Category: राज्य

  • किसानों के खाते में सीधे आएगी सब्सिडी, आवेदन के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पंजीकरण जरूरी

    किसानों के खाते में सीधे आएगी सब्सिडी, आवेदन के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पंजीकरण जरूरी

     चंडीगढ़
     हरियाणा में नए बाग लगाने वाले किसानों को 24 हजार 500 रुपये से लेकर 1.40 लाख रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा सब्जियों, मसालों, फूलों और खुशबूदार पौधों की खेती के लिए भी अलग-अलग दरों के आधार पर आर्थिक सहायता मिलेगी। अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डाली जाएगी।

    बागवानी विभाग की योजना का लाभ उठाने के लिए किसान का मेरी फसल-मेरा ब्योरा में पंजीकरण और होर्टनेट पर पंजीकरण जरूरी है। फूलों के नए बाग और मसालों की खेती के लिए अधिकतम पांच एकड़ तक आवेदन किया जा सकता है। सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग के किसान पांच एकड़ तक, जबकि अनुसूचित वर्ग के किसान एक एकड़ तक आवेदन कर सकते हैं। फूलों और खुशबूदार पौधों की खेती के लिए भी अधिकतम पांच एकड़ तक पर लाभ दिया जाएगा।

    सब्जियों की खेती पर सामान्य वर्ग के लिए 15 हजार रुपये प्रति एकड़ और अनुसूचित वर्ग के लिए 25 हजार 500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। यह सहायता एकीकृत माडल के तहत मल्चिंग, लो-टनल, ड्रिप तथा बांस की स्टेकिंग जैसी व्यवस्थाएं अपनाने पर दी जाएगी।

    इसी तरह मसालों की खेती पर 15 हजार से 30 हजार रुपये प्रति एकड़, फूलों की खेती पर आठ हजार रुपये से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा खुशबूदार पौधों की खेती पर आठ हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।
    अनुदान के लिए किसानों को आवेदन और व्यक्तिगत विवरण, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण, परिवार पहचान-पत्र तथा अपने बैंक खाते का पूरा विवरण देना होगा। बैंक विवरण में खाता संख्या, बैंक का नाम, शाखा और आइएफएससी कोड शामिल हैं। जरूरत होने पर अनुसूचित वर्ग का प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी या टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

  • AI से चलेंगे भविष्य के रोबोट! जयपुर में युवाओं ने 24 घंटे में बनाए स्मार्ट प्रोटोटाइप

    AI से चलेंगे भविष्य के रोबोट! जयपुर में युवाओं ने 24 घंटे में बनाए स्मार्ट प्रोटोटाइप

    जयपुर
    जयपुर में तकनीक और नवाचार का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ देश भर से आए युवा टेक प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी इनोवेशन और डेवलपमेंट की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रही हैं। इसी भविष्य की दिशा को तय करने के लिए जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित 'एलायंस हैकाथॉन' का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस साल इस कार्यक्रम का विशेष 'रोबोटिक्स एडिशन' आयोजित किया गया, जिसने शहर के टेक्नोलॉजी प्रेमियों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया।

    एलायंस आईटी सॉल्यूशंस, जयपुर द्वारा आयोजित इस बहुप्रतीक्षित हैकाथॉन के पिछले तीन संस्करण क्रमशः 2023, 2024 और 2025 में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। इस वर्ष का यह आयोजन तकनीक प्रेमियों के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसमें देश भर से आए युवा प्रतिभागी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए जुटे थे। जयपुर के इस टेक मंच पर युवाओं का यह उत्साह यह साबित कर रहा है कि भारत के युवा आने वाले समय में ग्लोबल टेक इंडस्ट्री को नेतृत्व देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    24 घंटे का नॉन-स्टॉप चैलेंज, रियल-लाइफ प्रॉब्लम्स का समाधान
    इस वर्ष आयोजित किए गए 24 घंटे के नॉन-स्टॉप हैकाथॉन की सबसे बड़ी खूबी इसकी थीम और इसका व्यावहारिक स्वरूप रहा। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित समस्या-विवरणों पर गहन रूप से काम किया।

    युवाओं की इन टीमों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, सेंसर्स और आधुनिक ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग करके ऐसे तकनीकी समाधान विकसित किए जो इंसानी जीवन को और अधिक आसान बना सकें। इन 24 घंटों के भीतर सभी प्रतिभागियों को अपने रोबोटिक प्रोटोटाइप पूरी तरह तैयार करने होते हैं और उनका लाइव प्रदर्शन करना होता है। इस लाइव डेमो में मशीनों की खुद सोचने, निर्णय लेने और जटिल कार्य करने की क्षमता का कड़ा परीक्षण किया जाता है।

    एआई से संचालित रोबोटिक्स, विजेता टीम को पुरस्कार
    इस बार के आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए एलायंस आईटी सॉल्यूशंस की सीईओ मेघा भाटिया ने बताया कि इस वर्ष की मुख्य थीम "एआई से संचालित रोबोटिक्स के नए समाधान" रखी गई थी। इस थीम का उद्देश्य छात्रों और डेवलपर्स को पारंपरिक कोडिंग से आगे बढ़कर स्मार्ट मशीनों और ऑटोनॉमस सिस्टम्स पर काम करने के लिए प्रेरित करना था।

    युवाओं में इस तकनीकी संस्कृति को बढ़ावा देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए इस साल के चैलेंज में विजेता रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। 24 घंटे की इस कड़ी मेहनत, कोडिंग और रोबोट असेंबली के बाद जब इन प्रोटोटाइप्स ने लाइव परफॉर्म किया, तो यह देखना बेहद दिलचस्प रहा कि कैसे तकनीकी युवाओं ने अपनी मेहनत से इस मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

     

  • बिहार में बाढ़ जैसे हालात से निपटने की तैयारी, नदियों-तटबंधों पर बढ़ाई निगरानी

    बिहार में बाढ़ जैसे हालात से निपटने की तैयारी, नदियों-तटबंधों पर बढ़ाई निगरानी

    पटना
     भारी बारिश के पूर्वानुमान और नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के मद्देनज़र बिहार में अलर्ट जारी किया गया है। संभावित परिस्थितियों के मद्देनजर सीमावर्ती व गंडक, बागमती तथा कोसी नदी से जुड़े संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने तथा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को इस बाबत संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

    इन जिलों में विशेष सतर्कता
    बारिश की स्थिति को देखते हुए सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    जिला प्रशासन को नदी के जलस्तर एवं प्रवाह, निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों तथा संपर्क मार्गों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद, कोसी नदी के आसपास स्थित जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को सतर्क रहने के निर्देश
    संभावित परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों को पर्याप्त संख्या में तैयार एवं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    समय पर सूचना एवं निकासी पर जोर
    प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से अग्रिम चेतावनी का व्यापक प्रसार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

    सभी विभागों में समन्वय
    जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय एवं संचार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी उपलब्ध संसाधनों को स्टैंडबाय व एक्टिव मोड में रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बचाव एवं राहत कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके। राज्य सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    आम लोगों से अपील घबराने की आवश्यकता नहीं
    मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों व आमजन को नियमित रूप से जागरूक करते रहें। यह स्पष्ट करें कि वर्तमान स्थिति को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आवश्यक बचाव एवं राहत संसाधनों को पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

    ये रहे मौजूद
    बैठक में प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग संतोष कुमार मल्ल, सचिव, जल संसाधन विभाग, डा. चंद्रशेखर सिंह सहित सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

     

  • हरियाणा के बाजरा किसानों को ₹2900 का भाव

    हरियाणा के बाजरा किसानों को ₹2900 का भाव

    चंडीगढ़.

    हरियाणा सरकार इस बार भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ देना सुनिश्चित करेगी।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को बाजरा और धान खरीद की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। सरकार बाजरे की खरीद 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी। वहीं, खुले बाजार में इससे अधिक भाव मिलने पर किसान अपनी उपज बाजार में बेच सकेंगे और एमएसपी 2900 रुपये तक पहुंचाने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार भावांतर की भरपाई सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बाजरे का 2900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव देना सुनिश्चित किया जाएगा।

  • चंडीगढ़ में 23 SCO साइटों की फिर लगेगी ई-नीलामी

    चंडीगढ़ में 23 SCO साइटों की फिर लगेगी ई-नीलामी

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़. सेक्टर-39 स्थित नई अनाज, फल एवं सब्जी मंडी में फल-सब्जी कारोबार के लिए 23 एससीओ साइटों की दोबारा ई-नीलामी होगी। पहली नीलामी सफल नहीं होने के बाद राज्य कृषि विपणन बोर्ड, यूटी चंडीगढ़ ने अब नए सिरे से नीलामी प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।

    बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार 28 सितंबर 2026 को विज्ञापन जारी होगा और 23 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक मुख्य ई-नीलामी चलेगी। नीलामी में साइट नंबर 24 से 46 तक कुल 23 एससीओ साइटें शामिल हैं। सभी साइटें लीजहोल्ड आधार पर फल-सब्जी व्यापार के लिए आवंटित की जाएंगी। प्रत्येक साइट का आकार करीब 5.48 मीटर गुणा 18.29 मीटर यानी 100.23 वर्ग मीटर है।
    122.08 करोड़ रखी रिजर्व प्राइस
    चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-39 में नई सब्जी मंडी के विकास और सेक्टर-26 मंडी की शिफ्टिंग के तहत दूसरे फेज की ऑक्शन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले मार्च 2025 में हुई पहली ऑक्शन में इसी साइज की साइट का रिजर्व प्राइस 3.70 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 5.30 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। यानी 1 साल 6 महीने में प्रत्येक साइट की कीमत 1.60 करोड़ रुपए बढ़ गई है। पिछली ऑक्शन में केवल 12 साइट्स ही बिक पाई थीं।

    ऑक्शन का शेड्यूल-
    ईएमडी और डाक्यूमेंट्स जमा: 1 से 22 सितंबर
    अप्रूवल प्रोसेस: 25 से 26 सितंबर
    ऑनलाइन बिडिंग: 27 से 29 सितंबर (बोलीदाताओं के लिए प्री-बिड सेमिनार व ट्रेनिंग भी होगी)

    ऑक्शन का ब्योरा –
    प्लॉट साइज: सभी 23 एससीओ समान साइज (5.48 मी. X 18.29 मी. यानी 119.874 वर्ग गज) के हैं।
    रिजर्व प्राइस: प्रति वर्ग गज 4,42,800 रुपए की दर से प्रत्येक साइट की न्यूनतम कीमत 5,30,80,207 रुपए तय है।
    ईएमडी व अतिरिक्त चार्ज: बोली में शामिल होने के लिए 10,61,604 रुपए अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट देनी होगी। कॉर्नर प्लॉट्स (साइट नंबर 24 और 46) के लिए बोली मूल्य पर 5% अतिरिक्त चार्ज लगेगा।
    व्यापार की शर्त: इन साइट्स का उपयोग केवल फल और सब्जी के थोक व्यापार के लिए होगा।

    120 वर्ग गज के हैं सभी एससीओ –
    हाल ही में पर्यावरण मंजूरी प्राप्त इस 234.55 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को 72.4 एकड़ (बिल्ट-अप एरिया 1,47,605.83 वर्ग मीटर) में विकसित किया जा रहा है।
    इंफ्रास्ट्रक्चर: 1 ऑक्शन शेड, 130 एससीओ व दुकानें, 1 वेंडर्स मार्केट, मार्केटिंग बोर्ड व कमेटी ऑफिस, बैंक, संपर्क सेंटर, सराय, 1 वेयरहाउस और राइपनिंग चैंबर।
    कोल्ड स्टोरेज: 2,000 मीट्रिक टन क्षमता के 2 कोल्ड स्टोरेज।
    वेस्ट मैनेजमेंट: मंडी में रोज निकलने वाले 10-15 टन सॉलिड वेस्ट के लिए 14 टन प्रतिदिन क्षमता का इन-हाउस इन-वेसल कंपोस्टिंग प्लांट लगेगा, जिसके चारों ओर 10 मीटर चौड़ा ग्रीन बफर जोन होगा।
    ट्रैफिक प्लान: 5 किमी के दायरे में सुगम आवाजाही के लिए अर्बन टाउन प्लानिंग और पीडब्ल्यूडी से सर्टिफाइड कॉम्प्रिहेंसिव ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान बनेगा।

  • योगी सरकार की पहल से युवा उद्यमियों को उत्पाद, बाजार और कारोबार विस्तार का एक ही मंच पर मिल रहा अवसर

    योगी सरकार की पहल से युवा उद्यमियों को उत्पाद, बाजार और कारोबार विस्तार का एक ही मंच पर मिल रहा अवसर

    ग्रेटर नोएडा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की तस्वीर यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में आयोजित सीएम युवा एक्सपो-2026 में दिखाई दे रही है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित एक्सपो के दूसरे दिन युवा उद्यमियों के उत्पादों, कारोबार के नए विचारों और सफल कारोबारी मॉडलों को व्यापक मंच मिला।

    दूसरे दिन एक्सपो में करीब 15 हजार से अधिक आगंतुक पहुंचे। लोगों ने युवा उद्यमियों के उत्पादों और सेवाओं में रुचि दिखाई। इस दौरान करीब दो लाख रुपये की बी2सी बिक्री हुई, जबकि संभावित खरीदारों, वितरकों और कारोबारी साझेदारों से 1,150 बी2बी पूछताछ दर्ज की गईं। इससे युवा उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने और कारोबार को आगे बढ़ाने के अवसर मिले।

    मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टॉलों का किया भ्रमण
    दूसरे दिन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने एक्सपो के विभिन्न हॉल का भ्रमण किया। उन्होंने सीएम युवा के स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों और कारोबार मॉडलों की जानकारी ली। युवा उद्यमियों से संवाद करते हुए उनके व्यवसाय, बाजार विस्तार और सीएम युवा योजना से मिले सहयोग के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई।

    थीम पवेलियन में सामने आए अलग-अलग कारोबार मॉडल
    थीम पवेलियन में आयोजित सत्र के दौरान प्रोजेक्ट गंगा, मिलेनस्ट-जैविक फूड, द मास्टर ब्रांड्स, पिज्जा ओडिला और द पर्ल टाउन ने अपने उत्पादों, कारोबार मॉडल और भविष्य की विस्तार योजनाओं को प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी उत्पाद को बाजार की जरूरत के अनुरूप विकसित कर किस प्रकार उसे सफल कारोबार में बदला जा सकता है।

    पिच टैंक में युवाओं ने विशेषज्ञों के सामने रखे कारोबार विचार
    दूसरे दिन आयोजित पिच टैंक में एमिटी यूनिवर्सिटी, आईपीईसी कॉलेज, आईटीएस और जीएल बजाज सहित विभिन्न संस्थानों के चयनित प्रतिभागियों ने निर्णायक मंडल के समक्ष अपने कारोबार विचार और मॉडल प्रस्तुत किए।युवाओं ने अपने उत्पादों और सेवाओं, लक्षित बाजार, आय के मॉडल, कारोबार विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर प्रस्तुतियां दीं। इस मंच ने युवाओं को अपने विचारों पर विशेषज्ञों की राय लेने और उन्हें बाजार की जरूरत के अनुरूप बेहतर बनाने का अवसर दिया।

    आर्थिक सहायता के साथ बाजार से जोड़ने पर जोर
    योगी सरकार की सीएम युवा योजना के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए सहयोग उपलब्ध कराने के साथ ही उनके कारोबार को बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीएम युवा एक्सपो इसी दिशा में महत्वपूर्ण मंच बना है। यहां युवाओं को उत्पाद प्रदर्शन और बिक्री के साथ बी2बी संपर्क, ब्रांडिंग, वितरण नेटवर्क और कारोबार विस्तार के अवसर मिल रहे हैं। फ्रेंचाइजी, मशीन आपूर्ति और बिजनेस ऑन व्हील्स जैसे अलग-अलग कारोबारी मॉडल भी युवाओं के सामने प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

    स्थानीय प्रतिभा को बड़े बाजार से जोड़ रहा ट्रेड शो
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सीएम युवा की भागीदारी का उद्देश्य प्रदेश के युवा उद्यमियों को स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंच दिलाना है। देश-विदेश से आए खरीदारों, कारोबारी प्रतिनिधियों और संभावित साझेदारों के बीच युवा उद्यमियों को अपने उत्पाद और सेवाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। सीएम युवा एक्सपो में जारी गतिविधियां प्रदेश की युवा शक्ति और उद्यमिता की क्षमता को सामने ला रही हैं। योगी सरकार की पहल से युवाओं को स्वरोजगार, नवाचार और कारोबार विस्तार के लिए एक ऐसा मंच मिल रहा है, जहां आर्थिक सहयोग के साथ बाजार और नेटवर्किंग की संभावनाएं भी एक साथ उपलब्ध हैं। आगामी दिनों में भी एक्सपो में उत्पाद प्रदर्शन, कारोबार प्रस्तुतियां, पिच टैंक और कारोबारी संपर्क से जुड़ी गतिविधियां जारी रहेंगी।

  • सपा प्रवक्ताओं को अखिलेश की दो टूक! ‘आपकी बात तेजी से वायरल होती है, डिबेट से पहले पूरी तैयारी करें’

    सपा प्रवक्ताओं को अखिलेश की दो टूक! ‘आपकी बात तेजी से वायरल होती है, डिबेट से पहले पूरी तैयारी करें’

    लखनऊ 

    समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं। 

    जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है। 

    साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है। 

    10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती-बिगड़ती: अखिलेश यादव
    अखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है. आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है। 

    आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. अखिलेश ने कहा है कि बिना तैयारी के डिबेट में न जाएं. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं की शनिवार को बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय और राजकुमार भाटी भी मौजूद रहे। 

    बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को कई अहम नसीहतें दीं. ने कहा कि बिना तैयारी के डिबेट में जाना हास्यास्पद हो जाता है. धर्म और जाति के मुद्दों, जिनसे किसी की भावना आहत हो उनसे बचना है. अखिलेश ने कहा कि बिना तैयारी के नहीं बोलना है। 

    साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर बोलने से ज्यादा महत्वपूर्ण चुप रहना होता है, क्योंकि कई बार चुप रहकर भी बड़ा संदेश दिया जा सकता है. रायबरेली से अखिलेश यादव ने शुरू की रथ यात्रा, कांग्रेस और सपा में ठनी! अखिलेश की 'रथयात्रा' पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने दी ये चुनौतीअखिलेश यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है। 

    आपकी कही हुई बात तेजी से वायरल होती है. 10 सेकंड की रील से पार्टी की छवि बनती और बिगड़ती है. यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों. इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है। 

    इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं। 

    यादव ने कहा कि पार्टी प्रवक्ता गंभीरता से पार्टी का पक्ष रखें. हर मुद्दे पर जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही बयान दें या डिबेट में शामिल हों। 

    इस बीच सपा प्रमुख ने कुछ दिन पहले रायबरेली में कहा था कि हर तरफ पीडीए की हवा चल रही है और यह चुनाव बीजेपी बनाम पीडीए है. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा. बता दें, अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी 'पीडीए रथयात्रा' की शुरुआत की। 

    उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति कर रहे हैं, जबकि BJP नकारात्मक राजनीति करती है. अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश देख रहा है कि पीडीए के आंदोलन से बुलडोजर चलाने वाले बचने वाले नहीं हैं. इस बार 'वोट का बुलडोजर' चलेगा और हमेशा के लिए डिमॉलिश कर देगा। 

  • UP Election Survey: BJP+ को कितनी सीटें, SP+ का क्या हाल? ताजा सर्वे में सामने आया बड़ा अनुमान

    UP Election Survey: BJP+ को कितनी सीटें, SP+ का क्या हाल? ताजा सर्वे में सामने आया बड़ा अनुमान

    लखनऊ 

    यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस समेत सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले नौ सालों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक चुनावी सर्वे सामने आया है, जिसमें भाजपा की बंपर जीत का अनुमान जताया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन 267 सीटों के साथ प्रदेश में फिर से सरकार बना सकता है, जबकि सपा गठबंधन को 132 सीटें मिलने की संभावना है। बसपा को दो और अन्य के खाते में दो सीटें जा सकती हैं।

    न्यूज लीडर और मैटराइज के सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर यह सर्वे किया गया है। इसमें भाजपा गठबंधन को 267 सीटें दी गईं। इसमें से भाजपा को ही अकेले दम पर 246 सीटें मिलती दिख रहीं, जबकि उसके सहयोगी अपना दल (S) को नौ, आरएलडी को तीन, निषाद पार्टी को चार और सुभासपा को एक सीट दी गई है। सर्वे में बताया गया है कि अगर आज चुनाव होते हैं तो भाजपा गठबंधन की सरकार बनेगी।

    वहीं, समाजवादी पार्टी गठबंधन को राज्य में महज 132 सीटें मिलती दिखाई गई हैं। अगर यह सर्वे सच होता है तो सपा के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि उसे लगातार तीसरी बार सत्ता से बाहर रहना पड़ेगा। इससे पहले सपा 2012-17 तक यूपी में सत्ता में थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस बार सपा ही अकेले 125 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को सात सीटें मिल सकती हैं। सपा और कांग्रेस में पिछले कई दिनों से बयानबाजी भी तेज है। कांग्रेस की ओर से सांसद इमरान मसूद तीखी बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि अब सपा सांसद इकरा हसन भी पलटवार कर रही हैं।

    भाजपा और सपा गठबंधन को कितने फीसदी वोट शेयर का अनुमान
    सर्वे के अनुसार, भाजपा को राज्य में 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि सपा गठबंधन को 38 फीसदी वोट मिल सकता है। इस तरह दोनों के बीच छह फीसदी का अंतर रहने की संभावना है, जोकि काफी बड़ा अंतर है। वहीं, बसपा को 0.8 फीसदी और अन्य को दस फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान है।

    पिछले दो चुनावों के आंकड़े
    यूपी चुनाव 2022 में भाजपा ने 403 में से 255 सीटों पर जीत दर्ज की थी और उसका वोट शेयर करीब 41.3 फीसदी रहा था। समाजवादी पार्टी (SP) को 111 सीटें मिलीं और उसका वोट शेयर करीब 32.1 फीसदी था। वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) सिर्फ एक सीट जीत सकी, जबकि उसका वोट शेयर करीब 12.9 फीसदी रहा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। बीजेपी के सहयोगियों अपना दल (एस) को 12 और निषाद पार्टी को 6 सीटें मिलीं। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत हासिल की थी और उसका वोट शेयर करीब 39.7 फीसदी था। समाजवादी पार्टी को 47 सीटें, बसपा को 19 सीटें और कांग्रेस को 7 सीटें मिली थीं। यानी 2017 से 2022 के बीच बीजेपी की सीटें 57 कम हुईं, लेकिन उसका वोट शेयर बढ़ा। इसके उलट SP की सीटों में 64 का इजाफा हुआ और उसका वोट शेयर भी करीब 10 प्रतिशत अंक बढ़ा, जबकि बसपा और कांग्रेस दोनों के सीटों तथा वोट शेयर में गिरावट आई।

  • योगी सरकार के डिजिटल हेल्थ विजन को मिलेगी नई रफ्तार, 25 पदों पर होगी भर्ती

    योगी सरकार के डिजिटल हेल्थ विजन को मिलेगी नई रफ्तार, 25 पदों पर होगी भर्ती

    लखनऊ
     योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने और डिजिटल हेल्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उत्तर प्रदेश (एबीडीएम यूपी) के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक समन्वय और मंडल स्तर पर कार्यक्रमों की गति बढ़ाने के लिए विभिन्न पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इससे प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।

    इन पदों पर होगी भर्ती
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर लगातार जोर दे रहे हैं। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया है। इसे विस्तार देने के लिए संविदा के आधार पर कुल 25 रिक्त पदों पर पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसमें वित्त सलाहकार का एक, शिकायत निवारण विशेषज्ञ का एक, प्रशासनिक कार्यकारी के तीन, परियोजना प्रबंधक-समन्वय का एक, आईओआईसी विशेषज्ञ का एक, ईएमआर/पीएचआर विशेषज्ञ का एक, क्षमता निर्माण अधिकारी का एक, मंडलीय समन्वयक के नौ, समन्वय कार्यकारी के चार, संयुक्त निदेशक-आईटी का एक और आईटी कार्यकारी के दो पद शामिल हैं। इस प्रकार तकनीकी, प्रशासनिक और मंडलीय स्तर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग श्रेणियों में मानव संसाधन जोड़ा जाएगा।

    16 अक्टूबर रात 12 बजे तक कर सकेंगे आवेदन
    सचिव ने बताया कि भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर को सुबह 11 बजे से शुरू हो गयी है। अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने के लिए 16 अक्टूबर की रात 12 बजे तक का समय रहेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। किसी भी पद के लिए ऑफलाइन, हार्ड कॉपी अथवा ई-मेल के माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना होगा। भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन और आवश्यक जानकारी एबीडीएम यूपी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। बता दें कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय और सुरक्षित डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार करना है।

