Category: राज्य

  • 17 सितंबर से यूपी में ‘सेवा संकल्प’ अभियान, सीएम योगी बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक ताकत बना

    17 सितंबर से यूपी में ‘सेवा संकल्प’ अभियान, सीएम योगी बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक ताकत बना

    लखनऊ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोहन के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा उत्तर प्रदेश में सेवा संकल्प के रूप में बड़ा अभियान चलाएगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक यह अभियान चलेगा। शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की जानकारी विस्तार से साझा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया।

    सीएम योगी ने कहा कि पिछले 12 वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश और उसके पहले 13 वर्षों तक गुजरात को जैसा कुशल नेतृत्व प्रदान किया वह अतुलनीय है। पीएम मोदी के साथ कोई वंश परंपरा नहीं जुड़ी थी लेकिन एक साधना-तप और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उस साधना और तप का लाभ पूरे देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत का तेजी से उभार हुआ है। 500 सालों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। सीएम योगी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के कामों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश में विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनकल्याण से जुड़े कामों को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को हर बूथ पर प्रत्येक लाभार्थी परिवार आर्शीवाद का दीया जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं तक पहुंचना है।

    देश के अंतिम आदमी तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में 7 अक्टूबर को 25 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके उपलक्ष्य में उनके द्वारा किए गए योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पार्टी और सरकार मिलकर सेवा के इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रही है। इस दिशा में कई आयोजन किए गए हैं। 7 अक्टूबर 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में और प्रधानमंत्री के रूप में देश अंदर, कार्य करने के 25 साल पूरे होने का दिन है।

    सरकार और संगठन ने मिलकर तैयार की कार्ययोजना
    सीएम योगी ने कहा कि 25 साल की पीएम मोदी की यशस्वी यात्रा का अभिनंदन करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने और संगठन ने मिलकर एक कार्य योजना तैयार की है। वास्तव में जब 25 साल के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों का हम अवलोकन करते हैं तो यह एक समग्र विकास की योजना और विजन देशवासियों को प्रदान करता है। जिस भी क्षेत्र में उन्होंने, मुख्यमंत्री के रूप में देखें या प्रधानमंत्री के रूप में, कोई कदम बढ़ाया, योजना बनाई तो वह योजना केवल योजना तक ही सीमित नहीं रही। उसका सफल क्रियान्वयन हुआ और अंतिम पंक्ति तक उसकी पहुंच कैसे हुई ये भी पूरे देश और दुनिया ने देखा।

    सीएम योगी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्य को भीषण सूखे का सामना करना पड़ता था, जहां पेय जल का संकट था, सिंचाई की बात तो बहुत दूर थी कनेक्टिविटी की समस्याएं थीं , ढेर सारी समस्याएं थीं। उस गुजरात में सरदार सरोवर की लंबित परियोजना को पूरा करके, उन्होंने गुजरात को न केवल वेलफेयर प्रदेश के रूप में बल्कि देश के अंदर एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। सीएम योगी ने कहा कि आज भारत गरीब या कमजोर देश नहीं है। यह दुनिया में पिछलग्गु नहीं है बल्कि दुनिया के अंदर वैश्विक ताकत के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है।

    क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष
    प्रेस कॉफ्रेन्स में मौजूद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 'सेवा संकल्प' अभियान पर कहा कि संवैधानिक प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल 7 अक्टूबर को पूरे होंगे। इस उपलक्ष्य में 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। जन सेवा ही प्रभु सेवा का मूल भाव है, इसी भाव के साथ ये अभियान चलाया जा रहा है।

  • त्योहारों और क्रिकेट मैचों के बीच रांची में कड़ी होगी ट्रैफिक व्यवस्था, नंबर प्लेट छिपाने वालों पर भी कार्रवाई

    त्योहारों और क्रिकेट मैचों के बीच रांची में कड़ी होगी ट्रैफिक व्यवस्था, नंबर प्लेट छिपाने वालों पर भी कार्रवाई

     रांची
    गणेश पूजा, करमा पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के साथ अक्टूबर में होने वाले क्रिकेट मैच को देखते हुए रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक यातायात की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई।

