Category: राज्य

  • दिल्ली में शिक्षकों के ट्रांसफर नियम बदलेंगे, नई पॉलिसी पर सरकार की तैयारी; अगले हफ्ते ऐलान संभव

    दिल्ली में शिक्षकों के ट्रांसफर नियम बदलेंगे, नई पॉलिसी पर सरकार की तैयारी; अगले हफ्ते ऐलान संभव

    नई दिल्ली

    दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार 17 सितंबर से शुरू होने वाले 'सेवा पखवाड़े' के दौरान सरकारी स्कूलों के टीचर्स के नई ट्रांसफर पॉलिसी की घोषणा कर सकती है। सरकार इसके लिए एक अलग पोर्टल भी बना सकती है, जिसमें पॉइंट्स-बेस्ड सिस्टम को शामिल किया जा सकता है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की योजना इस प्रस्तावित पॉलिसी के जरिये सरकारी स्कूलों में टीचर्स के ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और टेक्नोलॉजी पर आधारित बनाना है।

    एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में टीचर्स के लिए पहले से ही ट्रांसफर पॉलिसी मौजूद है, लेकिन इसे सही ढंग से और पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि नई पॉलिसी के जरिये पूरे प्रोसेस को एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन प्लैटफॉर्म बनाकर इन खामियों को दूर किया जाएगा।

    टीचर्स को मिलेगी यूनिक आईडी
    प्रस्तावित पॉलिसी में सभी टीचर्स को एक यूनिक आईडी देने पर विचार किया जा सकता है, जिसके जरिये उनके सर्विस रिकॉर्ड, पोस्टिंग हिस्ट्री, टेन्योर और दूसरी जरूरी जानकारियां एक सेंट्रल डेटाबेस में रखी जा सकेंगी। अधिकारियों ने बताया कि टीचर अपनी जानकारी देख सकेंगे और जब ट्रांसफर विंडो खुलेगी तो पोर्टल के जरिये इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।

    एक अधिकारी ने कहा कि अभी ट्रांसफर का ऑनलाइन प्रोसेस शिक्षा निदेशालय के पोर्टल के जरिये किया जाता है, लेकिन नई पॉलिसी को लागू करने के लिए सरकार एक अलग पोर्टल बनाया सकता है।

    ट्रांसफर में इन बातों का रखा जाएगा ध्यान
    इस प्रस्तावित पॉलिसी की एक मुख्य विशेषता पॉइंट्स-बेस्ड सिस्टम होने की उम्मीद है। अधिकारी ने बताया कि टीचर्स को अलग-अलग कैटेगरी में पॉइंट्स दिए जाएंगे और उनके कुल स्कोर के आधार पर और खाली जगहों के हिसाब से ट्रांसफर की प्राथमिकता तय होगी।इसमें सर्विस की अवधि, मौजूदा स्कूल में कार्यकाल और व्यक्तिगत या पारिवारिक परिस्थितियों जैसी बातों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

    दिल्ली ने टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी बनाते समय हरियाणा के ऑनलाइन ट्रांसफर मॉडल के कुछ पहलुओं का भी ध्यान रखा है। हरियाणा में उम्र के हिसाब से पॉइंट और महिला कर्मचारियों के लिए अलग से प्रावधान शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली सरकार हरियाणा के ट्रांसफर फॉर्मूले को हूबहू अपनाने के बजाय इस सिस्टम के कुछ हिस्सों को अपना सकती है। दिल्ली का सिस्टम उन टीचर्स को अतिरिक्त वेटेज दे सकता है, जिन्होंने एक ही स्कूल में लंबा समय बिताया है। साथ ही इसमें महिला टीचर, सिंगल पेरेंट, विधवा या विधुर, दिव्यांग टीचर और गंभीर बीमारी या परिवार से जुड़ी मुश्किल स्थितियों का सामना कर रहे टीचर्स को भी ध्यान में रखा जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे जोड़ों को भी अतिरिक्त पॉइंट देने पर विचार किया जा सकता है, जिनमें पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हों।

