Category: राज्य

  • SIR के दौरान छूटे वोटरों के लिए बड़ा अपडेट, दिल्ली में विशेष कैंप; 30 सितंबर तक नाम जोड़ने का मौका

    SIR के दौरान छूटे वोटरों के लिए बड़ा अपडेट, दिल्ली में विशेष कैंप; 30 सितंबर तक नाम जोड़ने का मौका

     नई दिल्ली
     दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। दिल्ली के 13 जिलों में ये शिविर 23 और 24 सितंबर को शाम पांच से रात नौ बजे तक डयूसिब के रैन बसेरों और दूसरे चिन्हित स्थानों पर लगाए जाएंगे।

    ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्करों तक पहुंचने के लिए उनके साथ काम करने वाले एनजीओ की मदद ली जाएगी। शिखिर में बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों को पहचान, पते और जरूरी दस्तावेज देने में कई बार परेशानी होती है। बेघर लोगों के पास स्थायी पता, पारिवारिक रिकॉर्ड या दूसरे जरूरी दस्तावेज नहीं होने से उनकी जानकारी सत्यापित करने में भी दिक्कत आती है।

    अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा है कि जो व्यक्ति किसी इलाके का सामान्य निवासी है, उसका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों को चुनाव आयोग के मैनुअल ऑफ इलेक्ट्रोरल रोल्स-2023 के मुताबिक इन आवेदनों पर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन फार्म जमा करने को प्रोत्साहित करने के साथ आवेदकों से फिजिकल फार्म भी लेने को कहा गया है।

    गौरतलब है कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में दिल्ली में 97,53,577 मतदाता हैं। इनमें 49,88,993 पुरुष और 47,64,137 महिला वोटर हैं। वहीं, 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची में 1,55,24,858 वोटर थे। ड्राफ्ट सूची में थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या भी 1,261 से घटकर 447 रह गई है। ड्राफ्ट सूची से छूटे पात्र मतदाता 30 सितंबर तक फार्म छह के जरिए अपना नाम जोड़ने के लिए दावा कर सकते हैं।

    दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक
    दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी होगी। इसके अलावा 20 और 27 सितंबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक सामान्य विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यहां मतदाता ड्राफ्ट सूची चेक करने, फार्म जमा करने और आवेदन भरने में मदद ले सकेंगे।

     

  • जयपुर में अवैध शराब के खिलाफ बड़ा एक्शन, कई ठिकानों पर रेड; 4 आरोपी गिरफ्तार

    जयपुर में अवैध शराब के खिलाफ बड़ा एक्शन, कई ठिकानों पर रेड; 4 आरोपी गिरफ्तार

    जयपुर
    जयपुर में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत कई प्रमुख इलाकों में छापेमारी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। शहर के पॉश इलाके मालवीय नगर से लेकर रामनगर मेट्रो स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में की गई इस मल्टीपल रेड में पुलिस और आबकारी विभाग की प्रवर्तन टीम ने रिहायशी मकानों और कारों से विभिन्न ब्रांड्स की दर्जनों अवैध शराब की बोतलें जब्त की हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 4 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के कड़े निर्देशों पर अंजाम दी गई इस अचानक कार्रवाई से शहर में अवैध तरीके से शराब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

    अलग-अलग लोकेशन, एक साथ छापेमारी
    जानकारी के अनुसार, राजधानी के वीआईपी और रिहायशी इलाकों में अवैध शराब के भंडारण और कारों के जरिए की जा रही सप्लाई की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इस इनपुट के आधार पर टीम ने प्लान बनाकर मालवीय नगर और रामनगर क्षेत्रों में एक साथ रेड मारी

    रामनगर मेट्रो स्टेशन के पास कार से मिली शराब
    पहली बड़ी सफलता रामनगर मेट्रो स्टेशन के पास मिली, जहां एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। कार के भीतर से विभिन्न नामी ब्रांड्स की 36 बोतल अवैध शराब बरामद की गई। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो कार के जरिए शहर में डिलीवरी देने की फिराक में थे।