    इस दौरान सभी यातायात थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को भीड़ और जाम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में आगामी त्योहारों और क्रिकेट मैच के दौरान संभावित यातायात दबाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक यातायात ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    ब्लैक शीशा से लेकर नशे में ड्राइविंग तक पर होगी कार्रवाई
    यातायात पुलिस ब्लैक शीशा, फैन्सी नंबर प्लेट, मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न, रेस ड्राइविंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगी।

    निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आटो और टोटो चालकों के यूनिफार्म में नहीं रहने तथा नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

    नंबर प्लेट पर टेप लगाने वालों पर विशेष नजर
    वाहनों की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर नंबर छिपाने या नंबर प्लेट पर गलत तरीके से नंबर लिखने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यातायात पोस्ट के आसपास की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।

    अधिकारियों ने कहा कि कई स्थानों पर लेफ्ट फ्री रहने के बावजूद वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनती है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से आटो और टोटो खड़े करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यातायात थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर ऐसी स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

    अतिक्रमण हटाने के लिए निगम के साथ समन्वय
    सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान, ठेला या अन्य सामान लगाने से यातायात प्रभावित होने वाले स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस रांची नगर निगम की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाएगी।

    बारिश के कारण जिन स्थानों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है, वहां यातायात थाना प्रभारी भ्रमणशील रहेंगे। जरूरत के अनुसार क्यूआरटी और अभियान टीम को भी लगाया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति बनने पर तत्काल यातायात सामान्य कराया जा सके।

    स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विशेष निगरानी
    स्कूलों के शुरू होने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में विशेष रूप से भ्रमणशील रहेगी। इस दौरान स्कूलों के आसपास यातायात सुचारु रखने के साथ चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    बैठक में पुलिस उपाधीक्षक यातायात प्रथम और द्वितीय, सभी यातायात थाना प्रभारी एवं यातायात शाखा के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक यातायात ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

  • सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: PG ऑपरेटर ने किया सरेंडर, मरम्मत और स्ट्रक्चरल बदलाव पर होगी पूछताछ

    सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: PG ऑपरेटर ने किया सरेंडर, मरम्मत और स्ट्रक्चरल बदलाव पर होगी पूछताछ

    नई दिल्ली
     सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के मामले में फरार चल रहे PG ऑपरेटर शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे हादसे की वजह और PG के संचालन से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए रिमांड मांगी।

    दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी
    अदालत ने त्यागी को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। हादसे के बाद से त्यागी फरार था। पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही थी। उसकी अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी थी। इसके एक दिन बाद उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

    पुलिस आरोपी से करेगी ये पूछताछ
    अब पुलिस त्यागी से PG के रोजमर्रा के संचालन को लेकर पूछताछ करेगी। वहां कितने लोग रहते थे? उनकी जानकारी कैसे दर्ज की जाती थी? प्रॉपर्टी का लीज एग्रीमेंट क्या था? इमारत में मरम्मत या निर्माण का काम किसके कहने पर चल रहा था? इन सभी पहलुओं की जांच होगी। पुलिस ने त्यागी का मोबाइल फरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

    क मंजिल किराए पर लेकर चलाया था PG
    इससे हादसे के आसपास की उसकी बातचीत और संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। सह-आरोपी सुधांशु लोवनीश के मोबाइल का भी डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है। लोवनीश पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, त्यागी और लोवनीश ने प्रॉपर्टी मालिक हरिराम गुप्ता से एक मंजिल किराए पर लेकर PG चलाया था।

    बिल्डिंग की जांच कर रही पुलिस
    मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें हरिराम बंसल (81), उनकी पत्नी उर्मिला बंसल (75), उनके बेटे महेश बंसल, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार और दोनों PG ऑपरेटर शामिल है। जांच में इमारत में चल रहे मरम्मत के काम पर भी फोकस है। हादसे के समय बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक लाने के लिए उसमें भराव किया जा रहा था। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या किसी स्ट्रक्चरल बदलाव या सुरक्षा नियमों की अनदेखी से इमारत कमजोर हुई।

    कॉन्ट्रैक्टर ने मालिकों को दी थी चेतावनी
    पुलिस के मुताबिक, इमारत में एक दुकान की दीवार गिराए जाने के बाद कॉन्ट्रैक्टर ने मालिक और PG ऑपरेटरों को स्ट्रक्चरल सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी। हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया। दिल्ली पुलिस ने शहर के दूसरे PG की भी जांच शुरू की है।

  • विश्व स्केट खेलों में चंडीगढ़ के 29 खिलाड़ी दिखाएंगे दम, 2 अक्टूबर से शुरू होंगे मुकाबले

    विश्व स्केट खेलों में चंडीगढ़ के 29 खिलाड़ी दिखाएंगे दम, 2 अक्टूबर से शुरू होंगे मुकाबले

    चंडीगढ़.

