समय की व्यवस्था की लाचारी और बेचारगी को प्रदर्शित करता था। जनधन खातों और डीबीटी के बाद अब दिल्ली से सौ रुपये भेजे जाते हैं तो पूरे सौ रुपये लाभार्थी के खाते में पहुंचते हैं।
     
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और वाटरवे के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें नए भारत की पहचान बनी हैं। एम्स की संख्या बढ़ने के साथ आईआईटी, आईआईएम और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों का भी विस्तार हुआ है।
     
    ‘2014 के बाद गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला भारत’
    योगी ने देश की विरासत के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध किया था। लंबे समय तक भारत की विरासत को अपमानित करने और देशवासियों के मन में गुलामी की मानसिकता बनाए रखने का प्रयास किया गया। वर्ष 2014 के बाद भारत इस मानसिकता से बाहर निकला।
     
    उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण और भव्य-दिव्य कुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विरासत और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण देश में 26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, जिनमें छह करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश के हैं। प्रदेश में करीब 16 करोड़ गरीब विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। आवास, शौचालय, उज्ज्वला, बिजली, राशन और पेयजल जैसी योजनाओं ने गरीबों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का आधार दिया है।
     
    योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की सेवा यात्रा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय और महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज भी समाहित है। इसलिए 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और दो अक्तूबर को गांधी जयंती को भी अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा जाएगा। अभियान गांव और बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर तक 17 अक्तूबर तक चलेगा।

  • कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

    कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

    बांदा
     जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब यहां पढ़ने वाले छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ रोजगारपरक हुनर का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत इसकी तैयारी पूरी कर ली है। इस योजना से मंडल के सात विद्यालयों में अध्ययनरत 5123 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

    मंडल में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुल सात जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इसमें बांदा जिले में दो, चित्रकूट में तीन, जबकि हमीरपुर और महोबा में एक-एक विद्यालय संचालित है। ये सभी आवासीय विद्यालय हैं, जहां मुख्य रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब मेधावी छात्रों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है।

    अभी तक इन विद्यालयों में केवल अकादमिक शिक्षा यानी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई ही कराई जाती थी। अब सरकार ने इन छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़ी पहल की है।

    स्किल इंडिया मिशन को बढ़ावा देते हुए इन विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों को उनकी स्कूली पढ़ाई के साथ ही कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    इन सेक्टरों में मिलेगा प्रशिक्षण
    उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक के अनुसार छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर विभिन्न रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से अपैरल सेक्टर, आईटी-आईटीईएस, रिटेल मैनेजमेंट, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रानिक्स व आटोमोबाइल जैसे सेक्टर शामिल हैं। छात्रों को तीन माह से लेकर छह माह तक का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा, ताकि इंटरमीडिएट पास करते ही उनके हाथ में डिग्री के साथ-साथ हुनर का प्रमाण पत्र भी हो।

    निश्शुल्क मिलेगा प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी खर्च
    प्रशिक्षण का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके लिए विद्यालयों में ही प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। सप्ताह में दो दिन प्रैक्टिकल क्लास भी आयोजित की जाएगी।

    प्रशिक्षण के बाद छात्रों का मूल्यांकन कर उन्हें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसडीसी) का संयुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जो पूरे देश में मान्य होगा।

    रोजगार से सीधा जुड़ाव होगा
    इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े। अक्सर देखा जाता है कि सर्वोदय विद्यालयों के छात्र इंटर के बाद उच्च शिक्षा के लिए संसाधनों के अभाव में रोजगार की तलाश में लग जाते हैं। हुनर प्रशिक्षण मिलने से वे स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे या फिर निजी कंपनियों में सीधे नौकरी पा सकेंगे।

    शासन से इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही विद्यालयवार छात्रों का पंजीकरण शुरू कर ट्रेड का आवंटन किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा जो कौशल प्रशिक्षण की मानिटरिंग करेगा। -अभिषेक चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी

     

  • युवाओं से बोले सीएम योगी- किताबों से बनाएं अपना बुक बैंक, जीवन को मिलेगी नई दिशा

    युवाओं से बोले सीएम योगी- किताबों से बनाएं अपना बुक बैंक, जीवन को मिलेगी नई दिशा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जरूर पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह कहना अन्याय होगा कि युवा किताब नहीं पढ़ता, जरूरत किताबों को उन तक पहुंचाने की थी। ज्ञान को संकुचित दायरे में सीमित करने के दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र, दोनों को भुगतने पड़ते हैं। 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया था। यूपी के नौजवान के सामने पहचान का संकट था और नागरिक अपनी पहचान बताने से बचते थे। सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। डिजिटल युग ने शहर और गांव की दूरी को कम किया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की।

    उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह पुस्तक पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए और कभी जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में। जब मुश्किल समय में व्यक्ति की हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसका संबल और मार्गदर्शक बन सकती है। सीएम के हाथों पुस्तक पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।

    युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया या सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा, पूरी तरह सही नहीं। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा। जरूरत पुस्तकों को उसके पास पहुंचाने की व्यवस्था करने की है। जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब मैंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की। इसे प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू हुआ। इसका जब अच्छा परिणाम मिला तो मैंने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। वहां लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई कि आज का युवा पुस्तक नहीं पढ़ता।

    पहले संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह ही समाज और राष्ट्र भी तब बीमार होता है, जब उसकी क्षमता समाप्त होने लगती है और वह अपनी विरासत से दूरी बनाने लगता है। पहले भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया, जिसके परिणाम सहने पड़े। उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। इसी प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ में करीब 5 हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है।

    पुस्तक मेला ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का मंच
    सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, छात्रों, लेखकों और प्रकाशकों को मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा विभिन्न ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को देख सकते हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगले 9 दिनों तक चलने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा। आत्मकथाओं के माध्यम से महापुरुषों के जीवन संघर्ष को जाना जा सकता है। वैज्ञानिकों के शोध और उनकी यात्राओं को पुस्तकों के माध्यम से समझा जा सकता है। यह रचनात्मकता को आगे बढ़ाने और जीवन में नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है।

    ज्ञान को सीमित मत करें, सभी रास्ते खुले रखें
    मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने के लिए द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेना ही व्यक्ति को पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है। भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। लखनऊ साहित्य की पुरानी भूमि है और यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से देश-समाज को दिशा दी है

    डिजिटल युग ने घटाई गांव-शहर की दूरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी कम करने का काम किया है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की और उसमें केवल प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई।

    प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। पहले सरकारों ने युवाओं और ग्रामीणों को प्लेटफार्म नहीं दिया, इसके बावजूद प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सुविधा मिलने पर वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

    सरकारें जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था
    मुख्यमंत्री ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले इन स्कूलों की स्थिति ऐसी थी कि उनके भवन और व्यवस्थाएं जर्जर नजर आती थीं। जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था। प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की तस्वीर बदली गई। भवनों का निर्माण हुआ और स्मार्ट क्लास की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

    चित्रकूट का उदाहरण देते हुए सीएम ने बताया कि जब मैं वहां गया तो स्थिति बेहद खराब थी। एक वर्ष बाद जब मैं दोबारा पहुंचा तो एक विद्यालय में तीसरी कक्षा की छात्रा ने डिजिटल लाइब्रेरी संचालित करके दिखाई और पाठ्यक्रम से संबंधित सामग्री भी प्रदर्शित की। पहले सुविधा नहीं थी, इसलिए बच्ची अपनी क्षमता प्रदर्शित नहीं कर पाती थी। सुविधा मिलने के बाद वही बच्ची आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा दिखा रही थी।

