Category: राज्य

  • दिल्ली के पार्क, बाजार और मेट्रो स्टेशन पर बढ़ी निगरानी, पुलिस के साथ जवान करेंगे गश्त

    दिल्ली के पार्क, बाजार और मेट्रो स्टेशन पर बढ़ी निगरानी, पुलिस के साथ जवान करेंगे गश्त

    नई दिल्ली
     आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से गैंगरेप की घटना के बाद दिल्ली के पार्को, बड़े बाजारों, सुनसान जगहों, स्कूल और कॉलेज के पास जिला पुलिस के साथ-साथ कई अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी लगाया गया है।

    सभी जिलों में तैनात की गईं दो दो कंपनियां
    दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी दिल्ली के सभी 15 जिलों में सुरक्षा के लिए अर्ध सैनिक बलों की दो-दो कंपनियों की तैनाती की गई है। इसमें CRPF , CISF BSF और असम राइफल्स जैसे अर्धसैनिक बलों की कंपनियां शामिल है।

    सबसे ज्यादा तैनाती इस क्षेत्र में
    तैनात जवान दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर लगातार, पार्क, स्कूल और कॉलेज के आसापास, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन और बाजार समेत उन जगहों पर खास तौर पर तैनात किए गए हैं, जहां महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही अधिक है।

    एक कंपनी में होते हैं 50 से 60 जवान
    पुलिस अधिकारी के मुताबिक अर्धसैनिक बलों की एक कंपनी में 50 से 60 जवान रहते हैं। पूरी दिल्ली में जरूरत के हिसाब से करीब 30 कंपनियों की तैनाती दिल्ली पुलिस के साथ की गई है। कंपनियों के जवान दिल्ली पुलिस के साथ पैदल गश्त और बाइक से गश्त कर रहे हैं।

    मामले में क्या बोले डीसीपी सचिन शर्मा
    डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली जिले में दो टुकड़ियों के अलावा पहले से भी बीएसएफ के जवान अलग-अलग जगहों पर तैनात रहते हैं। ये जवान नेहरू पार्क, लोधी गार्डन, कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क और बुद्धा जयंती गार्डन समेत नई दिल्ली के सभी बड़े पार्को, स्कूल व कॉलेज, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन के अलावा कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्कल, जनपथ, कनॉट प्लेस मार्केट, तुगलक रोड, इंडिया गेट, नई दिल्ली के सभी बड़े पार्कों और जंतर मंतर पर तैनात रहते है। बीएसएफ के जवान सभी थानों के स्टाफ के साथ पट्रोलिंग करते हैं।

  • NCR में प्रदूषण नियंत्रण की तैयारी तेज, ई-बसों से लेकर पुराने वाहनों पर होगी कार्रवाई

    NCR में प्रदूषण नियंत्रण की तैयारी तेज, ई-बसों से लेकर पुराने वाहनों पर होगी कार्रवाई

    जयपुर
     मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आज शनिवार को शासन सचिवालय में एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों की उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। उन्होंने दीपावली एवं आगामी सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक उपाय समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

     मुख्य सचिव ने एनसीआर में औद्योगिक प्रदूषण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, सड़क की धूल, निर्माण एवं विध्वंस कचरे, पराली एवं बायोमास जलाने तथा यातायात जाम से होने वाले प्रदूषण के नियंत्रण के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी संबंधित विभाग के बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।

     'परिवर्तन' योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
     मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को ‘परिवर्तन’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में पुराने एवं अधिक प्रदूषणकारी वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बीएस-VI से पूर्व के ट्रकों एवं बसों को बीएस-VI मानक के वाहनों अथवा सीएनजी तथा ईवी जैसे स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों से प्रतिस्थापित करने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विशेष शिविर लगाने के लिए भी कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना प्रदूषण नियंत्रण की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का विस्तार निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अलवर, भरतपुर एवं भिवाड़ी में आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में ई-बसें उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।

