Category: राज्य

  • छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करेंगे कॉलेज, 268 संस्थानों में शुरू होगी इंडस्ट्री ट्रेनिंग

    छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करेंगे कॉलेज, 268 संस्थानों में शुरू होगी इंडस्ट्री ट्रेनिंग

    पटना
    नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में कुलाधिपति सचिवालय द्वारा स्नातक संकाय में छात्र-छात्राओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था लागू करने की तैयारी हो रही है।

    इसके लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स स्किल डेवलपमेंट सेल की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज्यपाल व कुलाधिपति के स्तर से जल्द ही कुलपतियों को निर्देश जारी होगा।

    चूंकि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) स्नातक पाठ्यक्रम लागू है। इसलिए अब राज्यपाल द्वारा स्नातक संकाय में एआई की पढ़ाई, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण की शुरुआत कराने को लेकर एक काॅमन प्रोग्राम तैयार कराया जा रहा है।

    गाइडलाइन क‍िया जा रहा तैयार
    राज्यपाल सचिवालय के मुताबिक स्नातक संकाय के छात्र-छात्राओं छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास
    प्रशिक्षण के लि‍ए गाइडलाइन भी तैयार किया जा रहा है। इसे सभी अंगीभूत महाविद्यालयों तथा संबद्धता प्राप्त
    कालेजों को जारी किया जाएगा।

    छात्र-छात्राओं को अब डिग्री लेने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि एआई शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    268 कॉलेजों के छात्रों को इंडस्‍ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग
    इसके लिए सभी 268 अंगीभूत महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सीधे इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी और एआई कंपनियों में काम कर चुके एक्सपर्ट छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन कराएंगे।

    इससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई कराने के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार किया जा सकेगा। सभी महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) संचालित किया जाएगा।

     

  • 15 से 17 सितंबर तक बढ़ेगी बारिश, यूपी में गरज-चमक का भी अनुमान

    15 से 17 सितंबर तक बढ़ेगी बारिश, यूपी में गरज-चमक का भी अनुमान

    लखनऊ
    भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगामी सप्ताह के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।

    पूर्वी उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 सितंबर तक और 18 सितंबर को राज्य के पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, 15 से 17 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधि में थोड़ा इजाफा हो सकता है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की जा सकती है।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसा रहेगा मौसम का हाल
    12 से 14 सितंबर के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल कुछ स्थानों पर ही बारिश पड़ने की संभावना है। इसके बाद 15 और 16 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा और कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। 17 सितंबर को फिर से कहीं-कहीं बारिश और 18 सितंबर को मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है।

    किसानों के लिए एडवाइजरी
    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के निवासियों और किसानों को सलाह दी है कि वे बिजली चमकने या गरज-चमक के समय सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें। फसलों को जलभराव से सुरक्षित रखें।

  • चयन आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने कहा, इसमें अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं

    चयन आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने कहा, इसमें अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के सचिव हरिकेश चौरसिया ने लेखपाल परीक्षा परिणाम को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि आयोग द्वारा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ रिजल्ट जारी किया गया है। परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और आयोग लगातार निष्पक्षता के साथ परीक्षाओं का आयोजन कर रहे हैं। परीक्षाओं के परिणाम भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सही तरीके से घोषित किए जा रहे हैं। आयोग की पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित है, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में रिजल्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है।

    सचिव ने कहा कि परीक्षा परिणामों को लेकर आरोप लगाने वालों के पास यदि कोई तथ्य हैं, तो उन्हें सामने रखना चाहिए। बिना किसी ठोस तथ्य के आरोप लगाना उचित नहीं है। कुछ लोग या तो अपने माता-पिता को गुमराह कर रहे हैं या फिर किसी बाहरी उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं। ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग की प्राथमिकता अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ आयोग लगातार कार्य कर रहा है और भविष्य में भी परीक्षाओं तथा परिणामों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • लखनऊ में साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ, गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ

    लखनऊ में साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ, गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ

    लखनऊ
     लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से आयोजित यह महोत्सव 12 से 20 सितंबर तक चलेगा। नौ दिवसीय महोत्सव में पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्यिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल गतिविधियां, कार्यशालाएं और तकनीक से जुड़े आयोजन होंगे। योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में पुस्तक संस्कृति, शिक्षा, साहित्य और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच यह महत्वपूर्ण आयोजन है।