    अपना बुक बैंक बनाएं, सुविधा मिले तो बेहतर उपयोग करें
    मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जरूरत के अनुसार किताबें खरीदने और पढ़ने की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि जब भी कोई पुस्तक खरीदने का अवसर मिले तो पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ रचनात्मकता और सकारात्मक सोच विकसित करने वाली पुस्तकों को भी प्राथमिकता दें। अच्छी साहित्यिक कृति, धार्मिक ग्रंथ, किसी महापुरुष की आत्मकथा या वैज्ञानिक के शोध से जुड़ी पुस्तक व्यक्ति को जीवनभर प्रेरणा दे सकती है।

    सीएम ने युवाओं से अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की अपील करते हुए कहा कि खाली समय में पुस्तक पढ़ने की आदत जीवन में नई दिशा दे सकती है। कोई भी मंजिल कठिन नहीं है। युवाओं को अपनी राह स्वयं तैयार करनी है और पुस्तक मेले इस राह को बनाने में महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हो सकते हैं।

    सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार
    मुख्यमंत्री ने गोमती पुस्तक महोत्सव आयोजन के लिए आयोजकों, नेशनल बुक ट्रस्ट व सहयोगी संस्थाओं का आभार जताते हुए कहा कि पुस्तक मेले को केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के अन्य स्थानों तक व्यापक रूप से ले जाने की जरूरत है।

    उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए पूरा सहयोग करेगी। प्रदेश सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार है। गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। यह आज की आवश्यकता है और ज्ञान की इस परंपरा को और व्यापक बनाने की जरूरत है।

  • Bihar Bhumi: जमीन खरीदने से पहले जमाबंदी से लेकर खेसरा तक करें जांच, ठगी से बचें

    Bihar Bhumi: जमीन खरीदने से पहले जमाबंदी से लेकर खेसरा तक करें जांच, ठगी से बचें

    पटना
    बिहार में अगर आप जमीन या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़ी सी जल्दबाजी आपकी गाढ़ी कमाई डुबा सकती है।

    राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Bihar Bhumi) ने आम जनता को जमीन विवादों और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे आप जमीन की जांच कर सकते हैं।

    सरकार का स्पष्ट कहना है कि यदि आपने खरीदारी से पहले इन 5 जरूरी ऑनलाइन जांचों को पूरा नहीं किया, तो आप जमीन नहीं, बल्कि जमीन विवाद खरीदने जा रहे हैं।

    जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन जरूर जांचें ये 5 बातें
    1. ऑनलाइन जमाबंदी: सबसे पहले यह जांच लें कि जमीन विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन (Online Land Record) दर्ज है या नहीं। इसके लिए बिहारभूमि पोर्टल पर जाएं और 'जमाबंदी देखें' विकल्प पर क्लिक करें।

    2. सरकारी या गैर मजरुआ जमीन की पहचान: यह सुनिश्चित करें कि खतियान में जमीन सरकारी या गैर मजरुआ तो दर्ज नहीं है। इसकी जांच भू-अभिलेख पोर्टल bhuabhilekh.bihar.gov.in के जरिए की जा सकती है।

    3. खाता, खेसरा और रकबा का मिलान: ऑनलाइन जमाबंदी में उस खाता, खेसरा (प्लॉट संख्या) और पर्याप्त रकबा (एरिया) का सही-सही विवरण दर्ज है या नहीं, इसे ध्यान से मिला लें।

    4. विक्रेता का नाम: यह देखना बेहद जरूरी है कि ऑनलाइन जमाबंदी खुद विक्रेता के नाम पर ही है या किसी पुराने पूर्वज के नाम पर।

    5. अन्य हिस्सेदारों की लिखित सहमति: यदि जमाबंदी विक्रेता के अकेले नाम पर नहीं है, तो क्या उसके पास अन्य सभी वैध हिस्सेदारों की बिक्री से संबंधित लिखित सहमति मौजूद है?

