दिल्ली रिज में हरियाली बढ़ाने की तैयारी, चार साल में लगेंगे 35.5 लाख पेड़

नई दिल्ली
 दिल्ली के रिज को संरक्षित करने की कवायद अब तेज हो गई है। साउथ रिज फेज-2 (A) के तहत 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन को रिज क्षेत्र में शामिल करने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार कर लिया गया है। लॉ और रेवेन्यू विभाग से जांच पूरी होने के बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए एलजी के पास भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी एनजीटी में जमा कराई है।

दो हिस्सों में बांटा गया साउथ रिज फेज-2
साउथ रिज फेज-2 को दो हिस्सों में बांटकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फेज-2 (A) में 15 गांवों की 400.541 हेक्टेयर जमीन शामिल है। लॉ और रेवेन्यू विभाग ड्राफ्ट की जांच पूरी कर चुके हैं और अब एलजी की मंजूरी का इंतजार है। वहीं, फेज-2 (पार्ट बी) में शामिल बाकी क्षेत्रों का दोबारा ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इनमें आबादी क्षेत्र, अतिक्रमण, गांव की आबादी, अनधिकृत कॉलोनियां, जेजे क्लस्टर और धार्मिक संरचनाएं शामिल हैं। राजस्व विभाग के साथ मिलकर इनकी वास्तविक और कानूनी स्थिति की दोबारा जांच की जा रही है।

4 साल में 35.5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य
दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) ने 2026-27 से 2029-30 तक के ईको-रिस्टोरेशन प्लान को मंजूरी दी है। इसके तहत 6,303.55 हेक्टेयर क्षेत्र में 35.5 लाख पेड़ और करीब 65 लाख झाड़ियां, बेल और बांस लगाने का लक्ष्य है। 2026-27 में करीब 1,490 हेक्टेयर में 28.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है। सेंट्रल, साउथ रिज में 8 थीम आधारित वन भी विकसित होंगे।

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