Category: राज्य

  • पंजाब में AAP की चुनावी तैयारियां तेज, मनीष सिसोदिया के प्लान से बूथ स्तर तक मजबूत होगा संगठन

    पंजाब में AAP की चुनावी तैयारियां तेज, मनीष सिसोदिया के प्लान से बूथ स्तर तक मजबूत होगा संगठन

    चंडीगढ़
     पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में किए गए कामों और योजनाओं को लेकर सीधे लोगों के बीच जाने की तैयारी में है।

    इसके तहत 20 सितंबर से प्रदेशभर में बड़े स्तर पर डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान में पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बड़े नेता भी घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे और मान सरकार के कामकाज की जानकारी देंगे।

    आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि पार्टी पंजाब के लोगों के बीच जाकर सरकार के कामों को रखेगी। उन्होंने दावा किया कि भगवंत मान सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में लोगों से किए गए वादों और गारंटियों को पूरा किया है।

    नशे के खिलाफ कई काम किए: सिसोदिया
    उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने मान सरकार पर भरोसा जताया है और सरकार के कामों से लोग खुश हैं। सिसोदिया ने कहा कि पंजाब की जवानी को बचाने के लिए सरकार ने नशे के खिलाफ कई स्तर पर काम किया है।

    उन्होंने दावा किया कि सरकार ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सिसोदिया ने पिछली सरकारों पर पंजाब में नशा फैलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि आप सरकार का फोकस युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पर है।

    शिक्षा को भी बनाया जाएगा मुद्दा
    उन्होंने कहा कि सरकार के कामों को लेकर केवल राजनीतिक मंचों पर चर्चा करने के बजाय अब पार्टी कार्यकर्ता सीधे लोगों के घरों तक पहुंचेंगे। इस दौरान नौजवानों, व्यापारियों, महिलाओं और अन्य वर्गों से बातचीत की जाएगी।

    पार्टी की ओर से दावा किया गया कि इन वर्गों में सरकार के कामकाज को लेकर संतुष्टि है। सिसोदिया ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों को भी अभियान का प्रमुख मुद्दा बताया।

    उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है। उनके अनुसार सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिलने से माता-पिता में भी संतुष्टि बढ़ी है।

    20 सितंबर से होगा अभियान शुरू
    20 सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान आप के लिए सरकार के कामों को बूथ और घर-घर स्तर तक पहुंचाने का माध्यम होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को इसमें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए मैदान में उतारा जाएगा।

    इसके जरिये पार्टी 2027 के चुनाव से पहले संगठन और सरकार के कामों को लेकर जनता के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कवायद करेगी।

  • एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाक मुकाबले पर विवाद, न्यूट्रल वेन्यू की मांग से बढ़ा सस्पेंस

    एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाक मुकाबले पर विवाद, न्यूट्रल वेन्यू की मांग से बढ़ा सस्पेंस

    चंडीगढ़
     पंजाब में होने वाली
    एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी को लेकर भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने सुरक्षा और दोनों देशों के बीच मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट को तटस्थ स्थान पर कराने की मांग की है।

    पाकिस्तान की ओर से एशियाई हॉकी महासंघ (एएचएफ) के समक्ष यह मांग रखी गई है कि या तो पूरा टूर्नामेंट भारत से बाहर कराया जाए अथवा पाकिस्तान के मुकाबले किसी न्यूट्रल वेन्यू पर करवाए जाएं। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अंतरिम अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने कहा है कि यह कदम खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा, सम्मान और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    हालांकि पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से हटने की बात नहीं कही है और भारत समेत अन्य टीमों के खिलाफ खेलने की प्रतिबद्धता जताई है।

    हॉकी इंडिया ने ठुकराई न्यूट्रल वेन्यू की मांग
    पाकिस्तान की मांग के बाद हॉकी इंडिया ने फिलहाल साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट के आयोजन स्थल में कोई बदलाव नहीं होगा। हॉकी इंडिया के महासचिव और एएचएफ के उपाध्यक्ष भोला नाथ सिंह ने कहा कि यदि पाकिस्तान को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में खेलना है तो उसे भारत आना होगा। जानकारी अनुसार पाकिस्तान के नहीं आने की स्थिति में ओमान या बांग्लादेश को विकल्प के तौर पर शामिल किया जा सकता है।

    1 नवंबर को होना है मुकाबला
    एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पंजाब में 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होना है। जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक उद्घाटन समारोह और लीग चरण के मुकाबले होंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में खेले जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना है।