    दाखिल-खारिज के लिए क्या है जांच जरूरी?
    विभाग ने स्पष्ट किया है कि जमीन पर पूर्ण मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए दाखिल-खारिज बेहद जरूरी है। इसके लिए विक्रेता का सही हक होना अनिवार्य है, जो केवल खतियान और ऑनलाइन जमाबंदी से ही प्रमाणित होता है।

    जमीन हमेशा उसी व्यक्ति से खरीदें, जिसके नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज हो। जमीन खरीदने से पहले biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर यह पक्का कर लें कि जमाबंदी ऑनलाइन (Bihar Land Record Online) दिख रही है या नहीं।

    पोर्टल पर यह जरूर चेक करें कि जो जमीन आप खरीद रहे हैं, उसका खाता नंबर, खेसरा (प्लॉट नंबर) और जमीन का कुल क्षेत्रफल (रकबा) ऑनलाइन सही-सही दर्ज है।

    अगर आपको जमीन संबंधी कोई शिकायत दर्ज करानी है या सुझाव देना है, तो बिहारभूमि पोर्टल के 'जन शिकायत पोर्टल' सेक्शन पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • आजमगढ़ में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग पर शिकंजा, शादी के बाद दूल्हे से 80 हजार और जेवर लेकर भागे थे आरोपी

    आजमगढ़ में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग पर शिकंजा, शादी के बाद दूल्हे से 80 हजार और जेवर लेकर भागे थे आरोपी

     लखनऊ
    यूपी के आजमगढ़ में एक दुल्हन ने ससुराल पहुंचने से पहले ही दूल्हे को तगड़ा झटका दे दिया। दरअसल, शादी के बाद जब दुल्हन के साथ आए लोगों ने रास्ते में दूल्हे को कार से उतार दिया और जेवर,नकदी और शादी में मिले अन्य सामान के साथ फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही शुक्रवार को लुटेरी दुल्हन गैंग के दो महिलाओं समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया

    पुलिस के अनुसार लुटेरी दुल्हन गैंग के शातिरों ने हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव के रहने वाले राजकुमार को शादी कराने के नाम पर अपने जाल में फंसाया। व्हाट्सऐप पर लड़की का फोटो भेजा था। लड़की पसंद आने पर शादी तय हो गई। बुधवार को दोनों पक्षों के लोग जिले के बरदह के बंधवा महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर में लड़की और राजकुमार की शादी हुईं। लड़का पक्ष ने दुल्हन को सोने जेवर और 80 हजार रुपये नकद, कपड़े आदि दिए थे। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को लेकर घर जाने के लिए रवाना हो गया। बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, परिजनों ने दूल्हे को गाड़ी से उतारकर दुल्हन सहित सभी सामान लेकर फरार हो गए थे।

    दूल्हे के पिता रामबिलास की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर करा दिया। पुलिस ने शुक्रवार को कोदहरा चौराहे के पास से घटना में शामिल दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 19,650 रुपये नकदी, पायल, मंगलसूत्र, झुमका, साड़ी, कपड़ा, दो बाइक सहित अन्य सामान बरामद हुआ।

    पकड़े गए सभी आरोपी जौनपुर के
    गिरफ्तार आरोपियों में सभी जौनपुर के रहने वाले हैं। इनमें बजरंगी बिन्द निवासी मलहज थाना शाहगंज, राजन विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर थाना सराय ख्वाजा, बहादुर निवासी जमालपुर,जौनपुर, रामबिलास निवासी मलहज थाना शाहगंज, जय किशन उर्फ अजीत लाइन बाजार, माधुरी पत्नी रिंकू निवासी जासोपुर थाना सराय ख्वाजा और करीना पत्नी शिवकुमार निवासी समोधीपुर थाना गौरा बादशाहपुर शामिल हैं।

    बुलेट और एक लाख के लिए विवाहिता को घर से निकाला
    उधर, भदोही दहेज में बुलेट एवं एक लाख रुपये की मांग पूरी ना होने पर विवाहिता को ससुराल के लोगों ने प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उसे मायके लाकर छोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर औराई थाने की पुलिस ने मिर्जापुर निवासी छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

