Category: राज्य

  • पूर्वी सिंहभूम के पारा शिक्षकों को राहत, अप्रैल 2025 से मिलेगा बकाया मानदेय

    पूर्वी सिंहभूम के पारा शिक्षकों को राहत, अप्रैल 2025 से मिलेगा बकाया मानदेय

    रांची
     हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत से पूर्वी सिंहभूम के पारा शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शैक्षणिक प्रमाण पत्र सही नहीं होने का हवाला देकर पारा शिक्षकों को सेवा से हटाने और मानदेय रोकने के जिला शिक्षा अधीक्षक के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने प्रार्थियों को अप्रैल 2025 से बकाया मानदेय का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। इ

    स संबंध में मेरी मुर्मू एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। मामला पारा शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ा है।

    दरअसल, इलाहाबाद और देवघर के कुछ गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों से मैट्रिक और इंटरमीडिएट का प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले पारा शिक्षकों की शैक्षणिक अर्हता को लेकर सवाल उठाए गए थे। इनमें इंटर प्रयाग महिला विद्यापीठ, इलाहाबाद, हिंदी महिला विद्यापीठ, इलाहाबाद और हिंदी विद्यापीठ, देवघर आदि संस्थानों के प्रमाण पत्र शामिल थे।

    इन प्रमाण पत्रों के आधार पर कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से आठ तक पढ़ाने वाले पारा शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सात नवंबर 2025 को पत्र जारी किया था। इसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षकों ने संबंधित ब्लाक एक्सटेंशन आफिसर, टाउन रिसोर्स सेंटर और स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को कार्रवाई का निर्देश दिया था।

    इसी क्रम में पूर्वी सिंहभूम के जिला शिक्षा अधीक्षक ने संबंधित पारा शिक्षकों को काम से हटाने और उनका मानदेय रोकने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को पारा शिक्षकों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में जिला शिक्षा अधीक्षक के आदेश को रद करने और बकाया मानदेय का भुगतान करने का आग्रह किया गया था।

  • पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए बड़ा बदलाव, EV से 3D प्रिंटिंग तक मिलेगा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण

    पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए बड़ा बदलाव, EV से 3D प्रिंटिंग तक मिलेगा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण

    पटना
    आईआईटी पटना के सहयोग से सभी 46 राजकीय पाॅलिटेक्निक संस्थानों को 122 करोड़ रुपये की लागत से उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

    इसके तहत हब-एंड-स्पोक माॅडल के माध्यम से इलेक्ट्रिक व्हीकल, ड्रोन टेक्नोलाॅजी, 3डी प्रिंटिंग और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    साथ ही, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स, स्पोकन ट्यूटोरियल, कुशल युवा कार्यक्रम, उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर होगा।

    ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग व रोबोटिक्स में प्रशिक्षण
    विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी के मुताबिक राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ विद्यार्थियों को तकनीकी संस्थानों में प्रवेश दिलाना नहीं है बल्कि उन्हें ऐसी शिक्षा देना है, जो ज्ञान, कौशल, रोजगार और नवाचार से जुड़ी हो।

    नई तकनीकी में प्रशिक्षण की व्यवस्था से विद्यार्थियों को रोजगार पाने में मदद मिलेगी, बेहतर प्लेसमेंट का भी लाभ मिलेगा।

    विभाग की ओर से तकनीकी संस्थानों में स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं, भाषा प्रयोगशालाओं, छात्रावास, रोजगारपरक प्रशिक्षण, खेल मैदान, ओपन जिम और स्वास्थ्य उपकेंद्र जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

    एनईपी के अनुरूप होंगे सभी पाठ्यक्रम
    विभाग के मुताबिक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 (एनईपी) और राज्य सरकार के कौशल विकास अभियानों के तहत राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

    इतना नहीं, एनईपी के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पाठ्यक्रम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसीलिए उसी के समान व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है
    इसका उद्देश्य पारंपरिक डिप्लोमा डिग्री धारकों को उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुकूल बनाना है ताकि उन्हें रोबोटिक्स, एवियोनिक्स और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अच्छी नौकरियां और प्लेसमेंट मिल सके।