    पंजाब में लंबे समय बाद भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबला देखने को लेकर हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह था। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से न्यूट्रल वेन्यू की मांग आने के बाद इस मुकाबले के आयोजन को लेकर स्थिति फिर असमंजस में पहुंच गई है।

    चार और देश भी उतरेंगे मैदान में
    टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान के अलावा चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की टीमें प्रस्तावित हैं। पाकिस्तान के नहीं खेलने की स्थिति में ओमान और बांग्लादेश को विकल्प के तौर पर रखा गया है।

    भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ समय से द्विपक्षीय खेल संबंधों को लेकर अलग स्थिति रही है, हालांकि दोनों देशों की टीमें बहुदेशीय प्रतियोगिताओं में आमने-सामने आती रही हैं। अब सबकी नजर एशियाई हॉकी महासंघ के अगले फैसले पर है कि पाकिस्तान की न्यूट्रल वेन्यू की मांग पर क्या निर्णय होता है और क्या 1 नवंबर को जालंधर में भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबला देखने को मिलेगा।

  • राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, 25 निकायों में BJP के प्रमुख निर्विरोध चुने गए

    राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, 25 निकायों में BJP के प्रमुख निर्विरोध चुने गए

    जयपुर
     राजस्थान के निकाय चुनाव में पार्षदों के नतीजे आने के बाद अब मेयर, सभापति और अध्यक्ष की कुर्सियों पर तस्वीर तेजी से साफ हो रही है. कई जगह बहुमत का गणित काम कर रहा है तो कई निकायों में निर्दलीय पार्षदों के रुख ने पूरा खेल बदल दिया है. इसी बीच बीजेपी ने 25 निकायों में अपने चेयरमैन, सभापति और अध्यक्ष निर्विरोध बनवाने में सफलता हासिल की है. इनमें भरतपुर और भीलवाड़ा के नगर निगम भी शामिल हैं। 

    इन दोनों जगहों का सियासी महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला है, जबकि भीलवाड़ा में बीजेपी ने निकाय चुनाव में साफ बहुमत हासिल किया था. भरतपुर में हालांकि कहानी थोड़ी अलग रही. यहां नगर निगम के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस से ज्यादा सीटें निर्दलीयों ने जीती थीं. इसके बावजूद मेयर चुनाव के लिए खड़ी निर्दलीय प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया और बीजेपी प्रत्याशी अनुराधा सिंह के लिए निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। 

    भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा, फिर भी बीजेपी का मेयर
    भरतपुर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं. हालिया निकाय चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा 36 वार्डों में जीत दर्ज की. बीजेपी के 20, कांग्रेस के 7, बीएसपी के एक और आरएलपी के एक पार्षद चुनाव जीते थे. यानी संख्या के हिसाब से निर्दलीय सबसे बड़ा समूह बनकर सामने आए थे। 

    शुरुआत में मेयर पद के लिए निर्दलीय पार्षदों की तरफ थी निगाहें
    मेयर पद के लिए शुरुआत में मुकाबला बनने की स्थिति थी. बीजेपी ने अनुराधा सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि वार्ड नंबर 17 से निर्दलीय पार्षद विचित्रा सिंह ने भी नामांकन दाखिल किया था. उस समय यह सवाल था कि सबसे ज्यादा निर्दलीय पार्षदों वाले भरतपुर में आखिर मेयर की कुर्सी किसके पास जाएगी. लेकिन 18 सितंबर को तस्वीर बदल गई. निर्दलीय विचित्रा सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद बीजेपी की अनुराधा सिंह के निर्विरोध महापौर चुने जाने का रास्ता साफ हो गया। 

    सीएम के गृह जिले में बीजेपी के लिए अहम तस्वीर
    भरतपुर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला माना जाता है. ऐसे में यहां नगर निगम की सत्ता का समीकरण बीजेपी के लिए खास महत्व रखता है. चुनाव परिणाम के बाद हालांकि यहां बीजेपी के सामने सीधा बहुमत नहीं था. निर्दलीयों की संख्या सबसे ज्यादा होने के कारण मेयर चुनाव में उनका समर्थन जरूरी हो गया था. अब निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने के बाद मुकाबला ही खत्म हो गया. बीजेपी प्रत्याशी अनुराधा सिंह का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। 

