Category: राज्य

  • करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

    करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

    बागपत

     खेकड़ा की पीढ़ियों पुरानी हथकरघा बुनाई और बागपत के शहद की मिठास अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में जिले के 20 से अधिक नवीन निर्यातक, ओडीओपी उत्पादक, एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमी अपनी कारोबारी ताकत दिखाएंगे। खास आकर्षण जून 2023 में जीआई टैग प्राप्त बागपत होम फर्निशिंग उत्पाद रहेंगे। खेकड़ा स्थित मास्टर वीवर्स के माध्यम से इस पारंपरिक उत्पाद की पहचान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचेगी। इसके साथ ही अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद और होम प्रोडक्ट भी प्रदर्शित करेगा।

    जीआई टैग वाली बुनाई बनेगी बागपत की पहचान

    बागपत होम फर्निशिंग को जून 2023 में जीआई टैग मिला था। यह पहचान खेकड़ा क्षेत्र में पीढ़ियों से हथकरघा बुनाई कर रहे कारीगरों के कौशल को मिली है। जीआई टैग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग निदेशालय और ’’मास्टर वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, आदर्श नगर, खेकड़ा’’ ने संयुक्त रूप से आवेदन किया था। मास्टर वीवर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सूती धागे से बेडशीट, पर्दे, मेजपोश और रनिंग फैब्रिक तैयार किए जाते हैं। ये संस्थान बुनकर फ्रेम लूम से मजबूत और आकर्षक बुनाई के लिए अपनी पहचान बनाए हुए है।

    पांच नवीन निर्यातक, ओडीओपी में पांच स्टॉल

    यूपीआईटीएस के हॉल 14 में बागपत के चार नवीन निर्यातकों को पांच स्टॉल मिले हैं। इनमें वीवर्स प्वाइंट व शाहिद टेक्स इंडिया, बड़ागांव, वाया होम्स, खेकड़ा के दो और विनय एक्सपोर्ट, बागपत शामिल हैं। ओडीओपी श्रेणी के हॉल नौ में शमशाद टेक्सटाइल, बड़ागांव को दो स्टॉल तथा द राइजिंग सन के नितिन जैन, बंसल टेक्सटाइल्स के राजकुमार बंसल और त्रिसव टेक्सटाइल के रविस कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमियों की श्रेणी में सिधांनम इंटरनेशनल, खेकड़ा के मनोज जैन को दो स्टॉल तथा नसरीन टेक्सटाइल्स की नसरीन, चारवेदा ऑर्गेनिक्स, प्रिंस हैंडलूम के राजकुमार जैन, बागपत ब्लूम प्रोड्यूसर कंपनी के कपिल आर्या और अंबेडकर महिला केंद्र के जगदीप कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह का कहना है कि यूपीआईटीएस से जिले के उद्यमियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। जिले के उद्यमियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह बना हुआ है। इसके अतिरिक्त जिले के खेती उत्पाद भी यहां दिखाई देंगे। अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद तो बागपत ब्लूम मिलेट्स के जरिए जिले की आयुर्वेदिक पहचान कराएगा। 

    ओडीओसी पैवेलियन में घुलेगी घेवर और बालूशाही की मिठास

    इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार योगी सरकार की एक जिला एक व्यंजन के तहत पहली बार ओडीओसी पैवेलियन का निर्माण किया गया है। इस पैवेलियन में भी जिले के व्यंजनों की सुगंध अपना अहसास कराएगी। अमीनगर सराय से विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाला घेवर और बागपत की बालूशाही यहां विदेशियों के मुंह में मिठास घोलेंगे। इस ट्रेड शो में सिंगापुर, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, रूस, थाईलैंड और ऑस्ट्रिया देशों की मौजूदगी रहेगी। 

    बॉक्स – वैश्विक मंच पर बागपत

    यूपीआईटीएस 25 से 29 सितंबर
    स्थान         –       इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा
    नवीन निर्यातक      –  पांच स्टॉल
    ओडीओपी   –       पांच स्टॉल
    जीआई उत्पाद     –      बागपत होम फर्निशिंग
    -प्रमुख आकर्षण    –   खेकड़ा की हथकरघा बुनाई और अम्ब्रोसिया नेचुरल्स का शहद

  • दिवाली की तैयारी पर आग का कहर, जयपुर में 25 दुकानों का सामान जला; व्यापारी बेहाल

    दिवाली की तैयारी पर आग का कहर, जयपुर में 25 दुकानों का सामान जला; व्यापारी बेहाल

    जयपुर
    जयपुर में दिवाली से ठीक पहले लगी भीषण आग ने कई कारोबारियों की महीनों की मेहनत और त्योहार के सीजन से जुड़ी उम्मीदों को एक झटके में राख कर दिया। जिस सामान को व्यापारियों ने अच्छे कारोबार की उम्मीद में लाखों रुपए खर्च कर जुटाया था, वही माल गुरुवार सुबह उनकी आंखों के सामने आग की लपटों में जलता रहा। कोई व्यापारी अपने हाथों से आंसू पोंछता रहा तो किसी परिवार के लिए नुकसान का सदमा इतना भारी पड़ा कि तबीयत बिगड़ गई।

    बड़ी चौपड़ स्थित मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स में सुबह करीब 7 बजे दूसरी मंजिल पर चूड़ियों के गोदाम में आग लगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट से लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 25 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। कपड़े, प्लास्टिक का सामान, कॉस्मेटिक आइटम, चूड़ियां और दिवाली सीजन से जुड़ा सामान आग में जल गया। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन धुआं शाम तक उठता रहा।

