Category: राज्य

  • पशुधन बीमा योजना से किसानों को सहारा, हरियाणा में 19.19 लाख पशु बीमित

    पशुधन बीमा योजना से किसानों को सहारा, हरियाणा में 19.19 लाख पशु बीमित

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार अब पशुपालन को केवल ग्रामीण परिवारों की पारंपरिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि नियमित और लाभकारी स्वरोजगार के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। सरकार का जोर पशुधन की उत्पादकता, स्वास्थ्य और नस्ल सुधार के साथ पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने पर है।

    इसी कड़ी में पशुधन बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर नस्ल के लिए तकनीक का विस्तार किया जा रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना के तहत 31 अगस्त 2026 तक 19.91 लाख पशुओं का बीमा किया गया है। वर्ष 2018-19 से 31 अगस्त 2026 तक 32,679 बीमा दावों का निपटारा कर पशुपालकों को 123.68 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सामान्य श्रेणी के पशुपालकों को प्रीमियम में 85 प्रतिशत और अनुसूचित जाति परिवारों को 100 प्रतिशत सहायता देने का प्रविधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, हरियाणा सरकार ने पशुपालन को कारोबार के रूप में बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ाया है। मई 2026 तक 2.31 लाख पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए और 3,478 करोड़ रुपये वितरित किए गए। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत भेड़, बकरी, सूकर पालन और चारा इकाइयों के लिए 10 से 50 लाख रुपये तक सब्सिडी का प्रविधान है। अब तक 10 लाभार्थियों को 2.62 करोड़ रुपये की सहायता मिली है।

  • सेक्टर-17 में पार्किंग होगी सस्ती या महंगी? टू-व्हीलर ₹10, कार के ₹20 प्रस्तावित

    सेक्टर-17 में पार्किंग होगी सस्ती या महंगी? टू-व्हीलर ₹10, कार के ₹20 प्रस्तावित

    चंडीगढ़.

    सेक्टर-17 की पार्किंग व्यवस्था अब निजी हाथों में जाने की तैयारी है। नगर निगम ने सेक्टर-17 की सभी 20 पेड पार्किंग को एक साथ निजी एजेंसी को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल है।

    प्रस्ताव को मंजूरी के लिए 22 सितंबर को नगर निगम हाउस की बैठक में रखा जाएगा। ठेकेदार को पार्किंग के संचालन के साथ कर्मचारियों की तैनाती, रखरखाव और निर्धारित शुल्क की वसूली की जिम्मेदारी संभालनी होगी। निगम का मानना है कि एक एजेंसी के माध्यम से सभी पार्किंग संचालित होने से व्यवस्था की निगरानी आसान होगी और राजस्व में भी सुधार हो सकता है। ठेका मिलने के बाद 50 से अधिक चारपहिया वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग में 30 दिन के भीतर स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था शुरू करनी होगी। इसके तहत बूम बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, पीओएस मशीन, डिजिटल भुगतान, ई-टिकट और वेब आधारित डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। निगम अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही संशोधित पार्किंग शुल्क लागू किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में टू व्हीलर के लिए आठ घंटे तक 10 रुपये और उसके बाद 15 रुपये, जबकि चारपहिया वाहन के लिए आठ घंटे तक 20 रुपये और उसके बाद 30 रुपये शुल्क रखा गया है। मिनी बस और टैक्सी के लिए 40 रुपये तथा टूरिस्ट बस के लिए 75 रुपये तक शुल्क प्रस्तावित है।

    ई-वाहनों को मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग
    इलेक्ट्रिक वाहनों को 31 मार्च 2027 तक मुफ्त पार्किंग देने का प्रावधान प्रस्ताव में रखा गया है। टैक्सी, कैब और आटो समेत वैध पीली नंबर प्लेट वाले वाहनों को यात्रियों को उतारने या बैठाने के लिए 10 मिनट तक शुल्क नहीं देना होगा। दोपहिया डिलीवरी वाहनों को भी 10 मिनट तक शुल्क से राहत मिलेगी। पार्किंग का संचालन सुबह आठ से रात दस बजे तक प्रस्तावित है।

    पुराने विवादों के बीच निगम की नई कवायद
    शहर में पहले पार्किंग ठेकों को लेकर निगम और ठेकेदारों के बीच विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में 20 पार्किंग को एक एजेंसी को देने के प्रस्ताव पर निगम हाउस में राजस्व, ठेकेदार की जवाबदेही, शुल्क वसूली और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा होने की संभावना है। निगम यदि सेक्टर-17 में इस मॉडल को लागू करता है तो भविष्य में अन्य सेक्टरों की पेड पार्किंग को भी इसी तर्ज पर निजी एजेंसी को देने का रास्ता खुल सकता है।