  • उत्तर प्रदेश में बनेगा ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’, आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

    उत्तर प्रदेश में बनेगा ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’, आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

    लखनऊ
     यूपी में अब नीब करोरी बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर आध्यात्मिक पर्यटन का नया सर्किट विकसित किया जा रहा है. फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी. फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करौरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं। 

    सर्कि‍ट के पहले फेज के तहत पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. यूपी सरकार के बयान के मुताबिक, 2.22 करोड़ रुपये की दूसरे चरण की परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है. इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 

    अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी होगी शुरू
    अधिकारियों ने बताया कि अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी, जबकि फर्रुखाबाद में नीब करौरी आश्रम के विकास पर 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है. इन सभी कार्यों का उद्देश्य बाबा से जुड़े स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ एक व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन अनुभव में बदलना है। 

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था, लेक‍िन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अब उनकी विरासत को संरक्षित करने और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बाबा की विरासत को जीवंत रखने के साथ राज्य में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं।  

    ये मंद‍िर हैं सर्क‍ि‍ट में शामि‍ल
    उन्‍होंने बताया क‍ि बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को अब ‘नीब करौरी बाबा सर्किट' के रूप में जोड़ा जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी. उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करौरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं। 

    बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय विरासत को करीब से जानने का म‍िलेगा अवसर
    पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने बताया कि नया 'नीब करोरी बाबा सर्किट' उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन परिपथों में एक महत्वपूर्ण नया आयाम जोड़ेगा. उन्होंने कहा कि बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थानों तक पहुंच आसान होगी और उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। 

  • हिसार में ऑटो चालकों पर कसेगा शिकंजा, वर्दी-बैज के साथ ओवरलोडिंग पर भी कार्रवाई

    हिसार में ऑटो चालकों पर कसेगा शिकंजा, वर्दी-बैज के साथ ओवरलोडिंग पर भी कार्रवाई

    हिसार
    शहर में ऑटो या ई-रिक्शा में सफर करते समय अब यात्री चालक की पहचान आसानी से कर सकेंगे।

    सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य कॉन्ट्रेक्ट कैरिज के चालकों को ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी पहनने के साथ शर्ट के बाईं ओर बैज लगाना होगा।

    यातायात व्यवस्था को अनुशासित बनाने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यातायात पुलिस ने इस व्यवस्था का पालन कराने की तैयारी की है।

    इसके साथ ही चालकों की मनमर्जी से सवारियां बैठाने और उतारने, क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने तथा जरूरी दस्तावेजों के बिना वाहन चलाने पर भी नजर रखी जाएगी

    नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि एक जैसी निर्धारित वर्दी और बैज होने से चालक की पहचान स्पष्ट होगी।

    इससे किसी अप्रिय स्थिति में यात्री को चालक की पहचान करने में भी आसानी होगी। इसी व्यवस्था को लेकर यातायात थाना पुलिस ने आटो और ई-रिक्शा चालकों के साथ जागरूकता बैठक कर उन्हें नए सिरे से दिशा-निर्देश दिए।

    यातायात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने चालकों से कहा कि वाहन चलाते समय सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें। सवारियों को केवल निर्धारित स्थानों पर ही बैठाया और उतारा जाए। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर उनकी सुरक्षा को खतरे में न डाला जाए।

    उन्होंने कहा कि सड़क पर चालक का व्यवहार सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है। चालकों को यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की हिदायत भी दी गई। बैठक में चालकों ने नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया।

    वर्दी सिर्फ ड्रेस नहीं, यात्री के लिए बनेगी पहचान
    पुलिस के अनुसार ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी के साथ चालक को शर्ट के बाईं ओर बैज लगाना होगा। इसका उद्देश्य चालक की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना है।