    भीलवाड़ा में भी बीजेपी की जसवंत कंवर निर्विरोध
    भीलवाड़ा में स्थिति भरतपुर से अलग थी. यहां बीजेपी के पास पहले से ही मजबूत संख्याबल था. 70 वार्ड वाले नगर निगम में बीजेपी ने 45 सीटें जीतीं और स्पष्ट बहुमत हासिल किया. कांग्रेस के खाते में 10 और निर्दलीयों के खाते में 15 सीटें गईं. बीजेपी ने वार्ड नंबर 9 से जीतीं जसवंत कंवर को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया. उन्होंने नामांकन दाखिल किया. शुरुआत में निर्दलीय संतोष कंवर भी मैदान में थीं, लेकिन उन्होंने 17 सितंबर को अपना नाम वापस ले लिया. कांग्रेस ने भी मेयर पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारा. इसके बाद जसवंत कंवर निर्विरोध महापौर चुन ली गईं। 

    25 निकायों में निर्विरोध अध्यक्ष बनाने का दावा
    बीजेपी की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक पार्टी ने राजस्थान के 25 निकायों में अपने चेयरमैन, सभापति और अध्यक्ष निर्विरोध बनवाने में सफलता हासिल की है. इसका मतलब यह है कि इन निकायों में मतदान से पहले ही अध्यक्ष पद की तस्वीर साफ हो गई. राजस्थान के 309 शहरी निकायों के चुनाव में बीजेपी 148 निकायों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी, जबकि कांग्रेस 104 निकायों में आगे रही थी। 

    भरतपुर में बहुमत का गणित नहीं, समर्थन का खेल चला
    भरतपुर का मामला इस पूरे चुनाव की अलग तस्वीर दिखाता है. यहां बीजेपी के पास 20 पार्षद थे, जबकि निर्दलीयों की संख्या 36 थी. कांग्रेस सिर्फ 7 सीटों पर थी. ऐसे में किसी एक पार्टी के पास अपने दम पर मेयर बनाने की स्थिति नहीं थी. लेकिन मेयर पद पर मुकाबला आखिर मतदान तक पहुंचा ही नहीं. निर्दलीय उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद बीजेपी उम्मीदवार के सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा. इस तरह यहां संख्या का खेल समर्थन के खेल में बदल गया। 

    21 सितंबर को बाकी निकायों की तस्वीर होगी साफ
    भरतपुर और भीलवाड़ा जैसे नगर निगमों में मतदान से पहले ही तस्वीर साफ होने से पार्टी को राहत मिली है. लेकिन राजस्थान के बाकी निकायों में कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. कहीं बहुमत है, कहीं बागी उम्मीदवार हैं और कहीं निर्दलीय पार्षद पूरे समीकरण की चाबी बने हुए हैं. ऐसे में 21 सितंबर का दिन कई नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के लिए सबसे अहम रहने वाला है। 

  • AAP की चुनावी तैयारी तेज, CM आज लुधियाना में जारी करेंगे पैंफलेट; कल से घर-घर दस्तक देगा संगठन

    AAP की चुनावी तैयारी तेज, CM आज लुधियाना में जारी करेंगे पैंफलेट; कल से घर-घर दस्तक देगा संगठन

    चंडीगढ़
    आम आदमी पार्टी पंजाब में 20 सितंबर से एक बड़ा डोर-टू-डोर अभियान शुरू करेगी। यह घोषणा मनीष सिसोदिया ने की है। इस अभियान में पार्टी के 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर भगवंत मान सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाएंगे।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं धुरी में इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। सिसोदिया ने बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की उपलब्धियों और जनहितैषी नीतियों से लोगों को अवगत कराना है। अभियान के दौरान आप का सदस्यता अभियान भी शुरू होगा। इससे पार्टी अपने जनाधार को और मजबूत करने का प्रयास करेगी।  

    सिसोदिया ने बताया कि अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान 19 सितंबर को लुधियाना में चुनावी अभियान का पैंफलेट जारी करेंगे। यह पैंफलेट अभियान की रूपरेखा और संदेशों को स्पष्ट करेगा। पार्टी का लक्ष्य हर घर तक पहुंचकर सरकार के सकारात्मक कार्यों को बताना है।

    इस मेगा कैंपेन के दौरान AAP के 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर मान सरकार के कामों और उपलब्धियों की जानकारी लोगों को देंगे। AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इसी दौरान पार्टी के मेंबरशिप अभियान की भी शुरूआत करेगी।

    AAP प्रभारी मनीष सिसोदिया की अहम बातें
        एक महीने तक चलेगा अभियान:
    मनीष सिसोदिया ने कहा- हमने पंजाब में इतने काम किए, जो 75 साल में नहीं हुए। इन्हीं कामों के आधार पर पार्टी चुनाव में उतरेगी। परसों से शुरू हो रहे डोर टू डोर कैंपेन के जरिए सरकार के कामकाज घर-घर पहुंचाएंगे। पंजाब में 25,332 बूथ हैं। करीब 2.68 लाख कार्यकर्ता और बूथ लीडर इस अभियान में शामिल होंगे। यह अभियान एक महीने तक चलेगा।