     मुख्य सचिव ने कहा कि ईवी को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में लक्ष्य आधारित कार्रवाई की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) व्यवस्था स्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

     सड़क पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा
     वी. श्रीनिवास ने कहा कि सड़क की धूल (रोड डस्ट) एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके नियंत्रण के लिए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग सहित अन्य उपाय प्राथमिकता से लागू किए जाएं।

     उन्होंने अलवर, भरतपुर, भिवाड़ी एवं नीमराना में सड़क पुनर्विकास, निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत सड़क कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए तथा स्वीकृत नई सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ किए जाएं।

     मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने के भी निर्देश दिए।

     औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी
     मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) की स्थापना एवं संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों से होने वाले उत्सर्जन की निरंतर निगरानी हो तथा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

     उन्होंने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को औद्योगिक एवं अन्य प्रमुख प्रदूषण स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने एनसीआर क्षेत्र में पराली एवं बायोमास जलाने की घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर निगरानी एवं समन्वय को मजबूत करें।

     उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एनसीआर में प्रदूषण प्रबंधन की लगातार निगरानी की जा रही है, इसलिए सभी संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी एवं समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें।

         मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण एवं विध्वंस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण सुनिश्चित किया जाए, ताकि खुले में कचरा डालने एवं उससे होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।

    वी. श्रीनिवास ने एनसीआर क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या एवं उससे होने वाले प्रदूषण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जाम वाले स्थानों को चिह्नित कर वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार डी-कंजेशन उपायों को लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण की वजह से यातायात जाम वाले स्थानों की पहचान कर अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने इस संबंध में संबंधित विभागों की समन्वित समिति गठित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्य सचिव ने बैठक में एनसीआर क्षेत्र के औसत मासिक एयर क्वालिटी इन्डेक्स (एक्यूआई) ट्रेंड की भी समीक्षा की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

     

  • CNLU पटना में CJI सूर्यकांत का बड़ा संदेश, शांतिपूर्ण विरोध दबाने पर पुलिस कार्रवाई नहीं चलेगी

    CNLU पटना में CJI सूर्यकांत का बड़ा संदेश, शांतिपूर्ण विरोध दबाने पर पुलिस कार्रवाई नहीं चलेगी

    पटना
    भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत (CJI Suryakant) ने शनिवार को कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना और विरोध-प्रदर्शन करना छात्रों का मौलिक अधिकार है।

    यदि पुलिस या प्रशासन बल प्रयोग कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास करता है, तो अदालतें कतई मूकदर्शक नहीं रहेंगी।

    चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) पटना के अशोक ऑडिटोरियम में आयोजित  'ओपन हाउस' संवाद के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह बात कही।

    शांत‍िपूर्ण प्रदर्शन पर पुल‍िस क्‍यों करती है कार्रवाई?
    संवाद के दौरान विधि की एक छात्रा ने परिसरों में होने वाले शांतिपूर्ण आंदोलनों पर पुलिस काईवाई का मुद्दा उठाया। छात्रा का सीधा सवाल था कि जब छात्र अपने हकों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरते हैं, तो पुलिस बल प्रयोग करती है, ऐसे में न्यायपालिका उनके अधिकारों की रक्षा के लिए क्या कर रही है?

    उत्तर देते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक, विशेषकर युवाओं को अपनी असहमति जताने और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है।

    उन्होंने संकेत दिया कि अदालतें छात्रों के इस संवैधानिक अधिकार की किसी भी परिस्थिति में उपेक्षा नहीं करेंगी। मुख्य न्यायाधीश ने जवाब से यह साफ किया कि यदि छात्र लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण दायरे में रहकर अपना आंदोलन चला रहे हैं, तो राज्य की कोई भी पुलिस मशीनरी उनके मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकती।

    अदालतों के दरवाजे ऐसे मामलों में छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा खुले हैं। मुख्य न्यायाधीश ने युवा अधिवक्ताओं, विशेषकर प्रथम पीढ़ी के विधि व्यवसायियों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को भी स्वीकार किया।