    250 पुस्तक स्टॉल, 121 प्रकाशकों की भागीदारी
    महोत्सव में लगभग 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 121 प्रकाशक शामिल हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं। साहित्य, इतिहास, संस्कृति, जीवनी, कला, शिक्षा, आध्यात्मिकता और समकालीन विषयों से जुड़ी पुस्तकों का व्यापक संग्रह यहां देखने को मिल रहा है।
    राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के प्रोग्राम ऑफिसर नरेंद्र सिंह ने बताया कि एनबीटी करीब 70 भाषाओं में किताबें प्रकाशित कर रहा है और इसके संग्रह में लगभग 10 हजार पुस्तकें हैं। दिव्यांश पब्लिकेशन के प्रबंध निदेशक नीरज अरोड़ा ने बताया कि उनके स्टॉल पर कई विषयों पर पुस्तकें मौजूद हैं। यहां हिंद युग का भी स्टॉल लगाया गया है। राज कमल प्रकाशन के सीनियर सेल्स मैनेजर विनोद तिवारी ने बताया कि उनके पास हिंदी की करीब 5,000 पुस्तकें हैं।

    साहित्य से विज्ञान तक होंगे संवाद
    गोमती पुस्तक महोत्सव में प्रतिष्ठित लेखकों, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. विद्या विंदु सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित कलाकार, लेखक और विशेषज्ञ भाग लेंगे।

    बच्चों के लिए विशेष बाल मंडल
    नन्हे पुस्तक प्रेमियों को ध्यान में रखते हुए नेशनल सेंटर फॉर चिल्ड्रन्स लिटरेचर की ओर से पूरे नौ दिनों के लिए विशेष बाल मंडप तैयार किया गया है। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए कठपुतली नाटक, स्टोरीटेलिंग, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस वर्कशॉप, क्ले आर्ट, पोस्टर निर्माण, सुलेख, कैरिकेचर स्टूडियो, कविता पाठ, मंडला कला और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ ही चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ बच्चों के लिए विशेष संवाद सत्र भी प्रस्तावित है।

    हर शाम दिखेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत
    महोत्सव में प्रत्येक शाम उत्तर प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे। इनमें पारस बैंड की प्रस्तुति, कथक कार्यक्रम, बिरजू महाराज कथक संस्थान की कथक नृत्य-नाटिका रघुवंशम, सुगम संगीत की शाम, मुशायरा, लोक प्रस्तुतियां और भारतेन्दु नाट्य अकादमी की नाट्य प्रस्तुति शामिल हैं। बेगम अख्तर को समर्पित विशेष दास्तानगोई सत्र भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

    राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष प्रदर्शनी
    एनबीटी के चेयरमैन मिलिंद मराठे ने बताया कि वंदे मातरम राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से विशेष प्रदर्शनी तैयार की गई है, जिसे देशभर में एनबीटी के पुस्तक आयोजनों में प्रदर्शित किया जा रहा है।  

    7 हजार से अधिक ई-पुस्तकों का डिजिटल संसार
    महोत्सव में बच्चों, युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय से परिचित कराने की व्यवस्था भी की गई है। राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की क्षेत्रीय जुड़ाव विशेषज्ञ मुस्कान कोहली ने बताया कि यह एक डिजिटल लाइब्रेरी है, इसमें 22 से अधिक भाषाओं की 7,000 से ज्यादा ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं।

    राष्ट्र निर्माण में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका
    राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि यह महोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुस्तकालयों और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की मुहिम का हिस्सा है। बच्चों और जेनजी के लिए प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी तथा महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।

  • आचार संहिता से पहले गांवों में विकास की तैयारी, 2800 से अधिक कामों के आदेश जारी

    आचार संहिता से पहले गांवों में विकास की तैयारी, 2800 से अधिक कामों के आदेश जारी

    जोधपुर
     नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत राज चुनावों की तैयारियां तेज होने के साथ ही पंचायती राज विभाग अंतिम समय में विकास कार्यों को जमीन पर उतारने में जुट गया है। संभावित आचार संहिता लागू होने से पहले विभाग ने प्रदेशभर में 2800 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। इनमें जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 100 से ज्यादा कार्य शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 20 करोड़ रुपए है।

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश कार्यों में गांवों में ट्यूबवेल निर्माण, पेयजल पाइपलाइन विस्तार, टिन शेड निर्माण, सामुदायिक सुविधाओं का विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े काम शामिल हैं। लक्ष्य है कि अगले 20 दिन से एक माह के भीतर सभी कार्यों का शिलान्यास और निर्माण शुरू करा दिया जाए, ताकि पंचायत राज चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद इन पर रोक का असर न पड़े।

    चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं ने पकड़ी रफ्तार
    ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पंचायती राज विभाग ही नहीं, बल्कि वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट भी जल संरक्षण और जलापूर्ति से जुड़े कई निर्माण कार्यों की प्रक्रिया तेज कर रहा है। इससे चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर समय रहते जारी हो जाएंगे, उन्हें नियमानुसार आगे बढ़ाया जा सकेगा। यही कारण है कि विभाग इन दिनों स्वीकृत परियोजनाओं की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर रहा है।

    जोधपुर में प्रस्तावित प्रमुख कार्य
    जोधपुर जिले में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से 100 विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्यूबवेल और पाइपलाइन विस्तार के काम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा गांवों में टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा। सामुदायिक स्तर पर जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। विभाग की ओर से इन कार्यों की प्रक्रिया तेज की जा रही है, ताकि आचार संहिता लागू होने से पहले टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराए जा सकें।

    इसलिए जल्दबाजी
    निकाय चुनाव के बाद अब सरकार और विभाग का फोकस पंचायत राज चुनावों की तैयारियों पर है। माना जा रहा है कि अगले 20 से 30 दिनों में संभावित आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में विकास कार्यों को मंजूरी देने, टेंडर जारी करने और वर्क ऑर्डर देने का काम तेजी से किया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि आचार संहिता लागू होने से पहले अधिक से अधिक कामों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद निर्माण कार्यों को मौके पर शुरू कराने पर जोर रहेगा, ताकि स्वीकृत विकास कार्यों में देरी न हो और समय पर धरातल पर काम दिखाई दे।

  • योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए 6.55 करोड़ रुपये किए जारी

    योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए 6.55 करोड़ रुपये किए जारी

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी, विद्यालयी प्रबंधन और शैक्षिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग के लिए 6.55 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं।

    महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और निगरानी के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ज्ञात हो कि इस व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार विद्यालयी आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित, बच्चों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी को अधिक प्रभावी तथा स्कूल प्रबंधन को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को मजबूत कर रही है।

    निर्देशों के अनुसार कुल 655.01 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा रही है। इसमें एमआईएस (यू-डायस प्लस) के लिए 262.00 लाख रुपये तथा चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए 393.01 लाख रुपये शामिल हैं। यह धनराशि विद्यालय स्तर पर एसएमसी के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों पर व्यय की जाएगी।

    हर बच्चे की जानकारी को व्यवस्थित करने पर जोर
    निर्देशों में यू-डायस प्लस पर विद्यालयों एवं विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों के संकलन और उनके उपयोग को महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। पत्र में अपार आईडी और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट पहचान के साथ उसकी शैक्षिक जानकारी को व्यवस्थित रूप से ट्रैक किया जा सके।

    मॉनिटरिंग को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी
    निर्देशों में जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक धनराशि के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एसएमसी स्तर पर हुए व्यय की प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  

    कोट:
    योगी सरकार विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ हर बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर प्रभावी नजर सुनिश्चित कर रही है। एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच्चों से जुड़ी जानकारी के बेहतर उपयोग को नई मजबूती मिलेगी।
    *संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा*

    कोट:
    एमआईएस, यू-डायस प्लस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए एसएमसी स्तर पर स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में पारदर्शी उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ वांटेड बदमाश, तरनतारन में पैर में लगीं दो गोलियां

    पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ वांटेड बदमाश, तरनतारन में पैर में लगीं दो गोलियां

    तरनतारन.

    तरनतारन जिले के मुरादपुर इलाके में शनिवार को पुलिस और एक वांछित आरोपित के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। पुलिस ने उसे घायल हालत में गिरफ्तार कर इलाज के लिए सिविल अस्पताल तरनतारन में भर्ती करवाया है।

    पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल और मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रिपूतपन सिंह ने बताया कि थाना सिटी तरनतारन की पुलिस को सूचना मिली थी कि मामले में वांछित आरोपित मुरादपुर इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी निरीक्षक परमजीत सिंह विरदी ने पुलिस टीम गठित कर आरोपित की तलाश शुरू की।

