Category: राज्य

  • पेंशन राशि व पेंशनरों की संख्या में जल्द होगी बढ़ोतरी: मुख्यमंत्री

    पेंशन राशि व पेंशनरों की संख्या में जल्द होगी बढ़ोतरी: मुख्यमंत्री

    गोरखपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार अगले छह माह में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। इनमें 77 हजार भर्तियां सिर्फ पुलिस व होमगार्ड विभाग में होंगी। इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होने जा रही है। सीएम ने वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजन के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 1 करोड़ 10 लाख वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं व दिव्यांगजन को 12 हजार रुपये सालाना पेंशन दी जाती है। जल्द ही पेंशन की धनराशि और लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी। विकास व जनोपयोगी सुविधाओं के लिए कानून का राज और सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण होना जरूरी है।

    सीएम योगी बुधवार को गोरखपुर के वार्ड नंबर-53 उर्वरक नगर के अंतर्गत जंगल नकहा नंबर-2 में नवनिर्मित कल्याण मंडपम सहित गोरखपुर विकास प्राधिकरण, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और नगर निगम की करीब 40 करोड़ रुपये की लागत वाली 119 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी गांव या शहर में नागरिकों के जीवन स्तर का पता विकास और वहां उपलब्ध जनोपयोगी सुविधाओं से चलता है। इसके लिए कानून का राज और सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण होना जरूरी है। 2017 के बाद गोरखपुर और उत्तर प्रदेश में कानून का राज सुनिश्चित कर विकास एवं सुविधाओं की नई श्रृंखला खड़ी की गई है। माफिया या तो जेल में है या दूसरे लोक की यात्रा पर जा चुका है। आज हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा तथा पर्व-त्योहारों के लिए बेहतरीन वातावरण की गारंटी है।

    यूपी अब देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन

    मुख्यमंत्री ने सुदृढ़ कानून व्यवस्था के चलते हुए विकास और इससे आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। बल्कि अब यह देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। 2017 के पहले यहां खराब कानून व्यवस्था, लूट-खसोट, अराजकता के कारण कोई बाहरी व्यक्ति काम नहीं करना चाहता था, जबकि आज यहां आने को हर कोई लालायित है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेज अर्थव्यवस्था में एक है। यह मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, कल-कारखानों की नई श्रृंखला और सुदृढ़ कनेक्टिविटी के लिए जाना जा रहा है। 

    अराजकता फैलाना विभाजक राजनीति करने वालों की फितरत
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास और जन कल्याण से सकारात्मक माहौल बना है। ऐसे में समाज को बांटने वालों से सावधान रहना होगा। विकास समाज की एकजुटता का परिणाम है। यदि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बटेंगे तो बांटने वाले फिर कर्फ्यू-दंगे का माहौल बनाएंगे। असुरक्षा का अंधकार मचाएंगे। अराजकता फैलाना समाज को बांटने वालों की फितरत है। शानदार वर्तमान और बेहतरीन भविष्य के लिए डबल इंजन सरकार जरूरी है। 

    मच्छर व माफिया को समाप्त कर दिलाई नई पहचान

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूपी और गोरखपुर में 2017 के बाद से दिख रहे बदलाव का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस, मच्छर व माफिया को समाप्त कर इंफ्रास्ट्रक्चर से गोरखपुर और उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई गई है। पिछली सरकारों के निकम्मेपन से 2017 के पहले तक हर साल इंसेफेलाइटिस से सैकड़ों मौतें होती थी। तब सपा या कांग्रेस का कोई मंत्री या मुख्यमंत्री गरीबों को देखने बीआरडी मेडिकल कॉलेज नहीं आता था। मुझे आंदोलन करना पड़ता था। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने 40 वर्ष की बीमारी को दो वर्ष में समाप्त कर दिया।

    सीएम ने गोरखपुर में बंद पड़े खाद कारखाने के दोबारा चलने, चहुंओर फोरलेन कनेक्टिविटी, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज के निर्माण, रामगढ़ताल के पर्यटन स्थल बनने, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थिति शानदार बनाने के साथ एम्स की सौगात मिलने का जिक्र कर कहा कि आज गोरखपुर की चमचमाती पहचान से हर व्यक्ति गौरव की अनुभूति करता है। 2017 के पूर्व गोरखपुर की गंदगी और बीमारी दरअसल सपा व कांग्रेस सरकारों की गंदी मानसिकता का परिणाम थी। 

    अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी

    सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में नौजवानों को नौकरी की गारंटी है। हमारी सरकार ने अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। और, चुनाव की घोषणा से पहले, सरकार अगले छह माह में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है। 2017 के पहले सरकारी भर्ती निकलने पर सैफई सिंडिकेट वसूली करने निकल पड़ता था। तब नौजवानों का भविष्य खतरे में पड़ता था। हमारी सरकार में गोरखपुर के गीडा में 500 कारखाने लगे, जिससे अकेले गीडा में 50 हजार नौजवानों को रोजगार मिला और इस क्षेत्र को पलायन से मुक्ति मिली। डबल इंजन की सरकार ने युवाओं के सामने पहचान का संकट भी दूर किया है।

    7 अक्टूबर से विशेष शिविर, मिलेगा योजनाओं का लाभ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिना भेदभाव सबको शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हर पात्र को आवास, शौचालय, राशन, रसोई गैस, बेटियों की पढ़ाई और विवाह से जुड़ी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजनाओं में यदि किसी कारण से कोई वंचित रह गया है तो उसे भी संतृप्त करने के लिए एक सप्ताह का विशेष शिविर लगने जा रहा है। यह शिविर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 7 अक्टूबर से लगेगा। 

    सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिचायक है कल्याण मंडपम: डॉ. मंगलेश

    समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी जब भी गोरखपुर आते हैं, यहां के लोगों को उनके हाथों कुछ न कुछ सौगात जरूर मिलती है। कल्याण मंडपम आमजन को उत्कृष्ट सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का परिचायक है। एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि 2017 के पहले पिछड़े व बीमारू राज्य की पहचान वाले उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास के बेहतरीन मॉडल के रूप में निखार दिया है।

    इस अवसर पर विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता, स्थानीय पार्षद आनंद कुमार साहनी, जीडीए बोर्ड के सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज, बीरू साहनी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। 
     
    मुख्यमंत्री ने फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण, पौधा भी लगाया

    मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण और निरीक्षण कर यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की जानकारी ली। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने उन्हें मंडपम की विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम के परिसर में मौलश्री का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। 

    300 लोगों की क्षमता का है कल्याण मंडपम

    जंगल नकहा नंबर-2 स्थित कल्याण मंडपम का निर्माण 2461 वर्गमीटर भूमि पर 3.09 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक वास्तुकला से सुसज्जित कल्याण मंडपम दो तल में निर्मित है। यहां 300 लोगों की क्षमता के आयोजन हो सकेंगे। यहां हाल, किचन, स्टोर, ऑफिस, चेंज रूम और महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए गए हैं। परिसर में मुख्य भवन के सामने एक आकर्षक फव्वारा भी बनवाया गया है। कल्याण मंडपम आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर अलग से पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। परिसर में लॉन भी विकसित किया गया है। कल्याण मंडपम में लोगों को रियायती दर पर मांगलिक-सार्वजनिक कार्यक्रम करने की सुविधा मिलेगी।

    नगर निगम के 115 विकास कार्यों का हुआ शिलान्यास

    जंगल नकहा नंबर-2 स्थित कल्याण मंडपम में मुख्यमंत्री ने 28.91 करोड़ रुपये की लागत वाले नगर निगम के 115 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। ये कार्य विभिन्न कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं से संबंधित हैं। उन्होंने 11.04 करोड़ रुपये से अधिक के जिन चार कार्यों का लोकार्पण किया उनमें जीडीए की तरफ से बनाए गए कल्याण मंडपम के अलावा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तरफ से कराए गए सड़क व नाली निर्माण के तीन कार्य शामिल हैं।

  • पंचायत सहायकों के लिए बड़े ऐलान, मानदेय बढ़ोतरी के साथ मातृत्व अवकाश और कैशलेस इलाज की सुविधा

    पंचायत सहायकों के लिए बड़े ऐलान, मानदेय बढ़ोतरी के साथ मातृत्व अवकाश और कैशलेस इलाज की सुविधा

    पंचायत सहायकों को मुख्यमंत्री योगी की बड़ी सौगात, मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी
     