    प्रोफेशनल असिस्‍टेंस कॉरपस की जरूरत
    सारिका त्यागी के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को उनके प्रारंभिक व्यावसायिक वर्षों में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित Professional Assistance Corpus की आवश्यकता पर बल दिया।

    उन्होंने इसे किसी प्रकार की दानशीलता के रूप में नहीं, बल्कि विधि व्यवसाय के भविष्य के लिए एक आवश्यक संरचनात्मक व्यवस्था के रूप में देखने की आवश्यकता बताई

    सीएनएलयू के कुलपति प्रो. फैजान मुस्तफा ने विधि शिक्षा में एक महत्वपूर्ण सुधार का प्रस्ताव रखते हुए पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम को चार वर्ष की शैक्षणिक अवधि में पुनर्संरचित करने तथा अंतिम वर्ष को अनिवार्य न्यायलीय अप्रेंटिसशिप के रूप में निर्धारित करने का सुझाव दिया।

    उनका प्रस्ताव था कि इस प्रकार न्यायालीय अनुभव को विधि शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सकता है और न्यायिक सेवा परीक्षाओं के लिए पृथक एक वर्षीय प्रैक्टिस की आवश्यकता को समाप्त किया जा सकता है।

    इस प्रस्ताव को मुख्य न्यायाधीश ने “एक नया और स्वागत योग्य विचार” बताया। कार्यक्रम के दौरान सीएनएलयू के कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह मौजूद रहे।

  • 100 से अधिक विद्यार्थियों ने निभाई विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका, वैश्विक व्यापार से लेकर एआई तक पर हुआ मंथन

    100 से अधिक विद्यार्थियों ने निभाई विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका, वैश्विक व्यापार से लेकर एआई तक पर हुआ मंथन

    ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को दुनिया की कमान जेन अल्फा के हाथों में नजर आई। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ‘विकसित भारत मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN)’ में कक्षा 9 से 12 तक के 14 विद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए वैश्विक व्यापार, विश्व अर्थव्यवस्था, तकनीक और बदलती वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

    यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए महज एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, वैश्विक व्यापार और नीति निर्माण की जटिलताओं को समझने का व्यावहारिक मंच भी बना। विद्यार्थियों ने संबंधित देशों की व्यापार नीतियों और वैश्विक मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को समझते हुए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर संवाद, तर्क-वितर्क एवं सहमति निर्माण की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त किया।

    ‘विकसित भारत 2047’ बना संवाद का केंद्र
    मॉडल यूनाइटेड नेशंस का मुख्य विषय ‘विकसित भारत 2047’ रहा। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह समझाना था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था किस तरह काम करती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े निर्णय किस प्रकार देशों की अर्थव्यवस्था, उद्योग और आपूर्ति शृंखला को प्रभावित करते हैं।

    विद्यार्थियों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक व्यापार व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। तकनीक और वैश्वीकरण के बढ़ते प्रभाव के बीच सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट, डिजिटल ट्रेड पर मोरेटोरियम, रूल्स ऑफ ओरिजिन, ऑटोमेशन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ई-कॉमर्स जैसे महत्वपूर्ण विषय चर्चा के केंद्र में रहे।

    दुनिया की अर्थव्यवस्था को समझा, देशों का पक्ष रखा
    एमयूएन की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों को केवल किसी देश का प्रतिनिधि बनकर अपनी बात रखने तक सीमित नहीं रखा गया। उन्हें संबंधित देश की आर्थिक परिस्थितियों, व्यापार नीति और वैश्विक मुद्दों पर उसके रुख को समझने के बाद अपनी स्थिति प्रस्तुत करनी थी। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी मुद्दे पर निर्णय केवल एक देश के हित से नहीं, बल्कि अनेक देशों के हितों, आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रभावित होता है। तर्क, संवाद और कूटनीतिक तरीके से अपनी बात रखने की इस प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में पब्लिक स्पीकिंग, रिसर्च, क्रिटिकल थिंकिंग, नेगोशिएशन और निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ावा दिया।

    ट्रेड शो बना कक्षा से वैश्विक मंच तक का सेतु
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे निकलकर वैश्विक व्यापार की वास्तविक दुनिया को समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी उत्पाद के निर्माण से लेकर उसके दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचने में वैश्विक सप्लाई चेन, तकनीक, व्यापार समझौते और नीतियां किस प्रकार भूमिका निभाती हैं।

    इसके साथ ही विद्यार्थियों ने ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए विभिन्न पवेलियन का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्रदेश के उद्योग, निवेश, निर्यात, तकनीक, हस्तशिल्प, संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से देखा। इससे उन्हें उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ-साथ देश और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर भी मिला।

    उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान
    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने और चर्चा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्यार्थियों को ‘बेस्ट डेलीगेट’, ‘हाई कमेंडेशन’ और ‘स्पेशल मेंशन’ जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

    14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
    कार्यक्रम में रायन इंटरनेशनल स्कूल, एस्टर पब्लिक स्कूल, स्पर्श इंटरनेशनल स्कूल, जेएम इंटरनेशनल स्कूल, खेतान स्कूल, भारत राम ग्लोबल स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नारायणा स्कूल, असीसी कॉन्वेंट स्कूल, एमसी गोपीचंद इंटर कॉलेज, जागरण पब्लिक स्कूल और समरविल स्कूल समेत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

    नई पीढ़ी को वैश्विक दृष्टि देने की पहल
    आयोजन के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को नई पीढ़ी के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। वैश्विक व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-कॉमर्स और आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर संवाद ने विद्यार्थियों को भविष्य की अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर से परिचित कराया।

    ट्रेड शो में आयोजित यह मॉडल यूनाइटेड नेशंस इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि विद्यार्थियों को पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजन के बीच बैठकर उन विषयों पर विचार रखने का अवसर मिला, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    स्वागत उद्बोधन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
    कार्यक्रम की शुरुआत जिला विद्यालय निरीक्षक, गौतम बुद्ध नगर चंद्रशेखर के स्वागत उद्बोधन से हुई। इस अवसर पर रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा की प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने उनका सम्मान किया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे आयोजन को संवाद, विचार और सीखने के जीवंत मंच में बदल दिया।

  • पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद से रूबरू हो रहे ट्रेड शो के आगंतुक, मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि

    पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद से रूबरू हो रहे ट्रेड शो के आगंतुक, मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि

    ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में शनिवार को प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा और स्थानीय व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बनाए गए ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन) पवेलियन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को खास अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है। पवेलियन में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग न सिर्फ यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद का आनंद ले रहे हैं, बल्कि इनके पीछे छिपी परंपरा और स्थानीय उत्पादों की जानकारी भी हासिल कर रहे हैं।

    इसी क्रम में ओडीओसी पवेलियन में आयोजित मास्टर शेफ क्लास इस समय आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। क्लास में पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ को तैयार करने की विधि प्रत्यक्ष रूप से समझाई जा रही है। खास बात यह है कि ठेकुआ बनाने में मिर्जापुर के गुड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए आगंतुकों को मिर्जापुर के गुड़ की विशेषताओं और उससे तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों से भी परिचित कराया जा रहा है।

    मास्टर शेफ क्लास में सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि
    मास्टर शेफ क्लास में ठेकुआ बनाने की पूरी प्रक्रिया को आगंतुकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। विशेषज्ञ उन्हें सामग्री के चयन से लेकर मिश्रण तैयार करने और ठेकुआ को अंतिम रूप देने तक की बारीकियां समझा रहे हैं। इसके साथ ही पूर्वांचल से जुड़े अन्य स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की भी जानकारी दी जा रही है। आगंतुक विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं और यूपी के पारंपरिक स्वाद को करीब से समझ रहे हैं। यह पहल भोजन को केवल स्वाद तक सीमित रखने के बजाय उसके साथ जुड़ी स्थानीय संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था को भी लोगों के सामने रखने का प्रयास है।