    जवाबी कार्रवाई में लगी दो गोलियां
    पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने पर आरोपित मुरादपुर स्थित एक बंद पड़े पेट्रोल पंप में जाकर छिप गया। पुलिस टीम ने जब इलाके की घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया और उसके करीब पहुंची तो आरोपित ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की। इसी दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    पहले भी पुलिस पर कर चुका फायरिंग
    पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल आरोपित पहले भी अपने भाई के साथ मिलकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर चुका है। इस संबंध में दर्ज मामले में दोनों पुलिस को वांछित थे। शनिवार की मुठभेड़ के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलने पर नगर उपाधीक्षक सुखबीर सिंह और उपाधीक्षक डी शिवदर्शन सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल और पिस्तौल बरामद की है। पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

  • कैंसर इलाज का नेटवर्क होगा मजबूत, झारखंड में छह रेडिएशन सेंटर खुलेंगे

    कैंसर इलाज का नेटवर्क होगा मजबूत, झारखंड में छह रेडिएशन सेंटर खुलेंगे

    रांची
     कैंसर मरीजों के इलाज के लिए राज्य में छह जगहों पर रेडिएशन सेंटर की स्थापना होगी। साथ ही डे-केयर की सुविधा बहाल होगी। रांची सदर अस्पताल के अलावा धनबाद, जमशदेपुर, पलामू, हजारीबाग तथा दुमका स्थिति मेडिकल कालेजों में पीपीपी माडल पर इन सुविधाओं को बहाल किया जाएगा।

    इसे लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें इस योजना पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की।

    उन्होंने जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कालेजों में उपलब्ध संसाधनों, मशीनों, मानवबल और आवश्यक खर्च का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में रेडिएशन उपचार के लिए आधुनिक लीनैक मशीन की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

    विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेडिएशन के लिए मशीन के साथ रेडिएशन विशेषज्ञ, टेक्नीशियन और रेडियो फिजिसिस्ट जैसे प्रशिक्षित मानवबल की आवश्यकता होती है। राज्य में रेडियो फिजिसिस्ट की कमी को इस क्षेत्र की प्रमुख चुनौती माना गया।

    मशीन के खराब होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और रखरखाव की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि डे-केयर और रेडिएशन सेंटर की व्यवस्था अलग-अलग होगी। डे-केयर सेंटर में चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से सेवाएं संचालित करने तथा रेडिएशन सेंटर के लिए विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित तकनीकी मानवबल की व्यवस्था की जाएगी

    बिहार में संचालित डे-केयर माडल का भी बैठक में संदर्भ लिया गया, जहां चिकित्सा पदाधिकारी को प्रशिक्षण देकर डे-केयर सेवा संचालित की जाती है। रेडिएशन सेंटर व डे-केयर सेंटरों में आयुष्मान और अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के कार्डधारियों को संबंधित योजना के निर्धारित पैकेज और दर के अनुसार उपचार मिलेगा।

    वहीं, अन्य मरीजों के लिए सीजीएचएस की निर्धारित दरों को आधार बनाने पर सहमति बनी। पूरी योजना की निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर समिति गठित की जाएगी। अपर सचिव सह झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में समिति प्रस्ताव, संसाधनों के आकलन, टेंडर प्रक्रिया और संचालन व्यवस्था की निगरानी करेगी।

    विभाग की ओर से भारत सरकार के बीजीएफ कार्यक्रम के तहत भी प्रस्ताव भेजकर आवश्यक स्वीकृति लेने की तैयारी की जा रही है। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डा. नेहा अरोड़ा, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह, सदर अस्पताल क उपाधीक्षक डाॅ. विमलेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

    दो समूह में मेडिकल कालेजों को रखने पर विचार
    प्रस्तावित रेडिएशन सेंटर के लिए मेडिकल कालेजों को दो समूह रखने पर विचार किया गया। पहले समूह में जमशेदपुर, धनबाद और दुमका तथा दूसरे समूह में रांची, हजारीबाग और पलामू को सम्मिलित करने का प्रस्ताव है।

    रिम्स, रांची से होगी डे-केयर सेंटरों की निगरानी
    बैठक में कैंसर डे-केयर सेंटरों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए रिम्स में कंट्रोल एवं कमांड सेंटर विकसित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा रांची, जमशेदपुर और धनबाद में पैट स्कैन की सुविधा के विस्तार तथा इसे पीपीपी मोड पर संचालित करने की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई।

     