    दिवाली के लिए भरा था माल, आंखों के सामने राख हो गया
    व्यापारी कमल अग्रवाल के लिए यह आग सिर्फ दुकानों में लगी आग नहीं थी, बल्कि दिवाली की उन उम्मीदों पर भी भारी पड़ी थी, जिनके भरोसे उन्होंने पहले से लाखों रुपए का सामान जुटा रखा था। कमल की कॉम्पलेक्स में तीन दुकानें खुद की हैं, जबकि दो दुकानें किराये पर हैं। दिवाली सीजन को देखते हुए पांचों दुकानों में बड़ी मात्रा में सामान स्टॉक किया गया था।

    इनमें बंदरवाल, दिवाली सजावट का सामान, धागों की गट्टियां और टेलरिंग से जुड़े सीजनल आइटम शामिल थे। आग की चपेट में उनकी तीन दुकानें आ गईं। बड़ी मात्रा में माल जलकर राख हो गया।

    आग की खबर मिलते ही कमल अपनी पत्नी और बेटे प्रणव अग्रवाल के साथ मौके पर पहुंचे। दुकानें जलती देखकर कमल भावुक हो गए। कुछ देर तक वह एक कोने में बैठे रहे और लगातार आंसू पोंछते नजर आए। जिस माल को उन्होंने सीजन में बिक्री के लिए सजाकर रखा था, वह उनकी आंखों के सामने धुएं में बदल रहा था।

    नुकसान देखकर पत्नी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाना पड़ा
    कॉम्पलेक्स के सेक्रेटरी राम कटारिया के मुताबिक दिवाली को देखते हुए कमल ने काफी मात्रा में सामान भरकर रखा था। आग से हुए नुकसान को देखकर कमल की पत्नी भी रोने लगीं। परिवार और रिश्तेदार उन्हें संभालते रहे, लेकिन कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और बीपी लो हो गया। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

    कमल की हालत भी खराब होने पर परिजनों ने उन्हें घर भेज दिया। बेटे प्रणव ने बताया कि परिवार सीजनल कारोबार करता है। दिवाली पर अच्छे व्यापार की उम्मीद थी, इसलिए पहले से बड़ी मात्रा में सामान खरीदा गया था। आग वाले हिस्से में जाने की अनुमति नहीं होने के कारण परिवार अपने माल की स्थिति भी ठीक से नहीं देख सका।

    व्यापारी बेबस थे, पुलिसकर्मी रास्ता बनाकर अंदर पहुंचे
    एक तरफ व्यापारी अपने कारोबार को अपनी आंखों के सामने खत्म होते देखने को मजबूर थे, वहीं दूसरी तरफ पुलिस, दमकल, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें आग से जूझ रही थीं।

    तीन मंजिला कॉम्पलेक्स के बरामदों में लोहे की जालियां लगी थीं। रास्ता संकरा था और सामान भी भरा हुआ था। ऐसे में आग वाले हिस्से तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। माणक चौक थाने में तैनात नरेंद्र सिंह शेखावत और विक्रम सिंह ने रास्ता बनाने के लिए दीवार और लोहे की जाली तोड़ी। इसके बाद सीढ़ियों के जरिए दूसरी मंजिल तक पहुंचकर दमकलकर्मियों के लिए रास्ता बनाया गया।

    धुआं आंखों में चुभता रहा, दम घुटता रहा, फिर भी नहीं रुकी टीम
    दूसरी मंजिल पर जमा सामान आग बुझाने की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। घने धुएं के बीच दमकलकर्मी, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ जवान लगातार ऑपरेशन में जुटे रहे। कई जगह शटर और दूसरे अवरोध तोड़कर अंदर पहुंचना पड़ा।

    धुआं इतना घना था कि जवानों की आंखों में तेज जलन होने लगी। कुछ को सांस लेने में भी परेशानी हुई। तबीयत प्रभावित होने पर कुछ दमकलकर्मियों को थोड़ी देर के लिए बाहर बैठाया गया, लेकिन इसके बाद वे फिर ऑपरेशन में जुट गए। करीब सात घंटे से ज्यादा चले अभियान में टीम आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास करती रही।

    नीचे के दुकानदारों को भी सताने लगा अपना माल जलने का डर
    दूसरी मंजिल से उठती लपटों और धुएं ने नीचे की दुकानों में बैठे व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी। ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के दुकानदार अपने स्टाफ के साथ सामान बाहर निकालने में जुट गए। बड़े-बड़े कार्टून दुकानों और गोदामों से बाहर लाए जाने लगे।

    डर था कि अगर आग नीचे तक पहुंची तो दिवाली के लिए जमा किया गया उनका माल भी राख हो जाएगा। एक तरफ दमकल की गाड़ियां आग बुझा रही थीं, दूसरी तरफ व्यापारी अपनी दुकानों से बचा हुआ सामान बाहर निकाल रहे थे।

    आग बुझी, लेकिन कारोबारियों का संकट अभी बाकी
    अग्निकांड के बाद व्यापारियों में कॉम्पलेक्स प्रबंधन को लेकर आक्रोश है। व्यापारियों ने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग ने सिर्फ सामान नहीं जलाया, बल्कि दिवाली के पूरे सीजन की तैयारियों को भी झटका दिया है।

  • हरियाणा में 23.50 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ, आय सीमा बढ़ी और आवेदन पोर्टल शुरू

    हरियाणा में 23.50 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ, आय सीमा बढ़ी और आवेदन पोर्टल शुरू

     चंडीगढ़
     हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की पात्र महिलाओं को भी हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।

    इससे योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर करीब 23.50 लाख हो जाएगी। अभी तक एक लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों की करीब 10 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था।

    आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये वार्षिक करने के बाद इस आय वर्ग में कुल 17 लाख 13 हजार 447 महिलाएं पात्र दायरे में आती हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं ऐसी हैं, जो पहले से किसी अन्य योजना का लाभ ले रही हैं।