    वर्दी और बैज से यात्री को यह पता रहेगा कि वाहन कौन चला रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि वर्दी संबंधी निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    इन नियमों पर रहेगा विशेष फोकस
        वर्दी: ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी पहननी होगी।
        बैज: शर्ट के बाईं ओर निर्धारित बैज लगाना होगा।
        दस्तावेज: वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे।
        सवारी: निर्धारित स्थान पर ही यात्रियों को बैठाना और उतारना होगा।
        ओवरलोडिंग: क्षमता से अधिक सवारियां नहीं बैठा सकेंगे।
        व्यवहार: यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार और यातायात नियमों का पालन करना होगा।

     

  • लखीसराय में 100 करोड़ की लागत से बनेगा फ्रोजन सीमेन स्टेशन, नस्ल सुधार को मिलेगी रफ्तार

    लखीसराय में 100 करोड़ की लागत से बनेगा फ्रोजन सीमेन स्टेशन, नस्ल सुधार को मिलेगी रफ्तार

    पटना
    बिहार में पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारने तथा दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए लखीसराय जिले में 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक फ्रोजन सीमेन स्टेशन स्थापित किया जाएगा।

    स्टेशन में प्रतिवर्ष 50 लाख डोज सीमेन के उत्पादन की क्षमता विकसित करने की योजना है। इसमें सेक्स-सार्टेड सीमेन के उत्पादन पर विशेष बल दिया जाएगा। पहल से दुधारू पशुओं के संतति सुधार को गति मिलेगी।

    राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत स्वीकृत इस परियोजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग तथा बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (COMFED) करेगा।

    गाय-भैंस पालकों को मिलेगी बड़ी राहत, दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा
    इसके निर्माण और तकनीक पहलुओं में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) तकनीकी सहयोग देगा। पहल से गाय-भैंस पालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

    वर्तमान में पूर्णिया में संचालित बिहार का एकमात्र सेक्स-सार्टेड सीमेन सेंटर आधा-अधूरा कार्यरत है। इससे बिहार की आवश्यकता की तुलना में दो प्रतिशत भी सेक्स-साॅर्टेड सीमेन उपलब्ध नहीं हो रहा है।

    पशुपालकों की इस समस्या की ओर सरकार का ध्यान जनप्रतिनिधि बिहार से लेकर दिल्ली तक सदन में भी समय-समय आकृष्ट करते रहे हैं।

    भाजपा सांसद डाॅ. भीम सिंह एवं विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार के अतिरिक्त कई जनप्रतिनिधि व्यवस्था में सुधार के सुझाव भी दिए।

    दुधारू पशुओं के संतति सुधार की पहल होगी तेज
    संभवत: सुझावों पर पहल करते हुए केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पहल की है। लखीसराय केंद्रीय मंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी है। ऐसे में यह उनकी बड़ी उपलब्धि है।

    सेक्स-साॅर्टेड सीमेन से उच्च आनुवंशिक क्षमता वाली मादा संतति को बढ़ावा मिलेगा। सेक्स-सार्टेड सीमेन तकनीक के इस्तेमाल से उच्च आनुवंशिक क्षमता और बेहतर दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली मादा संतति के जन्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    इससे राज्य में नस्ल सुधार कार्यक्रम को गति मिलने के साथ भविष्य में पशुधन की गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादकता में सुधार हो सकेगा। आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से पशुपालकों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

     

  • 2027 चुनाव से पहले भाजपा की नई रणनीति, युवाओं और महिलाओं पर नजर

    2027 चुनाव से पहले भाजपा की नई रणनीति, युवाओं और महिलाओं पर नजर

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास सत्ता बचाने की चुनौती है। हाल के दिनों में युवाओं के बढ़ते आक्रोश को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। भगवा पार्टी के द्वारा देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में माहौल बदलने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी जिम्मेदारी खुद अपने कंधों पर ले ली है। भाजपा का एक धड़ा युवाओं में असंतोष, बेरोजगारी और जातिगत तनाव जैसे मुद्दों को लेकर चिंतित दिख रहा है।