        हर परिवार को 1.82 लाख का फायदा हो रहा: सिसोदिया ने कहा कि AAP ने अपनी एक-एक गारंटी पूरी की है। इससे हर परिवार को सालाना करीब 1.82 लाख रुपए का फायदा हुआ है, जबकि हर महीने करीब 15 हजार रुपए का लाभ मिल रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता अब इन कामों और योजनाओं की जानकारी देने के लिए घर-घर जाएंगे।

        बीजेपी अकाली दल व कांग्रेस को घेरेंगे: सिसोदिया कहा कि कार्यकर्ता लोगों को यह भी याद दिलाएंगे कि 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के दौरान पंजाब किस तरह नशे की समस्या से जूझता रहा। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। सिसोदिया ने कहा कि सरकार बनने के बाद वह कई वादों से पीछे हट गए और नशा भी खत्म नहीं कर पाए।

        BJP ने चलाई नशे की सप्लाई चेन: सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ा गया। तस्करों के घर तोड़े गए, उन्हें जेल भेजा गया और सप्लाई चेन तोड़ी गई। इसके बावजूद पंजाब में नशा कहां से आ रहा, इसका जवाब ये है कि पंजाब में बिकने वाला 80 फीसदी नशा भाजपा शासित राज्यों से आ रहा है।

    अरोड़ा ने कहा- भाजपा अपने राज्यों में नशा खत्म करे AAP के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में पंजाब से नशा खत्म करना चाहती है तो पहले अपने-अपने राज्यों में नशे के कारोबार को खत्म करे। हरियाणा और गुजरात से नशा आ रहा है। अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब की लोकल सप्लाई चेन तोड़ी जा चुकी है, अब बाहर से नशा पंजाब में आ रहा है। यात्रा निकालने वाले पंजाब का अपमान कर रहे है। अरोड़ा ने पिछली अकाली दल+भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर पंजाब को कंगाली की ओर ले जाने का आरोप लगाया।

  • यूपी में दिव्यांगजनों को मिलेंगी सुविधाएं, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे विशेष कल्याण शिविर

    यूपी में दिव्यांगजनों को मिलेंगी सुविधाएं, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे विशेष कल्याण शिविर

    योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

    दिव्यांगजनों को घर के नजदीक मिलेंगी सुविधाएं, 10 अक्टूबर तक शिविर पूरा करने का लक्ष्य

    सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को मिलेंगे कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण

    एक ही स्थान पर पंजीकरण, पात्रता सत्यापन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी

    जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय के निर्देश

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांग कल्याण शिविर लगाए जाएंगे, जिन्हें 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक उनके निकटतम क्षेत्र में पहुंचाना है, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और लाभ उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी।

    एक ही स्थान पर मिलेंगी कई योजनाओं की सुविधाएं

    दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का चिन्हांकन और पंजीकरण किया जाएगा। सहायक उपकरणों के लिए आवेदन लेने के साथ आवश्यक अभिलेखों एवं पात्रता का सत्यापन भी होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाएगी।

    इसके अलावा विभिन्न विभागों की दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर दी जाएगी। जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ आवेदन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

    अधिकारियों को समन्वय के निर्देश

    शासनादेश के अनुसार शिविरों के प्रभावी आयोजन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक शिविरों की सूचना पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने में सहायक होगी। लाभार्थियों को उनके नजदीकी क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी। यह अभियान ‘सरकार की योजनाओं का लाभ लाभार्थी के द्वार तक’ पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों के सम्मानजनक और सुगम जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • राजस्थान में PM2.5 प्रदूषण पर लगेगी लगाम, PAVITRA प्लेटफॉर्म से प्रभावी उपायों का होगा आकलन

    राजस्थान में PM2.5 प्रदूषण पर लगेगी लगाम, PAVITRA प्लेटफॉर्म से प्रभावी उपायों का होगा आकलन

    जयपुर
     राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे की ओर से PAVITRA  भारत के लिए वायु प्रदूषण प्रबंधन एवं हस्तक्षेप उपकरण विषय पर शुक्रवार को कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वायु प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, उत्सर्जन का आकलन तथा प्रदूषण नियंत्रण के विभिन्न उपायों के संभावित प्रभावों का वैज्ञानिक एवं आंकड़ा आधारित विश्लेषण करने के संबंध में अधिकारियों को तकनीकी जानकारी दी गई।

    इस अवसर पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंडल द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के किए जा रहे विभिन्न उपायों की जानकारी दी। इस अवसर पर आरएसपीसीबी के।अधिकारियों ने कार्यशाला में PAVITRA की कार्यप्रणाली, आंकड़ा विश्लेषण एवं इसके व्यावहारिक उपयोग से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की