    ऐसे में करीब 13.50 लाख नई महिलाओं को 2100 रुपये मासिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हर महिला को सालाना 25 हजार 200 रुपये मिलेंगे।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ में योजना का दायरा बढ़ाते हुए आवेदन के लिए पोर्टल की शुरुआत की है। इस पर पात्र महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। सरकार 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नए लाभार्थियों को योजना का लाभ देना शुरू कर सकती है। तब तक आवेदन और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया जारी रहेगी।

    बजट में 6500 करोड़, लगातार बढ़ा सरकार का वित्तीय प्रविधान
    लाडो लक्ष्मी योजना के लिए हरियाणा सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में 6500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। योजना शुरू करते समय पहले बजट में 5000 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था। यानी एक साल में बजटीय प्रविधान में 1500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

    राज्य के 2026-27 बजट में सामाजिक कल्याण एवं पोषण क्षेत्र के लिए कुल 20,110 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें लाडो लक्ष्मी योजना अकेले 6500 करोड़ रुपये की है।

    अभी तक दस किस्तों में दिए जा चुके दो हजार करोड़
    परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कार्डिनेटर डा. सतीश खोला के अनुसार 10 अगस्त 2026 तक लाडो लक्ष्मी योजना की 10 किस्तों में करीब 9.98 लाख महिलाओं को 2,042.31 करोड़ रुपये दिए जा चुके थे। उसी समय सरकार ने आय सीमा 1.80 लाख रुपये करने और चालू वित्त वर्ष में 6500 करोड़ रुपये के प्रविधान की जानकारी दी थी, जिसे अब मुख्यमंत्री ने धरातल पर लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं, उसे हर हाल में पूरा करते हैं।

    दूसरे राज्यों में महिलाओं को कितनी आर्थिक मदद
    राज्य – योजना – सहायता
    हरियाणा – दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना – 2,100 रुपये मासिक
    पंजाब – मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना – 1,000 रुपये मासिक और एससी महिलाओं के लिए 1,500 रुपये
    हिमाचल प्रदेश – इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि – 1,500 रुपये मासिक
    कर्नाटक – गृह लक्ष्मी योजना – 2,000 रुपये मासिक
    हिमाचल प्रदेश – मुख्यमंत्री शगुन योजना – 31,000 विवाह सहायता
    हरियाणा – मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना – श्रेणी के अनुसार 31,000 से 71,000 रुपये मासिक तक

    हरियाणा में एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की महिलाएं
        1 अंबाला 62612
        2 भिवानी 66014
        3 चरखी-दादरी 24159
        4 फरीदाबाद 222562
        5 फतेहाबाद 46379
        6 गुरुग्राम 92017
        7 हांसी 27809
        8 हिसार 67177
        9 झज्जर 67513
        10 जींद 73152
        11 कैथल 66518
        12 करनाल 105717
        13 कुरुक्षेत्र 47982
        14 महेंद्रगढ़ 46709
        15 नूंह 69760
        16 पलवल 101652
        17 पंचकूला 37472
        18 पानीपत 109424
        19 रेवाड़ी 52685
        20 रोहतक 60254
        21 सिरसा 69397
        22 सोनीपत 118878
        23 यमुनानगर 77605

     

  • रक्तदान से दीप प्रज्ज्वलन तक, PM मोदी के जन्मदिन पर यूपी में चला बड़ा सेवा अभियान

    रक्तदान से दीप प्रज्ज्वलन तक, PM मोदी के जन्मदिन पर यूपी में चला बड़ा सेवा अभियान

    पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान

    आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के तहत 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्जवलित

    लखनऊ में 21.23 लाख, गोरखपुर में 14.21 लाख, आगरा में 13.32 लाख और झांसी में 11.21 लाख दीये जले

    सभी 75 जिलों में सेवा दिवस पर रक्तदान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान टूल किट और फल वितरण के कार्यक्रम

    प्रदेशभर में 73,959 मरीजों को वितरित किए गए फल, 12,271 लाभार्थियों को मिली टूल किट

    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एमएसएमई विभाग रहे विविध कार्यक्रमों के नोडल विभाग

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सेवा दिवस के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट और अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए।

    प्रदेशभर में आयोजित 354 रक्तदान शिविरों में कुल 8,323 लोगों ने रक्तदान किया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 12,271 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न जिलों के अस्पतालों में भर्ती 73,959 मरीजों को फल बांटे गए। कार्यक्रमों के संचालन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग नोडल विभाग रहे।

    75 जिलों में 5.90 करोड़ दीप प्रज्जवलित
    प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के तहत 5 करोड़ 90 लाख दीये जलाए गए। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। प्रमुख जिलों में बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। लखनऊ में 21,23,900, सीतापुर में 21,43,140, वाराणसी में 3,28,204, रामपुर में 10,94,354, मथुरा में 5,59,277, प्रयागराज में 6,75,916, बरेली में 7,69,770, झांसी में 11,21,410, गौतमबुद्ध नगर में 2,32,529, गोरखपुर में 14,21,112, कानपुर देहात में 11,28,038, अयोध्या में 8,95,630, अमेठी में 1,91,490, आगरा में 13,32,200 और आजमगढ़ में 15,70,120 दीये जलाए गए।