  • अखिलेश यादव की राजनीति पर राजभर की टिप्पणी, 20 करोड़ की गाड़ी को लेकर कही ये बात

    अखिलेश यादव की राजनीति पर राजभर की टिप्पणी, 20 करोड़ की गाड़ी को लेकर कही ये बात

    ‘वर्क फ्रॉम होम’ वाले अखिलेश अब 20 करोड़ की गाड़ी से करेंगे राजनीति: राजभर
     
    ‘वर्क फ्रॉम होम’ की राजनीति पर कसा तंज, कहा- एसी में बैठकर पीसी करने के बाद अब गाड़ी में भी चाहिए घर वाली फीलिंग
     
    दलित-अति पिछड़ों से दूरी का लगाया आरोप, बोले- जनता सब देख रही है, जवाब भी वही देगी

     

    लखनऊ
     सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा सियासी हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव की कथित 20 करोड़ रुपये की लग्जरी गाड़ी को लेकर तंज कसते हुए इसे उनकी ‘वर्क फ्रॉम होम’ राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश गरीब, दलित और अति पिछड़े लोगों के बीच जाने से बचते हैं और इसी कारण ऐसी गाड़ी का सहारा लिया जा रहा है।
     
    सोशल मीडिया पर राजभर ने लिखा, “अखिलेश जी, ‘वर्क फ्रॉम होम’ कैसा चल रहा है? एसी में बैठकर पीसी वाला वर्क फ्रॉम होम।” इसके बाद उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने 20 करोड़ रुपये की “हॉलीवुड टाइप” भगवा रंग की गाड़ी मंगाई है। राजभर ने कटाक्ष किया कि चुनाव में घर से बाहर निकलना पड़े तो भी अखिलेश को गाड़ी के भीतर घर जैसा एहसास मिलता रहे।
     
    राजभर ने कहा कि अखिलेश को गरीबों के बीच जाने में डर लगता है कि कहीं जनता उनकी “पोल” न खोल दे। दलित और अति पिछड़ों को लेकर भी उन्होंने अखिलेश पर सीधा हमला किया। राजभर ने तंज किया कि शायद डर है कि कोई दलित या अति पिछड़ा हाथ मिला ले तो सैनिटाइजर इस्तेमाल करना पड़े, इसलिए बख्तरबंद गाड़ी, लिफ्ट और रूफटॉप का इंतजाम किया गया है।
     
    राजभर ने कहा कि जनता अखिलेश यादव को भी देख रही है, उनकी राजनीति और कार्यकर्ताओं को भी। उनका ‘वर्क फ्रॉम होम’ और जनता के बीच जाने का डर भी लोगों की नजर में है। इसका जवाब समय आने पर जनता ही देगी।

  • पंजाब में मानसून विदाई की ओर, आज कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान

    पंजाब में मानसून विदाई की ओर, आज कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान

    अमृतसर.

    पंजाब में मानसून का सफर अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 15 सितंबर के बाद से राज्य में मानसून की विदाई प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। मालवा क्षेत्र के फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों से मानसून के बादल पीछे हट चुके हैं।

    मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार 25 सितंबर या उससे पहले मानसून पूरे प्रदेश से पूरी तरह से विदा हो जाएगा। दो दिन बारिश के दौर के बाद अब तापमान में हल्की बढ़ौतरी देखने को मिली। हालांकि, तापमान अभी भी सामान्य के करीब बना हुआ है। आज मौसम विभाग ने कोई अलर्ट तो जारी नहीं किया, लेकिन छुटपुट बारिश के आसार बन रहे हैं। वहीं, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 
    मौसम केंद्र की चेतावनी व पूर्वानुमान मानचित्र के अनुसार 19 सितंबर को राज्य के कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की या छिटपुट (25 प्रतिशत तक क्षेत्र में) बारिश होने की संभावना है।

    19 सितंबर: आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर और रूपनगर हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और मोहाली समेत राज्य के मध्य व दक्षिणी इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

    20-21 सितंबर: राज्य के सभी जिलों में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

    तापमान में 0.3 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी
    शुक्रवार (18 सितंबर) को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में बीते दिन के मुकाबले 0.3 डिग्री सेल्सियस की हल्की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह सामान्य तापमान के आसपास ही बना रहा। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फरीदकोट में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो अमृतसर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री, लुधियाना में 33.0 डिग्री, पटियाला में 34.4 डिग्री, बठिंडा में 34.0 डिग्री, फिरोजपुर में 33.4 डिग्री, जालंधर में 31.3 डिग्री, होशियारपुर में 31.6 डिग्री और संगरूर में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

  • ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से पहले सियासी घमासान, फतेहगढ़ साहिब में BJP पोस्टर फाड़े गए

    ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से पहले सियासी घमासान, फतेहगढ़ साहिब में BJP पोस्टर फाड़े गए

    फतेहगढ़ साहिब.

    भाजपा कि पंजाब मुक्त नशा यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कुछ ही समय में फतेहगढ़ साहिब पहुंचने वाली है। उनके आगमन से पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों यहां पहुंच चुके हैं।

    दूसरे चरण की इस यात्रा की शुरुआत से पहले गुरुद्वारा ज्योति स्वरूप साहिब मार्ग पर भाजपा के विरोध में पोस्टर्स लगा दिए गए हैं। ये पोस्टर किसने लगाए। इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं भाजपा की नशा मुक्त पंजाबी यात्रा के पोस्टर्स को जगह-जगह फाड़ा गया है। केवल सिंह ढिल्लों ने यहां बातचीत के दौरान कहा कि पंजाब में नशा होम डिलीवरी के जरिए भी लोगों पहुंच रहा है, जो एक चिंताजनक स्थिति है। जिस पर काबू पाने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

    उन्होंने कहा कि पांच संकल्पों के साथ शुरू हुई इस यात्रा को एक जन आंदोलन में तब्दील किया जाएगा और नशे से पीड़ित परिवारों के दर्द को समझ कर नशा उन्मूलन के लिए सुदृढ़ रोड मैप तैयार किया जा रहा है। वहीं, भाजपा के विरोध में लगे पोस्टर्स जिन में पंजाब का पानी हरियाणा और राजस्थान को दिए जाने वह किसान आंदोलन के दौरान रद्द हुए कृषि कानून की बहाली के आरोपी को उठाया गया है उन पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी की सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है।

  • UP PCS 2026: 500 पदों पर भर्ती के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी तैयार, जानें पूरी जानकारी

    UP PCS 2026: 500 पदों पर भर्ती के लिए रिकॉर्ड अभ्यर्थी तैयार, जानें पूरी जानकारी

    प्रयागराज

    उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस) परीक्षा 2026 के लिए रिकॉर्ड 8.90 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। वर्तमान में विज्ञापित 500 पद से तुलना करें तो एक पद के लिए औसतन 1,780 अभ्यर्थी मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2026 के 500 पदों के लिए 25 जून से 27 जुलाई तक आवेदन मांगे थे। वैसे तो आयोग ने अभी पीसीएस में 500 पदों की सूचना दी है हालांकि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने से पहले रिक्तियों की संख्या बढ़ना तय है। खास बात यह है कि पिछले एक दशक में इस बार सर्वाधिक तकरीबन नौ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

    इससे पहले 2021 में 691173 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 2018 में 635844 जबकि 2025 में 626387 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। इसकी प्रारंभिक परीक्षा छह दिसंबर को प्रस्तावित है। पीसीएस 2026 में पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदों के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली 2026 के अनुसार मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति कार्यक्रम के अनुसंधानविद् को आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट और मुख्य परीक्षा में 7.5 अंक तक का अधिमान दिया जाएगा।

    – एक दशक में सर्वाधिक अभ्यर्थी पीसीएस बनने को मैदान में

    – इससे पहले वर्ष 2021 में 691173, 2018 में थे 635844 आवेदन

    – पहली बार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से जुड़े युवाओं को आयु में छूट और भारांक मिलेगा

    वर्षवार आवेदकों की संख्या

    2025 6,26,387

    2024 5,76,154

    2023 5,65,459

    2022 6,02,974

    2021 6,91,173

    2020 595696

    2019 544664

    2018 635844

  • पंजाब में कर्मचारियों को बड़ी सौगात, DA में 8% इजाफा; महिला कर्मचारियों के लिए भी फैस

    पंजाब में कर्मचारियों को बड़ी सौगात, DA में 8% इजाफा; महिला कर्मचारियों के लिए भी फैस