    पराग्वे की राजधानी असुनसियोन में दो से 18 अक्टूबर तक होने वाले पांचवें विश्व स्केट खेलों में चंडीगढ़ के 29 स्केटर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयनित खिलाड़ियों में 15 बेटियां हैं।

    ये खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों में रोलर हाॅकी और इनलाइन हाॅकी स्पर्धाओं में देश के लिए पदक की दावेदारी पेश करेंगे। रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से चंडीगढ़ में 30 और 31 अगस्त को चयन ट्रायल कराए गए थे। ट्रायल के लिए देशभर से 250 से अधिक स्केटर्स ने पंजीकरण कराया था। रोलर और इनलाइन हॉकी के ट्रायल सेक्टर-10 स्थित स्केटिंग रिंक में हुए। वहीं, स्केटबोर्डिंग और फ्रीस्टाइल के ट्रायल सेक्टर-17 स्केट पार्क में आयोजित किए गए।

    खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की अधिकारी खुशबू सोनी को ट्रायल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ने ट्रायल के आयोजन और समन्वय में अहम भूमिका निभाई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण वालिया ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि चंडीगढ़ ने एक बार फिर रोलर और इनलाइन हाकी में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। महासचिव एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरप्रीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारियां जारी हैं और जल्द प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। संयुक्त सचिव सनन महाजन ने कहा कि 15 बेटियों का चयन महिला स्केटिंग की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

    ये खिलाड़ी हुए चयनित
    रोलर हॉकी जूनियर लड़के: नितिन, ध्रुव, इकजोत, सार्थक, अखिलेश।
    रोलर हॉकी सीनियर महिलाएं: अन्वी, अनूप, पंकिता, दिवलीन, प्रांजल, सांची, पुन्नया, दिवनूर।
    इनलाइन हॉकी जूनियर लड़के: पारसप्रीत, आयु, मौर्या, जसराज, पार्थ, स्तव्य, आरव, स्वस्तिक, नियाम।
    इनलाइन हॉकी जूनियर लड़कियां: दिशा, एंजल, स्मायरा, तन्वी, अवंतिका, दिया, जैस्मिन।

  • लखनऊ में 1010 बेड का नया अस्पताल, यूपी में 65 मेडिकल प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार

    लखनऊ में 1010 बेड का नया अस्पताल, यूपी में 65 मेडिकल प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार

     लखनऊ
     प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज और मेडिकल छात्रों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शुरू करने जा रहा है। इनमें 21 परियोजनाओं का जल्द लोकार्पण होगा, जबकि 44 परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है।

    लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं में किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, नई परियोजनाओं में ट्रामा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, लेक्चर थिएटर और अन्य जरूरी सुविधाओं का निर्माण होगा।

     48.15 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित
    सबसे बड़ी परियोजना लखनऊ स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड के अस्पताल भवन की है। इसके निर्माण पर 855.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौजूदा लेवल-2 ट्रामा सेंटर को 100 बेड के लेवल-1 ट्रामा सेंटर में विकसित किया जाएगा। इस पर 48.15 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं।

    बाल रोग विभाग में एमसीएच सेंटर के निर्माण पर 34.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कानपुर में 49.40 करोड़ रुपये से संक्रामक रोग चिकित्सालय, गोंडा में 9.93 करोड़ रुपये से नर्सिंग कॉलेज और झांसी में लेक्चर थिएटर, पुस्तकालय, परीक्षा हाल व छात्रावास विकसित किए जाएंगे।

    अयोध्या, बस्ती, जौनपुर, मिर्जापुर, एटा और कुशीनगर समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी अस्पताल और कैंपस सुविधाओं का विस्तार होगा।

     

  • बिहार में बढ़ेगी EV चार्जिंग सुविधा, पटना के सचिवालय समेत 9 जगहों पर लगेंगे फास्ट चार्जर

    बिहार में बढ़ेगी EV चार्जिंग सुविधा, पटना के सचिवालय समेत 9 जगहों पर लगेंगे फास्ट चार्जर

    पटना
     राजधानी में मुख्य सचिवालय, विधानसभा, कलेक्ट्रेट, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, मल्टी मॉडल हब, मल्टी लेवल कार पार्किंग, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड में फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

    इसको लेकर परिवहन विभाग और इंडियन आयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।

    समझौते पर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन तथा आइओसीएल, बिहार के स्टेट रिटेल सेल्स हेड राजीव कुमार ने हस्ताक्षर किए।

    राज्य परिवहन आयुक्त ने बताया कि इन चार्जिंग स्टेशनों के शुरू होने से सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा।

    खासकर सचिवालय और अन्य प्रमुख सरकारी परिसरों में ईवी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। ई-वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके लिए निजी कंपनियों के सहयोग से चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

    बिहार में अब तक 210 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित
    आईओसीएल के अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि कंपनी के स्तर से राज्य में अब तक 210 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।

    परिवहन विभाग के साथ हुए इस समझौते के तहत चिह्नित सरकारी परिसरों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को सुविधाजनक और भरोसेमंद चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

  • मतदाता सूची से नाम हटने के बावजूद डाले वोट, जयपुर के बूथ पर रद्द हुआ मतदान

    मतदाता सूची से नाम हटने के बावजूद डाले वोट, जयपुर के बूथ पर रद्द हुआ मतदान

    जयपुर
    जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए शुक्रवार को मतदान पूरा हो गया था। मतदान खत्म होने के बाद अलग-अलग बूथों से जुड़ी तस्वीरें और वोंटिग के आंकड़े सामने आ रहे हैं। इसी बीच बगरू विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 62 के एक बूथ को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। यहां हुए मतदान को रद्द कर दिया गया है और अब कल यानी 13 सितंबर को इसी बूथ पर दोबारा वोटिंग होगी।

    दोबारा वोंटिंग की क्या है वजह?
    मामला यह है कि नगरनिगम जयपुर के वार्ड संख्या 62 के भाग संख्या 23 हेतु निर्धारित मतदान केन्द्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कमरा नम्बर 4, टीलावाला, सांगानेर पर 11 सितंबर को हुए मतदान को निरस्त कर दिया गया है। दरअसल, इस बूथ की मतदाता सूची में 110 लोगों के नाम हटाने के लिए दर्ज थे, यानी ये नाम विलोपन सूची में शामिल थे। इसके बावजूद इन लोगों ने शुक्रवार को हुए मतदान में वोट डाल दिया। इसकी जानकारी सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने पहले हुए मतदान को रद्द करने का फैसला लिया। अब इसी वजह से बूथ पर फिर से मतदान कराया जा रहा है। इस बार जिन लोगों ने पहले वोट दिया था, उन्हें दोबारा मतदान की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा और बाएं हाथ की मध्यमा उंगली पर नई अमिट स्याही लगाई जाएगी।

    वार्ड 62 में 13 प्रत्याशी मैदान में
    वार्ड नंबर 62 में इस बार बहुत दिलचस्प और बहुकोणीय मुकाबला है। इस वार्ड में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है। बता दें, भाजपा से रामअवतार शर्मा, कांग्रेस से हजारीलाल शर्मा, आम आदमी पार्टी (AAP) से योगेश गोयल और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से नरेश कुमार चुनाव मैदान में हैं। इनके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशी भी मुकाबले में हैं। वार्ड में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 9 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।

    14 सितंबर को आएंगे नतीजे
    राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में कराए गए। 9 सितंबर को पहले चरण में जयपुर जिले की 18 अन्य नगर निकायों में वोट डाले गए, जबकि जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 11 सितंबर को दूसरे चरण के तहत मतदान हुआ। यानी जयपुर शहर में चुनाव एक ही दिन में पूरा हो गया। अब दोनों चरणों में इस्तेमाल हुई ईवीएम को सुरक्षित रख दिया गया है। 14 सितंबर को मतगणना के बाद सभी वार्डों के नतीजे एक साथ जारी किए जाएंगे।

     

  • हरियाणा हाईकोर्ट ने माना नोशनल सेवा का लाभ, PGT ट्रांसफर में अंकों को दी मंजूरी

    हरियाणा हाईकोर्ट ने माना नोशनल सेवा का लाभ, PGT ट्रांसफर में अंकों को दी मंजूरी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (भले ही कोई कर्मचारी किसी निश्चित समयावधि के लिए वास्तविक रूप से (फिजिकली) नौकरी पर उपस्थित या कार्यरत नहीं था, फिर भी रिकॉर्ड और गणना के उद्देश्य से उसे उस अवधि के लिए सेवा में माना जाता है) का लाभ मिला है, उस सेवा अवधि को स्थानांतरण के लिए अनुभव की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता। ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के आधार पर भी अनुभव अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट और पसंद के पद मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।विभाग दूसरे लाभ दे रहा था, ट्रांसफर में अनुभव अंक रोक दिएमामला परविंद्र कुमार समेत दर्जन भर पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा है। शिक्षकों का कहना था कि विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी, वरिष्ठता, नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा लाभों के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन शिक्षक स्थानांतरण अभियान में अनुभव अंक देने केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि को आधार बना रहा है।

    जगबीर मलिक ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
    इससे उनकी सेवा अवधि कम मानी जा रही थी और उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ रहा था।इसके खिलाफ शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से अदालत को बताया कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिका खारिज की जा चुकी है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से नए तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया। अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय के भारत सरकार बनाम के बी राजोरिया मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि नोशनल सेवा से जुड़े कानूनी सिद्धांत को केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।

    अदालत ने दोनों पक्षों की सुनी दलीलें
    अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें नोशनल सेवा अवधि का लाभ तो दिया गया, लेकिन स्थानांतरण के लिए उसी अवधि के अनुभव अंक नहीं दिए जा रहे थे। दूसरे कर्मचारियों के लिए भी खुला राहत का रास्तायह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समान प्रकृति के मामले में कृषि विकास अधिकारी की याचिका और उसके बाद दायर एलपीए पहले खारिज हो चुके थे। इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और नए कानूनी पहलुओं के आधार पर पीजीटी शिक्षकों को राहत मिल गई। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद नोशनल सेवा के बावजूद अनुभव अंकों से वंचित अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

  • पारदर्शी होगा शिक्षकों का ट्रांसफर, हरियाणा मॉडल की तर्ज पर पॉइंट सिस्टम लागू करने की तैयारी

    पारदर्शी होगा शिक्षकों का ट्रांसफर, हरियाणा मॉडल की तर्ज पर पॉइंट सिस्टम लागू करने की तैयारी

    नई दिल्ली
    सरकारी स्कूलों के टीचर्स के ट्रांसफर की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर रही है, जिसमें टीचर्स का ट्रांसफर पॉइंट सिस्टम के आधार पर होगा। टीचर्स का एक यूनिक आईडी भी बनेगा, जिसमें उनका पूरा सर्विस रिकॉर्ड होगा। सूत्रों की मानें तो सरकार 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े के दौरान इसका ऐलान कर सकती है।

    अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर दिए जाएंगे अंक
    अधिकारियों के मुताबिक नई टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी में सबसे अहम हिस्सा पॉइंट आधारित ट्रांसफर सिस्टम होगा। इसमें अलग-अलग कैटिगरी के आधार पर टीचर्स को अंक दिए जाएंगे और कुल अंक के आधार पर उपलब्ध रिक्तियों में ट्रांसफर की प्राथमिकता तय होगी। हालांकि, किन परिस्थितियों के लिए कितने अंक मिलेंगे, इसका अंतिम फैसला किया जा रहा है। टीचर्स की पारिवारिक स्थिति, शारीरिक अक्षमता, महिला और सिंगल पैरंट्स जैसी स्थितियों पर भी अंक मिलेंगे।

    यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना
    प्रस्तावित पॉलिसी में प्रत्येक टीचर को एक यूनिक आईडी दिए जाने की संभावना है। इसके जरिए टीचर का पूरा सर्विस रिकॉर्ड, वर्तमान स्कूल में कार्यकाल, पूर्व पोस्टिंग और अन्य जरूरी जानकारियों का एक सेंट्रलाइज डेटाबेस भी बनेगा। टीचर्स पोर्टल पर अपनी जानकारी देख सकेंगे और ट्रांसफर विंडो खुलने पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनात टीचर्स को अतिरिक्त वेटेज देने पर भी विचार हो रहा है।