     PAVITRA एक निर्णय-सहायक मंच
    कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि PAVITRA एक निर्णय-सहायक मंच है, जिसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित नीतिगत एवं नियंत्रण उपायों के आधार पर उत्सर्जन में संभावित कमी तथा उसके परिणामस्वरूप वायु में सूक्ष्म कण पीएम-2.5 की सांद्रता में होने वाले बदलाव का आकलन किया जा सकता है। इससे वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े निर्णयों के लिए वैज्ञानिक आधार उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है।

    प्रस्तुति के दौरान विशेषीकृत बहु-प्रदूषक उत्सर्जन सूची—स्मॉग इंडिया— वायुमंडलीय परिवहन एवं रसायन विज्ञान आधारित मॉडल इनमैप-पवित्रा तथा आईएसआरएम-पवित्रा सहित PAVITRA के विभिन्न तकनीकी घटकों की जानकारी दी गई। बताया गया कि स्मॉग इंडिया के माध्यम से देशभर में विभिन्न प्रदूषकों के उत्सर्जन का विस्तृत आंकड़ा आधारित भौगोलिक विवरण उपलब्ध होता है, जिसे PAVITRA के माध्यम से वायुमंडलीय मॉडलिंग से जोड़कर विभिन्न हस्तक्षेपों के संभावित प्रभावों का आकलन किया जा सकता है।

    कार्यशाला में PAVITRA डैशबोर्ड का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया। इसके माध्यम से अधिकारियों को यह समझाया गया कि किसी क्षेत्र में परिवहन, उद्योग, कृषि अवशेष जलाने, ईंधन में बदलाव तथा अन्य स्रोतों से संबंधित नियंत्रण उपायों को लागू करने की स्थिति में उत्सर्जन और पीएम-2.5 के स्तर में संभावित परिवर्तन का किस प्रकार आकलन किया जा सकता है।

    विशेषज्ञों ने बताया कि PAVITRA का उपयोग आधारभूत आकलन, कार्ययोजना के लिए प्राथमिकता निर्धारण, विभिन्न संभावित परिस्थितियों के आधार पर योजना निर्माण तथा क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग के लिए किया जा सकता है। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों एवं प्रदूषण स्रोतों के प्रभाव का तुलनात्मक अध्ययन कर प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों की प्राथमिकता निर्धारित करने में सहायता मिल सकती है।

    कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों में उत्सर्जन में कमी लाने के संभावित उपायों पर भी चर्चा की गई। इनमें घरेलू क्षेत्र में एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना, घरों का विद्युतीकरण, कृषि अवशेष जलाने में कमी तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों में स्वच्छ ईंधन एवं तकनीक को अपनाना प्रमुख हैं। इन उपायों से संबंधित आंकड़ों के आधार पर उनके संभावित पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन किए जाने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

    कार्यशाला में यह भी रेखांकित किया गया कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक आंकड़ों और वायुमंडलीय मॉडलिंग का उपयोग कर वायु गुणवत्ता प्रबंधन योजनाओं को अधिक प्रभावी, लक्षित एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है। PAVITRA जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म् से नीति निर्माण एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी को व्यवहारिक निर्णयों से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

    गौरतलब है कि, कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों में वैज्ञानिक आंकड़ों, तकनीकी मॉडलिंग एवं आधुनिक निर्णय-सहायक प्रणालियों के उपयोग को बढ़ावा देना रहा।

    इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे की PAVITRA परियोजना टीम द्वारा प्रशिक्षण एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। ऑनसाइट प्रशिक्षण दल में PAVITRA परियोजना के प्रधान अन्वेषक प्रो. चंद्र वेंकटरामन, परियोजना प्रबंधक प्रिया अभिजीत चौधरी, शोध सहयोगी रुतुजा घाटे, शोध वैज्ञानिक डॉ. रोहित सिंह तथा शोध सहयोगी तेजस सरनाइक उपस्थित रहे। वहीं ऑनलाइन माध्यम से PAVITRA परियोजना की सह-प्रधान अन्वेषक प्रो. श्रीनिधि बालासुब्रमणियन एवं पीएचडी शोधार्थी गिरिवेंद्र प्रताप यादव ने प्रशिक्षण एवं तकनीकी सत्रों में सहभागिता की।

  • सेवा संकल्प अभियान में दिखेगा सांस्कृतिक रंग, काशी से वडनगर तक बीजेपी कार्यकर्ता करेंगे यात्रा