    अंबेडकरनगर में 61 लोगों ने रक्तदान किया
    अमरोहा में रक्तदान शिविर में 20 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। यहां विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को टूल किट वितरित किया गया। साथ ही 210 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह अमेठी में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 55 लाभार्थियों को टूल किट और 320 मरीजों को फल वितरित किए गए। अंबेडकरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 61 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    अयोध्या में 1853 मरीजों को फल वितरण
    अयोध्या में 2 रक्तदान शिविरों में 71 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,853 मरीजों को फल वितरित किए गए। अलीगढ़ में 12 रक्तदान शिविरों में 360 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 1,349 मरीजों को फल वितरित किए गए। ऐसे ही आगरा में 4 रक्तदान शिविरों में 84 लोगों ने रक्तदान किया। 15 लाभार्थियों को टूल किट और 3,198 मरीजों को फल वितरित किए गए। आजमगढ़ में 2 रक्तदान शिविरों में 225 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,516 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    उन्नाव में 400 लाभार्थियों को टूल किट
    इटावा में 3 रक्तदान शिविरों में 45 लोगों ने रक्तदान किया। 6 लाभार्थियों को टूल किट और 1,548 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 1 रक्तदान शिविर में 8 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,028 मरीजों को फल वितरित किए गए। एटा में 3 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,603 मरीजों को फल वितरित किए गए। औरैया में 1 रक्तदान शिविर में 6 लोगों ने रक्तदान किया। 25 लाभार्थियों को टूल किट और 317 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    कानपुर शहर में 2,286 मरीजों को फल वितरण
    कन्नौज में 2 रक्तदान शिविरों में 42 लोगों ने रक्तदान किया। 12 लाभार्थियों को टूल किट और 632 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर देहात में 1 रक्तदान शिविर में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 1,140 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह कानपुर शहर में 23 रक्तदान शिविरों में 452 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 2,286 मरीजों को फल वितरित किए गए। कासगंज में 1 रक्तदान शिविर में 12 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 120 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    गाजियाबाद में 1572 लोगों ने रक्त दान किया
    इसी क्रम में कुशीनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 73 लोगों ने रक्तदान किया। 75 लाभार्थियों को टूल किट और 482 मरीजों को फल वितरित किए गए। कौशांबी में 3 रक्तदान शिविरों में 102 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 628 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखीमपुर खीरी में 2 रक्तदान शिविरों में 67 लोगों ने रक्तदान किया। 105 लाभार्थियों को टूल किट और 1,455 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 39 रक्तदान शिविरों में 1,572 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 2,215 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    गोंडा में 2 हजार से ज्यादा मरीजों को फल वितरण
    गाजीपुर में 1 रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 450 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 3 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 2,163 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोरखपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,186 मरीजों को फल वितरित किए गए। गौतमबुद्ध नगर में 21 रक्तदान शिविरों में 246 लोगों ने रक्तदान किया। 340 लाभार्थियों को टूल किट और 1,560 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों का आयोजन
    चंदौली में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 405 मरीजों को फल वितरित किए गए। चित्रकूट में 1 रक्तदान शिविर में 11 लोगों ने रक्तदान किया। 128 लाभार्थियों को टूल किट और 400 मरीजों को फल वितरित किए गए। जालौन में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 40 लाभार्थियों को टूल किट और 1,060 मरीजों को फल वितरित किए गए। जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों में 299 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 1,450 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    देवरिया में भी रक्तदान शिविर का आयोजन
    झांसी में 2 रक्तदान शिविरों में 57 लोगों ने रक्तदान किया। 20 लाभार्थियों को टूल किट और 840 मरीजों को फल वितरित किए गए। देवरिया में 2 रक्तदान शिविरों में 192 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,172 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह पीलीभीत में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 21 लाभार्थियों को टूल किट और 1,392 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रतापगढ़ में 1 रक्तदान शिविर में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 795 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रयागराज में 3 रक्तदान शिविरों में 167 लोगों ने रक्तदान किया। 155 लाभार्थियों को टूल किट और 292 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    फर्रुखाबाद में 100 लाभार्थियों को टूल किट वितरित
    फतेहपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 799 मरीजों को फल वितरित किए गए। फर्रुखाबाद में 2 रक्तदान शिविरों में 13 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 128 मरीजों को फल वितरित किए गए। फिरोजाबाद में 7 रक्तदान शिविरों में 80 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 2,706 मरीजों को फल वितरित किए गए। बदायूं में 3 रक्तदान शिविरों में 88 लोगों ने रक्तदान किया। 165 लाभार्थियों को टूल किट और 250 मरीजों को फल वितरित किए गए। बरेली में 1 रक्तदान शिविर में 66 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,386 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    बस्ती में 200 लाभार्थियों को टूल किट
    बलरामपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 53 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 1,084 मरीजों को फल वितरित किए गए। बलिया में 1 रक्तदान शिविर में 26 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,080 मरीजों को फल वितरित किए गए। बस्ती में 3 रक्तदान शिविरों में 55 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 3,681 मरीजों को फल वितरित किए गए। बहराइच में 1 रक्तदान शिविर में 85 लोगों ने रक्तदान किया। 37 लाभार्थियों को टूल किट और 4,740 मरीजों को फल वितरित किए गए। बांदा में 3 रक्तदान शिविरों में 22 लोगों ने रक्तदान किया। 77 लाभार्थियों को टूल किट और 473 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    बिजनौर में 359 लोगों ने किया रक्तदान
    बागपत में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 358 लाभार्थियों को टूल किट और 102 मरीजों को फल वितरित किए गए। बाराबंकी में 2 रक्तदान शिविरों में 145 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 435 मरीजों को फल वितरित किए गए। बिजनौर में 12 रक्तदान शिविरों में 359 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 365 मरीजों को फल वितरित किए गए। बुलंदशहर में 8 रक्तदान शिविरों में 78 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 852 मरीजों को फल वितरित किए गए। भदोही में 7 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 543 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    मथुरा में 290 लोगों ने रक्तदान किया
    इसी तरह मऊ में 8 रक्तदान शिविरों में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 17 लाभार्थियों को टूल किट और 406 मरीजों को फल वितरित किए गए। मथुरा में 7 रक्तदान शिविरों में 290 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 278 मरीजों को फल वितरित किए गए। महराजगंज में 2 रक्तदान शिविरों में 68 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 350 मरीजों को फल वितरित किए गए। महोबा में 3 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 142 लाभार्थियों को टूल किट और 567 मरीजों को फल वितरित किए गए। मीरजापुर में 1 रक्तदान शिविर में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 52 लाभार्थियों को टूल किट और 3,273 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    मुरादाबाद में 1000 मरीजों को फल वितरित किए गए
    मुजफ्फरनगर में 11 रक्तदान शिविरों में 152 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 325 मरीजों को फल वितरित किए गए। मुरादाबाद में 3 रक्तदान शिविरों में 63 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,000 मरीजों को फल वितरित किए गए। मेरठ में 3 रक्तदान शिविरों में 251 लोगों ने रक्तदान किया। 575 लाभार्थियों को टूल किट और 251 मरीजों को फल वितरित किए गए। मैनपुरी में 2 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 550 लाभार्थियों को टूल किट और 554 मरीजों को फल वितरित किए गए। रामपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 24 लोगों ने रक्तदान किया। 35 लाभार्थियों को टूल किट और 248 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    वाराणसी में 510 लोगों ने किया रक्तदान
    रायबरेली में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 892 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखनऊ में 20 रक्तदान शिविरों में 263 लोगों ने रक्तदान किया। जबकि 507 मरीजों को फल वितरित किए गए। ललितपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 18 लोगों ने रक्तदान किया। 5 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। वाराणसी में 20 रक्तदान शिविरों में 510 लोगों ने रक्तदान किया। 542 मरीजों को फल वितरित किए गए। शामली में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 553 मरीजों को फल वितरित किए गए। शाहजहांपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 30 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    संतकबीरनगर में 725 लाभार्थियों को टूल किट
    श्रावस्ती में 2 रक्तदान शिविरों में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। संतकबीरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 86 मरीजों को फल वितरित किए गए। संभल में 5 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 1,003 मरीजों को फल वितरित किए गए। सहारनपुर में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 50 मरीजों को फल वितरित किए गए। सिद्धार्थनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 105 लोगों ने रक्तदान किया। 101 लाभार्थियों को टूल किट और 1,270 मरीजों को फल वितरित किए गए।

    हमीरपुर में 400 लाभार्थियों को टूल किट
    सीतापुर में 3 रक्तदान शिविरों में 138 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 831 मरीजों को फल वितरित किए गए। सुल्तानपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 91 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 2,593 मरीजों को फल वितरित किए गए। सोनभद्र में 4 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 115 लाभार्थियों को टूल किट और 1,263 मरीजों को फल वितरित किए गए। हमीरपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,390 मरीजों को फल वितरित किए गए। हरदोई में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 130 लाभार्थियों को टूल किट और 960 मरीजों को फल वितरित किए गए। हाथरस में 4 रक्तदान शिविरों में 64 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 201 मरीजों को फल वितरित किए गए। हापुड़ में 4 रक्तदान शिविरों में 31 लोगों ने रक्तदान किया। 110 लाभार्थियों को टूल किट और 247 मरीजों को फल वितरित किए गए।

  • किशाऊ योजना से शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी, तीन जिलों को मिलेगी बड़ी राहत

    किशाऊ योजना से शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी, तीन जिलों को मिलेगी बड़ी राहत

    झुंझुनूं
     शेखावाटी में पेयजल समस्या से स्थायी राहत मिलने की आस जगी है। पहले यमुना जल समझौता और अब किशाऊ योजना का एमओयू होने से सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिले के लोगों को राहत मिल सकेगी। दरअसल, पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव भाजपा सरकार की ओर से शेखावाटी पानी की समस्या को मुद्दा बनाया था।

    इस दौरान भाजपा सरकार ने यहां के लोगों को यमुना से जल लाने की गारंटी दी थी। इसके बाद सरकार की ओर से पहले चरण में यमुना जल के लिए समझौता किया। पिछले दिनों सरकार ने कार्यालय खोलते हुए डीपीआर बनाने का ऐलान किया।

    इसके बीच अब सरकार ने किशाऊ योजना के तहत एमओयू किया है। गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाल ही में नई दिल्ली में किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के लिए एमओयू हुआ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमालच प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    किशाऊ परियोजना कहां है?
    किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी टोंस नदी पर प्रस्तावित है। लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना 660 मेगावाट जल विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करेगी और इससे राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

    यह हुआ समझौता
    संशोधित व्यवस्था के तहत, हिमाचल प्रदेश को आवंटित जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बदले में, संबंधित राज्य हिमाचल प्रदेश से जुड़े बिजली घटक की लागत में योगदान देंगे। केंद्र सरकार जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत सहायता के रूप में प्रदान करेगी, जबकि भागीदार राज्य शेष 10 प्रतिशत का योगदान देंगे। परियोजना का संचालन किशाऊ कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से किया जाएगा और इसकी निगरानी ऊपरी यमुना बेसिन के लिए स्थापित ढांचे के तहत की जाएगी।

    ऐसे शेखावाटी में आएगा पानी
    इस परियोजना के तहत, किशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी को तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों का उपयोग करके हरियाणा की हांसी-बुटाना प्रणाली के माध्यम से चूरू तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। यह पानी सीकर, चूरू, झुंझुनू और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।

    यमुना जल का दो साल पहले हुआ समझौता
    सीकर, झुंझुनू व चूरू जिलों में यमुना का पानी लाने के लिए 17 फरवरी 2024 को राजस्थान, हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की उपस्थिति में समझौता हुआ था। समझौते के तहत प्रथम चरण में ताजेवाला हैड (हथिनीकुण्ड बैराज) से पेयजल के लिए जल को राजस्थान लाने के लिए प्रवाह प्रणाली की संयुक्त रूप से रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने पर सहमति बनी थी।

    यमुना जल परियोजनाः फैक्ट फाइल
        17 फरवरी, 2024 को हुआ था राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू
        हथिनी कुंड बैराज से चूरू के हासियावास तक 265 किलोमीटर तीन पैरेलल पाइप लाइन डलेगी।
        चूरू, सीकर, झुंझुनूं को 577 एमसीएम पानी मिलेगा
        ऊपरी यमुना बेसिन के रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ से इसी पाइपलाइन से आएगा पानी

    32 साल पहले हुआ था एमओयू
    राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं नई दिल्ली के बीच 12 मई, 1994 को हुए यमुना जल समझौते के तहत हथिनी कुंड से मानसून अवधि में 1,917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया था। कुल पानी का 40.6% हरियाणा, 35.1% यूपी, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश के बीच बंटवारा होना था। तीन दशक से लागू नहीं हो सका यह समझौता अब साकार होने की ओर बढ़ रहा है।

  • राजस्थान में अवैध शराब तस्करी पर कसेगा शिकंजा, 14 से 30 सितंबर तक विशेष अभियान

    राजस्थान में अवैध शराब तस्करी पर कसेगा शिकंजा, 14 से 30 सितंबर तक विशेष अभियान

    जयपुर
     आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार की अपेक्षा के अनुरूप राजस्व को प्राथमिकता रखते हुए राजस्व लक्ष्यों को पूर्ण किया जाना चाहिए। राजस्व लक्ष्य की पूर्ति के लिए गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य तय करते हुए दैनिक समीक्षा करेंगे तो वांछित लक्ष्य प्राप्त किए जा सकेंगे। आबकारी आयुक्त विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में राजस्व, विशेष निरोधात्मक अभियान, बकाया वसूली, जब्त वाहनों की नीलामी आदि के संबंध में विस्तृत समीक्षा कर निर्देश प्रदान किए।

    आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने वीसी में कहा कि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में कोताही होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी अतः सजग होकर राजस्व अर्जन के लक्ष्य पूर्ण करें। यदि गत वर्ष सितंबर माह की तुलना में राजस्व अर्जन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की कार्य योजना रखते हुए प्रयास करेंगे तो सफलता प्राप्त होगी। वीसी में जोन एवं जिलावार समीक्षा के तहत राजस्व अर्जन में पिछड़ रहे भरतपुर, कोटा, जयपुर को अपेक्षित प्रगति के निर्देश दिए। इसी क्रम में राजस्व अर्जन में पिछडे़ बारां, झालावाड़, बूंदी, कोटा, बीकानेर, पाली, जयपुर सिटी, श्रीगंगानगर को निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में 15 प्रतिशत से कम की राजस्व ग्रोथ स्वीकार्य नही है कार्ययोजना बनाकर समीक्षा कर अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

    वीसी में प्रदेश में 14 से 30 सितंबर तक जारी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण अभियोग दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया। आबकारी आयुक्त ने बीते अप्रेल में निरोधात्मक केम्पेन के अनुरूप आईएमएफएल एवं वाहनों की बड़ी जब्ती करते हुए ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुखबिर तंत्र की सहायता से राजमार्गों पर अवैध मदिरा की तस्करी, होटल्स, विला एवं संदेहास्पद क्षेत्रों में दबिश की कार्यवाही में वृद्धि करते हुए गंभीरता से कार्य करें। वीसी में जोन, जिला, सर्कल एवं थानावार निरोधात्मक कार्रवाई का विश्लेषण करते हुए अपेक्षित प्रगति से पिछडनें पर बूंदी, बारां, कोटा, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़, दौसा, अलवर के अधिकारियों को अभियान में सक्रियता से अपेक्षित प्रगति के निर्देष दिए। झुंझुंनू को निरोधात्मक अभियान के तहत जब्ती की प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशंसा करते हुए अन्य जिलों को अनुसरण के लिए कहा गया। निरोधात्मक अभियान के तहत संभाग स्तर पर कम से कम एक अवैध मदिरा के एक ट्रक पर कार्रवाई, महत्वपूर्ण अभियोग में एवं जब्ती में वृद्धि के लिए भी निर्देशित किया गया। सीमावर्ती जिलों में गश्ती दल के माध्यम से अवैध मदिरा की तस्करी पर प्रभावी रोक व धरपकड़ के लिए भी निर्देश दिए गए।

    वीसी में बकायादारों से वसूली के लिए संबंधित सम्पत्ति चिन्हीकरण व अटेच करते हुए नियमानुसार नीलामी व कुर्की के लिए निर्देशित किया गया। नीलामी के संबंध में यूआईटी एवं निकायों के समान आईटी सेक्शन को नीलामी का ऑनलाइन मॉड्यूल प्राप्त कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। जिलों में जब्त वाहनों की बड़ी संख्या के मद्देनजर जयपुर ग्रामीण व शहर, हनुमानगढ़, अलवर, बहरोड़, जोधपुर, जालौर, पाली, डूंगरपुर को शीघ्रता से नीलामी के लिए निर्देशित किया गया। समीक्षा वीसी में एएलएफ के प्रथम किश्त चालान को शीघ्र वेरिफाई करने के निर्देश भी दिए।

    वीसी में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।

  • देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव

    देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव

    एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान

    मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव

    देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव

    विगत वर्षों में ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम योगी को दी बधाई

    ईवी पॉलिसी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों, व्हीकल पॉल्यूशन पर हुई चर्चा, डस्ट पॉल्यूशन को लेकर बनी विस्तृत कार्ययोजना

    बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशिंग मैनेजमेंट रूल को लेकर की गई चर्चा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उत्तर प्रदेश के एनसीआर से जुड़े नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत आठ जिलों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की गई।

    बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वाहन प्रदूषण के तहत पुराने वाहनों, नई ईवी नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा में करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ओसीईएमएस (ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली) और एयर पॉल्यूशन डिवाइस लगाए जाने की जानकारी दी गई। शेष उद्योगों में भी इन्हें लागू करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में धूल प्रदूषण पर मैकेनाइज्ड और डीप क्लीनिंग की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ कंसल्टेशन कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी है। एनसीएपी के तहत देश के 130 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने प्रथम स्थान हासिल किया है। आगरा समेत प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।

    उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई है। अब राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है। एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने में जनता के सहयोग और मीडिया की जागरूकता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

    इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागीय उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।

  • ‘सारथी दीदी’ से महिलाओं को मिलेगी सुरक्षित यात्रा की सुविधा, ई-रिक्शा से कैब तक ड्राइविंग ट्रेनिंग

    ‘सारथी दीदी’ से महिलाओं को मिलेगी सुरक्षित यात्रा की सुविधा, ई-रिक्शा से कैब तक ड्राइविंग ट्रेनिंग

    महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाएंगी "सारथी दीदी", 24×7 मॉनिटरिंग करेगी योगी सरकार

    अब शहर से लेकर गांव तक चलेंगी कैब, प्रदेशभर में बड़ी सुविधा देने की तैयारी

    महिला ड्राइवरों को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

    महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में पहली बार शुरू होने जा रही अभिनव पहल 

    बदल रहा उत्तर प्रदेश : सफर को लेकर आपातकालीन सुरक्षा और कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

    पल पल की रहेगी अपडेट, पुलिस करेगी समन्वय, सुविधा के साथ बड़े पैमाने पर महिलाओं को मिलेगा रोजगार

    लखनऊ
     बहनों और बेटियों की यात्रा को ‘सारथी दीदी’ के जरिए अधिक सुरक्षित और सहज बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला यात्रियों के लिए महिला चालकों की विशेष सेवा के साथ यात्रा के दौरान सुरक्षा पर 24×7 निगरानी का तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसमें आपात स्थिति में एसओएस बटन के जरिये सहायता लेने की सुविधा होगी और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ तत्काल समन्वय किया जा सकेगा। यानी सफर केवल वाहन में बैठने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी यात्रा मजबूत सुरक्षा के साथ आगे बढ़ेगी। योगी सरकार इस सेवा को भारत टैक्सी मॉडल के माध्यम से शहरों से गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं के विस्तार की योजना है। 

    ‘सारथी दीदी’ का एक अहम पहलू महिला ड्राइवरों को परिवहन सेवा से जोड़ना है। इसके तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे एक ओर महिला यात्रियों को महिला चालक का विकल्प मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ड्राइविंग को महिलाओं के लिए रोजगार के नए क्षेत्र के रूप में विकसित करने का रास्ता भी खुलेगा।

    हर पल सुरक्षा की निगरानी

    महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन एसओएस बटन, 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम और पुलिस सहायता समन्वय को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा। यात्रा के दौरान किसी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर सहायता तंत्र सक्रिय करने का प्रावधान होगा। भारत टैक्सी के मौजूदा महिला-केंद्रित ‘सारथी दीदी’ योजना में एसओएस, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और 24×7 सहायता जैसी सुरक्षा सुविधाएं रहेंगी। इस व्यवस्था का सीधा लाभ उन परिवारों को विशेष रूप से होगा, जिनकी बेटियां पढ़ाई, नौकरी या अन्य काम से नियमित रूप से अकेले यात्रा करती हैं। महिला चालक का विकल्प मिलने और आपात स्थिति में सहायता तंत्र उपलब्ध होने से यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंता कम करने की दिशा में व्यवस्था तैयार की जा रही है।

    महिलाओं के लिए ड्राइविंग से रोजगार

    ‘सारथी दीदी’ को केवल महिला यात्रियों की सुविधा से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। इसका दूसरा पक्ष महिलाओं को चालक के रूप में तैयार करना है। ई-रिक्शा, टू-व्हीलर और कैब चलाने के प्रशिक्षण से महिलाओं को बड़े पैमाने पर परिवहन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। इस मॉडल में महिला केवल यात्री नहीं होगी, बल्कि सेवा देने वाली चालक भी बन सकेगी। यानी एक तरफ सुरक्षित यात्रा का विकल्प और दूसरी तरफ महिलाओं के लिए आय का अवसर, दोनों पहलू एक साथ जुड़ते हैं।

    सहकारी नेटवर्क के जरिए शहर से गांव तक पहुंचेगी कैब

    योगी सरकार भारत टैक्सी मॉडल को शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर बढ़ेगी। गांव से बाजार, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन या नजदीकी शहर तक आने-जाने के लिए डिजिटल माध्यम से वाहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में सहकारी नेटवर्क का इस्तेमाल होगा।

    पैक्स से मोबिलिटी तक सहकारिता का विस्तार

    प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पैक्स) का इस्तेमाल अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण ऋण और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में होता रहा है। इन्हें राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं से जोड़कर सहकारिता का यह नेटवर्क ग्रामीण मोबिलिटी और डिजिटल सेवाओं तक विस्तार पा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि गांव में मौजूद सहकारी ढांचा केवल कृषि जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय परिवहन और डिलीवरी जैसी सेवाओं के लिए भी आधार बनेगा।

    महिला सुरक्षा, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश

    ‘सारथी दीदी’ के जरिए महिला यात्री और महिला चालक, दोनों को केंद्र में रखा गया है। महिला यात्रियों के लिए महिला चालक की सुविधा, एसओएस और निगरानी तंत्र सुरक्षा को मजबूत करते हैं, जबकि प्रशिक्षण से महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार होगा। इस तरह प्रस्तावित मॉडल का दायरा केवल कैब सेवा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें महिला सुरक्षा, महिला रोजगार, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। शहरों से गांवों तक भारत टैक्सी मॉडल के विस्तार के साथ यह नेटवर्क शहर से लेकर ग्रामीण परिवहन तक के नए विकल्प के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है।

  • जमशेदपुर से नई वंदे भारत ट्रेनों का रास्ता साफ, टाटानगर में बनेगा हाईटेक मेंटेनेंस डिपो

    जमशेदपुर से नई वंदे भारत ट्रेनों का रास्ता साफ, टाटानगर में बनेगा हाईटेक मेंटेनेंस डिपो

     जमशेदपुर
    लौहनगरी के टाटानगर रेलवे स्टेशन को देश के प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।

    रेलवे बोर्ड ने टाटानगर में 383.78 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 'वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो' के निर्माण को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट निदेशक सुमित कुमार ने आधिकारिक मंजूरी पत्र सांसद को प्रेषित कर दिया गया है।

    संसद सत्र के दौरान चार बार की थी रेल मंत्री से मुलाकात
    टाटानगर में वंदे भारत कोच डिपो की स्थापना के लिए सांसद बिद्युत बरण महतो लंबे समय से प्रयासरत थे। हाल ही में संपन्न संसद सत्र के दौरान उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के निदेशकों और वरीय अधिकारियों से लगभग चार बार मुलाकात कर इस मेगा प्रोजेक्ट की स्वीकृति का पुरजोर आग्रह किया था।

    दक्षिण पूर्व रेलवे (चक्रधरपुर मंडल) द्वारा भेजे गए तकनीकी प्रस्ताव की समीक्षा के बाद बोर्ड ने परियोजना पर अंतिम मुहर लगा दी।

    लोको कॉलोनी में बनेगा अत्याधुनिक हाईटेक यार्ड स्वीकृत योजना के तहत टाटानगर के पुराने कोचिंग डिपो का विस्तार करते हुए लोको कॉलोनी क्षेत्र में नया मेंटेनेंस यार्ड तैयार किया जाएगा।

    यह डिपो सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत चेयरकार व स्लीपर ट्रेनों के तकनीकी परीक्षण, नियमित रखरखाव और त्वरित
    वॉशिंग के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा।

    वर्तमान में टाटानगर से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही है। आधुनिक मेंटेनेंस डिपो बनने से टाटानगर से नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए नई वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन की बाधा पूरी तरह दूर हो जाएगी

    चार नए प्लेटफॉर्म और रोजगार के नए अवसर
    सांसद महतो ने बताया कि डिपो के साथ-साथ उन्होंने टाटानगर स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए गति शक्ति योजना के तहत 482 करोड़ रुपये की लागत से चार अतिरिक्त रेलवे प्लेटफॉर्म और लूप लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है।

    योजना की स्वीकृति पर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम का आभार जताया है।

    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से चक्रधरपुर रेल मंडल में औद्योगिक व तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

  • दिवाली-छठ पर घर जाना होगा आसान, दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें

    दिवाली-छठ पर घर जाना होगा आसान, दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें

    लखनऊ
    दिवाली, छठ समेत अन्य त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने देश की राजधानी दिल्ली से बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान कर दिया है। नई दिल्ली से दरभंगा, आनंद विहार से जोगबनी (अररिया) के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इसके अलावा, नई दिल्ली से दानापुर (पटना) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के फेरे भी बढ़ा दिए गए हैं। साथ ही, आनंद विहार से भागलपुर के बीच भी रोजाना स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है।

    नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल नवंबर में रोजाना चलेगी
    जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली और दरभंगा के बीच 10 नवंबर से रोजाना फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस चलाने का फैसला लिया गया है। ट्रेन नंबर 04098/04097 पूरी तरह आरक्षित होगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से यह ट्रेन सुबह 9.30 बजे खुलेगी और गाजियाबाद, गोरखपुर, नरकटियागंज, मोतिहारी होते हुए मुजफ्फरपुर सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर पहुंचेगी। इसके बाद यहां से दरभंगा आएगी। वापसी में भी यही रूट रहेगा।
    आनंद विहार से जोगबनी के लिए स्पेशल ट्रेन

    दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से जोगबनी (अररिया) के बीच विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04008 आनंद विहार टर्मिनल से 10 अक्टूबर से 7 नवंबर तक हर शनिवार को खुलेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 04007 जोगबनी स्टेशन से 11 अक्टूबर से 8 नवंबर तक हर रविवार को चलेगी।

    नई दिल्ली-दानापुर स्पेशल के आठ फेरे बढ़ाए गए
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली स्टेशन से पटना के दानापुर स्टेशन के बीच चलने वाली सुपरफास्ट साप्ताहिक ट्रेन की अवधि का विस्तार कर दिया गया है। ट्रेन नंबर 04090 और 04089 नई दिल्ली और दानापुर के बीच 2 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच 8 ट्रिप करेगी। त्योहार पर पटना और आसपास के इलाकों में दिल्ली एनसीआर से आने वाले यात्रियों को इसकी सुविधा मिलेगी।

    आनंद विहार से भागलपुर स्पेशल ट्रेन 10 से रोजाना चलेगी
    दिल्ली के आनंद विहार से बिहार के भागलपुर से अगले महीने एक स्पेशल ट्रेन चलाएगी। इसकी शुरुआत 10 अक्टूबर से होगी और 26 नवंबर तक दोनों दिशाओं में 47-47 फेरे लगाएगी। इस ट्रेन का संचालन रोजाना किया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर से त्योहार पर पूर्वी बिहार आने वाले लोगों को इससे सुविधा होगी। आनंद विहार-भागलपुर स्पेशल ट्रेन (04062/04061) गया, किऊल और जमालपुर के रास्ते होकर चलाई जाएगी।

    नई दिल्ली-हावड़ा स्पेशल
    नई दिल्ली से हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच स्पेशल ट्रेन (04052/04051) 2 अक्टूबर से 29 नवंबर के बीच चलाई जाएगी। यह साप्ताहिक ट्रेन होगी। नई दिल्ली से हर शुक्रवार और हावड़ा से हर शनिवार को खुलेगी। दोनों तरफ से यह कुल 9 फेरे करेगी।