    भाजपा के लिए राहत की बात यह है कि लगातार दो बार मुख्यमंत्री की गद्दी संभाल रहे योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है। यही कारण हैं कि इस चुनाव में उन्होंने खुद माहौल बदलने की जिम्मेदारी अपने कंथों पर ले ली है।

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने युवाओं तक पहुंचने बनाने और नौकरियों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश कॉर्पोरेशन फॉर आउटसोर्सिंग सर्विसेज (UPCOS) लॉन्च किया। इसका मकसद राज्य में 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा करना और उन्हें लाभ पहुंचाना है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा कि उनकी सरकार ने अब तक के अपने साढ़े नौ साल के कार्यकाल में 9.3 लाख से अधिक नौकरियां दी हैं। उनकी सरकार ने पुलिस और शिक्षकों की भर्ती के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। यूपी में कारोबार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की शुरुआत की है। इसके अलावा, छात्रों के लिए स्टाइपेंड वाली इंटर्नशिप भी शुरू की है। यूपी सरकार ने सेंट्रलाइज्ड फैमिली कार्ड भी पेश किए हैं, ताकि उन परिवारों की पहचान की जा सके जिनके किसी भी सदस्य के पास सरकारी या निजी नौकरी नहीं है।

    सवर्णों की नाराजगी कर सकती भाजपा को परेशान
    UGC के इक्विटी नियमों पर भले ही इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी, लेकिन इनसे सवर्णों के एक वर्ग में नाराजगी पैदा हुई है। यही वजह है जंतर-मंतर पर हाल ही में आरक्षण हटाओ आंदोलन के दौरान सवर्णों की नाराजगी देखने को मिली थी। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले यह बीजेपी के लिए एक नई समस्या खड़ी हो सकती है। आपको बता दें कि ये नियम देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करने के इरादे से लाए गए थे।

    लॉ एंड ऑर्डर पर योगी के साथ महिलाएं
    इन तमाम निराशाओं और विरोध के बावजूद योगी आदित्यनाथ की सबसे बड़ी ताकत कानून-व्यवस्था का उनका रिकॉर्ड और महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों ही महिला वोटरों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। खबर है कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार महिलाओं के लिए और भी योजनाएं घोषित करने वाली है और इससे उनका समर्थन आधार और मजबूत होगा।

  • CM योगी बोले- हर बच्चे को पढ़नी चाहिए ‘एग्जाम वॉरियर्स’, किताबों से दूर नहीं है आज का युवा

    CM योगी बोले- हर बच्चे को पढ़नी चाहिए ‘एग्जाम वॉरियर्स’, किताबों से दूर नहीं है आज का युवा

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जरूर पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह कहना अन्याय होगा कि युवा किताब नहीं पढ़ता, जरूरत किताबों को उन तक पहुंचाने की थी। ज्ञान को संकुचित दायरे में सीमित करने के दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र, दोनों को भुगतने पड़ते हैं। 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया था। यूपी के नौजवान के सामने पहचान का संकट था और नागरिक अपनी पहचान बताने से बचते थे। सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। डिजिटल युग ने शहर और गांव की दूरी को कम किया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह पुस्तक पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए और कभी जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में। जब मुश्किल समय में व्यक्ति की हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसका संबल और मार्गदर्शक बन सकती है। सीएम के हाथों पुस्तक पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।

    युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया या सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा, पूरी तरह सही नहीं। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा। जरूरत पुस्तकों को उसके पास पहुंचाने की व्यवस्था करने की है। जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब मैंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की। इसे प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू हुआ। इसका जब अच्छा परिणाम मिला तो मैंने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। वहां लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई कि आज का युवा पुस्तक नहीं पढ़ता।