    मालवीय नगर के प्रधान मार्ग पर कार से धरपकड़
    दूसरी कार्रवाई मालवीय नगर के प्रधान मार्ग पर की गई। यहां एक कार को इंटरसेप्ट कर जांच की गई, जिसमें से कई ब्रांड्स की अवैध शराब बरामद हुई। इस मामले में कार सवार आरोपी को हिरासत में लिया गया।

    रिहायशी मकान में छिपाकर रखी थी 44 बोतलें
    तीसरी और सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई मालवीय नगर के ही मदर टेरेसा नगर में हुई। यहां एक रिहायशी मकान के अंदर अवैध शराब का गोदाम सा बनाया गया था। जांच टीम ने जब मकान की तलाशी ली, तो वहां से 44 बोतल विभिन्न ब्रांड की अवैध शराब जब्त की गई। इस ठिकाने से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

    उच्च अधिकारियों के सुपरविजन में कार्रवाई
    यह पूरी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों आयुक्त नमित मेहता, जिला अधिकारी घनश्याम शर्मा और उपायुक्त जोन ज्ञान प्रकाश मीणा के स्पष्ट निर्देशों पर अंजाम दी गई। अधिकारी लखन मीणा के निकट सुपरविजन और पीओ नरेंद्र सिंह सांजू के नेतृत्व में पूरी टीम ने ग्राउंड पर एक्शन लिया।

    टीम में इनका रहा विशेष योगदान
    कार्रवाई को सफलता से अंजाम देने में जमादार धीरज सिंह के साथ सिपाही हर्ष वशिष्ठ, रामेश्वर लाल, राम और रिंकू चौधरी का विशेष योगदान रहा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे यह अवैध शराब कहां से ला रहे थे और शहर में किन-किन जगहों पर इसकी सप्लाई की जानी थी।

  • फरीदकोट में बड़ी कार्रवाई, दो ग्रेनेड बरामद; कनाडा PR युवक गिरफ्तार, आतंकी साजिश का आरोप

    फरीदकोट में बड़ी कार्रवाई, दो ग्रेनेड बरामद; कनाडा PR युवक गिरफ्तार, आतंकी साजिश का आरोप

    फरीदकोट
    फरीदकोट में बाबा फरीद आगमन पर्व से पहले काउंटर इंटेलिजेंस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए दो ग्रेनेड समेत एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुरु अर्जन देव नगर निवासी नवजोत सिंह उर्फ नव के रूप में हुई है। नवजोत कनाडा का पीआर है और एक सप्ताह पहले ही भारत आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से संपर्क होने का संदेह है और उसने ड्रोन के जरिए विस्फोटक सामग्री मंगवाई थी। काउंटर इंटेलिजेंस ने उसे फिरोजपुर से एक्टिवा पर फरीदकोट आते समय गिरफ्तार किया। 

    आरोपी के खिलाफ थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, फाजिल्का में एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है। 19 सितंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय बाबा फरीद आगमन पर्व से पहले हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी के नेटवर्क और संभावित निशाने को लेकर पूछताछ करेगी। 

    इस मामले में युवक के पिता सूबा सिंह ने बताया कि कनाडा में पीआर उसका बेटा 12 सितंबर को ही भारत लौटा है। वीरवार शाम उसके बेटे ने बताया कि उसका कोई कोरियर आना है और जब वह बेटे के साथ कोरियर लेने सादिक चौक पहुंचे तो वहां पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने पूरे मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है।

     

  • नितिन नवीन ने 50 पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, BJP की यात्रा 13 दिन में कवर करेगी 4 हजार किमी

    नितिन नवीन ने 50 पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, BJP की यात्रा 13 दिन में कवर करेगी 4 हजार किमी

    पठानकोट
    पंजाब को नशामुक्त बनाने और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के मकसद से भारतीय जनता पार्टी आज एक विशाल जन-अभियान की शुरुआत करने जा रही है। पार्टी की ओर से नशा मुक्त पंजाब यात्रा का शंखनाद आज पठानकोट के सीमावर्ती इलाके माधोपुर स्थित एकता स्थल से हो रहा है। इस राज्यव्यापी यात्रा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    माधोपुर में आयोजित होने वाली विशाल रैली और यात्रा के औपचारिक शुभारंभ से ठीक पहले एक बेहद संवेदनशील कार्यक्रम रखा गया है। मुख्य पंडाल के पीछे बनाए गए विशेष ग्रीन रूम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नशे की गर्त में धकेले गए 50 पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह पीड़ितों का दर्द सुनेंगे और उन्हें नशे के खिलाफ इस जंग में हर संभव मदद का भरोसा दिलाएंगे।

    13 दिन, 4000 किलोमीटर और 117 विधानसभा क्षेत्र
    यह पूरी यात्रा 18 सितंबर से 30 सितंबर तक कुल 13 दिनों तक निरंतर चलेगी। इस दौरान प्रदेश भर में चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जाएंगी, जो राज्य के सभी 117 विधानसभा हलकों को कवर करेंगी। इस महा-अभियान के तहत करीब 4000 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। पहली यात्रा के सुचारू संचालन और नेतृत्व के लिए 15 विशेष रथ तैयार किए गए हैं। माधोपुर के एकता स्थल पर आज 10 हजार से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया गया है।

    चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी अन्य तीन यात्राएं
    पहली यात्रा आज पठानकोट से शुरू होने के बाद, बाकी की तीन यात्राएं 19, 20 और 21 सितंबर को क्रमशः फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से रवाना होंगी। फाजिल्का से निकलने वाली तीसरी यात्रा को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल हरी झंडी दिखाएंगे। इन सभी यात्राओं का भव्य समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा।

    पठानकोट में रहेगा पहला रात्रि विश्राम
    माधोपुर से रवाना होने के बाद यह यात्रा सुजानपुर हलके के पूर्व विधायक दिनेश सिंह बब्बू के निवास स्थान पर चायपान के लिए रुकेगी। इसके बाद शाम छह बजे यात्रा पठानकोट शहर में प्रवेश करेगी। खानपुर चौक, डाकखाना चौक, पटेल चौक और एशिया पैलेस से गुजरते हुए यात्रा शहीद भगत सिंह चौक पहुंचेगी, जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा का पहला रात्रि विश्राम पठानकोट में ही निर्धारित किया गया है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा का यह कदम प्रदेश में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आम जनता के बीच अपनी पैठ गहरी करने की एक बेहद सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।

  • Ola-Uber के बीच चंडीगढ़ में नई टैक्सी सेवा की एंट्री, ‘भारत टैक्सी’ में नहीं लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज

    Ola-Uber के बीच चंडीगढ़ में नई टैक्सी सेवा की एंट्री, ‘भारत टैक्सी’ में नहीं लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज

     चंडीगढ़
     Bharat Taxi News: चंडीगढ़ में आज से भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हो रही है। आज सेक्टर 9 में मौजूद नई यूटी सचिवालय इमारत में आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल तथा केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    डिजिटल शुभारंभ के बाद भारत टैक्सी (Bharat Taxi App Launched) वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। भारत टैक्सी से लोगों को क्या फायदा होगा, ड्राइवरों को यह कैसे फायदा पहुंचाएगी, ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवाओं से यह सर्विस कैसे अलग है, क्या यह सरकार द्वारा जारी एक नई पहल है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब यहां जानते हैं।

    लेकिन इससे पहले जानना जरूरी है कि हाल ही में चंडीगढ़ में कई नामी टैक्सी सेवाओं के लाइसेंस छह महीने के लिए रद किए गए हैं। इसके कुछ दिनों बाद ही प्रशासन केंद्रशासित प्रदेश में भारत टैक्सी की शुरुआत कर रहा है।

    ओला-उबर जैसी सेवाओं पर लगी रोक
    पिछले सप्ताह चंडीगढ़ प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया। इसके अनुसार, केंद्रशासित प्रदेश में एप आधारित कैब-बाइक टैक्सी सेवाओं वाली कंपनियों पर छह महीने की रोक लगा दी गई। ओला, इन-ड्राइव, उबर, रैपिडो का एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किया गया है।

    क्यों लिया यह फैसला?
    कैब और टैक्सी ड्राइवरों के करीब 100 दिन से चल रहे धरने और 15 दिन की भूख हड़ताल के बीच स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने यह फैसला लिया है।

    अब जानिए क्या है भारत टैक्सी सेवा
    भारत टैक्सी सेवा सरकार की एक नई पहल है, जिसकी शुरुआत 2 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली से हुई थी । इसका उद्देश्य कॉ-ओपरेटिव टैक्सी प्लेटफॉर्म पर प्राइवेट कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाना है।

    सरकार इस एप के जरिए यात्रियों और ड्राइवर दोनों के हितों का ध्यान रख रही है। सरकार के इस एप के जरिए टैक्सी चालकों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था के हिस्सेदार के रूप में जोड़ा जाएगा।

    ड्राइवरों को क्या होगा फायदा?
    भारत टैक्सी सेवा का उद्देश्य तकनीक आधारित परिवहन सेवा में सहकारिता की भावना को लागू करना और ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाना है।

    प्रशासन के अनुसार, इस पहल से सहकारी मॉडल का विस्तार परिवहन क्षेत्र में होगा, जिससे चालकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें उनकी भागीदारी और हिस्सेदारी सुनिश्चित हो सकेगी। यानी ड्राइवर खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार होंगे। खास बात है कि इसमें ड्राइवरों को कोई कमीशन नहीं देना होगा। इसके साथ ही राइडर को एक्सीडेंट और इंश्योरेंस कवरेज जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

    भारत टैक्सी एप से ड्राइवर को फायदे
        किराया ड्राइवर के बैक अकाउंट में जाएगा।
        एप में कंपनी का कोई वॉलेट नहीं है।
        ड्राइवर कर्मचारी नहीं , बल्कि हिस्सेदार होंगे।
        एप में कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं है।
        किराए में कोई फेरबदल नहीं होता।

    यात्रियों को क्या होगा फायदा?
    भारत टैक्सी एप का किराया अन्य टैक्सी सेवाओं की तुलना में 30 फीसदी (Bharat Taxi fare) तक कम है। वहीं, इस एप के जरिए यात्रियों की सुरक्षा, विशेषतौर पर महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस किया गया है।

    गलत व्यवहार पर यात्री भारत टैक्सी एप के हेल्प-सपोर्ट सेक्शन में जाकर राइड से संबंधित कोई भी शिकायत दर्ज करवा सकता है। खास बात है कि 150 से ज्‍यादा महिला ड्राइवर ‘बाइक दीदी’ योजना के तहत प्लेटफॉर्म से जुड़ी हैं, इससे महिलाएं महिला कैप्टन या ड्राइवर का भी चुनाव कर सकती हैं।

        कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं।
        महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस।
        अन्य टैक्सी सेवाओं से 30 फीसदी तक सस्ता।
        राइड बुक करना काफी आसान।
        कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं।
        वाहन को ट्रैक करना काफी आसान।

    किन शहरों में जारी है भारत टैक्सी एप की सेवाएं?
    भारत टैक्सी एप की शुरुआत दिल्ली में  हुई। आज इसे चंडीगढ़ में लॉन्च किया जा रहा है। इसके साथ ही जयपुर और राजकोट जैसे शहरों में भी इसका संचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस सहकारी मॉडल को उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में भी चलाए जाने की प्रक्रिया जारी है।

    कैसे करें डाउनलोड?
    भारत टैक्सी एप (Bharat Taxi booking) को गुगल प्ले स्टोर या आईओएस से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। जिसके बाद यूजर अपनी ई-मेल आईडी या फिर मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर सकता है।

    वहीं, राइडर्स भारत टैक्सी ड्राइवर एप डाउनलोड कर अपना आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन से जुड़े अन्य डॉक्यूमेंट अपलोड कर वेरिफाई के बाद सर्विस शुरू कर सकते हैं।

  • पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज में खाने को लेकर बवाल, छात्रों ने लगाए मिलावट के आरोप; सैंपल जब्त

    पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज में खाने को लेकर बवाल, छात्रों ने लगाए मिलावट के आरोप; सैंपल जब्त

    पलामू
    लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के बसौरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुवार की देर रात खराब खाना मिलने की शिकायत को लेकर छात्रों ने हंगामा किया। छात्र कॉलेज के सामने डालटनगंज-पांकी रोड के समीप जुट गए और मेस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। छात्रों का आरोप था कि मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जा रहा है।

    मामले की जानकारी मिलने पर सदर एसडीएम संजय पांडेय, लेस्लीगंज के अंचल अधिकारी जागो महतो और फूड सेफ्टी टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायत सुनी। इसके बाद फूड सेफ्टी टीम ने मेस में तैयार भोजन समेत खाद्य सामग्री के कई सैंपल जब्त किए।

    कार्रवाई के आश्वासन पर शांत हुए छात्र
    सदर एसडीएम संजय पांडेय ने बताया कि छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। फूड सेफ्टी टीम ने भोजन के सैंपल जब्त किए हैं और पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सैंपल जब्त किए जाने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्रों ने हंगामा समाप्त किया और वापस हॉस्टल लौट गए।

    छात्रों ने मेस संचालक पर गुणवत्ताहीन भोजन उपलब्ध कराने और खाने में मिलावट किए जाने समेत कई आरोप लगाए हैं। जिस मेस को लेकर छात्रों ने शिकायत की है, वहां करीब 200 छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जाता है।

     

  • 2027 की गर्मी से पहले लखनऊ में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत, 3 नए उपकेंद्र और सैकड़ों ट्रांसफार्मर लगेंगे

    2027 की गर्मी से पहले लखनऊ में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत, 3 नए उपकेंद्र और सैकड़ों ट्रांसफार्मर लगेंगे

    लखनऊ
     इस गर्मी जिन बिजली उपकेंद्रों में उपभोक्ताओं ने बिजली संकट को लेकर नाराजगी जताई, घेराव किया और सड़क जाम की। वहां बिजली विभाग ने हकीकत जानने का प्रयास कि आखिर बिजली ने परेशान क्यों किया?

    इसकी रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें स्थानीय अवर अभियंता व सहायक अभियंता ने स्थलीय रिपोर्ट तैयार की और ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, नई 33 केवी लाइन, एक बिजली उपकेंद्र से दूसरी बिजली उपकेंद्र को इंटरलिंकिंग, पावर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, 11 केवी लाइन निर्माण, रिले, कंट्रोल पैनल, आइसोलेटर सहित तीन नए बिजली उपकेंद्रों को शामिल करते हुए दर्जनों कामों के सुधार की सिफारिश की गई।

    मुख्यालय स्तर पर चर्चा हुई और लेसा के सभी चारों जोन से कुल 232 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके 26 सितंबर 2026 को प्रस्तावित बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में रखा जाएगा। इस एडिशन बिजनेस प्लान को स्वीकृति भी मिलने की सौ प्रतिशत संभावनाएं अफसरों ने जताई है। क्योंकि अगर यह व्यवस्था अभी से आगामी गर्मी के लिए नहीं की गई तो वर्ष 2027 में बिजली का सबसे ज्यादा बुरा हाल होगा और उपभोक्ता सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।

    बनाए जाएंगे तीन उपकेंद्र
    अमौसी जोन के उतरेटिया, निलमथा, कल्ली पश्चिम, एकता नगर, पारा के लोगों ने बिजली संकट को लेकर गर्मी में खूब नाराजगी जताई। इसलिए यहां कल्ली पश्चिम, पारा और गोसाईगंज, मोहनलालगंज व पूरनपुर के बीच पड़ने वाले बेलीराम में बिजली संकट से उबरने के लिए तीन नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे।

    इससे आगामी कई सालों तक बिजली संकट खत्म जाएगा। उतरेठिया में दस एमवी का पावर ट्रांसफार्मर रखे जाने से यहां भी संकट पूरी तरह से खत्म होगा। इसके लिए 90 कराेड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें 63 से 250 केवीए तक 233 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, इनमें कइयों की क्षमतावृ़द्धि की जाएगी।

    लखनऊ मध्य जोन में 46 करोड़ का काम होगा। ऐशबाग बिजली उपकेंद्र में इस साल उपभोक्ताओं ने घेराव, तोड़फोड़ की थी, बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए यहां दस एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके अलावा पुराने लखनऊ सहित कई बिजली उपकेंद्रों में छोटे व बड़े मिलाकर 564 काम कराए जाएंगे। यहां भी सौ से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का काम किया जाएगा।

    जानकीपुरम जोन में प्रियदर्शनी, इंटिग्रल, सृष्टि सहित पांच बिजली उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफार्मर पांच व दस एमवीए के लगाए जाएंगे। इसके अलावा 63 से 250 केवीए के 150 ट्रांसफार्मर अतिरिक्त लगेंगे और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। ऐसे तीन सौ से अधिक काम होंगे और उस पर 40 करोड़ खर्च होंगे।

    गोमती नगर जोन में चिनहट के शिवपुरी बिजली उपकेंद्र के लिए नई 33 केवी लाइन बनाने के साथ ही पावर ट्रासंफार्मर यहां लगाया जाएगा। इसके अलावा इंदिरा नगर, गोमती नगर, चिनहट सहित आसपास क्षेत्र में 74 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इन कामों के लिए 56 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

     

  • बिहार में जमाबंदी सुधार अभियान तेज, CO की तय हुई जवाबदेही; लापरवाही पर होगी कार्रवाई

    बिहार में जमाबंदी सुधार अभियान तेज, CO की तय हुई जवाबदेही; लापरवाही पर होगी कार्रवाई

    पटना
    राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि जमाबंदी में सुधार के लिए चल रहे अभियान की जवाबदेही अंचलाधिकारियाें की होगी। गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने अंचलाधिकारियों से कहा कि जमाबंदी में किसी भी तरह के सुधार के लिए वे आवेदन की प्रतीक्षा न करें। स्वयं देखें कि क्या गड़बड़ी है। उसमें अपनी पहल पर सुधार करें। बैठक में सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण के अंचल अधिकारियों के कार्यों की हुई समीक्षा की गई।

    सचिव ने कहा कि जिन मामलों को जमाबंदी में त्रुटि के कारण पूर्व में रिजेक्ट किया गया है, उनमें आवश्यक सुधार के बाद निष्पादन की जिम्मेदारी अंचल अधिकारियों की है। राजस्व महाअभियान के 99 प्रतिशत आवेदनों को रिजेक्ट कर देने के कारण सारण जिले के परसा, अमनौर एवं दरियापुर के अंचलाधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।

    सीओ को कहा गया कि वे मृत रैयतों के उत्तराधिकार नामांतरण के मामलों में भी अपने स्तर से पहल करें। अंचल में संचालित सभी राजस्व कार्यों की जिम्मेदारी सीओ की है।

    मुख्यालय आने की जरूरत नहीं
    सचिव ने कहा कि अभियान बसेरा के तहत पात्र भूमिहीन लाभुकों को आवेदन जमा करने के लिए राज्य मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने संबंधित अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा कर सकते हैं।

    उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लाभुकों को आवेदन प्रक्रिया के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। किसी व्यक्ति द्वारा लाभुकों को भ्रमित किए जाने या गलत जानकारी देने का मामला सामने आने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    बैठक में विभाग के अधिकारी मोना झा, संयुक्त गिरधारी लाल, डॉ. सुनील कुमार, संजय कुमार सिंह, मणिभूषण किशोर, नवाजिश अख्तर, अनुपम प्रकाश, अविनाश कुमार, जूही कुमारी तथा आनंद शंकर सहित तीनों जिलों के सभी अंचल अधिकारी उपस्थित थे।

  • ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं, हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं’… संजय निषाद का दो टूक संदेश

    ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं, हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं’… संजय निषाद का दो टूक संदेश

    ‘साढ़े चार साल सुख-दुख में नहीं आए, अब पंचायत के बहाने कूद रहे बरसाती मेंढक’… संजय निषाद का तीखा हमला

    ‘फूलन देवी की हत्या करवाकर मछुआरा समाज की राजनीति रोकी’… संजय निषाद का परोक्ष रूप से सपा पर तीखा हमला 

    ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं, हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं’… संजय निषाद का दो टूक संदेश

    ‘भेष बदल-बदलकर आएंगे बरसाती मेंढक, उनसे सावधान रहना है’… संजय निषाद ने मछुआरा समाज को चेताया

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आगामी चुनाव को देखते हुए शुक्रवार को मछुआरा समाज को सावधान करते हुए तीखा सोशल मीडिया पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग साढ़े चार साल तक समाज के सुख-दुख में दिखाई नहीं दिए, वही अब पंचायत के बहाने मछुआरा समाज के आसपास नजर आने लगे हैं। संजय निषाद ने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए ऐसे लोगों को ‘बरसाती मेंढक’ और ‘दरी बिछाने वाले सौदागर’ बताते हुए समाज से सतर्क रहने की अपील की। 

    ‘साढ़े चार साल नहीं आए, अब पंचायत के बहाने कूदने लगे’

    संजय निषाद ने मल्लाह, निषाद, केवट, कश्यप, बिंद, धीवर, कहार, बाथम, रायकवार और माझी समेत पूरे मछुआरा समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावी मौसम में ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा, जो लंबे समय तक समाज के बीच नहीं रहे और अब पंचायत के बहाने उसके आसपास सक्रिय होने लगे हैं।

    उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि 'जो साढ़े चार साल आपके सुख-दुख में नहीं आए- अब दरी बिछाने वाले वही सौदागर पंचायत के बहाने आपके आसपास बरसाती मेंढक की तरह कूदने लगे हैं।'

    फूलन देवी की हत्या और राजनीतिक विरासत का मुद्दा

    संजय निषाद ने अपने पोस्ट में वीरांगना फूलन देवी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने फूलन देवी की हत्या करवाकर मछुआरा समाज की अलग राजनीति को खड़ा होने से रोकने का काम किया, उनसे और उनकी मदद करने वालों से समाज को सावधान रहना होगा।

    उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने फूलन देवी की हत्या की सुपारी दी, उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया और उनकी राजनीतिक विरासत को मछुआरा समुदाय से छीनने का प्रयास किया, ऐसे लोग मछुआरा समाज का भला चाहने वाले नहीं हो सकते।

    दरअसल, फूलन देवी की हत्या को लेकर संजय निषाद सपा पर निशाना साधते रहे हैं। उनका दावा है कि फूलन देवी की बढ़ती लोकप्रियता देखकर सपा ने उनके खिलाफ साजिश की थी।

    ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं’

    संजय निषाद ने अपने पोस्ट में मछुआरा समाज की राजनीतिक पहचान को लेकर भी दो टूक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 'मछुआरों की अब स्वतंत्र पहचान निषाद पार्टी हैं।' उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं हैं, बल्कि ओबीसी समाज के हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं।

    उनका संदेश था कि समाज को चुनावी मौसम में आने वाले ऐसे चेहरों को पहचानना होगा, जो अलग-अलग रूप और भेष में उसके बीच पहुंचेंगे। संजय निषाद ने लिखा, 'बरसाती मेंढक भेष बदल-बदल के आएंगे। उनसे सावधान रहना है।'

    ‘समाज को अपने हक के लिए खड़ा होना होगा’

    संजय निषाद के इस पूरे पोस्ट में मछुआरा समाज की राजनीतिक पहचान, उसके अधिकार और अलग राजनीतिक ताकत के तौर पर खड़े होने का संदेश प्रमुखता से सामने आया। उन्होंने समाज को आगाह किया कि चुनावी मौसम में आने वाले राजनीतिक सौदागरों के बहकावे में आने के बजाय अपने हित और अधिकारों को प्राथमिकता देनी होगी।

  • ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ में बड़ा बदलाव, ट्रेन की सफाई पर यात्री देंगे फीडबैक; अफसरों की भी तय जिम्मेदारी

    ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ में बड़ा बदलाव, ट्रेन की सफाई पर यात्री देंगे फीडबैक; अफसरों की भी तय जिम्मेदारी

     अंबाला
     ट्रेन में कंबल-तकिया साफ मिला या नहीं, टॉयलेट की हालत कैसी थी और डिब्बे में सफाई हुई या नहीं अब रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था का फीडबैक सीधे यात्री देंगे।

    ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत रेलवे ने ट्रेनों में सफाई व्यवस्था की औचक जांच से लेकर यात्रियों की प्रतिक्रिया लेने तक की पूरी व्यवस्था तैयार की है। देश में रोजाना दो करोड़ से अधिक यात्रियों के रेल से सफर करने के बीच रेलवे का जोर अब सफाई को सिर्फ कर्मचारी की जिम्मेदारी रखने के बजाय यात्री को भी अभियान का हिस्सा बनाने पर है

    चलती ट्रेनों में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (ओबीएचएस) के पर्यवेक्षक और संबंधित ठेकेदार शौचालय, यात्री डिब्बों, लिनेन और पेंट्री कार की औचक जांच करेंगे। एसी कोच में यात्रियों को दिए जाने वाले चादर, कंबल और तकिये की सफाई पर भी नजर रहेगी। यात्रियों से सफाई व्यवस्था और उपलब्ध कराए गए लिनेन को लेकर फीडबैक लिया जाएगा

    रेलवे ने अभियान को ट्रेनों और स्टेशनों तक सीमित न रखकर स्वच्छता शपथ को जनभागीदारी का आधार बनाने की तैयारी की है। दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर शपथ दिलाई जाएगी। शपथ में हर व्यक्ति ‘न गंदगी करूंगा, न करने दूंगा’ के संकल्प के साथ स्वच्छता की शुरुआत खुद से, परिवार, मोहल्ले, गांव-शहर और कार्यस्थल से करने का वचन लेगा।

    अफसरों की भी तय होगी जिम्मेदारी
    रेलवे बोर्ड से लेकर जोन, मंडल और स्टेशन स्तर तक अधिकारियों की भूमिका तय की गई है। डीआरएम स्तर पर अभियान की निगरानी, ट्रैक-यार्ड की सफाई, स्टेशन प्रबंधन और ट्रेनों में ओबीएचएस व्यवस्था की जांच के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

    एक अक्टूबर को बड़े स्तर पर श्रमदान और दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के कार्यक्रम होंगे। यानी इस बार रेलवे की स्वच्छता मुहिम में झाड़ू भी चलेगी, शपथ भी होगी और यात्री की जुबान से सफाई की असली रिपोर्ट भी सामने आएगी।

    हर व्यक्ति 100 लोगों को जोड़ेगा
    स्वच्छता शपथ में प्रत्येक व्यक्ति से साल में 100 घंटे यानी हर सप्ताह कम से कम दो घंटे स्वच्छता के लिए देने का संकल्प कराया जाएगा।

    शपथ लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति 100 अन्य लोगों को स्वच्छता से जोड़ने और उन्हें भी शपथ दिलाने का प्रयास करेगा। स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली से ‘मेरी सीट, मेरा डिब्बा’ थीम पर लगातार स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। यात्रियों को पंपलेट बांटे जाएंगे और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर भी स्वच्छता शपथ एवं जागरूकता संदेश दिखाए जाएंगे। यानी प्लेटफार्म से ट्रेन की सीट तक यात्री को यह याद दिलाया जाएगा कि सफाई केवल रेलवे की नहीं, उसकी भी जिम्मेदारी है