    औराई थाना क्षेत्र के गौरीडीह गांव निवासी शिवचंद गौड़ की बेटी रिया ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। कहा कि रवि शंकर गौड़ के साथ उनकी शादी 12 मई को हुई थी। पिता ने सोने की चेन, 50 हजार रुपया नकद, बाइक, अंगूठी दूल्हे को दिया था। ससुराल जाने के बाद आरोपितों ने एक लाख रुपये नकद और बुलेट की मांग करने लगे। फिर दो जुलाई को मायके लाकर छोड़ दिया।

  • हरियाणा में लंपी वायरस का खतरा बढ़ा, बॉर्डर सील कर पशु व्यापार पर लगाई पाबंदी

    हरियाणा में लंपी वायरस का खतरा बढ़ा, बॉर्डर सील कर पशु व्यापार पर लगाई पाबंदी

    हिसार.

    दो वर्ष पहले पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला लंपी वायरस एक बार फिर हरियाणा की चौखट तक पहुंच गया है। सात राज्यों में संक्रमण मिलने और भिवानी, नारनौल तथा कुरुक्षेत्र में मामले सामने आने के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है।

    सरकार ने पशुओं के अनावश्यक आवागमन पर रोक लगाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि अभी हिसार में संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन बीमारी को राज्य में फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं।

    गोशालाएं पहली प्राथमिकता, सीमाओं पर भी निगरानी
    जिलों को जारी एडवाइजरी में गोशालाओं में गोवंश के प्रवेश व निकास पर नियंत्रण रखने, नए पशुओं को कम से कम 15 दिन अलग रखने तथा संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है ताकि संक्रमित पशुओं के माध्यम से बीमारी न फैल सके।

    बीमारी से पहले रोकथाम पर पूरा जोर
    विभाग ने मच्छर, मक्खी और अन्य वाहक कीटों की रोकथाम के लिए नियमित फागिंग, शेड और नालियों की सफाई तथा किसी भी पशु में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक अथवा विभाग को सूचना देने के लिए कहा गया है, ताकि समय रहते उपचार और निगरानी शुरू की जा सके।

    लंपी के लक्षण पहचानिए –

    • तेज बुखार
    • शरीर पर गांठें उभरना
    • आंख और नाक से स्राव
    • दूध उत्पादन में कमी
    • सुस्ती और भूख कम लगना

    बचाव के पांच आसान उपाय –

    • नया पशु तुरंत झुंड में न मिलाएं
    • शेड व आसपास सफाई रखें
    • मच्छर-मक्खी नियंत्रण के उपाय करें
    • बीमार पशु को अलग रखें
    • टीकाकरण छूट गया हो तो पशु चिकित्सालय में संपर्क करें
  • दिल्ली रिज में हरियाली बढ़ाने की तैयारी, चार साल में लगेंगे 35.5 लाख पेड़

    दिल्ली रिज में हरियाली बढ़ाने की तैयारी, चार साल में लगेंगे 35.5 लाख पेड़

    नई दिल्ली
     दिल्ली के रिज को संरक्षित करने की कवायद अब तेज हो गई है। साउथ रिज फेज-2 (A) के तहत 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन को रिज क्षेत्र में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर लिया गया है। लॉ और रेवेन्यू विभाग से जांच पूरी होने के बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी एनजीटी में जमा कराई है।

    दो हिस्सों में बांटा गया साउथ रिज फेज-2
    साउथ रिज फेज-2 को दो हिस्सों में बांटकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फेज-2 (A) में 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लॉ और रेवेन्यू विभाग ड्राफ्ट की जांच पूरी कर चुके हैं और अब एलजी की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, फेज-2 (पार्ट बी) में शामिल बाकी क्षेत्रों का दोबारा ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इनमें आबादी क्षेत्र, अतिक्रमण, गांव की आबादी, अनधिकृत कॉलोनियां, जेजे क्लस्टर और धार्मिक संरचनाएं शामिल हैं। राजस्व विभाग के साथ मिलकर इनकी वास्तविक और कानूनी स्थिति की दोबारा जांच की जा रही है।