    पहले संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह ही समाज और राष्ट्र भी तब बीमार होता है, जब उसकी क्षमता समाप्त होने लगती है और वह अपनी विरासत से दूरी बनाने लगता है। पहले भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया, जिसके परिणाम सहने पड़े। उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। इसी प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ में करीब 5 हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है।

    पुस्तक मेला ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का मंच
    सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, छात्रों, लेखकों और प्रकाशकों को मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा विभिन्न ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को देख सकते हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगले 9 दिनों तक चलने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा। आत्मकथाओं के माध्यम से महापुरुषों के जीवन संघर्ष को जाना जा सकता है। वैज्ञानिकों के शोध और उनकी यात्राओं को पुस्तकों के माध्यम से समझा जा सकता है। यह रचनात्मकता को आगे बढ़ाने और जीवन में नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है।

    ज्ञान को सीमित मत करें, सभी रास्ते खुले रखें
    मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने के लिए द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेना ही व्यक्ति को पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है। भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। लखनऊ साहित्य की पुरानी भूमि है और यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से देश-समाज को दिशा दी है

    डिजिटल युग ने घटाई गांव-शहर की दूरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी कम करने का काम किया है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की और उसमें केवल प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। पहले सरकारों ने युवाओं और ग्रामीणों को प्लेटफार्म नहीं दिया, इसके बावजूद प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सुविधा मिलने पर वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

     

  • बम धमकी से लुधियाना में अलर्ट, कोर्ट-अथॉरिटीज के साथ एयरपोर्ट और नेताओं पर हमले की धमकी

    बम धमकी से लुधियाना में अलर्ट, कोर्ट-अथॉरिटीज के साथ एयरपोर्ट और नेताओं पर हमले की धमकी

    लुधियाना.

    लुधियाना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर शनिवार को कोर्ट परिसर में बम धमाके की धमकी मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमकी उस समय मिली, जब कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी।

    जानकारी के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर 12 सितंबर को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया। ईमेल में दोपहर एक बजकर 11 मिनट पर धमाका करने की धमकी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद न्यायिक परिसर में मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पुलिस टीमों ने कोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों, प्रवेश और निकास द्वारों तथा आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी।
     

    एयरपोर्ट और नेताओं को भी धमकी
    धमकी भरे ईमेल में केवल लुधियाना जिला अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत को निशाना बनाने की बात नहीं कही गई, बल्कि मोहाली और हलवारा एयरपोर्ट पर भी हमले की चेतावनी दी गई। इसके अलावा कुछ राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने की धमकी का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अब ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान का पता लगाने में जुटी है।
     

    जिला जज ने पुलिस कमिश्नर को भेजा पत्र
    धमकी की जानकारी मिलने के तुरंत बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया। पत्र में न्यायाधीशों, कोर्ट स्टाफ, वकीलों और परिसर में मौजूद आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया। साथ ही न्यायालय भवन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की जांच कर रही हैं। फिलहाल परिसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और धमकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

  • चतरा में नई ब्राडगेज रेललाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, ड्रोन से होगा सर्वे

    चतरा में नई ब्राडगेज रेललाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, ड्रोन से होगा सर्वे

     चतरा
     चतरा से पत्थलगड़ा तक प्रस्तावित नई ब्राडगेज रेललाइन परियोजना को लेकर रेलवे ने सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के निर्माण, गया के उप मुख्य अभियंता ने उपायुक्त से प्रस्तावित रेललाइन के लिए ड्रोन वीडियोग्राफी कराने की अनुमति मांगी है।

    यह रेलखंड चतरा जिले में 25.234 किलोमीटर लंबा होगा। ईस्ट सेंट्रल रेलवे, गया के उप मुख्य अभियंता शशि कुमार ने उपायुक्त को पत्र भेजकर बताया है कि चतरा (किमी 75.100) से पत्थलगड़ा (किमी 100.334) तक प्रस्तावित नई ब्राडगेज रेललाइन को सक्षम प्राधिकार ने विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया है।