    सैद्धांतिक कक्षाओं के बजाय छात्र-छात्राओं को लाइव असेंबली, कैलिब्रेशन, कोडिंग और फील्ड टेस्टिंग पर व्यावहारिक अनुभव देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

     

  • 308 पहियों वाले ट्रक ने मचाई हलचल! चंदौली में मशीन निकालने को उठाया गया फुट ओवर ब्रिज

    308 पहियों वाले ट्रक ने मचाई हलचल! चंदौली में मशीन निकालने को उठाया गया फुट ओवर ब्रिज

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के चंदौली का एक वीडयो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा, जिसमें 308 पहियों वाला महाकाय ट्रक पचपेड़वा इलाके में पहुंचा है. नेशनल हाईवे-19 पर खड़े इस विशालकाय ट्रक को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. लोग सड़क किनारे खड़े होकर 308 पहियों वाले इस महाकाय ट्रक की तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं. कई लोग सेल्फी लेने के लिए सड़क के बीच तक पहुंच जा रहे हैं। 

     करीब 180 टन वजनी वेसल को लेकर चल रहा यह ट्रक लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर रहा है. वहीं लोगों के उत्साह और भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद हैं, ताकि कोई अनहोनी न हो.जानकारी के मुताबिक, बेल्जियम से समुद्र के रास्ते ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचे करीब 180 टन वजनी लोहे के इस विशाल पार्ट्स को नेशनल हाईवे-19 के जरिए उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ले जाया जा रहा है। 

    308 पहियों वाले ट्रक को देखने पहुंचे लोग
     यह ट्रक ओडिशा से झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचा है. बिहार के कैमूर जिले में पहुंचने के बाद 308 पहियों वाले इस ट्रक पर लदे विशाल लोहे के पार्ट्स का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद से ही इसे 'वायरल ट्रक' के नाम से जाना जाने लगा. अब वह जहां-जहां से यह गुजर रहा है, वहां इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है. ट्रक चालक ने मीडिया से कैमरे पर बात नहीं की लेकिन ऑफ कैमरा उसने अपना नाम शाहनवाज हुसैन बताया और खुद को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का रहने वाला बताया। 

    भीड़ की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहा ट्रक
    उसके मुताबिक वह ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से इस विशाल लोहे के पार्ट्स को लेकर बलरामपुर की ओर जा रहा है. रास्ते में लोगों की भारी भीड़ की वजह से ट्रक को आगे बढ़ाने में काफी परेशानी हो रही है.  308 पहियों वाला यह ट्रांसपोर्टर करीब एक लीटर डीजल में 4  किलोमीटर तक का माइलेज देता है. करीब 40 से 50 लोग इसके साथ चल रहे हैं और भारी भीड़ और रास्ते की परिस्थितियों की वजह से यह ट्रक एक दिन में लगभग 10 से 20 किलोमीटर ही चल पा रहा है। 

    इस ट्रक को देखने पहुंचे लोगों में भी खासा उत्साह है. गाजीपुर से शक्तिनगर जा रहे त्रिलोकीनाथ ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इस 'वायरल ट्रक' के वीडियो देखे थे और आज पहली बार इसे सामने से देखने का मौका मिला. उन्होंने परिवार के साथ ट्रक की तस्वीरें भी लीं. वहीं मुगलसराय से पहुंचे साहिल अहमद ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस ट्रक को वायरल होते देखा था. मुगलसराय इलाके में ट्रक पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद वह इसे देखने पहुंचे. मौके पर काफी भीड़ मौजूद है। 