    4 साल में 35.5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य
    दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) ने 2026-27 से 2029-30 तक के ईको-रिस्टोरेशन प्लान को मंजूरी दी है। इसके तहत 6,303.55 हेक्टेयर क्षेत्र में 35.5 लाख पेड़ और करीब 65 लाख झाड़ियां, बेल और बांस लगाने का लक्ष्य है। 2026-27 में करीब 1,490 हेक्टेयर में 28.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है। सेंट्रल, साउथ रिज में 8 थीम आधारित वन भी विकसित होंगे।

  • चंडीगढ़ में नशे के हॉटस्पॉट पर पुलिस का फोकस, 58 जगहों के लिए बना विशेष एक्शन प्लान

    चंडीगढ़ में नशे के हॉटस्पॉट पर पुलिस का फोकस, 58 जगहों के लिए बना विशेष एक्शन प्लान

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ में अब ड्रग तस्करों की खैर नहीं। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई दोनों को और सख्त किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशा तस्करों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं।

    चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में नशे की रोकथाम को लेकर हुई बैठक में प्रशासक ने शहर में नशे की सप्लाई और बिक्री रोकने को पहली प्राथमिकता बनाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अफसरों की ओर से बताया गया कि शहर में नशे की बिक्री या इस्तेमाल की शिकायत वाले 58 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा पहले नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे आरोपितों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई चिह्नित नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है और कई न्यायिक हिरासत में हैं।

    सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस
    प्रशासक ने पुलिस को नशे की सप्लाई करने वालों, पेडलरों और नशा बेचने या इस्तेमाल होने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ साइबर विशेषज्ञ, कानूनी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई।

    बीट सिस्टम मजबूत होगा, लापरवाही पर कार्रवाई
    कटारिया ने थानों के बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और अचानक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मेडिकल स्टोरों की भी होगी निगरानी
    नशे की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, जिनमें नशे की लत लगाने वाले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा सकती हैं।

    जनता बनेगी पुलिस की ‘आंख और कान’
    बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने के लिए गोपनीय और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सकें। इसका उद्देश्य जनता को पुलिस की ‘आंख और कान’ के रूप में जोड़ना है।

    नशामुक्ति के लिए परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी
    प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास तथा परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।

  • गुरुग्राम की तर्ज पर हरियाणा में बनेगी नमो सिटी, दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद से जुड़ेगा नया शहर

    गुरुग्राम की तर्ज पर हरियाणा में बनेगी नमो सिटी, दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद से जुड़ेगा नया शहर

    चंडीगढ़ 

    हरियाणा में गुरुग्राम जैसा नया शहर बसाने की तैयारी हो गई है. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) किनारे 9 हजार एकड़ में नमो सिटी बसाने का ऐलान हुआ है. दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की दो महीने पहले हुई बैठक में जिन चार राज्यों में ऐसे नमो शहर विकसित करने का फैसला हुआ था, उसमें एक यूपी, दिल्ली, राजस्थान के अलावा हरियाणा शामिल था. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे 5000 एकड़ से बढ़ाकर 9 हजार एकड़ करने का फैसला किया है.दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक घटाने के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे स्मार्ट नमो सिटी बसाया जाएगा.सरकार ने इन गांवों में जमीनों की मैपिंग और फिर उन्हें चिन्हित करने की तैयारी की है। 

    NCR प्लानिंग बोर्ड के तहत 4 नमो सिटी
    नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने क्षेत्रीय योजना 2041 (Regional Plan 2041) के तहत 4 राज्यों में नए नमो शहर बनाने के फैसले में सबसे पहले पहल की है.ये नया शहर पूरी तरह से ग्रीनफील्ड होगा, यानी पूरी टाउनशिप की नए सिरे से प्लानिंग की गई है. केएमपी एक्सप्रेसवे किनारे दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. इसमें व्यापारियों के लिए वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, कॉर्पोरेट ऑफिस और वॉक टू वर्क के साथ हाउसिंग सोसायटी होंगी। 