    प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी होंगे मौजूद
    ओडीओसी की मास्टर शेफ क्लास में प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी रविवार को मौजूद रहेंगे। उनकी मौजूदगी में आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को आधुनिक पाक कला के साथ जोड़ने की बारीकियां समझने का अवसर मिलेगा। आगंतुक उनसे संवाद कर सकेंगे और यूपी की विविध खान-पान परंपरा से जुड़े सवाल भी पूछ सकेंगे।

    ‘खाऊ गली’ में बढ़ी भीड़, कई उत्पादों की मांग तेज
    ओडीओसी पवेलियन में बनी ‘खाऊ गली’ भी ट्रेड शो में आने वाले लोगों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है। यहां प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों का स्वाद लेने के लिए लगातार भीड़ उमड़ रही है। दिन ढलने के साथ कई स्टॉलों पर उत्पादों की मांग इतनी बढ़ी कि कुछ उत्पादों की उपलब्धता कम पड़ने लगी। आगंतुक यूपी के पारंपरिक स्वाद को पसंद करने के साथ-साथ संबंधित जिलों और वहां के स्थानीय उत्पादों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं।

    योगी सरकार की पहल से 75 जिलों का खान-पान एक मंच पर
    उत्तर प्रदेश सरकार की पहल से तैयार ओडीओसी पवेलियन में प्रदेश के सभी 75 जिलों की खान-पान विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजनों और खाद्य परंपराओं को उनके भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ के साथ प्रदर्शित किया गया है। ब्रज की मिठास से लेकर अवध के जायके, बुंदेलखंड की विशिष्टता, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद और पूर्वांचल के व्यंजनों तक ओडीओसी पवेलियन उत्तर प्रदेश की ‘एक प्रदेश, अनेक स्वाद’ वाली पहचान को सामने ला रहा है।

    स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच देने की पहल
    योगी सरकार की ओर से प्रदेश की खान-पान विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में ओडीओसी को महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों की प्रस्तुति से इन्हें देश-विदेश से आए आगंतुकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।

  • PM मोदी-योगी की अहम मुलाकात, PM आवास पर हुई लंबी बैठक; इन मुद्दों पर मंथन

    PM मोदी-योगी की अहम मुलाकात, PM आवास पर हुई लंबी बैठक; इन मुद्दों पर मंथन

    नई दिल्ली/ लखनऊ 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक लंबी बैठक में यूपी चुनाव की रणनीति के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव और एमएलसी चुनाव पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मोदी और योगी की ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि यूपी चुनाव से पहले अक्तूबर में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्तूबर को वोटिंग होगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि – आपका मार्गदर्शन 'नए उत्तर प्रदेश' के निर्माण हेतु मुझे सदैव नई ऊर्जा देता है। अमूल्य समय प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। आपको बता दें बीजेपी से अरूण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान- निकोबार के उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।

    16 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग
    चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के लिए आगामी 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवार 9 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। 16 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। राज्यसभा की 10 सीटों में 8 भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास हैं। अभी तक किसी भी पार्टी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

    राजनीतिक जानकारों की मानें तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली हर मुलाकात का अपना महत्व होता है, खासकर तब जब राज्य में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हों. ऐसे में यह बैठक भी आने वाले समय में पार्टी की दिशा और रणनीति को समझने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस मुलाकात से जुड़ी कोई और जानकारी सामने आती है या नहीं। 

    यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव
    इसके अलावा आयोग ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटें, बिहार की 8 सीटें, महाराष्ट्र की 5 सीटें और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। सभी 28 सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर दी है। एमएलसी की 11 सीटों में 8 भाजपा और 3 सपा के पास हैं। भाजपा ने 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।

    शाह से मिले थे केशव प्रसाद मौर्य
    आपको बता दें इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मुलाकात की थी। जिसमें यूपी चुनाव और पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद केशव मौर्य ने कहा कि 2027 में तीसरी बार फिर से कमल खिलने जा रहा है। विपक्ष के 70 साल के शासन पर मोदी के 12 साल भारी पड़े।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    नई दिल्ली
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की।

    प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।

    मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़ी गतिविधियां लगातार चल रही हैं। हालांकि इन मुलाकातों में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी के बिना किसी राजनीतिक एजेंडे की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    मुख्यमंत्री योगी इससे पहले भी दिल्ली दौरों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं।

  • आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    दौसा
    सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से आरक्षण की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे संभावित दावेदार अब अपने-अपने समीकरण बैठाने में जुट गए हैं। आरक्षण तय होते ही गांव की चौपालों से लेकर ढाणियों तक दावेदारों और समर्थकों की बैठकें शुरू हो गई हैं। पुराने संपर्कों को सक्रिय करने के साथ मतदाताओं की नब्ज टटोलने और नए समीकरण बनाने का दौर चल पड़ा है। कई दावेदार अब यह भी मंथन कर रहे हैं कि सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या जिला परिषद सदस्य में किस पद से चुनावी शुरुआत की जाए। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ेगी।

    दौसा जिले में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों ने कई परिवारों में चुनावी रणनीति बदल दी है। कहीं पत्नी तो कहीं बहू या बेटी को मैदान में उतारने पर विचार हो रहा है। वहीं आरक्षण बदलने से कुछ पुराने दावेदारों को अब नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन चौपालों पर कौन किसके साथ है, किसके पास कितना समर्थन है और कौन किस सीट से मैदान में उतरेगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ यह हलचल और बढ़ने की संभावना है।

    लालसोट: 83 में से 41 पंचायतों में बनेंगी महिला सरपंच
    लालसोट विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति लालसोट, रामगढ़ पचवारा एवं शिवसिंहपुरा की ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आरक्षण लॉटरी के अंतिम रूप लेते ही ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और चुनावी पारा चढ़ने लगा है। हालांकि प्रत्याशियों के नाम अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं और सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं। इसके बावजूद गांवों की चौपालों, चाय की थड़ियों और घर-आंगन में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए
    आरक्षण के नए स्वरूप से कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। जो दावेदार अब तक सामान्य सीट मानकर चुनाव की तैयारी और प्रचार में जुटे थे, उन्हें अब नई रणनीति बनानी पड़ रही है। तीनों पंचायत समितियों को मिलाकर 83 ग्राम पंचायतों में से 41 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं। यानी करीब आधी ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी। बड़ी संख्या में सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने से पुरुष दावेदारों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। कई प्रमुख स्थानीय राजनेता और पूर्व दावेदार अब पत्नी, बहू या माता को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारियों में जुट गए हैं। इससे महिला आरक्षित सीटों पर भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने के साथ गांवों में चुनावी मुकाबले के समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है।

    लॉटरी ने बदला पंचायतों का गणित, गांव-ढाणियों में चुनावी चौपाल शुरू
    मानपुर पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही चौपालों, बैठकों और आपसी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संभावित दावेदार सामाजिक समीकरण, रिश्तेदारी और वार्डवार मतदाताओं की स्थिति को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आरक्षण बदलने से कई पंचायतों में दावेदारी के समीकरण भी बदल गए हैं। पुरुष सीटों के महिला आरक्षित होने से परिवारों में नई रणनीति पर मंथन शुरू हुआ है। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय महिलाओं को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। कई जगह सामाजिक समूहों और परिवारों की बैठकें होने लगी हैं। चुनावी सरगर्मी का असर गांव से बाहर रहने वाले ग्रामीणों की आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। शहरों और दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग परिवार व रिश्तेदारों से संपर्क कर पंचायत की स्थिति और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है, लेकिन आरक्षण के बाद गांवों में दावेदारी और जनसंपर्क का शुरुआती दौर शुरू हो गया है।

  • झमाझम बारिश का असर, यूपी में बिजली की मांग 27,577 से घटकर 21,380 मेगावाट हुई

    झमाझम बारिश का असर, यूपी में बिजली की मांग 27,577 से घटकर 21,380 मेगावाट हुई

    ओबरा (सोनभद्र)
     प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश का सीधा असर बिजली की खपत और अधिकतम मांग पर पड़ा है। बीते 24 घंटों में प्रदेश की बिजली खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही अधिकतम बिजली मांग में भी 6197 मेगावाट की कमी आई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच बारिश से आई इस गिरावट ने बिजली प्रबंधन को बड़ी राहत दी है।

    यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार 24 सितंबर को प्रदेश में बिजली की खपत 501.3 मिलियन यूनिट दर्ज की गई थी। मौसम में हुए बदलाव के बाद बारिश का दौर तेज होने से 25 सितंबर को यह घटकर 376.2 मिलियन यूनिट रह गई। इस तरह एक दिन में खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की कमी दर्ज हुई। इसी तरह बिजली की अधिकतम मांग भी तेजी से नीचे आई।

    24 सितंबर को प्रदेश में अधिकतम मांग 27577 मेगावाट थी, जो 25 सितंबर को घटकर 21380 मेगावाट रह गई। यानी मांग में एक दिन में 6197 मेगावाट की गिरावट दर्ज हुई। दरअसल सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बारिश कमजोर पड़ने के साथ उमस बढ़ने से बिजली की मांग में फिर तेजी आई थी।

    23 सितंबर की रात प्रदेश में मांग 29 हजार मेगावाट के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद 24 सितंबर को भी मांग 27577 मेगावाट रही। ऐसे में बारिश की सक्रियता बढ़ने से तापमान और उमस में कमी आई तथा पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर जैसे घरेलू विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल में कमी का असर कुल खपत पर दिखाई दिया।

    दो दिन और सक्रिय रह सकता है मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 सितंबर को भी दोनों अंचलों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि 28 सितंबर से प्रदेश में मौसम साफ़ होने का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में अगले एक-दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने पर बिजली की मांग अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बनी रह सकती है। हालांकि 28 सितंबर के बाद मौसम में सुधार और तापमान बढ़ने की स्थिति में घरेलू खपत एक बार फिर बढ़ सकती है। इससे बिजली की मांग में दोबारा उछाल होने की संभावना जताई जा रही है।

  • बिहार में रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सड़क मरम्मत और गुणवत्ता पर जोर

    बिहार में रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सड़क मरम्मत और गुणवत्ता पर जोर

    पटना
    मानसून समाप्त होने के साथ ही नमामि गंगे और अमृत 2.0 के तहत चल रही योजनाओं के काम में तेजी लाई जाएगी। शुक्रवार को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) मुख्यालय में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव सह बुडको के प्रबंध निदेशक (एमडी) अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 38 जिलों में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

    उन्होंने कहा कि मानसून अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में सभी संवेदक और पदाधिकारी कार्यों को फिर से गति दें और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार योजनाओं को समय पर पूरा करें

    उन्होंने कहा कि मानसून और जलस्तर बढ़ने के कारण जिन स्थानों पर काम प्रभावित हुआ है, वहां जल्द काम शुरू किया जाए। साथ ही काम की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए।

    जिला प्रशासन और नगर निगम से समन्वय कर जल्द कार्रवाई
    उन्होंने लंबित भूमि एनओसी के मामलों में जिला प्रशासन और नगर निगम से समन्वय कर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डिजाइन और ड्राइंग के काम में भी तेजी लाने को कहा। सभी संवेदकों को साइट पर पर्याप्त संसाधन बढ़ाने तथा खुदाई के बाद सड़क की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

    प्रबंध निदेशक ने जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

    बैठक में बुडको मुख्यालय के अधिकारियों के साथ सभी संबंधित जिलों से आए परियोजना निदेशक, उप परियोजना निदेशक और योजनाओं के संवेदक मौजूद रहे।