    लोग ट्रक के साथ खिंचवा रहे फोटो
    इस्लामपुर से पहुंचे शाहजहां ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में पहली बार 308 पहियों वाली गाड़ी पर इतना बड़ा आइटम लदा हुआ देखा है. उन्होंने इसे आकर्षण का केंद्र बताया. उनका कहना है कि उन्हें अंदाजा है कि यह किसी शुगर प्लांट से जुड़ा उपकरण हो सकता है.बारिश की वह से फिलहाल भीड़ कुछ कम हुई है, लेकिन इससे पहले बड़ी संख्या में लोग यहां मौजूद थे. लोग ट्रक के साथ सेल्फी ले रहे हैं और तस्वीरें बना रहे हैं। 

  • त्योहारों में घर जाना होगा आसान, 18-18 फेरे लगाएगी सूबेदारगंज-भगत की कोठी ट्रेन

    त्योहारों में घर जाना होगा आसान, 18-18 फेरे लगाएगी सूबेदारगंज-भगत की कोठी ट्रेन

     जोधपुर
     त्योहारों में घर लौटने और यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। सूबेदारगंज से भगत की कोठी के बीच 1 अक्टूबर से फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। द्विसाप्ताहिक ट्रेन दोनों दिशाओं में 18-18 फेरे लगाएगी। इससे जोधपुर, जयपुर, आगरा, मथुरा और इटावा सहित मार्ग के यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04193 सूबेदारगंज-भगत की कोठी फेस्टिवल स्पेशल 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को संचालित होगी। यह ट्रेन सूबेदारगंज से शाम 7.25 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 5.40 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी।

    वापसी में ट्रेन संख्या 04194 भगत की कोठी-सूबेदारगंज फेस्टिवल स्पेशल 2 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी। भगत की कोठी से यह ट्रेन रात 8.40 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 7.30 बजे सूबेदारगंज पहुंचेगी। ट्रेन का संचालन इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से किया जाएगा।

    20 डिब्बों की होगी ट्रेन
    सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार ट्रेन का दोनों दिशाओं में जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना, कुचामन सिटी, नावां सिटी, फुलेरा, जयपुर, गांधीनगर, दौसा, बांदीकुई, राजगढ़, अलवर, मथुरा, आगरा कैंट, फतेहाबाद, इटावा, गोविंदपुरी और फतेहपुर स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। ट्रेन में कुल 20 डिब्बे होंगे। इनमें सात एसी थ्री-टियर, सात स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी, एक पावर कार और एक गार्ड डिब्बा शामिल है।

    रामदेवरा मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद
    जोधपुर. बाबा रामदेव मेले के समापन के साथ रेलवे की ओर से संचालित मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद किया जा रहा है। मेला अवधि में यात्रियों की सुविधा के लिए जोधपुर मंडल ने विभिन्न मार्गों पर पांच जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया। भगत की कोठी-रामदेवरा के बीच दो जोड़ी तथा जोधपुर-रामदेवरा के बीच एक जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें संचालित की गईं। इसके अलावा लालगढ़-रामदेवरा के बीच फलोदी होकर दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन हुआ। श्रीगंगानगर-पोकरण के बीच संचालित मेला स्पेशल ट्रेन 26 सितंबर को अपनी अंतिम ट्रिप करेगी।

    साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलेगी
    जयपुर. गाजियाबाद यार्ड में तकनीकी कार्य के कारण साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश ट्रेन परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। रेलवे के अनुसार ट्रेन 19031 साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश 4 दिसंबर को साबरमती से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग दिल्ली-दिल्ली शाहदरा-नोली-शामली-टपरी होकर संचालित होगी। यह ट्रेन गाजियाबाद, नया गाजियाबाद, मोदीनगर, मेरठ कैंट, मेरठ सिटी, सकौती टांडा, मुजफ्फरनगर और देवबंद स्टेशनों पर ठहराव नहीं करेगी।

  • जेलों की निगरानी में बदलाव, अब हर 3 महीने में होगा निरीक्षण; DM की जगह जज

    जेलों की निगरानी में बदलाव, अब हर 3 महीने में होगा निरीक्षण; DM की जगह जज

     पटना
     राज्य की जेलों की निगरानी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सरकार ने बिहार कारा हस्तक के नियमों में संशोधन किया है। यह बदलाव सर्वोच्च न्यायालय के 30 जुलाई और 10 सितंबर 2026 के आदेश के आलोक में किया गया है।