    चंडीगढ़

    त्योहारों से पहले सरकारी कर्मचारियों की नजरें केंद्र और अपने-अपने राज्य की सरकारों पर टिकी होती हैं। महंगाई भत्ता का इंतजार कर रहे पंजाब के ऐसे आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी आई है। पंजाब सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 8% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके साथ ही पंजाब में DA की दर अब 50% हो जाएगी। सरकार का कहना है कि इसे 4-4% की दो किस्तों में जारी किया जाएगा। बढ़ी हुई राशि सितंबर की सैलरी में दिखेगी। इसका भुगतान एक अक्टूबर को किया जाना है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद इसकी घोषणा की है। मान ने कहा कि सरकार हर महीने कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ अनिवार्य बैठकें करेगी ताकि नियमित बातचीत के जरिए उनकी जायज शिकायतों का समाधान किया जा सके। इस बौठक के दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, प्रोबेशन पीरियड के दौरान सैलरी से जुड़े मुद्दे, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP), कुछ पुराने भत्तों की बहाली और आशा (ASHA) के साथ-साथ मिड-डे मील कर्मियों से जुड़ी मांगों पर भी चर्चा हुई।

    महिला कर्मचारियों को 40 किमी के दायरे में पोस्टिंग
    मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि महिला सरकारी कर्मचारियों को उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में पोस्टिंग देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। भगवंत मान ने कहा कि इसका मकसद महिला कर्मचारियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाने में मदद करना है।

    70,000 सरकारी नौकरियों का दावा
    कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने अब तक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया के जरिए लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा मेरिट और कड़ी मेहनत के आधार पर नौकरी पाएं न कि सिफारिश, प्रभाव या पैसे के आधार पर।

  • योगी सरकार ने तेज की चकबंदी प्रक्रिया, 13 गांवों को नियमों के तहत बाहर किया; मुजफ्फरनगर में 16 साल बाद काम पूरा

    योगी सरकार ने तेज की चकबंदी प्रक्रिया, 13 गांवों को नियमों के तहत बाहर किया; मुजफ्फरनगर में 16 साल बाद काम पूरा

    चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग 

    जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से किसानों को मिली बड़ी राहत

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।

    चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इनमें मैनपुरी का भांती गांव 35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। बदायूं का सिरतौल गांव 14 वर्ष, उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर व लखनऊ के शिवपुरी गांव 12 वर्ष से प्रक्रिया में थे। बरेली का कादरगंज 10 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित था। इसके अलावा बिजनौर के हसनअलीपुर व बैबलवाला और बदायूं के बक्सेना व इमलिया गांवों को भी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने में विभिन्न कारणों से दिक्कत आ रही थी। इनमें गांवों का विकास योजना में आना, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना जैसे अन्य कारण शामिल हैं।

    वहीं, मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव में 16 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को काफी प्रयासों के बाद जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

  • जींद-सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन का बदलेगा रूट? कम यात्री मिलने पर आजादपुर तक विस्तार की तैयारी

    जींद-सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन का बदलेगा रूट? कम यात्री मिलने पर आजादपुर तक विस्तार की तैयारी

    जींद/सोनीपत
    जिस ट्रेन में एक साथ 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं, उसमें पूरे रास्ते कभी 40 तो कभी 60 यात्री ही बैठे हों. देश की इकलौती हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन फिलहाल कुछ ऐसी ही तस्वीर दिखा रही है. हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चल रही इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या इतनी कम रह रही है कि रेलवे को इसके रूट को एक्सटेंड करना पड़ रहा है. अब भारतीय रेल हाइड्रोजन ट्रेन में यात्री की संख्या बढ़ाने के लिए इसे दिल्ली तक ले आने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, इसके रास्ते में कुछ तकनीकी और संचालन से जुड़ी चुनौतियां भी हैं। 

    यह हाइड्रोजन ट्रेन फिलहाल 89 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत सेक्शन पर चल रही है. अधिकारियों के मुताबिक, 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली इस ट्रेन में जींद से सोनीपत तक के पूरे सफर में आमतौर पर सिर्फ 40 से 60 यात्री ही मिलते हैं. कम यात्रियों की वजह से ट्रेन रोज सिर्फ एक आने-जाने का फेरा लगा रही है. शुरुआती योजना के मुताबिक इसे जींद और सोनीपत के बीच रोज दो फेरे लगाने थे. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नॉर्दर्न रेलवे पिछले करीब दो महीनों से इस ट्रेन का संचालन कर रहा है. ट्रेन के संचालन और नई तकनीक पर नजर रखने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी लगातार काम कर रही है। 

    दिल्ली तक क्यों बढ़ाना चाहता है रेलवे?

    कम फुटफॉल को देखते हुए रेलवे अब इस ट्रेन को दिल्ली के आजादपुर स्टेशन तक ले जाने के विकल्प पर काम कर रहा है. आजादपुर दिल्ली का प्रमुख थोक फल और सब्जी बाजार है. रेलवे का मानना है कि अगर ट्रेन दिल्ली तक पहुंचती है तो यात्रियों के लिए इसका इस्तेमाल ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है. स्थानीय लोग भी लंबे समय से ट्रेन को दिल्ली तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल रेलवे इस विस्तार से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रहा है. अंतिम फैसला सुरक्षा, तकनीकी जरूरतों और संचालन की व्यवहारिकता को देखने के बाद लिया जाएगा। 

    17 जुलाई को शुरू हुई थी हाइड्रोजन ट्रेन
    भारत की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी. यह ट्रेन पूरी तरह स्वदेशी है. इसे रेलवे की क्लीन और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी की दिशा में एक अहम कदम बताया गया था. हाइड्रोजन ट्रेन में डीजल इंजन की तरह सीधे डीजल का इस्तेमाल नहीं होता. इसमें हाइड्रोजन से बिजली बनाई जाती है, जो ट्रेन को चलाने के लिए इस्तेमाल होती है. इसी वजह से इसे कम प्रदूषण वाली रेल तकनीक के तौर पर देखा जाता है. रेलवे के मुताबिक, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो हाइड्रोजन बेस्ड रेल ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। 

    इस रूट पर कम यात्रियों की समस्या नई नहीं है. रेलवे कर्मचारियों के मुताबिक, हाइड्रोजन ट्रेन से पहले इसी रूट पर चलने वाली डेमू ट्रेन में भी यात्रियों की संख्या काफी कम रहती थी. फिलहाल हाइड्रोजन ट्रेन के अलावा इस रूट पर 3 दूसरी डेमू ट्रेनें भी चल रही हैं. लेकिन इनमें भी बहुत ज्यादा भीड़ नहीं होती. रेलवे से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि जींद और सोनीपत के बीच रोजाना दफ्तर जाने वाले यात्रियों और विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या कम है. यही वजह है कि ट्रेनों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। 

    ट्रेन को दिल्ली तक ले जाने में क्या है परेशानी
    हाइड्रोजन ट्रेन का रूट दिल्ली तक बढ़ाने का विचार आसान जरूर लगता है, लेकिन रेलवे के सामने कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी हैं. यह हाइड्रोजन ट्रेन 10 कोच की है और इसमें करीब 2,600 यात्रियों के बैठने की क्षमता है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली से चलने वाली ट्रेनों में ज्यादा यात्रियों को ले जाने के लिए आमतौर पर 18-20 या उससे ज्यादा कोच की जरूरत पड़ सकती है. इसके अलावा दिल्ली के व्यस्त रेल नेटवर्क में पहले से ही ट्रेनों की आवाजाही काफी ज्यादा है. ऐसे में नई ट्रेन के लिए ट्रैक की उपलब्धता और समय तय करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। 

    एक टैंक में 250-300 किमी तक चलती है ट्रेन
    ईंधन के मामले में फिलहाल बड़ी समस्या नहीं बताई
    जा रही है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हाइड्रोजन ट्रेन एक बार टैंक पूरी तरह भरने के बाद करीब 250 से 300 किलोमीटर तक चल सकती है. दिल्ली और जींद के बीच दूरी करीब 130 किलोमीटर है. यानी दूरी के हिसाब से ट्रेन एक टैंक में यह सफर कर सकती है. हालांकि, अभी ट्रेन में हाइड्रोजन भरने की सुविधा सिर्फ जींद में है. ऐसे में दिल्ली तक सेवा बढ़ाने पर ईंधन भरने की व्यवस्था और ट्रेन के संचालन की योजना को भी ध्यान में रखना होगा। 

    पानीपत-सफीदों रूट का विकल्प भी सुझाया
    स्थानीय लोगों के बीच ट्रेन को दिल्ली तक बढ़ाने की मांग है, लेकिन अगर दिल्ली रूट में संचालन संबंधी दिक्कतें आती हैं तो एक दूसरा विकल्प भी सुझाया गया है. स्थानीय यात्रियों का कहना है कि ट्रेन को सोनीपत से पानीपत और फिर सफीदों होते हुए जींद तक चलाया जा सकता है. इससे एक सर्किट तैयार हो जाएगा. पानीपत एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस रूट से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है और ट्रेन का इस्तेमाल भी बेहतर हो सकता है. इस प्रस्ताव के मुताबिक ट्रेन जींद से चलकर सोनीपत, पानीपत और सफीदों होते हुए वापस जींद पहुंच सकती है. इस तरह करीब 180 किलोमीटर का एक सर्किट बन सकता है। 

    सुरक्षा के लिहाज से अभी कोई जल्दबाजी नहीं
    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हाइड्रोजन ट्रेन नई तकनीक पर आधारित है, इसलिए इसके विस्तार को लेकर जल्दबाजी नहीं की जाएगी. विशेषज्ञों की टीम ट्रेन के मौजूदा संचालन के साथ-साथ दिल्ली तक विस्तार के लिए किए जा रहे ट्रायल और तकनीकी पहलुओं पर नजर रख रही है. रेलवे के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है. यानी फिलहाल रेलवे के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि 2,600 सीटों वाली ट्रेन में 40-60 यात्री क्यों मिल रहे हैं, बल्कि यह भी है कि ज्यादा यात्रियों तक पहुंचने के लिए इसका रूट कैसे बदला जाए. दिल्ली तक विस्तार एक विकल्प है, जबकि पानीपत-सफीदों वाला सर्किट दूसरा रास्ता हो सकता है. अंतिम फैसला इन सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। 

     

     

  • गुरुग्राम को मिलेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर, द्वारका एक्सप्रेसवे-गुरुग्राम सोहना हाईवे से जुड़ेगा SPR

    गुरुग्राम को मिलेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर, द्वारका एक्सप्रेसवे-गुरुग्राम सोहना हाईवे से जुड़ेगा SPR

    गुरुग्राम

    गुरुग्राम में सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण से द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे। इससे दिल्ली से मुंबई आवागमन आसान हो जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से इसके लिए अगले सप्ताह तक टेंडर जारी कर दिए जाने की उम्मीद है।

    जीएमडीए ने पिछले महीने करीब 775 करोड़ रुपये के टेंडर दस्तावेज बनाकर हरियाणा सरकार को भेजे थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से गठित इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंजीनियरिंग कमेटी इन टेंडर दस्तावेजों की जांच कर रही है। उम्मीद है कि तीन से चार दिन के अंदर इन दस्तावेज को मंजूरी मिल जाएगी। इसके तुरंत बाद जीएमडीए की तरफ से इस एलिवेटेड रोड के निर्माण के टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। मार्च में जारी हुए टेंडर को डीपीआर में कमी की वजह से इस टेंडर को रद्द कर दिया था। टेंडर आवंटन के 30 महीने के अंदर यह परियोजना पूरी होगी।

    चार लेन ­का बनेगा एलिवेटेड रोड
    द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर हाईवे से गुरुग्राम-सोहना हाईवे की तरफ चार-चार लेन का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। एलिवेटेड रोड के नीचे एसपीआर पर तीन-तीन लेन की मुख्य सड़क और दो-दो लेन की सर्विस रोड तैयार होगी।

    क्लोवरलीफ भी बनेगा
    एलिवेटेड रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे के एलिवेटेड रोड से जोड़ने के लिए वाटिका चौक पर क्लोवरलीफ तैयार किया जाएगा। अगले दो सप्ताह के अंदर एस्टीमेट बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद टेंडर दस्तावेज को मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार के पास भेजा जाएगा।

    गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की डीपीआर बन रही
    गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर भी एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना है। जीएमडीए ने डीपीआर तैयार करने के लिए एक कंपनी को टेंडर आवंटित किया है। अगले दो माह में डीपीआर तैयार हो जाएगी, जिसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।

    प्रवीण चौधरी, मुख्य अभियंता, जीएमडीए, ''एसपीआर पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए टेंडर दस्तावेज तैयार हैं। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। अगले सप्ताह में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। ‘’

    गुरुग्राम में हरित क्षेत्र का होगा रखरखाव
    इसके साथ ही जीएमडीए ने गुरुग्राम में बख्तावर चौक से लेकर सुभाष चौक तक मुख्य सड़क के दोनों तरफ हरित क्षेत्र के रखरखाव की योजना बनाई है। इसके तहत करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आएगी। अगले महीने में इस योजना के तहत टेंडर जारी हो जाएगा। ठेकेदार को चार महीने के अंदर काम पूरा करना होगा। 12 महीने तक देखरेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की रहेगी।