    हरियाणा मॉडल का अध्ययन
    सरकार ने हरियाणा मॉडल का भी अध्ययन किया है। हरियाणा में कंप्यूटराइज्ड सर्विस रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर खाली पदों का आवंटन किया जाता है। वहां कुल 80 अंकों में उम्र को 60 अंक का प्रमुख आधार बनाया गया है, जबकि 20 अंक विशेष श्रेणियों के लिए रखे गए है। इनमें महिला कर्मचारी, कुछ श्रेणियो की सिंगल महिलाएं, विधवा-विधुर और कपल केस शामिल है। इसमे स्थानीय जरूरतों के हिसाब से प्राथमिकता मिलेगी

    वेरिफिकेशन के बाद ट्रांसफर
    ट्रांसफर से पहले शिक्षकों से व्यक्तिगत और सर्विस रिकॉर्ड ऑनलाइन सत्यापित कराने की योजना है। विभाग रिकॉर्ड के आधार पर अंक तय कर उन्हें पब्लिक कर सकता है। इसके बाद टीचर्स अपने रिकॉर्ड या पॉइंट को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम ट्रांसफर सूची जारी होगी। ट्रांसफर से पहले स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या, स्वीकृत पद और विषयवार शिक्षको की जरूरत का डेटा की भी मैपिंग की जाएगी

  • पंजाब कांग्रेस में वापसी की चर्चा पर बोले सचिन पायलट, ‘हाईकमान से कोई बातचीत नहीं’

    पंजाब कांग्रेस में वापसी की चर्चा पर बोले सचिन पायलट, ‘हाईकमान से कोई बातचीत नहीं’

    चंडीगढ़.

    पंजाब पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिछले कुछ समय से कांग्रेस में वापसी की चर्चा है। लेकिन फिलहाल इस पर संस्पेंस भी बरकरार है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान सचिन पायलट ने कैप्टन को लेकर बड़ी बात कही है।

    पायलट ने कहा कैप्टन को लेकर उनकी हाईकमान से कोई बातचीत नहीं हुई है। ऐसे में इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। पंजाब दौरे से पहले सचिन पायलट अपनी तैयारी में जुटे हैं। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने कहा है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव पूरी ताकत और मजबूती के साथ लड़ेगी। पार्टी का मुख्य मुद्दा पंजाब में नशे को खत्म करना, विकास और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए योजनाएं तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। बातचीत में पायलट ने नशे की समस्या को पंजाब के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है।

    केंद्र नशे की आपूर्ती रोकने में विफल
    वहीं, केंद्र की भाजपा सरकार भी पंजाब में बाहर से आने वाले नशे की आपूर्ति को रोकने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के विकास के अपने पुराने रिकार्ड और युवाओं के बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ जनता के बीच जाएगी। भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया की ओर से अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर कांग्रेस पर की गई टिप्पणी पर पायलट ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन लोगों को वह पहले गालियां देती थी और जिन्हें उसने किनारे कर दिया था, आज उसी शरण में वापस क्यों जाना पड़ रहा है।

    प्रकाश सिंह बादल के बाद अकाली दल टूटा
    अकाली दल को लेकर पायलट ने कहा कि यह पार्टी अब वह नहीं रही जो प्रकाश सिंह बादल के समय हुआ करती थी। पार्टी में कई टूट हुई हैं और अलग-अलग दल बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल और भाजपा जमीन तलाशने के लिए एक-दूसरे का साथ लेने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जब दोनों दलों का गठबंधन था, तब भी उन्हें पंजाब में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। पायलट ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम इसका संकेत दे चुके हैं।

    बिखर रही आप
    आप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी बिखर गई है और उसके राज्यसभा के अधिकतर सांसद भाजपा के साथ चले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास विपक्षी दलों को तोड़ने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है और सांसदों को तोड़कर किसी तरह परिसीमन से जुड़े कानून को आगे बढ़ाना उसका प्रयास है। पायलट ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और कांग्रेस का संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़कर जीत हासिल करेगा।