    संशोधन के तहत नियम में जहां जिला मजिस्ट्रेट लिखा है, उसे हटाकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश किया जाएगा। यानी अब जिले में जेलों के परिदर्शक मंडल के पदेन अध्यक्ष जिला मजिस्ट्रेट की जगह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश होंगे।

    सभी जेलों के लिए बनेगा एक परिदर्शक मंडल
    संशोधित व्यवस्था के अनुसार जिले की सभी जेलों के सरकारी और गैर-सरकारी परिदर्शकों को मिलाकर एक परिदर्शक मंडल बनेगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश इसके पदेन अध्यक्ष होंगे। सरकारी और गैर-सरकारी परिदर्शक मिलकर जिले की जेलों का निरीक्षण करेंगे।

    परिदर्शकों को कम से कम तीन महीने में एक बार जिले की जेलों का भ्रमण करना होगा। इस दौरान जेलों की व्यवस्था और बंदियों से जुड़ी स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में संशोधन

    नियम में यह बदलाव सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे भारत की जेलों में भेदभाव से संबंधित मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किया गया है। संशोधित व्यवस्था के तहत जेलों की निगरानी और निरीक्षण की जिम्मेदारी में न्यायिक स्तर पर बदलाव किया गया है।

     

  • हांसी में धान खरीद की तैयारी पूरी, 17% तक नमी वाली फसल ही होगी सरकारी खरीद

    हांसी में धान खरीद की तैयारी पूरी, 17% तक नमी वाली फसल ही होगी सरकारी खरीद

    हांसी
     जिले के खेतों में लहलहा रही धान की फसल अब मंडियों की ओर बढ़ने वाली है। इस बार एक लाख 79 हजार 300 एकड़ में धान की बिजाई हुई है। रकबा बढ़ने के कारण हांसी की मुख्य अनाज मंडी और सिसाय सब यार्ड में पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक आवक होने की संभावना है।

    खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगी। खरीद की जिम्मेदारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन को सौंपी गई है। तीनों एजेंसियां निर्धारित दिनों में धान खरीदेंगी।

    हांसी मंडी में मुख्य रूप से 1509, पीआर और 1121 किस्म का धान पहुंचता है। इनमें पीआर धान को सरकारी एजेंसियां खरीदेंगी, जबकि बासमती श्रेणी की 1509 और 1121 किस्म की खरीद व्यापारी करेंगे। बढ़े हुए रकबे को देखते हुए मंडी प्रशासन के सामने खरीद, तुलाई और समय पर उठान की बड़ी चुनौती रहेगी। किसानों को गेट पास के लिए मंडी के बाहर कतार में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए ई-खरीद एप की सुविधा दी गई है। सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसान का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य रहेगा।

    पंजीकरण नंबर डालकर घर बैठे बनेगा ई-गेट पास
    किसान को मोबाइल में ई-खरीद एप डाउनलोड कर मेरी फसल-मेरा ब्यौरा का पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद एप पर किसान और उसकी पंजीकृत फसल का पूरा रिकार्ड दिखाई देगा। किसान विभागीय शेड्यूल के अनुसार मंडी में फसल लाने का दिन चुनकर ई-गेट पास तैयार कर सकेगा। मंडी पहुंचने पर क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद प्रवेश मिलेगा। एप का इस्तेमाल नहीं करने वाले पंजीकृत किसान मंडी में मोबाइल नंबर बताकर भी गेट पास बनवा सकेंगे। इस व्यवस्था से मंडी के प्रवेश द्वार पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।

    हांसी और सिसाय में तीन एजेंसियां संभालेंगी खरीद
    सरकारी खरीद के लिए हांसी में मुख्य यार्ड और सिसाय में सब यार्ड बनाया गया है। सिसाय केंद्र पर केवल धान खरीदा जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खरीद की जिम्मेदारी दी गई है।

    मंडी प्रशासन खरीद एजेंसी और दिन की जानकारी किसानों तक पहुंचाएगा। ढेरी की खरीद से पहले पंजीकरण, गेट पास और गुणवत्ता की जांच होगी। संबंधित विभागों को मंडियों में सफाई, बिजली, पेयजल, तुलाई और उठान की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    धान में 17, बाजरे में 13 प्रतिशत नमी स्वीकार
    किसानों से धान और बाजरे की फसल अच्छी तरह सुखाकर मंडी लाने की अपील की गई है। धान में अधिकतम 17 प्रतिशत और बाजरे में 13 प्रतिशत तक नमी स्वीकार की जाएगी। निर्धारित सीमा से अधिक नमी मिलने पर सरकारी खरीद नहीं होगी और किसान को फसल सुखाकर दोबारा लानी पड़ेगी।

    मंडी में गुणवत्ता की जांच के बाद ही ढेरी खरीद के लिए स्वीकृत होगी। किसानों के लिए अटल कैंटीन में 15 रुपये में भोजन की थाली उपलब्ध रहेगी। मंडी प्रशासन ने स्वच्छ पेयजल और सुलभ शौचालय की व्यवस्था करने का भी दावा किया है।

  • लुधियाना में बागेश्वर बाबा की झलक पाने उमड़ा जनसैलाब

    लुधियाना में बागेश्वर बाबा की झलक पाने उमड़ा जनसैलाब

    लुधियाना.

    ग्लाडा ग्राउंड में शनिवार को आरंभ होने वाली श्री हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री महाराज की झलक को हर शख्स उत्सुक नजर आया। कार्यक्रम शाम को लगभग चार बजे से शुरू होगा, लेकिन श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम दोपहर 12 बजे के बाद से ही शुरू हो गया।

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से आयोजन स्थल के पास से रूट डायवर्ट कर दिया गया है, ताकि लोगों को किसी तरह की समस्या न आए। हालांकि कार्यक्रम शुरू होने में अभी काफी समय है, लेकिन श्रद्धालु पहले से ही डटकर बैठ गए हैं। कुछ श्रद्धालुओं का कहना था कि वह हमेशा धीरेंद्र शास्त्री महाराज को टीवी या यू ट्यूब पर ही सुनते रहे हैं, लेकिन आज उन्हें साक्षात सुनने का अवसर मिला है, इसलिए उन्हें काफी उत्सुकता है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई कार्यक्रम की जानकारी
    कार्यक्रम को लेकर जालंधर बाईपास स्थित माल्होत्रा रिसॉर्ट्स में आयोजन समिति की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने पांच दिवसीय हनुमंत कथा से संबंधित तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी मीडिया के साथ साझा की। आयोजकों ने बताया कि लुधियाना की धरती पर पहली बार पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं।

    हनुमान भक्ति और श्रीराम कथा का मिलेगा संदेश
    मंगलम वेलफेयर एंड चैरिटेबल सोसायटी के अध्यक्ष वरिंदर सहगल ने कहा कि लुधियाना में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा करवाना संस्था के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को हनुमान जी की भक्ति, भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों और सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेशों से जोड़ना है। पांच दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं को पंडित धीरेंद्र शास्त्री के श्रीमुख से हनुमंत कथा सुनने का अवसर मिलेगा। कथा के माध्यम से भक्ति, संस्कार, सेवा, सद्भाव और सनातन संस्कृति से जुड़े संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार लुधियाना के अलावा पंजाब के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।

    आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान: –

    • श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था
    • पेयजल की सुविधा
    • चिकित्सा सहायता
    • पार्किंग व्यवस्था
    • सुरक्षा प्रबंध
    • प्रवेश व्यवस्था
    • यातायात प्रबंधन
    • समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    अलग-अलग समितियां संभालेंगी जिम्मेदारियां
    वरिंदर सहगल ने बताया कि आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया जा रहा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। आयोजन समिति का प्रयास है कि कथा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पांचों दिन धार्मिक कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हों।

    श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होने की अपील
    आयोजन समिति ने लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है। समिति ने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के श्रीमुख से हनुमंत कथा सुनने का यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष रहेगा।

  • किसानों के खाते में सीधे आएगी सब्सिडी, आवेदन के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पंजीकरण जरूरी

    किसानों के खाते में सीधे आएगी सब्सिडी, आवेदन के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पंजीकरण जरूरी

     चंडीगढ़
     हरियाणा में नए बाग लगाने वाले किसानों को 24 हजार 500 रुपये से लेकर 1.40 लाख रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा सब्जियों, मसालों, फूलों और खुशबूदार पौधों की खेती के लिए भी अलग-अलग दरों के आधार पर आर्थिक सहायता मिलेगी। अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डाली जाएगी।

    बागवानी विभाग की योजना का लाभ उठाने के लिए किसान का मेरी फसल-मेरा ब्योरा में पंजीकरण और होर्टनेट पर पंजीकरण जरूरी है। फूलों के नए बाग और मसालों की खेती के लिए अधिकतम पांच एकड़ तक आवेदन किया जा सकता है। सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग के किसान पांच एकड़ तक, जबकि अनुसूचित वर्ग के किसान एक एकड़ तक आवेदन कर सकते हैं। फूलों और खुशबूदार पौधों की खेती के लिए भी अधिकतम पांच एकड़ तक पर लाभ दिया जाएगा।

    सब्जियों की खेती पर सामान्य वर्ग के लिए 15 हजार रुपये प्रति एकड़ और अनुसूचित वर्ग के लिए 25 हजार 500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। यह सहायता एकीकृत माडल के तहत मल्चिंग, लो-टनल, ड्रिप तथा बांस की स्टेकिंग जैसी व्यवस्थाएं अपनाने पर दी जाएगी।

    इसी तरह मसालों की खेती पर 15 हजार से 30 हजार रुपये प्रति एकड़, फूलों की खेती पर आठ हजार रुपये से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा खुशबूदार पौधों की खेती पर आठ हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।
    अनुदान के लिए किसानों को आवेदन और व्यक्तिगत विवरण, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण, परिवार पहचान-पत्र तथा अपने बैंक खाते का पूरा विवरण देना होगा। बैंक विवरण में खाता संख्या, बैंक का नाम, शाखा और आइएफएससी कोड शामिल हैं। जरूरत होने पर अनुसूचित वर्ग का प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए किसान जिला उद्यान अधिकारी या टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

  • AI से चलेंगे भविष्य के रोबोट! जयपुर में युवाओं ने 24 घंटे में बनाए स्मार्ट प्रोटोटाइप

    AI से चलेंगे भविष्य के रोबोट! जयपुर में युवाओं ने 24 घंटे में बनाए स्मार्ट प्रोटोटाइप

    जयपुर
    जयपुर में तकनीक और नवाचार का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ देश भर से आए युवा टेक प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी इनोवेशन और डेवलपमेंट की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रही हैं। इसी भविष्य की दिशा को तय करने के लिए जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित 'एलायंस हैकाथॉन' का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस साल इस कार्यक्रम का विशेष 'रोबोटिक्स एडिशन' आयोजित किया गया, जिसने शहर के टेक्नोलॉजी प्रेमियों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया।

    एलायंस आईटी सॉल्यूशंस, जयपुर द्वारा आयोजित इस बहुप्रतीक्षित हैकाथॉन के पिछले तीन संस्करण क्रमशः 2023, 2024 और 2025 में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। इस वर्ष का यह आयोजन तकनीक प्रेमियों के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसमें देश भर से आए युवा प्रतिभागी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए जुटे थे। जयपुर के इस टेक मंच पर युवाओं का यह उत्साह यह साबित कर रहा है कि भारत के युवा आने वाले समय में ग्लोबल टेक इंडस्ट्री को नेतृत्व देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    24 घंटे का नॉन-स्टॉप चैलेंज, रियल-लाइफ प्रॉब्लम्स का समाधान
    इस वर्ष आयोजित किए गए 24 घंटे के नॉन-स्टॉप हैकाथॉन की सबसे बड़ी खूबी इसकी थीम और इसका व्यावहारिक स्वरूप रहा। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित समस्या-विवरणों पर गहन रूप से काम किया।

    युवाओं की इन टीमों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, सेंसर्स और आधुनिक ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग करके ऐसे तकनीकी समाधान विकसित किए जो इंसानी जीवन को और अधिक आसान बना सकें। इन 24 घंटों के भीतर सभी प्रतिभागियों को अपने रोबोटिक प्रोटोटाइप पूरी तरह तैयार करने होते हैं और उनका लाइव प्रदर्शन करना होता है। इस लाइव डेमो में मशीनों की खुद सोचने, निर्णय लेने और जटिल कार्य करने की क्षमता का कड़ा परीक्षण किया जाता है।

    एआई से संचालित रोबोटिक्स, विजेता टीम को पुरस्कार
    इस बार के आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए एलायंस आईटी सॉल्यूशंस की सीईओ मेघा भाटिया ने बताया कि इस वर्ष की मुख्य थीम "एआई से संचालित रोबोटिक्स के नए समाधान" रखी गई थी। इस थीम का उद्देश्य छात्रों और डेवलपर्स को पारंपरिक कोडिंग से आगे बढ़कर स्मार्ट मशीनों और ऑटोनॉमस सिस्टम्स पर काम करने के लिए प्रेरित करना था।

    युवाओं में इस तकनीकी संस्कृति को बढ़ावा देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए इस साल के चैलेंज में विजेता रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। 24 घंटे की इस कड़ी मेहनत, कोडिंग और रोबोट असेंबली के बाद जब इन प्रोटोटाइप्स ने लाइव परफॉर्म किया, तो यह देखना बेहद दिलचस्प रहा कि कैसे तकनीकी युवाओं ने अपनी मेहनत से इस मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

     

  • बिहार में बाढ़ जैसे हालात से निपटने की तैयारी, नदियों-तटबंधों पर बढ़ाई निगरानी

    बिहार में बाढ़ जैसे हालात से निपटने की तैयारी, नदियों-तटबंधों पर बढ़ाई निगरानी

    पटना
     भारी बारिश के पूर्वानुमान और नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के मद्देनज़र बिहार में अलर्ट जारी किया गया है। संभावित परिस्थितियों के मद्देनजर सीमावर्ती व गंडक, बागमती तथा कोसी नदी से जुड़े संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने तथा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को इस बाबत संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

    इन जिलों में विशेष सतर्कता
    बारिश की स्थिति को देखते हुए सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    जिला प्रशासन को नदी के जलस्तर एवं प्रवाह, निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों तथा संपर्क मार्गों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद, कोसी नदी के आसपास स्थित जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को सतर्क रहने के निर्देश
    संभावित परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों को पर्याप्त संख्या में तैयार एवं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    समय पर सूचना एवं निकासी पर जोर
    प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से अग्रिम चेतावनी का व्यापक प्रसार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

    सभी विभागों में समन्वय
    जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय एवं संचार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी उपलब्ध संसाधनों को स्टैंडबाय व एक्टिव मोड में रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बचाव एवं राहत कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके। राज्य सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    आम लोगों से अपील घबराने की आवश्यकता नहीं
    मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों व आमजन को नियमित रूप से जागरूक करते रहें। यह स्पष्ट करें कि वर्तमान स्थिति को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आवश्यक बचाव एवं राहत संसाधनों को पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

    ये रहे मौजूद
    बैठक में प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग संतोष कुमार मल्ल, सचिव, जल संसाधन विभाग, डा. चंद्रशेखर सिंह सहित सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया तथा बेगूसराय जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।