  • NEET UG काउंसलिंग का दूसरा राउंड जारी, 210 अंक पर निजी कॉलेज में MBBS सीट

    NEET UG काउंसलिंग का दूसरा राउंड जारी, 210 अंक पर निजी कॉलेज में MBBS सीट

    पटना
    बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECB) द्वारा अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन काउंसलिंग के द्वितीय चरण का सीट आवंटन परिणाम शुक्रवार को जारी कर दिया गया।

    हाल में स्थापित राज्य के नए सरकारी मेडिकल कालेजों की बदौलत नीट में 561 से 570 अंक हासिल करने वाले पिछड़ा, अत्यंत पिछड़ा व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सरकारी काॅलेज मिले।

    आवंटन सूची के विश्लेषण से स्पष्ट है कि राज्य के पुराने व प्रतिष्ठित मेडिकल कालेजों में इस बार भी मुकाबला बेहद कड़ा रहा।

    नामचीन संस्‍थानों में मुकाबला रहा कड़ा
    पीएमसीएच और आइजीआइएमएस में सामान्य सीटें 610 से 655 अंकों के बीच सिमट गईं। IGIMS में सामान्य वर्ग का नया आवंटन 655 अंक (आल इंडिया रैंक 1158) से शुरू हुआ।

    एनएमसीएच, डीएमसीएच और एसकेएमसीएच (मुजफ्फरपुर) में सामान्य व पिछड़ा वर्ग की अधिकांश सीटें 590 से 605 अंकों के दायरे में आवंटित हुईं।

    श्रीराम जानकी मेडिकल कालेज (समस्तीपुर), जीएमसी छपरा, जीएमसी पूर्णिया, जीएमसी बेतिया और जेकेटीएमसी मधेपुरा जैसे नए संस्थानों ने अभ्यर्थियों को सबसे बड़ा सहारा दिया।

    आरक्षि‍त श्रेण‍ियों में 561 अंक तक आवंटन
    इन काॅलेजों में लड़कों के लिए अनारक्षित सीटें 568 अंक तक तथा विभिन्न आरक्षित श्रेणियों (ईबीसी, ईडब्ल्यूएस, बीसी) और छात्राओं के लिए सरकारी एमबीबीएस की सीटें 561 अंक तक आवंटित की गईं।

    अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के अभ्यर्थियों को समस्तीपुर व छपरा में 452 से 454 अंक पर और एसटी वर्ग को 477 से 478 अंक पर सरकारी एमबीबीएस सीट हासिल हुई है।

    निजी काॅलेजों में 210 अंक पर भी एमबीबीएस सरकारी काॅलेजों के मुकाबले राज्य के निजी मेडिकल कालेजों में कटआफ का स्तर काफी नीचे दर्ज किया गया।

    निजी मेड‍िकल कॉलेजों में 210 वालों को भी सीटें आवंट‍ित
    सिवान, जहानाबाद, नालंदा, सहरसा और पूर्वी चंपारण स्थित निजी मेडिकल काॅलेजों में 210 से 250 अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को भी एमबीबीएस में सीट आवंटित हो गई है

    निजी संस्थानों के एनआरआइ कोटे में तो 180 से 190 अंक तक के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। जिन अभ्यर्थियों को मनपसंद सरकारी मेडिकल काॅलेज नहीं मिल सका, उन्होंने बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय (बीवीसी), पटना और पटना डेंटल कालेज (पीडीसी) को प्राथमिकता दी।

    बीवीसी पटना में वेटरनरी साइंस के लिए 540 से 553 अंक तथा पीडीसी में बीडीएस के लिए 548 से 556 अंक तक के अभ्यर्थियों ने दाखिला पक्का किया है।
    नोडल केंद्रों पर सत्यापन अनिवार्य, ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी

    पर्षद ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे आधिकारिक वेबसाइट से अपना सीट आवंटन पत्र डाउनलोड कर लें।

    नई सीट पाने वाले और पूर्व की सीट बरकरार रखने वाले सभी अभ्यर्थियों को तय समय-सीमा के भीतर निर्धारित नोडल या रिपोर्टिंग सेंटर पर उपस्थित होकर मूल प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

    सत्यापन के लिए नीट (यूजी) का एडमिट कार्ड, स्कोर कार्ड, यूजीमैक रैंक कार्ड, प्रोविजनल आवंटन पत्र, 10वीं और 12वीं के मूल प्रमाणपत्र व अंकपत्र, जाति व आवासीय प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और वैध फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।