    KMP एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा शहर
    केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे जमीनों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं. किसानों से भूमि अधिग्रहण या लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत जमीनें लेने की तैयारी है.दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने के बाद हरियाणा के किसान भी अपनी जमीनों के लिए ऊंचे मुआवजे की मांग कर रहे हैं. हरियाणा के सीएम ने जून में दिल्ली के बड़े व्यापारिक संगठनों के साथ अहम बैठक की थी. उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार और खारी बावली जैसे भीड़भाड़ वाले थोक बाजारों के कारोबारियों को हरियाणा में आकर बसने का न्योता दिया था.हरियाणा सरकार उन्हें हाईवे कनेक्टिविटी के साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और रियायतें देने का ऑफर दिया। 

    नमो सिटी (KMP) के करीब एक्सप्रेसवे 
    1. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे 

    कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इस नमो सिटी की बैकबोन होगा.136 किमी लंबा यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे पूरे दिल्ली को पश्चिम छोर से घेरता है. यह यूपी, दिल्ली और हरियाणा के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी का जरिया बना है। 

    2. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. केएमपी एक्सप्रेसवे सोहना के पास खलीलपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है. नमो सिटी से मुंबई, जयपुर, वडोदरा और इंदौर तक आवाजाही आसान होगी। 

    3. डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे 
    डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे (DND-Faridabad-KMP Expressway) 59 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली के महारानी बाग (DND Flyway) को फरीदाबाद बाईपास से होते हुए केएमपी (खलीलपुर) से जोड़ता है. इससे नमो सिटी को दिल्ली से मुंबई तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। 

    4. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे 
    दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Amritsar-Katra Expressway) एक्सप्रेसवे केएमपी के उत्तरी छोर (निलौठी पॉइंट) से प्रारंभ होता है.पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक तेज आवाजाही देता है। 

     5. फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे 
    फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे भी केएमपी और डीएनडी एक्सप्रेसवे के जंक्शन सेक्टर 65 फरीदाबाद से एक 31 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीधे यूपी के जेवर में बने नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ा है. इससे नमो सिटी से जेवर एयरपोर्ट की दूरी महज 20-25 मिनट रह जाएगी। 

    एनसीआर का दिल बनेगी नमो सिटी
    नमो सिटी की हरियाणा ही नहीं, बल्कि NCR के सभी बड़े इंडस्ट्रियल और आबादी वाले शहरों से सीधी कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के जरिये गुरुग्राम और न्यू गुरुग्राम के आईटी हब और आबादी वाले इलाकों तक 15-20 मिनट में पहुंच सकते हैं। 

    मानेसर और सोहना
    मानेसर का विशाल ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट सीधे केएमपी कॉरिडोर पर है. सोहना का लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर नमो सिटी के नजदीक है. फरीदाबाद और बल्लभगढ़ भी डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी से जुड़ेंगे. केएमपी से इन शहरों की दूरी 2 घंटे की जगह 30 मिनट रह जाएगी। 

    दिल्ली, नोएडा से सीधी कनेक्टिविटी
    दिल्ली के ओखला, कालिंदी कुंज, सराय काले खां और नोएडा से केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी की कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के उत्तरी छोर में सोनीपत, कुंडली, बहादुरगढ़ भी आवाजाही आसान होगी. पलवल शहर और आगरा-मथुरा हाईवे (NH-19) तक सीधी पहुंच होगी।

    हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर 
    केएमपी एक्सप्रेसवे के बराबर से 121 किमी लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के तहत इलेक्ट्रिक पैसेंजर और मालगाड़ी रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. यह पलवल से सोनीपत को कनेक्ट करेगी. नमो सिटी के पास मानेसर, सोहना, पंचगांव और बहादुरगढ़ होंगे.माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी।