Category: राज्य

  • 12 प्रमुख कार्यक्रमों से गांव से शहर तक पहुंचेगा सेवा का संदेश, 25 लाख लाभार्थियों की सफलता की कहानियां होंगी डिजिटल

    12 प्रमुख कार्यक्रमों से गांव से शहर तक पहुंचेगा सेवा का संदेश, 25 लाख लाभार्थियों की सफलता की कहानियां होंगी डिजिटल

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलेगा। एक माह के अभियान के जरिए योगी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की सफलता की कहानियां सामने लाने के साथ प्रदेशवासियों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाएगा। अभियान के प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मार्गदर्शन में शासन से जनपद स्तर तक त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है।

    अभियान में केंद्र सरकार के 12 वर्षों और राज्य सरकार के 10 वर्षों के विकास कार्यों से आए बदलावों को प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा। केंद्र एवं राज्य की योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का त्रिस्तरीय डेटा बैंक तैयार होगा। कुल 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के 3.51 करोड़ परिवार व 13.01 करोड़ लाभार्थी तथा शहरी क्षेत्र के 0.68 करोड़ परिवार व 2.73 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं।

    12 कार्यक्रमों से पहुंचेगा सेवा का संदेश
    अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ आयोजित होंगे।

    17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ से शुरुआत होगी। शाम सात बजे घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप प्रज्वलन कर सेवा एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती पर टूल किट वितरण तथा चयनित विकास एवं अवस्थापना परियोजना स्थलों पर दीप प्रज्वलन होगा।

    ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’ के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 के लिए चित्रकला तथा कक्षा 9 से 12 के लिए चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला स्तरीय प्रदर्शनी के बाद 7 अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी होगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार दिए जाएंगे।

    नुक्कड़ नाटक और डिजिटल कहानियों से जनजागरण
    ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत प्रत्येक जनपद में 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां गठित होंगी। प्रत्येक विधानसभा में सात कार्यक्रम होंगे। ग्राम पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर 25 से 30 मिनट की प्रस्तुति के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की कहानी पहुंचाई जाएगी।

    ‘सेवा की कहानी’ डिजिटल एवं रील अभियान में 25 लाख लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव पर 60 सेकंड की रील्स तैयार होंगी। आवास, विद्यालय, पंचायत भवन, पुस्तकालय, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों से जुड़ी विकास कहानियां प्रदर्शित की जाएंगी। 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा दीदियों और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला योजनाओं की जानकारी के साथ हेल्दी बेबी शो, बच्चों को कॉमिक बुक्स, खिलौने, फल-मिठाई, अतिरिक्त पोषाहार एवं सामग्री वितरण होगा।

    सेवा ज्योति कलश यात्रा से विकसित भारत का संकल्प
    7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ आयोजित होगी। प्रमुख चौराहों पर सेवा कलश स्थापित किए जाएंगे। पैदल, साइकिल और बाइक रैलियों से नागरिक मुख्य आयोजन स्थल पहुंचेंगे। ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ में 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल लेकर 10 टोलियां काशी से वडनगर, गुजरात जाएंगी। मार्ग के जनपदों में चौपाल, जनसंवाद और विकास यात्रा पर आधारित फिल्म प्रदर्शन होंगे।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ में नागरिक 25 सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़ेंगे। रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, गांव गोद लेना, योग-ध्यान, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल साक्षरता, अंगदान, पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता इसमें शामिल हैं। प्रत्येक विधानसभा में न्यूनतम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य है।

    सेवा सेतु शिविरों में मौके पर मिलेंगी योजनाओं की सुविधाएं

    ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड एवं नगरीय निकाय स्तर पर पांच से सात दिवसीय बहुउद्देशीय शिविर होंगे। एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्र नागरिकों के आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मेले, प्रत्येक विधानसभा में दिव्यांग कल्याण शिविर और मतदाता पंजीकरण पर भी जोर रहेगा। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में युवाओं की राष्ट्रीय स्तर के इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में ओरिएंटेशन एवं मोटिवेशन कार्यक्रम होंगे।

    1.25 लाख जनप्रतिनिधि लेंगे विकसित भारत का संकल्प
    17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा विकसित भारत-2047 का संकल्प लेंगे। लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प एवं वंदे मातरम् गायन की योजना है। ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा दर्शाने वाले लेजर शो होंगे। प्रमुख तीर्थस्थलों एवं शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित हैं।
    17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करेंगे तथा विकसित भारत-2047 का संकल्प लेंगे। लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों द्वारा संकल्प एवं वंदे मातरम् गायन की योजना है। ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा दर्शाने वाले लेजर शो होंगे। प्रमुख तीर्थस्थलों एवं शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान प्रस्तावित हैं।

  • राजस्थान निकाय चुनाव में सियासी घमासान, बीकानेर से पाली तक कांग्रेस में बगावत

    राजस्थान निकाय चुनाव में सियासी घमासान, बीकानेर से पाली तक कांग्रेस में बगावत

    जयपुर
    राजस्थान के शहरों की सरकार का चेहरा तय करने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश की 305 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। ऐसे में सुबह से ही बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशीयों की ओर से नामांकन दाखिल करने का सिलसिला जारी है। बुधवार दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे। बता दें कि पहले दिन 19 निकायों में 29 नामांकन भरे गए। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर को सुबह 11 बजे होगी। वहीं, 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकेगी। इसके बाद मेयर चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी। अध्यक्ष के लिए मतदान 21 सितंबर और उपाध्यक्ष के चुनाव 22 सितंबर को होगा।

    बीकानेर में मेयर पद को लेकर कांग्रेस में बगावत
    बीकानेर नगर निगम में मेयर पद को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला को मेयर पद का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब पार्टी के ही विजयी पार्षद नवरतन डागा ने नामांकन दाखिल कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अनिल कल्ला के नामांकन से पहले नवरतन डागा नामांकन दाखिल करने पहुंचे। इस दौरान डागा ने साफ कहा कि वह कांग्रेस की तरफ से ही मेयर पद का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने इसे परिवारवाद के खिलाफ जंग बताते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल भी उठाए। डागा ने कहा कि “यह जंग परिवारवाद के खिलाफ है। आखिर कब तक कांग्रेस का कार्यकर्ता इसे सहन करेगा?” उनके इस बयान के बाद बीकानेर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने मेयर पद के लिए अनिल कल्ला को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। वहीं, अब नवरतन डागा के नामांकन दाखिल करने से चुनाव में कांग्रेस के दो चेहरे आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।

    चूरू नगर परिषद: भाजपा के विनय कुमार गोयनका ने भरा पर्चा
    चूरू नगर परिषद सभापति पद के लिए भाजपा के विनय कुमार गोयनका ने नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान विधायक हरलाल सहारण, वार्ड 19 के पार्षद नरेंद्र सैनी सहित कई पार्षद मौजूद रहे।

    फतेहपुर नगरपालिका: घनश्याम तिवाड़ी की बहन अंजू भिंडा ने भरा पर्चा
    सीकर जिले की फतेहपुर नगरपालिका से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी की बहन अंजू भिंडा ने अध्यक्ष पद के लिए नामां​कन दाखिल किया। बता दें कि अंजू भिंडा निर्दलीय चुनाव जीता था। अब उन्होंने भाजपा की ओर से नामांकन दाखिल किया है।

    पोकरण नगरपालिका: कांग्रेस की कल्पना रंगा व भाजपा की शोभा व्यास ने भरा नामांकन
    पोकरण नगरपालिका अध्यक्ष के लिए नामांकन का आज अंतिम दिन, कांग्रेस से कल्पना रंगा व भाजपा से शोभा व्यास ने नामांकन करवाया जमा

    जैसलमेर: भाजपा के विजय डांगरा ने भरा नामांकन
    जैसलमेर में सभापति की कुर्सी पर भाजपा का दावा मजबूत माना जा रहा है, पार्षदों के साथ विजय डांगरा ने भरा नामांकन, नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ पहुंचे डांगरा, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दाखिल किया नामांकन

    भीलवाड़ा: महापौर और पालिकाध्यक्षों के नामों पर लगी मुहर, अब जीत का इंतजार
    भीलवाड़ा नगर निगम के साथ ही दस नगर पालिकाओं में महापौर व अध्यक्षों के नाम के पत्ते खुल गए है। भाजपा व कांग्रेस ने जयपुर में आलाकमान से मिली हरी झंडी के बाद प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। सभी प्रत्याशी दोपहर एक बजे तक नामांकन पत्र पेश कर देंगे। भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा ने महिला वर्ग में बड़ी जीत के साथ आई जसवंत कंवर को प्रत्याशी बनाया है।

    भरतपुर से निर्दलीय विचित्रा सिंह ने मेयर पद के लिए किया नामांकन
    भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मेयर पद के लिए विचित्रा सिंह ने नामांकन भरा। इस दौरान उनके साथ पति पूर्व सभापति एवं मेयर शिव सिंह भोट, शहर कांग्रेस शहर अध्यक्ष दयाचंद पचौरी, योगेंद्र सिंह ठाकुर, संजय शुक्ला सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की ओर से अनुराधा सिंह एवं प्रेमपाल ने नामांकन भरा। भाजपा की ओर से अनुराधा सिंह मेयर की रेस में सबसे आगे बताई जा रही है।

    अजमेर: भाजपा से अनामिका शर्मा मेयर प्रत्याशी
    अजमेर मेयर पद को लेकर भाजपा तैयारी में जुट गई है। वार्ड 3 की प्रत्याशी अनामिका शर्मा प्रत्याशी घोषित किया हैं। इसको लेकर लगभग सहमति बन चुकी है। जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के साथ नामांकन के लिए पहुंची।

    पाली: कांग्रेस की दो पार्षदों ने महापौर के लिए भरा पर्चा
    पाली निगम में कांग्रेस से विजेता राजबाला हिंगड़ महापौर पद का नामांकन भरने के लिए पहुंची। वहीं, कांग्रेस की ही प्रत्याशी सुमित्रा जैन भी कांग्रेस से जीते पार्षद भंवर राव और निर्दलीय जीते नजमा शहजाद शेख के साथ नामांकन भरने के लिए पहुंची। खास बात ये रही कि कांग्रेस की दोनों ही पार्षदों ने महापौर के लिए पर्चा दाखिल किया है।

  • दिल्ली के विरासत स्थलों को संवारने की तैयारी, सामान्य प्रोजेक्ट में सरकार देगी 75% खर्च

    दिल्ली के विरासत स्थलों को संवारने की तैयारी, सामान्य प्रोजेक्ट में सरकार देगी 75% खर्च

    नई दिल्ली
    दिल्ली के स्मारकों के संरक्षण के लिए दिल्ली सरकार ने वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुरातत्व विभाग ने गैर सरकारी संगठनों, न्यास, फाउंडेशन और शैक्षणिक संस्थानों से आवेदन मांगे हैं।

    दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत परियोजनाओं के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये तक सहायता दी जाएगी। स्मारकों के संरक्षण के लिए अनुदान देने संबंधी आदेश दिल्ली सरकार ने जारी कर दिया है।

    पुरातत्व विभाग ने पात्र संस्थाओं से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन मांगे हैं। यह सहायता दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत दी जाएगी।

    सामान्य प्रोजेक्ट में 75% खर्च सरकार का
    अनुदान योजना के तहत किसी परियोजना के लिए अधिकतम दो करोड़ रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तक सहायता दी जा सकेगी। सामान्य परियोजनाओं में विभाग और संबंधित संस्था के बीच खर्च का अनुपात 75:25 रहेगा।

    महत्वपूर्ण स्मारकों से जुड़े संरक्षण कार्यों में सरकार 90 प्रतिशत और संबंधित संस्था 10 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। वहीं सरकारी संस्थानों की परियोजनाओं का 100 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी।

    जरूरत पर दो करोड़ की सीमा बढ़ेगी
    योजना में संरक्षण कार्य की आवश्यकता को देखते हुए दो करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा बढ़ाने का भी प्रविधान है। इसके लिए सिफारिश समिति की अनुशंसा जरूरी होगी। सरकार ने कुछ दिन पहले ही स्मारकों के संरक्षण के लिए सहायता अनुदान योजना की अधिसूचना जारी की थी।

    दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी किया
    वित्तीय सहायता के लिए पात्र संस्थाओं को दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के निदेशक के नाम से जारी पोर्टल के माध्यम से आनलाइन आवेदन करना होगा। विश्वविद्यालय और सरकारी अथवा स्वायत्त संस्थाएं रजिस्ट्रार या विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी।

    गैर सरकारी संगठनों, न्यास और फाउंडेशन आदि के लिए भारत सरकार के दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

  • स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ी रफ्तार, गोरखपुर बन रहा पूर्वांचल का हेल्थ हब

    स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ी रफ्तार, गोरखपुर बन रहा पूर्वांचल का हेल्थ हब

    हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला
     
    आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने गिनाए स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव
     
    एम्स आने के बाद पूर्वांचल के साथ बिहार और नेपाल से भी इलाज के लिए पहुंच रहे लोग
     
    गोरखपुर

     आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, वह अभूतपूर्व है। गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज अब आसानी से मिल रहा है। एम्स आने के बाद गोरखपुर हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा है।
     
    आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में डॉ. शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. अवधेश अग्रवाल और अन्य चिकित्सकों का भी स्वागत करते हुए कहा कि आईएमए के माध्यम से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
     
    डॉ. शुक्ला ने कहा कि मेडिकल छात्रों को दोगुना स्टाइपेंड मिल रहा है। मानसिक दिव्यांगों के लिए संस्थान संचालित हो रहा है। प्रदेश टीबी और कैंसर के इलाज में लगातार प्रगति कर रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक जांच और अंग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
     
    पहले डॉक्टरों का होता था अपहरण: विपिन सिंह
    विधायक विपिन सिंह ने कहा कि पहले गोरखपुर में आए दिन डॉक्टरों के अपहरण की घटनाएं होती थीं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा के लिए खड़े हैं। पूर्वांचल के साथ नेपाल और बिहार से भी लोग इलाज के लिए गोरखपुर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर को सजाया और संवारा है। उनके नेतृत्व में हुए विकास के कारण शहर में जमीन की कीमत भी बढ़ी है।
     
    बहुत दिनों की प्रतीक्षा को लगा विराम: महापौर
    महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करते हुए कहा कि आईएमए के ब्लड सेंटर के शुरू होने से बहुत दिनों की प्रतीक्षा को विराम लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सभी का अभिभावक बताते हुए आभार जताया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की स्थिति से निकलकर आगे बढ़ा है।

  • मधुबनी से मॉस्को तक पहुंची सुजीत पासवान की चर्चा, रूस के संसदीय चुनाव में होंगे इंटरनेशनल ऑब्जर्वर

    मधुबनी से मॉस्को तक पहुंची सुजीत पासवान की चर्चा, रूस के संसदीय चुनाव में होंगे इंटरनेशनल ऑब्जर्वर

    पटना 
    बिहार के एक विधायक की चर्चा अब पटना से लेकर मॉस्को तक हो रही है. मधुबनी के राजनगर से बीजेपी विधायक सुजीत पासवान को रूस से खास बुलावा आया है. वह रूस के संसदीय चुनाव में सिर्फ मेहमान बनकर नहीं जाएंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका में नजर आएंगे. 18 से 20 सितंबर तक मॉस्को में रहकर वह रूस की संसद यानी स्टेट डूमा के चुनाव की प्रक्रिया को करीब से देखेंगे.

    सुजीत पासवान को रूस की Civic Chamber of the Russian Federation की ओर से आमंत्रित किया गया है. उनके साथ दूसरे देशों से पहुंचे पर्यवेक्षक और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधि भी चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुजीत पासवान कौन हैं? उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है और रूस में उन्हें क्या जिम्मेदारी दी गई है?

    राजनगर से विधानसभा तक पहुंचने का सफर

    सुजीत पासवान मधुबनी जिले की राजनगर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें इस सीट से उम्मीदवार बनाया था. चुनाव में जीत के बाद वह पहली बार विधानसभा पहुंचे.
    राजनगर मिथिलांचल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शामिल है. विधायक बनने के बाद सुजीत पासवान की राजनीतिक पहचान सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रही. वह बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश 
    अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं.
    यानी एक तरफ वह विधानसभा में राजनगर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. दूसरी तरफ पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

    छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

    सुजीत पासवान का राजनीतिक सफर सीधे विधानसभा से शुरू नहीं हुआ. उनकी सक्रियता छात्र राजनीति से जुड़ी रही है.
    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2010 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे. संगठन में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. छात्र राजनीति के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता बढ़ती गई.

    इसके बाद उनका जुड़ाव बीजेपी से मजबूत हुआ. 2020 में बीजेपी के सक्रिय सदस्य बनने के बाद उन्होंने पार्टी के युवा संगठन में भी जिम्मेदारी संभाली. आगे चलकर उन्हें बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली.
    इस तरह छात्र संगठन से शुरू हुआ सफर धीरे-धीरे पार्टी संगठन तक पहुंचा और फिर 2025 में वह विधानसभा के सदस्य बने.

    बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी

    सुजीत पासवान की मौजूदा राजनीतिक भूमिका दो स्तरों पर है. वह राजनगर से बीजेपी विधायक हैं. साथ ही बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं.
    इस जिम्मेदारी के तहत पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े संगठनात्मक कामों में भी उनकी भूमिका रहती है. इसके अलावा वह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के सिंडिकेट सदस्य भी हैं.
    यानी उनकी सक्रियता राजनीति, संगठन और विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े दायित्वों तक फैली हुई है.

    रूस में क्या करेंगे सुजीत पासवान?

    अब सबसे अहम सवाल यही है कि रूस में सुजीत पासवान की भूमिका क्या होगी?
    दरअसल, वह रूस में किसी चुनाव में उम्मीदवार बनकर नहीं जा रहे हैं. न ही वह किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के तौर पर वहां पहुंचेंगे. उन्हें अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर आमंत्रित किया गया है.

    रूस में स्टेट डूमा के चुनाव 18 से 20 सितंबर 2026 के बीच होने हैं. इस दौरान सुजीत पासवान मॉस्को स्थित सिचुएशनल सेंटर में विदेशी सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ चुनावी प्रक्रिया को देखेंगे.

    उनकी भूमिका चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन और मॉनिटरिंग करने की होगी. यानी मतदान किस तरह हो रहा है, चुनावी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जा रही है और उससे जुड़े इंतजाम कैसे हैं, इन चीजों को वह दूसरे पर्यवेक्षकों के साथ करीब से देखेंगे.

    रूस से क्यों आया खास निमंत्रण?

    रूसी संघ की Civic Chamber अलग-अलग देशों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधियों को चुनावी प्रक्रिया के सार्वजनिक पर्यवेक्षण के लिए आमंत्रित कर रही है.
    इसी क्रम में बिहार के राजनगर विधायक सुजीत पासवान को भी मॉस्को आने का निमंत्रण मिला है.
    इस भूमिका का मतलब किसी उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में प्रचार करना नहीं है. पर्यवेक्षक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखने की है.

    यही वजह है कि राजनगर के एक मौजूदा विधायक का नाम अब रूस के संसदीय चुनाव से भी जुड़ गया है. 

  • बाढ़ पीड़ितों से मिले शिवराज सिंह चौहान, बोले- केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे हर संभव मदद

    बाढ़ पीड़ितों से मिले शिवराज सिंह चौहान, बोले- केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे हर संभव मदद

    पटना
    बिहार में बाढ़ से लगभग 50 लाख की आबादी प्रभावित है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों को सात-सात हजार रुपये की राहत राशि उनके खाते में भेजी थी। आज बिहार में बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बिहार पहुंची। पटना पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह हाजीपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव में बाढ़ का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

    इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। शिवराज सिंह चौहान औऱ मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी ने हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। शिवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव का बोट से भी जायजा लिया। दोनों नेताओं ने राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और बाढ़ और फसल क्षति का आकलन किया। इस दौरान किसानों और बाढ़ पीड़ितों से भी बातचीत करेंगे।

    बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सराकर सहायता के काम में जुटी हुई। भोजन वितरण की भी व्यवस्था है। राज्य सरकार जो संभव हो सकता है वो कर रही है। केंद्र सरकार भी राज्य के लोगों को संकट से बाहर निकालने के लिए काम करेगी। सड़कों और मकानों का जो भी नुकसान हुआ है उसका आकलन कर लोगों की मदद की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार सरकार के साथ मिलकर बिहार के लोगों को हर संभव मदद देगी।

    सम्राट चौधरी ने कहा कि लोगों के साथ मिलकर जो सहायता हो सकती है उसपर लगातार हम चर्चा कर रहे हैं। जो स्थिति इन्होंने यहां देखा हम मुंगेर औऱ भागलपुर जाएंगे। समीक्षआ बैठक भी केरंगे। मैं पीएम को धन्यवाद देता हूं कि केंद्रीय टीम यहां आई। बाढ़ से नुकसान का जायजा लेकर लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।

  • ‘सपा के अपने लोग टूटने की कगार पर’, संजय निषाद का बड़ा राजनीतिक दावा

    ‘सपा के अपने लोग टूटने की कगार पर’, संजय निषाद का बड़ा राजनीतिक दावा

    सपा पर हमलावर हुए संजय निषाद, बोले- कांग्रेस की बैसाखी भी नहीं जुटा पा रही पार्टी, निषाद समाज भूला नहीं कसरवल कांड

    'हक मांगने पर गोलियां चलवाईं, अब हितैषी बनने का ढोंग'- सपा पर संजय निषाद का वार

    'सपा के अपने लोग टूटने की कगार पर', संजय निषाद का बड़ा राजनीतिक दावा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने सपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दूसरों पर टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

    संजय निषाद ने कहा कि जिनके घर शीशे के बने होते हैं वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। उन्होंने सपा नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निषाद पार्टी के भविष्य पर अनर्गल टिप्पणी और अफवाह फैलाने के बजाय सपा को अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी को मिलने वाली सीटों की चिंता करने के बजाय सपा पहले कांग्रेस के साथ अपने सीट बंटवारे का फैसला कर ले।

    कांग्रेस की बैसाखी का जुगाड़ नहीं कर पाई सपा

    कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के अपने लोग टूटने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी को सपा की किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है, जबकि सपा अब तक कांग्रेस की बैसाखी का भी जुगाड़ नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि एनडीए में निषाद पार्टी का गठबंधन बराबरी और हिस्सेदारी का गठबंधन है।

    कसरवल कांड पर सपा को घेरा

    संजय निषाद ने कसरवल कांड का जिक्र करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कसरवल कांड में निषाद समाज के निर्दोष लोगों पर गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अपने शहीदों का बलिदान और उन पर हुए अत्याचार को कभी नहीं भूला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हक मांगने पर गोलियां चलवाने वाले लोग आज समाज के हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज के खून में राजनीति और स्वाभिमान है। यह समाज केवल बराबरी की भागीदारी में विश्वास रखता है। संजय निषाद ने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों से लोहा लेने वाले इस वीर समाज ने कभी किसी के लिए केवल दरी बिछाने की राजनीति नहीं की।

    राजनीतिक भविष्य के सवालों का दिया जवाब

    संजय निषाद ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी या उनके राजनीतिक भविष्य की चिंता करने के बजाय समाजवादी पार्टी को अपना वजूद बचाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि संजय निषाद कहां जाएंगे, बल्कि यह है कि खुद शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव कहां जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी लगातार सिकुड़ रही है, जबकि निषाद पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय निषाद राज” का नारा भी दिया।

  • गन्ना किसानों का पूरा भुगतान, 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान

    गन्ना किसानों का पूरा भुगतान, 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान

    गन्ना किसानों को 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत भुगतान

    पेराई सत्र (2025-26) 

    23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820 करोड़ का किया भुगतान, निजी चीनी मिलों ने भी किया शत-प्रतिशत भुगतान 

    योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान 

    निरंतर सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना है उत्तर प्रदेश 

    पेराई सत्र (2025-26) में 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का किया जा चुका भुगतान 

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरंतर मॉनीटरिंग की बदौलत पेराई सत्र 2025-26 में 102 चीनी मिलों ने गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया। वहीं 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820 करोड़ का भुगतान किया। प्रदेश में संचालित राज्य चीनी निगम की तीन मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 में 543.51 करोड़ का भुगतान किया है। निजी चीनी मिलों की ओर से भी किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश निरंतर सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है। योगी सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। पेराई सत्र 2025-26 में 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है।

    गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में शीर्ष पर बना है यूपी 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल में नए आयाम स्थापित किए हैं। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार ने न केवल गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता माना, बल्कि ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित भी किया। 

    94.86 प्रतिशत से अधिक का भुगतान सुनिश्चित
    वर्तमान पेराई सत्र में भी 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 102 चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का शत- प्रतिशत भुगतान कर दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

    9 वर्ष में चीनी मिलों ने की 9220 लाख टन गन्ने की पेराई
    गन्ना विकास विभाग ने बताया कि विगत नौ वर्ष में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है। जो इससे पहले के 9 वर्ष की कुल गन्ना पेराई 6168 लाख टन से 3052 लाख टन अधिक है। 9 वर्ष में 879.06 लाख टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। 

    सहकारी चीनी मिलों ने किया 100 प्रतिशत भुगतान 
    उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2025-26 में सहकारी चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य के रूप में 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। अनूपशहर, बदायूं, बागपत, बेलरायां, बिलासपुर, बीसलपुर, गजरौला, घोसी, कायमगंज, महमूदाबाद, मोरना, नानपारा, नानौता, पूरनपुर, पुवायां, रमाला, सहारनपुर, सरसावां, सठियांव, सेमीखेड़ा, स्नेह रोड, सुल्तानपुर, तिलहर समेत कुल कुल 23 सहकारी चीनी मिलों ने 2820.89 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। 23 सहकारी चीनी मिलों की पेराई क्षमता 65375 टीसीडी है। 

    निजी चीनी मिलों द्वारा किया गया भुगतान 
    पेराई सत्र 2025-26 में निजी चीनों मिलों ने किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। लखनऊ संभाग की मिलों ने सर्वाधिक 6462.19 करोड़ का भुगतान किया। वहीं मुरादाबाद संभाग की मिलों द्वारा 6398.36 करोड़, सहारनपुर संभाग की चीनी मिलों ने 4799.25 करोड़ का भुगतान किया।   
    संभाग   भुगतान प्रतिशत          भुगतान 
    अयोध्या   100 फीसदी             1212.35 करोड़ 
    बरेली    89.25 फीसदी             2315.74 करोड़ 
    देवरिया 97.86 फीसदी              1016.95 करोड़ 
    देवीपाटन   91.63 फीसदी           2249.01 करोड़ 
    गोरखपुर    93.46 फीसदी            749.97 करोड़ 
    लखनऊ    91.34 फीसदी             6462.19 करोड़ 
    मेरठ     94.09 फीसदी              4227.24 करोड़ 
    मुरादाबाद   98.96 फीसदी          6398.36 करोड़ 
    सहारनपुर   94.64 फीसदी       4799.25 करोड़

  • खून बनाया नहीं जा सकता, रक्तदान से जरूरतमंद को मिलता है नया जीवन : मुख्यमंत्री योगी

    खून बनाया नहीं जा सकता, रक्तदान से जरूरतमंद को मिलता है नया जीवन : मुख्यमंत्री योगी

    माफिया और मच्छर की तरह समाप्त हो गया इंसेफेलाइटिस : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    गोरखपुर में आईएमए के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
     
    खून बनाया नहीं जा सकता, रक्तदान से जरूरतमंद को मिलता है नया जीवन : मुख्यमंत्री योगी 

     
    साढ़े नौ वर्ष पहले खुद बीमार था बीआरडी, आज स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र
     
    75 जिलों में 85 मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस की सीटें 13,500 के पार
     
    पहले डॉक्टरों के अपहरण और रंगदारी के खिलाफ करना पड़ता था आंदोलन
     
    पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश लगाएं, स्वैच्छिक रक्तदान को दें बढ़ावा
     
     गोरखपुर

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से तड़पते बच्चों और दम तोड़ते बचपन को देखकर हर जागरूक माता-पिता चिंतित रहता था। अब इंसेफेलाइटिस समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, माफिया और मच्छर की तरह इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हो गया है। अब हम नए युग में नए उत्तर प्रदेश का दर्शन कर रहे हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी  तारामंडल स्थित सेठ बद्री प्रसाद जायसवाल मेमोरियल हॉल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर के चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक, दवाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं, लेकिन खून बनाया नहीं जा सकता। रक्तदान उस संवेदना का प्रतीक है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति किसी जरूरतमंद को नया जीवन देता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आईएमए केवल प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की संस्था नहीं है। गोरखपुर में निशुल्क ओपीडी के बाद चैरिटेबल ब्लड सेंटर शुरू करके उसने सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है। किसी भी संस्था की वास्तविक पहचान इससे होती है कि वह अपनी विशेषज्ञता का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने में कितना योगदान देती है।
     
    उन्होंने कहा कि 2017-18 में गोरखपुर के सीतापुर आई हॉस्पिटल में आईएमए ने निशुल्क ओपीडी शुरू की थी। इसके बाद आईएमए ने अपने कार्यालय के लिए भूमि मांगी तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराने में मदद की गई। आईएमए ने इस भूखंड का बेहतर उपयोग करते हुए चैरिटेबल ब्लड सेंटर स्थापित किया है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में योगदान देगा। गोरखपुर में आईएमए से 1400 से अधिक चिकित्सक जुड़े हैं।
     
    एक बेड पर भर्ती रहते थे चार-चार मरीज
    मुख्यमंत्री योगी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र था। स्थिति यह थी कि एक ही बेड पर चार-चार मरीज तक भर्ती रहते थे। तीसरी मंजिल पर पंखे, शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाओं तक का अभाव था। नौ वर्ष पहले जो बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वयं अस्वस्थ था, आज वही सुपर स्पेशियलिटी और इंसेफेलाइटिस समेत विभिन्न बीमारियों के उपचार का प्रमुख केंद्र बन गया है।
     
    उन्होंने कहा कि गोरखपुर में एम्स स्थापित हो चुका है। महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। प्रदेश में 75 जिले हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 हो गई है। दो एम्स भी संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4600 से बढ़कर 13,500 से अधिक हो चुकी हैं और पीजी की सीटें दोगुनी हुई हैं। नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा का भी विस्तार किया जा रहा है।
     
    डॉक्टरों के लिए सड़कों पर करना पड़ता था आंदोलन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक समय प्रदेश के प्रत्येक जिले की पहचान किसी न किसी दुर्दांत माफिया से जुड़ गई थी। गोरखपुर में डॉक्टरों का अपहरण होता था, उनसे रंगदारी मांगी जाती थी, धमकी भरे फोन आते थे और उनके चेंबर में घुसकर मारपीट की जाती थी। इन घटनाओं के खिलाफ उन्हें चिकित्सकों के साथ सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। आज गोरखपुर के साथ पूरे प्रदेश में चिकित्सक, व्यापारी और नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब प्रदेश की पहचान माफिया से नहीं बल्कि 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य से बन रही है।
     
    गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री योगी ने गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले 10 बेड से अस्पताल शुरू करने की चर्चा हुई थी, लेकिन गोरखपुर के चिकित्सकों के सहयोग से शुरुआत में ही इसे 100 बेड का अस्पताल बनाया गया। इस चिकित्सालय ने दिखाया कि चैरिटी में भी अस्पताल और ब्लड बैंक सफलतापूर्वक संचालित हो सकते हैं। यहां ब्लड सेपरेटर, एफेरेसिस और डायलिसिस जैसी सुविधाएं विकसित हुईं। उन्होंने कहा कि जिस डायलिसिस के लिए कभी लोगों को लखनऊ या बीएचयू जाना पड़ता था, आज गोरखपुर में गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध है। सरकार ने जिला अस्पतालों में भी निशुल्क डायलिसिस की व्यवस्था शुरू की है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। आईआईटी कानपुर के सहयोग से मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है और एसजीपीजीआई में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम हो रहा है।
     
    स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं लोग
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रक्त की मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पाती है। इसके लिए चिकित्सकों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर समय-समय पर रक्तदान की अपील और जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।
     
    उन्होंने पेशेवर रक्तदाताओं को लेकर भी आगाह किया। कहा कि विभिन्न बीमारियों से ग्रसित पेशेवर रक्तदाताओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो संक्रमण का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ऐसी गतिविधियों को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाने के साथ चिकित्सकों को जागरूकता कार्यक्रमों से भी जुड़ना चाहिए।
     
    मशीनों का निरीक्षण कर जानी कार्यप्रणाली
    इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने चैरिटेबल ब्लड सेंटर में स्थापित अत्याधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया। चिकित्सकों से मशीनों के संचालन, रक्त संग्रह, जांच और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद शिलापट्ट का अनावरण कर ब्लड सेंटर का विधिवत लोकार्पण किया।
     
    नन्ही बच्ची को दुलारा, दिया आशीर्वाद
    निरीक्षण के दौरान परिसर में मौजूद एक नन्ही बच्ची पर मुख्यमंत्री योगी की नजर पड़ी। उन्होंने बच्ची से आत्मीयता से बातचीत की, उसका हालचाल पूछा और स्नेह व आशीर्वाद दिया।
     
    चिकित्सकों ने किया स्वागत
    कार्यक्रम में डॉ. दिनेश चंद्रा और डॉ. अमरेश सिंह ने मुख्यमंत्री योगी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। डॉ. वाई सिंह ने स्मृति चिह्न भेंट किया। आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ल ने मुख्यमंत्री समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चैरिटेबल ब्लड सेंटर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और जरूरतमंद मरीजों तक रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
     
    कार्यक्रम में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला व विमलेश पासवान, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्त, आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ल, सचिव डॉ. वाई सिंह, गुरु गोरखनाथ ब्लड बैंक के प्रभारी एवं आईएमए गोरखपुर के संरक्षक डॉ. अवधेश अग्रवाल, डॉ. सीएम सिन्हा, डॉ. डीके सिंह समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।

  • अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को देंगे सरकारी नौकरी, 19 सितंबर से शुरुआत, पुलिस और होमगार्ड में होंगी 77 हजार भर्तियां

    अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को देंगे सरकारी नौकरी, 19 सितंबर से शुरुआत, पुलिस और होमगार्ड में होंगी 77 हजार भर्तियां

     गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजन को दी जा रही पेंशन की संख्या भी बढ़ेगी और राशि भी। अभी प्रदेश में 1.10 करोड़ वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजन को सालाना 12 हजार रुपये पेंशन की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा, “बहुत शीघ्र इसकी संख्या भी बढ़ेगी और इसकी राशि भी बढ़ेगी।” इसके साथ ही अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होगी।
     
    मुख्यमंत्री योगी बुधवार को उर्वरक नगर में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर में करीब 40 करोड़ रुपये की 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उर्वरक नगर में नवनिर्मित कल्याण मंडपम का फीता काटकर लोकार्पण किया और पौधरोपण कर मंत्रोच्चार के बीच जल अर्पित किया।
     
    सात अक्तूबर से एक सप्ताह लगेंगे कैंप
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोई निराश्रित बुजुर्ग, निराश्रित महिला या दिव्यांगजन हो, उसे इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि आगे उसका गुजर-बसर कैसे होगा। सरकार की पेंशन सुविधा उसका संबल बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष का कार्यकाल सात अक्तूबर को पूरा हो रहा है। सात अक्तूबर से एक सप्ताह तक कैंप लगाए जाएंगे। इनमें सरकार की विभिन्न योजनाओं से छूटे पात्र लोगों को योजनाओं से संतृप्त किया जाएगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गरीब को राशन, आवास, शौचालय और उज्ज्वला योजना के कनेक्शन का लाभ मिल रहा है। गरीब परिवार को प्रधानमंत्री मुफ्त अन्न योजना के माध्यम से राशन की गारंटी है। बेटियों के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उपलब्ध है। सरकार का उद्देश्य गरीबी समाप्त कर गरीब व्यक्ति को सामान्य जीवनयापन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
     
    छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगले छह महीने के अंदर विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले प्रदेश में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत 19 सितंबर से की जा रही है। इनमें 77 हजार भर्तियां यूपी पुलिस और होमगार्ड में होंगी। इससे पहले साढ़े नौ लाख नौजवानों को नौकरी दी जा चुकी है।
     
    उन्होंने कहा कि माध्यमिक, बेसिक और अन्य विद्यालयों में टीजीटी, पीजीटी और बेसिक शिक्षा परिषद के शहरी क्षेत्रों में हजारों शिक्षकों की नियुक्ति के विज्ञापन जारी हो गए हैं और आवेदन मांगे जाने शुरू हो गए हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले नौकरी निकलती थी तो ‘सैफई सिंडिकेट’ वसूली के लिए निकल पड़ता था। नौकरियों में सौदेबाजी होती थी, न्यायालय से रोक लगती थी और नौजवानों का जीवन और भविष्य प्रभावित होता था।
     
    करीब 40 करोड़ की 119 परियोजनाओं की सौगात
    मुख्यमंत्री योगी ने समारोह में गोरखपुर के विकास से जुड़ी करीब 40 करोड़ रुपये की 119 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से गोरखपुर में हुए विकास कार्यों को भी दिखाया गया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने नकहा पुल, रेलवे ओवरब्रिज, फोरलेन सड़कों, स्पोर्ट्स कॉलेज और सैनिक स्कूल समेत शहर में उपलब्ध हुई सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बरगदवा से नकहा, स्पोर्ट्स कॉलेज और पादरी बाजार होते हुए मोहद्दीपुर तक फोरलेन की सुविधा मिली है। गोरखनाथ से स्पोर्ट्स कॉलेज, फर्टिलाइजर से झुंगिया गेट और असुरन से मेडिकल कॉलेज होते हुए भटहट तक मार्ग फोरलेन हुए हैं।
     
    उन्होंने रुस्तमपुर, आजाद चौक और ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में बने लंबे फ्लाईओवर का भी जिक्र किया। रामगढ़ताल के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह देश-दुनिया के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
     
    गरीब बेटी की शादी से सम्मेलन तक के काम आएगा मंडपम
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुछ महीने पहले उर्वरक नगर में जिस स्थान पर डेढ़ से दो मीटर का गड्ढा और कूड़ा-गंदगी थी, वहां अब शानदार कल्याण मंडपम बन गया है। इसमें गरीब परिवार की बेटी की शादी, बच्चे का मुंडन संस्कार, प्रवचन, सम्मेलन और गोरखपुर के विकास से जुड़ी बैठकें भी हो सकेंगी।
     
    उन्होंने कहा कि महानगर में ऐसे स्थान चिह्नित किए गए जहां महंगे होटल नहीं हैं और लोग बड़े बारात घरों का खर्च नहीं उठा सकते। इसके बाद तय किया गया कि कुछ कल्याण मंडपम विधायक निधि, कुछ नगर निगम और कुछ गोरखपुर विकास प्राधिकरण बनाएगा।
     
    उन्होंने बताया कि बाबा गंभीरनाथ वार्ड मानबेला, जंगल तुलसीराम बिछिया, जंगल बेनी माधव और बशारतपुर में बने कल्याण मंडपम का उपयोग शुरू हो चुका है। उर्वरक नगर का मंडपम अब जनता को समर्पित कर दिया गया है। दो अन्य मंडपम निर्माणाधीन हैं और विधायक निधि से एक और स्वीकृत किया गया है। इस तरह महानगर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 10 कल्याण मंडपम की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है।
     
    उर्वरक नगर का कल्याण मंडपम करीब 3.09 करोड़ रुपये की लागत से 2461 वर्गमीटर में बनाया गया है। इसमें बड़ा हॉल, मिनी हॉल, चार कमरे, मांगलिक कार्यक्रमों के लिए मंडप, भोजनालय और पार्किंग की व्यवस्था है।
     
    गोरखपुर में 500 से अधिक उद्योग, 50 हजार को नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अकेले गोरखपुर में 500 से अधिक उद्योग लगे हैं। इनमें करीब 50 हजार नौजवानों को नौकरी मिली है। पहले यहां के युवाओं को रोजगार के लिए पंजाब, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जाना पड़ता था।
     
    उन्होंने कहा कि अब गीडा में गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर, मऊ, संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर समेत आसपास के जिलों के नौजवानों को नौकरी मिल रही है। दूसरे राज्यों और देशों से भी युवा यहां आकर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
     
    यूपी अब बीमारू नहीं, ग्रोथ इंजन की निभा रहा भूमिका
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। अब उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं है और भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयर कनेक्टिविटी, नए एयरपोर्ट और नए कल-कारखाने प्रदेश की नई पहचान बन रहे हैं।
     
    जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर न बंटें
    मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बंटने से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि बंटेंगे तो कर्फ्यू, दंगा, अराजकता और गुंडागर्दी करने वाले तत्वों को फिर अवसर मिलेगा। साफ नीयत, स्पष्ट नीति और जनता को ध्यान में रखकर सरकार आगे बढ़ती है तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं।
     
    न्यूनतम मूल्य पर कर सकेंगे आयोजन : महापौर
     महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कल्याण मंडपम के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यहां न्यूनतम मूल्य पर शादी, मुंडन और अन्य मांगलिक व सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
     
    2017 से पहले हर तीन दिन में बिजली के लिए होता था धरना : धर्मेंद्र
     विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर के साथ विकास में भेदभाव किया जाता था। हर तीन दिन में बिजली को लेकर धरना होता था। सड़कें टूटी थीं और कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में गोरखपुर और उत्तर प्रदेश में विकास का मॉडल खड़ा हुआ है। गोरखपुर में करीब दो दर्जन फ्लाईओवर बने हैं और एम्स की सुविधा उपलब्ध हुई है। उन्होंने कल्याण मंडपम के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।
     
    कार्यक्रम में कैंपियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह, विधायक विपिन सिंह, पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह, सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ला, बांसगांव विधायक डॉ. विमलेश पासवान, चौरीचौरा विधायक श्रवण निषाद, भाजपा महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, राजेश गुप्ता, जीडीए बोर्ड सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज और पार्षद आनंद कुमार साहनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। पार्षद आनंद कुमार साहनी ने मुख्यमंत्री योगी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।