    परियोजना का विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर रेलवे बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। रेलवे की ओर से प्रस्तावित रेल लाइन के क्षेत्र की ड्रोन वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य परियोजना के दस्तावेजीकरण, सर्वेक्षण और योजना तैयार करने में सहायता लेना है। ड्रोन से लिए गए वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तावित रेललाइन के क्षेत्र का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

    पत्र में कहा गया है कि ड्रोन वीडियोग्राफी के दौरान निर्माण विभाग, गया के अभियंता अधिकृत रूप से टीम के साथ रहेंगे और सर्वे कार्य की निगरानी करेंगे। चतरा से पत्थलगड़ा तक नई रेललाइन का प्रस्ताव जिले के रेल संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    परियोजना के तहत प्रस्तावित रेलमार्ग के क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूरा होने के बाद योजना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड को विस्तृत प्राक्कलन पहले ही भेजे जाने के बाद अब ड्रोन वीडियोग्राफी की अनुमति मांगना परियोजना की अगली प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

    ईस्ट सेंट्रल रेलवे के निर्माण, गया के उप मुख्य अभियंता के पत्र के आलोक में ड्रोन सर्वे के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया है।
    -रवि आनंद, डीसी, चतरा

  • जयपुर में लग्जरी रिसॉर्ट पर पुलिस की रेड, ड्रग्स और विदेशी युवतियों को लेकर बढ़ा शक

    जयपुर में लग्जरी रिसॉर्ट पर पुलिस की रेड, ड्रग्स और विदेशी युवतियों को लेकर बढ़ा शक

    जयपुर
    जयपुर पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रही हाई-प्रोफाइल पार्टी पर अचानक छापा मारा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस स्पेशल ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने मौके से थाईलैंड की 7 विदेशी युवतियों, 3 स्थानीय युवकों और रिसॉर्ट मालिक को डिटेन किया है। यही नहीं, पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़ी गई थाईलैंड की सभी 7 युवतियों के पासपोर्ट और वीजा की वैधता अवधि काफी समय पहले खत्म हो चुकी थी। वे भारतीय आव्रजन और नागरिकता नियमों का उल्लंघन कर जयपुर में अवैध रूप से रह रही थीं और इस प्राइवेट पार्टी में शामिल थीं।

    इस अचानक हुई कार्रवाई में पुलिस को मौके से संदिग्ध सामग्री और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ मिलने की सूचना है, जिसके आधार पर पुलिस अधिकारियों को शहर में सक्रिय एक बड़े विदेशी ड्रग्स और एस्कॉर्ट नेटवर्क का अंदेशा है। पुलिस की स्पेशल टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि एक्सपायर्ड वीजा के बावजूद ये विदेशी युवतियां जयपुर में इतने लंबे समय से किसके संरक्षण में ठहरी हुई थीं और रिसॉर्ट मालिक का इस अवैध गतिविधि से क्या सीधा कनेक्शन है।

    जयपुर पुलिस इस मामले में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताते हुए इनसे सघन पूछताछ कर रही है।

    गुप्त सूचना पर छापा, रिसॉर्ट में हड़कंप
    पुलिस सूत्रों के अनुसार, जयपुर के आउटर एरिया में स्थित एक नामी रिसॉर्ट में बिना किसी आधिकारिक अनुमति और कमर्शियल लाइसेंस के लेट नाइट पार्टी आयोजित किए जाने की गुप्त जानकारी मिली थी।

    सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर रिसॉर्ट को चारों तरफ से घेर लिया। जब पुलिस की टीम अंदर दाखिल हुई, तो वहां विदेशी युवतियों के साथ शराब और संदिग्ध नशे की चीजें परोसी जा रही थीं।

    पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन सतर्क जवानों ने सभी को हिरासत में ले लिया।