    छह हजार की जगह अब हर माह मिलेंगे नौ हजार रुपये, 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को लाभ
     
    डीबीटी से सीधे खाते में आएगा मानदेय, कैबिनेट से ली जाएगी स्वीकृति
     
    प्रधान और सचिव नहीं हटा सकेंगे, डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी ही करेगी फैसला
     
    आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस, हटाए गए पंचायत सहायकों की होगी बहाली
     
    महिलाओं को मातृत्व अवकाश, उपचार के लिए मिलेगी कैशलेस सुविधा
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात दी है। उनके मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अभी पंचायत सहायकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया जाएगा। इस तरह मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी मिलेगी।
     
    पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें बुलाया। इसके बाद प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत सहायकों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
     
    अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद नौ हजार रुपये का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा।
     
    प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे पंचायत सहायक
    पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी।
     
    आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस
    आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। इस दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा।
     
    महिलाओं को मातृत्व अवकाश, कैशलेस इलाज
    महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा।
     
    मंत्री से वार्ता के बाद धरना समाप्त
    अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों से पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बातचीत की। प्रतिनिधियों को बुलाकर उनके साथ वार्ता की गई। इसके बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधि मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

  • सपा सरकार पर बृजलाल के गंभीर आरोप, आतंकवाद से जुड़े मुकदमे वापस लेने की कोशिश का किया दावा

    सपा सरकार पर बृजलाल के गंभीर आरोप, आतंकवाद से जुड़े मुकदमे वापस लेने की कोशिश का किया दावा

    सपा सरकार की नीतियां थीं ‘ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी’ : बृजलाल
     
    राज्यसभा सांसद ने पूर्ववर्ती सरकार के फैसलों पर उठाए सवाल
     
    मुस्लिम बेटियों को अनुदान और कब्रिस्तानों की चहारदीवारी के फैसले का किया जिक्र
     
    आतंकवाद से जुड़े मुकदमे वापस लेने की कोशिश का लगाया आरोप
     
    मैनाठेर हिंसा, पीएसी की कंपनियों और खालिद मुजाहिद प्रकरण को लेकर भी सपा को घेरा
     
    लखनऊ

     पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोलते हुए उसकी नीतियों को ‘ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी’ करार दिया है। उन्होंने सपा सरकार के दौरान मुस्लिम बेटियों को अनुदान, कब्रिस्तानों की चहारदीवारी, आतंकवाद से जुड़े मुकदमे वापस लेने की कोशिश और पीएसी की कंपनियों को निष्क्रिय करने समेत कई फैसलों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए।
     
    बृजलाल ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि सपा सरकार बनते ही केवल मुस्लिम बेटियों को 30 हजार रुपये का अनुदान देने की व्यवस्था की गई। उन्होंने सवाल किया कि पिछड़े, दलित और अन्य वर्गों की बेटियों के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। बृजलाल ने इसे सपा सरकार की ‘ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी’ बताया।
     
    उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार की प्राथमिकताओं में आतंकवाद से जुड़े मुकदमों को वापस लेना भी शामिल था। बृजलाल ने दावा किया कि 22 जनवरी, पांच मार्च, 15 अप्रैल और 18 अप्रैल 2013 को आतंकवाद से जुड़े 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई। इसमें दो पाकिस्तानी नागरिकों और अन्य आरोपियों से जुड़े मामले भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि न्यायालय के हस्तक्षेप के कारण सरकार इसमें सफल नहीं हो सकी और बाद में आरोपियों को सजा हुई।
     
    कब्रिस्तानों की चहारदीवारी पर उठाए सवाल
    बृजलाल ने सपा सरकार के दौरान मुस्लिम कब्रिस्तानों की चहारदीवारी के लिए सरकारी धन दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य समुदायों के श्मशान और कब्रगाहों को ऐसी प्राथमिकता नहीं दी गई। दावा किया कि इस फैसले की आड़ में कई स्थानों पर ग्राम समाज और सरकारी जमीन पर कब्जे हुए।
     
    मैनाठेर हिंसा का किया जिक्र

    राज्यसभा सांसद ने छह जुलाई 2011 के मुरादाबाद के मैनाठेर प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान थाना-चौकी और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया गया तथा तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह और उनके पीआरओ पर जानलेवा हमला हुआ। बृजलाल ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सपा सरकार ने इस प्रकरण से जुड़े मुकदमे वापस लेने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया और बाद में 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई।
     
    पीएसी और एटीएस को लेकर भी साधा निशाना
    बृजलाल ने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने पीएसी की 46 कंपनियों को निष्क्रिय किया और एटीएस को भी कमजोर किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पीएसी में भर्ती करने के साथ तीन नई महिला पीएसी बटालियन बनाई हैं।
     
    खालिद मुजाहिद प्रकरण भी उठाया
    पूर्व डीजीपी ने खालिद मुजाहिद की मौत से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार में उनके और 38 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। बृजलाल ने इसे भी ‘ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी’ बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद यह कार्रवाई समाप्त हुई।
     
    बृजलाल ने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में नागरिकों को समान कानूनी अधिकार देने की व्यवस्था है। इससे लैंगिक समानता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश संविधान और उसके अंतर्गत बने कानूनों से चलता है।

  • श्रमदान कर ऐतिहासिक पोखरे की सफाई करने वाले युवाओं की मुख्यमंत्री योगी ने की सराहना

    श्रमदान कर ऐतिहासिक पोखरे की सफाई करने वाले युवाओं की मुख्यमंत्री योगी ने की सराहना

    गोरखपुर

    मां तरकुलहा देवी धाम परिसर स्थित ऐतिहासिक पोखरे के कायाकल्प की उम्मीद जगी है। लंबे समय से पोखरे में जमा जलकुंभी और गंदगी से श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी से दो युवाओं ने निजात दिलाई। गांव भाऊपुर (बंजारी देवी, चौरीचौरा) के युवा अनुपम गुप्ता और करन निषाद ने स्वप्रेरणा से सफाई का बीड़ा उठाया।

    दोनों युवाओं ने पांच सितंबर से प्रतिदिन श्रमदान कर पोखरे से जलकुंभी और गंदगी हटाना शुरू किया। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने भी श्रद्धा और सेवा भाव से किए जा रहे इस कार्य को देखकर युवाओं की सराहना की। वहीं मंदिर ट्रस्ट ने भी उनके सेवा भाव और समर्पण की प्रशंसा की।

    युवाओं की इस पहल की जानकारी शासन तक पहुंची तो बुधवार (16 सितंबर) की सुबह करीब नौ बजे एसडीएम चौरीचौरा ने अनुपम गुप्ता और करन निषाद से फोन पर संपर्क साधा। उन्होंने युवाओं को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलने के लिए बुलाया है। इसके बाद एसडीएम ने दोनों युवाओं को एनेक्सी भवन पहुंचाया। दोनों करीब 10 बजे एनेक्सी भवन पहुंचे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों युवाओं से मुलाकात की। उनके साथ फोटो खिंचवाई और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने दोनों युवाओं की भूरि भूरि प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने पोखरे की सफाई के लिए उनके द्वारा किए जा रहे श्रमदान और सेवा भाव की सराहना करते हुए उनके योगदान को अनुकरणीय बताया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन भी दिया कि मां तरकुलहा देवी धाम के सामने स्थित प्राचीन पोखरे का सुंदरीकरण और स्थायी जीर्णोद्धार जल्द कराया जाएगा।

  • कुरुक्षेत्र में गोबर से बदलेगी गोशालाओं की तस्वीर, महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल

    कुरुक्षेत्र में गोबर से बदलेगी गोशालाओं की तस्वीर, महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल

     कुरुक्षेत्र
    धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में गोबर अब केवल कचरा नहीं, बल्कि रोजगार और जैविक खेती का आधार बनने की दिशा में बढ़ रहा है। ज्योतिसर में गोबर से विभिन्न उत्पाद तैयार करने की पहल के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    यहां 20 से 25 महिलाओं को दो प्रशिक्षण सत्रों में गोबर से दीपक, धूप, अगरबत्ती, राखियां और ब्रेसलेट सहित अन्य उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्लांट में प्रतिदिन करीब तीन से पांच हजार गोबर के दीपक तैयार किए जा रहे हैं। दीपावली को देखते हुए इसकी तैयारी तेज कर दी गई है।

    फाउंडर मेंबर मयंक बजाज ने बताया कि पहल का उद्देश्य केवल गोबर से उत्पाद तैयार करना नहीं, बल्कि बेसहारा छोड़ी जाने वाली गायों के लिए भोजन की व्यवस्था और महिलाओं को रोजगार से जोड़ना भी है। अक्सर दूध देना बंद करने के बाद लोग गाय को सड़क पर छोड़ देते हैं।

    ऐसी गायें पोलिथिन और गंदगी खाने को मजबूर होती हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य के साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। गाय के दूध ही नहीं बल्कि गोबर से भी आमदनी शुरू करने का एक दीपक जलाने का प्रयास किया है। दूसरी ओर गोशालाओं में गोबर के निस्तारण की समस्या रहती है।

    गर्मी और बरसात में गोबर से आसपास का वातावरण भी प्रभावित होता है। नालियों या सीवर में बहाने से निकासी की समस्या होती है। इन सब बातों को देखते हुए गाय के गोबर को उपयोगी बनाने की पहल गोसंपदा फाउंडेशन की ओर से की गई है और इसमें जिला नगर आयुक्त अमन कुमार, कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार का विशेष सहयोग मिल रहा है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने एक कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन की इस सोच को और बड़ा प्रयास करने का विचार दिया था।

    दान पर निर्भरता नहीं, उत्पादों से आमदनी का प्रयास
    मयंक बजाज के अनुसार यदि गाय के गोबर को उपयोगी उत्पादों में बदलकर रोजगार और आय का माध्यम बनाया जा सकता है तो इससे बेहतर विकल्प क्या हो सकता है। प्रयास है कि गायों के भोजन की व्यवस्था केवल दान पर निर्भर न रहे, बल्कि गोबर से तैयार उत्पादों की बिक्री से भी आय हो। इसके लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन उत्पादों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।

    उन्होंने बताया कि सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं से भी बातचीत चल रही है। आगे प्रत्येक गोशाला में उत्पादों की बिक्री के लिए काउंटर उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि श्रद्धालु गोबर से बने दीपक, धूप-अगरबत्ती सहित अन्य उत्पाद खरीद सकें। रक्षाबंधन पर भी सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं ने गोबर से राखियां तैयार की थीं।

    15 साल पहले शुरू हुई थी जैविक खेती की पहल
    मयंक बजाज ने बताया कि गोबर के उपयोग को लेकर उनकी रुचि करीब 15 साल से रही है। उस समय खेती में यूरिया और रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल बढ़ रहा था और जैविक खेती का चलन कम था। उन्होंने किसानों के बीच जाकर गोबर को बड़ा धन बताते हुए इससे खाद और जैविक उत्पाद तैयार करने पर काम शुरू किया था। अब इसी सोच को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    उनके अनुसार गोबर से ऐसी जैविक खाद तैयार करने पर भी काम हो रहा है, जो यूरिया और डीएपी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल हो सके। अलग-अलग जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से खाद को कम समय में तैयार करने का प्रयास है। इससे खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

    जैविक खाद से किसानों का खर्च घटाने का लक्ष्य
    मयंक बजाज के अनुसार वर्तमान में किसानों को खाद और रासायनिक इनपुट पर काफी खर्च करना पड़ता है। जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के साथ कीटनाशकों के छिड़काव और फसलों में बीमारियों को कम करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है। उनका कहना है कि आने वाले समय में इस माडल को किसानों और गोशालाओं से जोड़कर बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा।

     

  • 58 ROB निर्माणाधीन, रेलवे से जुड़े लंबित मामलों का होगा जल्द निस्तारण; मंत्री ने दिए निर्देश

    58 ROB निर्माणाधीन, रेलवे से जुड़े लंबित मामलों का होगा जल्द निस्तारण; मंत्री ने दिए निर्देश

    पटना
     बिहार में निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज (ROB) परियोजनाओं के काम में तेजी लाने के लिए बुधवार को पथ निर्माण व‍िभाग के मंत्री ईंजीनियर शैलेंद्र ने समीक्षा बैठक की।

    पूर्व मध्य रेलवे (ECR), हाजीपुर के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह और रेलवे के विभिन्न अधिकारियों के साथ हुुई बैठक में रेलवे से जुड़े लंबित मामलों, तकनीकी कार्यों और ट्रैफिक ब्लॉक सहित विभिन्न मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा की गई।

    राज्य में वर्तमान में 58 ROB का निर्माण चल रहा है। इनमें 47 ROB पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत हैं। बैठक में पथ निर्माण निगम लिमिटेड, रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड और NHAI के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी दी।

    ट्रैफिक ब्लॉक समेत कई मुद्दों की समीक्षा
    बैठक में ROB परियोजनाओं से जुड़े सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन, ट्रैक रिलेइंग/ट्रैक से जुड़े विद्युत कार्य, लेवल क्रॉसिंग, शिफ्टिंग, जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग समेत अन्‍य बिंदुओं पर मंत्री ने जानकारी ली।  

    रेलवे अधिकारियों ने विभिन्न लंबित प्रकरणों में आवश्यक प्रक्रियाओं और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। मंत्री ने कहा क‍ि रेलवे से जुड़े कार्यों और अनुमोदनों के कारण परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।

    ROB में डायवर्जन और शिफ्टिंग पर चर्चा
    BRPNNL से संबंधित ROB परियोजनाओं में जीवधारा-बापूधाम, मोतिहारी कोर्ट-बापूधाम, सुगौली-मझौलिया, दरभंगा-मुहम्मदपुर, थलवारा-लहेरियासराय और रघुनाथपुर-तुड़ीगंज में LC डायवर्जन तथा शिफ्टिंग की समीक्षा की गई।

    इसके अलावा बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कालेज और मोतीपुर-महवल ROB के PCE/TAD से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई।

    जयनगर स्टेशन के QAP एवं WPSS तथा विभिन्न ROB के स्ट्रक्चरल डिजाइन, ड्राइंग और GAD अनुमोदन की प्रगति भी बैठक के एजेंडे में रही।

    BSRDCL के अंतर्गत मोहम्मदपुर-कमतौल और लहेरियासराय-दरभंगा ROB में LC शिफ्टिंग तथा इलेक्ट्रिकल/TRD कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई।

    वहीं पटना जंक्शन-परसा बाजार, अथमलगोला-बख्तियारपुर, NH-82, बदला घाट-धमारा घाट, कोपरिया-सिमरी बख्तियारपुर और नंदिनी लगुनिया-शाहपुर पटोरी से जुड़े TAD एवं ट्रैफिक ब्लॉक के मामलों की भी समीक्षा हुई।

    NHAI की परियोजनाओं के तकनीकी अनुमोदनों की भी समीक्षा
    NHAI की ROB परियोजनाओं में ट्रैफिक ब्लॉक, लॉन्चिंग स्कीम, बेयरिंग डिजाइन, स्ट्रक्चरल डिजाइन एवं ड्राइंग और GAD से जुड़े लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति रेलवे अधिकारियों के समक्ष रखी गई।

    बैठक में संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और रेलवे सीमा में होने वाले कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। S&T/TRD शिफ्टिंग, ट्रैफिक ब्लॉक, स्ट्रक्चरल डिजाइन एवं ड्राइंग जैसे कार्यों को समयबद्ध पूरा करने पर भी चर्चा हुई।

    रेलवे और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
    बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ROB परियोजनाओं के निर्माण में रेलवे और राज्य की संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

    लंबित अनुमोदनों और तकनीकी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने पर सहमति बनी।

    पथ निर्माण विभाग के अनुसार, ROB परियोजनाएं सीधे तौर पर यातायात व्यवस्था और जनसुविधा से जुड़ी हैं। इनके निर्माण को समयबद्ध गति देना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

     

  • अलवर मेयर की कुर्सी पर बीजेपी का दावा मजबूत, 9 निर्दलीयों के समर्थन का दावा

    अलवर मेयर की कुर्सी पर बीजेपी का दावा मजबूत, 9 निर्दलीयों के समर्थन का दावा

    जयपुर
    राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के तहत अलवर नगर निगम के नतीजों के बाद अब नगर सरकार की तस्वीर अब साफ होती नजर आ रही है. 65 वार्डों वाले अलवर नगर निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम हो गई थी. बीजेपी ने दावा किया है कि अब 9 निर्दलीय पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन दे दिया है, जिसके साथ ही बीजेपी ने बहुमत का जरूरी आंकड़ा (33) आसानी से पार कर लिया है.  

    भाजपा का दावा है कि उनके पास 9 से 11 पार्षदों का समर्थन है. जबकि कांग्रेस का दावा है कि उनके पास 8 पार्षदों का समर्थन है. दोनों ही पार्टी मेयर बनने के लिए दावा ठोक रही है. भाजपा की तरफ से पूर्व सभापति अजय अग्रवाल की पत्नी सुमन लता अग्रवाल ने मेयर के लिए नामांकन पत्र भरा है  जबकि कांग्रेस की तरफ से तीन नामांकन पत्र लिए गए हैं. इसमें से एक नामांकन पत्र पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष की पत्नी द्वारा भरा गया है.

    9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुए मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना पूरी हुई थी. घोषित नतीजों में 65 वार्डों में से बीजेपी ने सबसे ज्यादा 28 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को 23 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. इसके अलावा 13 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराया था, जबकि 1 सीट बहुजन समाज पार्टी (BSP) के खाते में गई थी.

    निर्दलीयों ने पलटी बाजी
    अलवर में महापौर (मेयर) की कुर्सी तक पहुंचने के लिए 33 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता थी. बीजेपी के पास 28 सीटें थीं, यानी उसे केवल 5 और पार्षदों की जरूरत है दूसरी तरफ, कांग्रेस भी निर्दलीयों के भरोसे बोर्ड बनाने की जुगत में लगी हुई है.

    9 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलते ही भाजपा का कुल आंकड़ा 37 तक पहुंच जाएगा, जो कि 33 के मैजिक नंबर से 4 ज्यादा है. स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए निर्दलीय पार्षदों ने पार्टी की नीतियों और विजन में विश्वास जताया है.

     

  • राजस्थान सरकार की कमाई बढ़ी, GST से ₹19,622 करोड़ और रजिस्ट्रेशन से ₹6,313 करोड़

    राजस्थान सरकार की कमाई बढ़ी, GST से ₹19,622 करोड़ और रजिस्ट्रेशन से ₹6,313 करोड़

    जयपुर
    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त 2026 तक प्रदेश के प्रमुख राजस्व अर्जक मदों से कुल राजस्व प्राप्तियां 57 हजार 396 करोड़ रुपये रही हैं, जो गत वर्ष की समान अवधि में 51 हजार 61 करोड़ रुपये थीं। इस प्रकार राजस्व प्राप्तियों में 12.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की राजस्व प्राप्तियों एवं कार्ययोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

    मुख्य सचिव ने विभागों को राजस्व वृद्धि की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने राजस्व लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें और जहां प्राप्तियां कम हैं, वहां कारणों की पहचान कर सुधार के लिए कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने बकाया राजस्व की वसूली, प्रभावी प्रवर्तन, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और तकनीक के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने सभी राजस्व अर्जक विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित समीक्षा और प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और परिवहन नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि खान क्षेत्र से अगस्त तक 4 हजार 162 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि से 20.26 प्रतिशत अधिक है। पेट्रोलियम क्षेत्र से 1 हजार 107 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई।

    प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया ने राज्य की समग्र राजस्व स्थिति और विभागवार प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की लक्ष्य के मुकाबले राजस्व प्राप्तियों तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में राजस्व वृद्धि से अवगत कराया।

    प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी. रविकांत ने बताया कि लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संभागीय आयुक्तों और जिला कलक्टरों के स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। भू-राजस्व की बकाया वसूली तथा राजस्व एवं सिविल न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा ने बताया कि अगस्त तक परिवहन विभाग को 3 हजार 95 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि गत वर्ष की समान अवधि में यह 2 हजार 748 करोड़ रुपये था।

    वाणिज्यिक कर आयुक्त आनंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ीं और बताया कि अगस्त तक वस्तु एवं सेवा कर से 19 हजार 622 करोड़ रुपये तथा मूल्य संवर्धित कर से 11 हजार 448 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुई हैं। गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में इनमें क्रमशः 9.07 प्रतिशत और 14.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा अगस्त तक 6 हजार 313 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि के 4 हजार 956 करोड़ रुपये की तुलना में 27.38 प्रतिशत अधिक है।

    बैठक में आबकारी, श्रम तथा नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की राजस्व प्राप्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • योगी सरकार का बड़ा फैसला, पंचायत सहायकों का मानदेय 50 फीसदी बढ़ा

    योगी सरकार का बड़ा फैसला, पंचायत सहायकों का मानदेय 50 फीसदी बढ़ा

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पंचायत सहायकों को एक साथ कई सौगातें दी हैं। उनके मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब सहायकों को प्रधान या सचिव नहीं हटा सकेंगे। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे भी वापस होंगे। अभी पंचायत सहायकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया जाएगा। इस तरह मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी मिलेगी।

    पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें बुलाया। इसके बाद प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत सहायकों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

    अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद नौ हजार रुपये का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा।

    प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे पंचायत सहायक
    पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी।

    आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस
    आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। इस दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा।

    महिलाओं को मातृत्व अवकाश, कैशलेस इलाज
    महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा।

    मंत्री से वार्ता के बाद धरना समाप्त
    अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों से पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बातचीत की। प्रतिनिधियों को बुलाकर उनके साथ वार्ता की गई। इसके बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधि मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से भविष्य की तैयारी तक होगा उत्तर प्रदेश का फोकस

    इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से भविष्य की तैयारी तक होगा उत्तर प्रदेश का फोकस

    सेमीकंडक्टर के ग्लोबल मंच पर यूपी की दस्तक, 17 से 19 सितंबर तक सेमीकॉन इंडिया 2026 का दिल्ली में आयोजन

    सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में यूपी का बड़ा कदम, यशोभूमि में दिखेगा प्रदेश का इकोसिस्टम

    इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से भविष्य की तैयारी तक होगा उत्तर प्रदेश का फोकस

    यूपी के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की दुनिया देखेगी तस्वीर, यशोभूमि में जुटेंगे ग्लोबल दिग्गज

    लखनऊ
    सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अपनी बढ़ती क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (आईआईसीसी) द्वारका में होगा। इसमें योगी सरकार, उत्तर प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को प्रमुखता से सामने रखेगी। कार्यक्रम में दुनिया की सेमीकंडक्टर कंपनियों, विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, भारतीय उद्योग जगत, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों की भागीदारी होगी।

    यूपी के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की होगी प्रस्तुति
    सेमीकॉन इंडिया 2026 में उत्तर प्रदेश की ओर से ऐसे प्रचार वीडियो तैयार किए जाने की योजना है, जिनमें प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को दिखाया जाएगा। इसमें मौजूदा बुनियादी ढांचे, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही यूपी को भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में एक प्रमुख स्थान रखने वाले राज्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर रहेगा।

    आयोजन का मुख्य विषय ‘ट्रांसफॉर्म टुमारो–सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग ग्लोबल सप्लाई चैन्स’ रहेगा। कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन पर चर्चा और प्रदर्शन किया जाएगा।

    500 से ज्यादा प्रदर्शक, 10 राज्य पवेलियन
    सेमीकॉन इंडिया 2026 में 500 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे। करीब 2 लाख वर्गफुट क्षेत्र में प्रदर्शनी होगी। कार्यक्रम में 10 स्टेट पवेलियन और 7 कंट्री पवेलियन भी होंगे। इसके अलावा 40 स्टार्टअप के लिए स्टार्टअप पवेलियन तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में 150 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी, राज्य सरकारों के राउंडटेबल, प्रशिक्षण सत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंपोनेंट्स पर अलग ट्रैक और कंट्री राउंडटेबल भी आयोजित किए जाएंगे। इससे अलग-अलग राज्यों, कंपनियों और वैश्विक भागीदारों के बीच संवाद का अवसर मिलेगा।

    यूपी में निवेश और भविष्य की तैयारी पर फोकस
    प्रदेश की भागीदारी का एक प्रमुख उद्देश्य उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को व्यापक स्तर पर सामने रखना है। इसके तहत राज्य की मौजूदा सुविधाओं, नीतिगत समर्थन और भविष्य की तैयारियों की जानकारी दी जाएगी।

    ग्लोबल कंपनियों और राज्यों के बीच संवाद
    सेमीकॉन इंडिया 2026 में सेमीकंडक्टर उद्योग की बदलती जरूरतों, निवेश, तकनीक, सप्लाई चेन और भविष्य के कार्यबल से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा है। साथ ही भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।