  • नोशनल सेवा अवधि को अनुभव में जोड़ने का आदेश, PGT शिक्षकों की बढ़ी मेरिट

    नोशनल सेवा अवधि को अनुभव में जोड़ने का आदेश, PGT शिक्षकों की बढ़ी मेरिट

    चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (भले ही कोई कर्मचारी किसी निश्चित समयावधि के लिए वास्तविक रूप से (फिजिकली) नौकरी पर उपस्थित या कार्यरत नहीं था, फिर भी रिकॉर्ड और गणना के उद्देश्य से उसे उस अवधि के लिए सेवा में माना जाता है) का लाभ मिला है, उस सेवा अवधि को स्थानांतरण के लिए अनुभव की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता

    ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के आधार पर भी अनुभव अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट और पसंद के पद मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।विभाग दूसरे लाभ दे रहा था, ट्रांसफर में अनुभव अंक रोक दिएमामला परविंद्र कुमार समेत दर्जन भर पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा है।

    शिक्षकों का कहना था कि विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी, वरिष्ठता, नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा लाभों के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन शिक्षक स्थानांतरण अभियान में अनुभव अंक देने के लिए केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि को आधार बना रहा है।

    जगबीर मलिक ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
    इससे उनकी सेवा अवधि कम मानी जा रही थी और उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ रहा था।इसके खिलाफ शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से अदालत को बताया कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिका खारिज की जा चुकी है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से नए तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया।

    अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय के भारत सरकार बनाम के बी राजोरिया मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि नोशनल सेवा से जुड़े कानूनी सिद्धांत को केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।

    अदालत ने दोनों पक्षों की सुनी दलीलें
    अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें नोशनल सेवा अवधि का लाभ तो दिया गया, लेकिन स्थानांतरण के लिए उसी अवधि के अनुभव अंक नहीं दिए जा रहे थे।

    दूसरे कर्मचारियों के लिए भी खुला राहत का रास्तायह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समान प्रकृति के मामले में कृषि विकास अधिकारी की याचिका और उसके बाद दायर एलपीए पहले खारिज हो चुके थे।

    इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और नए कानूनी पहलुओं के आधार पर पीजीटी शिक्षकों को राहत मिल गई। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद नोशनल सेवा के बावजूद अनुभव अंकों से वंचित अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

  • बिहार में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान, स्कूलों से पंचायतों तक होंगे विशेष कार्यक्रम

    बिहार में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान, स्कूलों से पंचायतों तक होंगे विशेष कार्यक्रम

     पटना
    PM Narendra Modi Birthday: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेक संवाद में सरकार के सभी मंत्रियों की बैठक चल रही है।

    मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में चल रही बैठक में 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन्मतिथि पर शुरू होने वाले महीने भर के सेवा संकल्प अभियान को लेकर मंत्रियों से विचार-विमर्श कर रहे हैं।

    25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्‍य में अभ‍ियान
    विदित हो कि मुख्यमंत्री पद से लेकर संसदीय जीवन में प्रधानमंत्री पद पर नरेन्द्र मोदी के लगातार काम करते हुए 17 सितंबर को 25 वर्ष पूर हो रहे हैं।

    इसे लेकर सरकार ने अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के सभी 13 प्रमुख घटकों की विभागवार तैयारियां पर चर्चा की।

    अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की संध्या को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम से होगी, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक घर तथा हर जिले के कम-से-कम 10 प्रमुख व प्रतीकात्मक सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन कराया जाएगा।

    इसके लिए जीविका, नगर निकायों और जन वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों तक दीया पहुंचाया जाएगा। वहीं, 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में 'सेवा चित्र' के अंतर्गत 'विकसित भारत संकल्प' विषय पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

    स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक भी आयोजन किया जाएगा। जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 'सेवा स्मरण' के तहत पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं पर आधारित 18-20 नाट्य टोलियां गठित की जाएंगी।

    स्‍कूल-कॉलेजों से लेकर पंचायत तक में नुक्‍कड़ नाटक
    स्कूलों, कालेजों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगी। दो अक्टूबर को विशेष मंचन करेंगी। इसके साथ ही 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय आयोजन होगा।

    इसमें आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, लाभार्थी माताओं से संवाद और बच्चों की मनोरंजक गतिविधियों के साथ-साथ पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

    सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को उजागर करने के लिए 'कहानी बदलाव की' घटक के अंतर्गत वास्तविक रील्स व लघु वीडियो का संकलन कर जिला और राज्य स्तरीय डिजिटल डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा।

    इसके अलावा, 'सेवा ज्योति यात्रा' के माध्यम से राज्य व जिलों में पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें 'मेरा युवा भारत' के स्वयंसेवक भाग लेंगे और समापन पर 'विकसित भारत 2047' का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।