    एक्सपायर पासपोर्ट-वीजा, अवैध रूप से रह रही थीं युवतियां
    हिरासत में ली गई थाईलैंड की 7 युवतियों से जब पुलिस ने उनके यात्रा दस्तावेज और पासपोर्ट मांगे, तो बेहद गंभीर मामला सामने आया।जांच में पता चला कि सभी युवतियों के टूरिस्ट वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी और उनके पास भारत में रहने का कोई वैध कानूनी आधार नहीं था।

    पुलिस अब फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) और विदेश मंत्रालय के समन्वय से यह पता लगा रही है कि ये युवतियां भारत कब आई थीं और जयपुर में किन-किन स्थानों पर ठहरी हुई थीं।

    पुलिस खंगाल रही कॉल डिटेल
    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस रिसॉर्ट पार्टी के जरिए शहर में महंगे और प्रतिबंधित ड्रग्स खपाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से गिरफ्तार 3 युवकों और रिसॉर्ट मालिक के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और सोशल मीडिया चैट्स की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जयपुर में इन विदेशी नागरिकों को लॉजिस्टिकल और फाइनेंशियल सपोर्ट कौन दे रहा था।

    रिसॉर्ट मालिक भी गिरफ्तार, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी में प्रशासन
    प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार गैर-कानूनी गतिविधियों, अवैध विदेशी नागरिकों को पनाह देने और बिना अनुमति के देर रात तक संदिग्ध गतिविधियों के संचालन के आरोप में रिसॉर्ट मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    प्रशासन अब संबंधित रिसॉर्ट का कमर्शियल और टूरिज्म लाइसेंस रद्द करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर के आसपास के अन्य फार्महाउसों और रिसॉर्ट्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

     

  • स्कूली बच्चों की सुरक्षा और निगरानी पर योगी सरकार का फोकस, चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए मिला 6.55 करोड़ का बजट

    स्कूली बच्चों की सुरक्षा और निगरानी पर योगी सरकार का फोकस, चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए मिला 6.55 करोड़ का बजट

    योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग को दी रफ्तार, 6.55 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत

    – एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन के लिए विद्यालय स्तर पर खर्च होगी धनराशि

    – यू-डायस प्लस के आंकड़ों से बच्चों की शैक्षिक स्थिति और नामांकन की होगी बेहतर निगरानी

    – हर बच्चे की विशिष्ट अपार आईडी को चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने पर जोर

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी, विद्यालयी प्रबंधन और शैक्षिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग के लिए 6.55 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

    महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और निगरानी के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ज्ञात हो कि इस व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार विद्यालयी आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित, बच्चों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी को अधिक प्रभावी तथा स्कूल प्रबंधन को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को मजबूत कर रही है।

    निर्देशों के अनुसार कुल 655.01 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इसमें एमआईएस (यू-डायस प्लस) के लिए 262.00 लाख रुपये तथा चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए 393.01 लाख रुपये शामिल हैं। यह धनराशि विद्यालय स्तर पर एसएमसी के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों पर व्यय की जाएगी। 

    हर बच्चे की जानकारी को व्यवस्थित करने पर जोर
    निर्देशों में यू-डायस प्लस पर विद्यालयों एवं विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों के संकलन और उनके उपयोग को महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। पत्र में अपार आईडी और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट पहचान के साथ उसकी शैक्षिक जानकारी को व्यवस्थित रूप से ट्रैक किया जा सके। 

    मॉनिटरिंग को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी
    निर्देशों में जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक धनराशि के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एसएमसी स्तर पर हुए व्यय की प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  

    योगी सरकार विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ हर बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर प्रभावी नजर सुनिश्चित कर रही है। एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच्चों से जुड़ी जानकारी के बेहतर उपयोग को नई मजबूती मिलेगी।
    संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

    एमआईएस, यू-डायस प्लस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए एसएमसी स्तर पर स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में पारदर्शी उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा