Category: राज्य

  • 1995 के रिश्वत केस में 75 साल के पूर्व रेलवे क्लर्क को राहत, हाईकोर्ट ने सजा घटाकर की 1 साल

    1995 के रिश्वत केस में 75 साल के पूर्व रेलवे क्लर्क को राहत, हाईकोर्ट ने सजा घटाकर की 1 साल

     रांची
    झारखंड उच्च न्यायालय ने वर्ष 1995 के एक पुराने रिश्वतखोरी मामले में बड़ा निर्णय सुनाते हुए हटिया रेलवे स्टेशन के पूर्व पार्सल क्लर्क काली शंकर धोबी की दोषसिद्धि को सही ठहराया है।

    अदालत ने आरोपी की 75 वर्ष की अवस्था, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और 31 वर्षों तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया का संज्ञान लेते हुए उनकी कारावास की अवधि को घटा दिया है। अब आरोपी को एक वर्ष की जेल की सजा भुगतनी होगी।

    क्या था पूरा मामला?
    घटना 27 अप्रैल 1995 की है, जब आरोपी काली शंकर धोबी हटिया रेलवे स्टेशन पर बतौर पार्सल क्लर्क कार्यरत थे। शिकायतकर्ता निर्मल कुमार बेगानी को अपनी मोटरसाइकिल बिहार के समस्तीपुर भेजनी थी, जिसके एवज में आरोपी ने उनसे ₹100 की रिश्वत मांगी थी।

    पीड़ित ने इसकी शिकायत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से की। जांच के बाद CBI ने जाल बिछाकर आरोपी क्लर्क को ₹100 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।

    निचली अदालत से हाई कोर्ट तक का सफर

    • CBI कोर्ट का फैसला (2004): भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चले इस मुकदमे में वर्ष 2004 में निचली अदालत ने आरोपी को दोषी माना था। तब उन्हें धारा 7 के तहत 1 वर्ष और धारा 13(2) के तहत 1.5 वर्ष की सजा तथा कुल ₹10,000 जुर्माने का आदेश सुनाया गया था।
    • 22 साल हाई कोर्ट में सुनवाई: ट्रायल कोर्ट के फैसले को आरोपी ने झारखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी। जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ के समक्ष दो दशकों से अधिक समय तक इस अपील पर सुनवाई चली।

    सजा में राहत
    अदालत ने अपराध में दोषसिद्धि को कायम रखा, लेकिन आरोपी की ढलती उम्र और बीमारियों को देखते हुए धारा 7 के तहत सजा 6 महीने और धारा 13(2) के तहत सजा 1 वर्ष कर दी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी, जिससे उन्हें कुल 1 साल जेल में व्यतीत करने होंगे।

    सरेंडर का आदेश
    कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका रद करते हुए उन्हें अगले 2 महीनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।

  • PM मोदी के जन्मदिन को लेकर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- दीया जलाने पर होगा हल्ला

    PM मोदी के जन्मदिन को लेकर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- दीया जलाने पर होगा हल्ला

    घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर

    कैबिनेट मंत्री बोले- तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया का शोर मचाने का टूलकिट तैयार

    कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों पर साधा निशाना, कहा- सबसे ज्यादा यही लोग मचाएंगे हल्ला

    वामपंथी नेतृत्व की सामाजिक पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल, बोले- ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखिए

    मार्क्स-लेनिन से अंबेडकर और लोहिया-जेपी से जय भीम तक की राजनीति पर कसा तंज

    कहा- पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया, जितना बांटने की कोशिश करेंगे उतना ही जुड़ता जाएगा

     लखनऊ
     प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया जलाए जाने को लेकर कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन रुकिए, हो-हल्ला होने वाला है। हल्ला होगा कि तेल जल गया, त्राहि-त्राहि हो गई। इसका टूलकिट भी तैयार है, बस हल्ले का इंतजार कीजिए।

    राजभर ने कहा कि पूरे देश ने घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों ने सेवा संकल्प अभियान से खुद को खुशी-खुशी जोड़ा। जनता से आशीर्वाद मांगा और हर्षोल्लास के साथ आशीर्वाद का दीया जलाया।

    सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी और सपाई मचाएंगे

    राजभर ने सवाल किया कि इससे बुरा किसे लगा? उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों का नाम लेते हुए कहा कि अब यही लोग चिल्लाएंगे कि इतना तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि देख लीजिएगा, सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी सवर्ण और सपाई मचाएंगे।

    उन्होंने कहा कि वामपंथी सवर्णों को छोड़ दिया जाए तो पूरा सवर्ण समाज उनके साथ है। सबसे ज्यादा दिक्कत उस खास जमात को है, जो वर्षों से समाज में अपना वैचारिक जहर बो रही है।

    वामपंथ की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, यह भी देखिए

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अति पिछड़ों, दलितों और बहुजनों को एक बार उन वामपंथी नेताओं की जाति भी देखनी चाहिए, जो दिन-रात उन्हें जाति और ब्राह्मणवाद समझाते हैं। वामपंथी विचार की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सभी वामपंथी अगड़े मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद के नाम पर गाली किसे दिलाई जाती है और विचार की दुकान किसके हाथ में है, तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी।

    गरीब और सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति पसंद नहीं

    राजभर ने कहा कि वास्तव में ये राजा और राज परिवारों के इर्द-गिर्द जीने वाले लोग हैं। गरीब और सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति अपने दम पर ऊपर पहुंचे, यह इन्हें कतई पसंद नहीं आता। चाहे वह मोदी हों, राजभर हों, निषाद हों या किसी अन्य दलित या अति पिछड़े समाज से निकला कोई व्यक्ति।

    मार्क्स-लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए

    राजभर ने वामपंथी और समाजवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कल तक मार्क्स और लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए। लोहिया और जेपी के नाम पर पार्टी चलाने वाले अचानक रंग बदलकर जय भीम करने लगे। इतनी जल्दी विचार, नारे और महापुरुष बदल जाएं तो यह सोचने वाली बात है।

    उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को वर्षों से अपने विचारों के जाल में फंसाने की कोशिश एक खास जमात ने की। उन्होंने इसे आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझ रही जमात बताते हुए कहा कि इसे सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब अति पिछड़ा, दलित और बहुजन इनके बताए रास्ते के बजाय अपना रास्ता खुद चुनने लगता है। घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन्हें यही परेशानी है।

    भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला

    राजभर ने कहा कि वास्तव में भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला है, जहां देश और समाज को बांटकर कुछ परिवारों की गुलामी करने की ट्रेनिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सारे वामपंथी अंत में वहीं नौकरी करते हैं।

    पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया

    पोस्ट के आखिर में राजभर ने कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया है। आपके चेहरे पर लगा नकाब उतर चुका है। आप जितना पिछड़ों-दलितों को बांटने की कोशिश करेंगे, वे उतना ही जुड़ते जाएंगे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा, बस देखते जाइए।

  • बकाया DA और अन्य मांगों पर CM मान की कर्मचारियों से मुलाकात आज, बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

    बकाया DA और अन्य मांगों पर CM मान की कर्मचारियों से मुलाकात आज, बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

    चंडीगढ़
    पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों के संदर्भ में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में बैठक होगी। सामान्य प्रशासन विभाग की कोऑर्डिनेशन ब्रांच ने  पत्र जारी कर कर्मचारी, पेंशनर और संयुक्त कार्रवाई समिति के 12 प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया है। 

    बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी। पत्र के मुताबिक बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें गुरनाम सिंह विर्क, भजन सिंह गिल, सुखचैन सिंह खैरा, रणजीत सिंह रणवा, तरसेम सिंह भट्ठल, करम सिंह धनोआ, हरजिंदर सिंह पन्नू, जरमनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, धनवंत भट्ठल, साहिल शर्मा और कुलविंदर सिंह ढिल्लों को बुलाया गया है। 

    कर्मचारी संगठन लंबे समय से लंबित 18 प्रतिशत डीए, डीए बकाया, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), छठे वेतन आयोग के बकाये और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 27 अगस्त को कर्मचारियों ने डीए बकाये को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की थी।

     

  • हिसार का ऐतिहासिक मंगाली गांव: 1857 में अंग्रेजों से लिया लोहा, आज पेयजल और सड़क बनी चुनौती

    हिसार का ऐतिहासिक मंगाली गांव: 1857 में अंग्रेजों से लिया लोहा, आज पेयजल और सड़क बनी चुनौती

    हिसार
    हिसार से करीब 15 किलोमीटर दूर नलवा विधानसभा क्षेत्र में बसा मंगाली केवल आबादी के लिहाज से बड़ा गांव नहीं है, बल्कि इसकी मिट्टी में इतिहास की कई परतें दफन हैं

    वर्ष 1488 में अस्तित्व में आए इस गांव का इतिहास 1857 की क्रांति से भी जुड़ा है। आज भी गांव में उस दौर की वीरगाथाएं और बलिदानियों की यादें लोगों के बीच जीवंत है।

    समय के साथ गांव का विस्तार हुआ और यह मंगाली आकलान, मंगाली झारा, मंगाली सुरतिया, मंगाली मोहब्बत और ढाणी जाटान नाम से पांच पंचायतों में बंट गया। पांचों पंचायतों की आबादी 20 हजार से अधिक है। दूसरी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है मनके का व्यापार।

    मंगाली की बसावट को लेकर ग्रामीणों में प्रचलित मान्यता के अनुसार गांव का नाम एक परिवार के चार बेटों के नाम पर पड़ा। शुरुआत में चार पंचायतें बनीं और बाद में ढाणी जाटान को वर्ष 1986 में अलग पंचायत का दर्जा मिला।

    मंगाली की चार पुरानी पंचायतों को अस्तित्व में आए सौ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। गांव के विस्तार के साथ आबादी बढ़ती गई, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का ढांचा उस गति से विकसित नहीं हो पाया।

    तीन दशक पहले बिछी पानी की लाइन, समस्या आज भी बरकरार
    गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 30 वर्ष पहले गांव में पानी की लाइन बिछाई गई थी और जलघर भी बनाए गए, लेकिन बढ़ती आबादी के साथ पानी की जरूरत भी बढ़ती गई।

    ऐसे में मौजूदा व्यवस्था ग्रामीणों की जरूरत पूरी करने में पूरी तरह सक्षम नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई हिस्सों में पर्याप्त और नियमित पेयजल आपूर्ति की जरूरत महसूस होती है।

    गंदे पानी की निकासी नहीं, तालाब में पसरी गंदगी
    मंगाली में दूसरी बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी की है। गांव से निकलने वाले गंदे पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनती है।

    गांव के तालाब भी गंदगी से अछूते नहीं हैं। तालाबों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

    मुख्य सड़क की बदहाली भी बनी परेशानी
    गांव की मुख्य सड़क की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। मंगाली की पांच पंचायतों में बड़ी आबादी होने के कारण यहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सड़क की हालत बेहतर नहीं होने से आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सड़क, पेयजल और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर प्राथमिकता से काम होना चाहिए।

    मंगाली की फुटबाल की अलग पहचान
    मंगाली आकलान में गांव की खास पहचान फुटबाल से भी है। यहां के करीब 35 खिलाड़ी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। गांव में शहीदी स्मारक भी प्रमुख पहचान है।

    1857 में हिसार जेल पर बोला था धावा
    मंगाली के इतिहास में वर्ष 1857 का दौर विशेष महत्व रखता है। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय गांव के क्रांतिकारियों ने हिसार जेल पर धावा बोला था। इस संघर्ष में 12 अंग्रेज अधिकारी के मारे गए थे।

    इसके बाद अंग्रेजों ने गांव पर हमला किया। दमन से बचने के लिए 30 से अधिक देशभक्तों ने मंगाली मोहब्बत में बने एक कुएं में छलांग लगा दी थी। यह कुआं आज भी मंगाली मोहब्बत में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सामने मौजूद है।

    वहीं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के नाम पर मंगाली आकलान में शहीद स्मारक भी बनाया गया है। स्वतंत्रता संग्राम में गांव के करीब 500 लोगों की कुर्बानी का उल्लेख भी ग्रामीण करते हैं। यही कारण है कि मंगाली की पहचान आज भी एक ऐतिहासिक गांव के रूप में बनी हुई है।

    ढाणी जाटान में सरकारी जमीन का अभाव
    वर्ष 1986 में पंचायत बनी ढाणी जाटान में करीब 300 मकान और लगभग 1700 की आबादी है। पूनम देवी सरपंच हैं। पंचायत के सामने सबसे बड़ी समस्या सरकारी भूमि की कमी है। गांव के पास उपलब्ध करीब एक किला सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य सरकारी भवन बन चुके हैं। ऐसे में भविष्य में अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं बेहतर
    मंगाली की पांच पंचायतों में ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। गांव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और करीब 10 राजकीय प्राथमिक विद्यालय हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है। इसके अलावा दो वाटर वर्क्स, लाइब्रेरी, एक गोशाला और पुलिस चौकी भी गांव की प्रमुख सुविधाओं में शामिल है।

     

  • मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया पटना, CM सम्राट ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’; बाढ़ पीड़ितों को बांटी किट

    मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया पटना, CM सम्राट ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’; बाढ़ पीड़ितों को बांटी किट

     पटना
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    इसके बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पटना हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल हुए।

    दीप जलाने के साथ सेवा अभियान का संदेश
    मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सार्वजनिक जीवन राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के संकल्प की यात्रा है।

    जन्मदिन के अवसर पर सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को लोगों तक पहुंचाने तथा जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
    ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ स्थित बिंद टोली में बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण किया।

    उन्होंने वहां भोजन की व्यवस्था और गुणवत्ता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

    डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड बांटे
    मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा बाढ़ के दौरान मृत व्यक्ति के आश्रित को सहायता राशि का चेक भी सौंपा।

    मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।

    गंगा पथ से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक कार्यक्रम
    जेपी गंगा पथ के बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचे, जहां ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं और गंगा आरती भी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित डॉ. आरएन सिंह, डॉ. शांति राय, डॉ. विजय प्रकाश और डॉ. जेके सिंह को अंगवस्त्र एवं हरित पौधा देकर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, सांसद रविशंकर प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

     

  • नकली सिक्कों की फैक्ट्री से 59 डाई और 6 मशीनें मिलीं, अब खुलेगा पूरे नेटवर्क का राज

    नकली सिक्कों की फैक्ट्री से 59 डाई और 6 मशीनें मिलीं, अब खुलेगा पूरे नेटवर्क का राज

    लखनऊ
    यूपी के सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री से बरामद छह मशीनों और 59 डाई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटेगी कि 70 करोड़ के नकली सिक्के बनाने में इस्तेमाल मशीन, डाई और अन्य सामान कहां से खरीदा गया। सप्लायरों की कड़ी खुलने पर नकली सिक्कों के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    पुलिस ने फैक्ट्री से छह मशीनों के साथ 59 डाई बरामद की थी। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई की पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन समेत अन्य सामान भी मिला था। अब जांच में इन सभी सामान के स्रोत को खंगालने की तैयारी है।

    पुलिस के मुताबिक फैक्ट्री में तैयार नकली 20 रुपये के 6,400 सिक्के बरामद हुए थे, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये थी। करीब पांच लाख कीमत के अधबने सिक्के भी मिले थे। आरोपियों के मुताबिक एक सिक्का तैयार करने में पांच से छह रुपये खर्च होते थे और उसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेचा जाता था। शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों तक इनकी खेप पहुंचने की बात सामने आई थी।

    मशीन से डाई तक बड़ा सेटअप
    फैक्ट्री में नकली सिक्के तैयार करने के लिए छह मशीनें और 59 डाई लगी थीं। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन भी मिला था। इतनी बड़ी मात्रा में मिले सामान के स्रोत की पड़ताल अब जांच का अहम हिस्सा होगी।

    पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके
    नकली सिक्के बनाने के मामले में पुलिस ने उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया था। पांचों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के सामने अब फैक्ट्री तक मशीन और डाई समेत अन्य सामान पहुंचाने वालों की पहचान करने की चुनौती है। सप्लायरों की जानकारी मिलने पर जांच आगे बढ़ेगी।

    मशीन और सामानों की कहीं और भी हुई है सप्लाई
    अब यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह से मशीन यहां भेजी गई, उसी तरह कहीं और भी तो मशीन देकर सिक्कों का निर्माण नहीं हो रहा है। सप्लायर तक पहुंचने के बाद कई और नकली सिक्कों की फैक्ट्री का खुलासा हो सकता है।

  • किसानों के लिए बड़ा आयोजन, PAU किसान मेले में प्रोग्रेसिव किसान होंगे सम्मानित; ये रहेगी थीम

    किसानों के लिए बड़ा आयोजन, PAU किसान मेले में प्रोग्रेसिव किसान होंगे सम्मानित; ये रहेगी थीम

    चंडीगढ़ 
    पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में आज से दो दिन का बड़ा किसान मेला शुरू हो रहा है। 18 और 19 सितंबर को लगने वाले इस मेले में पंजाब और आसपास के राज्यों से हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दोपहर 12 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे। 

    इस दौरान सीएम राज्य के आगे बढ़कर खेती करने वाले (प्रोग्रेसिव) किसानों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही वे किसानों को सरकार की नई योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी देंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री PAU में लगाए गए अलग-अलग स्टॉलों को भी देखने जाएंगे।

    PAU प्रशासन ने इस बार मेले का मुख्य संदेश ‘वैज्ञानिक खेती अपनाएं, कृषि आय बढ़ाएं’ रखा है। इसका मकसद किसानों को पुरानी और पारंपरिक खेती से निकालकर नई तकनीकों की तरफ ले जाना है, जिससे खेती की लागत कम हो और कमाई बढ़ सके। मेले में यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक सीधे किसानों से बात करेंगे। वे फसलों की नई किस्मों, सही बीजों और खेती के नए तरीकों के बारे में जानकारी देंगे।

    एग्रीवोल्टिक्स तकनीक से कम जमीन में ज्यादा फायदा रिसर्च डायरेक्टर डॉ. ए.एस. ढट्ट ने बताया कि पंजाब में फसलों की पैदावार बहुत अच्छी है। उन्होंने बताया कि एग्रीवोल्टिक्स तकनीक के तहत एक ही जमीन पर सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) लगाकर बिजली भी बनाई जा सकती है और नीचे खेती भी की जा सकती है। इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा।

    मिट्टी की सेहत और पराली का इस्तेमाल डॉ. एम.एस. भुल्लर ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने सालों से पूरे देश का पेट भरा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पहले मिट्टी की जांच करवाएं, खाद और पानी का सही इस्तेमाल करें, पराली को जलाने के बजाय काम में लाएं और केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह की खेती करें।

    किसान और PAU का रिश्ता PAU के रजिस्ट्रार सुखजीत पाल सिंह ने कहा कि यह मेला किसानों के फायदे के लिए ही बनाया गया है। उन्होंने सभी किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को परिवार के साथ मेले में आने का न्योता दिया।

     

  • ‘आशीर्वाद के दीये’ से रोशन हुआ प्रेरणा स्थल, CM योगी ने किया सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ

    ‘आशीर्वाद के दीये’ से रोशन हुआ प्रेरणा स्थल, CM योगी ने किया सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ

    प्रेरणा स्थल पर जले आशीर्वाद के दीये, सीएम योगी ने शुरू किया सेवा संकल्प अभियान

    पीएम मोदी के 76वें जन्मदिवस पर पं. दीनदयाल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल जी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर की अभियान की शुरुआत

    पीएम के जन्मदिन पर प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान, सीएम बोले- नए भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई

    विश्वकर्मा जयंती पर बोले सीएम योगी- नए भारत के शिल्पी हैं प्रधानमंत्री मोदी, यूपी की 25 करोड़ जनता उनके साथ

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित प्रेरणा स्थल पर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रेरणा स्थल पर मौजूद छात्रों से संवाद किया। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाया और वहां मौजूद छात्रों को चॉकलेट भी दी। 

    करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और विश्वकर्मा पूजन की भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश को विकसित भारत की संकल्पना की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। पीएम के जन्मदिन पर देशभर में करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल समेत प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों और लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में भी दीप जलाए जा रहे हैं। उन्होंने अभियान से जुड़े कर्मयोगी कार्यकर्ताओं, लाभार्थियों और नागरिकों का अभिनंदन किया।

    प्रदेश की 25 करोड़ जनता पीएम मोदी के साथ खड़ी

    सीएम योगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती भी है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का शिल्पी बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए भारत का शिल्पी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने अपनी नई पहचान बनाई है और नए भारत का दर्शन हो रहा है। हर क्षेत्र के व्यक्ति को इस बदलाव पर गौरव की अनुभूति हो सकती है। भारत आज नई पहचान, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक में नेतृत्व देने वाले देश के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पीएम को देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बताते हुए कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना के साथ उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनके साथ खड़ी है।

    इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी निर्मल, विधान परिषद सदस्य डॉ. अविनाश सिंह, विधायक डॉक्टर नीरज बोरा, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित आरोग्य भवन में बलरामपुर चिकित्सालय द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नटवर गोयल एवं लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने रक्तदाताओं से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए।
    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ, संवेदनशील एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए रक्तदान आवश्यक है। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है और यह सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
    विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ एवं सक्षम व्यक्ति को आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
    शिविर में महानगर उपाध्यक्ष सौरभ वाल्मीकि, मंडल अध्यक्ष रमन निगम, विशाल गुप्ता, डॉ. अमिता कन्नौजिया, डॉ. मनीषा बैनर्जी एवं डॉ. अंकिता सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

  • यूपी की 136 ग्राम पंचायतों पर शिकंजा, सचिव और प्रधानों से वसूले जाएंगे ₹13 करोड़

    यूपी की 136 ग्राम पंचायतों पर शिकंजा, सचिव और प्रधानों से वसूले जाएंगे ₹13 करोड़

    अंबेडकरनगर
    यूपी के अंबेडकरनगर में गांवों में विकास कार्य के लिए शासन स्तर से दी गई धनराशि में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। कहीं बिना कार्य कराए धन निकाल लिया गया है तो कहीं आधा अधूरा कार्य पर ही धनराशि में हेराफेरी की गई है। सत्यापन के बाद ऐसी 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों पर ऐक्शन शुरू हो गया हे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपित सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। जबकि ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों के खिलाफ ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    ग्राम पंचायतों में विकास के बजट से कराए गए कार्यों की ऑडिट टीम के जांच दौरान अभिलेख न प्रस्तुत करने व कार्य के स्थलीय सत्यापन में अनियमितता पाई जाने पर आरोपित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 ररुपए की वसूली की जाएगी। इसमें जिलाधिकारी स्तर से आरसी का अनुमोदन होने के उपरान्त पंचायती राज विभाग ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    कई रिटायर तो कई की मृत्यु भी हो चुकी
    यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 211-12 से 2018-19 में ऑडिट के दौरान पायी गई थी। प्रकरण पुराना होने व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने में विलम्ब होने के चलते कई सचिवों और ग्राम प्रधान की मृत्यु भी हो चुकी है। जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं।अकबरपुर के सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान तीन प्रकरणों में 1881760 रुपए की अनियमितता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 940880 रुपए व तत्कालीन सचिव से 940880 रुपए की वसूली की जाएगी। 

    अकबरपुर नैली में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान कुल 1163529 रुपए की अनियमिता पकड़ी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 581764 रुपए तथा तत्कालीन सचिव से 581764 रुपए की वसूली की जाएगी। वहीं रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में दो प्रकरणों में 1648294 रुपए की अनियमिता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 824147 व तत्कालीन सचिव से 824147 रुपए की वसूली की जाएगी। इसी तरह ऑडिट के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में जनपद की कुल 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपए के गबन का मामला पकड़ा गया है।

    सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी
    इस बारे में डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपित सचिवों व ग्राम प्रधानों से धन के रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी हो गया है। ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। गबन में जिन अरोपितों की मृत्यु हो चुकी है उनकी वसूली संभव नहीं होगी।