    सेवा संकल्प अभियान में दिखेगा सांस्कृतिक रंग, काशी से वडनगर तक बीजेपी कार्यकर्ता करेंगे यात्रा

    लखनऊ
     भाजपा अभियानों के रथ पर चुनावी रंगमहल सजा देती है। सेवा संंकल्प अभियान के हर कार्यक्रम पर राजनीतिक संदेशों के फूल खिले हैं। पार्टी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार देते हुए दस राज्यों के कार्यकर्ताओं को काशी से वडगनर भेजा है जो विभिन्न लोकसभा एवं विधान सभा क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियां बताते एवं अपनी संस्कृतियों को साझा करते हुए निकलेंगे।

    सिक्किम, तलिलनाडु, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से काशी आकर फिर गुजरात के लिए निकले कार्यकर्ताओं के जरिए पार्टी यह संदेश भी दे रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी हिस्सों तक विकास पहुंचा है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई शक्ति मिली है। उधर, यात्रा के बहाने मिशन-2027 और 2029 की भी जमीन बनाई जाएगी।

    नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन पर भाजपा ने वाराणसी से ढाई सौ बाइकर्स को गंगाजल के साथ वडनगर भेजा है। टीम के साथ एक-एक एंबुलेस, बस और एलइडी वाहन भी चल रहा है। यूपी की दस नदियों के जल से काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद उड़ीसा, बिहार, बंगाल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश समेत दस राज्यों के कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल हैं।

    क्षेत्रीय मुद्दों पर रहेगी नजर
    भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा को यात्रा की जिम्मेदारी दी गई है। दस मार्गों से निकले कार्यकर्ता यूपी में 88 जगहों पर रात्रि विश्राम एवं चौपाल करेंगे। यहां पर राजनीतिक परिचर्चा के बहाने कार्यकर्ता यह भी जानेंगे कि क्षेत्र में कौन से चुनावी मुद्दे आकार ले रहे हैं।

    वह अपने राज्य की भाषा, खाद्य पदार्थ, सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रतीक एवं संस्थानों की विरासत भी लेकर चल रहे हैं। पिछले चार वर्ष से प्रधानमंत्री तमिल-काशी संगमम कार्यक्रम करा रहे हैं, जहां संस्कृतियों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने का लक्ष्य है। उधर, वडनगर के लिए निकली टीम 197 जगहों पर जलपान एवं संक्षिप्त संबोधन और एलइडी प्रदर्शन के लिए रुकेगी।

    इस दौरान टीम 826 विकासखंडों एवं 762 नगर निकायों को कवर करेगी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र ने बताया कि काशी और गुजरात के बीच दोनों तरफ से आने-जाने वाले कार्यकर्ता समर्पण, निष्ठा, संस्कार एवं संकल्प से भरे हुए हैं। वह चौपालों में सरकारों की उपलब्धियां बताएंगे।

     

  • यूपी बीजेपी की सोशल मीडिया टीम में बड़ा बदलाव, सुभाष यदुवंश समेत 13 पदाधिकारियों की नियुक्ति

    यूपी बीजेपी की सोशल मीडिया टीम में बड़ा बदलाव, सुभाष यदुवंश समेत 13 पदाधिकारियों की नियुक्ति

    लखनऊ
    यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रदेश संगठन में प्रकोष्ठ, सोशल मीडिया से जुड़े पदों की घोषणा की है। आज जारी सूची में कुल 13 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। घोषणा के अनुसार ओम प्रकाश श्रीवास्तव को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक बनाया है। वहीं संतराम यादव, डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी को प्रकोष्ठ संकुल सह-संयोजक बनाया गया है। सुभाष यादुवंश को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गौरव वार्ष्णेय, विनीत मालवीय, अनुज चौधरी, मनोज मौर्य, निखिल सिन्हा और विवेक लवानिया को सोशल मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा जयंत शिवाच, वाईके शर्मा और अभिमन्यु सिंह को सोशल मीडिया सदस्य बनाया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के हस्ताक्षर से जारी पदाधिकारी घोषणा में सभी नियुक्तियों का उल्लेख किया गया है।

    प्रदेश संगठन की नई टीम घोषित हुई थी
    इससे पहले यूपी चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपनी प्रदेश संगठन की नई टीम घोषित की थी। जिसमें 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए थे। संगठन में बड़े चेहरों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह, विधायक पूजा पाल, सुरेश राणा को प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई। यूपी भाजपा की 64 सदस्यीय सूची में 52 नेताओं को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। नई टीम में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 19 प्रदेश मंत्री, 8 प्रदेश महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री और 3 अन्य पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।

    जातीय समीकरण भी साधे गए
    भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को मिलाकर अब 54 लोगों की टीम हो गई है। टीम में 13 महिलाएं हैं। ओबीसी की संख्या 16 से बढ़कर 25 हो गई है। सामान्य वर्ग के 21 चेहरों को प्रदेश टीम में जगह मिली। ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 7 हो गई है। इसके अलावा 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव को जगह मिली है। अनुसूचित जाति (SC) की बात करें तो 7 लोगों को जगह दी गई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) में सिर्फ इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को जगह दी गई है। और अब सोशल मीडिया और प्रकोष्ठ संकुल संयोजक और सह-संयोजक के पदों पर नई तैनाती हुई है।

  • हरियाणा में 5G और फाइबर नेटवर्क विस्तार तेज, दूरसंचार क्षेत्र के लिए ₹150 करोड़ का प्रोत्साहन

    हरियाणा में 5G और फाइबर नेटवर्क विस्तार तेज, दूरसंचार क्षेत्र के लिए ₹150 करोड़ का प्रोत्साहन

    चंडीगढ़
     हरियाणा ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और दूरसंचार ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रदेश की 6222 ग्राम पंचायतों में से 5154 यानी 82.84 प्रतिशत ग्राम पंचायतें भारतनेट के दायरे में आ चुकी हैं। कुल 45 हजार 130 फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्शन कार्यरत हैं।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को राज्य ब्राडबैंड समिति की बैठक में भारतनेट, राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम 2024, 5जी नेटवर्क के विस्तार तथा दूरसंचार परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलों की समीक्षा की।

    150 करोड़ रुपये का मिला प्रोत्साहन
    चालू वित्त वर्ष में पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (एसएएससीआइ) के तहत राज्य के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है। यह प्रोत्साहन दूरसंचार क्षेत्र में छह सुधार लक्ष्यों की प्राप्ति से जुड़ा है। 31 मार्च तक लंबित सभी आरओडब्ल्यू आवेदनों का निपटारा कर दिया गया है, जिससे अधिकतम 22.5 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रविधान है।

    150 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज में आरओडब्ल्यू नियमों के क्रियान्वयन संबंधी आदेशों के लिए 45 करोड़ रुपये, राज्य आरओडब्ल्यू पोर्टल के लिए 22.5 करोड़ रुपये, पुराने लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए अधिकतम 22.5 करोड़ रुपये, औसत निपटारा अवधि को 45 दिन या उससे कम करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये,

    भारतनेट अनुपालन के लिए 37.5 करोड़ रुपये तथा बिजली क्षेत्र से संबंधित आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। मुख्य सचिव ने आरओडब्ल्यू आवेदनों की औसत निपटारा अवधि 45 दिन या उससे कम करने के लिए आवश्यक कदम तेजी से उठाने के निर्देश दिए।

    आवेदनों और दूरसंचार ढांचे को मिलेगी गति
    इस दौरान उपायुक्तों की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय दूरसंचार समितियों को और अधिक सक्रिय बनाने पर भी चर्चा हुई। इन समितियों की नियमित त्रैमासिक बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि जिलों में आरओडब्ल्यू आवेदनों तथा दूरसंचार ढांचे से संबंधित मामलों का स्थानीय स्तर पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

    भूमिगत दूरसंचार एवं अन्य बुनियादी ढांचे को खुदाई के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ‘काल बिफोर यू डिग’ प्रणाली के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया। वर्तमान में हरियाणा के विभिन्न विभागों के 1204 उपयोगकर्ता इस प्रणाली पर पंजीकृत हैं।

    समिति ने सरकारी भवनों तथा अन्य उपयुक्त सरकारी संपत्तियों पर 5जी स्माल सेल, रूफटाप साइट, पोल और फाइबर नेटवर्क के विस्तार को सुविधाजनक बनाने के उपायों पर भी विचार किया।

    इसके अलावा दूरसंचार टावरों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति की समीक्षा की गई। स्मार्ट मीटर से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए हरित ऊर्जा की मुक्त पहुंच को सुगम बनाने के साथ-साथ संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में बिजली की खपत और बिलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी सहायता मिलेगी।

     

  • QS रैंकिंग 2027 में IIM रांची का जलवा, एशिया में Business Analytics की 16वीं रैंक

    QS रैंकिंग 2027 में IIM रांची का जलवा, एशिया में Business Analytics की 16वीं रैंक

    रांची
    भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची ने प्रतिष्ठित QS Business Master's Rankings 2027 में जगह बनाकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत की है. संस्थान को Masters in Management कैटेगरी में वैश्विक स्तर पर 201+ बैंड में रखा गया है, जबकि एशिया में 21वां स्थान मिला है. वहीं Masters in Business Analytics (MBA-BA) कैटेगरी में भी IIM रांची को 201+ ग्लोबल बैंड में स्थान मिला है और एशिया में 16वीं रैंक हासिल हुई है. यह उपलब्धि संस्थान की प्रबंधन शिक्षा, अकादमिक गुणवत्ता और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है.

    पांच प्रमुख मानकों पर होती है QS रैंकिंग
    QS Business Master's Rankings दुनिया भर के प्रबंधन संस्थानों का मूल्यांकन पांच प्रमुख मानकों के आधार पर करती है. इनमें Employability (35 प्रतिशत), Alumni Outcomes (15 प्रतिशत), Value for Money (20 प्रतिशत), Thought Leadership (20 प्रतिशत) और Diversity (10 प्रतिशत) शामिल हैं. खास बात यह है कि रैंकिंग में कुल 50 प्रतिशत महत्व रोजगार क्षमता और पूर्व छात्रों की पेशेवर सफलता को दिया जाता है. इससे यह स्पष्ट होता है कि संस्थान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के करियर परिणामों को भी प्राथमिकता देता है.

    रोजगार क्षमता और करियर पर विशेष फोकस
    QS की रैंकिंग में Employability सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है. इसके तहत यह देखा जाता है कि किसी संस्थान के छात्र नौकरी के लिए कितने तैयार हैं और नियोक्ता उन्हें किस नजर से देखते हैं. यह पैमाना उद्योग जगत में संस्थान की स्वीकार्यता को भी दर्शाता है. वहीं Alumni Outcomes के तहत पूर्व छात्रों की पेशेवर उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और करियर ग्रोथ का मूल्यांकन किया जाता है. यह इस बात का संकेत होता है कि संस्थान से पढ़कर निकले छात्र लंबे समय में कितनी सफलता हासिल कर रहे हैं.

    निवेश का बेहतर प्रतिफल भी बना मजबूत पक्ष
    रैंकिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Value for Money भी है. इसमें यह आंका जाता है कि छात्र जिस फीस का भुगतान करते हैं, उसके मुकाबले उन्हें करियर और आय के रूप में कितना लाभ मिलता है. इसके अलावा Thought Leadership के तहत संस्थान के शोध, अकादमिक योगदान और प्रबंधन शिक्षा में उसके बौद्धिक प्रभाव का आकलन किया जाता है. वहीं Diversity में कक्षा और फैकल्टी में विविधता, समावेशिता और संतुलित प्रतिनिधित्व को महत्व दिया जाता है.

    दोनों श्रेणियों में मिले उल्लेखनीय अंक
    Masters in Management श्रेणी में IIM रांची ने Employability में 37.2, Alumni Outcomes में 20, Value for Money में 32.7, Thought Leadership में 32.5 और Diversity में 21.8 अंक प्राप्त किए. दूसरी ओर MBA-Business Analytics श्रेणी में संस्थान को Employability में 27.8, Alumni Outcomes में 20, Value for Money में 27.3, Thought Leadership में 31.1 और Diversity में 25 अंक मिले. ये स्कोर बताते हैं कि संस्थान पारंपरिक प्रबंधन शिक्षा के साथ-साथ डेटा आधारित आधुनिक प्रबंधन कार्यक्रमों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है.

    AMBA मान्यता से और मजबूत हुई वैश्विक पहचान
    IIM रांची की हालिया उपलब्धियों में Association of MBAs (AMBA) की प्रतिष्ठित मान्यता भी शामिल है. AMBA दुनिया की सबसे सम्मानित बिजनेस स्कूल मान्यताओं में से एक मानी जाती है और इसे प्रबंधन संस्थानों के लिए मिलने वाले प्रतिष्ठित "ट्रिपल क्राउन" मानकों में शामिल किया जाता है. इसके अलावा, QS World University Rankings की Executive MBA श्रेणी में भी IIM रांची पहले ही 201+ ग्लोबल बैंड में जगह बना चुका है. इस श्रेणी में संस्थान को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 33वां स्थान मिला था.

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही संस्थान की साख
    लगातार मिल रही वैश्विक रैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय मान्यताएं यह संकेत देती हैं कि IIM रांची तेजी से अपनी वैश्विक पहचान मजबूत कर रहा है. संस्थान उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम, शोध और कौशल विकास पर जोर दे रहा है, जिससे छात्रों को बेहतर करियर अवसर मिल रहे हैं. QS Business Master's Rankings 2027 में मिली यह सफलता IIM रांची के लिए केवल एक रैंकिंग उपलब्धि नहीं है, बल्कि वैश्विक प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में उसकी बढ़ती विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धी क्षमता का भी प्रमाण है.